लंदन हाईकोर्ट से नीरव मोदी को बड़ा झटका,100 करोड़ के हीरे लौटाने का आदेश, बैंक ऑफ इंडिया की बड़ी जीत

Nirav Modi

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की अदालत से बड़ा झटका लगा है। लंदन हाई कोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नीरव को बैंक का 10.7 मिलियन डॉलर यानी करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चुकाने के लिए जिम्मेदार बताया है। लंदन कमर्शियल कोर्ट के जज साइमन टिंकलर ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि नीरव मोदी ने बैंक ऑफ इंडिया से लिए गए कर्ज की व्यक्तिगत गारंटी दी थी और अब वह इस रकम की अदायगी के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार है।

कोर्ट ने कहा कि नीरव मोदी पर मुख्य रकम के तौर पर करीब 4.1 मिलियन डॉलर यानी लगभग 38.9 करोड़ रुपये की देनदारी बनती है। इसके अलावा बैंक की ओर से तय नियमों के हिसाब से ब्याज की रकम भी इसमें जोड़ी जाएगी। नीरव मोदी ने अदालत में बैंक के दावे को चुनौती दी थी। उसके वकीलों ने तर्क दिया कि बैंक की ओर से दी गई व्यक्तिगत गारंटी लागू नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि बैंक ने सही तरीके से मांग नहीं की और कर्ज खत्म करने का आधार भी पर्याप्त नहीं था।

नीरव मोदी ने यह भी दावा किया कि उसे अप्रैल 2018 और अक्टूबर 2025 में भेजे गए नोटिस नहीं मिले क्योंकि उस समय वह भारत में नहीं था। लेकिन जज साइमन टिंकलर ने नीरव मोदी की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि बैंक के नोटिस सही तरीके से पहुंचाए गए थे। कोर्ट ने कहा कि अक्टूबर 2025 का नोटिस उस जेल के पते पर भी भेजा गया था जहां नीरव मोदी रह रहा था। इसके अलावा अदालत ने यह भी माना कि साल 2019 में नीरव मोदी ने अप्रैल 2018 वाले नोटिस की कॉपी अपने वकीलों को दी थी, जिससे साबित होता है कि उसे इसकी जानकारी थी।

जज ने अपने फैसले में कहा कि फरवरी 2018 से यह साफ हो गया था कि नीरव मोदी और फायरस्टार ग्रुप की कंपनियों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है। कोर्ट ने नीरव मोदी के एक ईमेल का भी जिक्र किया जिसमें उसने बैंक को बताया था कि मीडिया में खबरें आने के बाद कंपनी के कामकाज पर असर पड़ा और कंपनियां अपने बकाये का भुगतान करने की स्थिति में नहीं रहीं।
Edited By: Naveen R Rangiyal

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Share Market Live Update: ग्लोबल मार्केट से मिले मिले-जुले संकेतों और US मार्केट में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स की वजह से हुई बिकवाली को देखते हुए, भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50, बुधवार को फ्लैट खुलने की संभावना है।

गिफ्ट निफ्टी के ट्रेंड्स भी भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत दे jरहा है।गिफ्ट निफ्टी 23,871.00 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 60.50 पॉइंट्स का प्रीमियम है।

मंगलवार को, भारतीय स्टॉक मार्केट में अलग-अलग सेगमेंट में बिकवाली की नई लहर के बीच गिरावट आई, जिसमें दोनों बेंचमार्क इंडेक्स 1% से ज़्यादा गिर गए।सेंसेक्स 893.39 पॉइंट्स या 1.16% गिरकर 76,200.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 278.80 पॉइंट्स या 1.16% गिरकर 23,824.10 पर बंद हुआ।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, 1 दिन में 10% की गिरावट के बाद 3.65% चढ़ा कोस्पी

Asian Market Today: गिफ्ट निफ्टी में फ्लैट कारोबार कर रहा है। FIIs की कैश में हल्की खरीदारी हुई, लेकिन वायदा में बिकवाली रही। एशिया में KOSPI में कल की तेज गिरावट के बाद आज रिकवरी का मूड देखने को मिला। वहीं अमेरिका में डाओ जोंस में भी निचले स्तरों से 350 प्वाइंट की रिकवरी आई। लेकिन चिप शेयरों में बिकवाली जारी है। नैस्डैक कल भी 2% से ज्यादा फिसला है।

एशियाई बाज़ार

टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज़ी के बीच बुधवार को एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.52% और टॉपिक्स 0.41% गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी एक दिन पहले 10% की गिरावट के बाद 3.65% चढ़ा, जबकि कोसडैक 1.49% बढ़ा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने बढ़त के संकेत दिए।

गिफ्ट निफ्टी 23,874 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 21 पॉइंट्स का प्रीमियम था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट मंगलवार को सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में भारी गिरावट और US फेडरल रिजर्व के सख्त रवैये को लेकर चिंताओं के कारण नीचे बंद हुआ।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 47.22 पॉइंट्स या 0.09% गिरकर 51,665.49 पर आ गया, जबकि S&P 500 107.32 पॉइंट्स या 1.44% गिरकर 7,365.47 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 579.56 पॉइंट्स या 2.21% गिरकर 25,587.04 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक की कीमत 4.15% गिरी, AMD के शेयर 5.76% फिसले, इंटेल के शेयर 6.14% गिरे, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 13.18% टूटे, मार्वेल टेक्नोलॉजी 9.36% गिरी, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.80% बढ़े, एप्पल के स्टॉक की कीमत 0.91% गिरी, अल्फाबेट के शेयर 0.77% गिरे, टेस्ला के स्टॉक की कीमत 5.79% गिरी और स्पेसएक्स के शेयर 0.98% बढ़े।

बैंक ऑफ जापान

जून में हुई पॉलिसी मीटिंग में हुई राय की समरी से पता चला कि बैंक ऑफ़ जापान के कुछ बोर्ड मेंबर्स ने सेंट्रल बैंक के पॉलिसी रेट को इकॉनमी के लिए न्यूट्रल माने जाने वाले लेवल के करीब लाने के लिए इंटरेस्ट रेट में और बढ़ोतरी की मांग की।

जापान का सर्विसेज़ PPI

जापान का सर्विसेज़ प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स मई में एक साल पहले के मुकाबले 3.3% बढ़ा। इंडेक्स में सालाना बढ़ोतरी, जो कंपनियों द्वारा सर्विसेज़ के लिए एक-दूसरे से ली जाने वाली कीमत को ट्रैक करता है, अप्रैल में रिवाइज्ड 3.3% बढ़त के बाद हुई।

क्रूड ऑयल की कीमतें

क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट जारी रही क्योंकि ज़्यादा टैंकर खुलेआम होर्मुज स्ट्रेट को पार कर रहे थे। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.99% गिरकर $76.32 प्रति बैरल हो गई, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.05% गिरकर $72.44 पर आ गया।

आज सोने का रेट

सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.8% गिरकर $4,083.77 प्रति औंस हो गई, जबकि चांदी की कीमतें 1.1% गिरकर $60.86 पर आ गईं।

डॉलर

US डॉलर एक साल से ज़्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स, जो कई करेंसी के मुकाबले डॉलर को मापता है, मई 2025 के बाद अपने सबसे ऊंचे लेवल 101.42 पर पहुंचने के बाद 0.38% बढ़कर 101.39 पर पहुंच गया। यूरो 0.41% गिरकर $1.138 पर आ गया, जबकि स्टर्लिंग 0.45% कमजोर होकर $1.3187 पर आ गया। जापानी येन के मुकाबले डॉलर 0.01% मजबूत होकर 161.55 पर पहुंच गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

UP Assistant Professor Recruitment 2026: यूपी के असिस्टेंट प्रोफेसर के 1600 से अधिक पदों पर निकली भर्ती, जानें कब से कब तक कर सकते हैं आवेदन

UP Assistant Professor Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज और अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेजों में बड़ी संख्या में प्रोफेसर के पद खाली हैं। इन पदों पर भर्ती का सपना देख रहे युवाओं के लिए ये एक अच्छी खबर हो सकती है, क्योंकि प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने इन कॉलेजों में खाली पड़े पदों की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसके घटनाक्रम से समझा जा रहा है कि सरकार अब इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने विभिन्न कॉलेजों से रिक्त पदों की जानकारी जुटाकर चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। इस संबंध में कई कॉलेजों ने रिक्तियों की संख्या भेज दी है, जिसके बाद 1600 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का कयास लगाया जा रहा है। अब इन सभी रिक्तियों का अंतिम सत्यापन कर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

बढ़ सकता है अंतिम आंकड़ा

उच्च शिक्षा निदेशालय ने कॉलेजों को खाली पदों की सही जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद कई संस्थानों ने नई रिक्तियों की सूचना भेजी है। अधिकारियों का मानना है कि अंतिम आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है क्योंकि कुछ कॉलेजों से रिपोर्ट आना बाकी है।

प्राचार्य पदों पर भी बढ़ सकती हैं भर्तियां

सिर्फ असिस्टेंट प्रोफेसर ही नहीं, बल्कि सहायता प्राप्त कॉलेजों में प्राचार्य के पदों पर भी भर्ती की संभावना बढ़ गई है। फिलहाल 111 रिक्त पदों की जानकारी चयन आयोग को भेजी जा चुकी है। कई कॉलेजों से अभी वेरिफिकेशन रिपोर्ट मिलनी बाकी है, जिसके बाद रिक्त पदों की संख्या और बढ़ सकती है।

मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों में भी बनेंगे नए पद

आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है। यह स्कूल प्री-नर्सरी से लेकर 12वीं तक होंगे। इसके लिए शिक्षकों के नए पद सृजित करने की तैयारी चल रही है। शासन ने संबंधित अधिकारियों से यह रिपोर्ट मांगी है कि इन स्कूलों में पढ़ाई सुचारू रूप से चलाने के लिए कितने शिक्षकों की जरूरत होगी।

युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

असिस्टेंट प्रोफेसर, प्राचार्य और नए मॉडल स्कूलों में बनने वाले शिक्षकों के पदों से प्रदेश के हजारों शिक्षित युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा दोनों क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।

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Gold Price Today: सोना फिर लुढ़का, 24 और 22 कैरेट दोनों की गिरी कीमत; चेक करें दिल्ली समेत 10 बड़े शहरों का भाव

देश में सोने की कीमत में फिर से गिरावट दिख रही है। 24 जून की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 144740 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 3,000 रुपये या 2 प्रतिशत घटकर 1,49,300 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। मुख्य रूप से विदेशी बाजारों में डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,121.10 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144740 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132690 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 132540 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 144590 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 147920 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135590 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 144590 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 132540 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132690144740
मुंबई132540144590
अहमदाबाद132590144640
चेन्नई135590147920
कोलकाता132540144590
हैदराबाद132540144590
जयपुर132690144740
भोपाल132590144640
लखनऊ132690144740
चंडीगढ़132690144740

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट है। 24 जून को कीमत घटकर 244900 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 62.27 डॉलर प्रति औंस पर है।

 

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UP Weather: यूपी में जल्द मिलेगी गर्मी से राहत, इस दिन होगी बारिश, अलर्ट जारी

मॉनसून का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है। बिहार में मंगलवार से दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय हो गया है और तेजी से आगे बढ़ रहा है। बुधवार तक यूपी से सटे पश्चिमी और पूर्वी चंपारण क्षेत्रों तक पहुंच जाएगा। यदि इसकी रफ्तार बनी रही तो 25 या 26 जून को बारिश हो सकती है।

Nirjala Ekadashi 2026 Date: निर्जला एकादशी व्रत की तारीख पर कंफ्यूजन करें दूर, जानें क्यों माना जाता है इसे पूरे साल में श्रेष्ठ एकादशी व्रत

Nirjala Ekadashi 2026 Date: निर्जला एकादशी के व्रत में भगवान विष्णु के भक्त व्रत करते हैं और इसके लिए वे पूरे 24 घंटों के लिए अन्न के साथ-साथ जल का भी त्याग करते हैं। इसलिए इसे सबसे कठिन एकादशी व्रत माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है, जब भीषण गर्मी पड़ती है। इस एकादशी को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में निर्जला एकादशी के व्रत को पूरे साल में आने वाली सभी 24 एकादशी व्रतों में श्रेष्ठ और पवित्र माना गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस एकादशी व्रत को करने से सभी एकादशी व्रतों के बराबर पुण्य फल की प्राप्ति होती है। पद्म पुराण में इस व्रत की महिमा के बारे में बताया गया है। इसके अनुसार, इस दिन पानी के नियम का पालन करने और विष्णुजी की श्रद्धा पूर्वक पूजा करने वाले भक्त को मेरु पर्वत के समान पापों से भी मुक्ति मिल जाती है और मोक्ष प्राप्त होता है। इस दिन किए स्नान, दान, जप का अक्षय फल मिलता है। आइए जानें इस साल निर्जला एकादशी का व्रत कब है और क्यों इस सभी एकादशियों में श्रेष्ठ माना जाता है?

निर्जला एकादशी 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 24 जून, बुधवार के दिन शाम को 6 बजकर 13 मिनट पर होगा। वहीं, अगले दिन यानी 25 जून, गुरुवार को शाम के समय 8 बजकर 10 मिनट तक एकादशी तिथि व्याप्त रहेगी। इसके उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ होगा। ऐसे में उदया तिथि की गणना के अनुसार, 25 जून को ही निर्जला एकादशी का व्रत किया जाएगा।

क्यों श्रेष्ठ माना जाता है निर्जला एकादशी व्रत

पद्म पुराण के अनुसार, एक बार पांचों पांडवों में से भीमसेन ने वेद व्यासजी से पूछा कि मैंने एक भी व्रत नहीं किया है क्योंकि मेरे उदर में वृक नामक अग्नि सदा प्रज्वलित रहती है। जिसके कारण मुझे सदैव भूख महसूस होती है। ऐसे में मुझे कोई ऐसा व्रत बताइए जो केवल एक बार करने से मेरा भी उद्धार हो सके और मुझे स्वर्ग लोक की प्राप्ति हो।

तब व्यासजी ने भीमसेन को ज्येष्ठ मास में पड़ने वाली एकादशी को निर्जल रहकर व्रत करने को कहा। एक ऐसा महीना जो अधिक गर्म होता उसमें निर्जल रहना अत्यंत कठिन है। इसीलिए इस एकादशी के व्रत को अत्यंत कठिन माना जाता है। व्यासजी ने बताया केवल इस एक एकादशी के व्रत को करने से वर्ष भर में पड़ने वाली सभी एकादशियों का फल प्राप्त हो जाता है।

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होर्मुज में फंसे 11,000 नाविकों का रेस्क्यू शुरू:US-ईरान मिलकर काम कर रहे; अमेरिकी विदेश मंत्री पीस डील पर UAE को मनाने पहुंचे

संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) ने कहा है कि होर्मुज में फंसे करीब 11 हजार सीफेयरर्स, यानी नाविकों को सुरक्षित निकालने की योजना पर काम शुरू हो गया है। यह बड़ा अभियान अमेरिका, ईरान, खाड़ी इलाके के तटीय देशों, शिपिंग कंपनियों की मदद से चलाया जाएगा। इस दौरान यह भी सुनिश्चित कर लिया गया है कि जहाज सुरक्षित तरीके से इस रास्ते से गुजर सकें। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो खाड़ी देशों के दौरे पर पहुंच गए हैं। उनका मकसद अमेरिका-ईरान समझौते को उन देशों के सामने रखना है, जो इस समझौते को लेकर सबसे ज्यादा संदेह में माने जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, UAE, बहरीन और कुवैत को इस समझौते की कुछ बातों पर चिंता है। उन्हें लगता है कि इससे होर्मुज में ईरान का प्रभाव बढ़ गया है। साथ ही समझौते में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर भी कोई स्पष्ट शर्त नहीं रखी गई है। इसके अलावा ईरान के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित 300 अरब डॉलर, यानी 28 लाख करोड़ रुपए के फंड में खाड़ी देशों से मदद मांगे जाने की संभावना है। ऐसे में अमेरिका इन देशों को भरोसा दिलाने और समझौते के समर्थन के लिए राजी करने की कोशिश कर रहा है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरानी राष्ट्रपति पाकिस्तान पहुंचे: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान एक दिन की यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे। इस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच हुई पीस डील पर चर्चा हुई। 2. भारत से जुड़े 11 जहाजों ने होर्मुज पार किया: अमेरिका-ईरान के बीच 17 जून को हुए समझौते के बाद अब तक 11 जहाज होर्मुज पार कर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं। 3. होर्मुज से 1.9 करोड़ बैरल तेल गुजरा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि सोमवार को होर्मुज से 1.9 करोड़ बैरल तेल की आवाजाही हुई, जो अब तक का रिकॉर्ड है। 4. इजराइल अपने हथियार खुद बनाएगा: इजराइली PM ने कहा कि इजराइल को अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर सैन्य निर्भरता कम करनी होगी और खुद हथियार बनाना सीखना होगा। 5. ट्रम्प ने ईरान को फिर से धमकी दी: ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान समझौते का पालन नहीं करता या सही तरीके से व्यवहार नहीं करता, तो वह फिर से कार्रवाई करने को तैयार हैं। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

Index funds vs Active funds: इंडेक्स फंड या एक्टिव फंड… 10 साल में ₹1 लाख से किसने बनाया ज्यादा पैसा?

Index funds vs Active funds: म्यूचुअल फंड में निवेश लंबी अवधि में पैसा बढ़ाने का सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। लेकिन, कौन सा फंड ज्यादा बेहतर रिटर्न देता है? अब मान लीजिए कि दो दोस्त हैं। 10 साल पहले दोनों ने म्यूचुअल फंड में ₹1-1 लाख लगाए। पहले ने ज्यादा सोच-विचार नहीं किया और Nifty 50 Index Fund में पैसा लगा दिया। दूसरे को भरोसा था कि एक अच्छा फंड मैनेजर बाजार से बेहतर रिटर्न दिला सकता है, इसलिए उसने एक एक्टिव इक्विटी फंड चुना।

10 साल बाद पहले निवेशक का ₹1 लाख बढ़कर करीब ₹3.15 लाख हो गया। लेकिन दूसरे निवेशक के लिए नतीजा इस बात पर निर्भर करता है कि उसने कौन-सा फंड चुना था।

अगर उसने सही लार्ज कैप फंड चुना होता, तो उसकी रकम करीब ₹3.83 लाख हो सकती थी। लेकिन अगर फंड का चुनाव गलत हो जाता, तो वही ₹1 लाख सिर्फ ₹2.60 लाख तक पहुंचता। यानी इंडेक्स फंड से भी कम रिटर्न मिलता।

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फ्लेक्सी कैप फंड में और बड़ा अंतर

फ्लेक्सी कैप फंड्स में यह अंतर और ज्यादा बड़ा दिखता है। पिछले 10 साल में कुछ फ्लेक्सी कैप फंड्स ने ₹1 लाख को बढ़ाकर करीब ₹5.99 लाख कर दिया। वहीं कुछ फंड्स में यही रकम सिर्फ ₹2.53 लाख तक पहुंची।

यही इंडेक्स फंड और एक्टिव फंड के बीच सबसे बड़ा फर्क है। इंडेक्स फंड का मकसद बाजार जितना रिटर्न देना होता है, इसलिए इसमें रिटर्न का अंदाजा लगाना आसान होता है। दूसरी तरफ एक्टिव फंड में ज्यादा कमाई का मौका भी होता है और कमजोर रिटर्न का जोखिम भी।

एक्टिव फंड ज्यादा रिटर्न कैसे दे सकते हैं?

Arthasadhana Investments की संस्थापक और QPFP®️ Namrata Singh कहती हैं कि एक्टिव फंड्स में बाजार से बेहतर रिटर्न देने की क्षमता होती है। खासकर उन कैटेगरी में, जहां फंड मैनेजर को अलग-अलग सेक्टर और अलग-अलग आकार की कंपनियों में निवेश करने की आजादी होती है।

इंडेक्स फंड एक तय सूची के हिसाब से निवेश करते हैं। लेकिन एक्टिव फंड में फंड मैनेजर अपने हिसाब से फैसले ले सकता है। उसे अगर लगता है कि किसी सेक्टर में तेजी आने वाली है, तो वह वहां निवेश बढ़ा सकता है। अगर कोई सेक्टर महंगा लग रहा है, तो वहां निवेश कम कर सकता है। फ्लेक्सी कैप फंड्स में तो फंड मैनेजर लार्ज, मिड और स्मॉल कैप कंपनियों के बीच भी आसानी से पैसा शिफ्ट कर सकता है।

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अनुभव मैनेजर पकड़ लेते हैं मौके

नम्रता सिंह का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में हालात लगातार बदलते रहते हैं। कभी कोई सेक्टर आगे निकल जाता है तो कभी दूसरा। ऐसे में अनुभवी फंड मैनेजर कई बार ऐसे मौके पकड़ लेते हैं, जो अभी इंडेक्स में पूरी तरह दिखाई नहीं देते।

यही वजह है कि इस अध्ययन में सबसे बेहतर फ्लेक्सी कैप फंड ने ₹1 लाख को करीब ₹6 लाख में बदल दिया। यह Nifty 50 Index Fund के रिटर्न से लगभग दोगुना है।

लेकिन जोखिम भी उतना ही बड़ा है

लेकिन कहानी का दूसरा पहलू भी है। जिस फ्लेक्सी कैप फंड का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा, उसने 10 साल में ₹1 लाख को सिर्फ ₹2.53 लाख बनाया। वहीं सबसे कमजोर लार्ज कैप फंड की वैल्यू ₹2.60 लाख तक पहुंची। दोनों ही मामलों में रिटर्न Nifty 50 Index Fund से कम रहा। यानी एक्टिव फंड में सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि आपने कौन-सा फंड चुना है।

नम्रता सिंह कहती हैं कि सिर्फ पुराने रिटर्न देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेशकों को यह भी देखना चाहिए कि फंड पैसा कैसे निवेश करता है, जोखिम को कैसे संभालता है और लंबे समय में उसका प्रदर्शन कितना स्थिर रहा है।

फिर भी कई लोग इंडेक्स फंड क्यों चुनते हैं?

कई निवेशक फंड मैनेजर चुनने की झंझट में नहीं पड़ना चाहते। वे यह सोचकर निवेश करते हैं कि बाजार जितना रिटर्न मिल जाए, वही काफी है। ऐसे निवेशकों के लिए इंडेक्स फंड एक आसान विकल्प बन जाते हैं। ये बाजार को हराने की कोशिश नहीं करते। इनका मकसद सिर्फ Nifty 50 जैसे किसी इंडेक्स के प्रदर्शन को दोहराना होता है।

इसके अलावा इंडेक्स फंड का खर्च भी आमतौर पर कम होता है और निवेशक को एक ही फंड के जरिए कई बड़ी कंपनियों में निवेश का मौका मिल जाता है।

नम्रता सिंह के मुताबिक, जो निवेशक सरल और नियम-आधारित निवेश पसंद करते हैं और फंड मैनेजर पर निर्भर नहीं रहना चाहते, उनके लिए इंडेक्स फंड अच्छा विकल्प हो सकते हैं। वहीं जो लोग थोड़ा ज्यादा जोखिम लेकर बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं, वे अच्छे एक्टिव फंड्स पर विचार कर सकते हैं।

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खान सर की कोचिंग समेत 100 से अधिक इंस्टीट्यूट सील, लखनऊ अग्निकांड के बाद एक्शन में योगी सरकार

लखनऊ भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। सीएम योगी के निर्देश के बाद सभी जिलों के कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण का महाभियान शुरू कर दिया गया। वहीं, अनियमितताएं मिलने पर 100 से अधिक कोचिंग संस्थाओं को सील कर दिया गया। इनमें खान सर की कोचिंग भी शामिल है।