IPL किक्रेटर शशांक सिंह और रि. IPS शैलेश सिंह पर FIR, जानें क्या हैं पूरा मामला?

भोपाल। क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके रिटायर्ड IPS पिता शैलेश सिंह पर भोपाल में घरेलू नौकर से मारपीट के मामले में FIR दर्ज हुई है। पंजाब किंग्स के लिए खेलने वाले IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता रिटायर्ड आईपीएस अफसर शैलेश सिंह पर भोपाल में स्थित अपने घर में काम करने वाले कुक से मारपीट का आरोप है। पुलिस को दर्ज में शिकायत के मुताबिक  पीड़ित कुक विपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि शशांक सिंह, उनके पिता शैलेश सिंह और उनके ड्राइवर मिश्रा ने उसके साथ मारपीट की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
 
क्या है पूरा मामला?- राजधानी भोपाल के रातीबढ़ इलाके में रहने वाले रिटायर्ड IPS शैलेश सिंह और उनके क्रिकेटर बेटे शशांक सिंह पर आरोप है कि उन्होंने अपने घर पर काम करने वाले कुक विपेन्द्र सिंह से गाली-गलौज औऱ मारपीट की। रीवा के रहने वाले विपेन्द्र सिंह ने पूरे मामले की शिकायत भोपाल के रातीबढ़ थाने में की। विपेन्द्र का आरोप है कि उन्हें शैलेश सिंह के घर पर खाना बनाने के लिए धोखे से भोपाल बुलाया गया था। इसके बदले 15 हजार रुपये वेतन और रहने की सुविधा देने का ऑफर दिया गया। इसके साथ उन्हें यह भी कहा गया था कि केवल दो लोगों का खाना बनाना है और काम का कोई खास बोझ नहीं रहेगा। पीड़ित का दावा है कि उसे 3 महीने में सरकारी नौकरी का झांसा भी दिया गया था। इसी भरोसे पर विपेन्द्र अपने सारे जरूरी दस्तावेज लेकर भोपाल आया था।
 
विपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसका मोबाइल छीन लिया गया और उसे जबरन काम करने के लिए कहा। डर के कारण वह खुद को कमरे में बंद कर लिया, लेकिन इसके बावजूद आरोप है कि शैलेश सिंह, शशांक सिंह और ड्राइवर ने उसके साथ मारपीट की। पीड़ित के शरीर और चेहरे पर चोट के निशान भी बताए जा रहे हैं।
 
पुलिस ने इस मामले में शैलेश सिंह, शशांक सिंह और एक अन्य पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
 

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस पर ओवैसी का बड़ा बयान: ‘अगर ट्रस्ट में मुस्लिम होता तो बुलडोजर चलता, एनकाउंटर कर देते’

Asaduddin Owaisi on Ram Mandir Donation Theft Case

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिजनौर जिले के नजीबाबाद में एक जनसभा में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अगर ट्रस्ट में कोई मुस्लिम होता तो उसके घर बुलडोजर चला देते और उसका एनकाउंटर कर देते। ALSO READ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन: चंपत राय और कृष्ण मोहन से 3 घंटे पूछताछ

 

ओवैसी ने कहा कि मुझे याद है सुप्रीम कोर्ट ने अपने जजमेंट में कहा था कि 6 दिसंबर 1992 को जो हुए वो कानून का खुला उल्लंघन था। मुझसे पूछा गया कि राम मंदिर चंदा चोरी पर आप क्या कहेंगे। अगर ट्रस्ट में कोई मुस्लिम होता तो और बाद जैसे ये घोटाला सामने आया तो उसका एनकाउंटर कर देते। बुलडोजर से उसका घर तोड़ देते और केस क्लोज। चंपत तो मजे में है। जिनकी गिरफ्तार हुई उनकी पुलिस कस्टडी भी नहीं ली जाती।

 

ओवैसी की मुसलमानों से अपील

उन्होंने कहा कि 70 साल से राजनीतिक दलों ने मुसलमानों को नेतृत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से रोकने के लिए उनकी पार्टी किसी भी दल से गठबंधन करने को तैयार है। उन्होंने मुसलमानों से जागरूक होने का आह्वान किया। ALSO READ: कौन हैं रिटायर्ड IAS योगेश्वर राम मिश्रा, जो हो सकते हैं राम मंदिर के CEO?

 

मुसलमान को केवल दरी बिछाने तक सीमित

एआईएमआईएम नेता ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों ने मुसलमानों को केवल वोट की राजनीति और दरी बिछाने तक सीमित रखा है। उन्होंने कहा कि भाजपा मुसलमानों को टिकट नहीं देती, जबकि सपा ने उन्हें गुलाम बनाकर रखा है। उन्होंने मुसलमानों से कहा कि यदि वे केवल वोटर बनकर रहेंगे तो उनके बच्चों का भविष्य नहीं संवरेगा और बुजुर्गों के लिए अस्पताल भी नहीं बनेंगे। 

 

गौरतलब है कि पुलिस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर दर्ज कर 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में है। पुलिस ने मंगलवार को इस मामले राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय और कृष्ण मोहन से पूछताछ की। पुलिस ने दोनों से एक हफ्ते तक चोरी छिपाने और देर से एफआईआर करवाने पर सवाल किया। 

edited by : Nrapendra Gupta 

पहले 93 लाख, अब फिर मिला 30 लाख का हीरा! पन्ना में इस परिवार की किस्मत देख लोग हैरान

मध्य प्रदेश का पन्ना जिला एक बार फिर अपनी किस्मत और हीरों के लिए सुर्खियों में आ गया है। यहां एक आदिवासी किसान परिवार की मेहनत और धैर्य ने उन्हें ऐसी सफलता दिलाई है, जो किसी सपने से कम नहीं लगती। आमतौर पर जहां लोग जीवनभर कठिन परिश्रम करते हैं, वहीं इस परिवार के हाथ एक बार फिर जमीन के भीतर छिपा कीमती हीरा लग गया है। यह घटना न सिर्फ उनकी किस्मत को चमका रही है, बल्कि पन्ना की उस पहचान को भी मजबूत कर रही है, जिसे “हीरों की धरती” कहा जाता है।

लगातार मेहनत और उम्मीद के साथ काम कर रहे इस परिवार के लिए यह दूसरी बड़ी उपलब्धि है, जिसने उनकी जिंदगी में नई रोशनी भर दी है। इस खोज ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पन्ना की मिट्टी में सचमुच किस्मत चमकाने की ताकत छिपी है।

पहले मिला था 19.22 कैरेट का हीरा

साल 2024 में इसी परिवार ने 19.22 कैरेट का कीमती हीरा खोजा था, जिसकी नीलामी में करीब 93 लाख रुपये मिले थे। इस एक खोज ने उनके जीवन की आर्थिक स्थिति को काफी बदल दिया था।

अब फिर मिला 11.19 कैरेट का चमकदार रत्न

इस बार परिवार को 11.19 कैरेट का एक और जेम-क्वालिटी हीरा मिला है, जिसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपये आंकी गई है। यह हीरा पन्ना के अहीरगांव इलाके में स्थित निजी जमीन की खदान से निकला।

दो महीने की मेहनत के बाद मिली सफलता

परिवार ने अप्रैल में खनन का पट्टा लिया था और अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर काम शुरू किया। लगातार दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार यह कीमती हीरा उनके हाथ लगा, जिसने उनकी मेहनत को सफल बना दिया।

सरकारी कार्यालय में जमा किया गया हीरा

जैसे ही हीरा मिला, परिवार ने बिना देर किए उसे सरकारी हीरा कार्यालय पन्ना में जमा कर दिया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह 11.19 कैरेट का उच्च गुणवत्ता वाला रत्न है।

नीलामी में मिलेगा नया मालिक

सरकारी नियमों के अनुसार, इस हीरे को अब नीलामी में बेचा जाएगा। बिक्री के बाद रॉयल्टी काटकर बची हुई रकम सीधे परिवार के बैंक खाते में जमा की जाएगी।

परिवार की किस्मत फिर चमकी

परिवार के सदस्य राकेश आदिवासी और उनके भाइयों के लिए यह दूसरी बड़ी सफलता है। पहले मिले हीरे की कमाई से उनकी आर्थिक स्थिति सुधरी थी, लेकिन उन्होंने खनन का काम जारी रखा और एक बार फिर सफलता हासिल की।

पन्ना: जहां मिट्टी भी बना देती है करोड़पति

पन्ना की धरती एक बार फिर साबित कर रही है कि यहां किस्मत कभी भी चमक सकती है, जहां मेहनत के साथ थोड़ा सा भाग्य मिल जाए तो साधारण किसान भी करोड़पति बन सकता है।

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Weekly monsoon tracker: बारिश की बढ़ती कमी और जलाशयों का घटता लेवल बढ़ा रहा चिंता, 22.7% गिरी खरीफ फसलों की बुआई

Weekly monsoon tracker:  बारिश की बढ़ती कमी, मॉनसून की धीमी रफ़्तार और जलाशयों के कम लेवल की वजह से खेती-बाड़ी वाले खास राज्यों में चावल और कपास जैसी गर्मियों की फसलों की बुआई पर असर पड़ा है। 25 जून तक खरीफ की बुआई पिछले साल के मुकाबले 22.7 फीसदी कम हुई है।

खरीफ फसलों का रकबा 182.72 लाख हेक्टेयर रहा, जो एक साल पहले के 236.46 लाख हेक्टेयर से कम है यानी 53.74 लाख हेक्टेयर की कमी आई। यह कमी सभी मुख्य फसलों की कैटेगरी में थी, जिसमें तिलहन, कपास, चावल और दालों का रकबा कम रहा।

तिलहन में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई, जिसका रकबा एक साल पहले के 36.41 लाख हेक्टेयर से 19.42 लाख हेक्टेयर घटकर 16.99 लाख हेक्टेयर रह गया। तिलहन में, सोयाबीन की बुआई सबसे ज़्यादा प्रभावित हुई है, जो 13.05 लाख हेक्टेयर कम हुई है, इसके बाद मूंगफली की बुआई 6.42 लाख हेक्टेयर कम हुई है।

भारत का सोयाबीन इंपोर्ट बढ़ रहा है, देश चीन समेत कुछ सप्लायर्स पर निर्भर है। मई तक, भारत के कच्चे सोयाबीन तेल के इंपोर्ट में चीन का 8.1 फीसदी हिस्सा था।

कपास का रकबा 15.70 लाख हेक्टेयर घटकर 29.66 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि चावल की बुआई 8.65 लाख हेक्टेयर घटकर 25.75 लाख हेक्टेयर रह गई। दालों का रकबा भी कमज़ोर हुआ है, जो 6.53 लाख हेक्टेयर कम हुआ है, जिसमें अरहर और उड़द सबसे आगे हैं।

बारिश और जलाशयों की चिंताए

बारिश का डिस्ट्रीब्यूशन अभी भी अनियमित है। इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा और विदर्भ में भारी बारिश का अनुमान लगाया है, लेकिन बिहार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हीटवेव की स्थिति बनी हुई है, जिससे कुछ उत्तरी इलाकों में बुआई में देरी हो रही है।

29 जून को बारिश में कमी 43 फीसदी के हाई लेवल पर पहुंच गई थी। बुआई कमजोर इसलिए है क्योंकि मॉनसून की तरक्की एक जैसी नहीं है, देश के 48 फीसदी हिस्से में कमी है और 26 फीसदी हिस्से में बड़ी कमी है।

रिजर्वॉयर का लेवल चिंता को और बढ़ा देता है। 166 बड़े रिज़र्वॉयर में लाइव स्टोरेज पिछले साल के लेवल से कम था। रिज़र्वॉयर अपनी कैपेसिटी के 26.4 फीसदी तक भरे हुए हैं, जबकि पिछले साल इसी समय में यह 36 फीसदी था, लेकिन यह पांच साल के एवरेज से 5 फीसदी ज़्यादा है।

खास तौर पर दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में दबाव दिख रहा है, जो खरीफ की खेती के लिए ज़रूरी हैं। दक्षिणी इलाके के रिज़र्वॉयर 20.8 फीसदी पर हैं, जो पिछले साल के 44.7 फीसदी के आधे से भी कम हैं। कर्नाटक के जलाशय एक साल पहले के 48.6 फीसदी के मुकाबले सिर्फ़ 14.7 फीसदी भरे हैं, जबकि तमिलनाडु का स्टोरेज 81 फीसदी से घटकर 34.3 फीसदी हो गया है। पूर्व में, ओडिशा के जलाशय सिर्फ़ 15.3 फीसदी भरे हैं, जो पिछले साल के 22.4 फीसदी से कम है।

जलाशय का लेवल कम होने से धान, कपास और दालों जैसी फसलों के लिए सिंचाई में मदद कम हो जाती है, जिससे बुवाई समय पर बारिश पर ज़्यादा निर्भर हो जाती है। अगर जुलाई में बारिश कमज़ोर रहती है, तो फसल उत्पादन, ग्रामीण आय और खाने की चीज़ों की महंगाई, खासकर दालों और खाने के तेलों को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।

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CM धामी तोड़ेंगे एनडी तिवारी का रिकॉर्ड, उत्‍तराखंड में जश्‍न की तैयारी

Chief Minister Pushkar Singh Dhami is set to break former Chief Minister ND Tiwari's record

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बतौर मुख्यमंत्री रहते हुए 5 साल का कार्यकाल 4 जुलाई 2026 को पूरा होने जा रहा है। ऐसे में सरकार और भाजपा संगठन दोनों ही जश्‍न की तैयारी में हैं। यह जश्न इसलिए भी खास है, क्‍योंकि उत्तराखंड में एनडी तिवारी के बाद धामी ही ऐसे मुख्यमंत्री है, जिन्होंने अपने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया है। मुख्यमंत्री धामी पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एनडी तिवारी का रिकॉर्ड तोड़ने जा रहे हैं। इस दौरान धामी सरकार द्वारा पिछले 5 साल में किए गए विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ ही पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित करने के लिए जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

2 मार्च 2002 को एनडी तिवारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का कार्यकाल 2 मार्च 2002 से 7 मार्च 2007 रहा था। खास बात ये रही कि एनडी तिवारी ने अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा किया, लेकिन उसके बाद कोई भी मुख्यमंत्री 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए, हालांकि अब 4 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री धामी के 5 साल पूरे होने जा रहे हैं।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई 2021 को राज्य की कमान संभाली थी जिसके बाद वर्तमान समय यानी 29 जून 2026 तक 1821 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का 5 साल का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सेवा, सुशासन एवं समर्पण के अंतर्गत 4 जुलाई से प्रदेशभर में सेवा सप्ताह मनाया जाएगा।

इस दौरान धामी सरकार द्वारा पिछले 5 साल में किए गए विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ ही पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित करने के लिए जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सेवा सप्ताह के दौरान जिलों में जनसेवा शिविर भी लगेंगे।

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इसके तहत जिलों में चिकित्सा शिविर, दिव्यांगजनों के लिए शिविर व उपकरण वितरण, महिलाओं व बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य शिविर, जिला मुख्यालयों में मैराथन व खेलकूद प्रतियोगिताएं, 4 जुलाई को सांस्कृतिक संध्या के आयोजन होंगे।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। सेवा सप्ताह के दौरान जिलों में प्रभारी मंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा नामित प्रतिनिधियों की अध्यक्षता में व्यापक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रम होंगे। Edited By : Chetan Gour

Market Insight : अच्छे शेयर और थीम्स खोजें और उनमें बने रहें, इंडेक्स में फिलहाल के लिए इंट्राडे ही रहें

Market Insight : आज बड़ी वाली एक्सपायरी का दिन है। आज बाजार के लिए तीन वजह से अहम दिन है। आज मंथ एंड,क्वार्टर एंड और सीरीज एंड तीनों एक साथ हैं। ऐसे में आज आखिरी 1 घंटे में काफी उतार-चढ़ाव हो सकता है। आज के मूव को ट्रेंड न समझें,ट्रेंड कल से साफ होगा। बाजार में अभी भी अपट्रेंड है। यह टूटा नहीं है। जब तक निफ्टी 23,830 (20 DEMA) के ऊपर है,ट्रेंड ठीक है और बैंक निफ्टी अभी भी सबसे मजबूत इंडेक्स है। बैंक निफ्टी अब भी 10 और 20 DEMA के काफी ऊपर है। इंडिया VIX भी 200 DMA के नीचे ही चल रहा है। ये बातें सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडीटर अनुज सिंघल ने कही है।

उन्होंने आगे कहा कि मार्केट ब्रेड्थ को लेकर दिक्कत बस कुछ दिनों की रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप काफी चल चुके हैं। ऐसे में इनमें मुनाफावसूली लाजमी है। अगले हफ्ते बाजार का ट्रेंड एकदम क्लियर हो जाना चाहिए।

बाजार: आज के संकेत

आज NSE के सभी कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी का दिन है। निफ्टी,बैंक निफ्टी,फिन निफ्टी,मिडकैप सिलेक्ट की एक्सपायरी आज होगी। शेयरों की भी एक्सपायरी आज है। निफ्टी में सबसे ज्यादा बिल्डअप 24,000 कॉल और पुट में है। ऑप्शन राइटर्स की बेसिक रेंज 23,840-24,160 है। इन दोनों लेवल्स के टूटने पर ही बड़ा मूव आ सकता है।

प्राइवेट बैंकों पर नजर

आज प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर के लिए बहुत बड़ी खबरें हैं। HDFC बैंक की दिक्कतें अब लग रहा है दूर हुई हैं। HDFC बैंक का नया पार्ट टाइम चेयरमैन अप्रूव हो गया है। जल्दी ही HDFC बैंक के CEO से जुड़ी अनिश्चितता भी दूर होनी चाहिए। एक्सिस बैंक के CFO पुनीत शर्मा HDFC बैंक के CFO होंगे। बंधन बैंक के CFO राजीव मंत्री एक्सिस बैंक से जुड़ सकते हैं।

US-ईरान तनाव जारी

कच्चा तेल $72.50 के पास है। US-ईरान के बीच आज कतर में बातचीत होने की संभावना पर सबकी नजर है। ट्रंप का दावा है कि ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है। उधर ईरान का कहना है कि कुछ भी प्लान नहीं है। उधर US बाजारों में कल टेक और AI शेयरों के दम पर उछाल दिखा। नैस्डेक 2% चढ़ा, S&P 500 इंडेक्स 5 दिन की गिरावट के बाद 1.17% ऊपर बंद हुआ।

बाजार: कैसा है टेक्सचर?

बाजार में इस समय बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है। लेकिन उसके बीच में इंट्राडे ट्रेंड निगेटिव है। पिछले 2-3 दिनों से पैसा बिकवाली करके बन रहा है। ऑप्शन राइटर्स के लेवल्स पर रिवर्स ट्रेड लेने से भी पैसा बना है। मगर जब तक बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है,शॉर्ट कैरी मत करें। बड़ा ट्रेंड 23,800 के नीचे बंद होने पर ही निगेटिव होगा। बैंक निफ्टी में बड़ा ट्रेंड 57,100 के नीचे ही बंद होगा। निफ्टी IT अभी भी बाजार का सबसे बड़ा पेन प्वाइंट है। कल परसिस्टेंट की खबर पर बाजार ने ओवररिएक्शन दिया है। आगे पता चलेगा कि शायद ये खरीदारी का मौका था।

इंडिया VIX और मार्केट ब्रेड्थ पर भी नजर रखनी होगी। जब तक इंडिया VIX 14.5 यानी 200 DMA के नीचे है,दिक्कत नहीं है। मार्केट ब्रेड्थ खराब हुई है लेकिन टूट नहीं हुई है। एक रिस्क बाजार में खुला है, यह है खराब क्वालिटी के IPOs का। साथ ही ब्लॉक डील्स और OFS भी एक बड़ा रिस्क रहा है। अच्छी बात ये है कि ट्रेडिंग विंडो कल से बंद हो जाएगी और अगले 45 दिन बाजार में प्रोमोटर्स की बिकवाली बंद होगी।

Market Trend : मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार में दबाव, फिर भी इन दो शेयरों में सही रणनीति से हो सकती है बंपर कमाई

बाजार: क्या हो रणनीति?

अच्छे शेयर और थीम्स खोजें और उनमें बने रहें। इंडेक्स में फिलहाल के लिए इंट्राडे रहें। हमें निफ्टी में 1000-2000 अंकों का ट्रेंड पकड़ने में मजा आता है। हर 100-200 अंकों के मूव पकड़ने में टेंशन ज्यादा है और मुनाफा कम। जब बड़ा 1000-2000 अंकों का मूव समझ आएगा,तब साफ नजरिया बनाएंगे। बैंक निफ्टी में अभी भी 60,000 का मूव बचा हुआ है। मगर 57,100 के नीचे बंद हुए तो ये ट्रेड कैंसल हो जाएगी। डॉनल्ड ट्रंप वाला रिस्क फैक्टर अभी भी बाकी है। अभी भी बीच-बीच में उनके बयान आते हैं जो मूड खराब करते हैं।

कच्चा तेल भी अब युद्ध से पहले वाले लेवल पर आ चुका है। अब ब्रेंट $70 के नीचे आए तो बैंक निफ्टी में बहुत बड़ी वाली रैली आएगी। डॉलर-रुपए पर भी नजर रखें,ग्लोबली डॉलर मजबूत है। एक अच्छी बात ये कि मेटल्स की कीमतें नीचे आ रही हैं। ये हमारे कई सेक्टर्स के लिए थोड़ा पॉजिटिव है,जैसे कि ऑटो।

निफ्टी पर रणनीति

इसकी आज की बेसिक रेंज 23,840-24,160 है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 23,850-23,900 है। SL 23,750 पर रखें। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 24,050-24,150 है। इसके लिए SL 24,250 पर रखें। अगर रेंज ब्रेक होती दिखे तो कॉल के जरिये दांव लगाएं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी में आज थोड़ा सतर्क रहें। बैंक निफ्टी में 5 मिनट की 300 अंकों की बड़ी कैंडल बन सकती है। ऐसे में चाहें तो आज बैंक निफ्टी से दूर रहें। कम्पल्सिव ट्रेडर 57,200-58,200 की रेंज को ट्रेड करें।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

ITR Filing Deadline: बदल गई ITR भरने की आखिरी तारीख! सैलरीड क्लास और बिजनेसमैन के लिए आ गया नया कैलेंडर, देखें पूरी लिस्ट

Income Tax Return Dates AY 2026-27: अगर आप हर साल की तरह इस बार भी यह मानकर चल रहे हैं कि इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई ही है, तो थोड़ा ठहरिए। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने डेडलाइन में बड़ा बदलाव किया है।

बजट 2026 में किए गए बदलावों के बाद अब हर किसी के लिए एक सिंगल डेडलाइन 31 जुलाई नहीं होगी। अब आपकी आखिरी तारीख इस बात पर निर्भर करेगी कि आप कौन सा आईटीआर फॉर्म भरते हैं। आइए जानते हैं टैक्स कैलेंडर में हुए इस बदलाव को ताकि आप भारी पेनाल्टी और नुकसान से बच सकें।

बड़ा बदलाव: फॉर्म के हिसाब से अलग-अलग होंगी आखिरी तारीखें

सरकार ने नौकरीपेशा और बिजनेस/प्रोफेशनल क्लास के लिए डेडलाइन को अलग-अलग कर दिया है, जो इस प्रकार है:

सैलरीड क्लास और पेंशनर्स (ITR-1 और ITR-2): नौकरीपेशा लोग, पेंशनर्स और ऐसे निवेशक जिनकी आय सैलरी, कैपिटल गेन्स, ब्याज या एक-दो मकानों से है, उनके लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 ही रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

छोटे कारोबारी और प्रोफेशनल्स (ITR-3 और ITR-4 -बिना ऑडिट वाले): फ्रीलांसरों, कंसलटेंट्स, डॉक्टरों, वकीलों, छोटे दुकानदारों और प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन का विकल्प चुनने वालों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब ये लोग 31 अगस्त 2026 तक अपना आईटीआर भर सकते हैं। इन्हें बुककीपिंग और मिलान के लिए पूरा एक महीना एक्स्ट्रा मिला है।

टैक्स ऑडिट वाले मामले: जिन बिजनेस या कंपनियों का टैक्स ऑडिट होना है, उनके लिए आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 तय है हालांकि ऑडिट रिपोर्ट एक महीना पहले, यानी 30 सितंबर तक जमा करनी होगी।

ट्रांसफर प्राइसिंग वाले मामले: इनके लिए डेडलाइन 30 नवंबर 2026 रहेगी।

AY 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग का नया कैलेंडर

 

दूसरा बड़ा बदलाव: रिवाइज्ड रिटर्न भरने के लिए अब मिलेगा ज्यादा समय

टैक्सपेयर्स के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। पहले अपनी गलती सुधारने के लिए रिवाइज्ड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर हुआ करती थी। लेकिन इस साल से इस विंडो को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। यानी अगर फॉर्म भरने के बाद आपको याद आता है कि आप 80C का क्लेम भूल गए हैं या AIS/26AS में कोई मिसमैच है, तो उसे सुधारने के लिए अब आपके पास भरपूर वक्त होगा।

डेडलाइन चूके तो सिर्फ जुर्माना नहीं, होगा यह बड़ा नुकसान

अगर आप तय तारीख तक रिटर्न नहीं भर पाते हैं, तो आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न भर सकते हैं, लेकिन इसके गंभीर नतीजे होंगे:

लेट फीस और ब्याज: सेक्शन 234F के तहत ₹5,000 की लेट फीस लगेगी अगर कुल आय ₹5 लाख से कम है तो ₹1000 और बकाया टैक्स पर ब्याज देना होगा।

ओल्ड टैक्स रिजीम का विकल्प खत्म: सबसे बड़ा नुकसान यह है कि लेट होने पर आप पुरानी टैक्स व्यवस्था को नहीं चुन पाएंगे। आप डिफॉल्ट रूप से नई टैक्स व्यवस्था में शिफ्ट कर दिए जाएंगे। इसके अलावा आप बिजनेस या कैपिटल लॉस को आगे नहीं ले जा पाएंगे।

Home Loan vs Cash: क्या घर कैश में खरीदना चाहिए या होम लोन लेना है बेहतर? फैसला लेने से पहले समझें ये जरूरी बातें

यहां ये ध्यान देने वाली बात है कि यह साल पुराने ‘इंकम टैक्स एक्ट, 1961’ के तहत रिटर्न फाइल करने का आखिरी सीजन है। 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू हो चुका है, जो अगले साल के रिटर्न्स पर लागू होगा। इस बार फॉर्म भरते समय अपने Form 16, Form 26AS और AIS का मिलान अच्छे से कर लें और सबमिट करने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफाई करना न भूलें।

पर्सनल लोन पर इंटरेस्ट रेट घटाना चाहते हैं? जानें स्मार्ट तरीके

पर्सनल लोन अपने तेज अप्रूवल प्रोसेस और बिना कोलेटरल (कोई एसेट गिरवी रखने की शर्त) की जरूरत के कारण भारत में एक लोकप्रिय फाइनेंसिंग विकल्प है. भारत में पर्सनल लोन पर इंटरेस्ट रेट आमतौर पर 10.5% से 24% सालाना तक होता है, जो अलग-अलग लेंडर पर निर्भर करता है. आपकी इनकम, क्रेडिट स्कोर, जॉब स्टेबिलिटी और उम्र जैसे फैक्टर यह तय करते हैं कि आपको कितने इंटरेस्ट रेट पर लोन मिलेगा.

अच्छा क्रेडिट स्कोर और स्टेबल इनकम होने पर सस्ते इंटरेस्ट रेट पर लोन मिल सकता है, वहीं जॉब स्टेबिलिटी जैसे अन्य फैक्टर भी अहम भूमिका निभाते हैं. पर्सनल लोन पर इंटरेस्ट रेट नेगोशिएबल भी होता है, यानी आप अपनी फाइनेंशियल प्रोफाइल के आधार पर बेहतर शर्तों पर लोन ले सकते हैं.

आप मनीकंट्रोल (Moneycontrol) के डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म पर अपना क्रेडिट स्कोर फ्री में चेक कर सकते हैं. मनीकंट्रोल पर आप 10+ लेंडर के 50 लाख रुपए तक के पर्सनल लोन ऑफर भी एक्स्प्लोर कर सकते हैं. ये लोन ऑफर 9.99% सालाना के किफायती इंटरेस्ट रेट से शुरू होते हैं. इसका प्रोसेस 100% डिजिटल है, जिससे कुछ ही मिनटों या घंटों में पैसा आपके अकाउंट में आ सकता है.

पर्सनल लोन पर इंटरेस्ट रेट कम कैसे करें?

लेंडर किसी ग्राहक को कम इंटरेस्ट रेट ऑफर करने से पहले कई क्राइटेरिया देखते हैं. हालांकि, सभी लेंडर इंटरेस्ट रेट नेगोशिएशन के लिए तैयार नहीं होते.

  1. अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखें

हाई क्रेडिट स्कोर का मतलब है बेहतर क्रेडिटवर्थिनेस. जिन ग्राहकों का स्कोर अच्छा होता है, उन्हें बैंक और फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन सबसे सस्ते इंटरेस्ट रेट पर पर्सनल लोन ऑफर करते हैं.

अगर आपका स्कोर 750 से कम है तो उसे सुधारने के तरीकों पर काम करें. 750 से ऊपर स्कोर होने पर आपको कम इंटरेस्ट रेट पर पर्सनल लोन मिलने की संभावना ज्यादा होती है.

  1. एक्सक्लूसिव ऑफर देखें

बैंक अक्सर त्योहारों या सालगिरह जैसे खास मौकों पर पर्सनल लोन पर कम इंटरेस्ट रेट का ऑफर देते हैं. इन ऑफर की जानकारी पाने के लिए बैंक की वेबसाइट चेक करें या कस्टमर केयर से संपर्क करें.

ऐसे प्रमोशनल पीरियड में लोन अप्लाई करने से कम इंटरेस्ट रेट मिल सकता है और रीपेमेंट आसान हो जाता है. हालांकि, हिडन चार्ज से बचने के लिए ऑफर की टर्म्स एंड कंडीशंस ध्यान से जरूर पढ़ लें.

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  1. समय पर रीपेमेंट करना न भूलें

अगर आप समय पर EMI या क्रेडिट कार्ड बिल नहीं चुकाते, तो आपका क्रेडिट स्कोर गिरता है. बैंक इंटरेस्ट रेट तय करते समय आपकी पेमेंट हिस्ट्री पर खास ध्यान देते हैं. इसलिए EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाएं, बार-बार लोन के लिए अप्लाई करने से बचें और क्रेडिट कार्ड यूज लिमिट कम रखें.

  1. इंटरेस्ट रेट की तुलना करें

किसी एक बैंक से पर्सनल लोन लेने से पहले NBFCs और अन्य बैंकों के इंटरेस्ट रेट ऑफर की तुलना जरूर करें. इससे आप सबसे सस्ते रेट पर लोन पा सकते हैं.

  1. फाइनेंशियल स्टेबिलिटी दिखाएं

जिन ग्राहकों की इनकम रेगुलर और स्टेबल होती है, उन्हें बैंक प्राथमिकता देते हैं. सैलरी स्लिप, ITR, जॉब लेटर और बैंक स्टेटमेंट जैसे डॉक्युमेंट देकर आप अपनी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी साबित कर सकते हैं और कम इंटरेस्ट रेट पर लोन पा सकते हैं.

  1. सही लेंडर से नेगोशिएशन करें

लोन अप्लाई करने से पहले अलग-अलग लेंडर के इंटरेस्ट रेट, टेन्योर, अमाउंट, रीपेमेंट शर्तों और फीस की तुलना करें. अगर आप पहले से किसी बैंक के ग्राहक हैं या आपकी उस लेंडर के साथ अच्छी रिलेशनशिप है, तो आपके पास इंटरेस्ट रेट नेगोशिएट करने का मौका होता है. सस्ता इंटरेस्ट रेट लेने के लिए लोन एप्लिकेशन के साथ लिखित में रिक्वेस्ट भेजना सबसे अच्छा तरीका है. 

कुल मिलाकर, पर्सनल लोन पर कम इंटरेस्ट रेट पाने के लिए आपको अच्छे क्रेडिट स्कोर, स्टेबल इनकम और स्पेशल ऑफर पर ध्यान देना चाहिए. अलग-अलग विकल्पों की तुलना करके और शर्तों को समझकर आप बेहतर डील पा सकते हैं.

मनीकंट्रोल के ऑनलाइन लेंडिंग प्लेटफॉर्म पर आप 10+ लेंडर से 50 लाख रुपए तक के पर्सनल लोन ले सकते हैं. इन पर सिर्फ 9.99% सालाना से इंटरेस्ट रेट शुरू होता है. साथ ही, इसका प्रोसेस 100% डिजिटल है और अप्रूवल भी जल्दी मिलता है.

केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़: सिया गोयल के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस

siya goyal

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में उस समय नया मोड़ आ गया जब हत्या के आरोप में जेल में बंद सिया गोयल के वकील एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेज दिया। इस नोटिस के बाद मामला केवल हत्या की जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब सिया के परिवार और वकील के बीच भी कानूनी लड़ाई शुरू होती नजर आ रही है। ALSO READ: केतन अग्रवाल मर्डर केस: सगाई से पहले चेतन संग उदयपुर ट्रिप, 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर का खुलासा

 

साहिल गोयल ने मीडिया के सामने एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव के सिया गोयल का वकील होने पर सवाल उठाए थे। उसने दावा किया था कि परिवार ने आशीष श्रीवास्तव को कभी नियुक्त नहीं किया। यह भी आशंका जताई गई कि सिया के हस्ताक्षर धोखे से लिए गए हो सकते हैं। इसके बाद श्रीवास्तव ने कानूनी नोटिस जारी कर कहा कि उनके पास सिया द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित वकालतनामा मौजूद है, जिसे अदालत में भी दाखिल किया जा चुका है।

 

एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव ने नोटिस में दावा किया है कि सिया गोयल ने स्वेच्छा से उन्हें अपना कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त किया है। सिया ने बाकायदा वकालतनामा पर हस्ताक्षर किए हैं और यह दस्तावेज सक्षम अदालत के रिकॉर्ड में भी शामिल है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर संबंधित दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। ALSO READ: 'अगर बेटी दोषी है तो उसे भी सबसे कड़ी सजा मिले', केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया गोयल के माता-पिता का बड़ा बयान
 

साहिल गोयल को क्यों भेजा नोटिस?

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि साहिल गोयल ने बिना किसी तथ्य की पुष्टि किए मीडिया में ऐसे बयान दिए, जिससे आशीष श्रीवास्तव की पेशेवर छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा। साहिल के बयानों से यह संदेश गया कि आशीष श्रीवास्तव ने झूठा दावा किया कि वह सिया के वकील हैं। इन आरोपों के कारण उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, धमकियों, अपमानजनक टिप्पणियों और पेशेवर स्तर पर नुकसान का सामना करना पड़ा है।

 

क्या है वकील की मांग?

कानूनी नोटिस में साहिल गोयल से कथित मानहानिकारक बयानों को तत्काल वापस लेने, सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और भविष्य में इस तरह के आरोप नहीं लगाने का लिखित आश्वासन देने को कहा गया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनके खिलाफ दीवानी और अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसमें 10 करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा भी शामिल हो सकता है।

edited by : Nrapendra Gupta