FIBA Basketball World Cup Qualifiers 2026 : गुजरात के लिए गर्व का विषय बनने जा रहे FIBA Basketball World Cup Qualifiers 2026 का आयोजन अहमदाबाद के अत्याधुनिक वीर सावरकर इंडोर स्टेडियम में किया जाएगा। गुजरात सरकार और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात के सहयोग से आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट गुजरात को वैश्विक खेल मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
2 और 5 जुलाई को होंगे भारत के मुकाबले
बास्केटबॉल प्रेमियों को भारतीय टीम के दो रोमांचक मुकाबले देखने का अवसर मिलेगा। 2 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे भारत और कतर के बीच मुकाबला खेला जाएगा, जबकि 5 जुलाई 2026 को रात 8:30 बजे भारत का सामना लेबनान से होगा। हाल ही में सफलतापूर्वक आयोजित अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप के बाद अब अहमदाबाद एक और वैश्विक खेल आयोजन की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।
गुजरात स्टेट बास्केटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि गुजरात के लिए पहली बार FIBA Basketball World Cup Qualifiers की मेजबानी करना गर्व की बात है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय गुजरात सरकार और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात के निरंतर सहयोग को दिया। उनके अनुसार, राज्य खेलों के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
एसोसिएशन के शफीक शेख ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट के बाद अब FIBA Basketball World Cup Qualifiers का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि गुजरात बड़े वैश्विक खेल आयोजनों की सफल मेजबानी करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने सभी विदेशी टीमों, अधिकारियों और खेल प्रेमियों का गुजरात में गर्मजोशी से स्वागत किया।
गुजरात स्टेट बास्केटबॉल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष उमेश पाठक ने कहा कि यह टूर्नामेंट केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी एक प्रयास है। एसोसिएशन द्वारा 'Say No to Drugs, Say Yes to Life' और 'ड्रग मुक्त भारत' जैसे जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है। इस अभियान में सहयोग के लिए उन्होंने गुजरात पुलिस का आभार व्यक्त किया।
वैश्विक मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार है अहमदाबाद
अहमदाबाद डिस्ट्रिक्ट बास्केटबॉल एसोसिएशन (ABDA) के अध्यक्ष मुकेश अमीन ने कहा कि भारत का पहला यूनेस्को विश्व धरोहर शहर अहमदाबाद कतर, लेबनान और FIBA के प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। शहर की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक आतिथ्य और आधुनिक खेल अवसंरचना इस टूर्नामेंट को और भी यादगार बनाएगी।
गुजरात स्टेट बास्केटबॉल एसोसिएशन और बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) खिलाड़ियों, कोचों, रेफरी और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वीर सावरकर इंडोर स्टेडियम की तकनीकी टीम, प्रशासनिक स्टाफ, कोच और स्वयंसेवक इस आयोजन को सफल बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।
अगस्त 2026 में होगी इससे भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप
एसोसिएशन के अधिकारियों ने बताया कि यह टूर्नामेंट गुजरात के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इसके अलावा अगस्त 2026 में अहमदाबाद में इससे भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा, जिससे गुजरात वैश्विक खेल केंद्र के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
गुजरात स्टेट बास्केटबॉल एसोसिएशन ने सभी खेल प्रेमियों, विद्यार्थियों और परिवारों से स्टेडियम पहुंचकर टीम इंडिया का उत्साहवर्धन करने तथा इस अंतरराष्ट्रीय खेल महोत्सव का हिस्सा बनने की अपील की है।
Edited By : Chetan Gour
Startup News: गूगल (Google) के एक पूर्व कर्मचारी ने करीब 9.3 करोड़ रुपये (लगभग 10 लाख डॉलर) सालाना की नौकरी छोड़कर अपना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप शुरू किया है। 41 वर्षीय यूसुफ इमरान (Yousuf Imran) का कहना है कि AI ने लोगों के लिए अपना बिजनेस शुरू करने और नए अवसर बनाने के रास्ते खोल दिए हैं।
पूर्व गूगल अकाउंट एग्जीक्यूटिव यूसुफ इमरान ने कहा कि Google में अच्छी कमाई के बावजूद उन्हें FOMO (कुछ छूट जाने का डर) महसूस हुआ क्योंकि OpenAI और Anthropic जैसी AI कंपनियाँ ऐसे स्टॉक पैकेज दे रही थीं जिनमें जिंदगी बदलने की क्षमता थी।
एक साल में कमाए करीब 9.3 करोड़ रुपये
Business Insider में प्रकाशित एक आर्टिकल के अनुसार, यूसुफ इमरान ने बताया कि उन्होंने पिछले साल Google में अकाउंट एग्जीक्यूटिव के तौर पर करीब 9.86 लाख डॉलर (लगभग 9.3 करोड़ रुपये) कमाए थे। उन्होंने बताया कि उनकी बेस सैलरी करीब 1.70 लाख डॉलर (करीब 1.6 करोड़ रुपये) थी। जबकि उनकी अधिकांश कमाई कमीशन से हुई।
AI बूम के बीच महसूस हुआ ‘FOMO’
इमरान ने कहा कि Google में अच्छी कमाई के बावजूद उन्हें AI इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ते अवसरों को लेकर फियर ऑफ मिसिंग आउट (FOMO) महसूस होने लगा। उन्होंने कहा कि OpenAI और Anthropic जैसी AI कंपनियां कर्मचारियों को ऐसे स्टॉक विकल्प दे रही थीं। इनकी भविष्य में बड़ी वैल्यू हो सकती है। इसी वजह से उन्होंने नौकरी की सुरक्षा के बजाय अपने स्टार्टअप में हिस्सेदारी को ज्यादा महत्वपूर्ण माना।
बिना इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के शुरू किया AI प्रोजेक्ट
करीब 15 साल सेल्स सेक्टर में काम करने के बाद इमरान 2020 में Google से जुड़े थे। वहां वे ग्राहकों को Google के AI और मशीन लर्निंग समाधान अपनाने में मदद करते थे। उन्होंने बताया कि नौकरी के बाद रात और वीकेंड में वे ChatGPT, Claude और Gemini जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर ऐप्स और साइड प्रोजेक्ट्स बनाते थे। जबकि उनका सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का कोई औपचारिक अनुभव नहीं था।
छंटनी ने बदल दी सोच
इमरान के मुताबिक, Google में हाल के वर्षों में हुई छंटनी ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि केवल बड़ी कंपनी में नौकरी ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी नहीं है। उन्होंने देखा कि कई प्रतिभाशाली कर्मचारियों की भी नौकरी चली गई। इसके बाद उन्होंने अपना उद्यम शुरू करने का फैसला किया।
सेल्स में लगभग 15 साल बिताने के बाद, इमरान 2020 में गूगल से जुड़े और क्लाइंट्स को गूगल के AI मशीन लर्निंग सॉल्यूशन को लागू करने में मदद की। इमरान ने बताया कि उनकी बेस सैलरी लगभग 170,000 डॉलर (करीब 1.6 करोड़ रुपये) थी, जबकि उनकी ज़्यादातर कमाई कमीशन से होती थी, जिससे उनकी सालाना W-2 कमाई लगभग 986,000 डॉलर (करीब 9.3 करोड़ रुपये) हो गई।
शुरू किया अपना AI स्टार्टअप
अप्रैल 2026 में उन्होंने Google छोड़कर Mangosteen Studio नाम से अपना AI स्टार्टअप शुरू किया। यह कंपनी सेल्स प्रोफेशनल्स के लिए AI आधारित टूल विकसित करती है। इमरान ने बताया कि उन्होंने पहले से पूरी वित्तीय योजना बनाई थी। स्टार्टअप को दो साल तक चलाने के लिए करीब 2 लाख डॉलर अलग रखे थे। जबकि अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के लिए 1.5 लाख डॉलर की बचत भी की थी।
‘AI हर किसी को नया मौका दे रहा है’
इमरान का कहना है कि AI केवल इंजीनियरों के लिए नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवी लोगों के लिए भी नए अवसर लेकर आया है। उन्होंने कहा, “जो लोग अपने करियर में ठहराव महसूस कर रहे हैं या नई चुनौती चाहते हैं, उनके लिए AI कुछ नया बनाने का अवसर दे रहा है। सबसे जरूरी चीज आपके क्षेत्र का अनुभव है। मैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं था, लेकिन मैंने 20 साल तक सेल्स प्रोफेशनल्स की समस्याओं को समझा और उसी अनुभव के आधार पर अपना बिजनेस शुरू किया।”
रेल इंजन के पहिये जाम होने या खराबी या जाम होने से पहले लोको पायलट के पास अलर्ट बज जाएगा। दरअसल, इसे लेकर कानपुर इलेक्ट्रिक लोको में ट्रायल शउरू हो गया है। दिल्ली मेट्रो में भी यह सिस्टम है।
June was a busy month for automobile industry, bringing us the updated Toyota Innova Crysta, Mercedes-Benz S-Class facelift, Maruti Wagon R flex-fuel, Citroen eC3X and Porsche 911 GT3. With July marking the start of the second half of 2026, several more models are lined up. Here is a look at the cars set to either launch or debut next month.
2026 Renault Kwid facelift
Launch date: July 3
Current Renault Kwid (image used for representation).
Renault’s answer to Maruti Alto K10 was first launched in 2015, followed by a facelift in 2019. The current model has been on sale for seven years, and is pretty long in the tooth. Part of Renault’s “rethink strategy”, the entry-level hatchback is set to receive its second facelift in July. Based on spy shots from before, it could get fresh Y-shaped LED daytime running lamps similar to those on the international-spec Duster, new bumpers and tail-lights.
Upgrades such as standard six airbags, a bigger touchscreen, a new steering wheel and instrument cluster are likely. The Kwid is currently available only with a 69hp, 92.5Nm 1.0-litre petrol engine paired to either a manual gearbox or an AMT unit, which could be carried over. Currently priced between Rs 4.30 lakh and Rs 5.88 lakh, ex-showroom, a slight price bump is likely with the facelift.
Nissan Tekton
Debut date: July 9
Nissan has been drip-feeding teasers of the Tekton, the Japanese carmaker’s version of the Duster, revealing features such as LED headlights, pull-type door handles at the front and C-pillar-mounted ones at the rear, multi-spoke alloy wheels, a twin-ridge spoiler and C-shaped tail-lights.
The Tekton will be offered with 100hp, 166Nm 1-litre and 163hp, 280Nm 1.3-litre turbo-petrol engine options. A 6-speed manual gearbox will be offered with both engines, but an automatic gearbox – a 7-speed DCT in this case – will be limited to the more powerful mill.
The Tekton is expected to be priced similarly to the Duster, which starts at Rs 10.49 lakh and goes up to Rs 18.69 lakh for the top-spec turbo-petrol variant. In addition to the Duster, the Tekton will take on the likes of the Tata Sierra, Hyundai Creta, Kia Seltos, Skoda Kushaq, Maruti Grand Vitara and more.
Wuling Starlight 560-based JSW-MG SUV
Debut date: July 16
Wuling Starlight 560 (image used for representation).
JSW-MG Motor’s new SUV debuting in July is likely to be a rebadged version of the Wuling Starlight 560 SUV, for which a design patent was filed in India in March. The Starlight 560 is a 4,745mm-long SUV and features LED headlights, 18-inch alloy wheels and LED tail-lights. Inside, the seven-seater SUV gets a dual-tone cabin, a 12.8-inch touchscreen, an 8.8-inch digital driver’s display, 6-speaker audio system, a 50W wireless phone charger and a panoramic sunroof.
In international markets, the Starlight 560 is available in plug-in hybrid and EV guises. For instance, the PHEV has a 1.5-litre petrol engine and a front-mounted electric motor powered by a 20.5kWh battery. Combined, this hybrid setup produces 195hp and 230Nm and offers a claimed range of over 1,000km. Meanwhile, the all-electric version gets a 69.2kWh battery and a 201hp motor at the front, with a CLTC-claimed range of 530km. It remains to be seen which powertrain is headed to India.
We expect it to be priced competitively, much like other MG models. The PHEV version could serve as an alternative to the Mahindra XUV 7XO and Tata Safari, while the EV may rival the Mahindra XEV 9S.
Maruti Brezza facelift
Debut date: July 23
Current Maruti Brezza (image used for representation).
The current-generation Maruti Brezza was launched in 2022, and it’s set to get a mid-lifecycle update towards the latter half of July. Several test mules of the Brezza facelift have been spied before, and among expected updates are revised bumpers and new alloy wheels and a larger 10.1-inch infotainment touchscreen, replacing the current 9-inch unit. The Brezza is currently offered with the 103hp, 137Nm 1.5-litre naturally aspirated petrol engine with a choice between 5-speed manual and 6-speed automatic gearboxes; a CNG option is on offer as well. The new Brezza could get a Victoris-like underbody CNG tank setup to liberate more space in the boot.
However, the biggest change to the new Brezza could be under the hood, as it’s expected to get a turbo-petrol engine for the first time. It’s likely going to be the 1.0-litre three-cylinder Boosterjet unit that powers the Fronx, where it generates 100hp and 148Nm. The engine could be paired with a new 6-speed manual transmission, something that was seen in one of the interior spy shots earlier.
Having a 1.0-litre turbo-petrol engine would also mean a lower 18 percent tax on the Brezza facelift variants with this engine, as they will then fall under sub-4m cars with petrol engines up to 1,200cc category. The current Brezza 1.5 attracts 40 percent GST, and is priced between Rs 8.26 lakh and Rs 12.86 lakh, ex-showroom.
Skoda Kodiaq RS
Launch date: Not disclosed yet
Even before the price announcement, the first 50 units of Skoda Kodiaq RS allocated for India are already sold out. Compared to the standard Kodiaq, the RS stands out with sportier bumpers, 20-inch alloy wheels, a larger roof spoiler, dual exhaust tips and RS badging
Under the hood, the RS has a retuned version of the standard Kodiaq’s 2.0-litre four-cylinder turbo-petrol engine, producing 265hp and 400Nm. That is 61hp and 80Nm more than the standard model. The engine is paired with a 7-speed dual-clutch automatic gearbox and an all-wheel-drive system. Skoda claims a 0-100kph time of 6.3 seconds, making it the “quickest Skoda ever [to be] launched in India”. It also gets Dynamic Chassis Control Plus adaptive suspension.
The fully imported Kodiaq RS is expected to be priced between Rs 60 lakh and Rs 65 lakh, ex-showroom). That would make it around Rs 15-20 lakh more expensive than the locally assembled Kodiaq L&K.
Honda ZR-V
Launch date: Not disclosed yet
Pre-bookings for the Honda ZR-V hybrid SUV have been underway since May and upon launch, it’ll be the brand’s flagship SUV here. It gets features like LED headlights, 18-inch alloy wheels, wraparound tail-lights, 9-inch touchscreen, a 10.25-inch digital driver’s display, dual-zone climate control, a wireless phone charger and a 12-speaker Bose sound system.
The ZR-V hybrid has a 2.0-litre four-cylinder petrol engine along with two electric motors, and this setup produces combined outputs of 184hp and 315Nm. An e-CVT sends drive to the front wheels and the SUV has a claimed 0-100kph time of 8 seconds and Honda claims a 22.79kpl mileage for the hybrid SUV. Being a CBU import, the Honda ZR-V hybrid may be priced around Rs 45 lakh, ex-showroom. If that happens, the ZR-V will find itself in the company of the Skoda Kodiaq and Volkswagen Tayron.
2026 Toyota Hilux
Launch date: Not disclosed yet
Toyota debuted the ninth-generation Hilux in 2025 and much like the outgoing model, the new pickup truck is based on the brand’s IMV body-on-frame platform. The new Hilux gets slimmer LED headlights, honeycomb-patterned grille, vertically oriented tail-lamps with C-shaped LED daytime running lamps and a chunky rear bumper. It is leagues more modern on the inside, featuring twin 12.3-inch displays, a new steering wheel, a wireless charging pad, powered and ventilated front seats and more.
The new Hilux is expected to be offered with Toyota’s 204hp, 500Nm 2.8-litre diesel engine with a 48V mild hybrid system as the Fortuner Neo Drive. While the Hilux even gets an EV version in overseas markets, that is unlikely for India. The current Hilux is priced between Rs 28.52 lakh and Rs 36 lakh, ex-showroom.
अमेरिकी और ईरान के बीच कतर में होने वाली बातचीत को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। अमेरिका का दावा है कि आज कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात में MoU पर आगे बढ़ने पर चर्चा होगी। हालांकि ईरान ने अमेरिका के साथ अंतिम समझौता वार्ता की खबरों को खारिज कर दिया है। ALSO READ: इजराइल-लेबनान समझौते पर हिजबुल्ला का विरोध, कहा- निरस्त्रीकरण मंजूर नहीं, लड़ाई रहेगी जारी
क्या है ट्रंप का दावा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अहम बातचीत होगी। उनका कहना है कि ईरान ने खुद इस बैठक का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 17 जून को हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।
बताया जा रहा है कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ दोहा के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, यह पता नहीं चला है कि ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर उनके साथ यात्रा कर रहे हैं या नहीं।
क्या बोला ईरान?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई बातचीत तय नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि अंतिम समझौते पर औपचारिक वार्ता शुरू होने की स्थिति अभी नहीं बनी है। ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ अंतिम समझौते पर अभी बातचीत शुरू नहीं हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि 17 जून को हुए समझौता ज्ञापन (MoU) की प्रमुख शर्तों को लागू किए बिना अंतिम समझौते पर वार्ता शुरू नहीं की जा सकती।
मंत्रालय ने साफ किया कि ईरान केवल एक एक्सपर्ट प्रतिनिधिमंडल दोहा भेजेगा, जो MoU को आगे बढ़ाने और कतर में फंसी ईरानी संपत्तियों को जारी करने जैसे तकनीकी मुद्दों पर काम करेगा।
कतर जारी करेगा 6 अरब डॉलर
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि कतर में फंसी ईरान की 12 अरब डॉलर की राशि में से 6 अरब डॉलर जल्द जारी कर दिए जाएंगे।
SIR in Jharkhand : झारखंड में मतदाता सूची का राष्ट्रव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का तीसरा चरण आज से शुरू हो रहा है। इसके लिए 29 जुलाई तक BLO घर-घर दस्तक देंगे। SIR अभियान को त्रुटिरहित ढंग से संचालित करने के लिए उप निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर, बूथ लेवल एजेंट तथा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया गया है। मतदाताओं को 2 कापी गणना प्रपत्र दिए जाएंगे, जिसे भरकर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को वापस करना है। एसआईआर के बाद 5 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी।
झारखंड में मतदाता सूची का राष्ट्रव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का तीसरा चरण आज से शुरू हो रहा है। इसके लिए 29 जुलाई तक BLO घर-घर दस्तक देंगे। SIR अभियान को त्रुटिरहित ढंग से संचालित करने के लिए उप निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, बीएलओ, बीएलओ सुपरवाइजर, बूथ लेवल एजेंट तथा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया गया है।
मतदाताओं को 2 कापी गणना प्रपत्र दिए जाएंगे, जिसे भरकर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को वापस करना है। एसआईआर के बाद 5 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी। राज्य के 2,64,63,236 मतदाताओं में से 2,17,20,731 मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो गई है। इनमें एक से अधिक वोटर कार्ड वाले, मृतक, बाहरी के नाम काटे गए हैं। इस चरण में बीएलओ मतदाता के घर जाएंगे और मतदाताओं को विगत विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से उनकी मैपिंग सुनिश्चित कराएंगे।
पिछले दिनों हुई मैपिंग की लिस्ट नागरिकता के लिए सुपीरियर दस्तावेज के रूप में माना गया है। उन्होंने कहा कि बीएलओ की ओर से मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म की दो प्रति उपलब्ध कराई जाएगी। मतदाता उसे बिना देर किए आवश्यक जानकारी भर और हस्ताक्षर कर बीएलओ को लौटाएंगे। दूसरी प्रति पावती के रूप में अपने पास रखेंगे। इन्यूमरेशन फॉर्म में मतदाता से विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या, ईपीआईसी (मतदाता पहचान पत्र) संख्या, नाम, पिता/ माता/ पति/ पत्नी का नाम, जन्म तिथि अथवा आयु, लिंग और पूरा पता दर्ज कराया जाएगा।
इसके अलावा मोबाइल नंबर और ई-मेल (यदि उपलब्ध हो) भी दर्ज किए जाएंगे। फॉर्म में यह घोषणा भी ली जाएगी कि संबंधित व्यक्ति उक्त पते पर सामान्य रूप से निवास करता है तथा भारत का नागरिक हैं। साथ ही परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के अन्य सदस्यों और मतदाताओं का विवरण भी दर्ज किया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं की पहले से मैपिंग हो चुकी है, उन्हें फॉर्म भरते समय किसी भी प्रकार का दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
मतदाता ceo.jharkhand.gov.in पर 2003 की मतदाता सूची, मतदान केंद्र, बीएलओ की जानकारी तथा अनमैप्ड मतदाताओं की सूची देख सकते हैं। वहीं voters.eci.gov.in के माध्यम से नाम सुधार, विलोपन तथा अन्य सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। एसआईआर से संबंधित शिकायतों के लिए संचालित 1950 काल सेंटर पर प्रतिदिन कॉल करके जानकारी ली जा सकती है।
Edited By : Chetan Gour
Latest News Today Live Updates in Hindi : केतन अग्रवाल मर्डर केस में आरोपी सिया गोयल के वकील ने उनके भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि का नोटिस भेजा। पल पल की जानकारी…
-राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में पुलिस ने चंपत राय और कृष्ण मोहन से 3 घंटे पूछताछ की। अब ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी लंबी पूछताछ तय है।
-उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने अयोध्या में नजरबंद किया।केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, सिया के वकील आशीष श्रीवास्तव ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि का नोटिस। साहिल ने वकील की नियुक्ति पर सवाल उठाए थे।
Silver Rate Today: अगर आप भी चांदी के गहने खरदीने या निवेश करने का प्लान कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। दरअसल, आज यानी 30 जून को बुलियन मार्केट में चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। जिसके बाद दिल्ली के सर्राफा बाजार में 1 किलो चांदी की कीमत 2,19,412 हो गई। वहीं, कल सुबह चांदी का भाव 2.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला था लेकिन शाम में बुलियन मार्केट में 2.19 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।
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शहर
चांदी का भाव (₹ प्रति किग्रा)
10 ग्राम का भाव (₹)
100 ग्राम का भाव (₹)
कल की गिरावट
दिल्ली
2,19,414
2,194
21,940
887 रुपये/किग्रा
लखनऊ
2,21,167
—
—
894 रुपये/किग्रा
मुंबई
2,19,631
—
—
जानकारी नहीं
हैदराबाद
2,19,850
—
—
जानकारी नहीं
पटना
2,19,412
—
—
887 रुपये/किग्रा
जयपुर
2,19,412
—
—
जानकारी नहीं
पिछले 5 महीने से 1.90 लाख रुपये सस्ती हुई चांदी
साल की शुरुआत में MCX पर चांदी का भाव 4,10,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था। वहीं, इस समय चांदी का भाव 2,19,400 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। अगर शुरु से अब तक यानी बीते पांच महीने में चांदी के दाम की तुलना करें तो इसका रेटॉ अपने पीक से 1.90 लाख रुपये कम हो गया है। फिलहाल, चांदी में अभी भी लगातार गिरावट जारी है।
चांदी की बढ़ी सेल
पिछले कुछ हफ्तों में सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट का असर अब सर्राफा बाजार में साफ दिखने लगा है। ज्वैलर्स का कहना है कि दाम घटने से ग्राहकों की खरीदारी में बढ़ोतरी हुई है और बाजार में रौनक लौटती नजर आ रही है।
इसके साथ ही कई लोग कीमतों में और गिरावट की आशंका को देखते हुए घर में रखा सोना भी बेच रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि अगर आने वाले त्योहारों के सीजन में भी कीमतें इसी तरह नरम रहती हैं, तो इसका सीधा फायदा बिक्री में देखने को मिल सकता है।
Buying a House with Cash vs Home Loan: घर खरीदना किसी भी व्यक्ति के जीवन का सबसे बड़ा फाइनेंशियल फैसला होता है। इसके लिए लोग सालों-साल पैसे जोड़ते हैं। लेकिन अगर आपके पास पर्याप्त पैसे जमा हैं, तो आपके सामने एक बड़ा सवाल खड़ा होता है क्या पूरा पैसा एक बार में कैश देकर घर खरीद लेना चाहिए या फिर होम लोन लेकर अपनी बचत को कहीं और निवेश करना चाहिए?
साल 2026 में रियल एस्टेट और होम लोन मार्केट के मौजूदा समीकरणों को देखते हुए, दोनों ही विकल्पों के अपने नफा-नुकसान हैं। आइए समझते हैं कि आपके लिए कौन सा रास्ता चुनना सबसे समझदारी भरा फैसला होगा।
कैश में घर खरीदने के फायदे: कर्ज मुक्त जिंदगी का सुकून
बिना किसी लोन के सीधे अपने पैसों से घर खरीदने का सबसे बड़ा फायदा मानसिक शांति है। आपको हर महीने बैंक की EMI चुकाने, ब्याज दरों में होने वाले बदलावों या बैंक से लोन अप्रूवल की लंबी कागजी कार्रवाई की कोई चिंता नहीं होती। घर पहले दिन से ही पूरी तरह आपका होता है।
भले ही भारत में होम लोन की दरें प्रतिस्पर्धी बनी हुई हैं, लेकिन जब आप 15 या 20 साल के लिए लोन लेते हैं, तो ब्याज के रूप में आप मूलधन से भी बहुत ज्यादा रकम बैंक को चुका देते हैं। कैश पेमेंट से यह पूरा पैसा बच जाता है।
कैश पेमेंट का नुकसान: ‘हाउस-रिच और कैश-पुअर’ होने का खतरा
पूरे पैसे एक बार में लगा देने का सबसे बड़ा नुकसान तब होता है, जब आपकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी एक ही जगह ब्लॉक हो जाती है। मान लीजिए आपने अपना सारा पैसा घर खरीदने में लगा दिया और अचानक कोई मेडिकल इमरजेंसी आ जाए या नौकरी चली जाए, तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं। प्रॉपर्टी को रातों-रात बेचकर कैश नहीं निकाला जा सकता।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स की मानें तो कभी भी ‘हाउस-रिच और कैश-पुअर’ नहीं होना चाहिए। यानी आपके पास करोड़ों का घर तो हो, लेकिन रोजमर्रा की जरूरतों और आपातकालीन स्थितियों के लिए हाथ में नकदी न बचे।
होम लोन लेने के फायदे: टैक्स छूट और निवेश की आजादी
अगर आपके पास पूरा कैश है, तब भी होम लोन लेना इन वजहों से फायदेमंद हो सकता है:
वित्तीय लचीलापन: लोन लेने से आपकी बचत का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित रहता है, जिसे आप आपातकालीन फंड, बच्चों की पढ़ाई या अपने रिटायरमेंट के लिए बचाकर रख सकते हैं।
टैक्स में बड़ी राहत: होम लोन लेने पर आपको इनकम टैक्स की विभिन्न धाराओं जैसे- ब्याज पर और मूलधन पर के तहत अच्छी-खासी टैक्स छूट मिलती है, जो कैश खरीदने पर नहीं मिलेगी।
अपॉर्चुनिटी कॉस्ट का गणित
यह पूरा फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि ‘आपका पैसा आपको कितना कमा कर दे सकता है’।
ऑप्शन- 1: अगर आपका पैसा किसी ऐसे सेविंग्स अकाउंट या कम रिटर्न वाले विकल्प में पड़ा है जहां ब्याज बहुत कम है, तो लोन के ब्याज से बचने के लिए कैश में घर खरीदना बेहतर है।
ऑप्शन- 2: अगर आप उस पैसे को म्यूचुअल फंड, इक्विटी या किसी ऐसे एसेट क्लास में निवेश करते हैं जहां लॉन्ग-टर्म में मिलने वाला रिटर्न (जैसे 12-15%), आपके होम लोन की ब्याज दर (जैसे 8-9%) से काफी ज्यादा है, तो लोन लेना गणित के हिसाब से ज्यादा फायदेमंद सौदा साबित होगा।
सबसे बेस्ट तरीका: बीच का रास्ता
ज्यादातर मामलों में एक्सपर्ट्स ‘बीच का रास्ता’ चुनने की सलाह देते हैं। इसका मतलब है कि आप न तो अपना पूरा कैश घर में लगाएं और न ही अपनी क्षमता से ज्यादा बड़ा लोन लें। सबसे समझदारी भरा तरीका यह है कि आप एक बड़ा डाउन पेमेंट कैश में कर दें और बाकी बची रकम के लिए छोटा होम लोन ले लें। इससे आपका ब्याज का बोझ भी कम हो जाएगा, टैक्स का फायदा भी मिलेगा और आपके हाथ में भविष्य की जरूरतों के लिए पर्याप्त लिक्विड कैश भी बचा रहेगा।
Ramco Systems Share Price: रैमको सिस्टम्स के शेयरों में लगातार जारी तेजी ने इनवेस्टर्स को चौंकाया है। 30 जून को भी इस शेयर में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही यह शेयर रॉकेट बन गया। एक समय तक यह 7 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया था। 29 जून को भी इस शेयर में तूफानी तेजी दिखी थी। इससे शेयर का भाव 52 हफ्ते के हाई पर पहुंच गया था।
एक महीने में 90 फीसदी चढ़ा शेयर
Ramco Systems का शेयर बीते एक महीने में करीब 90 फीसदी चढ़ चुका है। इस तेजी ने इनवेस्टर्स को चौंकाया है। खास बात यह है कि इस स्टॉक में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ी है। 29 जून को शेयर बाजार में गिरावट के बीच भी इसमें तेजी आई। 30 जून को भी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद रैमको सिस्टम्स के शेयरों में तेजी दिखी। इस तेजी से शेयर की वैल्यूएशन अचानक काफी बढ़ गई है।
FY21 के बाद पहली बार मुनाफे में आई कंपनी
30 जून को 10:15 बजे रैमको सिस्टम्स का शेयर 7.37 फीसदी चढ़कर 850 रुपये पर चल रहा था। यह कंपनी वर्ल्ड-क्लास एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्रेडक्ट/प्लेटफॉर्म ऑफर करती है। इसने अपने मल्टी-टेनेंट क्लाउड एंड मोबाइल आधारित एंटरप्राइज सॉफ्टेवर से बड़ी हलचल मचाई है। कंपनी ने FY26 में 41.84 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया है। FY21 के बाद पहली बार कंपनी मुनाफे में आई है।
30 जून को शेयर बाजार में गिराव देखने को मिला। 10:25 बजे निफ्टी 0.34 फीसदी यानी 55 अंक गिरकर 23,892 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.15 फीसदी यानी 109 अंक की कमजोरी के साथ 76,615 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी और मिडकैप इंडेक्स में हरे निशान में कारोबार हो रहा था। निफ्टी आईटी इंडेक्स में गिरावट दिखी। हालांकि, 29 जून को अमेरिकी बाजारों खासकर नैस्डेक में अच्छी तेजी आई थी। इसके बावजूद 30 जून को भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखा। टीसीएस और इंफोसिस में 2 फीसदी से ज्यादा गिरावट दिखी।
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