3 reasons to buy the Skoda Kodiaq RS and 1 not to

Skoda Kodiaq RS front tracking

The Skoda Kodiaq RS is built on the Volkswagen Group’s MQB Evo platform and finds competition in the Volkswagen Tayron R-Line. Within a claimed six minutes of Skoda opening bookings for the Kodiaq RS in India, all 50 units were already spoken for. That said, the brand could allocate a second batch for our market if there’s enough demand. If you’re a prospective buyer of this 7-seater performance SUV, here are its pros and cons.

Lively engine and gearbox

Rev-happy engine snarls when pushed, adding to the engagement

Skoda Kodiaq RS interior

Skoda has tweaked the 2.0-litre four-cylinder turbo-petrol direct injection engine for the Kodiaq RS. It now produces 265hp and 400Nm of torque – that’s 61hp and 80Nm more than the standard model. Not only does this engine pull hard all the way to 6,500rpm, but the power it produces remains usable throughout the rev-range. The 7-speed dual-clutch automatic transmission is also quick to shift and feels responsive when using the paddle shifters. Moreover, the sporty notes played through the speakers have been well-executed and do not sound fake.

A capable ride and handling package

The Kodiaq RS handles corners just as well as it does straight roads 

Skoda Kodiaq RS cornering shot

Despite being tall and heavy, the 7-seater Kodiaq RS is engaging to drive – whether that be around corners or in a straight line. One of the features that allows this are the adaptive dampers, or Dynamic Chassis Control (DCC), as VW-Skoda call it. Depending on your preference, the system can be set to one of 15 damping modes – ranging from various levels of soft and firm. In its sportiest setting, the suspension allows the RS to change directions quickly without upsetting body control even when tackling high-speed corners.

Skoda Kodiaq RS adaptive dampers

The Kodiaq RS also gets an all-wheel drive system that can send all of the engine’s torque to the rear axle, plus an electronic differential lock system. Known as the ‘XDS+’, this allows the car to brake the inner wheel to counter any understeering tendencies, leading to better agility around fast corners. Finally, the steering wheel feels responsive and is well-weighted, adding to the overall fun factor.

A sporty-looking interior

The all-black interior features RS-specific touches

Skoda Kodiaq RS seats

The all-black interior theme and sports seats at the front are similar to those of the Kodiaq Sportline. However, the seat headrests here get ‘RS’ branding, along with contrast red stitching and a textured metal finish on various surfaces and trim. Such detailing adds to the overall sporty nature of the Kodiaq RS.

Let’s now look at what’s not so good about the Skoda Kodiaq RS.

The ‘RS’ tax

The price premium could be difficult for most to jusity

Skoda Kodiaq RS RS logo

Even though the first batch of 50 units have already been spoken for, Skoda is yet to disclose the official price of the Kodiaq RS in India. However, since it’s fully imported, the price difference is expected to be around Rs 15-20 lakh more than the locally assembled Kodiaq L&K. It feels more premium and sporty than the standard model, but a price tag of about Rs 65 lakh can be hard to justify for some.

Also read

3 reasons to buy the BMW X6 and 2 reasons not to

BMW X6 vs rivals: Specifications and prices compared

भीषण गर्मी के चलते पेरिस के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ी

Europe killer heat wave

ओंकार सिंह जनौटी

पेरिस के एक शवगृह में लगातार फोन आ रहे हैं। फोन करने वाले यही पूछते हैं कि, क्या एक शव रखने की जगह मिलेगी? जौहर एर्टेली अफसोस भरी आवाज में जवाब देते हैं, “नहीं।” और ऐसा जवाब वह दिन में कई बार देते हैं।

 

एर्टेली के कोल्ड रूम में 32 शवों को रखने की जगह है। वह कहते हैं, “मुझे सैकड़ों फोन आ रहे हैं। हम एक बड़ी त्रासदी देख रहे हैं।” ALSO READ: पिछड़े देशों में पलायन से अमीर देशों को हुआ खूब फायदा

 

एर्टेली ने अपने पेशे से जुड़े अन्य लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने भी हेर्टेली को बताया कि 80 किलोमीटर दूर से भी शव पेरिस के शवगृहों तक लाए जा रहे हैं। ज्यादा जगह बनाने के लिए एर्टेली ने प्रशासन से अपने शवगृह के बाहर रेफ्रीजेरेटर लगाने की अनुमति मांगी है। पेरिस एयरपोर्ट के पास मौजूद उनके शवगृह को अब तक अतिरिक्त रेफ्रीजेरेटर लगाने की अनुमति का इंतजार है।

 

एर्टेली कहते हैं, “परिवार पीड़ा में हैं। हमारे पास उन्हें राहत देने के लिए कोई समाधान नहीं है क्योंकि अंत्येष्टि गृह भरे हुए हैं। हमारी पूरी संवेदनाएं उनके साथ हैं, लेकिन फिर भी हम कुछ नहीं कर सकते। हम एक मुश्किल से जूझ रहे हैं, बहुत बड़ी मुश्किल से।”

 

फ्रांस में पिछले हफ्ते भीषण गर्मी ने हजारों लोगों की जान ली। 24 से 27 जून तक देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। पब्लिक हेल्थ फ्रांस के मुतबिक, 24 जून को देश में 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। 25 जून को 1,400 लोग मारे गए और फिर 26 जून को भी 1,400 जानें गईं। अधिकारियों के मुताबिक, भीषण गर्मी से पहले अप्रैल और मई में औसतन एक दिन में 900 से 1,000 लोगों की मौत होती थी। शवगृहों का सिस्टम इसी संख्या के लिए तैयार किया गया था।

 

अंतिम संस्कार सेवाएं देने वाले व्यवसाय से जुड़े लोगों के मुताबिक, राजधानी पेरिस में शव रखने वाले मुर्दाघर भर चुके हैं। शहर के सिटी हॉल के मुताबिक, 20-20 की क्षमता वाली दो अस्थायी स्टोरेज यूनिट्स भी शुरू की गई है। इनके अलावा शहर के अस्पतालों में 50 अन्य शवों के लिए जगह बनाई गई है। ALSO READ: इंसाफ मांगता अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविक का परिवार

 

बदलती जलवायु की चोट कितनी घातक

फ्रांस में अब तक दर्ज मौतों में से करीब 85 फीसदी लोग 65 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। बुजुर्गों की मौत के सबसे ज्यादा मामले राजधानी क्षेत्र पेरिस और उसके आस पास सामने आए।

 

जलवायु परिवर्तन के विकराल होते असर के बीच जून 2026 के आखिर में पड़ी गर्मी ने 2003 के रिकॉर्ड भी तोड़ दिए। 2003 की गर्मियों में फ्रांस में करीब 15,000 लोगों की मौत हुई थी। उसके बाद बुजुर्गों की देखभाल को लेकर देश में कई वादे व दावे किए गए। 2025 में भी असामान्य गर्मी के कारण 5,700 से ज्यादा मौतें हुई थीं।

 

पेरिस की अंतिम संस्कार सेवा से जुड़ी वेरोनिक बेरत्रां कहती हैं कि लोग पिछली सीख भूल चुके हैं। उन्होंने कहा, “जिन लोगों की मौत हुई, उनमें से ज्यादातर अकेले रह रहे थे। उनकी स्थिति देखकर यही लगता है कि ये मौतें गर्मी के कारण हुईं।”

 

उन्होंने लोगों से ज्यादा जागरूक होने की अपील की है। उनके मुताबिक, पड़ोसियों का ध्यान रखना जरूरी है और जो लोग अकेले रहते हैं, उनकी समय समय पर मदद की जानी चाहिए।

 

बेरत्रां कहती हैं, “समय के साथ हम शायद भूल गए हैं कि ये फिर से हो सकता है। और हालात और भी खराब हो सकते हैं।” ALSO READ: ब्रेक्जिट के 10 साल: ब्रिटेन को भारी पड़ा अलग होने का फैसला

 

शवगृहों में इतनी भीड़ क्यों?

एशिया और अफ्रीका के कई देशों में जहां मृतक का अंतिम संस्कार जल्द ही कर दिया जाता है, वहीं यूरोप और अमेरिका में अंतिम संस्कार कुछ दिनों या हफ्तों बाद किया जाता है। नोटरी से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद और मृतक के रिश्तेदार, कब्रगाह में जगह के लिए कागजी कार्रवाई करते हैं, स्मृति पटल तैयार करवाते हैं। इसी दौरान शुभचिंतकों को सूचित कर, कई हफ्ते बाद की एक तारीख दी जाती है, ताकि अंतिम संस्कार में सब लोग शामिल हो सकें।

 

तब तक शव को मॉर्चुरी में रखा जाता है। अंतिम संस्कार से जुड़ी सेवाएं, दफनाने वाले दिन शव को ताबूत में तैयार करके लाते हैं और फिर आखिरी विदाई दी जाती है।

 

कितना ज्यादा तपा यूरोप

22 से 28 जून तक रही भीषण गर्मी के दौरान फ्रांस और जर्मनी के बड़े हिस्से में तापमान औसत से 12.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। ब्रिटेन में यह तपिश 10 से 12.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रही। वहीं इटली के बड़े हिस्से में तापमान औसत से 7.5 से 10 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया।

 

जलवायु परिवर्तन का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों के मुताबिक, 2015 से 2025 के बीच, आर्कटिक (1.18 डिग्री) और यूरोप (.87 डिग्री) का बेसलाइन टेम्प्रेचर सबसे ज्यादा बढ़ा है। जर्मनी, चेक गणराज्य, पोलैंड और हंगरी में 27 जून को अब तक का सबसे ज्यादा गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया।

Top News : चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय से 3 घंटे पूछताछ, भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग तय

top news 30 june

Top News 30 June : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय से पूछताछ हुई। भारत अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में पहुंची। यूक्रेन पर हमला कर रूस ने 12 लोगों की जान ली। पेराग्वे ने जर्मनी को हराकर फीफ वर्ल्ड कप 2026 का सबसे बड़ा उलटफेर किया। 30 जून की बड़ी खबरें :

 

चंपत राय से पूछताछ

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय से सोमवार को 3 घंटे तक पूछताछ की। चंपत राय से प्रशासनिक निर्णयों, चढ़ावा प्रबंधन, कर्मचारियों की जवाबदेही और शिकायतों के निस्तारण से जुड़े कई बिंदुओं पर सवाल किए गए।

 

भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने 'यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम' में बताया कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाला बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता अब पूरा होने के करीब है। समझौते का लगभग 98 से 99 प्रतिशत कानूनी काम खत्म हो चुका है। अब सिर्फ एक से दो प्रतिशत हिस्सा ही बचा है जिस पर बातचीत चल रही है।

 

कतर में भारत ईरान वार्ता नहीं

ईरान ने अमेरिका के साथ कतर की राजधानी दोहा में होने वाली संभावित वार्ता की खबरों को खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई बातचीत तय नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि अंतिम समझौते पर औपचारिक वार्ता शुरू होने की स्थिति अभी नहीं बनी है।

 

रूस का यूक्रेन पर बड़ा हमला

यूक्रेन में सोमवार को रूसी मिसाइलों और ड्रोन ने भारी तबाही मचाई। इन हमलों में 12 लोगों की जान चली गई और 40 लोग घायल हुए। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इन हमलों को भयानक बताया है और इसकी निंदा की है।

 

जर्मनी फीफा वर्ल्ड कप से बाहर

पेराग्वे ने 4 बार की चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 से बाहर किया। इसे टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। ब्राजील ने जापान को 2-1 से हराकर राउंड ऑफ 16 में एंट्री ली। इंजरी टाइम के आखिरी मिनट में गेब्रियल मार्टिनले ने गोल दागा।

edited by : Nrapendra Gupta

Asian Markets Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, निक्केई में बढ़त,US-ईरान बातचीत पर फोकस

एशियाई बाज़ार

वॉल स्ट्रीट पर रात भर की तेज़ी के बाद, मंगलवार को एशियाई बाज़ार ज़्यादातर ऊपर कारोबार कर रहे थे। जापान का निक्केई 225 0.29% और टॉपिक्स 0.17% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.92% गिरा, जबकि कोसडैक 0.88% गिरा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम शुरुआत का संकेत दिया।

गिफ्ट निफ्टी 24,011 के लेवल के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 38 पॉइंट्स का प्रीमियम था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए हल्की पॉजिटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट सोमवार को तेज़ी से ऊपर बंद हुआ, जिसमें डाउ जोन्स ने प्रमुख टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज़ी के कारण रिकॉर्ड ऊंचाई पर क्लोजिंग की।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 306.63 पॉइंट्स या 0.59% बढ़कर 52,182.74 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 86.41 पॉइंट्स या 1.18% बढ़कर 7,440.43 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 522.53 पॉइंट्स या 2.07% बढ़कर 25,820.14 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक की कीमत 1.27% बढ़ी, AMD के शेयर 3.43% बढ़े, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.18% गिरे, अमेज़न के शेयर 3.20% बढ़े, एप्पल के स्टॉक की कीमत 0.72% गिरी, अल्फाबेट के शेयर 4.96% बढ़े, मेटा 2.24% बढ़ा, टेस्ला के स्टॉक की कीमत 8.46% बढ़ी और स्पेसएक्स के शेयर 7.15% बढ़े।

US-ईरान बातचीत

ईरान ने उन खबरों से इनकार किया है कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ उसकी कोई बातचीत तय है। इस बीच, व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि US के स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीनियर सलाहकार, जेरेड कुशनर, ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए मंगलवार को दोहा जाएंगे।

जापान फैक्ट्री आउटपुट

जापान का फैक्ट्री आउटपुट मई में पिछले महीने की तुलना में उम्मीद से कम गति से बढ़ा। मई में इंडस्ट्रियल आउटपुट पिछले महीने की तुलना में 0.5% बढ़ा, जबकि औसत बाजार अनुमान 1.1% बढ़ोतरी का था। यह बढ़ोतरी का दूसरा महीना था।

आज सोने का रेट

सोने की कीमतों में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई और यह लगातार चौथे महीने गिरावट के लिए तैयार था। स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.5% गिरकर $3,957.74 प्रति औंस हो गई और यह 12.7% की मासिक गिरावट के लिए तैयार थी। अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 1.7% गिरकर $3,971.60 पर आ गया। स्पॉट सिल्वर की कीमतें 2.4% गिरकर $56.89 प्रति औंस हो गईं।

क्रूड ऑयल की कीमतें

दोहा में US-ईरान बातचीत की उम्मीद से पहले क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1.03% गिरकर $72.40 प्रति बैरल हो गई, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.83% गिरकर $70.16 पर आ गया।

डॉलर

डॉलर इंडेक्स, जो US करेंसी को छह दूसरी यूनिट्स के मुकाबले मापता है, पिछले सेशन में 0.26% गिरने के बाद 101.6 पर था, लेकिन दूसरी तिमाही में 1.3% बढ़ने की उम्मीद है। येन 40 साल के सबसे निचले स्तर 162.27 प्रति डॉलर पर आ गया। यूरो $1.14165 पर था, जबकि स्टर्लिंग पिछली बार $1.3251 पर था।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

AIIMS CRE-5 recruitment 2026: एम्स में ग्रुप बी और ग्रुप सी के पदों पर बंपर भर्ती, 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन

AIIMS CRE-5 recruitment 2026: सरकारी नौकरी की आस लगाए बैठे 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ग्रुप बी और ग्रुप सी के पदों पर बंपर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। यह उन सभी उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है जो मेडिकल क्षेत्र में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे थे। एम्स में ये भर्ती कॉमन रेक्रूटमेंट एग्जामिनेशन-5 (CRE-5) के जरिए की जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए एम्स नई दिल्ली ने 28 अलग-अलग संस्थानों में 1484 ग्रुप बी और सी पदों पर CRE-5 भर्ती 2026 निकाली है, जिसके लिए योग्य उम्मीदवार 3 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। खास बात ये है कि 12वीं पास उम्मीदवार भी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।

CRE-5 में शामिल हैं ये संस्थान

CRE-5 परीक्षा एक सिंगल-विंडो सिस्टम है, जिसे युवाओं की सहूलियत के लिए बनाया गया है। इसके तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को अलग-अलग एम्स के लिए बार-बार फॉर्म भरने या अलग से फीस चुकाने की कोई जरूरत नहीं है। इसके जरिए उम्मीदवार सिर्फ एक बार परीक्षा देंगे और मेरिट के आधार पर 28 अलग-अलग संस्थानों में अपनी जगह पक्की कर सकते हैं। इन संस्थानों में एम्स नई दिल्ली, भोपाल, पटना, गोरखपुर, ऋषिकेश, बठिंडा, नागपुर के अलावा आईसीएमआर और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।

57 अलग-अलग भर्ती समूह में बांटे गए हैं पद

इस भर्ती में कुल 57 अलग-अलग ग्रुप्स के पद रखे गए हैं। इनमें जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, असिस्टेंट डाइटीशियन, जूनियर इंजीनियर, फार्मासिस्ट, नर्सिंग ऑफिसर और क्लर्क जैसी ढेरों शानदार पोस्ट शामिल हैं।

जरूरी तारीखें

इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख 03 जुलाई 2026 (शाम 5:00 बजे तक) तय की गई है। इसके अलावा, जो लोग पहले से सरकारी नौकरी में हैं, उन्हें अपनी NOC हर हाल में 6 जुलाई तक जमा करनी होगी। फॉर्म स्वीकार होने या नहीं होने का स्टेटस 9 जुलाई 2026 को चेक किया जा सकेगा। वहीं, अगर सब कुछ तय कार्यक्रम के मुताबिक रहा, तो कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) 25 से 27 जुलाई 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा।

कौन कर सकता है अप्लाई?

शैक्षिक योग्यता : हर पद की जिम्मेदारी और योग्यता अलग-अलग तय की गई है। क्लर्क और असिस्टेंट पदों पर 12वीं पास युवाओं से लेकर ग्रेजुएट कर चुके लोग आवेदन कर सकते हैं। इनकी कंप्यूटर पर टाइपिंग स्पीड अच्छी होनी चाहिए। वहीं, टेक्निकल और मेडिकल पदों के लिए खास डिग्रियां मांगी गई हैं। मसलन, फार्मासिस्ट के लिए फार्मेसी में डिप्लोमा होना चाहिए, जूनियर इंजीनियर के लिए संबंधित ट्रेड में ग्रेजुएशन की डिग्री जरूरी है और लैब टेक्नोलॉजिस्ट के लिए बीएससी पास होना लाजमी है।

उम्र सीमा : ज्यादातर ग्रुप-C के पदों के लिए उम्र 18 से 30 साल के बीच रखी गई है। हालांकि, कुछ खास टेक्निकल पदों के लिए यह लिमिट 35 साल तक भी है। सरकारी नियमों के मुताबिक SC/ST उम्मीदवारों को उम्र में 5 साल और OBC (नॉन-क्रीमी लेयर) वालों को 3 साल की छूट दी जाएगी।

आवेदन शुल्क

परीक्षा में शामिल होने के लिए जनरल और OBC वर्ग के उम्मीदवारों को 3,000 रुपये की फीस भरनी होगी, जबकि SC, ST और EWS वालों के लिए यह फीस 2,400 रुपये तय की गई है। दिव्यांगों को फॉर्म की फीस से पूरी तरह छूट दी गई है। परीक्षा में शामिल होने वाले SC/ST उम्मीदवार का आवेदन शुल्क रिजल्ट के बाद उनके बैंक अकाउंट में वापस भेज दिया जाएगा।

आवेदन का तरीका

  • अप्लाई करने के लिए आपको एम्स की ऑफिशियल वेबसाइट www.aiimsexams.ac.in पर जाना होगा।
  • वहां OTR (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) पूरा करने के बाद CRE-5 वाले लिंक पर क्लिक करें।
  • अपने सभी जरूरी दस्तावेज, नाम, पढ़ाई की जानकारी, फोटो और सिग्नेचर ध्यान से अपलोड करें।
  • इसके बाद अपनी सहूलियत के हिसाब से परीक्षा केंद्र चुनकर ऑनलाइन फीस जमा कर दें।
  • अंत में फॉर्म को सबमिट करके कन्फर्मेशन स्लिप जरूर डाउनलोड कर लें, ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो।

SSC ASO LDCE Notification 2025: एएसओ और एलडीसीई के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, जानें कब तक कर सकेंगे आवेदन

HDFC बैंक ने एक्सिस बैंक के पूर्व एग्जीक्यूटिव पुनीत शर्मा को नियुक्त किया CFO, 1 दिसंबर से संभालेंगे कामकाज

HDFC बैंक ने सोमवार को एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि उसके बोर्ड ने 1 सितंबर,2026 से पुनीत शर्मा को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर-डेजिग्नेट (CFO-डेजिग्नेट) के तौर पर नियुक्त करने की मंज़ूरी दे दी है। वह 1 दिसंबर,2026 से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) का पद संभालेंगे। शर्मा के पास बैंकिंग,फाइनेंशियल सर्विसेज़ और स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में 26 साल से ज़्यादा का अनुभव है।

अभी तक वे एक्सिस बैंक में ग्रुप एग्जीक्यूटिव और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे। यहां उन्होंने बैंक के फाइनेंस कामकाज के साथ-साथ इन्वेस्टर रिलेशंस,लीगल,सेक्रेटेरियल और दूसरे अहम कॉर्पोरेट कामों की जिम्मेदारी संभाल रखी थी।

एक्सिस बैंक से पहले,पुनीत शर्मा टाटा कैपिटल में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर थे। वहां उन्होंने फाइनेंस से जुड़े कामकाज को मजबूत करने,रणनीतिक पहल को आगे बढ़ाने,बोर्ड और रेगुलेटरी मामलों को संभालने और कंपनी के विकास व बदलाव के एजेंडे में सहयोग देने में अहम भूमिका निभाई।

 सिटीबैंक और द बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप में भी किया काम

अपने करियर की शुरुआत में,उन्होंने सिटीबैंक और द बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप में लीडरशिप के पदों पर काम किया। इस दौरान उन्होंनें बैंकिंग,ट्रेज़री,स्ट्रैटेजी,फाइनेंशियल मैनेजमेंट और बिज़नेस ऑपरेशन्स में व्यापक अनुभव हासिल किया।

HDFC बैंक का बयान

HDFC बैंक के बयान में कहा गया है कि पुनीत शर्मा फाइनेंशियल प्लानिंग,कैपिटल मैनेजमेंट,फाइनेंशियल रिपोर्टिंग,इन्वेस्टर रिलेशंस,गवर्नेंस और रेगुलेटरी मामलों में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं। बैंक ने यह भी कहा कि उन्हें बोर्ड,रेगुलेटर,इन्वेस्टर और दूसरे अहम स्टेकहोल्डर्स के साथ काम करने का काफी अनुभव है।

फिलहाल अभी पुनीत शर्मा एक्सिस बैंक में फाइनेंस,लीगल और इन्वेस्टर रिलेशंस से जुड़े कामकाज देखते हैं और वे 31 अगस्त तक इस पद पर बने रहेंगे।

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त

बताते चले की HDFC Bank ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC)और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को अपना नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। हालांकि,उनकी नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी मिलने के बाद ही प्रभावी होगी। बैंक के बोर्ड ने उन्हें तीन साल के लिए पार्ट-टाइम चेयरमैन बनाने को मंजूरी दी है। उनका कार्यकाल RBI की मंजूरी मिलने की तारीख से शुरू होगा। HDFC Bank ने बताया है कि यह नियुक्ति बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश पर की गई है

Ashadha Gupt Navratri 2026: कब से शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि? आइए जानें सही तारीख, घटस्थापना का मुहूर्त और पूजा विधि

Ashadha Gupt Navratri 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तरह इसमें भी मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है और यह पर्व भी 9 दिनों तक चलता है। हिंदू धर्म में वर्ष में कुल चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें से दो प्रत्यक्ष (चैत्र और शारदीय) और दो गुप्त (माघ और आषाढ़) होती हैं। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक मनाई जाने वाली नवरात्रि को ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।

प्रत्यक्ष नवरात्रि में जहां सांसारिक सुख, शांति और गृहस्थ जीवन की खुशहाली के लिए माता की पूजा की जाती है, वहीं गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से साधकों, तांत्रिकों और अघोरियों के लिए विशेष महत्व रखती है। गुप्त नवरात्रि में माता दुर्गा के 9 रूपों के साथ-साथ मुख्य रूप से दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। इनमें शामिल हैं

मां काली

मां तारा

मां त्रिपुर सुंदरी

मां भुवनेश्वरी

मां छिन्नमस्ता

मां भैरवी

मां धूमावती

मां बगलामुखी

मां मातंगी

मां कमला

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि तिथि

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ : 14 जुलाई, दोपहर 3:12 बजे से

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि समाप्त : 15 जुलाई को प्रातः 11:50 बजे तक

उदयातिथि के अनुसार आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होगी और 23 जुलाई को इसका समापन होगा।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

प्रतिपदा तिथि पर ही घटस्थापना की जाती है, इसलिए इस बार 15 जुलाई को कलश स्थापना करनी होगी।

घटस्थापना मुहूर्त : प्रातः 6:01 से 10:17 बजे तक

ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 4:11 से 4:52 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त : इस दिन उपलब्ध नहीं

विजय मुहूर्त : दोपहर 2:45 से 3:40 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त : सायं 7:20 से 7:40 बजे तक

अमृत काल : दोपहर से सायं 5:27 बजे तक

पूजा की सामान्य विधि

कलश स्थापना : प्रतिपदा तिथि को सुबह शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाती है।

अखंड ज्योति : नौ दिनों तक मां के सामने घी या तिल के तेल की अखंड ज्योति जलाई जाती है।

मंत्र जाप : इस दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ या “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का मानसिक जाप करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।

सात्विकता : इन नौ दिनों में पूरी तरह सात्विक भोजन करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य होता है।

July 2026 Pradosh Vrat: जुलाई में इस दिन किया जाएगा प्रदोष व्रत, जानें दोनों उपवासों की सही तारीख और पूजा का शुभ समय

Hero Vida NEX 2 trike design patented

Nex 2 design patent image

Alongside the Xoom 125 Adventure, Hero MotoCorp has filed a design patent in India for another product first showcased at EICMA 2025 – the Vida NEX 2. Part of the Vida Novus concept line-up, the NEX 2 is a self-balancing electric trike designed for urban mobility.

  1. First shown as a concept at EICMA 2025 as part of the Vida Novus line-up
  2. Features a tilting, self-balancing three-wheel setup

Hero Vida NEX 2: What we know

The Nex 2 uses a complex front suspension setup that allows it to lean into corners

The NEX 2 was positioned at EICMA as a compact electric trike designed to combine the riding experience of a conventional two-wheeler with the added stability of three wheels. One of its defining features is a self-balancing system, which allows the vehicle to stabilise itself automatically at low speeds and when stationary.

Looking at the design patent, the NEX 2’s overall silhouette is more akin to the Yamaha Niken than the Piaggio MP3 – you sit on it like a conventional motorcycle rather than in a scooter-like stance with a flat footboard. The design features flowing bodywork with large side panels, a large windscreen and a round, likely TFT display. Power is sent to the rear wheel via a belt drive, and a swingarm-mounted number plate holder is visible. Disc brakes are fitted to both front wheels.

The patent is filed under ‘three-wheel electric motorcycle with storage compartment’, suggesting the fuel tank area may open up to provide usable storage space. The front suspension is where most engineering complexity lies, and the design images reveal an intricate arrangement that will allow the NEX 2 to lean into corners much like a conventional two-wheeler. The complexity of this system, along with the self-balancing hardware, is likely to push the NEX 2 into premium pricing territory if it does make it to production.

If the Vida NEX 2 does eventually launch, it could become the first electric trike from a mass-market manufacturer to go on sale in India, effectively creating a segment of its own. The NEX 2 forms part of the broader Vida Novus sub-brand, which Hero unveiled at EICMA 2025 alongside the NEX 1 personal mobility device and the NEX 3 compact electric car. Hero MotoCorp has not officially confirmed production plans for any of the Novus concepts, including the NEX 2, and we’ll update this story if more information becomes available.

ट्रम्प बोले- आज कतर में अमेरिका-ईरान की बातचीत होगी:अपने खास दूत विटकॉफ को भेजा; तेहरान ने बातचीत से इनकार किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अहम बातचीत होगी। ट्रम्प का कहना है कि ईरान ने खुद इस बैठक का अनुरोध किया था। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 17 जून को हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ दोहा के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, यह साफ नहीं किया गया कि ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर उनके साथ यात्रा कर रहे हैं या नहीं। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के दावे को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई राजनीतिक वार्ता तय नहीं है। मंत्रालय ने साफ किया कि ईरान केवल एक एक्सपर्ट प्रतिनिधिमंडल दोहा भेजेगा, जो MoU को आगे बढ़ाने और कतर में फंसी ईरानी संपत्तियों को जारी करने जैसे तकनीकी मुद्दों पर काम करेगा। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज से जहाजों की आवाजाही घटी: समुद्री ट्रैकिंग कंपनी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को कुल 29 मालवाहक जहाज होर्मुज से गुजरे, जबकि रविवार को यह संख्या घटकर सिर्फ 12 रह गई। 2. होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान की मीटिंग: ईरान और ओमान ने सोमवार को मस्कट में जॉइंट होर्मुज कमेटी की पहली बैठक की। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को चलाने को लेकर चर्चा हुई। 3. खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होगा इंडियन डेलिगेशन: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में बिहार के राज्यपाल जनरल सैयद हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल हो सकते हैं। 4. ईरान बोला- कतर में फंसे 6 अरब डॉलर जल्द मिलेंगे: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि कतर में फंसी ईरान की 12 अरब डॉलर की राशि में से 6 अरब डॉलर जल्द जारी कर दिए जाएंगे। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Housing Sales: ज्यादा घर, कम खरीदार? जानिए क्या बता रहा हाउसिंग सेल्स का लेटेस्ट डेटा

Housing Sales: देश के टॉप-7 शहरों में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान घरों की बिक्री में सालाना आधार पर 6% की गिरावट दर्ज की गई। ANAROCK Research की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और सप्लाई चेन की दिक्कतों की वजह से खरीदारों ने घर खरीदने का फैसला टाल दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 में करीब 90,715 घर बिके, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह संख्या 96,285 थी। वहीं, जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के मुकाबले बिक्री में 11% की गिरावट आई।

मुंबई और बेंगलुरु सबसे आगे

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) और बेंगलुरु देश के सबसे बड़े हाउसिंग मार्केट बने रहे। दोनों शहरों की हिस्सेदारी कुल बिक्री में करीब 48% रही।

MMR में करीब 28,710 और बेंगलुरु में 15,285 घरों की बिक्री हुई। सात बड़े शहरों में सिर्फ कोलकाता (10%), हैदराबाद (2%) और बेंगलुरु (1%) में बिक्री बढ़ी। वहीं, पुणे में सबसे ज्यादा 15% की गिरावट दर्ज की गई।

बिक्री घटी, लेकिन नए प्रोजेक्ट बढ़े

घरों की बिक्री धीमी रहने के बावजूद बिल्डर्स ने नए प्रोजेक्ट लॉन्च करना जारी रखा। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 में करीब 1.06 लाख नए घर लॉन्च हुए। यह पिछले साल के मुकाबले 7% ज्यादा है। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में लॉन्च 16% घटे।

MMR और बेंगलुरु ने मिलकर कुल नए लॉन्च का 53% हिस्सा जोड़ा। हैदराबाद में नए प्रोजेक्ट्स 53%, बेंगलुरु में 41% और MMR में 23% बढ़े।

महंगे घरों की मांग ज्यादा

रिपोर्ट के मुताबिक, अब खरीदारों का रुझान महंगे घरों की ओर बढ़ रहा है। 80 लाख से 1.5 करोड़ रुपये कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 27% रही। 1.5 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये वाले घरों की हिस्सेदारी 25% और 2.5 करोड़ रुपये से ऊपर के लग्जरी घरों की हिस्सेदारी 22% रही।

वहीं, 40 लाख से 80 लाख रुपये वाले मिड-इनकम सेगमेंट की हिस्सेदारी 19% रही। सबसे सस्ते यानी अफोर्डेबल हाउसिंग की हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 6% रह गई।

खरीदार क्यों हो रहे हैं सतर्क?

ANAROCK Group के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित हुई और खरीदारों का भरोसा कमजोर पड़ा। इसके अलावा, IT और ITeS सेक्टर में AI के बढ़ते असर को लेकर भी अनिश्चितता है। इसी वजह से कई लोगों ने फिलहाल घर खरीदने का फैसला टाल दिया।

उन्होंने कहा कि नए प्रोजेक्ट्स में बढ़ोतरी की वजह उन जमीनों पर लॉन्च हुए प्रोजेक्ट्स हैं, जिन्हें बड़े लिस्टेड डेवलपर्स ने 2025 में खरीदा था। हालांकि, तिमाही आधार पर डेवलपर्स ने भी सतर्क रुख अपनाया।

घरों की कीमतें अब भी बढ़ रहीं

रिपोर्ट के मुताबिक, सात बड़े शहरों में औसत रिहायशी संपत्ति की कीमतें सालाना आधार पर 7% बढ़ीं। हालांकि, तिमाही आधार पर बढ़ोतरी सिर्फ 1% रही, जिससे कीमतों की रफ्तार कुछ धीमी होती दिखी।

सबसे ज्यादा 13% की बढ़ोतरी NCR में हुई। इसके बाद बेंगलुरु में औसत कीमतें 8% बढ़ीं।

बिना बिके घरों का स्टॉक बढ़ा

जून 2026 के अंत तक सात बड़े शहरों में बिना बिके घरों की संख्या बढ़कर 6.16 लाख से ज्यादा हो गई। यह पिछले साल की तुलना में 10% अधिक है।

बेंगलुरु में बिना बिके घरों का स्टॉक 34% बढ़ा। वहीं, NCR ऐसा इकलौता बड़ा बाजार रहा, जहां इन्वेंट्री लगभग स्थिर रही।

Gold Price: पुराने गहनों की बिक्री 43% बढ़ी, कीमत गिरने के डर से मुनाफा वसूल रहे लोग

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।