PB Fintech का शेयर बाजार खुलते ही क्रैश, ब्लॉक डील के बाद बढ़ा बिकवाली का दबाव

पीबी फिनटेक का शेयर 3 जुलाई को बाजार खुलते ही क्रैश कर गया। कंपनी के शेयरों में एक बड़ी ब्लॉक डील हुई। कंपनी के 2.3 फीसदी शेयरों की बिक्री करीब 1,741 करोड़ रुपये में हुई। इसके बाद शेयरों पर बड़ा दबाव दिखा। 10 बजे शेयर 7.31 फीसदी गिरकर 1,563.50 रुपये पर चल रहा था। पहले खबर आई थी कि सिंगापुर की सॉवरेन इनवेस्टमेंट फर्म टेमासेक होल्डिंग्स पीबी फिनटेक में अपनी हिस्सेदारी घटाना चाहती है।

इस साल अब तक 14 फीसदी गिर चुका है शेयर 

PB Fintech का शेयर इस साल अब तक करीब 14 फीसदी गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी में 7 फीसदी गिरावट आई है। पीबी फिनटेक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 72,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। स्टॉक एक्सचेंज के डेटा के मुताबिक, ब्लॉक डील में 1.08 शेयरों का ट्रांजेक्शन प्रति शेयर 1,601 रुपये के रेट पर हुआ है। यह 2 जुलाई को शेयर के 1,682.10 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से करीब 4.8 रुपये का डिस्काउंट है।

अभी खरीदार और बेचने वाले की जानकारी उपलब्ध नहीं

स्टॉक एक्सचेंजों पर अभी शेयर खरीदने वाले और बेचने वाले की जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह ट्रांजेक्शन 2 जुलाई को आई खबरों के मुताबिक है। खबरों में कहा गया है था कि टेमासेक होल्डिंग्स अपनी एक सब्सिडियरी के जरिए पीबी फिनेटक के 1.19 करोड़ शेयर बेचना चाहती है। यह पीबी फिनेटक में 2.6 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। खबरों में प्रति शेयर करीब 1,909 रुपये की कीमत पर ब्लॉक डील होने का अनुमान जताया गया था।

बीते कुछ महीनों में कई बड़े शेयरहोल्डर्स ने बेची हिस्सेदारी

इस ट्रांजेक्शन से पहले टेमासेक होल्डिंग्स की सब्सिडियरी MacRitchie Investments की PB Fintech में 6.47 फीसदी हिस्सेदारी थी। सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया को इस डील का एकलौता प्लेसमेंट एजेंट बताया गया था। बताया गया था कि इस डील के बाद टेमासेक पर अपनी बाकी हिस्सेदारी बेचने के लिए 60 दिन का लॉक-अप लागू होगा। बीते कुछ महीनों में पीबी फिनटेक में कई बड़े शेयरहोल्डर्स ने हिस्सेदारी बेची है।

मई में दहिया और बंसल ने भी बेचे थे कंपनी के शेयर

इस साल मई में पीबी फिनेटक के को-फाउंडर्स यशीश दहिया और आलोक बंसल ने करीब 38 लाख शेयर बेचे थे। यह कंपनी में करीब 0.8 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर था। यह ट्रांजेक्शन 654 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील के जरिए हुआ था। मई में ही चीन की टेक्नलोजी कंपनी Tencent ने पीबी फिनटेक में अपनी बाकी 1.05 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी थी।

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लगातार तीसरे दिन शेयर बाजारों में तेजी

3 जुलाई को शेयर बाजारों में अच्छी तेजी दिखी। 10:20 बजे निफ्टी 0.68 फीसदी यानी 165 अंक चढ़कर 24,342 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.65 फीसदी यानी 506 अंक के उछाल के साथ 78,000 पर था। बैंक निफ्टी में भी 0.23 फीसदी की तेजी दिखी। आज बाजार में अच्छी तेजी का लगातार तीसरा दिन है।

Alpha Advance Bookings: ‘ऐल्फा’ ने एडवांस बुकिंग में छापे करोड़ों, आलिया भट्ट- शरवरी का एक्शन देखने को बेकरार फैंस

Alpha Advance Bookings: आलिया भट्ट, शरवरी, बॉबी देओल और अनिल कपूर की फ़िल्म ‘अल्फा’ की एडवांस बुकिंग आधिकारिक तौर पर बुधवार को शुरू हो गई, जो 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने से ठीक दो दिन पहले है। टिकटों की बिक्री शुरू होने के साथ ही, शुरुआती ट्रेड अनुमान बताते हैं कि यह एक्शन-एंटरटेनर फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर अच्छी शुरुआत करने के लिए तैयार है।

ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला ने NDTV को बताया कि ‘अल्फा’ ने अब तक एडवांस बुकिंग से 1.75 करोड़ रुपये कमाए हैं। उन्होंने आगे कहा, “फ़िल्म को पहले दिन 5 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई करनी चाहिए। अगर लोगों की प्रतिक्रिया अच्छी रही, तो यह अपने पहले वीकेंड में लगभग 15 करोड़ रुपये कमा सकती है।”

यह फ़िल्म हुमा कुरैशी की ‘बेबी डू डाई डू’ के साथ रिलीज़ होने वाली है। इस मुक़ाबले पर अपनी राय रखते हुए रमेश बाला ने कहा, “‘अल्फा’ को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए,” क्योंकि दोनों फ़िल्में बहुत अलग जॉनर की हैं और अलग-अलग तरह के दर्शकों के लिए हैं।

NDTV ने जब हुमा से पूछा कि क्या वह ‘बेबी डू डाई डू’ और ‘अल्फा’ के बीच होने वाले मुकाबले को “महिलाओं को प्राथमिकता देने वाला शुक्रवार” मानती हैं, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह महिला-केंद्रित कंटेंट के लिए बहुत अच्छा समय है।”

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि एक ही दिन एक से ज़्यादा फ़िल्मों के बीच मुकाबला हो सकता है और वे सभी अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं। ऐसा क्यों हो कि सिर्फ़ लड़कों पर केंद्रित फ़िल्मों के बीच ही मुकाबला हो?” उन्होंने आगे कहा, “इसके बावजूद, हमारी फ़िल्म बहुत छोटी है और इसे पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से बनाया गया है, इसलिए हमें बस थोड़ी सी जगह चाहिए।”

ये दोनों फ़िल्में एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। ‘बेबी डू डाई डू’ हाल ही में शुरू हुए ‘सलीम सिब्लिंग्स’ बैनर के तहत बनी एक स्वतंत्र फ़िल्म है, जबकि ‘अल्फा’ यश राज फ़िल्म्स की फ़िल्म है और स्टूडियो के ब्लॉकबस्टर ‘YRF स्पाई यूनिवर्स’ की पहली महिला-प्रधान फ़िल्म है। आलिया भट्ट और शरवरी अभिनीत यह एक्शन-एंटरटेनर फ़िल्म इस साल स्टूडियो की सबसे बड़ी रिलीज़ में से एक है।

ब्रेंडन मक्कलम ने बेन स्टोक्स के सामने संन्यास ना लेने की लगाई थी गुहार

इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने खुलासा किया कि उन्होंने बेन स्टोक्स से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के अपने फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया था लेकिन तब तक वह अपना मन बना चुके थे।इंग्लैंड सोमवार को ट्रेंटब्रिज में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा और अंतिम टेस्ट 160 रन से हार गया। स्टोक्स ने इस मैच के चौथे दिन ही संन्यास की घोषणा कर सभी को चौंका दिया।

मैकुलम ने प्रसारणकर्ता से कहा, ‘‘जब उन्होंने मुझे बताया कि वह संन्यास लेने जा रहे हैं तो मैंने उन्हें मनाने की कोशिश की थी। लेकिन तब तक वह अपना मन बना चुके थे और अपने फैसले पर अडिग थे।’’उन्होंने कहा, ‘‘उनके फैसले से निश्चित तौर पर मैं थोड़ा उदास हो गया था क्योंकि हम चार साल से इस सफर में साथ रहे हैं और यह एक रोमांचक अनुभव रहा है। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस दौरान स्टोक्स के साथ इतने करीब से काम करने का मौका मिला। मैं उन्हें अपना दोस्त, एक सच्चा दोस्त मानता हूं।’’

मैकुलम ने कप्तान और खिलाड़ी के रूप में स्टोक्स के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें बहुत अच्छा नेतृत्वकर्ता बताया।उन्होंने कहा,‘‘वह शानदार नेतृत्वकर्ता हैं। लोग उनका अनुसरण करते हैं। चाहे वह मैदान पर हों, ड्रेसिंग रूम में हों, टीम होटल में हों, लोग उनका अनुसरण करते हैं क्योंकि वह अपनी छाप छोड़ते हैं। वह अपने विचारों और तरीकों पर पूरा भरोसा रखते हैं।’’

Ben Stokes

मैकुलम ने कहा, ‘‘क्रिकेट अनिश्चितता का खेल है लेकिन वह अपनी उपस्थिति से इसमें स्थिरता लाते थे। वह बेमिसाल व्यक्तित्व के धनी हैं। परिस्थिति कैसी भी हो वह पीछे नहीं हटते और अपने पर पूरा विश्वास रखते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमें बेन की बहुत कमी खलेगी। उनके जैसे खिलाड़ी की जगह भरना बहुत मुश्किल है। लेकिन यही तो दुनिया का नियम है। कोई भी खिलाड़ी हमेशा नहीं खेल सकता, कोई भी हमेशा कप्तान नहीं रह सकता। अभी हम स्टोक्स की उपलब्धियों का जश्न मनाना चाहते हैं। इसके बाद ही आगे के बारे में सोचेंगे।’’

Sanae Takaichi: कौन हैं सनाए ताकाइची जिन्हें पीएम मोदी ने कहा ‘छोटी बहन’? संभाल रही हैं जापान की कमान

Japan PM Sanae Takaichi: भारत और जापान के बीच हमेशा से ही गहरे और मजबूत रणनीतिक संबंध रहे हैं। लेकिन नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान यह रिश्ता एक नए और बेहद आत्मीय मोड़ पर पहुंच गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद जापान की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को अपनी ‘छोटी बहन’ कहकर संबोधित किया।

पीएम मोदी ने ताकाइची को एक दूरदर्शी और ‘जापान फर्स्ट प्रधानमंत्री’ बताया। वैश्विक मंच पर जब चीन की आक्रामकता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है, ऐसे में एक महिला नेता के हाथ में जापान की कमान होना और भारत के साथ उनका यह तालमेल बेहद अहम माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची आखिर कौन हैं और उनका अब तक का सफर कैसा रहा है।

कौन हैं सनाए ताकाइची?

सनाए ताकाइची का जन्म 1961 में जापान के नारा प्रांत में हुआ था। वह जापान की राजनीति में एक बेहद कद्दावर, प्रखर और राष्ट्रवादी नेता के रूप में जानी जाती हैं। जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) से जुड़ी ताकाइची ने रूढ़िवादी और पुरुष-प्रधान माने जाने वाले जापानी राजनीतिक परिदृश्य में अपनी एक अलग और बेहद मजबूत पहचान बनाई है। वह जापान के पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री शिंजो आबे की बेहद करीबी और उनकी नीतियों की प्रबल समर्थक रही हैं।

रॉक बैंड से लेकर पीएम की कुर्सी तक का सफर

ताकाइची की शख्सियत काफी दिलचस्प और बहुआयामी है। राजनीति में आने से पहले अपने कॉलेज के दिनों में वह एक हेवी मेटल रॉक बैंड में ड्रम बजाती थीं और उन्हें मोटरबाइक्स चलाने का बेहद शौक रहा है। उन्होंने कोबे यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और बाद में प्रतिष्ठित ‘मात्सुशिता इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नमेंट एंड मैनेजमेंट’ से राजनीति की बारीकियां सीखीं। उन्होंने अमेरिका में कांग्रेसनल फेलो के रूप में भी काम किया है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय राजनीति का गहरा अनुभव मिला।

जापान की राजनीति में ‘आयरन लेडी’ की छवि

सनाए ताकाइची को जापान की ‘आयरन लेडी’ भी कहा जाता है। वह अपनी स्पष्टवादिता और मजबूत आर्थिक व रक्षा नीतियों के लिए जानी जाती हैं। वह जापान की सैन्य ताकत को मजबूत करने और रक्षा बजट को बढ़ाने की वकालत करती रही हैं। शिंजो आबे की तरह ही वह भी ‘इकोनॉमिक्स’ और एक स्वतंत्र व खुले इंडो-पैसिफिक के विजन को आगे बढ़ा रही हैं।

पीएम मोदी से जुड़ाव और भारत-जापान का नया अध्याय

शिखर वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सनाए ताकाइची की यह भारत यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख रही है। दोनों देशों ने साफ संकेत दिया है कि उनकी यह ऐतिहासिक साझेदारी अब केवल व्यापार और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में भारत और जापान मिलकर रक्षा, अत्याधुनिक तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, मजबूत सप्लाई चेन और ग्रीन एनर्जी जैसे अहम और रणनीतिक मोर्चों पर एक साथ मिलकर कदम बढ़ाएंगे।

दिल्ली में 6 लेन टनल परियोजना को मिली हरी झंडी, वेस्ट और साउथ दिल्ली के बीच होगी बेहतर कनेक्टिविटी

केंद्र सरकार ने बुधवार को एक नई छह लेन वाली सड़क सुरंग (टनल) परियोजना को मंजूरी दे दी है। ये परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से तैयार की जाएगी। करीब 8.1 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर लगभग 6,970 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस सड़क परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा और इसे पूरा होने में लगभग पांच साल लग सकते हैं। ये परियोजना द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ेगी। इसके पूरा होने के बाद वेस्ट और साउथ दिल्ली के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

कहां से कहां तक होगी परियोजना

इस परियोजना की सबसे खास बात साउथ दिल्ली के रंगपुरी (सदर्न दिल्ली) रिज के नीचे बनने वाली करीब 3.14 किलोमीटर लंबी दोहरी सुरंग (ट्विन-ट्यूब टनल) होगी। इसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) टेक्नोलॉजी से तैयार किया जाएगा, ताकि पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे। सुरंग का बड़ा हिस्सा जंगल के नीचे से होकर गुजरेगा, जिससे प्राकृतिक क्षेत्र सुरक्षित रहेगा और लोगों को बेहतर यातायात सुविधा भी मिल सकेगी। ये टनल शिव मूर्ति इंटरचेंज से शुरू होकर वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग और महिपालपुर-छतरपुर रोड के चौराहे के पास जाकर खत्म होगी।

इन योजनाओं पर भी होगा काम

टनल के बाहर यातायात को सुचारु बनाने के लिए इस परियोजना में नेल्सन मंडेला मार्ग पर करीब 1.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी। इसके अलावा छतरपुर से महिपालपुर जाने वाले वाहनों के लिए एक नया फ्लाईओवर और ट्रैफिक जाम कम करने के लिए एलिवेटेड यू-टर्न भी बनाया जाएगा। वहीं, एनएचएआई भविष्य में एम्स से महिपालपुर तक एक एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर भी काम कर रहा है, जो इस नई टनल को बारापुला एलिवेटेड रोड से जोड़ेगा।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद वेस्ट, साउथ और ईस्ट दिल्ली के साथ-साथ गाजियाबाद और नोएडा के बीच सफर पहले से अधिक आसान और तेज हो जाएगा। इससे पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बेहतर रोड नेटवर्क मिलेगा, जिससे लोगों का यात्रा समय भी कम होने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट तक होगी बेहतर कनेक्टिविटी

ये नई सड़क परियोजना द्वारका एक्सप्रेसवे, अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) और वसंत कुंज के बीच तेज और बिना सिग्नल वाला संपर्क उपलब्ध कराएगी, जिससे वेस्ट और साउथ दिल्ली के बीच ट्रैवल टाइम काफी कम हो जाएगा। इसके अलावा साउथ और पूर्वी दिल्ली से गुरुग्राम, द्वारका और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंच भी पहले से अधिक आसान और तेज होगी। इस कॉरिडोर का उद्देश्य प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना और रिहायशी, व्यावसायिक तथा एयरपोर्ट क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

मिलेगी इतनी नौकरी

सरकार के मुताबिक, इस परियोजना के निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। आधिकारिक अनुमान के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रत्येक लेन-किलोमीटर के निर्माण से सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से कई लोगों को काम मिलता है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ने की भी उम्मीद है। सरकारी अनुमान के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से लगभग 7.54 लाख पर्सन-डे डायरेक्ट नौकरी और 9.80 लाख पर्सन-डे इनडायरेक्ट नौकरी मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, सड़क संपर्क बेहतर होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी, जिससे भविष्य में रोजगार के नए अवसर बनने की संभावना है।

Housing Sales: ज्यादा घर, कम खरीदार? जानिए क्या बता रहा हाउसिंग सेल्स का लेटेस्ट डेटा

Housing Sales: देश के टॉप-7 शहरों में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान घरों की बिक्री में सालाना आधार पर 6% की गिरावट दर्ज की गई। ANAROCK Research की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और सप्लाई चेन की दिक्कतों की वजह से खरीदारों ने घर खरीदने का फैसला टाल दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 में करीब 90,715 घर बिके, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह संख्या 96,285 थी। वहीं, जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के मुकाबले बिक्री में 11% की गिरावट आई।

मुंबई और बेंगलुरु सबसे आगे

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) और बेंगलुरु देश के सबसे बड़े हाउसिंग मार्केट बने रहे। दोनों शहरों की हिस्सेदारी कुल बिक्री में करीब 48% रही।

MMR में करीब 28,710 और बेंगलुरु में 15,285 घरों की बिक्री हुई। सात बड़े शहरों में सिर्फ कोलकाता (10%), हैदराबाद (2%) और बेंगलुरु (1%) में बिक्री बढ़ी। वहीं, पुणे में सबसे ज्यादा 15% की गिरावट दर्ज की गई।

बिक्री घटी, लेकिन नए प्रोजेक्ट बढ़े

घरों की बिक्री धीमी रहने के बावजूद बिल्डर्स ने नए प्रोजेक्ट लॉन्च करना जारी रखा। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 में करीब 1.06 लाख नए घर लॉन्च हुए। यह पिछले साल के मुकाबले 7% ज्यादा है। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में लॉन्च 16% घटे।

MMR और बेंगलुरु ने मिलकर कुल नए लॉन्च का 53% हिस्सा जोड़ा। हैदराबाद में नए प्रोजेक्ट्स 53%, बेंगलुरु में 41% और MMR में 23% बढ़े।

महंगे घरों की मांग ज्यादा

रिपोर्ट के मुताबिक, अब खरीदारों का रुझान महंगे घरों की ओर बढ़ रहा है। 80 लाख से 1.5 करोड़ रुपये कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 27% रही। 1.5 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये वाले घरों की हिस्सेदारी 25% और 2.5 करोड़ रुपये से ऊपर के लग्जरी घरों की हिस्सेदारी 22% रही।

वहीं, 40 लाख से 80 लाख रुपये वाले मिड-इनकम सेगमेंट की हिस्सेदारी 19% रही। सबसे सस्ते यानी अफोर्डेबल हाउसिंग की हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 6% रह गई।

खरीदार क्यों हो रहे हैं सतर्क?

ANAROCK Group के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित हुई और खरीदारों का भरोसा कमजोर पड़ा। इसके अलावा, IT और ITeS सेक्टर में AI के बढ़ते असर को लेकर भी अनिश्चितता है। इसी वजह से कई लोगों ने फिलहाल घर खरीदने का फैसला टाल दिया।

उन्होंने कहा कि नए प्रोजेक्ट्स में बढ़ोतरी की वजह उन जमीनों पर लॉन्च हुए प्रोजेक्ट्स हैं, जिन्हें बड़े लिस्टेड डेवलपर्स ने 2025 में खरीदा था। हालांकि, तिमाही आधार पर डेवलपर्स ने भी सतर्क रुख अपनाया।

घरों की कीमतें अब भी बढ़ रहीं

रिपोर्ट के मुताबिक, सात बड़े शहरों में औसत रिहायशी संपत्ति की कीमतें सालाना आधार पर 7% बढ़ीं। हालांकि, तिमाही आधार पर बढ़ोतरी सिर्फ 1% रही, जिससे कीमतों की रफ्तार कुछ धीमी होती दिखी।

सबसे ज्यादा 13% की बढ़ोतरी NCR में हुई। इसके बाद बेंगलुरु में औसत कीमतें 8% बढ़ीं।

बिना बिके घरों का स्टॉक बढ़ा

जून 2026 के अंत तक सात बड़े शहरों में बिना बिके घरों की संख्या बढ़कर 6.16 लाख से ज्यादा हो गई। यह पिछले साल की तुलना में 10% अधिक है।

बेंगलुरु में बिना बिके घरों का स्टॉक 34% बढ़ा। वहीं, NCR ऐसा इकलौता बड़ा बाजार रहा, जहां इन्वेंट्री लगभग स्थिर रही।

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July 2026 Pradosh Vrat: जुलाई में इस दिन किया जाएगा प्रदोष व्रत, जानें दोनों उपवासों की सही तारीख और पूजा का शुभ समय

July 2026 Pradosh Vrat: हिंदी कैलेंडर में हर माह कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव कैलाश पर प्रदोष काल में प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते है। इसलिए त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में पूजा का विशेष महत्व है। इस व्रत का नाम भी प्रदोष व्रत इसी कारण पड़ा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नियमित प्रदोष व्रत करने से पितृ दोष से शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। जुलाई में लगभग पूरे समय आषाढ़ का महीना रहेगा। इस माह में भी हर माह की तरह दो प्रदोष व्रत किए जाएंगे। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस माह में दोनों प्रदोष व्रत रविवार को होने का संयोग बन रहा है। ऐसे में इन्‍हें रवि प्रदोष कहा जाएगा। आइए जानें इस दोनों व्रतों की सही तारीख और पूजा का शुभ समय क्या रहेगा?

आषाढ़ कृष्ण पक्ष रवि प्रदोष व्रत 2026

इस बार आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष का रवि प्रदोष व्रत रविवार 12 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है। ऐसे में शिव और सूर्य का संयोग बहुत ही शुभ माना गाया है। इस दिन भक्‍त व्रत रखकर इन दोनों का ही आशीर्वाद पा सकते हैं। साथ ही इस संयोग से जीवन में मान-सम्‍मान बढ़ता है और दीर्घ आयु मिलती है।

आषाढ़ कृष्ण पक्ष रवि प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त

12 जुलाई 2026 को प्रात: 2 बजकर 4 मिनट पर त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा और रात्रि 10 बजकर 29 मिनट पर त्रयोदशी तिथि समाप्‍त हो जाएगी। प्रदोष व्रत की पूजा के लिए शाम 7 बजकर 22 मिनेट से लेकर रात्रि 9 बजकर 24 मिनट तक का समय सबसे शुभ है।

आषाढ़ शुक्ल पक्ष रवि प्रदोष व्रत 2026

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष का रवि प्रदोष व्रत रविवार 26 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा। आषाढ़ में पड़ने वाले प्रदोष व्रत में भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा करने से, सभी पापों से मुक्ति मिलती है। धार्मिक शास्‍त्रों के आधार पर यह वो समय होता है, जब भगवान शिव प्रसन्‍न होते हैं और भक्‍तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

आषाढ़ शुक्ल पक्ष रवि प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त

26 जुलाई 2026 को दोपहर 1 बजकर 57 मिनट पर त्रयोदशी तिथि आरंभ होगी और 27 जुलाई 2026 को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर तिथि समाप्‍त हो जाएगी। प्रदोष व्रत की पूजा 26 जुलाई को शाम 7 बजकर 16 मिनट से लेकर रात्रि 9 बजे से लेकर 21 मिनट तक की जा सकती है।

रवि प्रदोष का महत्‍व

रवि प्रदोष का व्रत रखने से भक्‍त निरोग रहता है और समाज में उसका यश भी बढ़ता है। साथ ही भगवान शिव और सूर्य देव की विशेष कृपा भी प्रप्‍ता होती है।

Jyeshtha Purnima 2026 Upay: आज ज्येष्ठ पूर्णिमा पर आज सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए जरूर करें ये उपाय, जानें इनके बारे में

वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस में स्काइडाइवर्स को ले जा रहा विमान क्रैश: पायलट समेत 11 की मौत

मृतकों में पांच स्काइडाइविंग प्रशिक्षक और पहली बार स्काइडाइव करने आए पांच लोग शामिल हैं। विमान स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई। विमान एयरफील्ड के किनारे रिहायशी इलाके और शॉपिंग सेंटर के पास गिरा, लेकिन कुछ मीटर के अंतर से आसपास के घर बड़ी दुर्घटना से बच गए। हादसे के समय पहली बार स्काइडाइव करने आए लोगों के परिजन एयरफील्ड पर मौजूद थे। कई लोगों ने दुर्घटना अपनी आंखों के सामने देखी, जिससे वे गहरे सदमे में हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में पांच नर्स भी शामिल थीं, जो पहली बार स्काइडाइविंग का अनुभव लेने आई थीं। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट न्यूनेज़ ने बताया कि पेरिस अभियोजन कार्यालय ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। फ्रांसीसी विमानन सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, सैन्य और व्यावसायिक उड़ानों को छोड़कर यह फ्रांस के इतिहास का सबसे बड़ा निजी विमान हादसा माना जा रहा है।

वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस में स्काइडाइवर्स को ले जा रहा विमान क्रैश: पायलट समेत 11 की मौत

मृतकों में पांच स्काइडाइविंग प्रशिक्षक और पहली बार स्काइडाइव करने आए पांच लोग शामिल हैं। विमान स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई। विमान एयरफील्ड के किनारे रिहायशी इलाके और शॉपिंग सेंटर के पास गिरा, लेकिन कुछ मीटर के अंतर से आसपास के घर बड़ी दुर्घटना से बच गए। हादसे के समय पहली बार स्काइडाइव करने आए लोगों के परिजन एयरफील्ड पर मौजूद थे। कई लोगों ने दुर्घटना अपनी आंखों के सामने देखी, जिससे वे गहरे सदमे में हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में पांच नर्स भी शामिल थीं, जो पहली बार स्काइडाइविंग का अनुभव लेने आई थीं। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट न्यूनेज़ ने बताया कि पेरिस अभियोजन कार्यालय ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। फ्रांसीसी विमानन सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, सैन्य और व्यावसायिक उड़ानों को छोड़कर यह फ्रांस के इतिहास का सबसे बड़ा निजी विमान हादसा माना जा रहा है।

Iran-US War: गुड न्यूज! अमेरिका और ईरान हमले रोकने पर हुए सहमति, कतर में होगी होर्मुज पर वार्ता

Iran-US War: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच एक गुड न्यूज आई है। अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर के बावजूद दोनों देशों की तरफ से किए गए हमले के बाद यह सहमति बनी है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए ‘एक्सियोस’ (Axios) ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद को सुलझाने के लिए मंगलवार 30 जून को कतर में बैठक करेंगे।

यह घटनाक्रम कई दिनों से चल रहे सैन्य टकराव के बढ़ने के बाद पहली बड़ी कूटनीतिक सफलता हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्ष दोहा में बातचीत आगे बढ़ने के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “हमने सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है।”

कतर में होर्मुज पर होगी चर्चा

कतर की राजधानी दोहा में होने वाली बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। यह दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स में से एक है, जहां हालिया हमलों ने शिपिंग को बाधित किया है।

इसके अलावा, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने रिपोर्ट दी है कि 17 जून को हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत दोनों पक्षों के बीच तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने बताया, “MoU के सभी क्षेत्रों पर तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। दोनों पक्ष फिलहाल पीछे हटेंगे और जहाज स्वतंत्र रूप से आ-जा सकेंगे।” यह उस समझौते का जिक्र है जिसके तहत होर्मुज को समुद्री ट्रैफिक के लिए फिर से खोला जाएगा।

ईरान के हमले के बाद शुरू हुआ युद्ध

गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कार्गो जहाज पर ईरानी प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट) के हमले के बाद लड़ाई फिर से शुरू हो गई थी। इसमें दोनों देशों ने एक-दूसरे पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। रविवार तड़के ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइलें और ड्रोन दागे। इससे कुछ समय पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर इस्लामिक रिपब्लिक संघर्ष खत्म करने के समझौते का सम्मान करने में विफल रहता है, तो उसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा।

ट्रंप ने दी चेतावनी

होर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर हमले के कुछ घंटों बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हमले भी किए थे। यह एक प्रमुख वैश्विक ऊर्जा शिपिंग रूट्स है जिसे तेहरान ने संघर्ष के दौरान काफी हद तक बंद कर दिया था। ‘Axios’ की रिपोर्ट प्रकाशित होने से पहले, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई तेज कर सकता है।

ट्रंप ने लिखा, “एक समय ऐसा आ सकता है जब हम अब समझदारी से काम न ले पाएं, और हमें उस काम को सैन्य रूप से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े जिसे हमने बहुत सफलतापूर्वक शुरू किया था।” उन्होंने आगे कहा, “अगर ऐसा होता है, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व ही नहीं रहेगा!

राजनयिक कोशिशों को झटका लगा

17 जून के अंतरिम शांति समझौते का मकसद लड़ाई रोकना, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम समेत बड़े मुद्दों पर बातचीत का रास्ता बनाना था। स्विट्जरलैंड में मध्यस्थता वाली बातचीत का एक दौर पहले ही हो चुका था, जिसकी अगुवाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने की थी।

वाशिंगटन ने तेहरान पर लगे प्रतिबंध भी हटा दिए थे। लेकिन इन राजनयिक कोशिशों के बावजूद सैन्य टकराव फिर से शुरू हो गया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसकी नौसेना और वायु सेना ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। उसने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमलों ने संघर्ष-विराम का उल्लंघन किया है।

IRGC ने चेतावनी दी कि अमेरिकी हमलों के कारण सभी राजनयिक प्रक्रियाएं पूरी तरह से रुक जाएंगी। जबकि उसके नौसैनिक कमांड ने कहा कि इस इलाके में अमेरिकी ठिकानों को आने वाले दिनों में नरक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को पुष्टि की है कि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था। लेकिन कहा कि किसी अमेरिकी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

इलाके में तनाव बरकरार

इजरायल ने रविवार को दक्षिणी लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर एक और हमला किया। इससे पहले शनिवार को भी लेबनान के साथ हुए हालिया संघर्ष-विराम समझौते के बावजूद एक अलग हमला किया गया था। ईरान का कहना है कि अगर व्यापक क्षेत्रीय समझौते को बनाए रखना है, तो लेबनान में लड़ाई खत्म होनी चाहिए।

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वहीं, दूसरी ओर बहरीन ने कहा कि ईरान के हमले से मुहर्रक प्रांत में एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा है। लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग की है।