आज का मौसम 12 जुलाई: IMD ने यूपी संग इन 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, इन इलाकों में आएगी बवंडर वाली आंधी

India Weather today: देश भर में मानसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 12 जुलाई के लिए देश का ताजा मॉर्निंग वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी इस बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत समेत देश के कुल 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बवंडर जैसी तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। जबकि दक्षिण के एक राज्य में लू का असर भी देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक आज देश के तीन प्रमुख राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन राज्यों में शामिल हैं:-

बिहार

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

इन क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे नदी जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत इन 12 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने आज उत्तर प्रदेश सहित देश के कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में आज तेज मानसूनी बारिश देखने को मिलेगी:-

पूर्वी उत्तर प्रदेश

पंजाब

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरराबाद

झारखंड और ओडिशा

छत्तीसगढ़

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

अरुणाचल प्रदेश

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का बवंडर

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया है। इसे हवा की गति के आधार पर वर्गीकृत किया गया है:-

1. 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली

आज जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार बवंडर वाली हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

2. 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में आज 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की गई है।

3. इन राज्यों में केवल आकाशीय बिजली का अलर्ट

उत्तराखंड, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में आज गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

तटीय आंध्र प्रदेश में लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के एक इलाके के लिए गर्मी की चेतावनी दी है। IMD के अनुसार, आज तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है, जिससे यहां के लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा।

कल का मौसम 12 जुलाई: दिल्ली से यूपी-बिहार तक भारी बारिश का तांडव, IMD ने आंधी तूफान का ये अलर्ट दिया

Weather Forecast for July 12: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 12 जुलाई को मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी तटीय इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

कुल मिलाकर, 12 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहेगी। पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। जबकि कई राज्यों में तेज़ हवाओं और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा।

मध्य भारत

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में भी कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने का अनुमान है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, इसलिए निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

पूर्वी भारत

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा:-

  • बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
  • झारखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
  • गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
  • ओडिशा में भी भारी बारिश के साथ तेज़ हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा का दौर जारी रहेगा। जबकि मेघालय और असम के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन तथा नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पश्चिम भारत

कोंकण, गोवा, गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। कोंकण और गोवा में कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है।

दक्षिण भारत

केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके अलावा तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कुछ स्थानों पर लू (हीट वेव) जैसी स्थिति बने रहने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों का मौसम

बीते 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पंजाब और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

सबसे अधिक बारिश मेघालय के चेरापूंजी क्षेत्र में लगभग 19 सेंटीमीटर दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश के नाहन में 16 सेंटीमीटर, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में 8 से 16 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।

राज्यों के अनुसार कल (12 जुलाई) का वेदर फोरकास्ट

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड के कीर्तिनगर में 13 सेमी और हिमाचल के नाहन में 16 सेमी बारिश के बाद कल भी पहाड़ी इलाकों में भारी से बहुत भारी (Heavy to Very Heavy) बारिश का अलर्ट है। भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है।

उत्तर प्रदेश और बिहार: पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश हिस्सों में कल भी झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। पटना, बेगूसराय और खगड़िया समेत बिहार के कई जिलों में भारी बारिश (Heavy Rainfall) की चेतावनी है।

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR: पंजाब के लुधियाना और कपूरथला में भारी बारिश (7 सेमी) के बाद कल भी पंजाब और हरियाणा-दिल्ली के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।

असम, मेघालय और नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा: पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी स्थानों पर मानसून सक्रिय है। चेरापूंजी और मौसिनराम में भारी तबाही के बाद कल भी इन राज्यों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रह सकती है।

पश्चिम बंगाल और झारखंड: गंगा के मैदानी इलाकों (Gangetic West Bengal) और झारखंड (जामताड़ा, गोड्डा) के अधिकांश हिस्सों में कल भी भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम थोड़ा शुष्क या छिटपुट बारिश वाला रह सकता है।

दक्षिण भारत व तटीय कर्नाटक: तटीय कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों में कल मानसून मेहरबान रहेगा। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राजस्थान और गुजरात: राजस्थान (पूर्वी और पश्चिमी) और गुजरात क्षेत्र के अलग-अलग (Isolated) स्थानों पर ही कल केवल छिटपुट बौछारें पड़ने की उम्मीद है। यानी यहां मानसून की रफ्तार फिलहाल थोड़ी धीमी है।

तापमान का हाल: उमस और गर्मी ने बढ़ाई चिंता

बारिश के बावजूद देश के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया है:-

  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1°C से भी अधिक दर्ज किया गया, जिससे वहां भीषण गर्मी का माहौल है।
  • यूपी, बिहार, ओडिशा, असम और राजस्थान के कई इलाकों में भी रात का तापमान (न्यूनतम तापमान) सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा, जिससे लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे ठंडा स्थान

देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान मध्य प्रदेश के खरगोन में 19.4°C दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में कल यात्रा करते समय सावधानी बरतें। आकाशीय बिजली (Lightening) चमकने के दौरान खुले खेतों या पेड़ों के नीचे जाने से बचें।

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लोगों के लिए सलाह

  • भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  • नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।
  • स्थानीय प्रशासन और भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों का पालन करें।

IMD Heavy Rain Alert: अगले 7 दिन इन राज्यों में होगी आफत की बारिश! 60 Kmph की आंधी भी, बिहार से लेकर MP तक 17 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

Weekly Weather Forecast: देशभर में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 से 17 जुलाई तक के लिए देशभर का साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान पूर्वी, मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है।

इस दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में जहां मूसलाधार बारिश का संकट मंडरा रहा है। वहीं, मध्य भारत में तेज आंधी-तूफान का अलर्ट है। दूसरी ओर, दक्षिण के कुछ हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है।

आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम:-

मध्य भारत: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रहेगा:-

  • 14 से 17 जुलाई के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना।
  • 11 से 15 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में मूसलाधार बारिश

पूर्वी भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।

  • बिहार में 13 से 15 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना।
  • 11 और 12 जुलाई को बिहार के कुछ इलाकों में अति भारी बारिश हो सकती है।
  • झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी कई दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट।
  • कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी।

पूर्वोत्तर भारत: मेघालय में सबसे ज्यादा खतरा

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है:-

  • 11 जुलाई को मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
  • 12 जुलाई को असम और मेघालय में अति भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूरे सप्ताह कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना।
  • पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा और महाराष्ट्र में बरसेंगे बादल
  • कोंकण और गोवा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश।
  • गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी लगातार हल्की से मध्यम बारिश का दौर।

दक्षिण भारत: बारिश भी, हीटवेव भी

  • केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश के आसार।
  • 11 जुलाई को तमिलनाडु में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी।
  • तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 जुलाई को हीटवेव का अलर्ट जारी।

कहां चलेगी तेज हवा?

IMD के मुताबिक, कई राज्यों में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं:-

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ

झारखंड

अंडमान-निकोबार

तमिलनाडु

ओडिशा

बीते 24 घंटे: कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?

पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई।

  • चेरापूंजी (मेघालय) – 19 सेमी
  • मौसिनराम (मेघालय) – 17 सेमी
  • नाहन (हिमाचल प्रदेश) – 16 सेमी
  • फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) – 16 सेमी
  • कीर्तिनगर (उत्तराखंड) – 13 सेमी
  • बिक्रम (पटना, बिहार) – 10 सेमी

लोगों के लिए जरूरी सलाह

  • भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • स्थानीय प्रशासन और IMD की एडवाइजरी का पालन करें।

इन राज्यों में आज ‘अत्यधिक भारी’ बारिश का अलर्ट, पूर्वोत्तर में आफत

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जुलाई को मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) होने की आशंका है। इसके अलावा:-

  • असम और मेघालय में 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। जबकि 13 से 17 जुलाई के बीच भी भारी बारिश जारी रहेगी।
  • अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। इन सभी राज्यों में 15 जुलाई तक आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों के लिए भी मौसम विभाग ने चिंता जताई है:-

  • बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 11 और 12 जुलाई को ‘बहुत भारी बारिश’ (Very Heavy Rainfall) होने के आसार हैं। बिहार में 13 से 15 जुलाई के बीच भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
  • झारखंड में 12 से 14 जुलाई, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल में 11-13 व 16-17 जुलाई और ओडिशा में 11 से 15 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।
  • मध्य और पश्चिम भारत: आंधी-तूफान के साथ 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    मध्य भारत में बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं का तांडव देखने को मिल सकता है।

  • पूर्वी मध्य प्रदेश (11-14 जुलाई) और विदर्भ (13-15 जुलाई) में आंधी-तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • पश्चिम मध्य प्रदेश में 11 से 14 जुलाई के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • छत्तीसगढ़ में 14 से 17 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश होने की उम्मीद है। वहीं, कोंकण, गोवा और गुजरात के इलाकों में भी 17 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा।

लू (Heat Wave) की चेतावनी

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में पानी बरस रहा है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के अलग-अलग इलाकों में 11 और 12 जुलाई को भीषण लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी गई है।

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज भी राहत नहीं, बादल छाए रहेंगे, IMD ने बारिश को लेकर दिया ये अलर्ट

Delhi Weather Today 11 July: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार, 11 जुलाई की सुबह न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) ने आज दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश और आसमान में बादल छाए रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। हालांकि मौसम विभाग की ओर से आज के लिए कोई बड़ा या गंभीर अलर्ट जारी नहीं किया गया है। लेकिन दिनभर रुक-रुक कर छिटपुट बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।

दिल्ली के मौसम केंद्रों पर टेंप्रेचर का हाल

दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में शनिवार को न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये सामान्य से 0.7 डिग्री सेल्सियस कम है। हालांकि यह एक दिन पहले (शुक्रवार) के न्यूनतम तापमान से 0.8 डिग्री सेल्सियस अधिक है।

लोधी रोड: यहां न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा। ये जो शुक्रवार के मुकाबले 0.5 डिग्री ज्यादा है।

पालम: यहां न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसमें पिछले दिन की तुलना में 0.1 डिग्री की मामूली बढ़त देखी गई।

आयानगर: यहां का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। ये शुक्रवार की तुलना में 1.4 डिग्री सेल्सियस कम है।

रिज: यहां न्यूनतम तापमान 23।5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जो शुक्रवार के मुकाबले 0.6 डिग्री सेल्सियस कम है।

अधिकतम तापमान में आ सकती है तेजी, बढ़ेगी गर्मी!

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है। लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम कार्यालय ने बताया है कि अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने की संभावना तो है लेकिन आने वाले पूरे हफ्ते में बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है। यानी आने वाले दिनों में दिल्लीवासियों को बारिश से राहत मिल सकती है लेकिन तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।

दिल्ली की हवा अभी भी संतोषजनक कैटेगरी में

बारिश और मानसूनी हवाओं के चलते दिल्ली की वायु गुणवत्ता अभी भी नियंत्रण में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार सुबह 9 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 91 दर्ज किया गया। ये संतोषजनक कैटेगरी में आता है। इससे पहले शुक्रवार शाम 4 बजे तक का 24 घंटे का औसत एक्यूआई (AQI) 65 दर्ज किया गया था।

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CPCB के मानक: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सीपीसीबी के मानकों के मुताबिक 0-50 के बीच AQI को अच्छा, 51-100 को संतोषजनक, 101-200 को मध्यम, 201-300 को खराब, 301-400 को बेहद खराब और 401-500 के बीच AQI को गंभीर माना जाता है।

आज का मौसम 11 जुलाई: दिल्ली, यूपी-बिहार संग 15 राज्यों में IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, इन जगहों पर आएगा बवंडर

India Weather Today: देश भर में मानसून की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 11 जुलाई के लिए देश का ताजा वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है। लेकिन उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण अब भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किलोमीटर के बीच सक्रिय है।

इसके अलावा मानसून की अक्षीय रेखा इस समय श्री गंगानगर, रोहतक, बरेली, गोरखपुर, पूर्णिया से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर त्रिपुरा तक जा रही है। इन मजबूत मौसमी प्रणालियों के असर से आज दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है:-

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने से आज देश के कई हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से शामिल हैं:-

बिहार

पूर्वी उत्तर प्रदेश

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

इन राज्यों के अलग-अलग इलाकों में आज भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके चलते नदी जलस्तर बढ़ने और जलभराव जैसी समस्याओं को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर और यूपी-पंजाब समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कई राज्यों में आज हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है:-

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पश्चिमी उत्तर प्रदेश

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

पंजाब

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरराबाद

अरुणाचल प्रदेश

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का बवंडर

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली गिरने और बवंडर जैसी तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। आज अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की पूरी संभावना है।

इसी तरह बिहार, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

ये भी पढ़ें- Post Office Hit Scheme: पोस्ट ऑफिस में जमा करें ₹15 लाख, हर महीने बिना कुछ किए खाते में आएंगे ₹9,250; देखें पूरा कैलकुलेशन

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में आज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आज आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सतह पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

कल का मौसम 11 जुलाई: IMD ने इन 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, बिहार-पूर्वी यूपी समेत पूर्वोत्तर में बरसेंगे बादल, यहां आंधी-तूफान

India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 जुलाई के लिए देश भर का विस्तृत मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के इवनिंग वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस समय मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर कम दबाव का क्षेत्र लगातार बना हुआ है। इसके साथ ही इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 9.5 किलोमीटर ऊपर तक फैल गया है। मानसून की अक्षीय रेखा इस समय गंगानगर, रोहतक, मध्य उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर मिजोरम तक जा रही है। इन मजबूत मौसमी प्रणालियों, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के सक्रिय होने के चलते 11 जुलाई को देश के 12 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और कई हिस्सों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 11 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज-

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इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 11 जुलाई को देश के 7 राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन राज्यों में शामिल हैं-

  • बिहार
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

इन सभी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इससे स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

IMD ने 11 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है:

  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख
  • अरुणाचल प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने 11 जुलाई देश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक 11 जुलाई को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बिजली गिरने की पूरी संभावना है। बिहार, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ सिर्फ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। 11 जुलाई को आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सतह पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

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Autocar India completes Pune to Prague road trip in Skoda Kylaq

skoda kylaq p2p

Autocar India, in collaboration with Skoda India, has completed the Pune-to-Prague (P2P) road trip in the Kylaq compact SUV. This is one of the longest overland expeditions ever undertaken in a made-in-India passenger vehicle, with the Kylaq covering 19,351km over a span of 70 days.

As the name suggests, P2P began at the Skoda Auto Volkswagen India manufacturing facility in Pune, and concluded in Prague – the home of the Czech carmaker – spanning two continents and 13 countries along the way.

Skoda Kylaq proves its engineering mettle in P2P

During the P2P road trip, the Kylaq experienced a smorgasbord of terrains and climates. Starting in Pune, the compact SUV travelled through Mumbai, Vadodara, Udaipur, Jaipur, Agra, Lucknow, and Gorakhpur, before crossing into Nepal. The journey then continued across the Tibetan Plateau in China, the ancient Silk Road through Kyrgyzstan, Uzbekistan, and Kazakhstan, before heading into Georgia, Türkiye, Bulgaria, Romania, Hungary, and Slovakia, eventually concluding in Prague.

Throughout the drive, the Kylaq encountered altitudes ranging from -154 metres to 5,364 metres above sea level, while temperatures varied between -12 deg-C and 43 deg-C. The Kylaq also tackled mountain passes, high-altitude plateaus, sweeping long-distance highways, and historic trade routes, exposing the compact SUV to diverse road, weather, and driving conditions. At the end, the Kylaq finished the journey with no issues – not even a puncture or a scratch.

Highlights during the Kylaq P2P trip included stumbling upon a classic car rally in Bratislava, checking out the Transylvanian Bran Castle in Bucharest, witnessing glowing hot air balloons at the crack of dawn in Cappadocia, crossing the Bosphorus bridge that connects Asia and Europe, barrelling down the arrow-straight roads of Kazakhstan, visiting the 17th-century Potala Palace in China, and so much more.

Commenting on the achievement, Ashish Gupta, brand director of Skoda India, said that the Kylaq P2P was a “powerful demonstration of what Indian engineering and manufacturing can achieve on the global stage.”

कल का मौसम 10 जुलाई: उत्तराखंड में रेड वॉर्निंग, IMD ने यूपी समेत इन 22 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

India Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को अपने सामान्य समय से महज एक दिन की देरी से पूरे देश में छा चुका है। उत्तर अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर करने के साथ ही मानसून पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ये अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा मानसून ट्रफ और अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से कल कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने वाला है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

उत्तराखंड के लिए रेड वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए उत्तराखंड को सबसे संवेदनशील जोन में रखा है। राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बिजली कड़कने और गरज-चमक की भी चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश समेत इन 5 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 10 जुलाई को देश के 5 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जैसी स्थिति है-

उत्तर प्रदेश (कम दबाव का क्षेत्र बने होने के कारण व्यापक असर दिखेगा)

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • इन सभी राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
  • दिल्ली-हरियाणा और बिहार समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने 10 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • हिमाचल प्रदेश
  • पूर्वी मध्य प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • मध्य महाराष्ट्र
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
  • केरल और माहे
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।

इसी तरह बिहार, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

मौसम को प्रभावित करने वाले बड़े सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक देश भर में इस भारी बारिश के पीछे एक साथ कई मानसूनी सिस्टम काम कर रहे हैं-

  • उत्तर प्रदेश पर लो-प्रेशर: दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला एक ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ सक्रिय है।
  • मानसून ट्रफ: मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अनूपगढ़, रोहतक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, फुर्सतगंज, देहरी, धनबाद, बांकुरा, दीघा से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
  • ऑफ-शोर ट्रफ: समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से लेकर उत्तरी केरल तक एक ऑफ-शोर ट्रफ लगातार बनी हुई है।
  • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाके में समुद्र तल से 5।8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
  • अन्य चक्रवाती हवाएं: उत्तरी बिहार, पूर्वी बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाइयों पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं जो नमी को खींच रहे हैं।

IMD का बारिश पर बड़ा अलर्ट: यूपी-उत्तराखंड 2 दर्जन से ज्यादा राज्यों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी, 15 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून के असर की वजह से जबर्दस्त बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश ने कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं और कई लैंडस्लाइड देखने को मिली हैं। इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ते हुए आज 9 जुलाई को उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लिया है। इसके साथ ही मानसून ने सामान्य तिथि (8 जुलाई) से महज 1 दिन की देरी से 9 जुलाई को पूरे देश में अपनी दस्तक दे दी है। पूरे भारत में मानसून के सक्रिय होने के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत दो दर्जन से अधिक राज्यों के लिए 15 जुलाई तक भारी से बेहद भारी बारिश और आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का हाई अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों के भीतर कुछ राज्यों में बादलों का सबसे रौद्र रूप देखने को मिलेगा। यहां अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है:

  1. उत्तराखंड: 9 और 10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।
  2. पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 9 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।
  3. देश भर के राज्यों का विस्तृत क्षेत्रीय पूर्वानुमान (9 से 15 जुलाई)
  4. उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-उत्तराखंड में लगातार बरसेंगे बादल

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जुलाई और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 से 13 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 9 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 10 जुलाई को बहुत भारी और 11 जुलाई को भारी बारिश होगी। पूर्वी यूपी में 9 से 11 जुलाई तक बहुत भारी बारिश और 12-13 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। 9 जुलाई को दोनों हिस्सों में बिजली कड़कने की चेतावनी है।

  • उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तराखंड में 9-10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 11 से 15 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।
  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 9-10 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। यहां 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है। पंजाब में 9 जुलाई को व्यापक बारिश के साथ ही 9 जुलाई और 11-12 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।
  • जम्मू-कश्मीर और राजस्थान: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9-12 जुलाई तक व्यापक बारिश, भारी बारिश (11-12 जुलाई) और 15 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है। पूर्वी राजस्थान में 9 जुलाई को भारी बारिश और 9-10 जुलाई को गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान का अलर्ट

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9 जुलाई को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 9-10 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। इन दोनों क्षेत्रों में 9 से 13 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। पश्चिमी हिस्से में 9 जुलाई को और पूर्वी हिस्से में 9-10 जुलाई को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 9 जुलाई और फिर 13-15 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी जबकि 9 जुलाई को भारी बारिश और 9-13 जुलाई तक बिजली चमकने का अलर्ट है। विदर्भ में 9 जुलाई और 14-15 जुलाई को व्यापक बारिश होने के आसार हैं।

पूर्वी भारत: बिहार और बंगाल में बहुत भारी बारिश की मार

बिहार: बिहार में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 10 से 11 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिससे 10-12 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9-10 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 11-15 जुलाई को भारी बारिश होगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 9 से 13 जुलाई तक भारी बारिश और 9-10 जुलाई को तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

झारखंड और ओडिशा: झारखंड में 12-15 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि 13 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। ओडिशा में 13-14 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में 15 जुलाई तक आफत

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 9 और 10 जुलाई को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके बाद 11 से 15 जुलाई के दौरान इन क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी, जिसमें 9 से 11 जुलाई के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी भारत: कोंकण और गोवा में मूसलाधार जारी

कोंकण और गोवा: इस क्षेत्र में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक और भारी बारिश का दौर बना रहेगा। यहां 9 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य महाराष्ट्र और गुजरात: मध्य महाराष्ट्र में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र, मारूवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 15 जुलाई तक छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तेलंगाना में थंडरस्कॉल का अलर्ट

तेलंगाना: तेलंगाना में 9 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से भयानक आंधी-तूफान आने की चेतावनी दी गई है। 10 से 15 जुलाई तक यहां तेज हवाएं चलेंगी।

केरल और कर्नाटक: केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। तटीय कर्नाटक में 9-15 जुलाई तक व्यापक बारिश और 9-10 जुलाई को भारी बारिश होगी। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 9 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 9-10 जुलाई को भारी बारिश होगी और 9-10 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

बकरी कान हिलाए तो समझो बारिश आए! हमारे किसान इन 5 पशुओं, पक्षियों, कीटों को देख बता देते थे कब और कितनी होगी बरसात

सालों से, भारतीय किसानों ने आसमान को समझने के अपने तरीके विकसित किए थे। ये कोई बिखरी हुई लोक-मान्यताएं या अलग-थलग परंपराएं नहीं थीं। कई इलाकों में, समुदाय बहुत ध्यान से देखे-परखे गए तरीकों को अपनाते थे। ये तरीके पीढ़ियों तक बेहतर बनाए गए, ग्रंथों में दर्ज किए गए और बहुत ही एकरूपता के साथ आगे की पीढ़ियों तक पहुंचाए गए।

खबरों के अनुसार, भारत में बारिश का अनुमान लगाने के कुछ सबसे पुराने तरीके खगोल विज्ञान से गहराई से जुड़े थे। खगोल विज्ञान और समय की गणना पर सबसे शुरुआती भारतीय ग्रंथों में से एक, ‘वेदांग ज्योतिष’ ने ‘पंचांग’ (हिंदू कैलेंडर) की नींव रखी, जिसका इस्तेमाल आज भी देश के कई हिस्सों में किया जाता है। सूरज, चांद और तारों की चाल पर नजर रखकर, इस तरीके से लोगों को मौसम में बदलाव और बारिश के पैटर्न का अंदाजा लगाने में मदद मिलती थी।

सदियों बाद, खगोलशास्त्री और विद्वान वराहमिहिर ने इन विचारों को और आगे बढ़ाया। छठी सदी ईस्वी में लिखी अपनी रचना ‘बृहत्संहिता’ में, उन्होंने बारिश, खगोलीय घटनाओं और वायुमंडलीय स्थितियों के बीच संबंधों का वर्णन किया। कुछ शोधकर्ताओं के अनुसार, इन अवलोकनों के कुछ हिस्से आधुनिक मौसम विज्ञान की अवधारणाओं से मिलते-जुलते हैं।

कई गांवों में, हिंदू नव वर्ष के दौरान ‘ग्राम जोशी’ या गांव का ज्योतिषी सालाना बारिश और फसल के बारे में भविष्यवाणियां पढ़कर सुनाता था। पीढ़ियों से चली आ रही गणनाओं पर आधारित ये भविष्यवाणियां अक्सर किसानों को आने वाले खेती के मौसम की योजना बनाने में मदद करती थीं।

कई रिपोर्टों के अनुसार, समय के साथ किसानों ने खगोलीय परंपराओं के साथ-साथ मौसम का अनुमान लगाने के स्थानीय तरीके भी विकसित किए। आंध्र प्रदेश की ऐसी ही एक परंपरा थी ‘तट्टा संकेतम’; इसमें अनाज से भरी टोकरी के ऊपर एक गिलास रखा जाता था और एक बच्चा उसे सावधानी से संतुलित करता था। गिलास अंत में जिस दिशा में गिरता था, उसे ग्रहों की स्थिति के साथ जोड़कर देखा जाता था और माना जाता था कि इससे आने वाले मॉनसून के मिजाज का पता चलता है।

पीढ़ियों से, किसान अपने घरों और खेतों के आस-पास होने वाले बदलावों को समझना भी सीख गए थे। बकरियों का बार-बार कान फड़फड़ाना, रात भर उल्लुओं का लगातार बोलना और लाल बालों वाली इल्लियों का तेजी से सुरक्षित जगह की ओर बढ़ना – ये सभी इस बात के संकेत माने जाते थे कि बारिश होने वाली है। बाद में वैज्ञानिकों ने पाया कि कई कीड़े इंसानों के महसूस करने से बहुत पहले ही अपने एंटीना से नमी में होने वाले बदलावों का पता लगा सकते हैं। शायद इसीलिए ऐसी बातें अक्सर सही साबित होती थीं।

मधुमक्खियों का जल्दी अपने छत्तों में लौटना और मकड़ियों का तेजी से अपने जाले ठीक करना बदलते मौसम की और चेतावनियां मानी जाती थीं। इसके अलावा, शाम के समय खाना पकाने से निकलने वाला धुआं, जो ऊपर उठने के बजाय नीचे ही रहता था, उसे हवा में नमी बढ़ने का संकेत माना जाता था।

खबरों के मुताबिक, किसान शायद ही कभी सिर्फ एक संकेत पर निर्भर रहते थे। इसके बजाय, वे बुवाई का फैसला करने से पहले कई संकेतों की जांच-पड़ताल करते थे और खेती से जुड़े फैसलों में वैसी ही सावधानी और अनुशासन बरतते थे, जिसकी अनिश्चितता के कारण जरूरत होती थी।