चारधाम यात्रा होगी और आसान! बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे को जोड़ने वाली 900 मीटर सुरंग तैयार

Char Dham Yatra Route Tunnel: अब चार धाम यात्रा के लिए जानें वाले श्रद्धालुओं को जाम और रोड से जुड़ी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे को जोड़ने वाली 900 मीटर लंबी सुरंग का काम पूरा हो गया है। जिसे चार धाम यात्रा मार्ग पर इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह सुरंग ऋषिकेश-बद्रीनाथ नेशनल हाईवे को केदारनाथ नेशनल हाईवे से जोड़ती है। बता दें कि यह एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसमें अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा डबल-लेन मोटर ब्रिज भी शामिल है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पुल का निर्माण अपने आखिरी चरण में है और 31 अगस्त से गाड़ियों का ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि अगर ट्रायल रन सफल रहे, तो चार धाम यात्रा का तीसरा चरण नई बनी सुरंग और पुल से होकर गुजरेगा, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों का सफर आसान और कम भीड़-भाड़ वाला होगा।

डीएम ने दी जानकारी

रिपोर्ट के अनुसार, रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा ने कहा कि पुल का काम 31 अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद इसकी क्वालिटी, सुरक्षा और तकनीकी मानकों की जांच के लिए टेस्टिंग और ट्रायल की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इस नए मार्ग के शुरू होने से बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले यात्रियों की आवाजाही काफी आसान होने की उम्मीद है। मौजूदा बद्रीनाथ हाईवे रुद्रप्रयाग बाजार से होकर गुजरता है, जहां सड़क संकरी होने के कारण अक्सर लंबे ट्रैफिक जाम लगते हैं

उम्मीद है कि इस नए रास्ते से बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वालों का सफर काफ़ी आसान हो जाएगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अभी बद्रीनाथ हाईवे रुद्रप्रयाग बाजार से होकर गुज़रता है, जो एक संकरा रास्ता है और जहां अक्सर लंबा ट्रैफिक जाम लगता है। नया रास्ता शुरू होने के बाद, तीर्थयात्री जवारी बाईपास का इस्तेमाल करके सीधे इन दोनों तीर्थस्थलों की ओर जा सकेंगे और भीड़-भाड़ वाले बाजार वाले इलाके से पूरी तरह बच सकेंगे।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि यह पहल सिर्फ ट्रैफिक मैनेजमेंट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह चार धाम यात्रा की कुल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इस यात्रा के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु बद्रीनाथ और केदारनाथ आते हैं।

अधिकारियों को उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय कम होगा, हिमालयी राज्य के सबसे व्यस्त तीर्थयात्रा मार्गों में से एक पर भीड़ कम होगी और कुल मिलाकर यात्रा ज्यादा सुरक्षित और बेहतर ढंग से आयोजित हो सकेगी।

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UP Police recruitment 2026: यूपी पुलिस में जल्द शुरू होगी 81,000 पदों पर भर्ती, अलग-अलग चरणों में जारी होगा नोटिफिकेशन

UP Police recruitment 2026: उत्तर प्रदेश के राज्य पुलिस बल का हिस्सा बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए ये अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने 2026 के लिए एक बड़ी भर्ती प्रक्रिया की घोषणा की है। इसमें पुलिस विभाग में 81,000 से ज्यादा पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड (UPPRPB) द्वारा की जाएगी। यह घोषणा राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के मौके बढ़ाने की चल रही कोशिशों के तहत की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को समय पर और निष्पक्ष तरीके से पक्का करने का निर्देश दिया है। हाल के नोटिस के अनुसार, यूपी पुलिस के लिए यह भर्ती चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। इसमें अलग-अलग कैटेगरी के पदों के लिए अलग-अलग नोटिफिकेशन आने की उम्मीद है। भर्ती प्रक्रिया में सिविल पुलिस के साथ-साथ तकनीकी और विशेष श्रेणी सहित कई तरह के पद शामिल होंगे। 81,000 से ज्यादा पदों की योजना के साथ, यह भर्ती प्रक्रिया हाल के वर्षों में राज्य द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया में से एक होने का अनुमान है। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे नोटिफिकेशन जारी होने और एप्लीकेशन टाइमलाइन की जानकारी के लिए रेगुलर ऑफिशियल अपडेट चेक करते रहें।

यूपी पुलिस 2026 के लिए कई पदों पर वैकेंसी

अधिकारियों ने बताया है कि पदों की विस्तृत जानकारी अलग-अलग नोटिफिकेशन के जरिए शेयर की जाएगी। कैंडिडेट अपनी योग्यता और पसंद के हिसाब से आवेदन कर सकेंगे।

किन पदों पर होंगी नियुक्तियां

यूपी पुलिस के कई विभागों में- कॉन्स्टेबल, सब-इंस्पेक्टर (SI), जेल वार्डर, रेडियो कैडर, कंप्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क और अन्य तकनीकी व मिनिस्ट्रियल सहित अन्य पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

इन भर्तियों के लिए क्या होगी योग्यता

यूपी पुलिस विभाग में पद के अनुसार अलग-अलग योग्यता निर्धारित है। कॉन्स्टेबल पद के लिए अभ्यर्थी का केवल 12वीं उत्तीर्ण, वहीं सब-इंस्पेक्टर पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी का स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। कई पदों पर आवेदन के लिए 12वीं पास के साथ कंप्यूटर सर्टिफिकेट भी अनिवार्य है। पद के अनुसार विस्तृत शैक्षिक योग्यता नोटिफिकेशन आने के बाद चेक कर सकेंगे।

यूपी पुलिस के लिए भर्ती प्रक्रिया और अगले चरण

उम्मीद है कि यूपीपीआरपीबी अलग-अलग स्टेज में नोटिफिकेशन जारी करेगा, जिसमें हर पद के लिए योग्यता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी तारीखें बताई जाएंगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित नोटिफिकेशन में दिए गए निर्देशों का पालन करें और आवेदन शुरू होने पर उसी के अनुसार आवेदन करें।

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उत्तर प्रदेश में ये 4 नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट हुए मंजूर, पूर्वांचल से विंध्य तक जबर्दस्त तरीके से बदलेगी कनेक्टिविटी

UP Expressway news: उत्तर प्रदेश के व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित यूपी कैबिनेट की बैठक में राज्य के रोड नेटवर्क को मजबूती देने के लिए चार नए प्रमुख एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी गई है। इन मंजूरियों में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले दो लिंक एक्सप्रेसवे के साथ-साथ प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक का एलाइनमेंट शामिल है।

आइए जानते हैं इन चारों नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तार से और यह भी समझते हैं कि कैसे ये स्टेट की सुपर डेवलपमेंट स्पीड को सपोर्ट कर सकते हैं-

12264 करोड़ रुपये से ज्यादा के 2 ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे

कैबिनेट ने दो लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए संशोधित और अंतिम रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल को मंजूरी दी है। इनकी कुल लागत 12,264 करोड़ रुपये से अधिक है। पहला है 50.98 किलोमीटर लंबा आगरा-लखनऊ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लिंक। यह 6-लेन वाला ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल कॉरिडोर होगा। इसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इसका निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत करीब 4775.84 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जाएगा।

इसमें दूसरा है 90.84 किलोमीटर लंबाई वाला फर्रुखाबाद के रास्ते आगरा-लखनऊ से गंगा एक्सप्रेसवे लिंक। यह फर्रुखाबाद के रास्ते आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। यह 6-लेन (8 लेन तक विस्तार योग्य) ग्रीनफील्ड लिंक होगा। इस प्रोजेक्ट के निर्माण में अनुमानित 7,488.74 करोड़ रुपये की लागत आएगी। डेवलपर्स के चयन के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। चुनी गई एजेंसियों को लगभग 36 महीनों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होगा और उसके बाद अगले 5 वर्षों तक सड़क का रखरखाव करना होगा।

26315 करोड़ रुपये की लागत वाला ‘विंध्य एक्सप्रेसवे’

कैबिनेट ने राज्य के दक्षिणी और विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए विंध्य एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को हरी झंडी दे दी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 26315 करोड़ रुपये होगी। यह 6-लेन वाला एक्सप्रेसवे होगा। इसे जरूरत पड़ने पर 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। यह प्रस्तावित कॉरिडोर प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों के लिए आवागमन और सड़कोंकी कनेक्टिविटी को सीधे तौर पर बेहतर बनाएगा।

पूर्वांचल को जोड़ने वाला विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक

पूर्वी उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक (विकल्प-1) के एलाइनमेंट को भी मंजूरी दी है। यह करीब 9039 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला प्रोजेक्ट है। यह लिंक गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली को आपस में जोड़ेगा, जिससे पूर्वी यूपी के इन जिलों में सड़कों का नेटवर्क काफी मजबूत होगा।

एक्सप्रेसवे ग्रिड से मिलेगा बड़ा आर्थिक फायदा

राज्य सरकार के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे को मिलाकर एक सीमलेस एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार करना है। इस इंटिग्रेटेड नेटवर्क से लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और कुशल हो जाएगी। यात्रा के समय और ईंधन की खपत में भारी कमी आएगी। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

Lucknow Housing Scheme: लखनऊ समेत UP के 6 जिलों में बनेंगे 13.36 लाख सस्ते घर, जानिए LDA का पूरा प्लान

UP SCR Affordable Housing Plan: उत्तर प्रदेश के राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) में रहने वाले और घर खरीदने का सपना देखने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। लखनऊ सहित एससीआर के 6 प्रमुख जिलों में बड़े स्तर पर आवासीय योजनाएं आकार लेने जा रही हैं। इस योजना के तहत कुल 48.75 लाख आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें आम और गरीब लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 13.36 लाख किफायती यानी सस्ते मकान शामिल होंगे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महा-परियोजना से लगभग 33.40 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। आइए जानते हैं कि किस जिले में कितने घर बनेंगे, जमीन की क्या तैयारी है और किस एजेंसी को इसका जिम्मा दिया गया है।

वर्ष 2051 की जरूरतों को ध्यान में रखकर खींचा गया खांचा

SCR के गठन के बाद लखनऊ और इसके आसपास के क्षेत्र रोजगार और व्यापार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। बाहरी जिलों से आने वाले लोगों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने के मकसद से 10 जुलाई को हुई विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक में इस मेगा प्लान को मंजूरी दी गई।

2051 तक कुल जरूरत: 48.75 लाख घर।

सस्ते घर (EWS & LIG): 13.36 लाख घर।

योजना का क्षेत्रफल: कुल 70 हजार एकड़ में आवासीय योजनाएं विकसित होंगी।

पहला चरण: शुरुआती चरण में 9,940 एकड़ जमीन पर आवासीय परियोजनाएं धरातल पर उतारी जाएंगी।

जिला-वार डेटा: किस जिले में कितने बनेंगे सस्ते आवास?

एससीआर में शामिल लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई और रायबरेली में घरों की जरूरत और सस्ते मकानों का आंकड़ा कुछ इस प्रकार है:

एससीआर में शामिल लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई और रायबरेली में घरों की जरूरत और सस्ते मकानों का आंकड़ा कुछ इस प्रकार है:

किस जिले में कितनी भूमि की होगी जरूरत?

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, इन योजनाओं को आकार देने के लिए कुल 70,000 एकड़ जमीन की जरूरत होगी।

लखनऊ: 35,600 एकड़

उन्नाव: 7,500 एकड़

रायबरेली: 7,400 एकड़

सीतापुर: 7,300 एकड़

बाराबंकी: 6,900 एकड़

हरदोई: 4,200 एकड़

किन-किन लोकेशनों पर आएंगी आवासीय योजनाएं?

इस पूरे प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की मुख्य जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), सूडा (SUDA) और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को सौंपी गई है। सीतापुर रोड पर नैमिष नगर, आगरा एक्सप्रेसवे के पास वरुण विहार, सुलतानपुर रोड किसान पथ के पास आईटी सिटी और वेलनेस सिटी।  सीतापुर के नैमिषारण्य, हरदोई के संडीला इंडस्ट्रियल एरिया, बाराबंकी में सूडा, उन्नाव के नवाबगंज और रायबरेली के बछरावां में हाउसिंग बोर्ड की योजनाएं आएंगी।

मकान का साइज, स्टाइल और संभावित कीमत

एरिया साइज: इन सस्ते आवासों का क्षेत्रफल औसतन 83.5 वर्ग मीटर (लगभग 898.78 वर्ग फीट) रखा जाएगा।

ग्रुप हाउसिंग बनाम प्लॉट: रायबरेली में प्लॉट्स और ग्रुप हाउसिंग का अनुपात 50-50 प्रतिशत रहेगा। जबकि बाकी जिलों में ग्रुप हाउसिंग (फ्लैट्स) की संख्या अधिक होगी और प्लॉट्स अपेक्षाकृत कम रहेंगे।

कीमत: राजधानी लखनऊ में फिलहाल 15 से 20 लाख रुपये में सस्ते फ्लैट मिल जाते हैं। हालांकि, एससीआर भविष्य की दीर्घकालिक योजना है, इसलिए इन नए मकानों की अंतिम दरें आने वाले समय में तय की जाएंगी।

वाराणसी में बनेगा 500 बेड का अत्याधुनिक कामकाजी महिला छात्रावास, कैबिनेट में भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव को मिली मंजूरी

500 bed ultra-modern working women's hostel will be built in Varanasi

– 6000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को होगी नि:शुल्क हस्तांतरित

– 'नो प्रॉफिट-नो लॉस' मॉडल पर संचालित होगी मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना

– शत-प्रतिशत राज्य सरकार के वित्त पोषण से होगा छात्रावास का निर्माण 

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत वाराणसी में 500 क्षमता वाले उच्च गुणवत्तापूर्ण महिला छात्रावास के निर्माण के लिए 6,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

 

यह भूमि हरिजन इंडस्ट्रियल गवर्नमेंट, उत्तर प्रदेश सरकार के नाम दर्ज है जिसे अब महिला कल्याण विभाग के पक्ष में स्थानांतरित किया जाएगा। इस छात्रावास का निर्माण शत-प्रतिशत राज्य सरकार के वित्त पोषण से किया जाएगा।

 

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वाराणसी में 6000 वर्ग मीटर भूमि पर 500 क्षमता का एक छात्रावास बनाने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी है। बजट में 7 छात्रावास बनाने का प्रावधान था, जिसमें से झांसी, आगरा, मेरठ और गोरखपुर के लिए पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। आज वाराणसी के लिए भी प्रस्ताव आज पास किया गया है। 

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प्रदेश में निजी, सरकारी और औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही महिला कार्यबल की जरूरतों को देखते हुए महिला कल्याण विभाग कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती छात्रावासों का निर्माण करा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सस्ती दरों पर सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।

राज्य सरकार के अधीन कार्यरत महिला कल्याण विभाग इस योजना का संचालन 'नॉन-कॉमर्शियल, नो प्रॉफिट-नो लॉस' सिद्धांत पर करेगा। इसी सामाजिक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वाराणसी में छात्रावास निर्माण के लिए सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जा रही है।

 

248.30 लाख रुपए की लागत से तैयार होगा 112 छात्राओं की क्षमता वाला छात्रावास

लखनऊ 21 जुलाई। उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में छात्राओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने वाराणसी स्थित वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट फोर्ट में छात्राओं के लिए 112 सीटों वाले नए छात्रावास भवन के निर्माण को मंजूरी दे दी।

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उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि यह केंद्रीय विश्वविद्यालय काशी हिंदू विश्वविद्यालय का एक संघटक महाविद्यालय है। यह पिछले 112 वर्षों से अध्ययन के क्षेत्र में सेवा कर रहा है और ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ चल रहा है। अब तक एक छात्रावास था। जिसमें 220 छात्राओं के लिए सुविधा थी। 

 

उन्होंने बताया कि एक 248.30 लाख रुपए की लागत से त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत एक महिला छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। यह छात्रावास 112 छात्राओं के लिए होगा।

योगी सरकार में बिना भेदभाव सभी जिलों में निर्धारित शेड्यूल से अधिक की जा रही विद्युत आपूर्ति

2017 से पहले चंद जिलों तक सीमित थी बिजली की तय आपूर्ति, योगी सरकार ने आते ही समाप्त किया वीआईपी कल्चर

 

निर्बाध बिजली के लिए अब गर्मी, बारिश और तेज हवाओं के बीच भी फील्ड में डटे रहते बिजलीकर्मी

 

बरसात के मौसम को देखते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश जारी

 

लखनऊ 20 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में पिछले नौ वर्षों में उल्लेखनीय बदलाव हुआ है। साल 2017 से पहले प्रदेश में घंटों बिजली कटौती आम बात थी, जबकि आज सभी 75 जिलों में शहरों से लेकर गांवों तक निर्धारित शेड्यूल से अधिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। भीषण गर्मी, उमस, तेज बारिश और खराब मौसम के बावजूद प्रदेशवासियों को लगातार बिजली मिल रही है, जिससे आम जनजीवन, कृषि, व्यापार और उद्योगों को बड़ी राहत मिली है।

 

योगी सरकार के कार्यकाल में बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए उत्पादन, पारेषण और वितरण तीनों स्तरों पर व्यापक सुधार किए गए हैं। परिणामस्वरूप प्रदेश में बिजली आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और उपभोक्ता केंद्रित बनी है। सरकार का लक्ष्य केवल बिजली उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना भी है।

 

*2017 से पहले चंद जिले थे वीआईपी, अन्य जिलों में तरसती रहती थी जनता*

 

2017 से पहले प्रदेश में जनपद मुख्यालयों पर औसतन 17 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 12 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 11 घंटे बिजली आपूर्ति का प्रावधान था। हालांकि तय किए गए समय में भी लंबी कटौती होती रहती थी। इतना ही नहीं, पिछली सरकारों के दौरान कुछ चुनिंदा वीआईपी जिलों में ही निर्बाध बिजली आपूर्ति होती थी, जबकि अधिकांश जिलों के लोग लंबे समय तक बिजली कटौती से परेशान रहते थे। योगी सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदलते हुए पूरे प्रदेश में समान और बेहतर बिजली आपूर्ति की व्यवस्था लागू की। वर्तमान में जनपद मुख्यालयों पर 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 21.30 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित है। विशेष बात यह है कि गांव से लेकर महानगर तक में निर्धारित शेड्यूल से भी अधिक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

 

*भीषण गर्मी के बीच योगी सरकार में रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति*

 

प्रदेश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में भी योगी सरकार ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। वर्ष 2014 में जहां प्रदेश की अधिकतम पीक डिमांड 12,327 मेगावाट थी और वर्ष 2017 में यह 16,110 मेगावाट तक पहुंची थी, वहीं अब उत्तर प्रदेश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। 24 जून 2026 को प्रदेश में रिकॉर्ड 32,673 मेगावाट की पीक डिमांड की सफलतापूर्वक आपूर्ति की गई है। वहीं लगातार और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड की टीमें प्रदेशभर में नियमित अनुरक्षण और निरीक्षण कार्य कर रहीं हैं। 

 

बिजली कर्मी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ फील्ड में डटे

 

बारिश, तेज हवाओं और खराब मौसम जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी बिजलीकर्मी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ फील्ड में डटे हैं। उनका उद्देश्य किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं तक सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध बिजली पहुंचाना है।

प्रदेशभर में वरिष्ठ अधिकारी लगातार उपकेंद्रों का निरीक्षण कर बिजली व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं को हर परिस्थिति में गुणवत्तापूर्ण और निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ट्रिपिंग और फॉल्ट की घटनाओं को कम करने के लिए बिजली लाइनों के संपर्क में आने वाली पेड़ों की शाखाओं की नियमित कटाई-छंटाई कराई जा रही है, जिससे बरसात के मौसम में भी आपूर्ति बाधित न हो।

 

रात्रिकालीन मेंटेनेंस पर भी दिया जा रहा विशेष जोर

 

विभागीय बिजलीकर्मी रात के समय आवश्यक अनुरक्षण कार्य कर दिन के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को कम से कम असुविधा होती है और बिजली व्यवस्था अधिक प्रभावी बनी रहती है। बरसात के मौसम को देखते हुए बिजली विभाग ने सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी जारी किए हैं। सभी फील्ड कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण पहनकर ही अनुरक्षण कार्य करने के लिए कहा गया है ताकि किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना से बचा जा सके। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर आवश्यक मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यूपीपीसीएल के निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बताया कि वितरण क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए पूरी टीम बारिश, गर्मी में निरन्तर कार्य कर रही है। शत- प्रतिशत व्यक्तिगत समस्याओं तथा लाइन व फीडर की समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है।

UP Board: 10वीं-12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, डाउनलोड करके प्रिंसिपल बांटेंगे हॉल टिकट

UP Board: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) के 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों की कंपार्टमेंट परीक्षा 28 जुलाई को आयोजित की जानी है। इस परीक्षा के लिए पंजीकृत छात्र अपने एडमिट कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। बोर्ड ने 28 जुलाई को होने वाली परीक्षा से पहले आखिरी स्टेप का इंतजार कर रहे हजारों छात्रों को राहत देते हुए इनके एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश बोर्ड ने स्कूल प्रशासन और प्रिंसिपलों को आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in से हॉल टिकट डाउनलोड करने की सलाह दी है। इसके बाद छात्र अपने-अपने स्कूलों से अपना यूपी बोर्ड एडमिट कार्ड ले सकते हैं।

बोर्ड के नोटिस के मुताबिक, स्कूल प्रिंसिपल्स को आधिकारिक वेबसाइट से हॉल टिकट डाउनलोड करने होंगे और उन पर दस्तखत करने के बाद उन्हें संबंधित कैंडिडेट्स को बांटना होगा। हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए कम्पार्टमेंट परीक्षा हॉल टिकट एक्सेस करने के लिए स्कूल अधिकारियों को यूजर आईडी और पासवर्ड डालना होगा। कम्पार्टमेंट परीक्षा उन छात्रों के लिए दूसरा मौका है जो मुख्य बोर्ड परीक्षा में एक या ज्यादा विषय क्लियर नहीं कर पाए थे, जिससे वे बिना एक साल गंवाए अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं।

बोर्ड पहले ही घोषणा कर चुका है कि कक्षा 10 हाई स्कूल इम्प्रूवमेंट या कंपार्टमेंट परीक्षा और कक्षा 12 इंटरमीडिएट कंपार्टमेंट परीक्षा 28 जुलाई, 2026 को होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कक्षा 10 का पेपर सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक होगा, जबकि 12वीं कक्षा की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक तय है। यूपीएमएसपी ने कहा है कि परीक्षाएं जिला मुख्यालय पर डिस्ट्रिक्ट स्कूल इंस्पेक्टर द्वारा दिए गए केंद्रों पर होंगी। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द अपने स्कूलों से अपने एडमिट कार्ड ले लें और परीक्षा के दिन से पहले सभी डिटेल्स ध्यान से चेक कर लें।

यूपी बोर्ड की कंपार्टमेंट परीक्षा नकल विहीन कराने के लिए प्रत्येक केंद्र पर सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा औचक निरीक्षण के लिए फ्लाइंग स्क्वाड, सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

GATE 2027: फरवरी 2027 में होगी गेट परीक्षा, आईआईटी मद्रास ने रोबोटिक्स का पेपर किया शुरू

सपा-कांग्रेस से सावधान और सतर्क रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे, इनसे सटेंगे तो खतरा बढ़ेगा : योगी

CM Yogi Barabanki Speech

CM Yogi Barabanki Speech: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी की धरा से प्रदेशवासियों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व समाजवादी पार्टी विरासत, विकास, गांव-गरीब, किसानों, नौजवानों और महिलाओं की जन्मजात विरोधी हैं। इनसे सावधान और सतर्क रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे अन्यथा जैसे ही इनसे सटेंगे तो खतरा बढ़ेगा। सीएम ने बुजुर्गों से अपील की कि युवाओं को सपा की गुंडागर्दी, उपद्रव, सरकारी धन की डकैती व लूट के बारे में बताइए। मुख्यमंत्री ने लोधेश्वर महादेव के सामने से जाने वाली सड़क को टूलेन से फोरलेन बनाने और गेट को भव्य बनाने के लिए प्रस्ताव मांगा।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी में रामनगर व दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 542 करोड़ से अधिक की 82 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। सीएम ने साहित्यिक विभूतियों, खिलाड़ियों, किसानों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सीमा की सुरक्षा करने वाले युवाओं आदि का नाम लेकर बाराबंकी को विरासत, आध्यात्मिकता, साहित्य, समर्पण, युवा शक्ति से ओतप्रोत, स्वतंत्रता आंदोलन में अविस्मरणीय योगदान वाली प्रतिभाशाली व समृद्ध धरा बताया। 

 

कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल तक तो विकास की लौ पहुंची लेकिन लोधेश्वर महादेव मंदिर पर ध्यान नहीं दिया गया

सीएम ने कहा कि बाराबंकी को लोधेश्वर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त है। सोमवार को बाबा का दर्शन कर अंतःकरण से आनंद की अनुभूति हुई। यहां अगल-बगल के कई जनपदों से श्रद्धालु आते हैं, फिर भी मंदिर जीर्ण-शीर्ण ही रहा। आजादी के बाद भी आपके पैसे से विकास की लौ कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल तक तो पहुंची, लेकिन लोधेश्वर महादेव मंदिर, केडी सिंह बाबू की हवेली, पारिजात के महाभारत कालीन वृक्ष के संरक्षण, महादेवा, अयोध्या, काशी विश्वनाथ, गोला गोकर्णनाथ, महापुरुषों, वीरांगनाओं आदि के नाम पर योजनाओं के लिए पैसा नहीं मिला।

 

हमारी सरकार भगवान लोधेश्वर महादेव का कॉरिडोर बना रही है, जिससे देश-प्रदेश के हर कोने से यहां आने वाला श्रद्धालु अभिभूत होगा और बाराबंकीवालों को आशीर्वाद व धन्यवाद देकर जाएगा। सरकार गोला गोकर्णनाथ में भी भव्य कॉरिडोर बना रही है। विंध्यवासिनी मंदिर का कॉरिडोर बन गया। पहले काशी में गंदगी थी और गलियां संकरी थीं लेकिन अब वह भी दिव्य-भव्य बन गई है। देश से जो भी काशी व अयोध्या आता है, हमें भी धन्यवाद देकर जाता है। 

केडी सिंह बाबू की हवेली बिक जाए, हमारी सरकार यह कतई स्वीकार नहीं करेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉकी में 36 वर्ष बाद भारतीय टीम ने ओलंपिक में पदक जीता लेकिन उससे पहले मेजर ध्यानचंद व केडी सिंह बाबू के समय भारत ने लगातार तीन बार स्वर्ण पदक जीता था। जिस खिलाड़ी ने हॉकी को पूरा जीवन दिया, उन केडी सिंह बाबू की हवेली बिक जाए, हमारी सरकार यह कतई स्वीकार नहीं करेगी। हमने तय किया कि वहां संग्रहालय का निर्माण होगा। सीएम ने अमेरिका के न्यू जर्सी में हुए फीफा विश्वकप का भी जिक्र करते हुए कहा कि स्पेन व अर्जेंटीना के मैच को देखकर लोगों में गजब का उत्साह था। ऐसे ही जब हॉकी चलती है तो भारत की निगाहें उस पर रहती हैं। मेजर ध्यानचंद व केडी सिंह बाबू ने इसे नई ऊंचाई दी थी। 

सनातन सुरक्षित तो सब सुरक्षित

सीएम ने कहा कि विरासत के संरक्षण व सनातन मूल्यों के रक्षा के लिए महापुरुषों ने योगदान दिया। राजा बलभद्र सिंह, लाखन पासी, बिजली पासी, महाराज सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह ने देश को गुलामी से मुक्त कराने के लिए योगदान दिया। सुहेलदेव ने जहां सालार मसूद को मारा था, हमारी सरकार ने बहराइच में वहीं उनका भव्य स्मारक बनाया है। लखनऊ में वीरांगना उदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई, बदायूं में अवंती बाई के नाम पर पीएसी बटालियन, बांदा में महारानी दुर्गावती, औरैया में लोकमाता अहिल्याबाई मेडिकल कॉलेज, अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट, निषादराज नाम पर रैनबसेरा का निर्माण किया है। देश के लिए योगदान व सनातन के लिए समर्पण देने वाले महापुरुषों को सरकार ने सम्मान दिया है। सनातन की सुदृढ़ नींव पर ही हमारा भविष्य सुरक्षित होगा। सनातन सुरक्षित है तो हम सभी सुरक्षित हैं। सनातन पर खतरा आया तो कोई बच नहीं पाएगा। लोगों को बांटने वाले इन सपाइयों व कांग्रेसियों के नमूनों के मुंह संकट के समय बंद हो जाते हैं। 

कट्टा- बम बनवाने वाले कराते थे गुर्गों से वसूली

सीएम ने कहा कि कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल बनाने और कांवड़ यात्रा, जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा, दुर्गापूजा के पंडाल पर प्रतिबंध लगाना सपा के लिए निरपेक्षता का मानक था। हमें ऐसे धर्मनिरपेक्षता को उखाड़ फेंककर सनातन की सुदृढ़ भूमि पर सुरक्षित भारत का निर्माण करना होगा। धर्मनिरपेक्षता के नाम पर सनातन को अपमानित करने वाले लोग त्योहारों के पहले उपद्रव और गुर्गों से वसूली कराते थे। इन लोगों ने गांवों- शहरों में कट्टा-बम बनवाना शुरू कर दिया, जिससे व्यापारी व बेटी की इज्जत से खिलवाड़ होता था। अब लखनऊ में बने ब्रह्मोस मिसाइल से पाकिस्तान व उसके आका बाप-बाप कहकर चिल्लाते हैं। निवेश आने से अब यूपी में ही युवाओं को नौकरी मिल रही है। 

बुजुर्गों से बोले- युवाओं को सपा की गुंडागर्दी, उपद्रव व लूट के बारे में बताइए

सीएम ने कहा कि समाजवादी जाति से जाति को लड़ा रही है। एक समय कहावत थी कि देख सपाई, बिटिया घबराई। सीएम ने बुजुर्गों से अपील की कि युवाओं को इनकी गुंडागर्दी, उपद्रव, डकैती, अराजकता, लूट के बारे में बताइए। उन्होंने कहा कि सैफई घराना ने आमजन के पैसे पर लूट मचाई थी। सपा जिस जेपीएनआईसी को बना रही थी, उसकी कीमत 200 करोड़ थी, लेकिन 864 करोड़ खर्च होने के बावजूद भी बिल्डिंग अधूरी थी। हमारी सरकार से पहले सपा ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया। सीएम ने यहां भी उनके घोटाले को उजागर किया। कहाकि जिसके लिए वे 15,200 करोड़ का एस्टिमेट बनाए थे। दो वर्ष बाद जमीन आने पर हमने प्रधानमंत्री जी से इसका शिलान्यास कराया और 11,800 करोड़ रुपये में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनाया। गोमती रिवर फ्रंट का कुल एस्टिमेट 167 करोड़ रुपये था, लेकिन 1700 करोड़ खर्च होने के बावजूद वह अधूरा ही रहा।

CM Yogi Barabanki Speech

डबल इंजन सरकार ने रोकी सपा की डकैती और कांग्रेस की लूट 

सीएम ने कहा कि एक प्रधानमंत्री ने तो कांग्रेस के भ्रष्टाचार पर यहां तक कह दिया कि 100 में से 15 पैसे ही नीचे आम जनता तक जाता है। भाजपा की डबल इंजन सरकार ने सपा की डकैती और कांग्रेस की लूट को रोका। इस पैसे से अब नौजवान को छात्रवृत्ति, बेटी की शादी, कन्या सुमंगला योजना का लाभ, टैबलेट, किसानों को सम्मान निधि, गरीबों को प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना, स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल रहा है। जिस पैसे से यह कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल बना रहे थे, उस पैसे का हमने मुंह घुमा दिया और अब इससे कॉरिडोर बन रहा है। सैफई सिडिंकेट का युवाओं की नौकरी पर कब्जा था। नौकरियों की नीलामी होती थी, लेकिन अब बाराबंकी के युवाओं को भी निष्पक्ष रूप से सरकारी नौकरी मिल रही है। 

सनातन विरोधी है सपा-कांग्रेस का चरित्र

मुख्यमंत्री ने विपक्षियों (सपा-कांग्रेस) के वास्तविक चरित्र को सनातन विरोधी बताया, कहा कि य़ह जनता के हक, विकास की परियोजनाओं पर डकैती डालते थे। इनके कारनामों से यूपी के सामने पहचान का संकट था। देश में यूपी टॉप-3 इकॉनमी बन गया है। अब बाढ़ बचाव का स्थायी समाधान और गोमती नदी का सुंदरीकरण-पुनरुद्धार हो रहा है। लखनऊ व अयोध्या के बीच स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) में शामिल बाराबंकी का विकास कोई रोक नहीं सकता।  

सपा चट कर जाती थी राशन

सीएम ने कहा कि हमने दरियाबाद के विधायक सतीश चंद्र शर्मा को खाद्य व रसद राज्यमंत्री बनाया तो वे यहां के साथ ही अन्य जनपदों का भी विकास कर रहे हैं। सपा गरीब का राशन चट कर जाती थी, लेकिन अब हर गरीब का राशन उसे ही मिलता है। धांधली करने वालों पर कार्रवाई होती है। सपा व कांग्रेस के समय गरीब को पेंशन, छात्रों को छात्रवृत्ति दिए जाने से पहले घूस लिया जाता है। आज सीधे अकाउंट में पैसा जाता है, बीच में घूसखोरी नहीं चल सकती। रामनगर ने जिन्हें 2022 और बाराबंकी ने जिन्हें 2024 में चुना, उन्हें विकास की चर्चा करने की फुर्सत नहीं है। इन लोगों ने एक बार भी विकास के प्रस्ताव नहीं दिए। यदि रामनगर विधानसभा और बाराबंकी लोकसभा में कमल खिला होता तो यह क्षेत्र भी विकास की बुलंदियों को छू रहा होता। 

 

इस अवसर पर कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही, खाद्य व रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा, दिनेश रावत, विधान परिषद सदस्य अंगद कुमार सिंह, इंजी. अवनीश कुमार सिंह, जिला पंचायत प्रशासक राजरानी रावत, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद प्रियंका रावत, क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, जिलाध्यक्ष राम सिंह वर्मा आदि मौजूद रहे।

कल का मौसम 21 जुलाई: जम्मू कश्मीर, हिमाचल के लिए IMD की रेड वॉर्निंग! यूपी संग इन 21 राज्यों में भयंकर बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में मानसून ने अपना सबसे विकराल और आक्रामक रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 जुलाई के लिए मौसम का बड़ा बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग जारी की है। इसका मतलब है कि इन जगहों पर अथॉरिटी को ऐक्शन लेने के लिए तैयार रहना होगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड समेत देश के 21 से अधिक राज्यों में भयंकर बारिश और आंधी-तूफान का ऑरेंज और येलो कलर वॉर्निंग भी जारी की गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, देश भर में एक साथ 8 से अधिक चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ प्रणालियां सक्रिय हैं, जो मानसून को और अधिक घातक बना रही हैं।

इन 2 पहाड़ी राज्यों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 21 जुलाई को दो राज्यों में भारी बारिश को लेकर रेड कलर वॉर्निंग जारी की है। यहां भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ के खतरे को देखते हुए उच्चतम स्तर का अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अलर्ट है। इसी तरह जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में कई जगहों पर मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी वर्षा होने की प्रबल आशंका है।

यूपी, बिहार और दिल्ली-एनसीआर समेत 11 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, 21 जुलाई को देश के मैदानी और पहाड़ी इलाकों के 11 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में भयंकर बारिश होने की संभावना है। यूपी के अलग-अलग जिलों में 21 जुलाई को मूसलाधार से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार में मानसून पूरी तरह मेहरबान है, यहां भी कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गरज-चमक के साथ बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। देवभूमि उत्तराखंड में 21 जुलाई को कई जगहों पर बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा इन चारों राज्यों में कल तेज बारिश और बहुत भारी बारिश की संभावना है।

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बादलों का जमघट रहेगा और बहुत भारी बारिश होगी। कोंकण और गोवा में तटीय इलाकों में मूसलाधार से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। महाराष्ट्र के मध्य अंचलों में 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

राजस्थान, एमपी और झारखंड समेत 8 राज्यों में भारी बारिश

देश के 8 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। एमपी के पश्चिमी इलाकों में 21 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड और ओडिशा दोनों राज्यों में 21 जुलाई को भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

गुजरात के मैदानी अंचलों में 21 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है।

आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आकाशीय बिजली और तूफानी हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा रहेगा। बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है।

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उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, विदर्भ, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ तेज आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में दिन के समय काफी तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

नोएडा में यमुना-हरनंदी दोआब के किनारे बनेगा 500 करोड़ का 4 लेन रिवरफ्रंट रोड, अथॉरिटी ने दी मंजूरी जानिए सारी डिटेल

नोएडा अथॉरिटी ने यमुना-हरनंदी दोआब के किनारे 29 किलोमीटर लंबी चार-लेन वाली सड़क बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह सड़क नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का एक विकल्प होगी और इसका मकसद इलाके में ट्रैफिक जाम को कम करना है। News 18 की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित कॉरिडोर से यात्रा का समय कम होगा, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और ग्रेटर नोएडा की 75 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों, 25 सेक्टरों और 20 गांवों में रहने वाले लगभग पांच लाख लोगों को सीधा फायदा होगा।

नोएडा अथॉरिटी के CEO कृष्णा करुणेश ने कहा, “नोएडा अथॉरिटी इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह एक्सप्रेसवे यात्रियों को काफी राहत देगा और नदी के किनारे सुनियोजित विकास में मदद करेगा।”

25 सेक्टर, 20 गांव लाभान्वित होंगे

अधिकारियों के अनुसार, इस नए प्रोजेक्ट से नोएडा के कई रिहायशी सेक्टरों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इनमें सेक्टर 94, 124, 125, 126, 127, 128, 129, 130, 131, 132, 133, 134, 135, 150, 151, 152, 153, 154, 155, 158, 159, 163, 164 और 168 शामिल हैं।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन गांवों को फायदा होने की उम्मीद है उनमें रायपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर जहांगीर, सुल्तानपुर, शाहपुर गोवर्धनपुर, शाहपुर गढ़ी, नंगला नंगली, रोहिल्लापुर, नंगला वाजिदपुर, छपरौली, मंगरौली, मोहियापुर, बदौली, झट्टा, दल्लूपुरा, गुजरान डेरिन, कमबक्शपुर, याकूतपुर, गुलावली और मोमनाथल शामिल हैं।

मौजूदा सड़क को अपग्रेड किया जाएगा

अधिकारियों ने बताया कि यमुना तटबंध के किनारे 11.2 किलोमीटर लंबी मौजूदा फोर-लेन सड़क का नवीनीकरण पहले से ही 34 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जा रहा है, जिसमें से अब तक 11 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

नए प्रस्ताव के तहत, यमुना दोआब वाले हिस्से को चौड़ा करके फोर-लेन सड़क बनाई जाएगी, जबकि हरनंदी दोआब के किनारे 17 किलोमीटर लंबा नया फोर-लेन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।

यह कॉरिडोर सेक्टर 150 तक जाएगा, जहां यह कोंडली-बांगर की तरफ से आने वाली मौजूदा 75 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ेगा, जिससे यात्रियों के लिए एक लगातार वैकल्पिक रास्ता बन जाएगा।

बहुत कम जमीन अधिग्रहण की उम्मीद

अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के लिए बड़े स्तर पर जमीन अधिग्रहण की संभावना कम है। इसकी वजह यह है कि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के पास पहले से ही दोआब क्षेत्र में 22 से 28 मीटर चौड़ी जमीन उपलब्ध है।

News18 की रिपोर्ट के अनुसार, उपलब्ध जमीन फोर-लेन कॉरिडोर बनाने के लिए काफी होने की उम्मीद है, जिससे किसानों से कृषि भूमि अधिग्रहण करने की जरूरत कम हो जाएगी।

CEO कृष्णा करुणेश ने यह भी कहा कि जिन जगहों पर जमीन के मालिक सहमत होंगे, वहां तटबंध (embankment) को और बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “जहां किसान सहमत होंगे, हम उनकी मंजूरी से तटबंध को बाहर की ओर बढ़ा सकते हैं। अथॉरिटी किसी भी जमीन के अधिग्रहण के लिए मुआवजा देने को तैयार है।”

व्यस्त एक्सप्रेसवे पर दबाव कम करने की तैयारी

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर अभी लगभग 10 लाख गाड़ियां चलती हैं, जिससे पीक आवर्स (सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ वाले समय) में बहुत ज्यादा जाम लगता है।

अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित रिवरफ्रंट रोड और सैद्धांतिक रूप से मंजूर किए गए अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से मौजूदा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है।

बता दें कि यह नया कॉरिडोर तेजी से विकसित हो रहे यमुना-हरनंदी दोआब क्षेत्र के भविष्य के शहरी विकास में भी मदद करेगा। इस इलाके में स्पोर्ट्स सिटी और जेपी विश टाउन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के कारण रिहायशी इलाकों का विस्तार तेजी से हो रहा है।

न्यूज 18 के अनुसार, कृष्णा करुणेश ने कहा, “तटबंध के विस्तार से न केवल ट्रैफिक की समस्याएं हल होंगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। इससे स्थानीय निवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी और इलाके की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।”