‘इधर एक नहीं मिल रही और भाई पैकेज डील लेकर घूम रहा है’, यूपी में एक ही लड़के से तीन बहनों के शादी करने पर यूजर्स ने किए अजीबोगरीब कमेंट्स

उत्तर प्रदेश के अमरोहा की तीन सगी बहनों ने एक मंदिर में एक ही व्यक्ति से शादी की। इस अनोखी शादी ने इंटरनेट पर लोगों को हैरान कर दिया है। बहनों का कहना है कि उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि वे शादी के बाद एक-दूसरे से अलग होने के बारे में सोच भी नहीं सकती थीं।

सरोज (20), सावित्री (19) और संतोष (18) नाम की इन बहनों ने 17 जुलाई को चामुंडा माता मंदिर में विकास नाम के व्यक्ति से शादी की, जो उनका वीडियो शूट किया करता था। उनकी शादी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जो तेज़ी से वायरल हो गया और लोगों ने इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी-किसी ने आलोचना की तो किसी ने हैरानी जताई।

शादी की रस्म के क्लिप में, विकास हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की रस्में निभाते हुए दिखे। साड़ी पहने और सिर पर घूंघट डाले तीनों बहनें दूल्हे के बगल में एक लाइन में बैठी थीं। विकास ने तीनों बहनों की मांग में सिंदूर भरा और उनके साथ सात फेरे लिए। खास बात यह है कि इस रस्म के दौरान पंडित के अलावा, दोनों में से किसी भी पक्ष का कोई परिवार का सदस्य या दोस्त मौजूद नहीं था।

हसनपुर के धौरिया गांव की रहने वालीं और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर, इन तीनों महिलाओं ने बताया कि वे हमेशा साथ रही हैं और अलग-अलग पुरुषों से शादी करने की बात से ही वे बहुत परेशान थीं। उनमें से सबसे बड़ी सरोज ने ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ को बताया, “जब हमें एहसास हुआ कि शादी हमें अलग कर देगी, तो हमने अपनी जान देने के बारे में भी सोचा। बाद में, हमने तय किया कि मरने के बजाय हम साथ रहेंगी और एक ही पुरुष से शादी करेंगी। हम सभी बालिग हैं और हमने यह फ़ैसला अपनी मर्ज़ी से लिया है।”

बहनों ने बताया कि विकास पिछले छह महीनों से उनके कैमरामैन के तौर पर काम कर रहा था और सोशल मीडिया के लिए बनाए जाने वाले वीडियो में अक्सर उनके पति का किरदार निभाता था। वहीं, विकास ने कहा कि बहनों के बीच के गहरे लगाव को समझने के बाद ही उसने यह प्रस्ताव स्वीकार किया।

उन्होंने कहा, “वे बार-बार मुझसे कहती थीं कि शादी के बाद वे अलग-अलग नहीं रहना चाहतीं। मैंने उनकी भावनाओं का सम्मान किया और उनसे शादी करने के लिए हामी भरी क्योंकि मैं चाहता था कि वे साथ रहें। हमने यह फ़ैसला आपसी सहमति से लिया है और उम्मीद करते हैं कि लोग हमारी पसंद का सम्मान करेंगे।”

उनकी शादी का वीडियो ऑनलाइन सामने आते ही इसने खूब सुर्खियां बटोरीं। कुछ लोगों ने इस घटना पर मजाक उड़ाया, तो कुछ ने उनकी आलोचना की। एक यूजर ने मजाक में कहा, “लड़के ऐसे होते हैं – इधर एक नहीं मिल रही, और भाई पैकेज डील लेकर घूम रहा है!”

एक अन्य व्यक्ति लिखा- “सिर्फ रील्स के लिए, इन चारों के अलावा, और कोई कहां है इसमें? एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “अरे तो करने दो ना, उनकी मर्जी है, उनके निजे जिंदगी में आपको इतना इंटरेस्ट क्यों हो रहा है?” एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “जीवनसाथी चुनने का व्यक्तिगत अधिकार और निजी पसंद को जीवित रखना चाहिए।” किसी अन्य ने लिखा की, “अगर यह सहमति से है तो क्यों नहीं, लेकिन इसके लिए एक अनुबंध की आवश्यकता होगी।” वहीं, एक व्यक्ति ने बताया, “हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अनुसार, हिंदुओं के लिए बहुविवाह अवैध है।”

हर सनातनी की सांस में बसते हैं प्रभु श्रीराम : CM योगी

Yogi Adityanath Ram Katha: मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे हर कोई अपने नजदीक पाता है। जीवन में भक्ति के बिना अंधकार, अराजकता व अज्ञानता होती है। जीवन में सुगमता को जानने के लिए हमें ज्ञान और भक्ति का अनुगामी बनना पड़ेगा। यह ज्ञान और भक्ति हमें श्रीराम कथा और श्रीमद्भागवत जैसी पावन कथाओं के माध्यम से प्राप्त होती है। 

 

सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गुरुवार से आयोजित सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में व्यासपीठ का पूजन करने के बाद उन्होंने कहा कि जीवन में जहां भक्ति नहीं है, वहां अंधकार ही अंधकार है। भक्ति के बिना जीवन में अराजकता ही अराजकता और अज्ञानता ही अज्ञानता है। अंधकार, अराजकता और अज्ञानता से मुक्ति पाने का माध्यम भक्तिसम्मत ज्ञान ही है। 

हर सनातनी की सांस में बसते हैं राम

गोरक्षपीठाधीश्वर ने श्रीराम कथा की महत्ता को समझाते हुए कहा कि सनातन धर्म की परंपरा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जो हर भारतीय के अंतःकरण में पूरी श्रद्धा एवं पूरी भक्ति से जुड़ा है। हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे चाहे बालक हो या वृद्ध, अधेड़ हो या जवान, गृहस्थ हो या विरक्त, हर कोई अपने नजदीक पाता है। 

 

सीएम योगी ने कहा कि देश के अंदर हम कहीं भी जाते हैं, चाहे कोई हिंदीभाषी हो अहिंदीभाषी, सबकी तरफ से अभिवादन का एक ही स्वर होता है- जय श्रीराम। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के कुछ क्षेत्रों में आपसी अभिवादन के लिए एक ही शब्द सुनाई देता है- राम राम जी। उन्होंने कहा कि जय श्रीराम या राम राम जी का यह संबोधन हमारे सनातन संस्कार का संबोधन है। इस संबोधन ने हमारे संस्कार को तो जोड़ा ही, जीवन की हर परिस्थिति में मर्यादा की लक्ष्मणरेखा भी खींची। 

 

सीएम योगी ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि अपने पावन धाम और तीर्थस्थलों से यह देश की हृदयस्थली के रूप में प्रतिष्ठित है। जीवन के किसी भी पक्ष में जब मर्यादा की बात होती है तो सभी लोग मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम और अयोध्या की ओर देखते हैं। जीवन के रहस्यों को समझने के लिए व्यक्ति अविनाशी काशी को देखता है। जीवन में भक्ति कैसी होनी चाहिए, इसके लिए लोग मथुरा-वृंदावन को देखते हैं। समरसता क्या होनी चाहिए, इसके दर्शन प्रयागराज में होते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया चाहें जितना दुष्प्रचार कर ले, सनातन मूल्यों को जानने का अवसर उत्तर प्रदेश के तीर्थों में ही प्राप्त होता है। 

 

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के उपरांत श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान प्रयागराज से पधारे कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने कराया। यह कथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से शाम 6 बजे तक सुनाई जाएगी।  

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा

श्रीराम कथा के शुभारंभ से पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मुख्य मंदिर से कथा स्थल तक बैंडबाजे, शंख ध्वनि की गूंज तथा 151 वेदपाठी विद्यार्थियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ व यजमानगण ने व्यासपीठ की पूजा की। 

 

इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजूदास, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, यजमान बैजनाथ जायसवाल, अमित जायसवाल, कई साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Monsoon Rain Update: 7000 किलोमीटर लंबी बारिश की पट्टी दिखी! क्या उत्तर भारत में फिर एक्टिव होगा मानसून? IMD ने जारी किया नया अलर्ट

Monsoon Rain Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 के अपने सबसे एक्टिव स्टेज में पहुंचने के बाद देश के एक बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश हो रही है। असम सहित कई इलाकों में बाढ़ जानलेवा हो गई है। इस बीच उपग्रह से कुछ ऐसी तस्वीरें शामने आई हैं जो इशारा कर रही हैं कि बारिश की इंटेसिटी और बढ़ने वाली है। असल में इन तस्वीरों में एशिया महाद्वीप के ऊपर 7000 से 10000 किलोमीटर लंबी बारिश की एक विशाल पट्टी (Rain Band) दिखाई दी है।

‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह विशाल मानसूनी प्रणाली उत्तर भारत से शुरू होकर हिमालय, चीन और दक्षिण कोरिया तक फैली हुई है। ये आने वाले दिनों में भारत के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश का संकेत दे रही है।

इस क्लाउड स्ट्रक्चर को ‘मानसून कन्वर्जेंस जोन’ कहा जाता है। हिंद महासागर से आने वाली नमी से भरी हवाओं और पूरे एशिया में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के बीच टकराव की वजह से ये बनते हैं। इसी वजह से फिलहाल हजारों किलोमीटर के दायरे में बारिश लाने वाले बादलों का नया कॉरिडोर लगातार बन रहा है।

सामान्य से 170-180% अधिक हुई बारिश

मौसम की इस णाली के सक्रिय होने से पूरे देश में मानसूनी गतिविधियों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो दिनों में दर्ज की गई बारिश दैनिक सामान्य औसत से करीब 170 से 180 प्रतिशत अधिक रही है। यह इस सीजन का अब तक का सबसे मजबूत और आक्रामक बारिश का स्पेल साबित हो रहा है। इस मानसूनी दौर की वजह से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पहले से ही भारी बारिश दर्ज की जा रही है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्रों की वजह से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है।

फसलों और जल स्तर को मिलेगा भारी फायदा

आपको बता दें कि मानसून के असमान शुरुआती दौर की वजह से देश के कई इलाकों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन बारिश का यह ताजा दौर मौसमी प्रदर्शन में बड़ा सुधार लाएगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बारिश से उत्तर और मध्य भारत में बारिश की कमी में काफी कमी आएगी। इसके अलावा जलाशयों का जल स्तर सुधरेगा और खरीफ की फसलों को भी इससे बड़ा फायदा पहुंचेगा।

बाढ़ और भूस्खलन का बढ़ा खतरा

लगातार हो रही भारी बारिश के फायदों के साथ-साथ प्रशासन इसके खतरों को लेकर भी पूरी तरह सतर्क है। पूर्वानुमान बताते हैं कि मानसून का यह सक्रिय चरण इस पूरे सप्ताह जारी रहने की संभावना है। ऐसे में अचानक बाढ़ की स्थिति, शहरी क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और नदियों के जल स्तर में तेज बढ़ोतरी का खतरा बड़ा हो गया है। खासकर पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में इन खतरों को देखते हुए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

पूरे एशिया से जुड़ी है भारतीय मानसून प्रणाली

सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि भारत का मानसून पूरे एशिया में फैले एक बहुत बड़े वायुमंडलीय तंत्र का हिस्सा है। वर्तमान परिसंचरण अरब सागर से लेकर पूर्वी एशिया तक फैला हुआ है, जो कई देशों की मौसमी प्रणालियों को आपस में जोड़ता है और एक विशाल भौगोलिक क्षेत्र में बारिश को प्रभावित कर रहा है।

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650 करोड़ की एलिवेटेड रोड से बदलेगा NCR का सफर! लाल कुआं-दादरी का 1 घंटे का रास्ता सिर्फ 20 मिनट में

गाजियाबाद के लाल कुआं और दादरी के बीच जीटी रोड पर रोजाना सफर करने वालों को लंबे समय से भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है, खासकर हफ्ते के दिनों में पीक आवर्स के दौरान। ऐसे में चौधरी मोड़, न्यू बस स्टैंड और रेलवे क्रॉसिंग वाले हिस्से पर अक्सर जाम लगने की वजह से यात्रियों, कमर्शियल गाड़ियों और स्थानीय निवासियों को लंबे समय तक फंसे रहना पड़ता है।

News18 के अनुसार, अब लाल कुआं और दादरी के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने का लंबे समय से लंबित प्रस्ताव एक कदम और आगे बढ़ गया है; अधिकारियों ने इस रूट पर 12 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है, जिससे जाम कम होने और यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित एलिवेटेड रोड GT रोड के उस बड़े रीडेवलपमेंट प्लान का हिस्सा है जिसका मकसद गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। सेतु निगम ने इस कॉरिडोर के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और सर्वे का काम पूरा कर लिया है।

करोड़ों की नई परियोजनाओं को मिलेगी मंजूरी

लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रस्ताव को गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग ने आगे बढ़ाया था और अब इसे मंजूरी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद, यह एलिवेटेड कॉरिडोर दादरी की ओर जाने वाले वाहनों को कई व्यस्त चौराहों और लोकल ट्रैफिक पॉइंट्स से बचाकर निकलने में मदद करेगा, जिसकी वजह से जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।

फिलहाल अभी, GT रोड पर भारी ट्रैफिक के कारण लाल कुआं और दादरी के बीच सफर में 45 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय लग सकता है। जबकि चौधरी मोड़, न्यू बस स्टैंड और रेलवे क्रॉसिंग के पास जाम की वजह से लोगों को लंबे समय तक रुकना पड़ता है।

ट्रैफिक होगा कम

अधिकारियों का मानना ​​है कि एलिवेटेड रोड से गुजरने वाले ट्रैफिक के लिए एक अलग रास्ता मिलने से सफर का समय घटकर लगभग 15 से 20 मिनट हो सकता है। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, रोजाना सफर करने वालों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट दोनों तरफ सफर का समय कम करके उनके रोजाना लगभग एक घंटे बचा सकता है।

प्रस्तावित कॉरिडोर सीधे लाल कुआं से दादरी तक जाएगा और रास्ते में पड़ने वाले बड़े चौराहों से होकर नहीं गुजरेगा। दूर जाने वाला ट्रैफिक एलिवेटेड हिस्से से गुजरेगा, जबकि लोकल गाड़ियां नीचे वाली सड़क का इस्तेमाल करती रहेंगी।

अधिकारियों को उम्मीद है कि लोकल और लंबी दूरी के ट्रैफिक के अलग-अलग होने से आवागमन बेहतर होगा, चार प्रमुख सिग्नलों पर लगने वाला जाम कम होगा और इस रास्ते की सबसे बड़ी समस्या भी दूर होगी। दरअसल, अभी एक ही सड़क पर भारी कमर्शियल वाहन, औद्योगिक क्षेत्र का ट्रैफिक और स्थानीय यात्रियों की आवाजाही होती है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है।

बता दें कि GT रोड उन सबसे व्यस्त सड़क कॉरिडोर में से एक है जो दिल्ली को गाजियाबाद और आस-पास के इलाकों से जोड़ता है। दिल्ली, सीलमपुर, साहिबाबाद, मोहन नगर और घंटा घर से आने वाला ट्रैफिक लाल कुआं की तरफ आता है, जिससे मौजूदा सड़क नेटवर्क पर काफी दबाव पड़ता है।

गौरतलब है कि लाल कुआं पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से आने वाली गाड़ियां, अलीगढ़ की ओर जाने वाली गाड़ियां और दादरी व सूरजपुर की ओर जाने वाले भारी इंडस्ट्रियल ट्रैफिक की वजह से जाम की समस्या बढ़ जाती है। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां पहले से मौजूद फ्लाईओवर ने कुछ हद तक राहत जरूर दी है, लेकिन नीचे वाली सड़क पर अभी भी भारी ट्रैफिक रहता है, खासकर दादरी NTPC, कोट और आस-पास के इंडस्ट्रियल इलाकों में जाने वाले ट्रकों की वजह से।

उम्मीद है कि एलिवेटेड रोड से गाजियाबाद, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और दादरी रोड के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही, इससे सूरजपुर, कोट और दादरी के इंडस्ट्रियल हब को भी फायदा होगा, क्योंकि माल की ढुलाई आसान हो जाएगी।

अधिकारियों को यह भी उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए एक वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराएगा, जिससे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर ट्रैफिक का दबाव होगा।

इस प्रोजेक्ट का असर रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ने की उम्मीद है। NCR में पहले भी देखा गया है कि जब किसी इलाके में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होता है, तो वहां घरों की मांग बढ़ने लगती है। माना जा रहा है कि प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का भी ऐसा ही असर देखने को मिल सकता है।

लाल कुआं, जिसे पहले मुख्य रूप से एक ट्रांजिट पॉइंट माना जाता था, धीरे-धीरे एक रिहायशी इलाके के तौर पर उभरा है क्योंकि यह वेव सिटी, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक और राज नगर एक्सटेंशन से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

वहीं, नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार बढ़ने के कारण, कई घर खरीदार गाजियाबाद और आस-पास के इलाकों में तुलनात्मक रूप से सस्ते घरों के विकल्प तलाशने लगे हैं।

एलिवेटेड रोड बनने के बाद दादरी, कोट गांव और रोजा-याकूबपुर क्षेत्र जैसे इलाकों की लोकप्रियता बढ़ सकती है, क्योंकि यहां से गाजियाबाद पहुंचना आसान हो जाएगा।

रिपोर्टों से पता चलता है कि इस इलाके में अभी दादरी की तरफ 45 लाख रुपये से कम कीमत वाले 2BHK घरों की मांग है, जबकि लाल कुआं और क्रॉसिंग्स रिपब्लिक में खरीदार 65 लाख रुपये से कम कीमत वाले 2BHK और 3BHK अपार्टमेंट देख रहे हैं।

फिलहाल यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। जैसे ही इसे हरी झंडी मिलेगी, अधिकारी जमीन से जुड़े काम, अतिक्रमण हटाने और बिजली-पानी जैसी सार्वजनिक सुविधाओं (यूटिलिटी) को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। आमतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में यही चरण सबसे ज्यादा समय लेते हैं।

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, लाल कुआं से न्यू बस स्टैंड तक के एलिवेटेड सेक्शन की लागत लगभग 650 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि दादरी की ओर जाने वाले पूरे 12 किलोमीटर के कॉरिडोर को चरणों में विकसित किए जाने की उम्मीद है। अगर मंजूरी और शुरुआती काम योजना के अनुसार आगे बढ़ते हैं, तो अगले साल तक निर्माण कार्य शुरू हो सकता है, जिससे NCR के सबसे व्यस्त कॉरिडोर में से एक पर यात्रा करने वाले लोगों को लंबे समय से जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

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यूपी में 238 नए पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन और 714 चार्जर लगाने के प्रयास तेज

EV Charging Stations in UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और हरित परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव स्कीम और उत्तर प्रदेश की ईवी मैन्युफैक्चरिंग और मोबिलिटी पॉलिसी-2022 के तहत प्रदेश में 238 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम तेज किया जा रहा है। यह पहल राज्य में चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने और निवेश आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा है। 

 

10 साल का मॉडल, 714 चार्जर होंगे स्थापित

प्रस्ताव के अनुसार, पहले चरण में 238 पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे, जिन पर 714 चार्जर लगाए जाएंगे। इन स्टेशनों के संचालन के लिए 10 वर्ष का अनुबंध प्रस्तावित है। सरकारी भूमि पर स्थापित होने वाले इन चार्जिंग स्टेशनों का उपयोग केवल ईवी चार्जिंग गतिविधियों के लिए होगा तथा संबंधित विभागों से ₹1 प्रति किलोवाट की दर से भूमि उपयोग शुल्क लिया जाएगा।

 

पीएम ई-ड्राइव के तहत मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

प्रस्ताव के अनुसार चार्जिंग स्टेशनों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। सरकारी कार्यालयों में स्थापित होने वाले स्टेशनों को अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर और ईवीएसई (चार्जिंग उपकरण) पर 100 प्रतिशत तक सहायता का प्रावधान है, जबकि रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशन, पेट्रोल पंप, टोल प्लाजा तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी अलग-अलग स्तर पर सब्सिडी का प्रस्ताव है। योजना का उद्देश्य शहरों के साथ-साथ प्रमुख हाईवे पर भी चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है। 

 

योगी सरकार की ईवी नीति को मिलेगा नया बल

प्रस्ताव में उत्तर प्रदेश ईवी मैन्युफैक्चरिंग और मोबिलिटी पॉलिसी-2022 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण और विकास का वैश्विक केंद्र बनाना है। इसके साथ ही व्यापक चार्जिंग एवं बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क विकसित करना, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना तथा ईवी क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करना भी प्रमुख उद्देश्य हैं। राज्य सरकार की नीति में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाले सेवा प्रदाताओं के लिए पूंजीगत प्रोत्साहन और सरकारी भूमि उपलब्ध कराने जैसे प्रावधान पहले से मौजूद हैं।

 

इन शहरों में सबसे अधिक चार्जिंग स्टेशन 

प्रस्ताव के अनुसार सबसे अधिक चार्जिंग स्टेशन निम्न शहरों में प्रस्तावित हैं। गौतमबुद्ध नगर में 39, लखनऊ में 36, मेरठ में 35, गोरखपुर में 32, वाराणसी में 28, आगरा में 21, मथुरा में 14, प्रयागराज में 13, कानपुर नगर में 12, गाजियाबाद में 6, कानपुर देहात में 2 समेत कुल मिलाकर 238 स्थानों की पहचान की गई है। कई विभागों की जमीन होगी उपयोग में प्रस्ताव के अनुसार चार्जिंग स्टेशन नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों, विद्युत वितरण कंपनियों, यूपीएसआरटीसी, जिला प्रशासन तथा अन्य सरकारी विभागों की उपलब्ध भूमि पर स्थापित किए जाएंगे। इसमें नोएडा, लखनऊ नगर निगम, वाराणसी नगर निगम, मेरठ नगर निगम, गोरखपुर नगर निगम सहित अनेक सरकारी संस्थाओं की भूमि शामिल है।

 

शहर के अंदर और हाईवे पर योगी सरकार का बराबर फोकस

प्रस्ताव में शहर के अंदर और हाईवे पर चार्जिंग स्टेशनों के लिए अलग-अलग मानक तय किए गए हैं। शहरों में लगभग 40–60 वर्गमीटर और हाईवे पर बड़े चार्जिंग हब के लिए 250–300 वर्गमीटर तक भूमि की आवश्यकता बताई गई है। हाईवे स्टेशनों पर बसों और ट्रकों के लिए उच्च क्षमता वाले डीसी फास्ट चार्जर लगाने का प्रस्ताव है।

 

मुख्य सचिव स्तर पर मॉनिटरिंग

हाल के दिनों में मुख्य सचिव स्तर पर विभिन्न विभागों से उपलब्ध सरकारी भूमि का ब्योरा मांगा गया है ताकि चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। इसका उद्देश्य राज्य में ईवी उपयोगकर्ताओं के लिए मजबूत सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देना है।

खराब मौसम की चेतावनी: अगले 7 दिनों में 22 राज्यों में भारी बारिश और 17 में आंधी-तूफान का अलर्ट! इन 6 जगहों पर हालात बिगड़ने का खतरा

Weekly Weather Forecast: देश भर में सक्रिय मानसून अपना विकराल रूप दिखा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 जुलाई को ताजा और विस्तृत वेदर बुलेटिन जारी करते हुए अगले 7 दिनों के लिए बड़े पैमाने पर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में अगले 3 से 4 दिनों तक एक्टिव मानसून की स्थिति बनी रहेगी। IMD ने देश के 22 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, 17 राज्यों में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। देश के 6 खास इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की वजह से हालात बिगड़ने की आशंका भी खड़ी हो सकती है।

आइए जानते हैं कि पिछले 24 घंटों में कहां-कहां मूसलाधार आफत बरसी और अगले 7 दिनों तक आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है।

इन 6 जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने अत्यधिक मूसलाधार बारिश के चलते देश के 6 प्रमुख अंचलों और राज्यों में अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 22 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में भीषण बारिश का अलर्ट है। दक्षिण-पूर्व राजस्थान, कोंकण और गोवा के अलग-अलग इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश की आशंका है। मध्य महाराष्ट्र में 22 और 23 जुलाई को लगातार दो दिनों तक अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है। इसी तरह गुजरात क्षेत्र में 22 जुलाई से 24 जुलाई तक मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

बीते 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

22 जुलाई की सुबह तक पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण गुजरात क्षेत्र में 30 सेमी से भी अधिक की रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और तटीय कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक) हुई। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कोंकण व गोवा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई। इसी तरह झारखंड, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, विदर्भ और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) देखने को मिली है।

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और पंजाब-हरियाणा का हाल

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 22 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। इसके बाद 23 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

पूर्वी राजस्थान: 22 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। 22 से 26 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पश्चिमी राजस्थान: 22 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से आंधी और 22 से 26 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है।

पंजाब: 22 जुलाई और 27-28 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। जबकि 23 व 25 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 22 जुलाई को भारी बारिश होगी और 27 व 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश: 26 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 27 और 28 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: हिमाचल में 22 जुलाई को बहुत भारी और 23 से 28 जुलाई तक भारी बारिश होगी। उत्तराखंड में 22 से 28 जुलाई तक लगातार भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ

दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम मध्य प्रदेश में 22 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी जबकि 23 जुलाई को बहुत भारी और 24-25 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 22 और 23 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जिसके बाद 24-25 जुलाई को भारी बारिश होगी। पूरे क्षेत्र में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी। छत्तीसगढ़ में 22 और 23 जुलाई को भारी बारिश और 22 से 26 जुलाई तक आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी और 23 जुलाई को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में 60 किमी/घंटा की हवाएं

झारखंड में 22 से 26 जुलाई के दौरान 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 23 से 28 जुलाई तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

बिहार में 22 से 24 जुलाई और 27-28 जुलाई के दौरान भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। 22 से 24 जुलाई के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल में और 26 से 28 जुलाई तक उप-हिमालयी बंगाल में भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान व निकोबार में 22 से 28 जुलाई तक तेज हवाएं चलेंगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और नार्थ-ईस्ट में मूसलाधार आफत

असम और मेघालय में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इसके बाद 23 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी और 23 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 और 23 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी, जबकि 24 से 28 जुलाई के दौरान भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में तेज सतही हवाएं

हालांकि अगले 7 दिनों तक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश अंदरूनी मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधि थोड़ी कम रहेगी, फिर भी तटीय इलाकों में असर दिखेगा। तटीय कर्नाटक में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। 23 जुलाई और 26 से 28 जुलाई तक भारी बारिश और तेज सतही हवाएं चलेंगी।

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22 और 23 जुलाई को केरल एवं माहे में भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी जिसके बाद 24 से 28 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी। 22 और 23 जुलाई को तेलंगाना, उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश होगी। 22 से 28 जुलाई के दौरान तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और रायलसीमा में 22 से 26 जुलाई के दौरान 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने की चेतावनी दी गई है।

Weather Update : देशभर में मानसून हुआ सक्रिय, 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़-भूस्खलन से जम्मू-कश्मीर बेहाल

Monsoon becomes active across country, heavy rain alert for 18 states

Weather Update News : भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के लगभग 18 राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात, केरल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत कई राज्‍यों में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने की संभावना जताई है। जम्मू-कश्मीर में लगातार मूसलाधार बारिश से गुरेज में 4 जगह बादल फटने, बडगाम में बाढ़ और कई जिलों में भूस्खलन से तबाही हुई। बडगाम में सुखनाग नाला में बाढ़ से कई दुकानें बह गईं। खराब मौसम को देखते हुए सरकार ने सभी स्कूलों में 26 जुलाई तक छुट्टियां बढ़ा दी हैं।

 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के लगभग 18 राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात, केरल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत कई राज्‍यों में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने की संभावना जताई है।

 

कैसा है जम्मू-कश्मीर का हाल?

जम्मू-कश्मीर में लगातार मूसलाधार बारिश से गुरेज में 4 जगह बादल फटने, बडगाम में बाढ़ और कई जिलों में भूस्खलन से तबाही हुई। बडगाम में सुखनाग नाला में बाढ़ से कई दुकानें बह गईं। खराब मौसम को देखते हुए सरकार ने सभी स्कूलों में 26 जुलाई तक छुट्टियां बढ़ा दी हैं। उत्तर प्रदेश के मेरठ, शामली, बागपत, बिजनौर, आगरा, मथुरा, रामपुर, बरेली, अलीगढ़, झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है।

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मौसम विभाग ने बिहार के कई इलाकों में अगले 24-48 घंटों के दौरान तूफानी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर में आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकतर क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी तथा एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। ओडिशा के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहेगी।

यहां 2 स्थानों पर हुआ भूस्खलन

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के चलते पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2 स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे हाईवे करीब 6 घंटे तक बंद रहा। मदाना और शींदरा क्षेत्र में मलबा आने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सांबा, कठुआ, राजोरी, पुंछ और बनी क्षेत्र में लगातार बारिश से सड़कें बंद हो गईं।

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मौसम विभाग के अनुसार पिछले तीन दिनों में सबसे अधिक बारिश कटड़ा में 245.6 मिमी दर्ज की गई। पुंछ में 204.5 मिमी, राजोरी में 186.2 मिमी, रियासी में 184.5 मिमी और उधमपुर में 155.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने आज हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, किन्नौर और सिरमौर जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 

 

मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून का ब्रेक टूटते ही बादल झूमकर बरसे। सोमवार आधी रात के बाद से प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा का सिलसिला शुरू हुआ तो मंगलवार रात तक रुक-रुक कर चलता रहा। सीधी जिले की मझौली तहसील में सबसे अधिक 124.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। अगले 48 घंटे के दौरान भी प्रदेश के कई जिलों में वर्षा की संभावना है।

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आईएमडी ने की यह अपील

आईएमडी ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन व मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। ट्रेकिंग और अन्य पर्वतीय गतिविधियों से भी फिलहाल परहेज करने का सुझाव दिया गया है।

मौसम की पल-पल की लाइव रिपोर्ट और अपने जिले के सटीक पूर्वानुमान के लिए हमारे साथ बने रहें।

Agniveer Bharti 2026: अग्निवीर बनने का सुनहरा मौका! जाट रेजिमेंट सेंटर बरेली में होगी विशेष भर्ती रैली, जानिए तारीख समेत सबकुछ

Agniveer Bharti 2026: भारतीय सेना ने अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे देश के लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। जाट रेजिमेंट सेंटर, बरेली में 6 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक स्पेशल कोटा अग्निवीर भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD), ट्रेड्समैन, क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल और खिलाड़ी (स्पोर्ट्स ट्रायल में चयनित) कैटेगरी के अभ्यर्थी हिस्सा ले सकेंगे।

यह भर्ती रैली विशेष कोटा के तहत आयोजित की जा रही है। इसमें युद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों के बेटे और सगे भाई, युद्ध के दौरान घायल सैनिकों के बेटे, भूतपूर्व सैनिकों के बच्चे तथा उत्कृष्ट खिलाड़ी निर्धारित पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकेंगे। सेना ने भर्ती कार्यक्रम का डिटेल्स शेड्यूल भी जारी कर दिया है।

भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सभी आवश्यक मूल दस्तावेज, प्रमाण पत्र और उनकी प्रतियां साथ लानी होंगी। सभी उम्मीदवारों को भर्ती स्थल पर सुबह 4 बजे तक पहुंचना होगा। सेना ने स्पष्ट किया है कि सुबह 8 बजे के बाद पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।

भर्ती का शेड्यूल

6 और 7 अगस्त: अग्निवीर (जनरल ड्यूटी) के लिए विशेष भर्ती आयोजित की जाएगी।

8 अगस्त: अग्निवीर (जनरल ड्यूटी) के लिए उत्तर प्रदेश के चयनित जिलों के उम्मीदवारों की भर्ती होगी।

10 अगस्त: अन्य निर्धारित जिलों के अभ्यर्थियों के लिए अग्निवीर (जनरल ड्यूटी) भर्ती होगी।

12 अगस्त: सभी राज्यों के पात्र अभ्यर्थियों के लिए अग्निवीर ट्रेड्समैन भर्ती होगी।

13 अगस्त: अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर टेक्निकल पदों के लिए भर्ती रैली आयोजित होगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस विशेष भर्ती रैली में केवल वे उम्मीदवार भाग ले सकेंगे जो सेना द्वारा निर्धारित विशेष कोटा की पात्रता पूरी करते हैं। इसके अलावा, स्पोर्ट्स ट्रायल में चयनित खिलाड़ी भी संबंधित श्रेणी में शामिल हो सकेंगे।

युवाओं के लिए बड़ा अवसर

सेना का कहना है कि इस विशेष भर्ती का उद्देश्य पात्र युवाओं को अग्निवीर योजना के तहत सेना में शामिल होने का अवसर देना है। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और सभी चयन निर्धारित नियमों एवं पात्रता के आधार पर किए जाएंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे भर्ती की तारीख से पहले अपने सभी दस्तावेजों की जांच कर लें और तय समय पर भर्ती स्थल पर पहुंचें।

अग्निवीर योजना क्या है?

अग्निवीर स्कीम (Agnipath Scheme) केंद्र सरकार की तरफ से 14 जून 2022 को शुरू की गई सैन्य भर्ती योजना है। इसके तहत युवाओं की भर्ती भारतीय सेना (Army), नौसेना (Navy) और वायुसेना (Air Force) में चार साल की अवधि के लिए की जाती है। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले जवानों को ‘अग्निवीर‘ कहा जाता है।

योजना की मुख्य बातें

सेवा अवधि: 4 वर्ष (ट्रेनिंग सहित)

भर्ती: भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में होगी।

आयु सीमा: भर्ती अधिसूचना के अनुसार निर्धारित (योजना की शुरुआत में 17.5 से 21 वर्ष) बाद में कुछ भर्तियों में विशेष छूट भी दी गई)।

चार साल बाद क्या होगा?

  • चार साल की सेवा पूरी होने पर अधिकतम 25% अग्निवीरों को प्रदर्शन, भर्ती और संगठन की आवश्यकता के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है।
  • बाकी 75% अग्निवीर सेवा से मुक्त होंगे। उन्हें ‘सेवा निधि’ (Seva Nidhi) पैकेज, कौशल प्रमाणपत्र तथा अन्य रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

सैलरी और सुविधाएं

  • मासिक वेतन पहले साल में लगभग ₹30,000 से शुरू होकर चौथे वर्ष तक बढ़ता है।
  • जोखिम और कठिनाई भत्ता (जहां लागू हो) दिया जाता है।
  • चार वर्ष पूरे होने पर लगभग ₹11.71 लाख (ब्याज सहित) का टैक्स-फ्री सेवा निधि पैकेज मिलता है।
  • सेवा अवधि के दौरान ₹48 लाख का Non-contributory Life Insurance यानी बिना कोई प्रीमियम दिए मिलने वाला जीवन बीमा भी उपलब्ध कराया जाता है।

नौकरी के बाद रोजगार के अवसर

केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए कई रोजगार अवसरों की घोषणा की है, जिनमें शामिल हैं:-

  • CAPF और असम राइफल्स में 50% तक आरक्षण (निर्धारित पदों पर)
  • BSF, CRPF समेत केंद्रीय सुरक्षा बलों में विशेष प्रावधान
  • कई राज्य सरकारों द्वारा पुलिस भर्ती में आरक्षण और आयु सीमा में छूट
  • सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और निजी क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कौशल प्रमाणन की व्यवस्था।

Heavy Rain की चेतावनी: आज इन 3 राज्यों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग! दिल्ली-यूपी से बिहार तक 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश

India Heavy Rain Alert Today: देश भर में मानसून प्रचंड रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 22 जुलाई के लिए नया और विशेष वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने पश्चिम भारत के 3 प्रमुख क्षेत्रों (गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की सख्त चेतावनी दी है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश और ओडिशा समेत देश के 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण और पूर्वानुमान के अनुसार आज आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है:-

इन 3 राज्यों/क्षेत्रों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग ने आज 22 जुलाई को नीचे दिए गए 3 क्षेत्रों के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात क्षेत्र के मैदानी और उत्तरी भागों में बेहद तेज और मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। तटीय गोवा और कोंकण क्षेत्र में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। महाराष्ट्र के मध्यवर्ती इलाकों और घाट क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की आशंका है।

इन 8 राज्यों में बहुत भारी बारिश की ऑरेंज कलर वॉनिंग

देश के 8 राज्यों में आज मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज किए जाने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी राज्य हिमाचल में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पूरे पर्वतीय अंचल में बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसी के साथ पूरे मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पंजाब के अलग-अलग इलाकों में तेज बारिश होगी। महाराष्ट्र के विदर्भ अंचल में मूसलाधार बारिश दर्ज की जाएगी।

दिल्ली-यूपी और बिहार समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के 11 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है:-

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: यूपी और देवभूमि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में तेज बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज दिन भर बादल छाए रहेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल: दोनों राज्यों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पश्चिमी राजस्थान: राजस्थान के पश्चिमी अंचलों में भारी वर्षा की संभावना है।

मराठवाड़ा: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट है।

तेलंगाना: दक्षिणी राज्य तेलंगाना में कई जगहों पर भारी बारिश होगी।

पूर्वांचल और पूर्वोत्तर राज्य: असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अनुमान है।

40-50 kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी और थंडरस्टॉर्म अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में आंधी-तूफान के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तराखंड, विदर्भ और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में आकाशीय बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

मौसम वैज्ञानिक विश्लेषण

IMD के मुताबिक देश भर में कई प्रमुख मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं:-

मानसून ट्रफ: समुद्र तल पर मानसून की ट्रफ लाइन जैसलमेर, अजमेर, गुना, सतना, डाल्टनगंज, दीघा से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।

ईस्ट-वेस्ट शीयर जोन: 22°N अक्षांश के साथ समुद्र तल से 3।1 किमी से 7।6 किमी की ऊंचाई के बीच शीयर जोन बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस: उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे उत्तरी पंजाब के ऊपर 3।1 किमी की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जिसकी ट्रफ रेखा 70°E देशांतर के साथ 30°N अक्षांश के उत्तर में बनी हुई है।

उत्तर असम पर सिस्टम: उत्तरी असम और आसपास के क्षेत्र में 0।9 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

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UP Teacher Recruitment 2026: यूपी में सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ, माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों में भरे जाएंगे 23,899 पद

UP Teacher Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में जल्द ही बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। राज्य के शिक्षा सेवा चयन आयोग को सहायता प्राप्त माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन भेज दिया गया है। इसके बाद से समझा जा रहा है कि राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया जल्द रफ्तार पकड़ सकती है। उत्तर प्रदेश में 23,899 पदों पर नई दों शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। इसके तहत टीजीटी के 17740, पीजीटी के 2615 और सहायक अध्यापकों के 897 कुल 21252 रिक्त पदों का अधियाचन यूपीईएसएससी को भेज दिया है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के ई-अधियाचन पोर्टल पर कुल 21252 रिक्त पदों का अधियाचन अपलोड कर दिया। इससे पहले शिक्षा निदेशालय ने एडेड हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक के 1172 और इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 1475 पदों का अधियाचन चयन आयोग को भेजा था। इस प्रकार कुल 23899 पदों के रिक्त पदों की सूचना चयन आयोग को मिल चुकी है। आयोग पहले रिक्त पदों का परीक्षण करेगा और उसके बाद भर्ती का विज्ञापन जारी होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने अधियाचन अपलोड होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है।

जल्द शुरू होगी भर्ती

प्रवक्ता और प्राइमरी अध्यापकों के अधियाचन अपलोड होने से इन पदों पर जल्द भर्ती की उम्मीद जगी है। अब शिक्षा सेवा चयन आयोग भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने में जुट सकता है। सूत्रों के अनुसार, चयन आयोग पहले टीजीटी-पीजीटी और अन्य पदों पर भर्ती शुरू करेगा। परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के खाली पद का कार्यभार संभाल रहे ऐसे सहायक अध्यापक जिन्होंने बकाया वेतन देने के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की है उन्हें इसका लाभ दिया जाएगा। याचिका दाखिल करने की तिथि से उन्हें पिछले तीन साल का बकाया वेतन एरियर के रूप में दिया जाएगा। इस संबंध में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी बीएसए को निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि अगर किसी बीएसए द्वारा किसी याचिकार्ता शिक्षक को प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया हो। वहीं उस सहायक अध्यापक की ओर से प्रधानाध्यापक का वेतन प्राप्त करने के लिए बीएसए को प्रार्थना पत्र भी दिया गया हो। ऐसी स्थिति में बीएसए तथ्यात्मक रूप से जांच करेंगे कि क्या सहायक अध्यापक के रूप में शिक्षक ने पांच वर्ष का अनुभव पूरा कर लिया है? क्या वह वास्तव में प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य कर रहे हैं। यदि ऐसा है तो याचिकाकर्ता को प्रधानाध्यापक के पद का बकाया वेतन याचिका करने की तारीख से अधिकतम तीन साल का ही दिया जाएगा। भले ही वह इससे ज्यादा समय से इस पद पर कार्य कर रहे हों।

OPSC recruitment 2026: ओडिशा में 500 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, 24 जुलाई से शुरू होगा आवेदन