US Iran War: ईरान युद्ध पर ट्रंप ने दे दिया एक बड़ा अपडेट! क्या अब थम जाएगा युद्ध, समझें अमेरिका का पूरा प्लान

US Iran War Ceasefire Update: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो हफ्तों से ज्यादा समय से चल रहे भीषण संघर्ष को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जद्दोजहद जारी हैं। कतर, ओमान, मिस्र और पाकिस्तान जैसे क्षेत्रीय देश वाशिंगटन और तेहरान को बातचीत की मेज पर लाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि 10 दिनों के एक अस्थायी सीजफायर का प्रस्ताव भी तैयार है।

लेकिन इन सब के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल युद्ध पर ‘पॉज’ बटन दबाने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन का मानना है कि अभी युद्ध उस मोड़ पर नहीं पहुंचा है जहां कूटनीति सैन्य दबाव से बेहतर डील दे सके। आइए समझते हैं कि अमेरिका सीजफायर के प्रस्ताव पर कदम पीछे क्यों खींच रहा है और इसके पीछे की असली वजह क्या है।

10 दिनों का सीजफायर प्रस्ताव क्या है और किसने तैयार किया?

क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए मध्य पूर्व के 4 प्रमुख देश कतर, ओमान, मिस्र और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। प्रस्ताव के ये है मुख्य बिंदु:

  • अमेरिका और ईरान के बीच तत्काल 10 दिनों का अस्थायी सीजफायर लागू हो।
  • इस विराम के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने पर सीधी बातचीत हो।
  • यदि 10 दिनों का विराम सफल रहता है, तो एक व्यापक राजनीतिक और सुरक्षा ढांचे पर आगे की चर्चा की जाए।
  • कतर, ओमान, मिस्र और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मतभेदों को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखेंगे।

ईरान ने इस बात को स्वीकार किया है कि उसे सीजफायर का प्रस्ताव मिला है और वह इस पर विचार कर रहा है, हालांकि उसने अभी तक कोई औपचारिक जवाब नहीं दिया है।

सीजफायर के प्रस्ताव को क्यों टाल रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस प्रस्ताव पर तुरंत मुहर न लगाने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े रणनीतिक कारण हैं:

A. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बार्गेनिंग पावर: अमेरिकी हमलों के बावजूद ईरान ने अभी तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को जहाजों की आवाजाही के लिए नहीं खोला है। यह वही समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है। वाशिंगटन का मानना है कि ईरान पर सैन्य दबाव जारी रखने से अमेरिका को बातचीत की मेज पर ज्यादा बढ़त मिलेगी।

B. अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला: हाल ही में जोर्डन में हुए एक ईरानी मिसाइल हमले में 2 अमेरिकी सैनिक शहीद हो गए थे। इस घटना ने वाशिंगटन के रुख को और सख्त कर दिया है। अब अमेरिका का ध्यान युद्ध रोकने से हटकर जवाबी कार्रवाई पर केंद्रित हो गया है। अमेरिका किसी भी स्थिति में खुद को कमजोर दिखाकर बातचीत में शामिल नहीं होना चाहता।

ये 4 देश ही क्यों कर रहे हैं मध्यस्थता?

इन चारों देशों के अमेरिका और ईरान दोनों के साथ गहरे कूटनीतिक और रणनीतिक संबंध हैं:

ओमान: ओमान लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच एक गुप्त बैकचैनल के रूप में काम करता आया है।

कतर: कतर में मध्य पूर्व का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अड्डा है, और साथ ही ईरान के साथ भी इसके कामकाजी संबंध हैं।

मिस्र: मिस्र अरब जगत का एक प्रमुख देश है, जो क्षेत्रीय युद्ध को फैलने से रोकने के लिए लगातार सक्रिय रहता है।

पाकिस्तान: पाकिस्तान की सीमाएं ईरान से लगती हैं और खाड़ी देशों व अमेरिका दोनों के साथ उसके करीबी संबंध हैं। वह इस डर से मध्यस्थता में जुटा है ताकि युद्ध से उसका अपना क्षेत्र अस्थिर न हो।

इस युद्ध से दांव पर क्या लगा है?

यह सीजफायर सिर्फ लड़ाई रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर ग्लोबल इकोनॉमी पर भी पड़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई है और कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। अगर यह समुद्री मार्ग जल्द नहीं खुलता है, तो भारत जैसे प्रमुख ऊर्जा आयातक देशों के लिए क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ना और आर्थिक दबाव महसूस होना तय है।

Iran पर 9 दिनों तक ताबड़तोड़ हमले के बाद अमेरिका ने दिखाई उम्मीद की किरण, मार्को रुबियो बोले- ईरान के अलग-अलग चैनलों से बातचीत के मिल रहे संकेत

US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच भीषण युद्ध जारी है। दोनों ही पक्ष अपने कदम खींचने को तैयार नहीं है। एक ओर अमेरिका लगातार ईरान पर जोरदार हमले कर रहा है। वहीं, ईरान का भी पलटवार जारी है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिका का दावा है कि ईरान फिर से बातचीत की मेज पर लौटना चाह

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US Iran War News: क्या ईरान ने अमेरिका के सामने किया सरेंडर? ट्रंप के मंत्री ने तेहरान से बातचीत के दिए संकेत

US Iran War News: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को कई माध्यमों से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि ईरान बातचीत करना चाहता है। हालांकि, ईरानी नेतृत्व के भीतर इस मुद्दे पर मतभेद भी बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। CNN से बातचीत में रुबियो ने कहा, “हमें कई चैनलों के जरिए ईरान की ओर से बातचीत की इच्छा के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन वहां की सत्ता और नेतृत्व के भीतर इस मुद्दे को लेकर विभाजन भी बढ़ रहा है।”

सैन्य कार्रवाई के बीच कूटनीति के संकेत

रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच लगातार सैन्य हमले जारी हैं। अमेरिका का कहना है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हमलों के लिए किया जा रहा है।

इससे पहले भी रुबियो ने आरोप लगाया था कि ईरान क्षेत्रीय संघर्ष में हॉर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर रहा है। उन्होंने अन्य देशों से भी वैश्विक समुद्री व्यापार और जहाजरानी की सुरक्षा के लिए अधिक सहयोग देने की अपील की।

दुनिया के देशों से सहयोग की अपील

फिलीपींस रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा कि अमेरिका समुद्री रूट्स की सुरक्षा के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा। लेकिन अन्य देशों को भी उपकरण, संसाधन और आर्थिक सहयोग देकर इस जिम्मेदारी में भागीदारी करनी चाहिए।

लगातार नौवीं रात अमेरिकी हमले

ईरान पर अमेरिकी हमलों का सिलसिला लगातार नौवीं रात भी जारी रहा। ईरानी मीडिया के मुताबिक, देश के दक्षिणी तटीय इलाकों में कई धमाके हुए। इसके अलावा मौजूदा अभियान के दौरान पहली बार उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज (Tabriz) में भी विस्फोटों की खबर सामने आई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि सैन्य अभियान का दायरा अब और बढ़ाया जा रहा है।

ट्रंप बोले- फिर किया जोरदार हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताजा हमलों के बाद कहा कि यह कार्रवाई उन तीन महान देशभक्तों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने इस संघर्ष में अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ‘फीफा क्लब विश्व कप’ फाइनल से वॉशिंगटन लौटने के बाद ट्रंप ने कहा, “हमने आज रात फिर उन पर बहुत जोरदार हमला किया।”

बातचीत का रास्ता अब भी खुला

हालांकि, सैन्य संघर्ष लगातार तेज हो रहा है, लेकिन मार्को रुबियो ने साफ किया कि अमेरिका अब भी कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, सैन्य कार्रवाई और बातचीत दोनों प्रक्रियाएं एक साथ चल सकती हैं, और यदि ईरान वार्ता के लिए आगे आता है तो अमेरिका उस विकल्प पर भी विचार करने को तैयार है।

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US Iran War: ईरान पर ट्रंप के तेवर कड़े! तेहरान पर अमेरिका ने पहली बार दिन के उजाले में बरसाए बम, बेहद खतरनाक फेज में पहुंचा युद्ध

US Launches First Daylight Airstrikes On Iran: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख के बीच, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति बदलते हुए पहली बार दिन के उजाले में हवाई हमले (Daylight Airstrikes) शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही यह युद्ध अब एक बिल्कुल नए फेज में प्रवेश कर चुका है।

पिछले कई दिनों से ट्रंप प्रशासन के निर्देश पर अमेरिकी वायुसेना सिर्फ रात के अंधेरे में ईरान पर बमबारी कर रही थी, लेकिन बुधवार को अचानक दिन में हुए हमलों ने सबको चौंका दिया है। दोनों देशों के बीच हुआ अंतरिम समझौता (Interim Deal) पूरी तरह टूट चुका है, जिसके बाद दोनों महाशक्तियां आमने-सामने आ गई हैं। आइए जानते हैं क्या है मिडिल ईस्ट में भड़के इस महायुद्ध की मौजूदा स्थिति।

CENTCOM ने की दिन में हवाई हमलों की पुष्टि

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस नए सैन्य ऑपरेशन की पुष्टि की है:

सुबह 6 बजे शुरू हुए हमले: सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईस्टर्न टाइम (ET) के मुताबिक सुबह 6 बजे ईरान पर हवाई हमलों की नई लहर शुरू की।

रणनीति में बड़ा बदलाव: रात के बजाय दिन के उजाले में हमला करना अमेरिकी सेना की आक्रामक रणनीति और बढ़ते सैन्य दबाव को साफ दर्शाता है।

आखिर क्यों ईरान पर बम बरसा रहा है अमेरिका?

इस पूरे सैन्य टकराव के केंद्र में दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री ऊर्जा गलियारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है:

कमर्शियल जहाजों पर हमला: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक, पिछले सात दिनों में ईरान ने जानबूझकर सात कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया है, जिसमें लगभग एक दर्जन नागरिक क्रू मेंबर्स की मौत हुई है या वे लापता/घायल हैं।

पड़ोसी देशों पर मिसाइल दागना: ईरान ने अपने पड़ोसी खाड़ी देशों की तरफ भी दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करना और ईरान की आक्रामकता का करारा जवाब देना है।

समझौता टूटने के बाद बिगड़े हालात

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए जो राजनयिक प्रयास चल रहे थे, वे अब पूरी तरह ठप हो चुके हैं:

इंटरिम डील हुई तबाह: दोनों देशों के बीच हुआ अंतरिम समझौता पूरी तरह से बिखर चुका है, जिससे कूटनीति के रास्ते बंद हो गए हैं और दोनों देश सीधे सैन्य टकराव के रास्ते पर लौट आए हैं।

बढ़ेगा ग्लोबल एनर्जी संकट: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर दुनिया का एक बड़ा तेल और गैस का कारोबार गुजरता है। यहां लगातार हो रहे हमलों और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति ठप होने और क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छूने का खतरा मंडराने लगा है।

कुल मिलाकर अमेरिकी सेना के इस कदम से साफ है कि वाशिंगटन अब तेहरान पर किसी भी तरह का सैन्य दबाव कम करने के मूड में नहीं है। रात के बाद अब दिन में भी शुरू हुई इस बमबारी ने मिडिल ईस्ट में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आहट को और तेज कर दिया है।

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US-Iran War News: होर्मुज को लेकर ट्रंप का बड़ा ऐलान! ईरानी जहाजों पर पूरी नाकाबंदी, शुल्क लगाने की धमकी से पीछे हटे

US-Iran War News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान और खाड़ी क्षेत्र को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना की वजह से वैश्विक तेल आपूर्ति रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान को छोड़कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी देशों के लिए खुला रहेगा। जबकि ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर पूरी नाकाबंदी लागू की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।

इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। जबकि 10 अन्य घायल हो गए। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार सुबह ईरान दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया और इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के दौरान ‘ए अल बहियाह’ और ‘एमटी मोम्बासा’ नाम के दो पोत पर हुए हमलों को लेकर बेहद चिंतित है।

टैरिफ वाले बयान से पीछे हटे

डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले माल पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की अपनी योजना से एक दिन बाद ही पीछे हटते हुए कहा कि इसके बजाय पश्चिम एशियाई देश अमेरिका के साथ निवेश और व्यापार समझौते करेंगे।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा. “पश्चिम एशिया के नेताओं के साथ अत्यंत सकारात्मक बातचीत के आधार पर मैंने 20 प्रतिशत अमेरिकी प्रतिपूर्ति शुल्क को उन व्यापार और निवेश समझौतों से बदलने का फैसला किया है। उन्हें विभिन्न खाड़ी देश अमेरिका में करेंगे।”

राष्ट्रपति ने कहा कि ये निवेश बहुत बड़े पैमाने पर होंगे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये उन नई प्रतिबद्धताओं से अलग होंगे या नहीं, जिनकी घोषणा ट्रंप ने पिछले साल पश्चिम एशिया यात्रा के बाद की थी।

ईरान का हिंसक दौर अब खत्म होगा?

ट्रंप ने दुनिया को भरोसा दिलाते हुए संकल्प लिया है कि अमेरिका, ईरान को कभी भी परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने दावा किया है कि इन कड़े कदमों के बाद अब क्षेत्र में ईरान का हिंसक और आक्रामक दौर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

होर्मुज में हमले में एक भारतीय की मौत

भारत ने कमर्शियल पोत ‘एमटी अल बहिया’ और ‘एमटी मोम्बासा’ पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। उन पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। भारत ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता लाने के लिए हिंसा को तुरंत रोकने और बातचीत व कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपनी अपील दोहराई।

संयुक्त अरब अमीरात के दो तेल टैंकरों पर हमले अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुए। ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद शुरू हुए संघर्ष में पश्चिम एशिया में 14 भारतीयों की मौत हो चुकी है।

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विदेश मंत्रालय ने मारे गए भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय मिशन हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। साथ ही प्रभावित भारतीय नाविकों को हर संभव मदद दिलाने के लिए खाड़ी देश के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं।

Crude Oil Price: अमेरिका-ईरान के बीच फिर बढ़ा तनाव, ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार

Crude Oil Price: आज हफ्ते के पहले दिन सोमवार 13 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है। क्रूड की कीमतें 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार निकल गई है। क्रूड ऑयल में यह तेजी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर कंट्रोल को लेकर पश्चिम एशिया में एक फिर तनाव बढ़ने के बाद देखने को मिली है।

बता दें कि साइप्रस के कमर्शियल जहाज पर हमले के बाद अमेरिका फिर भड़का। ईरान के करीब 140 ठिकानों पर अटैक किया। इधर ईरान ने भी खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया है। ईरान ने हॉर्मुज को बंद करने का एलान किया। वहीं ट्रंप का दावा अभी भी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुला है।

ब्रेंट क्रूड अब सितंबर में एक्सपायर होने वाले कॉन्ट्रैक्ट के लिए $79 प्रति बैरल के निशान से ऊपर ट्रेड कर रहा है। 4% से ज़्यादा की बढ़त तब हुई जब पिछले हफ्ते कॉन्ट्रैक्ट में 5.5% की बढ़त हुई थी, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) या US क्रूड वेरिएंट भी $74 प्रति बैरल के निशान से ऊपर ट्रेड कर रहा था। वीकेंड ब्रेक के बाद यूरोपियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स में भी 2.5% की बढ़त हुई।

होर्मुज स्ट्रेट खुला है या बंद?

हालांकि ईरान ने घोषणा की है कि स्ट्रेट, जो एक मुख्य जलमार्ग है, जो ग्लोबल एनर्जी सप्लाई का 20% कंट्रोल करता है, “अगली सूचना तक” बंद रहेगा, US सेंट्रल कमांड ने इस तरह के दावे से इनकार किया है, और कहा है कि सेना नेविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।

सेंट्रल कमांड ने “X” पर लिखा, “होर्मुज स्ट्रेट उन सभी जहाजों के लिए खुला है जो कानूनी तौर पर इंटरनेशनल वॉटरवे से गुज़रना चाहते हैं।”

US सेंट्रल कमांड ने यह भी कहा कि उसने स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराने के लिए रविवार को शाम 5 PM ईस्टर्न टाइम पर हमलों का एक नया दौर शुरू किया है।

ईरान युद्ध के दौरान हुए सारे फ़ायदे गंवाने के बाद, कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ रही हैं। पिछले महीने फ्रांस में G7 समिट के दौरान US और ईरान दोनों ने एक MoU पर साइन किए थे। इसमें युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों का सुरक्षित रास्ता पक्का करने के पॉइंट शामिल थे।

हाल ही में हुए हमलों से पहले, शुक्रवार को इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के बयान के मुताबिक, इस हालिया भड़कने से इस साल के आखिर में खत्म हुए तेल के भंडार को फिर से बनाने की कोशिशों पर असर पड़ने का खतरा है।

जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर के मुताबिक, रविवार को स्ट्रेट से लगभग कोई ट्रैफिक नहीं था, सिर्फ़ दो तेल प्रोडक्ट टैंकर चोकपॉइंट के पास आते देखे गए। हालांकि, JMIC ने आगे कहा कि ओमान द्वारा कोऑर्डिनेट किया गया दक्षिणी रूट अभी भी उपलब्ध है।

ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर और टॉप नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ ने ऐलान किया है कि “एकतरफ़ा डील” का ज़माना खत्म हो गया है, और ज़ोर देकर कहा है कि बातचीत फिर से शुरू होने से पहले वॉशिंगटन को होर्मुज़ ट्रांज़िट पर पहले किए गए कमिटमेंट को प्राथमिकता देनी चाहिए और ईरान से तेल एक्सपोर्ट को नॉर्मल करना चाहिए।

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ईरान पर अमेरिका का भीषण हमला, इन सैन्य ठिकानों पर बरसाए बम! होर्मुज में चरम पर तनाव

अमेरिका ने ईरान पर सीजफायर खत्म होने के बाद तीसरे दौर की एयरस्ट्राइक शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल ठिकानों और एयर डिफेंस सिस्टम पर कई हमले किए हैं। इसके अलावा होर्मुज के आसपास मौजूद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कई बोट को भी निशाना बनाया गया। इससे पहले अमेरिका ने बुधवार और गुरुवार को भी एयरस्ट्राइक की थी।

ईरान की नई चेतावनी

इससे पहले ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद पहली बार संदेश जारी किया। उन्होंने कहा- ‘मैं अपने पिता के बेगुनाह खून का बदला जरूर लूंगा, यही हमारे देश की भी इच्छा है।’

फिर शुरू हुआ हमलों का दौर

रविवार को ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में कई नए मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। इन हमलों में कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई। इसके अलावा कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भी हमलों की खबरें सामने आई हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है। ईरान की राजधानी तेहरान का दावा है कि विस्फोटक ड्रोन से कुवैत में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, गोला-बारूद के भंडार और अमेरिकी रडार स्टेशन को निशाना बनाया गया। वहीं एक अन्य हमले में बहरीन में अमेरिकी संचार और रडार सुविधाओं पर हमला करने का भी दावा किया गया है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने यह भी दावा किया है कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच कतर की सेना ने दावा किया कि उसने देश को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइल को बीच रास्ते में ही रोक दिया। वहीं बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भी कहा कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई कर रहा है। इस दौरान कई जगहों पर धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं।

हमले के बाद एक भारतीय लापता

ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज ‘GFS गैलेक्सी’ पर हमला हुआ। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को बताया कि इस जहाज पर 11 भारतीय नागरिक सवार थे। इनमें से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारत ने हमले की कड़ी निंदा की है।

US-Iran War News: ईरान-अमेरिका युद्ध फिर भड़का! IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट को किया बंद, अमेरिकी सेना ने शुरू किया घातक हमला

US-Iran War News: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। शनिवार (11 जुलाई) देर रात ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को दोबारा बंद करने की घोषणा कर दी। इसके कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर तीसरे दौर की हवाई और मिसाइल कार्रवाई शुरू कर दी। इन घटनाओं ने पिछले महीने हुए अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बंद

ईरान का कहना है कि एक कमर्शियल जहाज ने उसकी ओर से निर्धारित रूट्स का पालन नहीं किया। इसके बाद ईरानी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जहाज की ओर चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाईं। ईरान ने इसे अपनी समुद्री सुरक्षा का उल्लंघन बताते हुए घोषणा की है कि होर्मुज अगले आदेश तक बंद रहेगा।

रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जहाजों को चेतावनी दी है कि वे ईरानी अधिकारियों द्वारा मंजूरी न किए गए किसी भी रास्ते से इसे पार करने की कोशिश न करें। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब ओमान की मध्यस्थता में समुद्री रूट्स को सुरक्षित रखने और युद्धविराम बनाए रखने की कोशिशें जारी थीं।

अमेरिका का तीसरा सैन्य हमला

ईरान की इस घोषणा के कुछ ही समय बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर तीसरे दौर की कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिका का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की क्षमताओं को कमजोर करना है। जिनके जरिए वह अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और नागरिक समुद्री ट्रैफिक को निशाना बना सकता है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरानी कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुए साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा है। उसका एक चालक दल का सदस्य अब भी लापता है।

सीजफायर पर मंडराया खतरा

अमेरिकी प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहेगा, तब तक युद्धविराम को आगे बढ़ाने या नए समझौते पर बातचीत संभव नहीं होगी। वॉशिंगटन को उम्मीद थी कि ईरान सार्वजनिक रूप से सभी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की गारंटी देगा। लेकिन इसके उलट तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा कर दी।

ओमान की मध्यस्थता जारी

तनाव के बीच ईरान और ओमान के विदेश मंत्रियों की शनिवार को बैठक हुई। दोनों देशों ने समुद्री रूट्स की सुरक्षा और भविष्य की व्यवस्था पर तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि बैठक में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त तंत्र पर चर्चा हुई। इस बीच, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद पहली बार सार्वजनिक बयान जारी किया है।

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LPG Price Today: घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के ग्राहकों को राहत! जानिए आपके शहर में आज क्या है कीमत

LPG Price Today: अगर आप आज (10 जुलाई) गैस सिलेंडर बुक कराने की योजना बना रहे हैं, तो पहले ताजा एलपीजी (LPG) रेट जरूर देख लें। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 10 जुलाई 2026 के लिए नई कीमतें जारी कर दी हैं। आज भी 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर और 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ शांति समझौते को खत्म बताने और अमेरिका द्वारा नए हमले शुरू करने के बाद LPG, CNG और PNG की कीमतों को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।

इससे एनर्जी सप्लाई के लिए अहम रास्ते, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर भी चिंता पैदा हो गई है। ट्रंप ने कहा है कि US-ईरान युद्ध को खत्म करने का अंतरिम समझौता खत्म हो गया है। 17 जून के समझौते को खत्म करने के कुछ घंटों बाद, अमेरिका ने बुधवार को ईरान के खिलाफ नए और बड़े सैन्य हमले किए। इन हमलों में देश के दक्षिणी तट पर मौजूद ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य से कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा करना बताया गया। अमेरिकी सेना ने कहा कि शुरुआती शांति समझौते और चल रही बातचीत के बावजूद उसने फिर से हमले शुरू कर दिए हैं।

भारत में इंडियन ऑयल ने 1 जुलाई से 19-kg वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत कम की, जो 2026 में पहली कटौती थी। अलग-अलग शहरों में यह कटौती ₹173 से ₹183.50 के बीच थी। सरकार ने कहा कि देश भर में घरेलू LPG, PNG और CNG की सप्लाई पूरी तरह से बनाए रखी जा रही है। सरकार ने यह भी कहा कि सप्लाई को लेकर चिंताएं कम होने के बाद होटलों, रेस्तरां और दूसरे व्यवसायों को कमर्शियल LPG की सप्लाई संकट से पहले के स्तर पर बहाल कर दी गई है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, कमर्शियल LPG की कीमतों में कटौती पिछले हफ्ते कमर्शियल ग्राहकों को सप्लाई बहाल होने के बाद की गई। घरेलू उत्पादन में सुधार और इंपोर्टेड LPG कार्गो के आने की उम्मीद के कारण कमर्शियल LPG सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटा ली गई थीं। इसके अलावा, बुधवार को एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर की कटौती की गई, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत घटकर ₹110 प्रति लीटर हो गई। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण जेट फ्यूल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद यह पहली कटौती थी। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट पर एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में कमी आने की उम्मीद है।

14 किलो घरेलू LPG सिलेंडर के दाम (रुपये में)

दिल्ली: ₹942

नोएडा: ₹939.50

मुंबई: ₹941.50

कोलकाता: ₹968

पटना: ₹1,031.50

लखनऊ: ₹979.50

चेन्नई: ₹957.50

चंडीगढ़: ₹951.50

जयपुर: ₹945.50

हरियाणा: ₹943.50

असम: ₹991

19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम (रुपये में)

दिल्ली: ₹2,930

नोएडा: ₹2,930

मुंबई: ₹2,885.50

कोलकाता: ₹3,081.50

पटना: ₹3,227

लखनऊ: ₹3,052.50

चेन्नई: ₹3,106

चंडीगढ़: ₹2,954.50

जयपुर: ₹2,957.50

हरियाणा: ₹2,932

असम: ₹3,173.50

कब बदलती हैं LPG की कीमतें?

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। हालांकि, जरूरत पड़ने पर महीने के बीच में भी घरेलू या कमर्शियल सिलेंडर के दाम बदले जा सकते हैं।

घर बैठे ऐसे करें अपने शहर का LPG रेट चेक

अगर आप अपने शहर में एलपीजी सिलेंडर की सटीक कीमत जानना चाहते हैं, तो इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ताजा रेट देख सकते हैं। वहां हर शहर के अनुसार अपडेटेड कीमतें उपलब्ध रहती हैं। फिलहाल 10 जुलाई 2026 को एलपीजी उपभोक्ताओं को कीमतों में किसी तरह की राहत नहीं मिली है। घरेलू एवं कमर्शियल दोनों कैटेगरी के सिलेंडरों के दाम स्थिर बने हुए हैं।

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ट्रंप के सीजफायर खत्म होने के ऐलान से शेयर बाजार धड़ाम, 1600 फिसला सेंसेक्स

भारतीय शेयर बाजारों में दोपहर बाद अचानक बड़ी गिरावट आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो चुका है। इससे बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी क्रैश कर गए। 2 बजे निफ्टी 1.84 फीसदी यानी 434 अंक गिरकर 23,971 पर आ गया। सेंसेक्स 1.84 यानी 1500 अंक गिरकर 76,740 पर आ गया। बैंक शेयरों में भी बड़ी गिरावट दिखी, जिससे बैंक निफ्टी 1.96 फीसदी क्रैश कर गया।