FY26 में ₹67.5 करोड़ की सैलरी, Tech Mahindra के सीईओ को मिला आधे एंप्लॉयीज से 1085 गुना ज्यादा

Tech Mahindra CEO Salary: दिग्गज टेक कंपनी टेक महिंद्रा के सीईओ और एमडी मोहित जोशी को पिछले वित्त वर्ष 2026 में ₹67.54 करोड़ (54 लाख पौंड) की सैलरी मिली। सालाना आधार पर यह 11.76% अधिक रहा। आईटी कंपनी की सालाना रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है। इस हाइक में ESOPs (एंप्लॉयी स्टॉक ओनरशिप प्लान) शामिल है। अगर इसे निकाल दिया जाए तो मोहित जोशी को वित्त वर्ष 2026 में सालाना आधार पर 20.39% अधिक सैलरी मिली। इस हाइक का कैलकुलेशन ब्रिटिश पाउंड में हुआ है। वित्त वर्ष 2025 में उनकी सैलरी ₹52.1 करोड़ थी।

Tech Mahindra के सीईओ की सैलरी का ब्रेकअप

मोहित जोशी के वित्त वर्ष 2026 के सैलरी पैकेज में वास्तविक सैलरी 13.6 लाख पौंड यानी ₹17 करोड़ रही। इसके अलावा इसमें इस्तेमाल किए गए ESOPs की 29.3 लाख पौंड (₹36.65 करोड़) की वैल्यू और परफॉर्मेंस से जुड़े बोनस के तौर पर 11.1 लाख पौंड (₹13.8 करोड़) शामिल हैं। वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत में उनके पास 4,68,130 शेयर थे और बाद में उन्हें 1,97,718 शेयर और मिले। कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक पूरे वित्त वर्ष में उन्होंने 2,35,364 स्टॉक ऑप्शंस का इस्तेमाल किया।

सीईओ और आम एंप्लॉयी के पैकेज में कितना फर्क?

कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक ESOP मिलाकर मोहित जोशी की सैलरी कंपनी के एंप्लॉयीज की मीडियन सैलरी से 1,085.27 गुना अधिक रही। साथ ही वित्त वर्ष 2026 में एंप्लॉयीज के मीडियन पैकेज में 4.89% की गिरावट आई। मीडियन सैलरी का मतलब है कि कंपनी में ऊपर से नीचे तक के सभी एंप्लॉयीज में आधे की सैलरी मीडियन लेवल से अधिक है तो आधे की इस लेवल से कम और टेक महिंद्रा के सीईओ का पैकेज मीडियन सैलरी से 1085 गुना अधिक रहा। वित्त वर्ष 2026 के आखिरी में कंपनी के 1,19,337 स्थायी कर्मचारी थे।

बाकी कंपनियों में क्या रही स्थिति

वित्त वर्ष 2026 में टेक महिंद्रा के सीईओ को ₹67.5 करोड़ मिले। अब इसकी तुलना देश में टॉप की आईटी कंपनियों के सीईओ से करें तो देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस के सीईओ K Krithivasan को वित्त वर्ष 2026 में ₹28 करोड़, इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख को ₹82.6 करोड़, विप्रो के श्रीनिवास पल्लिया को ₹49.6 करोड़ और एलटीएम के वेनु लांबू को ₹27.26 करोड़ मिले।

भगोड़े नीरव मोदी को लंदन हाईकोर्ट में झटका, फंस गए खुद के ही ई-मेल ने, बैंक ऑफ इंडिया को मिलेंगे ₹100 करोड़

TCS Results Update: 9 जुलाई को जून तिमाही के नतीजे जारी करेगी TCS, डिविडेंड देने पर होगा भी विचार

TCS Results Update: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) ने बताया है कि उसके बोर्ड की बैठक 9 जुलाई 2026 को होगी। इस बैठक में जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। इसके साथ ही कंपनी अंतरिम डिविडेंड पर भी फैसला कर सकती है।

टाटा ग्रुप की इस कंपनी ने कहा है कि बोर्ड 30 जून 2026 को खत्म तिमाही के ऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों पर विचार करेगा और उन्हें मंजूरी देगा।

डिविडेंड का भी हो सकता है ऐलान

तिमाही नतीजों के साथ निवेशकों की नजर डिविडेंड पर भी रहेगी। TCS का बोर्ड अंतरिम डिविडेंड पर विचार करेगा। अगर डिविडेंड का ऐलान होता है तो उसका फायदा उन शेयरधारकों को मिलेगा जिनका नाम 15 जुलाई 2026 तक कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज होगा। कंपनी ने इसके लिए 15 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय किया है।

पिछली तिमाही में कैसा था प्रदर्शन?

मार्च 2026 तिमाही में TCS ने बाजार की उम्मीदों से बेहतर नतीजे दिए थे। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर कंपनी का रेवेन्यू पिछली तिमाही के मुकाबले 1.2% बढ़ा था। खास बात यह रही कि पिछले सात क्वार्टर में यह कंपनी की सबसे तेज ग्रोथ थी।

एनालिस्टों को औसतन 1% ग्रोथ की उम्मीद थी। कुछ ब्रोकरेज हाउस ने 0.6% से 1.4% तक का अनुमान लगाया था, लेकिन कंपनी इन अनुमानों के ऊपरी स्तर के करीब पहुंचने में सफल रही।

29% उछला था TCS का मुनाफा

मार्च तिमाही में TCS का शुद्ध लाभ बढ़कर ₹13,718 करोड़ पहुंच गया था। दिसंबर तिमाही में यह ₹10,657 करोड़ था। यानी कंपनी के मुनाफे में करीब 29% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वहीं कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़कर ₹70,698 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही में ₹67,087 करोड़ था। यह आंकड़ा भी बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।

मार्जिन में सुधार, बड़े ऑर्डर भी मिले

TCS की कमाई की ताकत दिखाने वाला EBIT बढ़कर ₹17,870 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही से 6% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 25.3% रहा, जो दिसंबर तिमाही के 25.2% से थोड़ा बेहतर है।

मार्च तिमाही में TCS ने 12 अरब डॉलर के नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए थे। यह कंपनी के इतिहास के सबसे बड़े ऑर्डर बुकिंग स्तरों में से एक है। इसमें तीन बड़े मेगा डील भी शामिल थीं।

पहले भी दे चुकी है ₹31 का डिविडेंड

TCS ने हाल ही में अपने शेयरधारकों के लिए ₹31 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड को मंजूरी दी थी। हालांकि उसकी रिकॉर्ड डेट का ऐलान अभी बाकी है।

अब निवेशकों की नजर 9 जुलाई पर रहेगी। बाजार यह देखना चाहेगा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच TCS की ग्रोथ कितनी मजबूत बनी हुई है और कंपनी डिविडेंड को लेकर क्या फैसला करती है।

TCS का शेयर सोमवार को 0.21% की बढ़त के साथ 2,129.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, बीते 6 महीने में शेयर 35% से ज्यादा टूट चुका है।

Railway Stocks: बंगाल में ₹1 लाख करोड़ से बनेगा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, इन 4 स्टॉक्स पर रखें नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक में बड़ी गिरावट से Nifty IT Index 5 फीसदी क्रैश, निवेशकों को क्या करना चाहिए?

आईटी शेयरों में 19 जून को बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह रेवेन्यू ग्रोथ को लेकर एक्सेंचर का नया अनुमान है। उसने पूरे साल के लिए रेवेन्यू ग्रोथ के अपने अनुमान को घटा दिया है। इससे आईटी सर्विसेज की डिमांड कमजोर रहने का संकेत मिलता है। इसका असर 19 जून को आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिखा। टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई।

आईटी शेयरों पर बीते कुछ महीनों में बड़ा दबाव दिखा है। इसका असर म्यूचुअल फंडों की आईटी फोकस वाली स्कीमों पर भी पड़ा है। बीते एक साल में इन स्कीमों का रिटर्न निगेटिव रहा है। हालांकि, लंबी अवधि में प्रदर्शन अभी पॉजिटिव बना हुआ है। फ्रैंकलिन इंडिया टेक्नोलॉजी फंड का 3 सालों में सालाना रिटर्न 12.62 फीसदी रहा है।

एसबीआई टेक्नोलॉजी अपॉर्चुनिटीज फंड ने 5 सालों में सालाना 9.67 फीसदी रिटर्न दिया है। अगर आईटी फोकस वाले म्यूचुअल फंड्स की कैटेगरी की बात की जाए तो बीते तीन सालों में इनका औसत रिटर्न करीब 5.4 फीसदी रहा है। इनमें क्वांट टेक फंड, मोतीलाल ओसवला डिजिटल इंडिया फंड, इनवेस्को इंडिया टेक्नोलॉजी फंड और एडलावाइज टेक्नोलॉजी फंड के अच्छे प्रदर्शन का हाथ है।

हालांकि, बीते छह महीनों में एवरेज रिटर्न करीब 15.4 फीसदी निगेटिव रहा है। इसकी वजह बीते महीनों में टेक्नोलॉजी शेयरों में आई बड़ी गिरावट है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि मीडियम और लॉन्ग टर्म के लिहाज से आईटी म्यूचुअल फंडों में निवेश का बड़ा मौका दिख रहा है।

वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में डायरेक्टर (रिसर्च) क्रांति बाथिनी ने कहा का कि म्यूचुअल फंड की कोई स्कीम कितनी अट्रैक्टिव है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इनवेस्टर कितना रिस्क ले सकता है और वह कितने समय के लिए निवेश करना चाहता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आईटी-फोकस वाले म्यूचुअल फंड्स को कंट्रेरियन अपॉर्चुनिटीज माना जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आईटी शेयरों की वैल्यूएशंस हिस्टोरिकल एवरेज के करीब आ गई हैं। इससे ये मध्यम और लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से अट्रैक्टिव हो गए है। उन्होंने कहा, “हालांकि, साइक्लिकल नेचर को देखते हुए निवेश एकमुश्त की जगह धीरे-धीरे सिस्टमैटिक ऐलोकेशन के जरिए होना चाहिए।”

इक्विरियल सिक्योरिटीज में डायरेक्टर (रिसर्च एनालिस्ट) संदीप शाह ने कहा कि आईटी शेयरों में बड़े करेक्शन के बावजूद ऐसे शेयरों में निवेश किया जा सकता है, जिनकी ग्रोथ विजिबिलिटी अच्छी है। लार्जकैप आईटी शेयरों में इंफोसिस और टेक महिंद्रा का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। मिडकैप शेयरों में Mphasis, eClerx और KPIT Technologies के शेयर अपेक्षाकृत बेहतर दिखते हैं।

Stocks to Watch: शुक्रवार 19 जून को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: शेयर बाजार में शुक्रवार 19 जून शुक्रवार कई कंपनियां खबरों के चलते फोकस में रह सकती हैं। कहीं नए CEO की नियुक्ति हुई है, तो कहीं फंड जुटाने और रणनीतिक साझेदारी जैसे फैसले लिए गए हैं। ऐसे में इन शेयरों में कारोबार के दौरान बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंकों में शामिल HDFC Bank को RBI से बड़ी मंजूरी मिली है। RBI ने केकी मिस्त्री का अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन के तौर पर कार्यकाल 18 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। साथ ही बैंक ने 5 अगस्त 2026 को 32वीं AGM बुलाने की मंजूरी भी दी है।

IT Stocks

ग्लोबल IT कंपनी Accenture के ताजा नतीजों उम्मीद से कमजोर रहे। कंपनी की कमाई बढ़ी है, लेकिन रेवेन्यू मार्केट की उम्मीद से थोड़ा कम रहा। इसका असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ सकता है। ऐसे में टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो जैसे शेयरों में हलचल दिख सकती है।

Bharat Forge

डिफेंस कंपनी Bharat Forge की सहयोगी Kalyani Strategic Systems ने अमेरिकी डिफेंस कंपनी AM General के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां दुनिया भर की सेनाओं के लिए आधुनिक मोबाइल तोप सिस्टम विकसित करेंगी।

Wipro

IT कंपनी Wipro ने यूरोप की रिटेल कंपनी Metro AG का बड़ा डेटा सेंटर प्रोजेक्ट पूरा कर लिया है। कंपनी का कहना है कि इससे Metro AG को AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी का ज्यादा फायदा मिलेगा।

Quick Heal Technologies

साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशंस देने वाली Quick Heal Technologies ने हरीश कुमार जीएस को नया CEO नियुक्त किया है। उनके पास साइबर सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है।

Bosch Home Comfort India

वॉटर हीटर और होम कम्फर्ट प्रोडक्ट्स बनाने वाली Bosch Home Comfort India के प्रमोटर ने OFS में ओवर-सब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके बाद ऑफर का आकार बढ़ाकर 21.67 लाख शेयर कर दिया गया है। आमतौर पर ऐसा तब होता है जब निवेशकों की तरफ से अच्छी मांग देखने को मिलती है।

Manappuram Finance

गोल्ड लोन कंपनी Manappuram Finance का बोर्ड 23 जून को फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार करेगा। कंपनी कर्ज के जरिए पूंजी जुटाने के विकल्पों पर चर्चा करेगी। इस रकम का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने, ज्यादा लोन देने और अन्य जरूरतों के लिए किया जा सकता है।

Diamond Power Infrastructure

पावर ट्रांसमिशन कंपनी Diamond Power Infrastructure के बोर्ड ने QIP के जरिए 2,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दे दी है। कंपनी यह फंड क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) को इक्विटी शेयर जारी करके जुटाएगी।

MSP Steel & Power

स्टील और पावर सेक्टर में काम करने वाली MSP Steel & Power के प्रमोटर ग्रुप ने खुले बाजार से 38.25 लाख शेयर खरीदे हैं। प्रमोटर्स की तरफ से हिस्सेदारी बढ़ाना आमतौर पर कंपनी के भविष्य को लेकर भरोसे का संकेत माना जाता है।

Brigade Enterprises

रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी Brigade Enterprises को चेन्नई में अपने एक बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर झटका लगा है। प्रोजेक्ट की एनवायरमेंटल क्लीयरेंस रद्द कर दी गई है। कंपनी इस आदेश के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही है।

Tata Capital

टाटा ग्रुप की NBFC Tata Capital ने अगले कुछ वर्षों के लिए अपने ग्रोथ टारगेट दोहराए हैं। कंपनी का लक्ष्य AuM और मुनाफे दोनों को मजबूत करना है। मैनेजमेंट का कहना है कि कारोबार में फिलहाल कोई बड़ी कमजोरी नहीं दिख रही। आने वाले समय में गोल्ड लोन, Micro LAP और किफायती होम लोन पर ज्यादा फोकस रहेगा।

Rajratan Global Wire

स्टील वायर बनाने वाली Rajratan Global Wire को ICRA से पॉजिटिव अपडेट मिला है। रेटिंग एजेंसी ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग बरकरार रखी है। यह इस बात का संकेत माना जाता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति और कर्ज चुकाने की क्षमता को लेकर एजेंसी का भरोसा कायम है।

Vijay Kedia Stock: विजय केडिया की इस लॉजिस्टिक्स कंपनी में एंट्री, एक साल में 350% से ज्यादा चढ़ चुका है स्टॉक

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Sector का भारी दबाव, Sensex-Nifty कभी लाल तो कभी हरा, इन 5 वजहों से दोनों तरफ भाग रहा मार्केट

Stock Market moving up and down: कच्चे तेल की नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते पर जियो-पॉलिटिकल टेंशन में कमी के बावजूद घरेलू स्टॉक मार्केट में खास जोश नहीं दिख रहा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में ग्रीन और रेड जोन में झूल रहे। ब्रोडर लेवल पर भी मिला-जुला रुझान है और निफ्टी मिडकैप 100 में फिलहाल मामूली बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है। फिलहाल 10:14 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 120.12 प्वाइंट्स यानी 0.16% की बढ़त के साथ 77,275.74 और और निफ्टी (Nifty) भी 43.20 प्वाइंट्स यानी 0.18% के उछाल के साथ 24,128.90 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 111.23 प्वाइंट्स फिसलकर 77,044.39 और 164.70 की बढ़त के साथ 77,320.32 तक पहुंचा तो निफ्टी भी 26.85 प्वाइंट्स गिरकर 24,058.85 और 53.95 प्वाइंट्स चढ़कर 24,085.70 तक पहुंचा।

Stock Market in pressure: ये है वजह

अमेरिका में ब्याज दरें स्थिर लेकिन आगे बढ़ाने के संकेत

अमेरिकी फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श ने अपनी अगुवाई में पहली बार तय हुई मौद्रिक नीतियों में दरों को स्थिर रखा है। हालांकि फेडरल रिजर्व ने इस साल दरों में बढ़ोतरी के संकेत भी दिए हैं। इसके चलते ही मार्केट में उठा-पटक दिख रही है।

IT Sector का दबाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत दिया जिससे दुनिया भर में टेक स्टॉक्स को लेकर निवेशकों का रुझान फीका पड़ा। भारतीय मार्केट में भी इसने आईटी शेयरों को तोड़ दिया और निफ्टी आईटी डेढ़ फीसदी से अधिक फिसल गया। अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची होने पर आमतौर पर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर दबाव आता है क्योंकि इससे भविष्य की कमाई का वर्तमान मूल्य घट जाता है और वैश्विक कंपनियों के खर्च में भी कमी आ सकती है और यही वैश्विक कंपनियां भारतीय आईटी सेवा कंपनियों की प्रमुख ग्राहक हैं। वहीं दूसरी तरफ मेटल, पीएसयू बैंक, फार्मा और एफएमसीजी जैसे अहम सेक्टर मार्केट को ऊपर खींचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इनके निफ्टी इंडेक्स में करीब आधे फीसदी की बढ़त है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 1.66% की गिरावट के साथ 12.97 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी का बढ़ना और नीचे आने का मतलब होता है वोलैटिलिटी का कम होना।

एशियाई बाजारों से मिला-जुला रुझान

घरेलू मार्केट पर आज एशियाई बाजारों के मिले-जुले रुझानों का भी असर दिख रहा है। एक तरफ जापान का निक्केई 225 करीब 2% उछल पड़ा तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी तो 2% चढ़कर 9,040.52 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। ताइवान के ताइवान वेटेड में करीब 1% की बढ़त है। वहीं दूसरी तरफ इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में 1% से अधिक और चीन के शंघाई कंपोजिट में आधे फीसदी की गिरावट है।

Sensex की एक्सपायरी

आज सेंसेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में दोनों तरफ मूवमेंट दिख रहा है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

US Fed ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, लेकिन एक खास सिग्नल पर ट्रंप ने कहा- यकीन करना मुश्किल 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।