South Indian Bank के शेयरों में 9% की भारी गिरावट, नए सीईओ का फीका स्वागत, इस कारण हुआ धड़ाम

South Indian Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज बैंक साउथ इंडियन बैंक के शेयरों में आज 9% की भारी गिरावट आई। यह इसके शेयरों में तीन महीने में इंट्रा-डे में सबसे गिरावट आई है। यह गिरावट बैंक के उस ऐलान के बाद आई, जिसमें बैंक ने जानकारी दी है कि आरबीआई ने एमडी और सीईओ के तौर पर महेश मुरलीधर पई के नाम को मंजूरी दे दी है। बैंक ने मार्केट खुलने से पहले आज एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी भेजी थी और महज कुछ पैसे की बढ़त के साथ खुलने के बाद यह धड़ाम हो गया। नितले स्तर पर शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की लेकिन अब भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 6.91% की गिरावट के साथ ₹44.44 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 9.87% टूटकर ₹43.02 तक आ गया था।

Canara Bank से आ रहे South Indian Bank के अगले सीईओ

आरबीआई ने महेश मुरलीधर पई को 1 अक्टूबर 2026 से तीन साल के लिए साउथ इंडियन बैंक का अगला एमडी और सीईओ बनाने की मंजूरी दी है। अब 16 जुलाई को बोर्ड की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगाई जाएगी और फिर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेनी होगी। 50 साल के महेश के चीफ जनरल मैनेजर हैं। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक उनके पास गवर्नेंस, स्ट्रैटेजी, ट्रेजरी, फॉरेन एक्सचेंज, रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई क्रेडिट में करीब तीन दशकों का अनुभव है। केनरा बैंक में उन्होंने गोल्ड लोन वर्टिकल के सेटअप समेत कई नई शुरुआत भी की है। उन्होंने देश के बाहर अमेरिका के न्यूयॉर्क और तंजानिया में भी केनरा बैंक का काम संभाला है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

साउथ इंडियन बैंक के शेयरों ने धड़ाधड़ निवेशकों का पैसा बढ़ाया है। पिछले साल 5 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹28.13 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 10 महीने में यह 77.39% उछलकर एक कारोबारी दिन पहले 7 जुलाई 2026 को ₹49.90 के भाव पर पहुंचा था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

IRFC ने बचा लिया यह सपोर्ट लेवल, लगातार पांचवे दिन कमजोरी, इस कारण टूट रहे शेयर

Knack Packaging IPO Listing: ₹188 पर लिस्ट ₹170 का शेयर आईपीओ को मिली थी ताबड़तोड़ बोली

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Inox India Share Price: मई से अब तक कंपनी को मिला ₹939 करोड़ का ऑर्डर, शेयर 5% चढ़ा

Inox India Share Price: बुधवार, 8 जुलाई को इनॉक्स इंडिया लिमिटेड (Inox India) के शेयर में 5% की तेजी देखने को मिली। जब कंपनी ने बताया कि उसे 21 मई से अब तक अपने बिजनेस सेगमेंट में ₹939 करोड़ के कई ऑर्डर मिले हैं।

ये ऑर्डर इंडस्ट्रियल गैस, LNG और क्रायो-साइंटिफिक सॉल्यूशंस बिज़नेस से जुड़े हैं। कुल ऑर्डर वैल्यू में से, ₹871 करोड़ इंडस्ट्रियल गैस सेगमेंट से, ₹44 करोड़ LNG से, ₹16 करोड़ क्रायो-साइंटिफिक सॉल्यूशंस से और ₹8 करोड़ बेवरेज केग ऑर्डर से आए।

कंपनी के अनुसार, इस ऑर्डर से ग्लोबल क्रायोजेनिक सॉल्यूशंस मार्केट में उसकी स्थिति मजबूत हुई है, जिसके कस्टमर भारत और विदेशों में हैं।डस्ट्रियल गैस बिज़नेस को स्पेस एक्सप्लोरेशन इंडस्ट्री से मिले एक बड़े ऑर्डर के साथ-साथ वेपोराइज़र और स्टोरेज टैंक के लिए कई छोटे ऑर्डर मिले।

LNG सेगमेंट में, कंपनी को स्टोरेज टैंक, डिस्पेंसर, सेमी-ट्रेलर और LNG फ्यूलिंग स्टेशन इक्विपमेंट के लिए कई ऑर्डर मिले। इस दौरान उसे ITER से भी एक छोटा ऑर्डर मिला।इसके अलावा, कंपनी को डिस्पोजेबल सिलेंडर, लिक्विड सिलेंडर, ट्रांसपोर्ट टैंक और बेवरेज केग के लिए कई ऑर्डर मिले।

ऑर्डर मिलने पर कमेंट करते हुए, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर दीपक आचार्य ने कहा कि ये ऑर्डर कंपनी के क्रायोजेनिक सॉल्यूशंस की बढ़ती ग्लोबल डिमांड को दिखाते हैं, खासकर स्पेस सेक्टर से। उन्होंने आगे कहा कि कंपनी इंजीनियरिंग इनोवेशन और इंडस्ट्रीज़ में मिशन-क्रिटिकल क्रायोजेनिक सिस्टम देने पर फोकस करती है।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

स्टॉक के परफॉर्मेंस पर नजर डालें तो शेयर इस साल अब तक 65.74 फीसदी चढ़ा है। जबकि 3 महीने में इसमें 52.55 फीसदी की तेजी आई। वहीं 1 साल में यह 53.45 फीसदी चढ़ा है। शेयर 11.50 बजे के आसपास एनएसई पर 84.30 रुपये यानी 4.58 फीसदी की बढ़त के साथ 1889.90 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है।

Info Edge Share Price : इंफोएज में दूसरे दिन भी रफ्तार जारी, 2 दिनों में 17% उछला शेयर, जानिए अब क्या हो निवेश रणनीति

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trent Share Crash: टाटा का स्टॉक 13% क्रैश, अब खरीदें या बेचने में भलाई? जानिए एक्सपर्ट्स से

Trent Share Crash: टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd के शेयर मंगलवार को करीब 13% टूट गए। यह पिछले एक साल की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट रही। जून तिमाही का बिजनेस अपडेट बाजार की उम्मीद से कमजोर रहा। इसके बाद निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।

शेयर Nifty 50 का सबसे बड़ा लूजर रहा। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप करीब 13,356 करोड़ रुपये घट गया। कारोबार के अंत में Trent का शेयर 12.64% गिरकर 2,921 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 20% से ज्यादा टूट चुका है।

उम्मीद से कम रही रेवेन्यू ग्रोथ

Trent ने जून तिमाही में 5,666 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दर्ज किया। यह पिछले साल की तुलना में 19% ज्यादा है। हालांकि, बाजार को 22% से 23% की ग्रोथ की उम्मीद थी। इसी वजह से कई ब्रोकरेज ने कंपनी को लेकर अपना नजरिया थोड़ा सतर्क कर लिया।

स्टोर बढ़े, कमाई की रफ्तार घटी

Share.Market by PhonePe के क्वांट रिसर्चर निश्चल जैन के मुताबिक, कंपनी ने अपने फैशन नेटवर्क का विस्तार जारी रखा। कुल स्टोर बढ़कर 1,312 हो गए। इनमें 982 Zudio और 301 Westside स्टोर शामिल हैं।

हालांकि, तेजी से नए स्टोर खोलने का असर पुराने स्टोरों पर भी पड़ा। कई इलाकों में नए और पुराने स्टोर एक-दूसरे की बिक्री को प्रभावित करने लगे। इसकी वजह से रेवेन्यू पर स्केवयर फुट में 12.2% की गिरावट आई।

गिरावट पर क्या बोले एक्सपर्ट?

निश्चल जैन का कहना है कि शेयर में तेज गिरावट की वजह कमजोर रेवेन्यू ग्रोथ और संस्थागत निवेशकों की मुनाफावसूली रही। इसके अलावा शेयर एक अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल के नीचे भी फिसल गया।

हालांकि, उनका मानना है कि यह कंपनी के फंडामेंटल में कमजोरी नहीं, बल्कि ऊंचे वैल्यूएशन का असर है। खासकर Zudio का विस्तार अब भी कंपनी के लिए लंबी अवधि का मजबूत ग्रोथ ड्राइवर बना हुआ है।

उन्होंने मौजूदा निवेशकों को ‘Hold’ या गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी (Accumulate on Dips) की सलाह दी है। नए निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करने की सलाह दी गई है।

Zudio की ग्रोथ को लेकर बढ़ी चिंता

Trent ने FY26 में 250 नए स्टोर खोले थे। इनमें Westside और Zudio दोनों शामिल हैं। जून तिमाही में भी कंपनी ने 20 नए स्टोर जोड़े।

हालांकि, Fident Asset Management की एनालिस्ट ऐश्वर्या दधीच का कहना है कि कंपनी पहले अगले कुछ वर्षों में रेवेन्यू को 2 से 2.5 गुना बढ़ाने की बात कर रही थी। इसमें सबसे बड़ा योगदान Zudio से आने की उम्मीद थी।

अब Zudio की ग्रोथ सामान्य होती दिख रही है। इससे निवेशकों को कंपनी की आगे की ग्रोथ को लेकर चिंता बढ़ी है।

ब्रोकरेज भी हुए सतर्क

एनालिस्ट्स का अनुमान है कि सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ अब लो सिंगल डिजिट में आ गई है। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है कि क्या कंपनी पहले जैसी तेज ग्रोथ जारी रख पाएगी।

ऐश्वर्या दधीच का कहना है कि सिर्फ 20% ग्रोथ के मुकाबले शेयर का वैल्यूएशन 70 से 80 गुना तक पहुंच गया था। यानी ग्रोथ और वैल्यूएशन में संतुलन नहीं दिख रहा था।

वहीं, Goldman Sachs और Citi ने भी कहा कि जून तिमाही का रेवेन्यू बाजार के अनुमान से कमजोर रहा। Citi ने स्टोर प्रोडक्टिविटी में गिरावट, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तेजी से स्टोर विस्तार को लेकर भी चिंता जताई।

Eternal Share Price: नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच सकता है इटनरल, मोतीलाल ओसवाल ने दिया 34% तेजी का अनुमान

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

AI Stocks: AI शेयरों में मची बिकवाली, Netweb से Black Box तक 10% टूटे; जानिए क्या है वजह

AI Stocks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयर मंगलवार को दबाव में रहे। Netweb Technologies, Aeroflex Industries, E2E Networks और Black Box जैसे शेयरों में 10% तक की गिरावट आई। इसकी बड़ी वजह दुनिया भर के टेक शेयरों में आई बिकवाली रही।

दुनिया भर में टेक शेयरों पर दबाव

एशियाई शेयर बाजार लगातार तीन दिन की तेजी के बाद गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों को अब चिंता है कि AI थीम वाली तेज रैली शायद जरूरत से ज्यादा आगे निकल गई है। MSCI Asia Pacific Index कारोबार के दौरान 2.2% तक गिर गया। बाद में निचले स्तर पर खरीदारी आने से गिरावट कुछ कम हुई और इंडेक्स करीब 1.5% नीचे बंद हुआ।

यूरोप के बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार रहा। फ्रांस का CAC 40 करीब 1% चढ़ा। वहीं, STOXX Europe 600 Technology Index शुरुआती कारोबार में करीब 2% टूट गया।

चिप कंपनियों में भारी गिरावट

सेमीकंडक्टर सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। ASML Holding, Infineon Technologies, Aixtron और STMicroelectronics के शेयर करीब 5% तक टूट गए। वहीं BE Semiconductor Industries में 4% से ज्यादा की गिरावट आई।

हालांकि, सभी टेक कंपनियों पर दबाव नहीं रहा। SAP का शेयर करीब 2.5% और Amadeus IT Group करीब 2% चढ़ा।

सैमसंग और SK Hynix भी टूटे

दक्षिण कोरिया की Samsung Electronics के शेयर 10% तक गिर गए। जबकि कंपनी ने मुनाफे में 19 गुना बढ़ोतरी की जानकारी दी है।

वहीं SK Hynix के शेयर करीब 6% टूट गए। इसकी वजह से Kospi Index में 5.2% की गिरावट आई। कारोबार के दौरान 8% गिरावट आने पर कुछ समय के लिए ट्रेडिंग भी रोकनी पड़ी।

AI रैली पर क्यों बढ़ी चिंता?

एनालिस्टों का कहना है कि निवेशक अब टेक शेयरों से पैसा निकालकर दूसरे सेक्टरों में लगा रहे हैं। उन्हें डर है कि AI सेक्टर में बढ़ता निवेश, तेज प्रतिस्पर्धा और नई क्षमता (Capacity Expansion) भविष्य में कंपनियों की कमाई पर दबाव डाल सकते हैं।

बाजार अब यह देखना चाहता है कि AI पर हो रहा भारी खर्च वास्तव में कंपनियों के मुनाफे में बदलता है या नहीं। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मौजूदा ऊंचे वैल्यूएशन को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

माइकल बरी ने भी जताई चिंता

The Big Short नाम से मशहूर निवेशक माइकल बरी (Michael Burry) का भी मानना है कि मेमोरी चिप कंपनियों में आया उछाल ज्यादा समय तक नहीं टिक सकता। उन्होंने बताया कि उन्होंने Micron Technology के शेयरों में शॉर्ट पोजिशन ली है। इसका मतलब कि बरी को भरोसा है कि मेमोरी चिप कंपनियों के स्टॉक गिरने वाले हैं।

उनका कहना है कि दक्षिण कोरिया में चिप उत्पादन पर हो रहा भारी निवेश आने वाले समय में सप्लाई काफी बढ़ा देगा। इससे DRAM चिप्स की मौजूदा कमी अगले साल ही खत्म हो सकती है। फिलहाल Samsung, SK Hynix और Micron मिलकर दुनिया के करीब 90% DRAM बाजार पर कब्जा रखते हैं। लेकिन अगर सप्लाई तेजी से बढ़ी, तो कीमतों और कंपनियों की कमाई दोनों पर दबाव आ सकता है।

* ब्लूमबर्ग से इनपुट के साथ

Eternal Share Price: नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच सकता है इटनरल, मोतीलाल ओसवाल ने दिया 34% तेजी का अनुमान

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook: ‘बाजार का सबसे बुरा दौर खत्म’, Quant Mutual Fund ने कहा- अब सही स्टॉक्स चुनने का समय

Market Outlook: Quant Mutual Fund के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर संदीप टंडन का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अब अपने सबसे कमजोर दौर से बाहर निकल चुका है। उनके मुताबिक, अगले दो तिमाहियों में पूरे बाजार के बजाय चुनिंदा शेयर बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।

संदीप टंडन का कहना है कि विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी से भारत दूसरे बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, यूटिलिटीज और चुनिंदा एनर्जी कंपनियां निवेश के लिहाज से पसंदीदा सेक्टर बने रहेंगे।

इंफ्रा और पावर पर सबसे ज्यादा भरोसा

संदीप टंडन का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर उनकी सबसे पसंदीदा थीम बनी हुई है। इसकी वजह सरकार और निजी कंपनियों का बढ़ता कैपेक्स है।

उनके मुताबिक, पोर्ट, एयरपोर्ट, सड़क, पावर, रिन्यूएबल एनर्जी, यूटिलिटीज, टेलीकॉम और चुनिंदा डिफेंस कंपनियों में अच्छे मौके हैं। ऐसे शेयरों पर फोकस करना चाहिए, जिनके फंडामेंटल मजबूत हों। कैश फ्लो अच्छा हो। लेकिन अभी उन पर बाजार की ज्यादा नजर न गई हो।

FII की वापसी से मिलेगा सहारा

संदीप टंडन का मानना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगभग खत्म हो चुकी है। अब FII धीरे-धीरे भारतीय बाजार में लौट रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में गिरावट आती है, तो भारत और आकर्षक बन सकता है।

बैंकिंग और IT पर क्या राय?

संदीप टंडन का कहना है कि प्राइवेट बैंकों में रिकवरी जारी रह सकती है। लेकिन यह तेजी बहुत लंबी चलेगी, ऐसा जरूरी नहीं है।

आईटी सेक्टर को लेकर उनका नजरिया पहले से बेहतर हुआ है। कमजोर प्रदर्शन के बाद अब वैल्यूएशन आकर्षक दिख रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी इस सेक्टर में आक्रामक खरीदारी का समय नहीं है। Quant Mutual Fund ने सिर्फ चुनिंदा आईटी शेयरों में खरीदारी शुरू की है।

FMCG और स्मॉलकैप में कहां हैं मौके?

उनके मुताबिक, FMCG सेक्टर में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन वैल्यूएशन अभी भी ऊंचे हैं। इसलिए यहां भी चुनिंदा शेयरों में निवेश करना बेहतर रहेगा।

संदीप टंडन का मानना है कि मिडकैप के मुकाबले स्मॉलकैप और माइक्रोकैप में ज्यादा अवसर हैं। हालांकि, निवेश से पहले मैनेजमेंट की गुणवत्ता और कैश फ्लो की जांच जरूर करनी चाहिए।

IPO बाजार पर भी भरोसा

संदीप टंडन आने वाले बड़े IPO को लेकर भी सकारात्मक हैं। उन्होंने SBI Funds, NSE और Jio के संभावित IPO का जिक्र किया। उनका कहना है कि भारतीय बाजार अब इतने बड़े इश्यू को संभालने में सक्षम है। हालांकि, कंपनियों का उचित वैल्यूएशन पर आना जरूरी होगा।

संदीप टंडन का कहना है कि अगले कुछ महीनों में स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति ज्यादा काम आएगी। इसलिए निवेशकों को इंडेक्स के बजाय मजबूत कंपनियों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

Eternal Share Price: नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच सकता है इटनरल, मोतीलाल ओसवाल ने दिया 34% तेजी का अनुमान

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Rites Share Price: इस रेलवे पीएसयू का स्टॉक बना रॉकेट, बड़ा ऑर्डर मिलने से शेयरों में बढ़ी खरीदारी

Rites Share Price: राइट्स लिमिटेड का यह स्टॉक 7 जुलाई को रॉकेट बन गया। इसकी वजह कंपनी को मिला एक बड़ा ऑर्डर है। 3.58 करोड़ डॉलर के इस ऑर्डर से कंपनी के शेयरों में लगातार तीन सत्रों से जारी गिरावट पर रोक लग गई है। 12:20 बजे यह शेयर 7.79 फीसदी के उछाल के साथ 233 रुपये पर चल रहा था।

जुलाई में शेयरों में बड़ा उतार-चढ़ाव

RITES का शेयर सुबह में एक समय 8 फीसदी तक चढ़ गया था। बाद में तेजी थोड़ी कम हो गई। जुलाई में राइट्स के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव दिखा है। 7 जुलाई से पहले के छह काराबारी सत्रों में से पांच में इसमें गिरावट आई थी। हालांकि 1 जुलाई को यह शेयर 13 फीसदी चढ़ा था। कंपनी ने 6 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंजों के नए ऑर्डर मिलने की जानकारी दी थी।

दो साल बाद एक्सपोर्ट में दिखी तेजी

कंपनी को यह ऑर्डर ग्लोबल कंपनी Volantis Asset Finance (Ply) Ltd से मिला है। इसके तहत राइट्स 4,000 एचपी के केप गेज डीजल इलेक्ट्रिक इंजन की सप्लाई करेगी। कंपनी ने बताया है कि यह ऑर्डर 20 महीने के अंदर पूरा होगा। कंपनी ने मई में कहा था कि उसे एक्सपोर्ट और टर्नकी बिजनेसेज की वजह से इस वित्त वर्ष में प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है। कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल मित्तल ने सीएनबीएसी-टीवी18 को कहा था कि दो साल बाद कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस में ग्रोथ दिखी है।

बीते एक साल में 17 फीसदी गिरा है स्टॉक

मार्च तिमाही में राइट्स का रेवेन्यू 28 फीसदी बढ़कर 768.26 करोड़ रुपये पहुंच गया था। हालांकि, EBITDA 9 फीसदी घटकर 168.16 करोड़ रुपये पर आ गया था। मार्जिन भी घटकर 22 फीसदी पर आ गया था। एक साल पहले यह 31 फीसदी था। कंपनी का नेट प्रॉफिट 2 फीसदी गिरकर 126.96 करोड़ रुपये था। राइट्स का शेयर 27 फरवरी, 2024 को 413.08 रुपये पर पहुंच गया था। बीते एक साल में यह 17 फीसदी से ज्यादा गिरा है।

यह भी पढ़ें: Kalyan Jewellers stock: कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों में बड़ी गिरावट, जून के बिजनेस अपडेट्स से बाजार निराश

बाजार के प्रमुख सूचकांकों में तेजी 

7 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। सुबह में निफ्टी और सेंसेक्स मजबूत खुले। 12:30 बजे निफ्टी 0.16 फीसदी यानी 39 अंक चढ़कर 24,468 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.20 फीसदी यानी 154 अंक के उछाल के साथ 78,431 पर था। बैंक निफ्टी भी हरे निशान में था। यह लगातार पांचवां दिन है, जब घरेलू बाजार में तेजी दिख रही है।

Market Outlook: ‘जून 2027 तक 1 लाख के पार जा सकता है सेंसेक्स’, मॉर्गन स्टेनली ने कहा- चौंका सकता है आईटी सेक्टर

Market Outlook: विदेशी ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley का मानना है कि जून 2027 तक BSE Sensex 1 लाख के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि, इसकी संभावना 25% ही है। ब्रोकरेज ने इसे अपना बुल केस (Bull Case) बताया है। यानी अगर ज्यादातर चीजें बाजार के पक्ष में रहीं, तो यह लक्ष्य हासिल हो सकता है।

Morgan Stanley का कहना है कि यह अनुमान कुछ अहम हालात के भरोसे है। मसलन, कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहे। अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाली नीतियों का असर दिखने लगे। इसके अलावा वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनियों की कमाई में हर साल औसतन 19% की बढ़ोतरी हो।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि भारतीय शेयर बाजार की वैल्यूएशन में जो गिरावट आई है, वह स्थायी नहीं है। यह एक चक्रीय गिरावट है। यानी जैसे-जैसे ग्रोथ तेज होगी, बाजार की वैल्यूएशन में भी सुधार आ सकता है।

89,000 अंक को माना बेस केस

Morgan Stanley ने जून 2027 तक Sensex के 89,000 अंक तक पहुंचने की 50% संभावना जताई है। इसे उसने अपना बेस केस (Base Case) माना है।

ब्रोकरेज के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिद्धम देसाई और नयंत पारेख का कहना है कि पिछले कुछ समय से भारतीय बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा है। विदेशी निवेशकों (FPI) की हिस्सेदारी भी घटी है। ऐसे में अगर हालात सुधरते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

बाजार के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर क्या होगा?

Morgan Stanley के मुताबिक, भारत की आर्थिक ग्रोथ अब निचले स्तर से उबरती दिख रही है। धीरे-धीरे इसमें सुधार भी आ रहा है। हालांकि, अभी भी भारत उन देशों से पीछे है, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे बड़े निवेश का फायदा मिल रहा है।

ब्रोकरेज का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेशक भारत और दुनिया की ग्रोथ के अंतर को कैसे देखते हैं। अगर दुनिया में AI पर खर्च को लेकर उत्साह कम होता है और दूसरी तरफ भारत की ग्रोथ तेज होती है, तो बाजार का नजरिया बदल सकता है।

जून तिमाही के नतीजों पर रहेगी नजर

Morgan Stanley का मानना है कि जून तिमाही के नतीजे बाजार को नई दिशा दे सकते हैं। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मजबूत आर्थिक संकेतकों की वजह से कंपनियों के नतीजे अनुमान से बेहतर रह सकते हैं। निवेशकों की नजर मानसून पर भी रहेगी। हालांकि, Morgan Stanley को इसकी ज्यादा चिंता नहीं है।

ब्रोकरेज का कहना है कि भारत में कई बड़े सुधार चल रहे हैं। इनसे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए निवेश करना आसान हो सकता है। IPO की बढ़ती संख्या भी बाजार को सपोर्ट दे सकती है। हालांकि, अगर IPO की बाढ़ आ गई, तो इसका असर उल्टा भी पड़ सकता है। फिलहाल Morgan Stanley को ऐसा खतरा अगले कुछ महीनों तक नहीं दिखता।

किन सेक्टरों पर Morgan Stanley का भरोसा?

Morgan Stanley को घरेलू मांग से जुड़े सेक्टर ज्यादा पसंद हैं। ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर ओवरवेट (Overweight) रेटिंग दी है।

वहीं एनर्जी, मटेरियल्स, यूटिलिटीज और हेल्थकेयर सेक्टर को लेकर इसकी राय ज्यादा सकारात्मक नहीं है। इन सेक्टरों पर अंडरवेट (Underweight) रेटिंग दी गई है।

आईटी सेक्टर दे सकता है बड़ा सरप्राइज

Morgan Stanley का मानना है कि आईटी सर्विसेज सेक्टर आने वाले समय में सबसे बड़ा सरप्राइज दे सकता है। दुनियाभर की कंपनियां AI एप्लिकेशन और सॉल्यूशन बनाने के लिए भारतीय आईटी कंपनियों का ज्यादा इस्तेमाल कर सकती हैं।

हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं। इनमें भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुस्ती, कृषि उत्पादकता में कमजोरी, न्यायिक व्यवस्था में क्षमता की कमी और AI की वजह से रोजगार बाजार पर पड़ने वाला असर शामिल हैं।

HDFC Bank Share Price: Q1 में अच्छे बिजनेस और नए चेयरमैन की घोषणा से शेयर 3% तक उछला; ब्रोकरेज बुलिश

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Shakti Pumps Share Price: ₹354 करोड़ का ऑर्डर मिलने पर निवेशक गदगद, शेयर 8% तक भागा

कंप्रेसर, पंप और डीजल इंजन बनाने वाली शक्ति पंप्स इंडिया के शेयरों में 6 जुलाई को दिन में 8 प्रतिशत तक की अच्छी बढ़त देखी गई। हालांकि बाद में तेजी की रफ्तार कम हो गई। शेयर में खरीद बढ़ने की वजह है कंपनी को 353.89 करोड़ रुपये का एक ऑर्डर मिलना। शक्ति पंप्स ने शनिवार को शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दी थी। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी को यह ऑर्डर महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से मिला है।

यह ऑर्डर पूरे महाराष्ट्र के लिए 3 हॉर्सपावर (HP), 5 HP, 7.5 HP की 15,000 ऑफ-ग्रिड सोलर फोटोवॉल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम्स (SPWPS) पंपों के लिए है। ऑर्डर ‘मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना’ के तहत है। इस काम को वर्क ऑर्डर जारी होने के 60 दिनों के अंदर पूरा किया जाना है।

शक्ति पंप्स पर इन SPWPS पंपों की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, ट्रांसपोर्ट, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग की जिम्मेदारी है। ऑर्डर की वैल्यू GST के बिना 324.96 करोड़ रुपये और GST के साथ 353.89 करोड़ रुपये है। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं है।

2 साल में Shakti Pumps India शेयर 350 प्रतिशत चढ़ा

शक्ति पंप्स इंडिया का मार्केट कैप बढ़कर 7300 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 साल में 510 प्रतिशत और 3 महीनों में 18 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में कीमत 36 प्रतिशत फिसली है। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 949.95 रुपये और एडजस्टेड लो 457 रुपये है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है।

PC Jeweller Share Price: चढ़ते बाजार में ज्वेलरी स्टॉक में जबरदस्त सेलिंग, कीमत 9% तक लुढ़की; लेकिन क्यों?

कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 842.36 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 29.13 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 2,643.11 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 243.79 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। शक्ति पंप्स वित्त वर्ष 2026 के लिए 1 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 29 जुलाई 2026 है। वित्त वर्ष 2025 के लिए भी कंपनी ने इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PC Jeweller Share Price: चढ़ते बाजार में ज्वेलरी स्टॉक में जबरदस्त सेलिंग, कीमत 9% तक लुढ़की; लेकिन क्यों?

ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी पीसी ज्वेलर लिमिटेड के निवेशकों के लिए 6 जुलाई का दिन बेहद खराब बीत रहा है। शेयर की कीमत में दिन में 9 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। बीएसई पर भाव 9.37 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मार्केट कैप घटकर 7900 करोड़ रुपये के करीब रह गया है। शेयर एक साल में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देख चुका है। कंपनी ने 2 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया था। इसके बाद शुक्रवार, 3 जुलाई को शेयर में इंट्राडे के दौरान 10 प्रतिशत तक की तेजी दिखी थी। हालांकि बाद में शेयर BSE पर 4.4 प्रतिशत बढ़त के साथ बंद हुआ था।

माना जा रहा है कि सोमवार की गिरावट शेयर में ऊंचे स्तरों पर की जा रही प्रॉफिट बुकिंग का नतीजा हो। लेकिन एक वजह स्टॉक एक्सचेंज की ओर से मांगा गया क्लैरिफिकेशन भी हो सकता है। शुक्रवार को शेयर में हैवी वॉल्यूम को देखते हुए BSE ने पीसी ज्वेलर से सफाई मांगी थी।

तो क्या है PC Jeweller का जवाब

जवाब में पीसी ज्वेलर ने कहा है कि हम यह बताना चाहते हैं कि SEBI (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के रेगुलेशन 30 के अनुसार, कंपनी उन सभी घटनाओं, जानकारियों आदि का समय पर खुलासा करती रही है, जिनका कंपनी के कामकाज/प्रदर्शन पर असर पड़ता है। इनमें प्राइस सेंसिटिव इनफॉरमेशन आदि भी शामिल हैं। कंपनी भविष्य में भी ऐसे खुलासे करती रहेगी।

आगे कहा कि किसी शेयर की कीमत/वॉल्यूम में कोई भी उतार-चढ़ाव बाजार पर निर्भर करता है और यह कई फैक्टर्स के कारण होता है, जिनमें कंपनी की ओर से दी गई कोई भी जानकारी, घटना या इवेंट आदि को लेकर निवेशकों की सोच भी शामिल है। पीसी ज्वेलर ने कहा है कि फिलहाल उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जो शेयर की कीमत/वॉल्यूम पर असर डाल सकती हो और जिसका खुलासा करना जरूरी हो।

HDFC Bank Share Price: Q1 में अच्छे बिजनेस और नए चेयरमैन की घोषणा से शेयर 3% तक उछला; ब्रोकरेज बुलिश

Q1 में कैसा रहा बिजनेस

पीसी ज्वेलर का कहना है कि अप्रैल-जून 2026 में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 21% बढ़ा। कंपनी कर्ज-मुक्त होने के अपने लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और उसे उम्मीद है कि वह चालू तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में यह मुकाम हासिल कर लेगी। कंपनी ने जॉइंट सेटलमेंट एग्रीमेंट की शर्तों के तहत बैंकों का बकाया कर्ज जून तिमाही के दौरान लगभग 24% कम किया है। चालू तिमाही में बाकी कर्ज चुकाने और कर्ज-मुक्त होने से आने वाले समय में उसकी वित्तीय स्थिति काफी मजबूत होगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Godrej Consumer Products Share Price: Q1 बिजनेस अपडेट के बाद नोमुरा ने दोहराई ‘बाय’ रेटिंग, शेयर 4 प्रतिशत तक उछला

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (GCPL) के शेयर के लिए अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1,300 रुपये प्रति शेयर दिया है। इसकी वजह है कि कंपनी का जून तिमाही का बिजनेस अपडेट उम्मीद से बेहतर रहा है। इस अपडेट के बाद गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। बीएसई पर भाव 1,117.85 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1.13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।

नोमुरा का मानना है कि कंपनी की स्टैंडअलोन वॉल्यूम ग्रोथ उम्मीदों के मुताबिक है और अप्रैल-जून तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और EBITDA ग्रोथ अनुमान से ज्यादा रही है। भारत और इंटरनेशनल, दोनों ही बिजनेस में सुधार से आने वाली तिमाहियों में मार्जिन रिकवरी में मदद मिलनी चाहिए, हालांकि नए ब्रांड्स में ज्यादा निवेश की वजह से निकट भविष्य में EBITDA ग्रोथ शुरुआती डबल डिजिट में ही बनी रह सकती है।

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स को उम्मीद है कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ‘हाई-टीन’ (15-19%) की रेंज में बढ़ेगा, जो वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनी के ‘डबल-डिजिट’ ग्रोथ के अनुमान से बेहतर है। वॉल्यूम ग्रोथ 7-9% रहने की संभावना है, जबकि EBITDA के कंपनी के ‘डबल-डिजिट’ ग्रोथ अनुमान से ज्यादा रहने की उम्मीद है।

मार्जिन पर दबाव बने रहने का अनुमान

कंपनी का मानना ​​है कि कॉम्पिटीशन का दबाव कम हो रहा है और बिजनेस की प्रॉफिटेबिलिटी वापस आ गई है। लेकिन इनपुट कॉस्ट बढ़ने की वजह से इस तिमाही में मार्जिन पर दबाव बने रहने की उम्मीद है। GCPL का मानना है कि जून तिमाही में लगभग 6-9% की इनपुट कॉस्ट मार्जिन पर असर डालेगी, लेकिन कंपनी प्राइसिंग एक्शन, कॉस्ट सेविंग और मीडिया ऑप्टिमाइजेशन के जरिए धीरे-धीरे रिकवरी को लेकर आश्वस्त है।