Ujjivan Small Finance Bank: इस स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर एक महीने में 22% चढ़ा, क्या अभी निवेश का मौका है?

Ujjivan Small Finance Bank: निवेशकों की दिलचस्पी स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) के शेयरों में बढ़ी है। ज्यादातर एसएफबी के शेयरों ने अच्छे रिटर्न दिए है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस का शेयर बीते एक महीने में 22 फीसदी चढ़ा है। इस एसएफबी की एसेट क्वालिटी अच्छी है। बैंक के तिमाही नतीजे भी अच्छे रहे हैं। मार्च तिमाही में बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (आरओए) ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।

25 फीसदी से ज्यादा क्रेडिट ग्रोथ का टारगेट

उज्जीवन एसएफबी का मार्जिन बढ़ा है और क्रेडिट कॉस्ट में कमी आई है। बैंक ने सेक्योर्ड लेंडिंग पर फोकस बढ़ाया है, जिसका असर लंबी अवधि में इसकी RoA ग्रोथ पर दिख सकती है। बैंक ने बिजनेस की ग्रोथ के लिए बड़ा प्लान बनाया है। उसने स्ट्रॉन्ग डिस्बर्समेंट की बदौलत 25 फीसदी से ज्यादा क्रेडिट ग्रोथ का टारगेट रखा है। उसका फोकस पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन पर भी है। बैंक को रिटेल टर्म डिपॉजिट पर फोकस का भी फायदा मिलेगा।

मार्जिन 8.5 फीसदी पर बने रहने की उम्मीद

बैंक का मार्जिन करीब 8.5 फीसदी बने रहने की उम्मीद है। इसमें फंडिंग की घटती कॉस्ट का हाथ होगा। बेहतर प्रोडक्टिविटी और कम ऑपरेटिंग कॉस्ट का पॉजिटिव असर बैंक के प्रॉफिट पर दिखेगा। बीते चार साल में बैंक के एसेट अंडर मैनेजमेंट का CAGR 22 फीसदी रहा है। इसमें सेक्योर्ड पोर्टफोलियो खासकर एमएसएमई लेंडिंग और मार्टेगेजेज का हाथ है।

जून तिमाही के बिजनेस अपडेट से पॉजिटिव संकेत

इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी बैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। लोन डिस्बर्समेंट में अच्छा इजाफा दिखा है। बैंक के बिजनेस अपडेट्स से यह जानकारी मिली है। अपडेट्स से उज्जीवन एसएफबी का प्रदर्शन दूसरे एसएफसी के मुकाबले बेहतर रहने के संकेत मिले हैं। तिमाही दर तिमाही और साल दर साल आधार पर डिपॉजिट और क्रेडिट ग्रोथ अच्छी रही है।

इस वित्त वर्ष में 140 नए ब्रांच ओपन करने का प्लान

आगे सेक्योर्ड लेंडिंग सेगमेंट की ग्रोथ करीब 40 फीसदी रहने की उम्मीद है। एमएफआई ग्रोथ 10 फीसदी के करीब रह सकती है। बैंक के टोटल लोन बुक में व्हीकल फाइनेंस, गोल्ड लोन, माइक्रो-मॉर्टगेजेज और एग्री-बैंकिंग की हिस्सेदारी तेजी से बढ़कर 6 फीसदी तक पहुंच गई है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इससे FY27 में मार्जिन स्थिर बना रह सकता है। इस वित्त वर्ष में बैंक का 140 नए ब्रांच ओपन करने का प्लान है।

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एमएफआई में रिकवरी पर दांव लगाने का मौका

अभी बैंक के शेयरों में इसकी FY28 की अनुमानित बुक वैल्यू के 1.3 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। एमएफआई में रिकवरी पर दांव लगाने के लिए उज्जीवन एसएफबी का शेयर सही विकल्प हो सकता है। मीडियम टर्म में बैंक की एसेट क्वालिटी में इम्प्रूवमेंट जारी रहने की उम्मीद है। अगर बैंक को यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस मिलता है तो ग्रोथ को पंख लग सकते हैं।

Cochin Shipyard Share Price: बीते 6 महीनों में 10% गिरावट के बाद कोचिन शिपयार्ड के शेयरों में निवेश का बड़ा मौका

Cochin Shipyard Share Price: किसी सरकारी कंपनी का शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के ऐलान के बाद गिरने लगता है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर्स को लगता है कि कंपनी डिस्काउंट पर अपने शेयर बेचेगी। कंपनी के कई मौजूदा इनवेस्टर्स ओएफएस से पहले अपने शेयर बेचते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि शेयर की कीमत गिरकर डिस्काउंटेड ऑफर प्राइस के करीब पहुंच जाएगी। कोचिन शिपयार्ड के ओएफएस के वक्त भी ऐसा देखने को मिला।

OFS के ऐलान के बाद शेयरों में गिरावट 

सरकार ने कोचिन शिपयार्ड में ओएफएस के जरिए अपनी 5.04 फीसदी हिस्सेदारी बेची है। उसने प्रति शेयर 1400 रुपये का प्राइस तय किया था। इसके बाद शेयर की कीमत इस साल मई के मध्य में 1800 रुपये से करीब 7 फीसदी गिर गई। हालांकि, इस गिरावट से शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव हो गई है। लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ की अच्छी संभावना है। कंपनी की ऑर्डर बुक स्ट्रॉन्ग है। एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट है। शिप रिपेयर क्षमता भी बढ़ रही है।

26000 करोड़ रुपये की स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक

कंपनी की ऑर्डर बुक करीब 26,000 करोड़ रुपये की है। यह FY26 में रेवेन्यू की छह गुनी है। इससे अगले कुछ सालों तक कंपनी के रेवेन्यू की तस्वीर साफ है। आगे डिफेंस और कमर्शियल शिप बिल्डिंग के करीब 10,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं। कंपनी इनके लिए बोली लगाएगी। मैनेजमेंट को मीडियम टर्म में ऑर्डर बुक 12-15 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। इसकी वजह नवल शिपबिल्डिंग, कमर्शियल शिप और मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते मौके हैं।

45 फीसदी का दमदार मार्केट शेयर 

भारत में शिप-रिपेयर इंडस्ट्री में कोचिन शिपयार्ड ने अपनी अच्छी पैठ बना ली है। इसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी तक पहुंच गई है। यह अकेली भारतीय शिपयार्ड कंपनी है, जिसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर की रिपेयरिंग क्षमता भी है। पिछली 2-3 तिमाहियों में इस सेगमेंट में प्रदर्शन कमजोर रहा है। लेकिन, मैनेजमेंट को भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। कंपनी ने अगले तीन सालों में शिप रिपेयर से करीब 2,500 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट रखा है। वाडिनार शिफ रिपेयर फैसिलिटी के तैयार हो जाने पर कंपनी की रिपेयिरंग क्षमता बढ़ जाएगी।

15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ का गाइडेंस

मैनेजमेंट ने रेवेन्यू ग्रोथ के लिए करीब 15 फीसदी गाइडेंस दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही से एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट दिखा है। ग्रोथ बढ़ाने के लिए कंपनी ने अगले तीन सालों में 2,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का प्लान बनाया है। यह कंपनी के 6,500 करोड़ रुपये के इनवेस्टमेंट प्लान का हिस्सा है। कंपनी नॉन-डिफेंस ग्रोथ के रास्ते भी तलाश रही है।

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शेयरों की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर 

कंपनी के शेयर में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के करीब 32 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह इसके एक साल के औसत करीब 65 गुना के फॉरवर्ड पी/ई से काफी कम है। कंपनी के शेयरों की वैल्यूएशन में कमी आई है, जबकि फंडामेंटल्स बेहतर हुए हैं। अभी शेयरों में निवेश का अच्छा मौका है। स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक, बढ़ता शिप रिपेयरिंग बिजनेस और बेहतर होती अर्निंग्स की तस्वीर शेयर को अट्रैक्टिव बनाती है।

एक साल में ₹1 लाख को बना दिया ₹10 लाख! AI या डिफेंस नहीं, कंडोम बनाने वाली इस कंपनी ने किया कमाल

Cupid Share Price Multibagger Return: शेयर बाजार में पिछले एक साल से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिफेंस सेक्टर के शेयरों की धूम है। लेकिन इन सबके बीच मार्केट का सबसे बड़ा वेल्थ क्रिएटर एक ऐसे बिजनेस से निकलकर आया है जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था।

मेल और फीमेल कंडोम, ल्यूब्रिकेंट्स और डायग्नोस्टिक उत्पाद बनाने वाली स्मॉलकैप कंपनी क्यूपिड लिमिटेड (Cupid Ltd) के शेयरों ने पिछले एक साल में निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न देकर निवेशकों को मालामाल कर दिया है। पिछले एक साल में इस शेयर ने 866% से ज्यादा की तूफानी तेजी दिखाई है। आइए जानते हैं कि कैसे इस स्मॉलकैप शेयर ने बाजार में गदर मचाया है और इसके पीछे की वजह क्या है।

1 साल का जादुई रिटर्न: ₹1 लाख बन गए ₹9.7 लाख

क्यूपिड लिमिटेड के शेयरों की रफ्तार पिछले कुछ महीनों से लगातार तेज है:

1 साल का रिटर्न: एक साल पहले जिन निवेशकों ने इस शेयर में ₹1 लाख लगाए थे, उनकी वैल्यू आज बढ़कर करीब ₹9.7 लाख हो चुकी है।

शॉर्ट टर्म का रिटर्न: पिछले 6 महीने में यह शेयर 145%, पिछले 3 महीने में 128% और महज पिछले एक महीने में 40% से ज्यादा चढ़ चुका है।

मार्केट कैप: 10 जुलाई को क्यूपिड के शेयर ₹212.24 पर बंद हुए, जिससे कंपनी का कुल मार्केट कैप बढ़कर करीब ₹28,500 करोड़ पर पहुंच गया है।

क्यों भाग रहा है शेयर? मुनाफे में आया बंपर उछाल

बाजार में कई स्मॉलकैप शेयर बिना किसी ठोस वजह के सिर्फ हवा में भागते हैं, लेकिन क्यूपिड के साथ ऐसा नहीं है। इस शेयर की तेजी को कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजों का पूरा सपोर्ट मिला है:

सालाना प्रदर्शन (FY26): वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू दोगुने से अधिक बढ़कर ₹391 करोड़ हो गया, जो इससे पिछले साल ₹183 करोड़ था।

नेट प्रॉफिट में उछाल: कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹41 करोड़ से बढ़कर सीधे ₹108 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, ऑपरेटिंग मार्जिन भी सुधरकर 38% हो गया।

मार्च तिमाही के नतीजे: मार्च तिमाही में सालाना आधार पर रेवेन्यू 116% बढ़कर ₹132 करोड़ और नेट प्रॉफिट 214% बढ़कर ₹36 करोड़ से ज्यादा रहा, जो कंपनी के इतिहास की सबसे बेहतरीन तिमाहियों में से एक है।

मैनेजमेंट का भरोसा: रेवेन्यू गाइडेंस में बड़ी बढ़ोतरी

जून तिमाही के लिए कंपनी द्वारा जारी किए गए मजबूत बिजनेस अपडेट ने इस शेयर में रॉकेट जैसी तेजी ला दी है:

Q1 FY27 का अनुमान: मैनेजमेंट को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) में रेवेन्यू ₹150 करोड़ के पार निकल जाएगा।

पूरे साल का टारगेट बढ़ाया: कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस को ₹600 करोड़ से बढ़ाकर ₹660 करोड़ से अधिक कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती मांग, घरेलू प्राइवेट सेक्टर की डिमांड, सरकारी खरीद और PFSCM के साथ हुई रणनीतिक साझेदारी के दम पर कंपनी को आने वाले दिनों में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद है।

सिर्फ कंडोम नहीं, डायग्नोस्टिक्स में भी जलवा

क्यूपिड को भले ही लोग कंडोम बनाने वाली कंपनी के रूप में जानते हैं, लेकिन अब इसका दायरा काफी बड़ा हो चुका है। कंपनी कंडोम और वाटर-बेस्ड ल्यूब्रिकेंट्स के अलावा पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स और इन विट्रो डायग्नोस्टिक्स (IVD) किट्स भी बनाती है।

क्यूपिड दुनिया की पहली ऐसी कंपनी है जिसे पुरुष और महिला दोनों कंडोम की सप्लाई के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) से प्री-क्वालिफिकेशन मिला हुआ है। इसी वजह से यह कंपनी वैश्विक स्तर पर बड़े-बड़े हेल्थकेयर टेंडर्स में आसानी से हिस्सा ले पाती है।

रिटेल निवेशकों की भीड़, लेकिन वैल्यूएशन बहुत महंगा

कंपनी के शानदार प्रदर्शन को देखकर रिटेल निवेशक इस शेयर पर टूट पड़े हैं। मार्च 2026 तक कंपनी के शेयरधारकों की संख्या बढ़कर 2.09 लाख के पार पहुंच गई है, जो तीन साल पहले महज 26,000 थी। कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 46% है।

एक्सपर्ट नोट- दे रही छप्परफाड़ रिटर्न लेकिन सावधानी है जरूरी

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, क्यूपिड कंपनी के फंडामेंटल्स बेहद मजबूत हैं, लेकिन इस भारी तेजी के कारण शेयर का वैल्यूएशन काफी महंगा हो गया है। क्यूपिड का शेयर फिलहाल अपनी कमाई के मुकाबले 264 के पीई मल्टीपल और बुक वैल्यू के 63 गुना से अधिक पर ट्रेड कर रहा है, जो एफएमसीजी सेक्टर की अन्य कंपनियों से काफी ज्यादा है। इसका मतलब है कि निवेशकों ने भविष्य की बड़ी ग्रोथ को पहले से ही इस कीमत में शामिल कर लिया है, इसलिए नए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

TCS Share Price: Q1 नतीजों के बाद निवेशकों ने बढ़ाई खरीद, ब्रोकरेज का पॉजिटिव नजरिया बरकरार; शेयर 4% तक चढ़ा

देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में 10 जुलाई को दिन में 4 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 2132 रुपये के हाई तक गया। कंपनी के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उम्मीद जगी है कि दूसरी तिमाही से मांग में धीरे-धीरे सुधार होगा, जिसके चलते ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक पर अपना पॉजिटिव नजरिया बरकरार रखा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में TCS का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 4.61 प्रतिशत बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 14 प्रतिशत बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही के लिए, TCS ने पिछली तिमाही के मुकाबले 0.4% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। AI से होने वाली कमाई (रेवेन्यू) तिमाही आधार पर 13.6% ज्यादा रहकर 2.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई। अब कंपनी की कुल कमाई में AI का योगदान 8.5% है। TCS का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन अप्रैल-जून तिमाही में 24 प्रतिशत रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 25.3 प्रतिशत था।

TCS के CEO और MD के. कृतिवासन ने कहा है कि भू-राजनीतिक और मैक्रोइकोनॉमिक मोर्चे पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, जून तिमाही हमारी निरंतर वृद्धि की गति और रणनीतिक स्थिति की मजबूती को दर्शाती है। तिमाही के दौरान कंपनी ने कुल 9.5 अरब डॉलर के नए सौदे हासिल किए। कंपनी ने अपने एआई इकोसिस्टम का विस्तार करने के लिए एंथ्रोपिक और मिस्ट्रल के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। जून तिमाही के दौरान कर्मचारियों की संख्या में 9,200 से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इसके कारण 30 जून, 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

TCS शेयर: अब खरीदें, बेचें या करें होल्ड?

TCS के शेयर को 51 एनालिस्ट कवर करते हैं। इनमें से 33 ने स्टॉक पर “बाय” रेटिंग दी है, 12 ने “होल्ड” की सलाह दी है और 6 ने “सेल” रेटिंग दी है। तिमाही नतीजों के बाद JPMorgan ने TCS पर अपनी “ओवरवेट” रेटिंग बरकरार रखी है। प्राइस टारगेट ₹2,400 प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि वित्तीय नतीजे उम्मीदों के मुताबिक रहे। मैनेजमेंट को साल की दूसरी छमाही यानि कि अक्टूबर 2026—मार्च 2027 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, लेकिन ब्रोकरेज को दूसरी तिमाही से ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ बेसिस पर रेवेन्यू सिर्फ 1% बढ़ने का अनुमान है।

JPMorgan ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में मजबूत स्थिति के कारण TCS के लिए साल-दर-साल आधार पर 2.5% से 3% की ‘कॉन्स्टेंट करेंसी’ ग्रोथ हासिल करना मुश्किल नहीं है। कम बेस के कारण यह अपने कॉम्पिटीटर्स, जैसे इंफोसिस और HCLTech के बराबर प्रदर्शन कर सकती है। स्टॉक में वैल्यू नजर आती है।

मोतीलाल ओसवाल, मॉर्गन स्टेनली की क्या सलाह

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने TCS के लिए ₹2,350 के प्राइस टारगेट के साथ अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। फर्म ने अपने नोट में कहा कि हालांकि मैनेजमेंट की शॉर्ट-टर्म कमेंट्री उनकी उम्मीद से बेहतर है, लेकिन लॉन्ग-टर्म अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं। उम्मीद है कि दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) बेहतर होगी, लेकिन डिमांड में सुधार के सबूत बहुत कम हैं। मोतीलाल ओसवाल ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए TCS की ऑर्गेनिक कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ क्रमशः 2.5% और 3.2% रहने का अनुमान जताया है।

मॉर्गन स्टेनली ने TCS के स्टॉक पर “इक्वल-वेट” रेटिंग और ₹2,200 का प्राइस टारगेट बनाए रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी तिमाही के लिए उम्मीद से बेहतर आउटलुक से कुछ चिंताएं कम होनी चाहिए। कंपनी के EBIT मार्जिन में गिरावट देखी जा सकती है।

Kalyan Jewellers Share Price: लगातार तीसरे दिन कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों को लगे पंख, सिर्फ तीन दिन में 35% उछला

कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों में लगातार तीसरे दिन बड़ी तेजी दिखी। बाजार खुलते ही कंपनी के शेयर रॉकेट बन गए। एक समय शेयर 7 फीसदी तक चढ़ गया था। बीते तीन सत्रों में यह शेयर करीब 35 फीसदी चढ़ चुका है। खास बात यह है कि शेयरों में उछाल के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा है।

दोपहर तक शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब 4 करोड़ शेयरों तक पहुंच गया। 20 दिनों का इसका का एवरेज ट्रेडिंग वॉल्यूम 22 लाख शेयरों का है। करीब 13 फीसदी ट्रेडेड शेयर डिलीवरी वाले हैं। 9 जुलाई को यह शेयर अपने 100-दिन और 200-दिन मूविंग एवरेजेज के ऊपर बंद हुआ। यह गुरुवार को निफ्टी 500 का सबसे ज्यादा ट्रेडिंग वाला स्टॉक बन गया।

कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों में तेजी की वजह जून तिमाही का इसका बिजनेस अपडेट है। इसके अलावा विदेशी ब्रोकरेज फर्म सिटी ने फिर से इस शेयर को ‘बाय’ रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसकी वजह कंपनी का शानदार प्रदर्शन है। जून तिमाही में कल्याण के इंडिया बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 38 फीसदी रही। इसमें सेम-सेल्स में 28 फीसदी ग्रोथ का बड़ा हाथ रहा।

कल्याण ने जून तिमाही में नए 12 कल्याण स्टोर्स ओपन किए। सिटी ने कहा है कि कंपनी के मैनेजमेंट ने प्रमुख बाजारों में डिमांड स्ट्रॉन्ग रहने की जानकारी दी है। अधिक मास के बावजूद कंपनी की सेल्स अच्छी रही। जून में कुल सेल्स में पुराने ज्वेलरी एक एक्सचेंज सेल की हिस्सेदारी बढ़कर 55 फीसदी से ज्यादा हो गई। कपनी के इंटरनेशनल बिजनेस का प्रदर्शन भी अच्छा रहा।

सिटी ने कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों को लेकर कुछ रिस्क भी बताए हैं। उसने कहा है कि इंडिया में कल्याण के ज्वेलरी बिजनेस का प्रदर्शन टाइटन के मुकाबले कमजोर रहा। बीती 13 तिमाहियों में पहली बार ऐसा हुआ है। इसके अलावा कंपनी के प्रमोटर ने काफी ज्यादा शेयर गिरवी रखे हैं। अगर आगे कंज्यूमर डिमांड में सुस्ती आती है तो इसका असर कंपनी के बिजनेस पर पड़ सकता है।

10 जुलाई को कल्याण ज्वेलर्स का शेयर 11:30 बजे 6.90 फीसदी चढ़कर 473.75 रुपये पर चल रहा था। उधर, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में भी तेजी थी। निफ्टी 0.85 फीसदी यानी 204 अंक चढ़कर 24,168 पर चल रहा था। सेंसेक्स भी 0.90 फीसदी यानी 682 अंक के उछाल के साथ 77,429 पर था। बैंक निफ्टी 1 फीसदी से ज्यादा ऊपर था। मिडकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी थी।

कंडोम बनाने वाली इस कंपनी के शेयरों को लगे पंख, एक महीने में 43% चढ़ा

क्यूपिड के शेयरों में 9 जुलाई को बाजार खुलते ही पंख लग गए। 8 जुलाई को भी इस शेयर में अच्छी तेजी दिखी थी। इससे यह 52 हफ्ते की नई ऊंचाई पर पहुंच गया था। लेकिन, हाई प्राइस पर प्रॉफिट बुकिंग की वजह से यह शेयर करीब 12 फीसदी गिर गया था। यह कंपनी पुरुष और महिलाओं के कंडोम सहित हेल्थकेयर और पर्सनल प्रोडक्ट्स बनाती है।

एक महीने में 43 फीसदी उछला शेयर 

Cupid का शेयर एक समय 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया। 12 बजे यह शेयर 5.95 83 फीसदी चढ़कर 208.71 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में इस शेयर का प्रदर्शन जबर्दस्त रहा है। इसने निवेशकों को 859 फीसदी रिटर्न दिया है। एक महीने में यह शेयर करीब 43 फीसदी चढ़ा है। छह महीनों में यह शेयर 146 फीसदी चढ़ा है।

110 देशों में प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करती है कंपनी 

क्यूपिड मुंबई की कंपनी है। यह 110 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करती है। हाल में कंपनी ने जून तिमाही में अपने बिजनेस का अपडेट दिया है। उसने कहा है कि जून तिमाही में रेवेन्यू 150 करोड़ रुपये से ज्यादा रह सकता है। इससे जून तिमाही कंपनी के बिजनेस के लिहाज से अब तक की सबसे अच्छी तिमाही साबित हो सकती है।

एक साल में निवेशकों का पैसा 9 गुना

बीते एक साल में कंपनी के शेयरों के रिटर्न ने निवेशकों को मालामाल किया है। 9 जुलाई, 2025 को कंपनी का शेयर 21.62 रुपये पर था। 9 जुलाई, 2026 को इस शेयर का प्राइस 208 रुपये पर पहुंच गया। इस तरह एक साल में इसने निवेशकों का पैसा करीब 9 गुना कर दिया है। इस शेयर का प्रदर्शन ऐसा तब है जब बीते एक साल में भारतीय शेयर बाजारों का रिटर्न काफी कम रहा है।

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शेयर बाजारों में अच्छी रिकवरी

9 जुलाई को शेयर बाजारों में अच्छी रिकवरी दिखी। सुबह में निफ्टी और सेंसेक्स मजबूत खुले। फिर अच्छी खरीदारी से दोनों सूचकांक 0.75 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। 12:15 बजे निफ्टी 0.76 फीसदी यानी 180 अंक चढ़कर 24,059 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.75 फीसदी यानी 576 अंक के उछाल के साथ 77,074 पर था। बैंक निफ्टी में 0.93 फीसदी की तेजी आई। मिडकैप इंडेक्स में 1.71 फीसदी का उछाल था। 8 जुलाई को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई थी। निफ्टी और सेंसेक्स 2 फीसदी से ज्यादा फिसले थे।

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10 जुलाई को BSE, नेस्ले समेत 14 कंपनियों के डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट, एलिजिबिल बनने ​के लिए 9 जुलाई आखिरी मौका

10 जुलाई को 14 कंपनियों के शेयर एक्स-​डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। लिस्ट में नेस्ले, BSE, हिंडाल्को, एक्सिस बैंक, जेके सीमेंट जैसे नाम शामिल हैं। 10 जुलाई से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो जाएंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप इन 14 कंपनियों में से किसी के डिविडेंड का फायदा पाना चाहते हैं लेकिन अभी तक शेयरहोल्डर नहीं हैं तो आज, 9 जुलाई को ट्रेडिंग बंद होने से पहले शेयर खरीद करनी होगी। आइए जानते हैं इन कंपनियों और डिविडेंड की डिटेल…

ZF Commercial Vehicle Control Systems India

कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने वाली है। इस पर 24 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट 22 अगस्त को या उससे पहले किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 19 रुपये का फाइनल डिविडेंड बांटा था। शेयर में 9 जुलाई को गिरावट है। शेयर 2 सप्ताह में 11 प्रतिशत गिरा है।

JSW Cement

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 50 पैसे या 0.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। डिविडेंड पर 31 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। कीमत 6 महीनों में 15 प्रतिशत चढ़ी है।

Nestle India

नेस्ले इंडिया अपने शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 5 रुपये का फाइनल और 2 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड देने वाली है। पेमेंट 30 जुलाई को या 30 जुलाई से किया जाएगा। इस तरह शेयरहोल्डर्स को स्पेशल और फाइनल डिविडेंड मिलाकर कुल 7 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड मिलने वाला है। कंपनी इससे पहले वित्त वर्ष 2026 के लिए 7 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। कीमत 3 महीनों में लगभग 20 प्रतिशत उछली है।

Axis Bank

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 1 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा अप्रैल महीने में हुई थी। 31 जुलाई को होने वाली सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भी इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड बांटा था। शेयर में 9 जुलाई को गिरावट है।

Computer Age Management Services

CAMS वित्त वर्ष 2026 के लिए 4 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। इससे पहले कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 3.50 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। कीमत 3 महीनों में 9 प्रतिशत मजबूत हुई है।

JK Cement

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 20 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। 17 जुलाई को सालाना आम बैठक में इस डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। जेके सीमेंट ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 15 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। एक महीने में कीमत 13 प्रतिशत उछली है।

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Hindalco Industries

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। डिविडेंड पर 23 जुलाई को कंपनी की सालना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भी इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड बांटा था। हिंडाल्को के शेयर में 9 जुलाई को गिरावट है। शेयर एक साल में 42 प्रतिशत चढ़ा है।

Grindwell Norton

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 19 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। 24 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 17 रुपये का फाइनल डिविडेंड बांटा था। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। कीमत 3 महीनों में 35 प्रतिशत से ज्यादा उछली है।

Apollo Tyres

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 2.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। 29 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। इससे पहले अपोलो टायर्स वित्त वर्ष 2026 के लिए 3.50 रुपये का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 5 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। एक महीने में भाव 13 प्रतिशत चढ़ा है।

New India Assurance Company

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 1.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। 27 जुलाई को होने वाली सालाना आम बैठक में डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 1.80 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है। 3 महीनों में भाव 40 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है।

Aegis Vopak Terminals

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 20 पैसे या 0.20 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। कंपनी की 7 अगस्त को होने वाली सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 4 सितंबर को या उससे पहले कर दिया जाएगा। शेयर में 9 जुलाई को गिरावट है। एक महीने में भाव 40 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा है।

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Aegis Logistics

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 6.70 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। कंपनी की 7 अगस्त को होने वाली सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 4 सितंबर को या उससे पहले कर दिया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 6 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर में 9 जुलाई को गिरावट है। यह शेयर 3 महीनों में निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है।

Dr Reddys Laboratories

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 8 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। 23 जुलाई को होने वाली सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। डॉ. रेड्डीज लैब्स ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भी इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड बांटा था। शेयर में 9 जुलाई को गिरावट है।

BSE Limited

कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए 10 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। इसकी घोषणा मई महीने में हुई थी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 18 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर में 9 जुलाई को तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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Ather Energy share Price : नोमुरा ने एथर एनर्जी पर अपनी “बाय” रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹1,120 से बढ़ाकर ₹1,470 कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली इस कंपनी को EV सेक्टर में तेजी का सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है। आज गुरुवार को जारी अपनी रिपोर्ट में ब्रोकरेज ने कहा है कि भारत में EV का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ग्राहकों की बढ़ती दिलचस्पी के साथ-साथ केंद्र और अलग-अलग राज्य सरकारों की EV-सपोर्टिव नीतियों से भी ईवी बानाने वाली कंपनियों को फायदा होगा। उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का इस्तेमाल FY26 के लगभग 6.5% से बढ़कर FY30 तक लगभग 19% हो जाएगा, जो पहले के 16% के अनुमान से ज्यादा है। इसका मतलब है कि FY26-30 के दौरान वॉल्यूम CAGR लगभग 40% रहेगा।

नोमुरा का मानना ​​है कि पूरी तरह से EV टू-व्हीलर पर केंद्रित कंपनी एथर को इस ट्रेंड का सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है। नोमुरा ने बताया है कि कंपनी ने FY26 में अपना मार्केट शेयर लगभग 18% बनाए रखा है। फिलहाल अभी यह सप्लाई की कमी का सामना कर रही है।

ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में आगे कहा है कि FY27 की तीसरी तिमाही में EL प्लेटफ़ॉर्म के तहत एथर (Ather) के किफायती स्कूटर और एक नए प्लांट के लॉन्च से ₹1 लाख से ₹1.25 लाख वाले सेगमेंट को टारगेट करने में मदद मिलनी चाहिए। बता दें कि यह सेगमेंट इंडस्ट्री का लगभग 45% हिस्सा है। उसने यह भी कहा कि भविष्य में नए मोटरसाइकिल प्लेटफ़ॉर्म की सफलता से उसके अनुमानों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

बेहतर आउटलुक को देखते हुए,नोमुरा ने वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनी के वॉल्यूम का अनुमान 3.99 लाख यूनिट पर बरकरार रखा है, जो सालाना आधार पर 53% ज़्यादा है। साथ ही, उसने वित्त वर्ष 2028 के लिए अपने अनुमान को पहले के 5.10 लाख यूनिट से बढ़ाकर 6.22 लाख यूनिट कर दिया है। उसने वित्त वर्ष 2029 के लिए भी 8.24 लाख यूनिट का अनुमान जारी किया है, जो साल-दर-साल 32% ज्यादा है।

कमजोर मिक्स की उम्मीद के बावजूद, ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की औसत बिक्री कीमतों में लगभग 2% की बढ़ोतरी हो सकती है। कंपनी को कमोडिटी की बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डालने की सहूलियत मिल सकती है।

शेयर प्राइस हिस्ट्री

शेयर की चाल पर नजर डालें तो फिलहाल यह शेयर 32.70 रुपए यानी 2.73 फीसदी की बढ़त के साथ 1232 रुपए के आसपास दिख रहा है। आज का इसका दिन का हाई 1,234 रुपए है। 1 हफ्ते में यह शेयर करीब 3 फीसदी और 1 महीने में 19.5 फीसदी भागा है। 1 साल में इसमें 275 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Kalyan Jewellers Shares: 7% चढ़े शेयर, फीके बिजनेस अपडेट के बावजूद इस कारण टूटे पड़े निवेशक

Kalyan Jewellers Share Price: दिग्गज ज्वैलरी कंपनी कल्याण ज्वैलर्स के शेयर आज तूफानी स्पीड से ऊपर चढ़े और वह भी ऐसे माहौल में, जब सेंसेक्स-निफ्टी औंधे मुंह गिर पड़े। ब्रोकरेज फर्म सिटी ने जब इस पर तगड़ा बुलिश रुझान दिखाया और उम्मीद जताई कि इसके शेयर मौजूदा लेवल से डबल से अधिक ऊपर चढ़ सकते हैं। इसने कल्याण ज्वैलर्स के शेयरों की चमक बढ़ा दी। बिकवाली के माहौल का इस पर भी असर पड़ा लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 6.72% की बढ़त के साथ ₹378.75 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 7.07% उछलकर ₹380.00 तक पहुंच गया था।

Kalyan Jewellers पर क्यों है City बुलिश

जून तिमाही के बिजनेस अपडेट पर कल्याण ज्वैलर्स के शेयर एक कारोबारी दिन पहले करीब 7% टूट गए थे लेकिन आज सिटी के बुलिश रुझान ने इसे रॉकेट बना दिया। सिटी ने इसकी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस ₹750 फिक्स किया है यानी मौजूदा लेवल से दोगुने से भी अधिक। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि जून तिमाही में कंपनी का कंसालिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 38% की रफ्तार से बढ़ा जोकि उम्मीद से कम रही। जून तिमाही में भारतीय कारोबार से 38% अधिक रेवेन्यू मिला जिसे 28% के SSSG (सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ) से सपोर्ट मिला।

रेवेन्यू के मोर्चे पर चूकने के बावजूद सिटी इसकी लॉन्ग-टर्म संभावनाओं के चलते बुलिश है। सिटी का मानना है कि फ्रेंचाइजी के जरिए विस्तार की रणनीति इसके लिए सबसे अहम ग्रोथ ड्राइवर है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि विस्तार मॉडल से इसकी अर्निंग्स ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा तो RoCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड) में भी सुधार होगा। सिटी ने कल्याण ज्वैलर्स के डिजिटल-फर्स्ट ज्वैलरी बिजनेस कैंडेरे (Candere) के शानदार प्रदर्शन का भी जिक्र किया, जिसका रेवेन्यू जून तिमाही में सालाना आधार पर 112% बढ़ा। कंपनी ने जून तिमाही में पांच कैंडेरे स्टोर खोले।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

कल्याण ज्वैलर्स ने पोर्टफोलियो की चमक तेजी से कम की है। पिछले साल 24 जुलाई 2025 को बीएसई पर यह ₹617.30 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 11 महीने में ही यह 47.00% टूटकर पिछले महीने 11 जून 2025 को ₹327.15 के भाव पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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