Market cues : निफ्टी 24500-24600 पर स्थित अगले रेजिस्टेंस की और बढ़ने को तैयार, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : 30 जुलाई को सीमित दायरे में कारोबार करने के बावजूद निफ्टी मे 0.3 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। मोमेंटम इंडिकेटर्स में सुधार,इंडेक्स का शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बने रहना, साथ ही अच्छे ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ’हायर हाई-हायर लो’पैटर्न का बनना, कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और इंडिया VIX में नरमी जैसी बातों देखते हुए उम्मीद है कि इंडेक्स 24,400 (200 डे EMA) के अपने अगले रेजिस्टेंस लेवल की ओर बढ़ता नजर आएगा। मार्केट दिग्गजों का कहना है कि निफ्टी अब 24,400 (200 डे EMA) के आसपास स्थित अगले रेजिस्टेंस की ओर बढ़ता नजर आ सकता है। अगर यह 24,100 पर स्थित सपोर्ट को बचाए रख पाता है तो इसके लिए 24,500-24,600 के जोन (पिछले स्विंग हाई) की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,223, 24,186 और 24,127

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,342, 24,379 और 24,438

निफ्टी ने पिछले हफ्ते हुए नुकसान की भरपाई करते हुए अपनी बढ़त बनाए रखी है। इसने डेली टाइमफ़्रेम पर स्मॉल अपर और लोअर विक्स (wicks) के साथ एक बुलिश कैंडलस्टिक बनाई है। यह 200-डे EMA और पिछले स्विंग हाई जैसे ओवरहेड रेजिस्टेंस लेवल के पास कंसोलिडेशन का संकेत है। वहीं,’हायर हाई-हायर लो’का पैटर्न भी बना हुआ है। निफ्टी अपने 20, 50 और 100 डे EMA के ऊपर बना हुआ है। यह तेजी बने रहने का संकेत है। RSI बढ़कर 57.66 पर पहुंच गया है और रेफरेंस लाइन के ऊपर टिका हुआ है। वहीं,MACD भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। ये सभी इंडिकेटर तेजी के मोमेंटम के मजबूत होने और आगे और बढ़त की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं,बशर्ते अहम सपोर्ट लेवल बचे रहें।

बैंक निफ्टी

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,230, 57,340 और 57,519

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,872, 56,762 और 56,583

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में बैंक निफ्टी 20 डे, 50 डे और 100 डे EMA के बीच और मई के लो से जून के हाई तक की रैली के 23.6% और 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के दायरे में ट्रेड करता रहा। इससे बाजार की दिशा साफ न होने का संकेत मिलता है। इसने डेली चार्ट पर’डोजि'(Doji)जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो एक और सेशन में मार्केट में दुविधा या अनिश्चितता बने रहने का संकेत है। RSI 49.44 पर स्थिर रहा और रेफरेंस लाइन के नीचे बना रहा। इससे पता चलता है कि इसमें कोई मजबूत तेजी या मंदी का मोमेंटम नहीं है। वहीं, MACD धीरे-धीरे जीरो लाइन की ओर नीचे आता रहा। हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार्स में गिरावट में कमी दिखी। ये सभी संकेत बताते हैं कि बैंक निफ्टी के तब तक एक दायरे में ही घूमता रह सकता है, जब तक कि कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX गुरुवार को 1.23 प्रतिशत बढ़कर 12.15 पर पहुंचने के बावजूद निचले स्तरों के आसपास बना रहा और अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा। यह मार्केट में स्थिरता के साथ तेजड़ियों के लिए अनुकूल माहौल का संकेत है। अगर यह लगातार 12 के स्तर से नीचे बना रहता है,तो इससे तेजड़ियों को और राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 30 जुलाई को बढ़कर 1.26 पर पहुंच गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.18 के लेवल पर था। PCR का बढ़ना या 0.7 से ज़्यादा होना या इसका 1 से ऊपर निकल जाना,यह बताता है कि ट्रेडर्स कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज्यादा बेच रहे हैं। आम तौर पर,यह बाजार में तेजी का संकेत होता है। अगर यह रेश्यो 0.7 से नीचे गिरता है या 0.5 की तरफ जाता है,तो इसका मतलब है कि पुट के मुकाबले कॉल की बिक्री ज्यादा हो रही है,जो बाजार में मंदी का संकेत है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : बाजार में बुलिश मोमेंटम मजबूत रहने के संकेत, हल्के ठहराव में बाद इंडेक्स फिर पकड़ेंगे रफ्तार

Trade setup for today : निफ्टी में इस हफ्ते दूसरी बार गैप-अप ओपनिंग देखने को मिली। इसने पिछले शुक्रवार के निचले स्तर से 2.75 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। ​​29 जुलाई को 1.1 प्रतिशत ऊपर बंद होकर निफ्टी ने अगस्त सीरीज़ की मज़बूत शुरुआत की है। शॉर्ट से मीडियम टर्म मूविंग एवरेज और 100 डे EMA के ऊपर बढ़त,साथ ही डाउनवर्ड स्लोपिंग रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन के ऊपर ब्रेकआउट और मोमेंटम इंडिकेटर्स में और सुधार से मार्केट के सेंटीमेंट में सुधार आया है। कच्चे तेल में नरमी से बाजार को बड़ा सपोर्ट मिला है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक अच्छी रैली के बाद भले ही निफ्टी में कुछ समय के लिए ठहराव आए,लेकिन कुल मिलाकर इसका ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अगर निफ्टी 24,100-24,000 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर टिका रहता है,तो इसमें और तेजी आ सकती है और यह 24,400-24,500 के जोन तक जा सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,167, 24,133 और 24,077

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,280, 24,314 और 24,370

पिछले दो सेशन में 24,000 के लेवल के पास कंसोलिडेशन देखने को मिला। इसके बाद मज़बूत गैप-अप ओपनिंग के साथ निफ्टी 50 ने कल डेली टाइमफ्रेम पर एक बुलिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अच्छी खरीदारी आने का संकेत है। निफ्टी 200 डे EMA को छोड़कर सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर वापस आ गया। 200 डे EMA अगले रेजिस्टेंस जोन के तौर पर काम कर सकता है। यह जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर भी चला गया। बुल्लिश क्रॉसओवर के साथ RSI बढ़कर 56.11 हो गया,जबकि MACD रेफरेंस लाइन के नीचे रहने के बावजूद ऊपर की ओर बढ़ता रहा। इसके साथ ही हिस्टोग्राम की लाल बार्स कमजोरी कम होने का संकेत दे रही हैं। ये सभी बातें बुल्लिश मोमेंटम के मजबूत होने और आगे और बढ़त की संभावना का संकेत दे रही हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,298, 57,386 और 57,530

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,010, 56,921 और 56,777

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

बैंक निफ्टी में कल 0.8 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ विक (wick) और ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी। यह निचले स्तरों पर आई खरीदारी का संकेत है। इंडेक्स ने 20 डे EMA को टेस्ट किया लेकिन उसके ऊपर बंद होने में नाकाम रहा। इसके साथ ही,यह मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर भी बंद नहीं हो पाया। हालांकि,यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 49.95 हो गया,लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल लाइन के नीचे बना रहा,हालांकि हिस्टोग्राम की लाल बार्स हल्की पड़ती दिखीं। इससे पता चलता है कि मंदी का मोमेंटम कम हो रहा है। ये सभी बातें मोमेंटम में सुधार का संकेत देती हैं,लेकिन मज़बूत तेजी के ट्रेंड की पुष्टि के लिए तत्काल रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर एक टिकाऊ चाल की जरूरत होगी।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 29 जुलाई को भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,981 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी नेट खरीदार के तौर पर लगभग ₹1,000 करोड़ का निवेश किया।

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में बुधवार को लगातार तीसरे सेशन में गिरावट जारी रही। यह 4.42% गिरकर 12 के जोन (7 जुलाई के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल)पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह तेजड़ियों के लिए अच्छा संकेत है। अगर इसमें और गिरावट आती है और यह 12 के जोन से नीचे बना रहता है,तो बुल्स को और भी ज्यादा राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 29 जुलाई को पिछले सेशन के 1.05 से बढ़कर 1.18 हो गया। PCR का बढ़ना या 0.7 से ज़्यादा होना या इसका 1 से ऊपर निकल जाना,यह बताता है कि ट्रेडर्स कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज्यादा बेच रहे हैं। आम तौर पर,यह बाजार में तेजी का संकेत होता है। अगर यह रेश्यो 0.7 से नीचे गिरता है या 0.5 की तरफ जाता है,तो इसका मतलब है कि पुट के मुकाबले कॉल की बिक्री ज्यादा हो रही है,जो बाजार में मंदी का संकेत है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: सम्मान कैपिटल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Sell-off in chip stocks : चिप शेयरों में उधार लेकर की गई खरीदारी दक्षिण कोरिया पर पड़ रही भारी, जानिए भारत के लिए है कितना बड़ा खतरा

Sell-off in chip stocks : अमेरिका में चिप शेयरों में बिकवाली दक्षिण कोरिया पर भारी पड़ रही है। कॉस्पी में आज करीब 11% की भारी गिरावट दिख रही है। इस बिकवाली का एक बड़ा कारण कोस्पी में बढ़ती मार्जिन पोजिशन भी है। जब बाजार में बिकवाली बढ़ती है तो मार्जिन ट्रिगर होते हैं और ब्रोकर्स सौदे काट देते हैं। मार्जिन ट्रेडिंग की समस्या सिर्फ कोस्पी की नहीं,पूरी दुनिया में है। अमेरिका,चीन के साथ साथ भारत में भी मार्जिन पोजिशन रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है। ये भारत और दुनिया भर के बाजारों के लिए कितनी बड़ी चुनौती है,इस पर खास चर्चा के लिए हमारे साथ हैं स्टॉकएज (Stockedge) के को-फाउंडर विवेक बजाज। लेकिन इसके पहले जान लेते हैं कि दुनिया के बड़े बाजारों में क्या है मार्जिन पोजिशन (लेवरेज पोजिशन) की स्थिति।

रिकॉर्ड स्तर पर लेवरेज पोजिशन

अमेरिका में लेवरेज पोजिशन 1.53 लाख करोड़ डॉलर पर है। वहीं, चीन में यह 3 लाख करोड़ यूआन, दक्षिण कोरिया में 39 अरब डॉलर और भारत में 1.38 लाख करोड़ रुपए पर है। भारत में MTF पोजिशन की बात करें तो यह FY23 में 0.25 लाख करोड़ रुपए,FY24 में 0.47 लाख करोड़ रुपए, FY 25 में 0.72 लाख करोड़ रुपए। सितंबर 2025 में 1 लाख करोड़ रुपए, दिसंबर 2025 में 1.16 लाख करोड़ रुपए और जुलाई 2026 में 1.38 लाख करोड़ रुपए थी।

मार्केट कैप में MTF पोजिशन का हिस्सा

मार्केट कैप में MTF पोजिशन के हिस्से की बात करें तो चीन में यह कुल मार्केट कैप का 2.4%, अमेरिका में कुल मार्केट कैप का 2%, दक्षिण कोरिया में कुल मार्केट कैप का 0.8% और भारत में कुल मार्केट कैप का 0.34% है।

कोस्पी की गिरावट का लेवरेज कनेक्शन

27 मई को कोरिया में सिंगल स्टॉक लेवरेज ETF लॉन्च किया गया। इस ETF में सिर्फ सैमसंग और SK Hynix शामिल हैं। AI चिप रैली में रिटेल ने अंधाधुंध पैसा लगाया। इसमें कुछ ही हफ्तों में 9.48 अरब डॉलर की खरीदारी हुई। इस ETF के 92 फीसदी होल्डर रिटेल निवेशक हैं। मई के अंत तक रिटेल मार्जिन लोन 39 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

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कोस्पी: मार्जिन कॉल और फोर्स सेलिंग

कोस्पी में सैमसंग और SK Hynix की हिस्सेदारी 50% से ज्यादा है। सैमसंग और SK Hynix में सबसे ज्यादा लेवरेज पोजिशन है। चिप शेयरों में बिकवाली से सैमसंग और SK Hynix में तेज बिकवाली आई। एक महीने में सैमसंग 38% और SK Hynix 42% टूट गया। तेज बिकवाली से ब्रोकर्स ने मार्जिन पोजिशन काटी।

मार्जिन ट्रेडिंग भारत के लिए चुनौती?

भारत में भी मार्जिन ट्रेडिंग या MTF तेजी से बढ़ रही है। 27 जुलाई को MTF 1.38 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। हालांकि कुल मार्केट कैप में MTF का हिस्सा 0.34% ही है।

एक्सपर्ट की राय

स्टॉकएज (Stockedge) के को-फाउंडर विवेक बजाज ने कहा कि सालों से मार्जिन ट्रेडिंग चलती आ रही है। यह अमेरिका की उपज है। अमेरिकी लीवरेज पसंद करते है। वे हर तरह के इंस्ट्रूमेंट में लीवरेज क्रिएट करते हैं। वहां पर भी यह काफी बड़ा होता जा रहा है। टिपिकली जब भी किसी एसेट में बबल बनता है तो वह पूरे बाजार में बबल बनाने में अहम भूमिका निभाता है। उदाहरण के लिए जैसे 2008 में रियल एस्टेट बबल बना उसमें रियल एस्टेट लीवरेज बाजार में बबल बनने का कारण बना। जब बबल फटता है तो जहां भी लीवरेज होता है वहां असर पड़ता है।

हम सभी जानते हैं कि इस समय दुनिया में एआई ड्रिवेन बबल बन चुका है। लेकिन ये कब फटेगा हमें नहीं पता है। इस नजरिए से कोस्पी इस समय बहुत बड़ा केस स्टडी बन गया है। कोरियन मार्केट अपने हाई से 33 फीसदी टूट चुका है। लेकिन लीवरेज बबल फटने पर इसमें और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

विवेक बजाज ने आगे कहा कि भारत में मार्जिन ट्रेडिंग या MTF 2000 शेयरों में हैं। वहीं, कोरिया में सिर्फ 20 शेयरों में भारत से कई गुना बड़ा लीवरेज्ड पोजीशन है। भारत में फ्री फ्लोट बेसिस पर MTF पोजीशन मार्केट कैप का 0.74 फीसदी है। ऐसे में भारत में मार्जिन ट्रेंडिंग का बड़ा रिस्क नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि कोरिया का बाजार एक ट्रिगर का काम करेगा। अगर वहां,लीवरेज्ड शेयरों में गिरावट आती है तो इसका असर भारत सहित पूरे ग्लोबल मार्केट पर देखने को मिलेगा। ऐसे में जहां भी लीवरेज ज्यादा होगा वहां दबाव दिखेगा।

MTF क्या है?

मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी ‘आज खरीदें,बाद में भुगतान करें’के मॉडल की तरह काम करता है। इसमें निवेशकों को ट्रेडिंग के लिए जरूरी पैसों का कुछ हिस्सा ही चुकाना पड़ता है और बाकी पैसा ब्रोकर लोन की तरह देता है। जैसे कि मान लें कि 100 रुपये के भाव वाले 1 हजार शेयरों की ट्रेडिंग करनी है तो 1 लाख रुपये की जरूरत पड़ेगी। अब या तो आप पूरे एक लाख रुपये अपने पास से लगाएं या 30 फीसदी यानी 30 हजार रुपये खुद का लगाएं और बाकी 70 फीसदी यानी 70 हजार रुपये ब्रोकर से लोन के रूप में मिल जाएगा।

मार्जिन ट्रेडिंग का फायदा ट्रेडर्स और ब्रोकर्स दोनों को मिलता है। ट्रेडर्स ज्यादा पैसा लगाने के लिए लोन ले सकते हैं और बड़ा मुनाफा कमाने की कोशिश कर सकते हैं, वहीं ब्रोकर्स दिए गए लोन पर ब्याज कमाते हैं।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

5 वजहों से Nifty में पांच दिनों की गिरावट के बाद तेजी, IT Stocks के दम पर Sensex में 600 अंकों का उछाल

Share Market Rally: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज लगातार पांच कारोबारी दिनों की गिरावट का सिलसिला टूटा। अमेरिका और ईरान के बीच हमले थमे तो मार्केट उछल पड़ा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स इंट्रा-डे में 500 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24150 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 एक-एक फीसदी से अधिक मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:13 AM पर सेंसेक्स 564.06 प्वाइंट्स यानी 0.74% की बढ़त के साथ 76,623.83 और निफ्टी 50 भी 159.35 प्वाइंट्स यानी 0.67% की बढ़त के साथ 23,926.80 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 655.87 प्वाइंट्स चढ़कर 76,715.64 और निफ्टी 197.05 प्वाइंट्स उछलकर 23,964.50 तक पहुंचा था।

Share Market Rally: ये है वजह

अमेरिका और ईरान के थमे हमले

पश्चिमी एशिया में एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो गया था लेकिन अब जब हमले थमे हैं तो इसने मार्केट में रौनक बिखेर दी।

कच्चे तेल में गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच हमले रुके तो इससे वैश्विक जियोपोलिटिकल टेंशन ढीला पड़ा और कच्चा तेल फिसल पड़ा। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 5% टूटकर प्रति बैरल $86 के करीब आ गया। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

डॉलर की कमजोरी

वीकेंड में अमेरिका ने ईरान पर बमबारी रोक दी जिससे तेल की कीमतें नीचे आई और ग्लोबल बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसके चलते डॉलर पर दबाव बना है। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.2 के लेवल पर दिख रहा है। डॉलर की कमजोरी से मार्केट को सपोर्ट मिला है।

India VIX में गिरावट

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट ने रौनक बढ़ा दी। फिलहाल यह 5.63% की फिसलन के साथ 13.24 पर है। इसमें गिरावट का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना और इसमें उछाल का मतलब वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका है।

IT Stocks में जोरदार तेजी

मार्केट को आईटी शेयरों की ताबड़तोड़ खरीदारी से शानदार सपोर्ट मिला है जिसका निफ्टी इंडेक्स ढाई फीसदी मजबूत हुआ है। इसे एफएमसीजी, फार्मा, और रियल्टी सेक्टर से भी अच्छा सपोर्ट मिला है जिनके निफ्टी इंडेक्सेज में 1-1% से अधिक बढ़त है। सरकारी और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में भी आधे-आधे फीसदी की बढ़त है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Infosys shares Price: Q1 नतीजों के बाद शेयर 2% टूटा, बना निफ्टी का टॉप लूजर, ब्रोकरेज भी हुए सर्तक

Infosys shares Price:  मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी इंफोसिस  (Infosys ) के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। 24, जुलाई को BSE पर इंफोसिस का शेयर 2.5% गिरकर दिन के सबसे निचले स्तर ₹1,023.30 प्रति शेयर पर पहुंच गया। तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद आई।

बता दें कि IT कंपनी ने FY27 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल (YoY) 12.3% की बढ़ोतरी के साथ ₹7,769 करोड़ बताया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹6,921 करोड़ था। हालांकि, पिछली तिमाही के आधार पर, नेट प्रॉफ़िट मार्च तिमाही (Q4FY26) में बताए गए ₹8,501 करोड़ से 8.6% कम हो गया।

IT कंपनी ने जून तिमाही में ऑपरेशन से ₹48,211 करोड़ का रेवेन्यू पोस्ट किया, जिसमें YoY में 14% और तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) 3.9% की ग्रोथ दर्ज की गई। Q1FY26 में रेवेन्यू ₹42,279 करोड़ और Q4FY26 में ₹46,402 करोड़ रहा। कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) टर्म्स में, रेवेन्यू YoY में 2.4% और QoQ में 1% बढ़ा।

स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेजज फर्मों की राय 

HSBC

HSBC उन दो बड़े डाउनग्रेड में से एक है जो इंफोसिस को उसके नतीजों के बाद मिले हैं। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपनी रेटिंग को पहले की “buy” रेटिंग से घटाकर “hold” कर दिया है और अपना टारगेट प्राइस भी पहले के ₹1,340 से घटाकर ₹1,110 कर दिया है।

HSBC ने अपने नोट में लिखा कि हालांकि गाइडेंस में कटौती की उम्मीद थी, लेकिन यह रकम आम उम्मीदों से ज़्यादा थी। हालांकि HSBC ने इंफोसिस के नियर-टर्म वैल्यूएशन को “सस्ता” बताया है, लेकिन उसे उम्मीद है कि नियर-टर्म क्वार्टर कमजोर रहेंगे।

जेपी मॉर्गन

जेपी मॉर्गन ने भी इंफोसिस को उसकी पिछली “ओवरवेट” रेटिंग से डाउनग्रेड करके “Neutral” कर दिया है और स्टॉक का प्राइस टारगेट ₹1,050 रखा है। रेवेन्यू गाइडेंस में भारी कटौती को बताया और कहा कि ग्रोथ मोमेंटम को अब कई झटके लगे हैं, जिसमें कमजोर डिमांड, बढ़ता AI डिफ्लेशन, और डेमलर में चुनौतियां और एनर्जी, यूटिलिटीज रिसोर्सेज सर्विसेज (EURS) कॉन्ट्रैक्ट का खत्म होना शामिल है।

इंफोसिस का नया ऑर्गेनिक गाइडेंस, जो नेगेटिव 0.2% से पॉजिटिव 1.3% तक है, तेज मंदी की ओर इशारा करता है और वह भी मुश्किल माहौल में 0.4% से 1.4% कंपाउंड क्वार्टरली ग्रोथ रेट (CQGR) बनाए रखने पर निर्भर करता है।

CLSA

ब्रोकरेज ने इंफोसिस पर अपनी “outperform” रेटिंग राय दी है और इसके लिए टारगेट प्राइस ₹1,109 रखा है।CLSA ने कहा कि गाइडेंस में कटौती निराशाजनक थी, लेकिन EBIT मार्जिन बेहतर थे और ऑर्डर बुक भी स्थिर थी।इसने आशीष कुमार दाश को CEO-डेजिग्नेट के तौर पर नियुक्त करने को इंफोसिस के इतिहास में पहला मौका बताया, जब किसी इनसाइडर नॉन-फाउंडर को यह मौका दिया गया हो।

नोमुरा

नोमुरा ने इंफोसिस पर अपनी “Buy” रिकमेंडेशन बनाए रखी है और प्राइस टारगेट ₹1,290 रखा है। इसने नेगेटिव रेवेन्यू को क्लाइंट स्पेसिफिक इश्यूज के लिए सरप्राइज बताया, और कहा कि स्टॉक अभी आकर्षक वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।

इंफोसिस ने गुरुवार को अपने रिजल्ट्स की रिपोर्ट दी, जिसमें उसने अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस के अपर एंड में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की। अब गाइडेंस कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म्स में 1.5% से 3% है, जो पहले 1.5% से 3.5% था।

सलिल पारेख भी अगले साल अपना टर्म पूरा होने पर MD और CEO का पद छोड़ देंगे और 1 अप्रैल, 2027 से उनकी जगह आशीष दाश लेंगे।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 880 अंक टूटा, निफ्टी 23600 के करीब, लाल निशान में सभी सेक्टर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Share Market Crash: सेंसेक्स 778 अंक तक फिसला, निफ्टी 23700 के नीचे; निवेशकों के ₹3.58 लाख करोड़ साफ

शेयर बाजार में शुक्रवार, 24 जुलाई को तेज गिरावट है। सेंसेक्स खुलने के कुछ ही पलों के अंदर 778 अंक तक लुढ़क गया। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 3.58 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में 75,708.19 पर हुई। फिर यह पिछली क्लोजिंग से करीब 778 अंक गिरकर 75,613.43 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 23,666.35 पर खुला और फिर पिछली क्लोजिंग से 223 अंक तक टूटकर 23,646.90 के लो तक गया।

गुरुवार, 23 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,76,60,985.926 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट खुलने के कुछ ही पलों के अंदर यह घटकर 4,73,02,449.65 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 3,58,536.276 करोड़ रुपये की गिरावट।

एक दिन पहले कैसी रही थी बाजार की चाल

शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार 5वें दिन गिरावट है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में उछाल से गुरुवार को 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23,869.60 अंक पर बंद हुआ था।

Market cues : बाजार में घबराहट तो बढ़ी लेकिन अभी तक पैनिक की स्थिति नहीं, 23800 का सपोर्ट टूटने पर बढ़ सकती है गिरावट

Trade setup for today : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार चली गईं,जिससे निफ्टी लगातार चौथे सेशन में दबाव में रहा। 23 जुलाई को इसमें 0.53% की गिरावट आई और यह अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी मंदी के रुझान के मजबूत होने का संकेत दे रहे हैं। हालिया कमजोरी ने इंडेक्स को अहम 23,800 के सपोर्ट लेवल के करीब पहुंचा दिया है।

बाजार जानकारों का कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से नीचे गिरता है तो यह गिरावट 23,650-23,600 के जोन तक बढ़ सकती। अगर यह इस जोन से भी नीचे जाता है तो इंडेक्स 23,500 के लेवल तक गिर सकता है,जो अगला अहम सपोर्ट लेवल बन सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ 24,000-24,100 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना रह सकता है

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,819, 23,776 और 23,706

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 23,959, 24,003 और 24,073

डेली चार्ट पर,निफ्टी ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जो’हाई वेव’कैंडलस्टिक पैटर्न जैसी दिखती है। यह अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे आ गया,जिससे पता चलता है कि मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल बढ़ रहा है। इंडेक्स जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के करीब भी पहुंच गया। इस लेवल को आम तौर पर एक मजबूत सपोर्ट माना जाता है।

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स(RSI)गिरकर 45.36 पर आ गया,जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) जीरो लाइन के नीचे और गिर गया और रेड हिस्टोग्राम बार और बढ़ गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का रुझान मजबूत हो रहा है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,844, 56,975 और 57,188

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,420, 56,289 और 56,077

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

बैंक निफ्टी गैप-डाउन ओपनिंग के बाद 0.94 प्रतिशत गिर गया और दोनों तरफ विक्स (wicks) वाली एक बेयरिश कैंडलस्टिक बनाई। यह ज्यादा उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी का संकेत है। बैंकिंग इंडेक्स अपने 20-दिन, 50-दिन और 100-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज(EMA)से नीचे गिर गया। हालांकि इंट्राडे में यह 200-दिन के EMA से नीचे चला गया था,लेकिन यह उस लेवल से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।

शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। मोमेंटम इंडिकेटर भी और कमज़ोर हुए और RSI गिरकर 44.2 पर आ गया। MACD में भी गिरावट का रुख बना रहा और रेड हिस्टोग्राम बार और बढ़ गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि बेयरिश मोमेंटम मज़बूत हो रहा है,हालांकि 200-दिन का EMA अभी भी एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

23 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग 3,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दो सेशन तक बिकवाली करने के बाद खरीदारी की और 2,947 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाने वाला इंडिया VIX कल ऊपर की ओर बढ़ा। यह 1.37 प्रतिशत बढ़कर 13.47 पर पहुंच गया,जो,तेजड़ियों के लिए परेशानी का संकेत है। हालांकि,जब तक यह 15 के स्तर से नीचे है,तब तक यह इंडेक्स चिंताजनक स्तर पर नहीं माना जाएगा। अगर यह लगातार 15 के ऊपर बना रहता है,तो बुल्स की बेचैनी बढ़ सकती है। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार में घबराहट तो बढ़ रही है,लेकिन अभी तक पैनिक की स्थिति नहीं बनी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 23 जुलाई को पिछले सेशन के 0.84 से घटकर 0.80 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

 

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Gift Nifty Indictor: बाजार पर हावी हो सकते है मंदड़िए, गिफ्ट निफ्टी 200 अंक नीचे, जानें आज निफ्टी-बैंक निफ्टी के लिए कौन से लेवल होंगे अहम

Gift Nifty Indictor: भारतीय बाजार आज 24, जुलाई को एक और कमजोर सेशन के लिए तैयार हैं। गिफ्ट निफ्टी पर ग्लोबल इक्विटी में बिकवाली और तेल की कीमतों में तेज गिरावट का असर देखने को मिल रहा है। निफ्टी 50 की परफॉर्मेंस का शुरुआती इंडिकेटर,  गिफ्ट निफ्टी  सुबह 8 बजे 23,656.50 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज 23,873.60 से 205 पॉइंट्स नीचे है।

बता दें कि गुरुवार को, बेंचमार्क में लगातार चौथे सेशन में गिरावट जारी रही, जो 6 जून के बाद से उनकी सबसे लंबी गिरावट का सिलसिला था, क्योंकि ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतों ने सेंटिमेंट पर असर डाला। निफ्टी 50 126.65 पॉइंट्स या 0.53% गिरकर 23,869.60 पर आ गया, जबकि सेंसेक्स 363.66 पॉइंट्स या 0.47% गिरकर 76,391.39 पर आ गया।

शुक्रवार को एशियाई मार्केट भी नीचे ट्रेड कर रहे थे, पिछले सेशन से हो रही गिरावट जारी रही क्योंकि तेल की ज़्यादा कीमतों और टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में बिकवाली के एक और दौर ने महंगाई और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलने वाले इन्वेस्टमेंट के आउटलुक को लेकर चिंता बढ़ा दी। जापान का निक्केई 225 2.46 परसेंट गिरा, साउथ कोरिया का कोस्पी 3.04 परसेंट गिरा, ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.57 परसेंट गिरा और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.01 परसेंट फिसला।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच तेल की कीमतों में तेज़ी आने से गुरुवार को U.S. इक्विटीज़ तेज़ी से नीचे बंद हुईं, जबकि इन्वेस्टर्स दुनिया की दो सबसे बड़ी कंपनियों की तिमाही कमाई का अंदाज़ा लगा रहे थे। अल्फाबेट के नतीजों ने बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खर्च को लेकर चिंता बढ़ा दी।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 506.93 पॉइंट्स या 0.97 परसेंट गिरकर 51,711.65 पर आ गया। S&P 500 1.21 परसेंट गिरकर 7,408.30 पर आ गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 2.15 परसेंट गिरकर 25,137.69 पर आ गया। टेक्नोलॉजी-हैवी इंडेक्स पर अल्फाबेट में 7 परसेंट और टेस्ला में 14 परसेंट की गिरावट का असर पड़ा, जो उनकी अर्निंग्स रिपोर्ट के बाद आई।

रेड सी में टैंकरों पर हूथी हमलों के बाद मिडिल ईस्ट संघर्ष में एक नया मोर्चा खुलने के बाद ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था, जबकि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले बढ़ाने की धमकी दी थी। ग्लोबल बेंचमार्क गुरुवार को दो महीने में पहली बार $100 के निशान से ऊपर चढ़ गया और इस हफ्ते इसमें लगभग 14 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $92 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था।

ट्रंप ने रेड सी में जहाजों पर और हमले होने पर ईरान और हूथी दोनों के लिए “बड़ी मिलिट्री सज़ा” की चेतावनी दी और एक्सियोस को बताया कि वह ईरान पर “बड़े हमले” पर विचार कर रहे हैं।

तेल बाज़ार रूस के ब्लैक सी कोस्ट पर कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम टर्मिनल पर हुए हमलों से भी जूझ रहा है, जो कज़ाकिस्तान का ज़्यादातर क्रूड एक्सपोर्ट करता है। मिडिल ईस्ट में महीनों से चल रहे संघर्ष के कारण ग्लोबल इन्वेंटरी कम हो गई है, जिससे सप्लाई कम होने और बड़े पैमाने पर आर्थिक झटके का खतरा बढ़ गया है।

इस महीने तेल की कीमतों में तेज़ी आई है क्योंकि फ़ारस की खाड़ी में US और ईरान के बीच दुश्मनी बढ़ गई है, जिससे होर्मुज़ स्ट्रेट से ट्रैफ़िक में रुकावट आई है और क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस के फ्लो पर असर पड़ा है। रेड सी में ईरान-समर्थित हूथी मिलिटेंट्स द्वारा सऊदी अरब के टैंकरों पर पहले हमलों ने पूरे इलाके में सप्लाई में बड़े पैमाने पर रुकावटों को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

निफ्टी- बैंक निफ्टी के लिए क्या होगा आज आउटलुक 

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर बात करते हुए एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि  बैंक निफ्टी के नेगेटिव बायस के साथ ट्रेड करने की उम्मीद है, जिससे हाल के सेशन में देखी गई लगातार कमजोरी और बढ़ेगी। इंडेक्स अपने मुख्य रेजिस्टेंस लेवल से नीचे बना हुआ है और अपने 200-दिन के EMA (56,495) से थोड़ा ऊपर बना हुआ है, जिससे पता चलता है कि बेयर्स शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पर मजबूती से कंट्रोल में हैं। टेक्निकल नजरिए से, 56,800–56,900 ज़ोन तुरंत रेजिस्टेंस है, इसके बाद 57,200–57,300 ज़ोन और ऊपर है।

नीचे की तरफ, 56,400–56,300 ज़ोन तुरंत सपोर्ट बना हुआ है, जो पिछले सेशन में मजबूत बना हुआ था। इस लेवल से नीचे एक बड़ा ब्रेक सेलिंग प्रेशर बढ़ सकता है और इंडेक्स 56,000–55,800 सपोर्ट ज़ोन की ओर खिंच सकता है। कुल मिलाकर, शॉर्ट-टर्म टेक्निकल आउटलुक बेयरिश बना हुआ है, इंडेक्स के शॉर्ट-टर्म टेक्निकल स्ट्रक्चर में काफ़ी सुधार लाने और मोमेंटम को बुल्स के पक्ष में करने के लिए 57,000 मार्क से ऊपर लगातार मूव जरूरी होगा।

पीएल कैपिटल के हेड एडवाइजरी विक्रम कासट ने कहा, “तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ने और जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने के कारण बाज़ार फिर से साफ़ तौर पर रिस्क-ऑफ मोड में आ गए हैं। मज़बूत कॉर्पोरेट फंडामेंटल्स पर सख्त फाइनेंशियल हालात और बढ़ते रिस्क से बचने की प्रवृत्ति का असर पड़ सकता है। निफ्टी के लिए, 23,600 एक मुख्य सपोर्ट लेवल बना हुआ है, जबकि 24,000 तुरंत रेजिस्टेंस है।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : अगर निफ्टी 24000 के नीचे बना रहता है तो 23800 तक बढ़ सकती है गिरावट, 24100 पर रेजिस्टेंस

Trade setup for today : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण 22 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतें $95 प्रति बैरल तक पहुंच गईं। इससे निफ्टी 50 पर बिकवाली का दबाव पड़ा और यह 0.8 प्रतिशत गिरकर 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से थोड़ा नीचे बंद हुआ। मोमेंटम इंडिकेटर बाजार में शॉर्ट-टर्म कमजोरी का संकेत दे रहे हैं। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से भी नीचे आ गया है,जो बताता है कि बाजार में मंदड़िए मजबूत स्थिति में हैं।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 24,000 के लेवल से नीचे बना रहता है,तो 23,800 तक गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस लेवल के टूटने पर मंदड़िए बाजार पर अपनी पकड़ और मजबूत कर सकते हैं। हालांकि,जानकारों के मुताबिक,अगर बाजार में रिकवरी होती है तो 24,100-24,200 का दायरा एक रेजिस्टेंस का काम कर सकता है

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,963, 23,915 और 23,836

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,120, 24,168 और 24,246

कुछ समय तक एक ही दायरे में रहने के बाद,निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक लंबी’बेयरिश कैंडल’बनाई और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज (100-दिन के EMA) और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से नीचे आ गया। इससे पता चलता है कि बाजार में बिकवाली करने वालों का पलड़ा भारी हो गया है। RSI गिरकर 48.61 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखा गया,जबकि MACD सिग्नल लाइन से और नीचे चला गया और हिस्टोग्राम में लाल बार और बड़ा हो गया,जो मंदी के रुझान(बेयरिश मोमेंटम)के मज़बूत होने का संकेत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,633, 57,835 और 58,161

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,981, 56,780 और 56,454

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

बैंक निफ्टी में 1.2 प्रतिशत की गिरावट आई और यह पिछले कई सेशन की कंसोलिडेशन रेंज से नीचे आ गया। डेली चार्ट पर इसने एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई,जो बढ़ते सेलिंग प्रेशर का संकेत है। बैंकिंग इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से काफी नीचे आ गया,हालांकि यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। RSI गिरकर 48.1 पर आ गया और बेयरिश क्रॉसओवर का संकेत देता रहा,जबकि MACD रेफरेंस लाइन से नीचे बना रहा और हिस्टोग्राम में लाल बार का आकार बढ़ता गया,जो शॉर्ट टर्म में कमजोरी का संकेत है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

22 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹819 करोड़ के भारतीय शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार दूसरे सेशन में बिकवाली जारी रखी और ₹418 करोड़ के शेयर बेचे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाने वाला इंडिया VIX 5.5% बढ़कर 13.29 पर पहुंच गया और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया। यह तेजड़ियो के लिए बढ़ती परेशानी का संकेत है। अगर यह 15 के लेवल की ओर और बढ़ता है तो बुलिश खेमे पर दबाव और बढ़ सकता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 22 जुलाई को पिछले सेशन के 1.01 से गिरकर 0.84 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Emami Paper Mills Share Price: निवेशक हुए मालामाल, Q1 में 6 गुना उछला मुनाफा, शेयर 20% के अपरसर्किट पर हुआ लॉक

Emami Paper Mills Share Price: पेपर सेक्टर की कंपनी इमामी पेपर मिल्स (Emami Paper Mills) के शेयरों ने अपने निवेशकों को मालामाल किया है। शेयर आज 20 फीसदी के अपरसर्किट पर लॉक हुआ है और यह अपने 10 महीने के सबसे ऊपरी स्तर 118.63 रुपये पर पहुंच गया। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (जून तिमाही) के लिए शानदार नतीजे जारी किए है । जिसके मुताबिक कंपनी का मुनाफा 6 गुना बढ़ा है।

इमामी पेपर मिल्स ने Q1FY27 के लिए मजबूत ऑपरेशनल नतीजे दिए, जिसमें नेट प्रॉफ़िट Q1FY26 के ₹6.31 करोड़ से बढ़कर ₹38.61 करोड़ हो गया। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू साल-दर-साल 21.84 फीसदी बढ़कर ₹560.37 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹461.36 करोड़ था। खास बात यह है कि ऑपरेशनल रेवेन्यू में सालाना ₹100.40 करोड़ की बढ़ोतरी हुई।

Q1 FY26 में EBITDA ₹38 करोड़ से दोगुना होकर ₹83 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 660 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 14.82% हो गया, जो बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी और बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी को दिखाता है।

क्या करती है कंपनी

कंपनी की वेबसाइट के अनुसार , इमामी पेपर मिल्स, इमामी ग्रुप का एक हिस्सा है, जो ओडिशा के बालासोर में पेपर बनाने की फैसिलिटी चलाता है। यह कंपनी भारत की सबसे बड़ी न्यूज़प्रिंट बनाने वाली कंपनी है, जिसकी इंस्टॉल्ड प्रोडक्शन कैपेसिटी हर साल 1.5 लाख टन है, जो इम्पोर्टेड ग्रेड के बराबर प्रीमियम-क्वालिटी न्यूज़प्रिंट बनाती है।

इसके अलावा, इमामी पेपर मिल्स की कंज्यूमर पैकेजिंग बोर्ड सेगमेंट में भी अच्छी पकड़ है, जिसकी कुल इंस्टॉल्ड कैपेसिटी हर साल 2 लाख टन है, जिसमें रीसायकल-ग्रेड और वर्जिन-ग्रेड बोर्ड शामिल हैं, जो पैकेजिंग की कई तरह की ज़रूरतों को पूरा करते हैं।

मार्च के निचले स्तर से 116% रिकवर हुआ शेयर

लंबी गिरावट झेलने के बाद इमामी पेपर मिल्स ने अप्रैल में 39% की बढ़त के साथ ज़बरदस्त रिकवरी की। अगले महीनों में रैली ने और रफ़्तार पकड़ी, मई में स्टॉक में 11% की और बढ़त हुई। जुलाई में अब तक, यह और 36% बढ़ चुका है।

लगातार रैली ने स्टॉक को अपना मल्टीबैगर स्टेटस वापस पाने में मदद की है, जिसके शेयर मार्च के निचले स्तर से 116% ऊपर चढ़ा हैं। तेज़ रिकवरी ने स्टॉक को कैलेंडर साल के लिए पॉज़िटिव ज़ोन में भी पहुंचा दिया है, जिसमें साल-दर-साल 36% की बढ़त हुई है।

Bandhan Bank Share Price: RoA गाइडेंस में कटौती से शेयर 15% टूटा, ब्रोकरेज फर्मों ने भी घटाया भरोसा, अब क्या निवेशक!

Bharat Coking Coal share price: कोल इंडिया की सब्सिडियरी का शेयर 7% लुढ़का, Q1 नतीजों के बाद झेल रहा बिकवाली

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।