NEET Protest में छाई ये ‘देसी मां’, पोस्टर पर लिखी एक लाइन पढ़कर इंटरनेट हुआ दीवाना

दिल्ली में NEET परीक्षा को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन इन दिनों पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं और प्रदर्शन से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इसी बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने आंदोलन के गंभीर माहौल में भी लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। तस्वीर में दिखा एक अनोखा संदेश लोगों के दिलों को इस तरह छू गया कि देखते ही देखते वह इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से लेकर अन्य मंचों तक लोग इसे जमकर शेयर कर रहे हैं और अपने-अपने अंदाज में प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

कई यूजर्स इसे भारतीय माताओं के स्नेह, सख्ती और सुरक्षा की भावना का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे विरोध प्रदर्शन की सबसे यादगार और दिल छू लेने वाली तस्वीर कह रहे हैं। यही वजह है कि यह फोटो अब सिर्फ एक वायरल पोस्ट नहीं, बल्कि लोगों के बीच चर्चा का खास विषय बन चुकी है।

एक तख्ती, जिसने जीत लिया इंटरनेट का दिल

इस तस्वीर को X (पहले ट्विटर) पर शेयर करते हुए कैप्शन लिखा गया, “Bro, whose mom is this?

CJP का आंदोलन खत्म, साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोचों का ऐलान, सभी प्रदर्शनकारी घर जाएं

CJP protest ended: स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्‍डा और केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) ने शनिवार को प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान कर दिया है। सीजेपी के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा सरकार ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं। 

 

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं। मंगलवार तक हमें लिखित गारंटी देगी सरकार। सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी केस वापस लेगी। साथ पीड़ित परिवारों को मुआवजा भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी तुरंत अपने घर चले जाएं।

 

केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्‍डा ने भी इस दौरान कहा कि सीजेपी की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई है। सरकार ने केस रद्द करने की मांग मान ली है साथ ही पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की बात भी सरकार ने मांग ली है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी। 

धरना स्थल पर जश्न का माहौल

नीट प्रश्न पत्र लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार को जंतर-मंतर स्थित विरोध प्रदर्शन स्थल पर जश्न का माहौल देखने को मिला। प्रदर्शनकारी नाचते-गाते, तिरंगा लहराते और ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष करते नजर आए। 

‘दोस्तों, धन्यवाद’: NEET पोस्ट पर मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद PM मोदी ने 24 घंटे में शेयर की दूसरी रील

PM Modi Instagram Reel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 24 घंटे के अंदर अपनी दूसरी इंस्टाग्राम रील शेयर की। इसमें उन्होंने NEET पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी के खिलाफ सरकार की प्रस्तावित सख्त कार्रवाई पर अपनी पिछली सोशल मीडिया पोस्ट को मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के लिए लोगों का शुक्रिया अदा किया।

इस छोटे से वीडियो में, PM मोदी ने गुरुवार रात सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपने सेल्फी-स्टाइल वीडियो के बाद लोगों से मिले समर्थन, फीडबैक और सुझावों के लिए उनका आभार जताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “दोस्तों, आपका धन्यवाद। कल रात मुझे आपसे जुड़ने का मौका मिला। मैंने जो वीडियो पोस्ट किया था, उस पर आपकी प्रतिक्रिया और आपके सकारात्मक सुझावों के लिए धन्यवाद। सभी का शुक्रिया। मुझे उम्मीद है कि आपका प्यार और समर्थन बना रहेगा और हमारा रिश्ता और भी मजबूत और सक्रिय होगा। धन्यवाद। दोस्तों, धन्यवाद।”

यह संदेश प्रधानमंत्री मोदी द्वारा NEET पेपर लीक को लेकर चिंता जताने वाले वीडियो जारी करने के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि सरकार परीक्षा में धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। वीडियो में उन्होंने पेपर लीक को लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए गहरी चिंता का विषय बताया था और घोषणा की थी कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के माध्यम से कड़े कदम उठाए जाएंगे।

बता दें की यह मैसेज उसी दिन आया, जब NEET पेपर लीक पर PM मोदी के पहले इंस्टाग्राम वीडियो को 300 मिलियन से ज्यादा बार देखा गया। इस वीडियो का शीर्षक “कल कैबिनेट में पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएंगे!” था। इस वीडियो की वजह से प्रधानमंत्री को 24 घंटे से भी कम समय में इंस्टाग्राम पर दस लाख (1 मिलियन) फॉलोअर्स भी मिले।

यह घटनाक्रम कैबिनेट की एक अहम बैठक के दौरान हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों से सोशल मीडिया पर सरकार की मौजूदगी मजबूत करने और इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों तक अपनी पहुंच बढ़ाने को कहा।

जानकारी के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय में हुई जब NEET पेपर लीक पर उनके वीडियो को 300 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका था और उन्हें एक दिन से भी कम समय में लगभग दस लाख इंस्टाग्राम फॉलोअर्स मिले थे।

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Delhi Weather Today: दिल्ली में फिर बरसेंगे बादल! बारिश और ठंडी हवाओं से मिलेगी उमस से राहत, जानें IMD का अपडेट

Delhi Weather Today: दिल्ली में शनिवार (25 जुलाई) को आसमान में बादल छाए रहने के साथ-साथ हल्की से बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है, जिस वजह से राजधानी में मौसम सुहावना बना रहेगा। बता दें कि इससे एक दिन पहले यानी शुक्रवार को बारिश और बूंदाबांदी से उमस भरे मौसम से राहत मिली थी, और शनिवार को भी बारिश के चलते तापमान के नियंत्रण में रहने की उम्मीद है।

शुक्रवार को दिल्ली में दिनभर आमतौर पर बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। इस दौरान सफदरजंग में अधिकतम तापमान 34.6°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम रहा। दिल्ली-एनसीआर के अन्य मौसम केंद्रों पर भी दिन का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। पालम में अधिकतम तापमान 32.9°C, लोधी रोड और रिज में 33.3°C, जबकि आयानगर में भी 33.3°C रिकॉर्ड किया गया।

दिन भर हल्की बारिश के आसार

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 25 जुलाई को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से लेकर दोपहर से पहले तक बहुत हल्की से हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। इसके बाद दोपहर और शाम के समय भी हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जगहों पर 20-30 किमी/घंटा की रफ्तार से सतही हवाएं चलने और इनके झोंके 40 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पूरे दिन मौसम सुहावना बना रहेगा।

इन सभी मौसमी घटनाओं के चलते शनिवार को अधिकतम तापमान 33°C से 35°C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 24°C से 26°C के बीच रह सकता है।

IMD के मुताबिक, दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे दिन का तापमान सामान्य से नीचे बना रहा। वहीं, शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक के 24 घंटों में सफदरजंग में 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पालम में 0.6 मिमी, लोधी रोड में 0.8 मिमी और रिज में 3.6 मिमी बारिश हुई।

इसके बाद सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच कई जगहों पर बारिश जारी रही। इस दौरान पालम में 3.3 मिमी, सफदरजंग में 0.6 मिमी, लोधी रोड में 0.5 मिमी और अयानगर में 0.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली में शुक्रवार को AQI

एयर क्वालिटी की बात करें तो, शुक्रवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ श्रेणी में बनी रही। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शाम को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 70 था, जो मानसून के हालात के बावजूद हवा के काफी साफ होने का संकेत देता है।

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कॉकरोच जनता पार्टी की इन दो शर्तों पर सरकार की सहमति! सामने आई ये बड़ी बात

Cockroach Janta Party Protest: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन जारी है। वहीं शुक्रवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में सीजेपी के डेलिगेशन सरकार के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इसमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और CJP प्रवक्ता सौरभ दास, आशुतोष रांका शामिल हुए।बैठक के बाद सीजेपी ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने उनकी दो मांगों पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है और बातचीत का दौर अभी जारी है।

रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार ने नीट पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और इस मामले को लेकर हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्र कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज कानूनी मामलों को वापस लेने के मुद्दे पर सकारात्मक रुख दिखाया है। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने उनकी कुछ मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि सरकार जल्द ही प्रतिनिधिमंडल के साथ एक और बैठक करेगी, ताकि बाकी मुद्दों पर भी बातचीत आगे बढ़ाई जा सके।

जेपी नड्डा से बैठक में CJP ने रखीं चार मांगें

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक में संगठन ने सरकार के सामने अपनी चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें नीट परीक्षा विवाद के कारण कथित तौर पर अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग शामिल थी।

करीब दो घंटे चली इस बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने तीन मुख्य मांगें रखीं। इसके अलावा, देश की परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए पांच सुझाव भी दिए गए। जेपी नड्डा ने कहा, “बैठक करीब दो घंटे तक चली। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पांच सुझाव हमारे सामने रखे। हमने उनसे कहा है कि कल दोपहर फिर बैठक होगी। तब तक सरकार इन मुद्दों पर चर्चा करेगी और उन्हें अपना जवाब देगी।”

CJP ने  गारंटी की भी मांग की

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि सरकार ने उनकी कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। उनके अनुसार, केंद्र ने नीट परीक्षा विवाद से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है। सौरव दास ने यह भी मांग की कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ आगे कोई नई एफआईआर दर्ज न की जाए। साथ ही, सरकार लिखित रूप में यह भरोसा दे कि भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी को निशाना नहीं बनाया जाएगा।

वहीं, सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने भी कहा कि सरकार ने उनकी तीन प्रमुख मांगों में से दो पर बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग पर केंद्र ने सैद्धांतिक सहमति जताई है। आशुतोष रंका ने कहा कि उनकी मांग सिर्फ पहले से दर्ज एफआईआर वापस लेने तक सीमित नहीं है। संगठन चाहता है कि सरकार लिखित गारंटी दे कि भविष्य में भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई एफआईआर या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

छात्रों को धमकी, महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़…NEET Protest के बीच इन तीन अफसरों पर क्यों हुआ एक्शन?

राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों के व्यवहार पर भी लोगों की नजर रही। दिल्ली और मुंबई में हुए प्रदर्शनों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कुछ सुरक्षा अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे और उनके खिलाफ कार्रवाई भी की गई। पिछले कुछ दिनों में तीन अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई है। इनमें मुंबई पुलिस के कांस्टेबल पवन सांगले, दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडिशनल डीसीपी) संदीप लांबा और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की सहायक कमांडेंट सोनिया सहरावत शामिल हैं।

इन तीनों पर प्रदर्शन के दौरान हुई अलग-अलग घटनाओं को लेकर कार्रवाई की गई है। हालांकि तीनों मामले अलग-अलग हैं, लेकिन ये घटनाएं बताती हैं कि विरोध प्रदर्शनों और भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान सुरक्षा अधिकारियों के हर कदम पर जनता और संबंधित विभागों की कड़ी नजर रहती है।

पवन सांगले: वायरल वीडियो के बाद निलंबित

मुंबई पुलिस के कांस्टेबल पवन सांगले को एक वायरल वीडियो सामने आने के बाद निलंबित कर दिया गया। इस वीडियो में वह कथित तौर पर छात्र प्रदर्शनकारियों को धमकी देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि हिरासत में लिए गए छात्रों से पवन सांगले ने कहा कि अगर वे दोबारा प्रदर्शन करने आए, तो उनके बैग में ड्रग्स रखकर उन्हें झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा। वायरल क्लिप में वह कथित तौर पर यह कहते भी सुनाई देते हैं कि छात्रों के बैग में “50-50 ग्राम पाउडर” रखकर उन्हें पूरी जिंदगी जेल भिजवाया जा सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा और उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पवन सांगले के कथित बयानों की जमकर आलोचना हुई। कई लोगों ने पुलिस की ताकत के गलत इस्तेमाल पर सवाल उठाए। मुंबई पुलिस ने बताया कि पवन सांगले मोटर ट्रांसपोर्ट यूनिट में ड्राइवर के पद पर तैनात थे और शहर की वरिष्ठ कमान का हिस्सा नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया गया और मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई।

संदीप लांबा: महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल

दिल्ली में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पूर्व) संदीप लांबा को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की ड्यूटी से हटा दिया गया। यह फैसला उस समय लिया गया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में वह कथित तौर पर “संसद चलो” प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प के बीच एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए। यह घटना उस समय हुई, जब पुलिस संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रही थी। वायरल वीडियो में संदीप लांबा कथित तौर पर धक्का-मुक्की के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए। इस घटना की विपक्षी नेताओं और कई सामाजिक संगठनों ने कड़ी आलोचना की।

दिल्ली पुलिस ने माना कि तनावपूर्ण माहौल में वरिष्ठ अधिकारी अपना संयम खो बैठे थे। हालांकि पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी, लेकिन मामले की जांच पूरी होने तक संदीप लांबा को जंतर-मंतर की ड्यूटी से हटा दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनका व्यवहार भीड़ को नियंत्रित करने के तय नियमों के अनुरूप नहीं था। वहीं, प्रदर्शन के आयोजकों ने संदीप लांबा पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। इसके बाद उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग और तेज हो गई।

यह विवाद उस समय सामने आया, जब आधिकारिक बयान में कहा गया कि प्रदर्शन के दौरान हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में सोनिया सहरावत घायल हो गई थीं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान पत्थरबाजी और अन्य हिंसक घटनाओं के बीच प्रदर्शनकारियों का सामना करते दिखाई दिए। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान कई सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए।

तीन मामले, लेकिन सवाल एक ही

हालांकि तीनों अधिकारियों के मामले अलग-अलग हैं, लेकिन इन सभी में एक बात समान है—सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों की जवाबदेही। मुंबई पुलिस के कांस्टेबल पवन सांगले पर छात्र प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर धमकाने का आरोप लगा, जिसके बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। वहीं, दिल्ली पुलिस के संदीप लांबा को एक प्रदर्शनकारी के साथ कथित हाथापाई का वीडियो वायरल होने के बाद प्रदर्शन की ड्यूटी से हटा दिया गया। दूसरी ओर, सोनिया सहरावत के मामले में यह जांच की जा रही है कि प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियां सुरक्षा बलों के अधिकारियों के तय आचार नियमों के अनुरूप थीं या नहीं। ये तीनों घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि अब पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों की जवाबदेही सिर्फ प्रदर्शन के दौरान की गई कार्रवाई तक सीमित नहीं है। उनके व्यवहार और आचरण पर प्रदर्शन से पहले, उसके दौरान और उसके बाद भी लगातार नजर रखी जा रही है।

आखिर किन 3 शर्तों पर मान गए सोनम वांगचुक? 26 दिन बाद अनशन खत्म करने की असल वजह तो अब सामने आई

CJP Protest update: NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में 26 दिनों से अनशन पर बैठे मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 24 जुलाई की आधी रात के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। अनशन खत्म करने के बाद वांगचुक ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो जारी कर उन तीन प्रमुख शर्तों और वजहों का खुलासा किया है जिनके आधार पर उन्होंने अपना 26 दिनों का उपवास तोड़ा है। अस्पताल के बेड से जारी 3 मिनट के इस वीडियो में वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई मुलाकात के बाद उन्होंने अनशन खत्म करने का फैसला लिया।

किन 3 शर्तों पर खत्म हुआ 26 दिन लंबा अनशन?

सोनम वांगचुक के मुताबिक सरकार की ओर से मिली तीन मुख्य गारंटियों के बाद ही उन्होंने अपना अनशन वापस लिया है। पहला है परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही पर संसद में चर्चा। केंद्रीय मंत्रियों ने वांगचुक को आश्वासन दिया है कि सरकार और सभी राजनीतिक दलों के सांसद संसद में असफल हो रही परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करेंगे। दूसरा पीड़ित परिवारों को मुआवजा। वांगचुक के मुताबिक सरकार ने NEET परीक्षा पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। तीसरा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज न करना। सरकार ने वादा किया है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और लोगों के खिलाफ कोई भी कानूनी मामला या केस दर्ज नहीं किया जाएगा।

पीएम मोदी ने रात में वीडियो जारी कर किया कड़े कानून का ऐलान

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने और नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी और युवाओं के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुरुवार देर रात एक सेल्फ-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश जारी किया। पीएम मोदी ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ 24 जुलाई की कैबिनेट बैठक में और सख्त कार्रवाई आएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ड्राफ्ट बिल लाएगा जिसमें दोषियों के लिए सख्त सजा और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने का प्रावधान होगा। इसके लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। दूसरी ओर विपक्ष संसद के जारी मानसून सत्र के भीतर और बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा नीट पेपर लीक मामले पर विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़ा हुआ है।

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आज सरकार और CJP के बीच वार्ता

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा तटस्थ स्थल की मांग स्वीकार किए जाने के बाद शुक्रवार को दोपहर करीब 12:30 बजे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में सरकार और CJP के बीच बातचीत तय हुई है। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि वे सरकार द्वारा न्यूट्रल वेन्यू की मांग मानने के फैसले का स्वागत करते हैं। इससे पहले 20 जुलाई को सीजेपी प्रवक्ताओं (सौरभ दास और आशुतोष रंका) की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर मुलाकात हुई थी। इसके बाद सीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें वर्चुअल डिटेंशन में रखा गया था। इसके बाद से ही सीजेपी किसी मंत्री के घर या दफ्तर के बजाय केवल न्यूट्रल वेन्यू पर ही वार्ता करने की शर्त पर अड़ी थी। सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

CJP की मुख्य मांगें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।

प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी पर जवाबदेही तय करना और शिक्षा प्रणाली में सुधार।

नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।

आंदोलन में शामिल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) और कानूनी कार्रवाई को वापस लेना।

26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, कहा- लंबी बातचीत और देशहित में लिया फैसला

Sonam Wangchuk hunger strike: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर दी है, क्योंकि सरकार ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि उनकी मांगें पूरी की जाएंगी। उन्होंने गुरुवार आधी रात के करीब मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद और सरकार का भरोसा मिलने के बाद अपना अनशन खत्म करने की घोषणा की।

वांगचुक ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में, मैंने आखिरकार 26 दिनों के बाद अपना अनशन खत्म किया।”

अपना वजन जल्द से जल्द हासिल करें- पीएम मोदी

वहीं, वांगचुक के अनशन समाप्त करने की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वे डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या का पालन करें और जल्द से जल्द अपना वजन वापस हासिल करें।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि सोनम जी स्वस्थ रहें।”

जेपी नड्डा ने सुनाया सरकार का फैसला

अस्पताल में वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो और अन्य लोगों की मौजूदगी में सरकार के आश्वासनों को पढ़कर सुनाते हुए जेपी नड्डा ने कहा, “सरकार दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध करने वालों और 20 जुलाई, 2026 को संसद तक मार्च में शामिल होने वालों के खिलाफ केस दर्ज न करने को लेकर सकारात्मक है।” केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि सरकार पहले ही परीक्षाओं के लिए पेपर लीक और शिक्षा सुधारों पर संसद में चर्चा का आश्वासन दे चुकी है।

नड्डा ने कहा, “इसके अलावा, सरकार हाल ही में हुए NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी सकारात्मक रूप से विचार कर रही है।”

वहीं, वांगचुक ने बताया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के कुल 65 सांसदों ने उनसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था।

लंबी बातचीत और देशहित में लिया गया फैसला

वांगचुक ने X पर कहा, “यह फैसला कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को ध्यान में रखते हुए लिया गया। मैं जल्द ही एक अलग वीडियो में इन शर्तों के बारे में विस्तार से बताऊंगा। इस बीच, मैं आप सभी से अपील करता हूं कि आप बहुत सतर्क रहें और कहीं भी किसी भी तरह की हिंसा न होने दें।”

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को कहा कि उसे “राहत और खुशी” है कि एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी है, लेकिन पार्टी ने जोर देकर कहा कि जंतर-मंतर पर उसका शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।

X पर एक पोस्ट में, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने वांगचुक को उनके “असाधारण साहस और त्याग” के लिए धन्यवाद दिया।

दिपके ने कहा, “हमें राहत मिली है और हम शुक्रगुजार हैं कि सोनम सर ने 26 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। सर, आपकी असाधारण हिम्मत और त्याग के लिए आपका धन्यवाद। अपनी जान जोखिम में डालकर आपने पूरे देश की अंतरात्मा को जगाया। यह देश आपके जीवन को बहुत कीमती मानता है,”

उन्होंने आगे कहा, “जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।”

28 जून को आंदोलन में शामिल हुए थे वांगचुक

बता दें कि वांगचुक 28 जून को जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व वाले आंदोलन में शामिल हुए थे। उन्होंने उन छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी जो प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

इसके बाद के 26 दिनों में वांगचुक का करीब 11 किलोग्राम वजन कम हो गया। इस दौरान उन्होंने लगातार लोगों से अपील की कि 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च पर पुलिस कार्रवाई के बावजूद आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखें।

वहीं, 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को विरोध स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस का कहना था कि उन्हें मेडिकल देखभाल की जरूरत थी। हालांकि, उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने दिल्ली हाई कोर्ट में इस कदम को चुनौती दी और कहा कि उन्हें उनकी मर्जी के बिना सरकारी अस्पताल में रखा जा रहा है। इसके बाद हाई कोर्ट ने उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भेजने की मंजूरी दी, जहां उन्होंने अपना अनशन जारी रखा।

मेदांता में रहने के दौरान, वांगचुक ने कहा कि वह अपने छात्रों और एक शिक्षक के तौर पर अपने काम पर लौटना चाहते हैं, लेकिन युवा प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा की गारंटी के बिना वह अपना अनशन खत्म नहीं कर सकते।

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CJP Protest: ‘असामाजिक तत्व फायदा उठा रहे हैं’, सोनम वांगचुक ने समर्थकों से की खास अपील

समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल के 26वें दिन भी गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। इस बीच उन्होंने गुरुवार को अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में वांगचुक ने लिखा, “शांति और केवल शांति ही मेरा रास्ता है।” उन्होंने कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह अहिंसक होना चाहिए। जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे हैं, लेकिन कुछ समाज-विरोधी तत्व दूसरी जगहों पर हिंसा भड़काकर इस आंदोलन का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

सोनम वांगचुक ने की ये अपील 

सोनम वांगचुक ने कहा, “जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं, लेकिन यह जानकर दुख हुआ कि कुछ समाज-विरोधी तत्व दूसरी जगहों पर इन आंदोलनों का फायदा उठाकर हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, “सामने वाला चाहे जैसा भी व्यवहार करे, हमारी ओर से जवाब सिर्फ फूलों का होना चाहिए। हर हाल में शांति और अहिंसा का रास्ता अपनाएं।” वांगचुक की यह अपील ऐसे समय आई है, जब एक दिन पहले ही उन्होंने दोहराया था कि वह अपना भूख हड़ताल तभी खत्म करेंगे, जब सरकार यह भरोसा देगी कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

अब ऐसी ही उनकी तबियत

इस बीच, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ने बताया कि सफदरजंग अस्पताल से लाए जाने के बाद सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है। अस्पताल की ओर से गुरुवार को जारी बयान में कहा गया कि डॉक्टरों की अलग-अलग विशेषज्ञताओं वाली टीम उनका इलाज कर रही है। अस्पताल के अनुसार, सोनम वांगचुक पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। उनके सभी जरूरी स्वास्थ्य संकेत (वाइटल्स) सामान्य स्तर पर हैं और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

25 दिन से जारी के भूख हड़ताल

अस्पताल ने यह भी साफ किया कि सोनम वांगचुक को दिया जा रहा हर इलाज उनकी सहमति से ही किया जा रहा है। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया कि उनका 25 दिन का अनशन पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनका करीब 11 किलो वजन कम हो गया है और मांसपेशियां भी कमजोर हुई हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनकी हालत ठीक है। वांगचुक ने कहा, “मैं अभी भी जीवित हूं। 25 दिनों के अनशन में मेरा 11 किलो वजन कम हुआ है, लेकिन मैं ठीक हूं।” उन्होंने 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘चलो संसद’ मार्च का भी जिक्र किया और पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारियों के शांतिपूर्ण रवैये की सराहना की। वांगचुक ने कहा, “मैं उन छात्रों की तारीफ करता हूं जिन्होंने लाठीचार्ज के बावजूद शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया।” उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने और पत्थरबाजी के लिए उकसाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने संयम बनाए रखा। उन्होंने कहा, “आप सभी का धैर्य देखकर मेरा दिल भर आया।”

सोनम वांगचुक ने कहा कि कई केंद्रीय मंत्रियों और विपक्षी नेताओं ने उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 65 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र भी उन्हें मिला, जिसमें उनसे अनशन समाप्त कर देश की सेवा के अपने काम पर लौटने का अनुरोध किया गया। वांगचुक ने कहा, “मैं भी अपने काम पर लौटना चाहता हूं, क्योंकि मेरा काम भी महत्वपूर्ण है।” हालांकि, उन्होंने साफ किया कि जब तक प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वह अपना विरोध खत्म नहीं करेंगे। वांगचुक ने सरकार से अपील करते हुए कहा, “बच्चों के खिलाफ बल प्रयोग न किया जाए। मैं यह आश्वासन चाहता हूं कि प्रदर्शनकारियों पर कोई मामला या एफआईआर दर्ज नहीं होगी और उन्हें पुलिस या जेल की धमकी नहीं दी जाएगी। अगर सरकार जल्द यह भरोसा दे देती है, तो मैं आज ही अपनी भूख हड़ताल खत्म कर सकता हूं। लेकिन ऐसा आश्वासन नहीं मिलने पर मुझे अपना अनशन जारी रखना पड़ेगा।”

CJP Protest : जंतर मंतर इलाके में 8 घंटे बंद रहेगा इंटरनेट, सरकार ने दिया ये बड़ा आदेश

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन 20 जून से जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी ने अब 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है। वहीं छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की वजह से राजधानी द‍िल्‍ली में जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में आधी रात तक मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का विरोध-प्रदर्शन जारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर भी धारा 163 लागू कर दी गई है।

बता दें क‍ि व‍िरोध-प्रदर्शन का असर राजधानी के कारोबार पर भी पड़ा है। मौजूदा हालात को देखते हुए ‘नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन’ (NDTA) की सलाह के बाद आज शाम 6.30 बजे के बाद कनॉट प्लेस की सभी दुकानें और रेस्‍टोरेंट बंद कर दिए गए।

जंतर-मंतर के आसपास बंद रहेगा मोबाइल इंटरनेट

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास 1.5 किलोमीटर के दायरे में कुछ समय के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला जन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। आदेश के मुताबिक, 23 जुलाई को शाम 4 बजे से रात 12 बजे (आधी रात) तक सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। यह आदेश दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार (सेवाओं का अस्थायी निलंबन) नियम, 2024 के तहत जारी किया गया है।

सरकार ने दिया ये आदेश

आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय गृह सचिव ने यह तय करने के बाद कि यह कदम जन सुरक्षा बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए जरूरी है, मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी तरह की भड़काऊ या गैरकानूनी गतिविधि को रोकना है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इंटरनेट सेवा बंद करने के फैसले को केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी मिल चुकी है। अवर सचिव महेंद्र विक्रम सिंह के हस्ताक्षर वाले इस आदेश को लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त को भेजा गया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर विरोध कर रहे हैं।