यूरोपीय संघ (EU) के जलवायु मंत्रियों की बैठक में गुरुवार को स्वीडन की जलवायु मंत्री रोमिना पूरमोख्तारी अपने 3 महीने के बेटे एडम को लेकर पहुंचीं। EU परिषद के अधिकारियों के मुताबिक, पहली बार किसी मंत्री स्तरीय बैठक में एक शिशु शामिल हुआ है। 30 साल की रोमिना ने कहा कि वह यह दिखाना चाहती थीं कि महिलाओं को मां बनने और करियर में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा तभी संभव है, जब परिवार और सरकारी नीतियों से पूरा सहयोग मिले। स्वीडन में दुनिया की सबसे उदार पेरेंटल लीव नीतियों में से एक है। वहां माता-पिता को कुल 16 महीने का सवेतन अवकाश मिलता है। इसमें से 90 दिन मां और 90 दिन पिता के लिए तय होते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… जापान की PM 1 जुलाई से भारत दौरे पर; पीएम मोदी के साथ बैठक होगी जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1 से 3 जुलाई तक भारत के दौरे पर रहेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर वह नई दिल्ली आएंगी और दोनों नेताओं के बीच 16वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर बैठक होगी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में व्यापार, निवेश, रक्षा समेत दोनों देशों के सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी। प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची का यह पहला भारत दौरा होगा। इससे पहले अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी जापान गए थे, जहां 15वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर बैठक आयोजित हुई थी।
Gold Price Fall: ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेतों और मजबूत होते डॉलर के कारण शुक्रवार, 26 जून को सोने की कीमतें लगातार चौथे हफ्ते गिरावट की राह पर रहीं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना इस समय $4000 प्रति औंस के लेवल के आस पास संघर्ष कर रहा है। बुधवार को यह नवंबर 2025 के बाद पहली बार $4000 के स्तर से नीचे भी फिसल गया था। अगर आप भी सोने या चांदी में निवेश करते हैं, तो ग्लोबल मार्केट का यह पूरा गणित आपके लिए समझना बेहद जरूरी है।
लगातार चौथे हफ्ते टूटा सोना
शुक्रवार को हाजिर सोना 0.6% गिरकर $4002.77 प्रति औंस पर आ गया। वहीं, अगस्त डिलीवरी वाला अमेरिकी सोना वायदा भी 0.7% की गिरावट के साथ $4017.30 पर ट्रेड कर रहा था। इस पूरे हफ्ते की बात करें तो सोने ने करीब 3.8% की भारी गिरावट दर्ज की है।
रिकॉर्ड हाई से 29% की भारी गिरावट
इस साल 29 जनवरी को अमेरिका-इरान युद्ध के कारण बढ़ी वैश्विक महंगाई के चलते सोने ने $5594.82 प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन उसके बाद से अब तक सोने की कीमतों में करीब 29% की बड़ी करेक्शन आ चुकी है।
OANDA के सीनियर मार्केट एनालिस्ट केल्विन वोंग का मानना है कि सोने में चल रहा यह गिरावट का दौर अभी और लंबा खिंच सकता है और लंबी अवधि में सोना फिसलकर $3400 के स्तर तक भी जा सकता है। यानी मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
क्यों आ रही है सोने की कीमतों में गिरावट?
सोने के दाम गिरने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण काम कर रहे हैं:
1. मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के कारण अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मई 2025 के बाद से अपने सबसे मजबूत स्तर के करीब बना हुआ है। डॉलर लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त की ओर है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं जैसे- भारतीय रुपया में सोना खरीदना काफी महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है।
2. अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ब्याज दरें: गुरुवार को आए आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में खुदरा महंगाई मई महीने में 4% के पार निकल गई है, जो पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा है। आमतौर पर सोने को महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं, तो सोने की चमक फीकी पड़ जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोने पर कोई ब्याज या यील्ड नहीं मिलता।
ट्रेडर्स को उम्मीद है कि अमेरिकी फेड इस साल तीन बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिसमें सितंबर में रेट हाईक होने की संभावना 64% तक जताई जा रही है।
चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम का भी बुरा हाल
सोने के साथ-साथ अन्य कीमती धातुओं के लिए भी यह हफ्ता बेहद निराशाजनक रहा:
हाजिर चांदी: 2.6% टूटकर $56.39 प्रति औंस पर आ गई।
प्लेटिनम: 2% की गिरावट के साथ $1568.55 पर आ गया।
पैलेडियम: 0.6% फिसलकर $1177.12 पर ट्रेड कर रहा था।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल पर विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त किए गए विचार और निवेश टिप्स उनके अपने हैं, वेबसाइट या उसके प्रबंधन के नहीं। मनीकंट्रोल यूजर्स को सलाह देता है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से जांच कर लें।
केमिकल सेक्टर की कंपनी SRF Ltd के शेयरों में आगे लगभग 23 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसी उम्मीद ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है और टारगेट प्राइस 3350 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव से 22.6 प्रतिशत ज्यादा है। शेयर बीएसई पर गुरुवार, 25 जून को 2731.90 रुपये पर बंद हुआ। शुक्रवार को मुहर्रम के चलते शेयर बाजार बंद हैं।
मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि वित्त वर्ष 2026 में ग्लोबल माहौल में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता रही। मिडिल ईस्ट में भूराजनीतिक तनाव के कारण ट्रेड फ्लो और सप्लाई चेन में रुकावटें आईं। इन चुनौतियों का असर SRF के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, सप्लाई चेन ऑपरेशंस और मुख्य मार्केट तक पहुंच पर पड़ा। मैक्रो-इकोनॉमिक मुश्किलों के बावजूद, कंपनी ने अनुशासित तरीके से काम करके, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और अपने सभी बिजनेस में लगातार स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट के जरिए इस माहौल का सफलतापूर्वक सामना किया।
मजबूत डिमांड, बेहतर रियलाइजेशन और हाई-कैपेसिटी यूटिलाइजेशन की वजह से फ्लोरोकेमिकल सेगमेंट ने FY26 में रिकॉर्ड परफॉर्मेंस दी। SRF ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और इंटीग्रेशन को मजबूत करने के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन रेफ्रिजरेंट्स, कैपेसिटी बढ़ाने और स्पेशलिटी पॉलिमर्स में निवेश जारी रखा। AC की बढ़ती डिमांड, PTFE के प्रोडक्शन में बढ़ोतरी, ज्यादा HFC कैपेसिटी और स्पेशलिटी पॉलीमर प्लांट के चालू होने से ग्रोथ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26-28 के दौरान SRF का रेवेन्यू 14%, EBITDA 20% और एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा 22% (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) CAGR से बढ़ेगा। इन सब फैक्टर्स के बेसिस पर मोतीलाल ओसवाल ने 3,350 रुपये के टारगेट के साथ स्टॉक पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग को दोहराई है।
Asian Market Today: वॉल स्ट्रीट पर उतार-चढ़ाव वाले सेशन के बाद शुक्रवार, 26 जून को एशियाई मार्केट में गिरावट आई। हैवीवेट टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में कमजोरी ने सेमीकंडक्टर कंपनियों से मिली अच्छी गाइडेंस से मिली उम्मीद को कम कर दिया।
सुबह 8.25 बजे के आसपास निक्केई करीब 4.18 फीसदी की गिरावट के साथ 69,341.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.89 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 2.28 फीसदी गिरकर 45,200.59 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 2.32 फीसदी की गिरावट के साथ 22,541.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 7.38 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 2.57 फीसदी की बढ़त के साथ 4,014.45 के स्तर पर दिख रहा है।
भारतीय स्टॉक मार्केट आज, 26 जून को मुहर्रम की छुट्टी के कारण बंद है। दोनों बड़े स्टॉक एक्सचेंज, BSE और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर आज ट्रेडिंग बंद रहेगी।
वॉल स्ट्रीट की रैली की रफ़्तार पड़ी फीकी
गुरुवार को US स्टॉक मार्केट मिला-जुला रहा, जिसमें नैस्डैक बड़े टेक शेयरों में गिरावट के कारण नीचे बंद हुआ।
डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 71.72 पॉइंट्स या 0.14% बढ़कर 51,920.62 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 0.73 पॉइंट्स या 0.01% गिरकर 7,357.49 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 118.03 पॉइंट्स या 0.46% गिरकर 25,358.60 पर बंद हुआ।
यह कमजोरी वॉल स्ट्रीट पर मिले-जुले सेशन के बाद आई, जहां माइक्रोन टेक्नोलॉजी की अच्छी कमाई और गाइडेंस से मिली शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में नाकाम रहने के बाद S&P 500 काफी हद तक बिना बदले बंद हुआ।
Apple सेंटीमेंट पर सबसे बड़ी रुकावट बनकर उभरा, जिसके शेयर 6.1% गिर गए, जब कंपनी ने Macs, iPads और होम डिवाइस की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की। इस गिरावट का असर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स के बड़े मैग्निफिसेंट सेवन ग्रुप पर भी पड़ा।
होर्मुज स्ट्रेट की चिंता बनी रहने से तेल की कीमतों में नरमी
गुरुवार को बढ़त के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट आई, जब होर्मुज स्ट्रेट में एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल के हमले की खबरों ने दुनिया के सबसे अहम एनर्जी ट्रेड रूट में से एक के ज़रिए शिपिंग की सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दीं।
इस बीच, US सेंट्रल बैंक के पसंदीदा महंगाई गेज के उम्मीद से कम बढ़ने के बाद बॉन्ड मार्केट ने फेडरल रिजर्व के ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीदों को कम कर दिया।
AI से चलने वाली अस्थिरता निवेशकों को सतर्क रखती है
ग्लोबल इक्विटी मार्केट एक अस्थिर हफ्ते के आखिर में इस चिंता के साथ खत्म होने वाले हैं कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बड़े निवेश से काफी रिटर्न मिलेगा, जिससे टेक्नोलॉजी स्टॉक में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
हालांकि माइक्रोन के मजबूत तिमाही नतीजों और आशावादी नजरिए ने निवेशकों को कुछ भरोसा दिया, लेकिन सावधानी अभी भी बनी हुई है। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स और S&P 500 दोनों ही तिमाही में अपनी पहली महीने की गिरावट दर्ज करने की राह पर हैं।
पिछली रैली के बाद चिप स्टॉक्स में गिरावट
हालांकि नैस्डैक 100 गुरुवार को 0.8% ऊपर बंद हुआ, जबकि सेशन के दौरान यह 2.1% तक बढ़ा था, लेकिन यह बढ़त एशियाई मार्केट में पॉजिटिव सेंटिमेंट बनाए रखने के लिए काफी नहीं थी।
माइक्रोन के साथ-साथ, क्वालकॉम के शेयर भी बढ़े, जब कंपनी ने फिस्कल ईयर 2029 तक सालाना AI डेटा-सेंटर कंपोनेंट की बिक्री $15 बिलियन से ज़्यादा होने का अनुमान लगाया।
हालांकि, शुक्रवार को एशियाई सेमीकंडक्टर स्टॉक्स ने रुख बदल दिया। पिछले सेशन में उछाल के बाद MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स पर SK हाइनिक्स, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और कियॉक्सिया होल्डिंग्स के शेयर सबसे बड़ी गिरावट में रहे।
ओपनAI के IPO में कथित तौर पर देरी हुई
इसके अलावा, न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की अंदरूनी बातचीत से जुड़े लोगों के हवाले से कहा गया है कि ओपनAI अपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग को 2027 तक टालने की ओर झुक रहा है।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल ने 25 जून को NSE पर एक ब्लॉक डील में एमक्योर फार्मा में 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी। खरीदार HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस, एक्सिस म्यूचुअल फंड और आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड जैसे इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर रहे। बेन कैपिटल ने 12 साल पहले पहली बार एमक्योर फार्मा में निवेश किया था। अब यह इस दवा कंपनी में बची हुई पूरी हिस्सेदारी बेचकर एग्जिट कर गई है।
बेन कैपिटल ने एमक्योर फार्मा के 19.4 लाख शेयर 352 करोड़ रुपये में बेचे। ब्लॉक डील के डेटा के मुताबिक, ये शेयर औसतन 1,817 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर बेचे गए। दूसरी ओर HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस ने 130 करोड़ रुपये में 7.1 लाख शेयर खरीदे। आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड ने 47.5 करोड़ रुपये में 2.6 लाख शेयर खरीदे।
एक्सिस म्यूचुअल फंड ने भी 50 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। अन्य इंस्टीट्यूशनल खरीदारों में HSBC म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और BNP पारिबा शामिल थे, जिन्होंने 25-25 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
जुलाई 2024 में लिस्ट हुई थी Emcure Pharma
एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड का नाता शार्क टैंक इंडिया में जज के तौर पर दिख चुकीं नमिता थापर से है। वह इसमें होल टाइम डायरेक्टर हैं। नमिता के पिता सतीश रमनलाल मेहता कंपनी के फाउंडर, CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। एमक्योर फार्मा जुलाई 2024 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,952.03 करोड़ रुपये का रहा था। कंपनी का मार्केट कैप 35600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 1881.90 रुपये है।
एमक्योर फार्मा का शेयर एक साल में 40 प्रतिशत और 6 महीनों में 30 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ है। 2 सप्ताह में 12 प्रतिशत चढ़ा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 77.87 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
Stock Market Holiday: आज 26 जून को मुहर्रम पर BSE और NSE में छुट्टी, शेयरों में नहीं होगी ट्रेडिंग
कंपनी की वित्तीय सेहत
एमक्योर फार्मा का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,467.70 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 233.70 करोड़ रुपये था। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 5,243.19 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 732.96 करोड़ रुपये रहा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Crude Oil Price: शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई और हफ़्ते में भारी गिरावट की ओर बढ़ रही है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से ज़्यादा फंसे हुए तेल टैंकरों के निकलने के बाद सप्लाई की चिंता कम हो गई है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.56% गिरकर $74.84 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.50% गिरकर $71.56 प्रति बैरल पर आ गया।
इस हफ़्ते ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों में लगभग 7% की गिरावट आने वाली है।
पिछले सेशन में, ओमान के पास एक कार्गो जहाज़ के किसी अनजान प्रोजेक्टाइल से टकराने के बाद दोनों बेंचमार्क कॉन्ट्रैक्ट्स में 2% से ज़्यादा की तेज़ी आई थी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि होर्मुज के तय रास्तों के बाहर से गुज़रने वाले जहाजों की सुरक्षा की गारंटी नहीं है।
होर्मुज स्ट्रेट से ट्रैफिक बढ़ा
डेटा से पता चला है कि सीजफायर डील के बाद वॉटरवे को फिर से खोलने के बाद, इस हफ़्ते होर्मुज स्ट्रेट से क्रूड शिपमेंट फरवरी में US-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अपने सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया। हालांकि, रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी को लड़ाई शुरू होने से पहले, स्ट्रेट से रोज़ाना औसतन 125 जहाज़ गुज़रते थे, लेकिन कुल ट्रैफिक बहुत कम रहा।
इस बीच, गुरुवार को वेनेजुएला में आए भूकंप से भी सप्लाई की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि देश के बड़े तेल, गैस और रिफाइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को अब तक कम नुकसान हुआ है।
इस हफ्ते की शुरुआत में, पर्शियन गल्फ का तेल युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे तेज रफ़्तार से पानी के रास्ते से बाहर निकल रहा था। गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक. ने कहा कि उसे लगता है कि गल्फ एक्सपोर्ट अब नॉर्मल लेवल के लगभग दो-तिहाई पर चल रहा है, जबकि ग्लोबल इन्वेंट्री में दिख रही गिरावट की रफ़्तार धीमी हो गई है। फ़ारस की खाड़ी के प्रोड्यूसर तेज़ी से प्रोडक्शन बढ़ा रहे हैं, लेकिन तेल बाहर ले जाने के लिए टैंकर मिलना मुश्किल हो रहा है। कमी की वजह से इराक को अपने एक खास फ़ील्ड में प्रोडक्शन रोकने का ऑर्डर देना पड़ा है। यूनाइटेड अरब अमीरात, कुवैत और क़तर सभी सप्लाई बढ़ा रहे हैं।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन कुछ मुलांक के लोगों को अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने, बजट के अनुसार चलने और भविष्य की वित्तीय सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। अगर आप अपने धन का सही प्रबंधन करते हैं, तो आने वाले समय में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन
मूलांक 1
अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। अनावश्यक खर्चों से बचें और अपने वित्तीय लक्ष्यों पर ध्यान बनाए रखें। लंबी अवधि की आर्थिक सुरक्षा के लिए ठोस योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
मूलांक 2
अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अपने खर्च और बचत का सही आकलन करें। यदि नया निवेश या कारोबार शुरू करने की योजना है, तो समय अनुकूल माना जा सकता है। बाजार की गतिविधियों पर नजर बनाए रखें।
मूलांक 3
अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज निवेश या बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचें। यह समय अपनी वर्तमान स्थिति का आकलन करने और भविष्य की योजनाओं पर विचार करने के लिए बेहतर है। धैर्य बनाए रखें।
मूलांक 4
अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। इसलिए अपने बजट को संतुलित रखें। भावनाओं में आकर खर्च करने से बचें और व्यावहारिक निर्णय लें। सही वित्तीय योजना आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी।
मूलांक 5
अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक दृष्टि से अच्छा रह सकता है। अपने बजट को व्यवस्थित करें और नए अवसरों पर ध्यान दें। जल्दबाजी में खर्च करने से बचें। योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने पर आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मूलांक 6
अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने खर्चों की पूरी सूची बनाकर उनका आकलन करना चाहिए। केवल जरूरी खर्चों पर ध्यान दें। निवेश या किसी बड़े खर्च से पहले अच्छी तरह योजना बनाएं। छोटी-छोटी वित्तीय सुधार भी भविष्य में बड़ा लाभ दे सकते हैं।
मूलांक 7
अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिरता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। फिजूलखर्ची और लग्जरी चीजों पर अधिक पैसा खर्च करने से बचें। निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें और अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों पर फोकस रखें।
मूलांक 8
अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन वित्तीय योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें। भविष्य को ध्यान में रखकर लिए गए फैसले लाभकारी साबित हो सकते हैं। अनावश्यक खर्चों से दूरी बनाए रखें।
मूलांक 9
अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। अपने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर बदलाव करें। नियमित बचत और बजट आपको लाभ पहुंचाएंगे।
डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।
Passport Fee Hike: अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने या पुराना रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो आपको जेब ज्यादा ढीली करने के लिए तैयार रहना चाहिए। 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले से ज्यादा पैसे देने होंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट नियम, 1980 में बदलाव करते हुए नई फीस तय की है। नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी।
सरकार ने 20 जून को जारी अधिसूचना में बताया कि पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पासपोर्ट नियम, 1980 की Schedule-IV को भी नए शुल्क के साथ बदल दिया गया है।
नए पासपोर्ट के लिए कितनी फीस देनी होगी?
अगर आप 36 पेज वाला नया पासपोर्ट बनवाते हैं या उसे दोबारा जारी (Reissue) कराते हैं, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹2,500 फीस देनी होगी। पहले इसके लिए ₹1,500 लगते थे। अगर आप तत्काल (Tatkaal) सेवा चुनते हैं, तो अब ₹5,000 देने होंगे। पहले इसकी फीस ₹3,500 थी।
अगर आपको 60 पेज वाला पासपोर्ट चाहिए, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹3,500 फीस देनी होगी। पहले इसके लिए ₹2,000 लगते थे। वहीं, तत्काल सेवा के लिए अब ₹6,000 देने होंगे। पहले इसकी फीस ₹4,000 थी।
ये नई फीस बालिगों पर लागू होगी। इसके अलावा 15 से 18 साल के वे नाबालिग भी इसी श्रेणी में आएंगे, जो बालिग कैटेगरी में पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं।

खोया या खराब पासपोर्ट बनवाना पड़ेगा महंगा
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी खोए या खराब हुए पासपोर्ट के रीप्लेसमेंट की फीस में की गई है।
अगर 36 पेज वाला पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो नया पासपोर्ट बनवाने के लिए सामान्य प्रक्रिया में ₹5,000 और तत्काल सेवा में ₹7,500 देने होंगे।
अगर 60 पेज वाला पासपोर्ट रीप्लेस कराना है, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹6,000 और तत्काल सेवा में ₹8,500 खर्च होंगे। अगर किसी नाबालिग का 36 पेज वाला पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹4,250 और तत्काल सेवा में ₹6,750 फीस देनी होगी।
PCC और दूसरी सेवाओं की फीस भी बदली
पासपोर्ट से जुड़ी दूसरी सेवाएं भी महंगी हो गई हैं। पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन और दूसरे सर्टिफिकेट के लिए अब ₹750 फीस देनी होगी। वहीं, सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी बनवाने के लिए ₹1,000 देने होंगे।
अगर ये सेवाएं विदेश में ली जाती हैं, तो इमरजेंसी सर्टिफिकेट के लिए 15 अमेरिकी डॉलर और सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी के लिए 50 अमेरिकी डॉलर फीस देनी होगी। इन सेवाओं के लिए तत्काल (Tatkaal) सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
इन्हें मिलेगी 10% तक की छूट
सरकार ने एक और राहत भी दी है। 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को नया पासपोर्ट बनवाने (फ्रेश आवेदन) पर फीस में 10% की छूट मिलेगी। हालांकि, यह छूट पासपोर्ट दोबारा जारी (री-इश्यू) कराने पर नहीं मिलेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं है। यह एक यात्रा दस्तावेज है। इसका इस्तेमाल विदेश यात्रा करने और विदेश में धारक की पहचान साबित करने के लिए किया जाता है।
पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं
सरकार ने साफ किया है कि सिर्फ फीस बदली है। पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बालिगों को जारी होने वाला पासपोर्ट पहले की तरह 10 साल तक वैध रहेगा। वहीं, नाबालिगों का पासपोर्ट 5 साल या 18 साल की उम्र पूरी होने तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा।
Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Anant Raj Share: ब्रोकरेज हाउस Nomura ने रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कंपनी Anant Raj पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस को 700 रुपये से घटाकर 650 रुपये कर दिया है। नया टारगेट 25 जून के क्लोजिंग भाव 521.35 के मुकाबले अब भी करीब 25% से संभावित तेजी का संकेत देता है।
आइए जानते हैं कि ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस में कटौती क्यों की है और अब निवेशकों को क्या करना चाहिए।
क्लाउड बिजनेस से कमाई में देरी
Nomura का कहना है कि अनंत राज की नई 1.5 मेगावॉट क्लाउड क्षमता से किराये की कमाई उम्मीद से देर से शुरू होगी। पहले यह आय FY26 के अंत तक आने की उम्मीद थी, लेकिन अब इसके FY27 की दूसरी तिमाही से शुरू होने का अनुमान है। इसकी वजह यह है कि ग्राहकों की टेस्टिंग और हैंडओवर प्रक्रिया में अपेक्षा से ज्यादा समय लग रहा है।
रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट लॉन्च टले
ब्रोकरेज के मुताबिक, अनंत राज का Luxury Group Housing 2 (GH2) प्रोजेक्ट भी तय समय पर लॉन्च नहीं हो पाएगा। पहले इसे FY26 के अंत तक लॉन्च होने की उम्मीद थी। लेकिन अब इसके FY27 की दूसरी तिमाही में लॉन्च होने की संभावना है। कंपनी को लाइसेंस और अन्य मंजूरियां मिल चुकी हैं। RERA की मंजूरी पहली तिमाही के अंत तक मिलने की उम्मीद है।
क्षमता बढ़ाने का अनुमान घटाया
Nomura ने क्लाउड क्षमता बढ़ाने के अपने अनुमान को भी कम कर दिया है। अब ब्रोकरेज हर साल 3 मेगावॉट क्षमता बढ़ने का अनुमान लगा रहा है, जबकि पहले यह अनुमान 4 मेगावॉट का था।
इसके अलावा डेटा सेंटर कारोबार में क्लाउड से आने वाले रेवेन्यू का अनुमान भी घटाकर 10-11% कर दिया गया है। पहले यह 13-14% रहने का अनुमान था। कंपनी मैनेजमेंट 25% क्लाउड हिस्सेदारी का लक्ष्य बता चुका है। इन कारणों से Nomura ने FY27 और FY28 के लिए अपने EPS अनुमान क्रमशः 8% और 10% घटा दिए हैं।
मार्च तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 23.6% बढ़कर 146.6 करोड़ रुपये रहा। वहीं, रेवेन्यू 19.6% बढ़कर 646.8 करोड़ रुपये हो गया।
EBITDA 17.6% बढ़कर 167.4 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 26.3% से घटकर 25.9% पर आ गया। पूरे FY26 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 21.92% बढ़कर 2,511.60 करोड़ रुपये रहा।
अब क्या करें अनंत राज के निवेशक?
निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात कंपनी के कारोबार की रफ्तार पर नजर रखना है। Nomura ने BUY रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन क्लाउड बिजनेस से कमाई में देरी और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के लॉन्च टलने की वजह से टारगेट प्राइस घटाया है।
ऐसे में जिन निवेशकों के पास पहले से यह शेयर है, वे कंपनी की आने वाली तिमाहियों में प्रोजेक्ट्स की प्रगति और क्लाउड रेवेन्यू पर नजर रखें। वहीं, नए निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले अपने जोखिम लेने की क्षमता और निवेश के समय का आकलन जरूर कर लेना चाहिए।
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कोई भी लोन लेने से पहले इंटरेस्ट कैलकुलेटर आपको उस पर होने वाले कुल खर्च का अंदाज़ा लगाने में आपकी मदद करता है। इससे पता चलता है कि आपको कितना ब्याज़ चुकाना होगा, आपकी महीने की किस्त कितनी होगी और कुल मिलाकर कितनी रकम वापस करनी होगी। इस कैलकुलेटर की मदद से आप लोन के अलग-अलग विकल्पों की तुलना कर सकते हैं, अपना बजट की बेहतर योजना बना सकते हैं और समझदारी से लोन लेने का फैसला कर सकते हैं।
चाहे आप अपने घर को नए जैसा बनाना चाहते हों, आगे की पढ़ाई के लिए पैसों का इंतजाम कर रहे हों, शादी का खर्च उठाना हो या अचानक कोई मेडिकल इमरजेंसी सामने आ गई हो, किसी भी स्थिति में आपको अपना लोन चुकाने की ज़िम्मेदारी को समझना बेहद जरूरी है। ऐसे मौकों पर ही पर्सनल लोन और इंटरेस्ट कैलकुलेटर आपके काम आते हैं ताकि आप ज़िम्मेदारी से लोन ले सकें।
इंटरेस्ट कैलकुलेटर क्या होता है?
इंटरेस्ट कैलकुलेटर एक ऑनलाइन टूल है, जो कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखकर अंदाज़ा लगाता है कि आपको लोन पर कितना ब्याज़ देना होगा, जैसे कि:
- लोन की रकम
- ब्याज़ दर
- लोन चुकाने की समय-सीमा
इस कैलकुलेटर की मदद से आप तुरंत कुछ चीजों का अंदाज़ा लगा सकते हैं, जैसे कि:
- हर महीने की किस्त
- चुकाया जाने वाला कुल ब्याज़
- चुकाई जाने वाली कुल रकम
- समय-सीमा या लोन की रकम बदलने का असर
खुद से हिसाब लगाने के झंझट के बिना, आपको तुरंत नतीजे मिल जाते हैं जिससे आप पूरे भरोसे के साथ लोन के अलग-अलग विकल्पों की तुलना कर सकते हैं।
लोन लेने से पहले इंटरेस्ट कैलकुलेटर का इस्तेमाल करना क्यों जरूरी है?
लोन लेना पैसों से जुड़ा एक बड़ा फैसला है। इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप कोई भी लोन लेने से पहले ही उस पर होने वाले कुल खर्च को अच्छी तरह समझ सकते हैं।
लोन की अलग-अलग रकम की तुलना करें
हो सकता है आपको अपने घर के रेनोवेशन के लिए 2 लाख रुपये चाहिए या फिर शादी में होने वाले खर्च के लिए 10 लाख रुपये की ज़रूरत हो। आप इंटरेस्ट कैलकुलेटर में अलग-अलग रकम डालकर देख सकते हैं कि आपकी महीने की किस्त और कुल खर्च में कितना बदलाव आता है।
इस तरह आप बस उतना ही लोन लेते हैं जितनी आपको ज़रूरत हो, और बेवजह के आर्थिक बोझ से बच जाते हैं।
लोन की समय-सीमा के असर को समझें
आम तौर पर, कम समय के लिए लोन लेने पर आपकी हर महीने की किस्त तो ज़्यादा होगी, लेकिन कुल मिलाकर आपको काफी कम ब्याज़ चुकाना होगा। वहीं, लंबे समय के लिए लोन लेने से हर महीने खर्च का बोझ थोड़ा कम होता है, पर आपको ज़्यादा ब्याज़ चुकाना पड़ सकता है।
इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप लोन चुकाने की अलग-अलग समय-सीमा में होने वाले खर्च को देख सकते हैं, फिर आप अपनी इनकम और आर्थिक लक्ष्यों के हिसाब से सही समय-सीमा चुन सकते हैं।
अपने महीने के बजट की बेहतर योजना बनाएँ
अगर आपको पहले से ही अपनी महीने की किस्तों के बारे में पता हो, तो इससे अपने महीने के खर्चों को अच्छी तरह संभालने में मदद मिलती है।
पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने से पहले आप यह देख सकते हैं कि लोन चुकाना आपके बजट में आसानी से फिट बैठता है या नहीं।
इंटरेस्ट कैलकुलेटर लोन पर होने वाले कुल खर्च की तुलना करने में कैसे मददगार है?
इंटरेस्ट कैलकुलेटर का सबसे बड़ा फायदा यही है कि ये आपसे कुछ भी नहीं छिपाता है। इसकी मदद से आप सिर्फ ब्याज़ दर ही नहीं, बल्कि कई दूसरे पहलुओं के आधार पर भी लोन की तुलना कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए, हो सकता है दो अलग-अलग लोन की ब्याज़ दरें एक-समान हों, लेकिन लोन चुकाने की समय-सीमा अलग-अलग होने पर आपके द्वारा चुकाई जाने वाली कुल रकम में काफी अंतर आ सकता है।
इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप इन चीजों की तुलना कर सकते हैं:
- चुकाई जाने वाली कुल रकम
- हर महीने की किस्त
- चुकाया जाने वाला कुल ब्याज़
- समय-सीमा के अलग-अलग विकल्प
- लोन की अलग-अलग रकम
यह पूरी जानकारी आपको ऐसा लोन विकल्प चुनने में मदद करती है, जो आपके लिए किफायती हो और जिसे चुकाना भी आसान हो।
एक ही लोन के लिए दो अलग-अलग समय-सीमा के विकल्पों की तुलना
मान लीजिए पुणे में रहने वाली 32 साल की प्रिया एक मार्केटिंग प्रोफेशनल हैं, जिनकी महीने की इनकम 65,000 रुपये है। उन्हें अपनी बहन की शादी के लिए 5 लाख रुपये की ज़रूरत है। वह इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से सालाना 14% की ब्याज़ दर पर लोन चुकाने के दो अलग-अलग विकल्पों की तुलना करती हैं।
| तुलना के बिंदु | विकल्प A: 24 महीने की समय-सीमा | विकल्प B: 48 महीने की समय-सीमा |
| लोन की रकम | 5,00,000 रुपये | 5,00,000 रुपये |
| ब्याज़ दर | 14% सालाना | 14% सालाना |
| महीने की किस्त (लगभग) | 24,006 रुपये | 13,676 रुपये |
| चुकाया जाने वाला कुल ब्याज़ (लगभग) | 76,144 रुपये | 1,56,448 रुपये |
| चुकाई जाने वाली कुल रकम (लगभग) | 5,76,144 रुपये | 6,56,448 रुपये |
दोनों विकल्पों की तुलना करने पर, प्रिया को समझ आता है कि 48 महीने की समय-सीमा चुनने से उनकी महीने की किस्त में 10,330 रुपये की बचत तो होगी, लेकिन लोन की समय-सीमा के दौरान कुल मिलाकर 80,304 रुपये ज़्यादा ब्याज़ चुकाना होगा।
चूंकि उनकी महीने की इनकम इतनी है कि वह हर महीने होने वाले खर्चों के बाद भी 24 महीने की EMI आसानी से चुका सकती हैं, इसलिए वह लोन पर होने वाले कुल खर्च को कम करने के लिए कम समय-सीमा वाला विकल्प चुनती है।
कैलकुलेटर से क्या पता चला: दोनों ही मामलों में ब्याज़ की दर एक जैसी थी। सिर्फ लोन की समय-सीमा बदलने से चुकाई जाने वाली कुल रकम में 80,000 रुपये से ज्यादा का अंतर आ गया। इंटरेस्ट कैलकुलेटर के ज़रिये आप कुछ ही सेकंड में इन बातों की तुलना कर सकते हैं।
पर्सनल लोन फाइनैंसिंग का सुविधाजनक विकल्प क्यों है?
पर्सनल लोन पैसे की ज़रूरत पूरी करने के सबसे सुविधाजनक विकल्पों में से एक हैं, क्योंकि पहले से तय और अचानक सामने आने वाले कई तरह के खर्चों को पूरा करने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।
आप पर्सनल लोन ऑनलाइन के लिए आवेदन करके लोन की रकम का उपयोग इन कामों के लिए कर सकते हैं:
- मेडिकल इमरजेंसी
- ट्रैवल पर होने वाले खर्च
- आगे की पढ़ाई
- शादी का खर्च
- घर की मरम्मत/रिनोवेशन
- कोई बड़ी खरीदारी
सिक्योर्ड लोन के मुकाबले, पर्सनल लोन के लिए आमतौर पर किसी कोलेटरल की ज़रूरत नहीं होती है। इसके आवेदन करने का तरीका भी बहुत आसान है, जो उन लोगों के लिए सबसे बेहतर विकल्प है जिन्हें तुरंत पैसों की ज़रूरत हो।
बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन कैसे आपकी मदद कर सकता है?
बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन अलग-अलग तरह की पैसों की जरूरतों को पूरा करने का बेहद आसान और सुविधाजनक जरिया है। इंटरेस्ट कैलकुलेटर का उपयोग करके आप अपने लोन चुकाने की जिम्मेदारियों का अंदाज़ा लगा सकते हैं और एक सही लोन स्ट्रक्चर चुन सकते हैं।
इसके कुछ खास फायदे इस प्रकार हैं:
- 40,000 रुपये से 55 लाख रुपये तक की लोन की रकम
- लोन चुकाने के लिए 12 महीने से 108 महीने तक की समय-सीमा
- सालाना 10% से 30% तक की ब्याज़ दरें
- किसी कोलेटरल की ज़रूरत नहीं
- तेजी से मंजूरी मिलने की प्रक्रिया
- बहुत कम कागजी कार्रवाई
- ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
- वेरिफिकेशन और मंजूरी के आधार पर, सिर्फ़ 24 घंटों* में लोन की रकम पाने की सुविधा
आवेदन करने से पहले इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप जान सकते हैं कि लोन की अलग-अलग रकम और समय-सीमा आपके कुल लोन खर्च पर कैसे असर डालती है।
ऑनलाइन पर्सनल लोन के लिए कौन-कौन आवेदन कर सकता है?
ज्यादातर नौकरीपेशा वाले और खुद का रोजगार करने वाले लोग ऑनलाइन पर्सनल लोन चुनते हैं, क्योंकि यह सुविधाजनक है और इसकी प्रक्रिया पूरी होने में बहुत कम वक्त लगता है।
सामान्य तौर पर एलिजिबिलिटी इन बातों पर निर्भर है:
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| उम्र | 21 साल से 80 साल* |
| नौकरी | सरकारी, प्राइवेट, या MNC. |
| CIBIL स्कोर | 650 या उससे ज्यादा |
| ग्राहक का प्रोफाइल | खुद का रोजगार करने वाले या नौकरीपेशा |
* लोन की समय-सीमा पूरी होने पर आपकी उम्र 80 साल या उससे कम होनी चाहिए।
लोन पाने की शर्तों को पूरा करने से मंजूरी की गारंटी नहीं मिलती, क्योंकि लोन देने वाले संस्थान अपने नियमों और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के आधार पर हर आवेदन की जांच करते हैं।
पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने से पहले, चुकाई जाने वाली रकम का अंदाज़ा लगाने और अपनी आर्थिक स्थिति के हिसाब से सही फैसला लेने के लिए इंटरेस्ट कैलकुलेटर का उपयोग करना बहुत मददगार साबित होता है।
ज़िम्मेदारी से लोन लेने से हमें क्या फायदा होता है?
इंटरेस्ट कैलकुलेटर सिर्फ़ योजना बनाने में मदद करने वाला टूल नहीं है, बल्कि यह ज़िम्मेदारी से लोन लेने में भी बहुत उपयोगी है।
कोई भी लोन लेने से पहले, इन बातों को जरूर ध्यान में रखें:
- बस उतनी ही रकम लोन लें जितनी आपको असल में ज़रूरत हो
- लोन चुकाने की अपनी क्षमता के हिसाब से सही समय-सीमा चुनें
- अपना क्रेडिट प्रोफाइल बेहतर बनाए रखें
- सभी शुल्कों और शर्तों पर अच्छी तरह गौर करें
- ध्यान रखें कि हर महीने की किस्त आपके बजट में आ जाए
ज़िम्मेदारी से लोन लेकर आप इसे अच्छी तरह संभाल सकते हैं और भविष्य में होने वाले आर्थिक तनाव से बच सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इंटरेस्ट कैलकुलेटर चुकाई जाने वाली कुल रकम दिखाता है?
हाँ। इंटरेस्ट कैलकुलेटर से आपको यह अंदाज़ा मिलता है कि लोन के मूलधन और तय समय-सीमा में लगने वाले ब्याज़ को मिलाकर आपको कुल कितनी रकम चुकानी होगी। इससे लोन लेने से पहले आपको कुल खर्च के बारे में जानने में मदद मिलती है।
क्या मैं इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से लोन के अलग-अलग विकल्पों की तुलना कर सकता हूँ?
हाँ। इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप लोन की अलग-अलग रकम, ब्याज़ दर और लोन चुकाने की समय-सीमा की तुलना कर सकते हैं। इस तरह आपके लिए ऐसा विकल्प चुनना आसान हो जाता है, जो आपके बजट और आर्थिक लक्ष्यों के हिसाब से सही हो।
क्या पर्सनल लोन के लिए इंटरेस्ट कैलकुलेटर उपयोगी है?
हाँ, पर्सनल लोन के लिए इंटरेस्ट कैलकुलेटर खास तौर पर बहुत उपयोगी है, क्योंकि इससे आप हर महीने की किस्त और कुल खर्च का आसानी से अंदाज़ा लगा सकते हैं। इससे आपको लोन लेने के बारे में सही फैसला लेने और लोन चुकाने की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष
इंटरेस्ट कैलकुलेटर बेहद आसान लेकिन बहुत कारगर टूल है, जिससे आपको लोन के विकल्पों की तुलना करने, लोन चुकाने के बारे में अंदाज़ा लगाने और कोई भी फैसला लेने से पहले लोन लेने की कुल लागत को समझने में मदद मिलती है। इसके ज़रिये आप सारी चीजों को अच्छे से समझ सकते हैं, आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग बेहतर होती है और आप समझदारी से लोन ले सकते हैं।
अगर आप पहले से तय या अचानक सामने आने वाले किसी खर्च के लिए लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन के साथ इंटरेस्ट कैलकुलेटर का उपयोग करके आप अपनी ज़रूरतों के हिसाब से लोन चुकाने का सही विकल्प चुन सकते हैं। आज ही अपनी एलिजिबिलिटी के बारे में जानें और ऑनलाइन आवेदन करें, ताकि आप आसान और तेज आवेदन प्रक्रिया के ज़रिये फाइनैंसिंग के सुविधाजनक विकल्पों का लाभ उठा सकें।
* नियम व शर्तें लागू
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

