भारी बारिश की रेड वॉर्निंग 15 जुलाई: बिहार संग इन 14 राज्यों में भयानक बारिश का अलर्ट, चक्रवाती सिस्टम एक्टिव होने से आंधी-तूफान का भी खतरा

IMD Red alert for heavy rain on July 15: देश के कई हिस्सों में मानसून रौद्र रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जुलाई के लिए देश के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज वॉनिंग जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और कई दूसरे वेदर सिस्टम्स की वजह से बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों समेत कुल 14 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। आइए जानते हैं 15 जुलाई को लेकर मौसम विभाग का विस्तृत पूर्वानुमान और इसके पीछे काम कर रहे एक्टिव चक्रवाती सिस्टम।

एक्टिव वेदर सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में बनेगा कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश में कई मजबूत चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ लाइन एक्टिव हैं। समुद्र तल पर मानसून ट्रफ वर्तमान में जम्मू, देहरादून, बाराबंकी, पटना, बांकुरा, कैनिंग से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर गुजर रही है। उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक विस्तृत एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके असर से अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में भी 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश और बिहार में ‘वेरी हैवी’ रेन का अलर्ट

ओडिशा (रेड वॉर्निंग): मौसम विभाग ने 15 जुलाई को ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका जताई है।

वहीं बिहार के अलग-अलग हिस्सों में 15 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही राज्य में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं, आंधी और बिजली चमकने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

इन 12 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 15 जुलाई को देश के नीचे दिए गए राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

उत्तराखंड

पश्चिम बंगाल और सिक्किम

झारखंड

छत्तीसगढ़

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

नागालैंड

मणिपुर

मिजोरम

त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी

चक्रवाती सिस्टम एक्टिव होने के कारण देश के कई राज्यों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (झोंकों) के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और माहे और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

इन राज्यों में सताएगी हीट वेव और उमस भरा मौसम

एक तरफ जहां कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं कुछ राज्यों में गर्मी और उमस का प्रकोप भी बना रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

समुद्र में मौसम का हाल: मछुआरों के लिए चेतावनी

पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, उससे सटे उत्तर-पश्चिम अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और सोमालिया व ओमान तटों के साथ-साथ 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं (जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है।

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दक्षिण श्रीलंका और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ प्रतिकूल मौसम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

कल का मौसम 12 जुलाई: दिल्ली से यूपी-बिहार तक भारी बारिश का तांडव, IMD ने आंधी तूफान का ये अलर्ट दिया

Weather Forecast for July 12: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 12 जुलाई को मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी तटीय इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

कुल मिलाकर, 12 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहेगी। पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। जबकि कई राज्यों में तेज़ हवाओं और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा।

मध्य भारत

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में भी कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने का अनुमान है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, इसलिए निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

पूर्वी भारत

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा:-

  • बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
  • झारखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
  • गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
  • ओडिशा में भी भारी बारिश के साथ तेज़ हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा का दौर जारी रहेगा। जबकि मेघालय और असम के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन तथा नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पश्चिम भारत

कोंकण, गोवा, गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। कोंकण और गोवा में कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है।

दक्षिण भारत

केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके अलावा तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कुछ स्थानों पर लू (हीट वेव) जैसी स्थिति बने रहने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों का मौसम

बीते 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पंजाब और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

सबसे अधिक बारिश मेघालय के चेरापूंजी क्षेत्र में लगभग 19 सेंटीमीटर दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश के नाहन में 16 सेंटीमीटर, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में 8 से 16 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।

राज्यों के अनुसार कल (12 जुलाई) का वेदर फोरकास्ट

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड के कीर्तिनगर में 13 सेमी और हिमाचल के नाहन में 16 सेमी बारिश के बाद कल भी पहाड़ी इलाकों में भारी से बहुत भारी (Heavy to Very Heavy) बारिश का अलर्ट है। भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है।

उत्तर प्रदेश और बिहार: पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश हिस्सों में कल भी झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। पटना, बेगूसराय और खगड़िया समेत बिहार के कई जिलों में भारी बारिश (Heavy Rainfall) की चेतावनी है।

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR: पंजाब के लुधियाना और कपूरथला में भारी बारिश (7 सेमी) के बाद कल भी पंजाब और हरियाणा-दिल्ली के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।

असम, मेघालय और नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा: पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी स्थानों पर मानसून सक्रिय है। चेरापूंजी और मौसिनराम में भारी तबाही के बाद कल भी इन राज्यों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रह सकती है।

पश्चिम बंगाल और झारखंड: गंगा के मैदानी इलाकों (Gangetic West Bengal) और झारखंड (जामताड़ा, गोड्डा) के अधिकांश हिस्सों में कल भी भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम थोड़ा शुष्क या छिटपुट बारिश वाला रह सकता है।

दक्षिण भारत व तटीय कर्नाटक: तटीय कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों में कल मानसून मेहरबान रहेगा। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राजस्थान और गुजरात: राजस्थान (पूर्वी और पश्चिमी) और गुजरात क्षेत्र के अलग-अलग (Isolated) स्थानों पर ही कल केवल छिटपुट बौछारें पड़ने की उम्मीद है। यानी यहां मानसून की रफ्तार फिलहाल थोड़ी धीमी है।

तापमान का हाल: उमस और गर्मी ने बढ़ाई चिंता

बारिश के बावजूद देश के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया है:-

  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1°C से भी अधिक दर्ज किया गया, जिससे वहां भीषण गर्मी का माहौल है।
  • यूपी, बिहार, ओडिशा, असम और राजस्थान के कई इलाकों में भी रात का तापमान (न्यूनतम तापमान) सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा, जिससे लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे ठंडा स्थान

देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान मध्य प्रदेश के खरगोन में 19.4°C दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में कल यात्रा करते समय सावधानी बरतें। आकाशीय बिजली (Lightening) चमकने के दौरान खुले खेतों या पेड़ों के नीचे जाने से बचें।

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लोगों के लिए सलाह

  • भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  • नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।
  • स्थानीय प्रशासन और भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों का पालन करें।

एक दिन देर से ही सही पूरे देश में छा तो गया मानसून पर बारिश के ये 3 आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले, IMD का बिग अपडेट

Monsoon Rain Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को एक बड़ा अपडेट शेयर किया है। इसके मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ते हुए पूरे देश को कवर कर लिया है। पूरे देश में मानसून के छाने में सामान्य तिथि (8 जुलाई) के मुकाबले इस बार महज एक दिन की देरी हुई है। भले ही मानसून पूरे भारत में पहुंच चुका है लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए बारिश के तीन आंकड़े देश के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। देश में इस समय कुल मिलाकर बारिश की कमी बनी हुई है। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो स्थितियों का उभरना इसके पीछे का एक मुख्य कारण माना जा रहा है। अल नीनो की स्थिति भारत में कम बारिश की वजह बनती है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के वे 3 आंकड़े जो चिंता बढ़ा रहे हैं:

चिंता बढ़ाने वाले बारिश के 3 बड़े आंकड़े

IMD के डेटा के मुताबिक मानसूनी सीजन की शुरुआत से लेकर अब तक बारिश के आंकड़ों में गंभीर गिरावट दर्ज की गई है। इसे नीचे बिंदुवार समझा जा सकता है-

1- जून महीने में 40% की भारी कमी

भारत में इस साल जून के महीने में करीब 40 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई थी। इसमें सबसे बुरी मार मध्य भारत पर पड़ी। यहां जून में 50.4 प्रतिशत की भारी कमी देखी गई। इतना ही नहीं देश में इस साल जून के दौरान साल 1901 के बाद से अब तक की पांचवीं सबसे कम (99.5 मिमी) बारिश दर्ज की गई है।

2- ओवरऑल सीजनल डेफिसिट अभी भी 14% पर

भले ही जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश दिख रही है लेकिन IMD के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 9 जुलाई की अवधि के लिए देश में कुल मिलाकर बारिश की कमी अभी भी 14 प्रतिशत पर बनी हुई है।

3- जुलाई महीने का सूखा अनुमान (94% LPA)

मौसम विभाग ने 30 जून को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में बताया था कि जुलाई के पहले 7 से 10 दिनों में देश भर में बारिश होगी (जो वर्तमान में दिख भी रही है) लेकिन इसके साथ ही विभाग ने आगाह किया है कि पूरा जुलाई महीना सामान्य से अधिक सूखा रहेगा। जुलाई में देश भर में होने वाली बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) का महज 94 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई है।

क्या होता है LPA?

एलपीए (Long-Period Average) का मतलब किसी दिए गए समय (जैसे एक महीना या सीजन) के दौरान किसी विशेष क्षेत्र में दर्ज की गई बारिश के उस औसत से होता है जो आम तौर पर 30 से 50 वर्षों की एक लंबी अवधि का निकाला जाता है। वर्ष 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर पूरे देश में मौसमी बारिश का एलपीए (LPA) 87 सेमी है।

जुलाई के शुरुआती 9 दिनों में रहा बड़ा सरप्लस

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अगर सिर्फ जुलाई महीने के शुरुआती आंकड़ों को देखें तो भारत ने अब तक बारिश का एक बड़ा सरप्लस (अधिकता) देखा है। जहां जुलाई के पहले 9 दिनों में सामान्य बारिश का आंकड़ा 73.8 मिमी होता है, वहीं देश में इस अवधि में अब तक 101.9 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।

इस साल सामान्य से कम रह सकती है कुल मानसूनी बारिश

केरल में इस साल मानसून की शुरुआत 4 जून को हुई थी जिसने देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून से सितंबर) की शुरुआत की थी। आमतौर पर केरल में मानसून 1 जून को दस्तक देता है। मौसम विभाग के कुल पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल पूरे मानसून सीजन में होने वाली कुल बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) की सिर्फ 90 प्रतिशत होने की संभावना है। इसमें 4 प्रतिशत का मॉडल एरर शामिल है। अल नीनो की स्थिति के चलते इस कमी को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

कल का मौसम 4 जुलाई: राजस्थान-MP से यूपी-बिहार, बंगाल तक मौसम का रौद्र रूप, IMD ने इन 25 से ज्यादा जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट दिया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने पूरे शबाब पर आ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके साथ ही समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तट तक ऑफ-शोर ट्रफ और मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इन मजबूत मौसमी प्रणालियों के असर की वजह से मौसम विभाग ने 4 जुलाई को देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज अंधड़ का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।

5 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 4 जुलाई को देश के पांच प्रमुख राज्यों में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। यहां छिटपुट स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है-

  • गुजरात (गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ)
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र
  • ओडिशा
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश

इन राज्यों में होगी बहुत भारी बारिश

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 जुलाई को कुछ राज्यों में मूसलाधार यानी बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी:

  • पूर्वी राजस्थान
  • पूर्वी मध्य प्रदेश
  • विदर्भ
  • तेलंगाना
  • तटीय कर्नाटक

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-राजस्थान में आंधी और बिजली का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में कल मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। 4 से 7 जुलाई के दौरान यहां छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश होने का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान में 4 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी जबकि पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट है। इसके साथ ही पूर्वी राजस्थान में 40-50 किमी प्रति घंटे और पश्चिमी राजस्थान में 4-9 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से धूलभरी हवाएं और अंधड़ चलने की आशंका है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पंजाब-हरियाणा में 4 जुलाई को गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का अलर्ट है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 3-5 जुलाई के दौरान छिटपुट से बिखरी हुई बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 4 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी जबकि उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

मध्य और पूर्वी भारत: मध्य प्रदेश-बिहार में तेज अंधड़ की चेतावनी

मध्य प्रदेश के दोनों हिस्सों (पूर्वी व पश्चिमी) और विदर्भ में 4 जुलाई को भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ ही 30-40 किमी प्रति घंटे (झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। छत्तीसगढ़ में 4 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार में 3-9 जुलाई तक छिटपुट बारिश का दौर रहेगा लेकिन 4 जुलाई को राज्य में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट है। झारखंड में 4 जुलाई को मध्यम से तीव्र बिजली गिरने की गतिविधि और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

गंगीय पश्चिम बंगाल में 4 जुलाई को भारी बारिश होगी। इसके साथ ही उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और गंगीय पश्चिम बंगाल में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से अंधड़ चलने की चेतावनी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी।

उत्तर-पूर्व भारत: असम-मेघालय सहित सातों राज्यों में भारी वर्षा

उत्तर-पूर्व के राज्यों में मानसूनी हवाएं लगातार नमी ला रही हैं। असम और मेघालय में 4 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा इन चारों राज्यों में 4 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 4 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर बिजली गिरने और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।

दक्षिण भारत: कर्नाटक में मजबूत सतही हवाएं और मूसलाधार बारिश

तटीय कर्नाटक में बहुत भारी बारिश और आंतरिक कर्नाटक (उत्तरी व दक्षिणी) में भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा पूरे कर्नाटक में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से धूलभरी आंधी चलेगी और तटीय व आंतरिक हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी है। केरल, माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 जुलाई को भारी बारिश होगी। तमिलनाडु में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश होगी। रायलसीमा और लक्षद्वीप में 4 जुलाई को तेज सतही हवाएं चलेंगी जबकि तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है।

समंदर में जाने वाले मछुआरों के लिए रेड वॉर्निंग

खराब मौसम और तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समंदर में न उतरने की सख्त हिदायत दी है-

अरब सागर: सोमालिया तट, ओमान तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और मध्य व उत्तरी अरब सागर में 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से डरावनी हवाएं चलेंगी। इसके अलावा गुजरात, कोंकण, गोवा, कर्नाटक और केरल के तटों तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: मध्य और उससे सटे दक्षिणी बंगाल की खाड़ी, दक्षिण श्रीलंका और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। वहीं गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी व मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से ऊंची लहरें और तूफानी मौसम रहने का अनुमान है।

कल का मौसम 1 जुलाई: IMD ने 21 राज्यों में भारी बारिश, 17 में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव

Weather forecast for July 1: देश के बड़े हिस्से में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 जुलाई के लिए देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार 1 जुलाई को देश के 21 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। 17 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और तेज रफ्तार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक मानसून का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। आज ही मानसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कई नए हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) सूरत, इंदौर, सागर, सीधी, आजमगढ़, अयोध्या, बरेली, देहरादून और मंडी से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही अगले 2-3 दिनों में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के शेष हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

1 जुलाई को इन 11 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, 1 जुलाई को देश के 11 राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है, जिससे निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो सकती है:-

उत्तर प्रदेश (विशेषकर पश्चिमी यूपी): पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।

बिहार और झारखंड: बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, जिसके कारण 1 जुलाई को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश होगी।

उत्तराखंड: पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में 1 और 2 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

मध्य प्रदेश और विदर्भ: पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) के इलाकों में मानसून के सक्रिय रहने से मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

ओडिशा: बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम के चलते ओडिशा में व्यापक और बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण और पश्चिम भारत: कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में भी 1 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

इन 10 राज्यों में होगी भारी बारिश

देश के कई अन्य हिस्सों में भी 1 जुलाई को मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है:-

दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब: दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के कई इलाकों में 1 जुलाई को भारी बारिश के साथ मानसून की गतिविधियां बढ़ेंगी।

हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका के बीच 1 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर प्रदेश (पूर्वी भाग): पूर्वी यूपी में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र: गुजरात रीजन और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के साथ-साथ दक्षिण के तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अलर्ट है।

17 राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का तांडव

मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर दो अलग-अलग श्रेणियां बनाई हैं, जिससे देश के करीब 17 राज्य प्रभावित होंगे:-

1- 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और बिजली का अलर्ट (14 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश)

इन राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी:-

उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल (गांगेय क्षेत्र), पूर्वी राजस्थान, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह।

2- 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी का अलर्ट (5 राज्य)

उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान, तेलंगाना, संपूर्ण कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

3- केवल बिजली कड़कने की चेतावनी

मध्य प्रदेश, मारथवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में केवल मेघगर्जन और बिजली गिरने की संभावना अधिक है।

इसके अलावा, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और रायलासीमा क्षेत्र में तेज सतही हवाएं चलने का भी अलर्ट है।

मौसम को प्रभावित करने वाले 3 बड़े सिस्टम

आईएमडी के मौसम विश्लेषण के अनुसार देश में इस समय तीन मुख्य मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं जो इस बदलाव के लिए जिम्मेदार हैं:-

कम दबाव का क्षेत्र: उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे मध्य भारत में मानसून और उग्र होगा।

ऑफ-शोर ट्रफ: महाराष्ट्र से लेकर उत्तरी केरल तट तक समुद्र तल पर एक ऑफ-शोर ट्रफ लाइन सक्रिय है, जिसके कारण कोंकण, गोवा और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है।

पश्चिमी विक्षोभ: उत्तर-पश्चिम भारत में 2 जुलाई, 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने जा रही है, जिससे पहाड़ों से लेकर मैदानों तक बारिश की गतिविधियां और तेज हो जाएंगी।

उत्तर-पश्चिम भारत (जैसे दिल्ली, यूपी, पंजाब) में बारिश की वजह से 2 जुलाई तक अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल) में 2 से 4 जुलाई के बीच उमस भरा और गर्म मौसम परेशान कर सकता है।‌

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El Nino Effect on Monsoon Rain: किसानों पर अल नीनो का प्रहार! इन इलाकों में 50% से ज्यादा बारिश की कमी, कई राज्यों में सूखे जैसे हालात का खतरा

El-Nino Effect on Monsoon Rain: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की धीमी प्रगति के कारण बारिश का संकट गहराता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार तक देश में सामान्य से 43 से 50 फीसदी तक कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि अगले महीने तक मानसून के पूरे देश में फैलने के बाद यह कमी कुछ हद तक कम हो सकती है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पूरे मानसून सीजन के अंत तक 10 फीसदी से अधिक बारिश की कमी रहने की आशंका जताई जा रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार अल नीनो (El Nino) का प्रभाव मानसून पर साफ दिखाई दे रहा है। आमतौर पर इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की सकारात्मक स्थिति अल नीनो के असर को कुछ हद तक कम कर देती है। लेकिन इस साल ऐसी स्थिति बनने की संभावना कम है। ऐसे में मानसून के कमजोर रहने का खतरा बढ़ गया है।

अल नीनो बढ़ा रहा किसानों की चिंता

विशेषज्ञों के मुताबिक, सकारात्मक IOD अच्छी बारिश की गारंटी नहीं देता। लेकिन यह अल नीनो से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है। अतीत में कई अल नीनो वाले वर्षों में सकारात्मक IOD की वजह से सामान्य के करीब बारिश दर्ज की गई थी। हालांकि, इस बार ऐसी राहत मिलने की संभावना कम मानी जा रही है। यदि बारिश में कमी बनी रहती है तो इसका असर खरीफ फसलों, जलाशयों के जलस्तर और पेयजल उपलब्धता पर पड़ सकता है। इसके अलावा कई राज्यों में गर्मी और उमस का दौर भी लंबा खिंच सकता है।

दिल्ली में गर्मी का रिकॉर्ड, ‘फील्स लाइक’ तापमान 51.3 डिग्री

बारिश की कमी का असर राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिल रहा है। शनिवार को दिल्ली में अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण ‘फील्स लाइक’ (हीट इंडेक्स) तापमान 51.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक है।

मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री अधिक था। वहीं, दोपहर 2:30 बजे सापेक्षिक आर्द्रता (Relative Humidity) 45 फीसदी दर्ज की गई। अधिक नमी के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस हुई।

मानसून की रफ्तार पर टिकी उम्मीदें

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून के आगे बढ़ने के साथ बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है। यदि जुलाई में अच्छी बारिश होती है तो मौजूदा बारिश की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है। हालांकि, फिलहाल मौसम के संकेत बताते हैं कि पूरे सीजन में सामान्य से कम बारिश रहने की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 27 जून के बीच देशभर में सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि जुलाई में मानसून पूरे देश में सक्रिय होने के बाद यह कमी कुछ कम हो सकती है। लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि पूरे मानसून सीजन (जून-सितंबर) के अंत तक 10 प्रतिशत से अधिक वर्षा घाटा रह सकता है।

क्या है इंडियन ओशन डाइपोल (IOD)?

इंडियन ओशन डाइपोल हिंद महासागर के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के समुद्री सतह के तापमान में अंतर को दर्शाने वाली जलवायु सिस्टम है। सामान्य तौर पर यदि IOD सकारात्मक रहता है तो यह भारतीय मानसून को मजबूत करने में मदद करता है। साथ ही अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम कर देता है। लेकिन इस बार IOD के तटस्थ (Neutral) रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि यह मानसून को अतिरिक्त मजबूती नहीं दे पाएगा और अल नीनो का प्रभाव अधिक हावी रहेगा।

अल नीनो क्यों बढ़ा रहा चिंता?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अल नीनो के दौरान प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। इससे भारतीय मानसून कमजोर पड़ता है। पिछले कई सालों में जब भी अल नीनो सक्रिय रहा और IOD सकारात्मक नहीं रहा, तब देश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। IMD ने भी कहा है कि इस बार अल नीनो के कारण मानसून के कमजोर रहने की आशंका अधिक है।

कई राज्यों में 50% से ज्यादा बारिश की कमी

बारिश के आंकड़ों के अनुसार कई राज्यों में हालात चिंताजनक हैं।

  • बिहार में करीब 82% बारिश की कमी दर्ज की गई।
  • गुजरात में लगभग 68% वर्षा घाटा रहा।
  • छत्तीसगढ़ में 68% कम बारिश हुई।
  • झारखंड में 66% कम बारिश हुई।
  • उत्तर प्रदेश में 65% कम बारिश हुई है।
  • ओडिशा में 63% और मध्य प्रदेश में भी सामान्य से काफी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
  • इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु के कई हिस्सों में भी 30 प्रतिशत से अधिक बारिश की कमी दर्ज हुई है।

कृषि और जल संकट बढ़ने की आशंका

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो सकती है। जलाशयों का जलस्तर घटने, पेयजल संकट बढ़ने और बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्यान्न उत्पादन पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।

आगे क्या कहता है मौसम विभाग?

IMD का कहना है कि जुलाई में मानसून के पूरे देश में सक्रिय होने के बाद बारिश की स्थिति में कुछ सुधार हो सकता है। हालांकि फिलहाल मौसम के वैश्विक संकेत बताते हैं कि इस बार अल नीनो का असर पूरे मानसून सीजन पर बना रह सकता है। ऐसे में सामान्य से कम बारिश की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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Monsoon Rain crisis: 18 जून तक इस इलाके में हुई सिर्फ 2% बुवाई, बारिश का ये आंकड़ा तो डरा रहा है!

Monsoon Rain Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून की सुस्ती और बारिश में हो रही देरी ने महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में खेती का पूरा गणित बिगाड़ दिया है। पानी की कमी और रूठे मानसून की वजह से इस क्षेत्र के आठ जिलों में खरीफ की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक 18 जून तक मराठवाड़ा में बुवाई का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले महज 2 प्रतिशत रह गया है। सूखे की मार झेलने वाले इस इलाके के किसानों और प्रशासन के लिए बारिश और बुवाई का यह आंकड़ा बेहद डराने वाला है।

बुवाई के आंकड़े: 10 लाख हेक्टेयर के मुकाबले सिर्फ 1 लाख हेक्टेयर

मराठवाड़ा मध्य महाराष्ट्र का एक अर्ध-शुष्क क्षेत्र है। यहां की खेती पूरी तरह से मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। पीटीआई ने एक रिपोर्ट को कोट करते हुए बताया है कि यहां बारिश में देरी से बुवाई के आंकड़ों में ऐतिहासिक गिरावट आई है। इस साल 18 जून तक पूरे क्षेत्र में अब तक केवल 1.07 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर ही बुवाई हो पाई है। पिछले साल इसी दिन तक यह आंकड़ा 10.77 लाख हेक्टेयर था। पिछले पांच वर्षों में इस पूरे क्षेत्र में औसतन लगभग 49.72 लाख हेक्टेयर भूमि पर फसलें बोई जाती रही हैं। आंकड़ों से साफ है कि पिछले साल 18 जून तक जितनी बुवाई हुई थी, उसकी तुलना में इस साल अब तक केवल 2 प्रतिशत ही बुवाई हो सकी है।

जिलावार बुवाई का हाल (बीड सबसे आगे, लातूर सबसे पीछे)

मराठवाड़ा के कुल आठ जिले (छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, लातूर, धाराशिव, परभणी, हिंगोली और नांदेड़) बारिश की इस देरी का सीधा खामियाजा भुगत रहे हैं। इन 1.07 लाख हेक्टेयर में से आधी से ज्यादा बुवाई (68,572 हेक्टेयर) अकेले बीड जिले में हुई है। दूसरे जिले अपने ऐतिहासिक स्तर से मीलों पीछे हैं। उदाहरण के तौर पर छत्रपति संभाजीनगर में पिछले साल इसी अवधि में 1.64 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी जबकि इस साल यहां सिर्फ 3072 हेक्टेयर में ही फसल बोई जा सकी है।

बारिश और जलाशयों का गहराता संकट

बुवाई में इस भयंकर गिरावट का सीधा कारण बारिश का न होना और जलाशयों में पानी की कमी है। एक अधिकारी के मुताबिक, जून महीने में मराठवाड़ा में औसतन 98.3 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, लेकिन 18 जून तक इस क्षेत्र में अपने सामान्य कोटे की मात्र 42.7% बारिश (यानी सिर्फ 42.7 मिमी) ही दर्ज की गई है। मराठवाड़ा में मौजूद 11 प्रमुख मेगा प्रोजेक्ट्स (बांधों) में जल स्तर लगातार गिर रहा है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक 18 जून तक इन बांधों में सिर्फ 60.84 टीएमसी (Thousand Million Cubic Feet – tmc) पानी बचा था, जबकि पिछले साल इसी दिन यह 67.35 टीएमसी था।

Monsoon Update: 23 जून तक इन राज्यों में आगे बढ़ सकता है मानसून, IMD ने दिया बिग अपडेट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज दोपहर एक अहम प्रेस रिलीज जारी की है। इसमें मानसून की ताजा स्थिति, भीषण गर्मी की चेतावनी और अगले एक हफ्ते के मौसम का पूरा लेखा-जोखा दिया गया है। आइए विस्तार से जानते हैं पूरे देश का मौसम हाल।

अभी कहां है मानसून?

इस वक्त दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) हरनई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फुलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होते हुए 28.3°N/83°E तक पहुंची हुई है।

आगे कब और कहां पहुंचेगा?

मौसम विभाग के मुताबिक 23 जून 2026 के आसपास मानसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। जिन राज्यों में मानसून जल्द दस्तक दे सकता है, वो हैं —

  • महाराष्ट्र के कुछ और हिस्से
  • तेलंगाना के कुछ और इलाके
  • ओडिशा के नए भाग
  • झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्र
  • छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से

यानी उत्तर और मध्य भारत के लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।

बीते 24 घंटों में देशभर में कैसा रहा मौसम?

भारी से बहुत भारी बारिश

कल सुबह 8:30 बजे से आज सुबह 8:30 बजे तक देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई-

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के चंपासारी में 21 Cm अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई- यह देशभर में सबसे ज्यादा रही।
  • गुजरात के गोधरा (पंचमहल) में 14cm बारिश
  • गंगीय पश्चिम बंगाल के लाभपुर में 10cm
  • पश्चिमी राजस्थान के श्री विजयनगर में 9cm
  • तमिलनाडु के कलासापक्कम (तिरुवन्नामलाई) में 9cm
  • बिहार के ठाकुरगंज (किशनगंज) में 7cm
  • सौराष्ट्र के बोटाड में 7cm
  • केरल के कोन्नी (पत्तनमतिट्टा) में 7cm
  • तेलंगाना के मिर्यालगुडा (नलगोंडा) में 7cm

आंधी-तूफान और तेज हवाएं

कई राज्यों में तेज हवाओं ने भी कहर बरपाया-

  • तमिलनाडु के कोविलपट्टी में 76 km/h, ISRO में 63 और विरुधुनगर में 56 km/h
  • ओडिशा के कालीमेला में 63 km/h
  • हिमाचल प्रदेश के हाथीबरकला में 57 km/h
  • पश्चिम मध्यप्रदेश के आगर में 57 km/h
  • गंगीय पश्चिम बंगाल के अलीपुर में 52 km/h
  • झारखंड के दुमका में 52 km/h
  • मराठवाड़ा के सगरोली (नांदेड़) में 54 km/h
  • मध्य महाराष्ट्र के खुतबाव दौंड (पुणे) में 52 km/h
  • छत्तीसगढ़ के रायपुर में 48 km/h, बिलासपुर में 46 km/h

ओलावृष्टि

जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में ओले भी गिरे।

तापमान- गर्मी का हाल

कल का अधिकतम तापमान (18 जून 2026)

देश के कई राज्यों में पारा 40°C से 43°C के बीच रहा —

  • तटीय आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मराठवाड़ा, विदर्भ, बिहार, तेलंगाना- सभी जगह 40-43°C
  • सबसे गर्म शहर रहा उत्तर प्रदेश का बांदा, जहां तापमान 43.2°C दर्ज किया गया

न्यूनतम तापमान (आज, 19 जून 2026)

रात का तापमान भी कई राज्यों में सामान्य से ऊपर रहा-

पूर्वी मध्यप्रदेश, मराठवाड़ा, ओडिशा, बिहार, तेलंगाना— सामान्य से 3-5°C ज्यादा

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कोंकण-गोवा, विदर्भ, गुजरात, केरल, तमिलनाडु— सामान्य से 1.5-3°C ऊपर

हीटवेव की चेतावनी- इन राज्यों में रहें सावधान

मानसून के आने के बावजूद देश के कई हिस्सों में अभी भी लू का खतरा बना हुआ है-

राज्य/क्षेत्र हीटवेव की संभावना कब तक-

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 जून तक
  • बिहार 22 में जून तक
  • तेलंगाना 21 में जून तक
  • विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा में 20 जून तक
  • मराठवाड़ा में 19 जून (आज)

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, झारखंड, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 19-21 जून के दौरान गर्म और उमस भरे मौसम की संभावना है।

अगले 7 दिन — राज्यवार मौसम का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत

  • जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 19-22 जून तक व्यापक बारिश; साथ में बिजली, आंधी और ओले भी
  • हिमाचल प्रदेश: 20-21 जून को अच्छी बारिश
  • उत्तराखंड: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश
  • राजस्थान: 19-20 जून को धूलभरी आंधी (dust storm); 19-20 जून को 60-80 km/h की रफ्तार से तेज thundersquall की चेतावनी
  • हरियाणा-दिल्ली-पंजाब: 19-22 जून के बीच बिजली और तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश

मध्य भारत

मध्यप्रदेश और विदर्भ: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश; 19-20 जून को thundersquall (50-70 km/h) की चेतावनी

छत्तीसगढ़: 22-23 जून को बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश

पूर्वी भारत

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश; 21 जून तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश

गंगीय पश्चिम बंगाल: 19-25 जून व्यापक बारिश

ओडिशा: 19-20 जून व्यापक बारिश; उसके बाद छिटपुट

बिहार और झारखंड: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश; 19-20 जून को thundersquall

पूर्वोत्तर भारत

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश; असम-मेघालय में 19-23 जून तक अत्यधिक भारी बारिश की संभावना

पश्चिम भारत

कोंकण और गोवा: 22-25 जून से व्यापक बारिश शुरू होगी

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश

सौराष्ट्र-कच्छ: 19-21 जून छिटपुट बारिश

दक्षिण भारत

केरल: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश जारी रहेगी; 19-23 जून तक भारी बारिश

तटीय कर्नाटक: 21-25 जून से व्यापक बारिश

तमिलनाडु: छिटपुट बारिश और 19 जून को thundersquall की चेतावनी

तेलंगाना: छिटपुट बारिश; 20-25 जून के बीच बिजली और तेज हवाएं

दिल्ली-NCR का विस्तृत पूर्वानुमान

आज का मौसम (19 जून)

दिल्ली में दोपहर तक आंशिक बादल छाए रहेंगे, शाम को मौसम बिगड़ सकता है। 40-50 km/h की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो 60 km/h तक पहुंच सकती हैं। हल्की बारिश, बिजली और धूलभरी आंधी की संभावना है। अधिकतम तापमान 38-40°C के बीच रहेगा।

कल (20 जून) :आंशिक बादल, दोपहर-शाम को हल्की बारिश और 40-60 km/h हवाएं। तापमान 37-39°C।

21 जून: इसी तरह का मौसम — हल्की बारिश, बिजली, तेज हवाएं। तापमान 37-39°C।

22 जून: बादल छाए रहेंगे, बारिश की संभावना कम। तापमान गिरकर 36-38°C पर आ सकता है।

दिल्लीवालों के लिए सलाह: शाम को घर से निकलते वक्त छाता और पानी की बोतल साथ रखें। तेज हवाओं में गाड़ी चलाते वक्त सतर्क रहें।

मछुआरों के लिए चेतावनी

IMD ने 19 जून से 24 जून तक निम्न समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को न जाने की सख्त हिदायत दी है —

बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तरी अंडमान सागर

अरब सागर: सोमालिया तट के पास दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर; ओमान तट के पास उत्तर-पश्चिम अरब सागर

आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां

लू (हीटवेव) से बचाव

  • दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें
  • खूब पानी पिएं- प्यास न लगे तब भी
  • ORS, नींबू पानी, छाछ, लस्सी पिएं
  • बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का खास ख्याल रखें

आंधी-तूफान में सुरक्षा

  • घर के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें
  • पेड़ के नीचे कभी न खड़े हों
  • बिजली के उपकरण अनप्लग करें
  • पानी के स्रोतों (नदी, तालाब) के पास न जाएं
  • बिजली चमकने पर कंक्रीट की दीवारों से दूर रहें

भारी बारिश में सावधानी

  • जलभराव वाली सड़कों पर गाड़ी न चलाएं
  • निचले इलाकों में रहने वाले सतर्क रहें
  • लैंडस्लाइड संभावित पहाड़ी इलाकों में यात्रा से बचें

किसानों के लिए सलाह

  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड: ओलों से फसल बचाने के लिए हेल नेट लगाएं, पके फलों की तुरंत तुड़ाई करें
  • असम, अरुणाचल: धान की नर्सरी में जल निकासी की व्यवस्था करें
  • केरल: केला, नारियल, काली मिर्च के बागानों में पानी निकालें; केले के पौधों को सहारा दें
  • बिहार, UP, महाराष्ट्र, तेलंगाना: लू के दौरान सब्जियों और बागों में हल्की सिंचाई करें, मल्चिंग करें
  • सभी किसान: कटी फसल को तिरपाल से ढककर सुरक्षित जगह रखें; आंधी से पहले फसल को बांध लें

पशुपालकों के लिए सलाह

  • भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें
  • चारा-दाना सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें
  • गर्मी में पशुओं को ठंडा और साफ पानी दें
  • मुर्गीपालन शेड की छत पर घास डालें ताकि गर्मी कम हो
  • मछली तालाबों में पानी निकासी का प्रबंध करें

IMD Heavy Rain Alert: बिहार समेत इन 13 राज्यों में प्रचंड बारिश का अलर्ट, राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान, 25 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

 

Monsoon Update: 23 जून तक इन राज्यों में आगे बढ़ सकता है मानसून, IMD ने दिया बिग अपडेट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज दोपहर एक अहम प्रेस रिलीज जारी की है। इसमें मानसून की ताजा स्थिति, भीषण गर्मी की चेतावनी और अगले एक हफ्ते के मौसम का पूरा लेखा-जोखा दिया गया है। आइए विस्तार से जानते हैं पूरे देश का मौसम हाल।

अभी कहां है मानसून?

इस वक्त दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) हरनई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फुलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होते हुए 28.3°N/83°E तक पहुंची हुई है।

आगे कब और कहां पहुंचेगा?

मौसम विभाग के मुताबिक 23 जून 2026 के आसपास मानसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। जिन राज्यों में मानसून जल्द दस्तक दे सकता है, वो हैं —

  • महाराष्ट्र के कुछ और हिस्से
  • तेलंगाना के कुछ और इलाके
  • ओडिशा के नए भाग
  • झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्र
  • छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से

यानी उत्तर और मध्य भारत के लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।

बीते 24 घंटों में देशभर में कैसा रहा मौसम?

भारी से बहुत भारी बारिश

कल सुबह 8:30 बजे से आज सुबह 8:30 बजे तक देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई-

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के चंपासारी में 21 Cm अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई- यह देशभर में सबसे ज्यादा रही।
  • गुजरात के गोधरा (पंचमहल) में 14cm बारिश
  • गंगीय पश्चिम बंगाल के लाभपुर में 10cm
  • पश्चिमी राजस्थान के श्री विजयनगर में 9cm
  • तमिलनाडु के कलासापक्कम (तिरुवन्नामलाई) में 9cm
  • बिहार के ठाकुरगंज (किशनगंज) में 7cm
  • सौराष्ट्र के बोटाड में 7cm
  • केरल के कोन्नी (पत्तनमतिट्टा) में 7cm
  • तेलंगाना के मिर्यालगुडा (नलगोंडा) में 7cm

आंधी-तूफान और तेज हवाएं

कई राज्यों में तेज हवाओं ने भी कहर बरपाया-

  • तमिलनाडु के कोविलपट्टी में 76 km/h, ISRO में 63 और विरुधुनगर में 56 km/h
  • ओडिशा के कालीमेला में 63 km/h
  • हिमाचल प्रदेश के हाथीबरकला में 57 km/h
  • पश्चिम मध्यप्रदेश के आगर में 57 km/h
  • गंगीय पश्चिम बंगाल के अलीपुर में 52 km/h
  • झारखंड के दुमका में 52 km/h
  • मराठवाड़ा के सगरोली (नांदेड़) में 54 km/h
  • मध्य महाराष्ट्र के खुतबाव दौंड (पुणे) में 52 km/h
  • छत्तीसगढ़ के रायपुर में 48 km/h, बिलासपुर में 46 km/h

ओलावृष्टि

जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में ओले भी गिरे।

तापमान- गर्मी का हाल

कल का अधिकतम तापमान (18 जून 2026)

देश के कई राज्यों में पारा 40°C से 43°C के बीच रहा —

  • तटीय आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मराठवाड़ा, विदर्भ, बिहार, तेलंगाना- सभी जगह 40-43°C
  • सबसे गर्म शहर रहा उत्तर प्रदेश का बांदा, जहां तापमान 43.2°C दर्ज किया गया

न्यूनतम तापमान (आज, 19 जून 2026)

रात का तापमान भी कई राज्यों में सामान्य से ऊपर रहा-

पूर्वी मध्यप्रदेश, मराठवाड़ा, ओडिशा, बिहार, तेलंगाना— सामान्य से 3-5°C ज्यादा

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कोंकण-गोवा, विदर्भ, गुजरात, केरल, तमिलनाडु— सामान्य से 1.5-3°C ऊपर

हीटवेव की चेतावनी- इन राज्यों में रहें सावधान

मानसून के आने के बावजूद देश के कई हिस्सों में अभी भी लू का खतरा बना हुआ है-

राज्य/क्षेत्र हीटवेव की संभावना कब तक-

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 जून तक
  • बिहार 22 में जून तक
  • तेलंगाना 21 में जून तक
  • विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा में 20 जून तक
  • मराठवाड़ा में 19 जून (आज)

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, झारखंड, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 19-21 जून के दौरान गर्म और उमस भरे मौसम की संभावना है।

अगले 7 दिन — राज्यवार मौसम का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत

  • जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 19-22 जून तक व्यापक बारिश; साथ में बिजली, आंधी और ओले भी
  • हिमाचल प्रदेश: 20-21 जून को अच्छी बारिश
  • उत्तराखंड: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश
  • राजस्थान: 19-20 जून को धूलभरी आंधी (dust storm); 19-20 जून को 60-80 km/h की रफ्तार से तेज thundersquall की चेतावनी
  • हरियाणा-दिल्ली-पंजाब: 19-22 जून के बीच बिजली और तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश

मध्य भारत

मध्यप्रदेश और विदर्भ: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश; 19-20 जून को thundersquall (50-70 km/h) की चेतावनी

छत्तीसगढ़: 22-23 जून को बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश

पूर्वी भारत

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश; 21 जून तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश

गंगीय पश्चिम बंगाल: 19-25 जून व्यापक बारिश

ओडिशा: 19-20 जून व्यापक बारिश; उसके बाद छिटपुट

बिहार और झारखंड: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश; 19-20 जून को thundersquall

पूर्वोत्तर भारत

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश; असम-मेघालय में 19-23 जून तक अत्यधिक भारी बारिश की संभावना

पश्चिम भारत

कोंकण और गोवा: 22-25 जून से व्यापक बारिश शुरू होगी

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश

सौराष्ट्र-कच्छ: 19-21 जून छिटपुट बारिश

दक्षिण भारत

केरल: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश जारी रहेगी; 19-23 जून तक भारी बारिश

तटीय कर्नाटक: 21-25 जून से व्यापक बारिश

तमिलनाडु: छिटपुट बारिश और 19 जून को thundersquall की चेतावनी

तेलंगाना: छिटपुट बारिश; 20-25 जून के बीच बिजली और तेज हवाएं

दिल्ली-NCR का विस्तृत पूर्वानुमान

आज का मौसम (19 जून)

दिल्ली में दोपहर तक आंशिक बादल छाए रहेंगे, शाम को मौसम बिगड़ सकता है। 40-50 km/h की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो 60 km/h तक पहुंच सकती हैं। हल्की बारिश, बिजली और धूलभरी आंधी की संभावना है। अधिकतम तापमान 38-40°C के बीच रहेगा।

कल (20 जून) :आंशिक बादल, दोपहर-शाम को हल्की बारिश और 40-60 km/h हवाएं। तापमान 37-39°C।

21 जून: इसी तरह का मौसम — हल्की बारिश, बिजली, तेज हवाएं। तापमान 37-39°C।

22 जून: बादल छाए रहेंगे, बारिश की संभावना कम। तापमान गिरकर 36-38°C पर आ सकता है।

दिल्लीवालों के लिए सलाह: शाम को घर से निकलते वक्त छाता और पानी की बोतल साथ रखें। तेज हवाओं में गाड़ी चलाते वक्त सतर्क रहें।

मछुआरों के लिए चेतावनी

IMD ने 19 जून से 24 जून तक निम्न समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को न जाने की सख्त हिदायत दी है —

बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तरी अंडमान सागर

अरब सागर: सोमालिया तट के पास दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर; ओमान तट के पास उत्तर-पश्चिम अरब सागर

आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां

लू (हीटवेव) से बचाव

  • दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें
  • खूब पानी पिएं- प्यास न लगे तब भी
  • ORS, नींबू पानी, छाछ, लस्सी पिएं
  • बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का खास ख्याल रखें

आंधी-तूफान में सुरक्षा

  • घर के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें
  • पेड़ के नीचे कभी न खड़े हों
  • बिजली के उपकरण अनप्लग करें
  • पानी के स्रोतों (नदी, तालाब) के पास न जाएं
  • बिजली चमकने पर कंक्रीट की दीवारों से दूर रहें

भारी बारिश में सावधानी

  • जलभराव वाली सड़कों पर गाड़ी न चलाएं
  • निचले इलाकों में रहने वाले सतर्क रहें
  • लैंडस्लाइड संभावित पहाड़ी इलाकों में यात्रा से बचें

किसानों के लिए सलाह

  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड: ओलों से फसल बचाने के लिए हेल नेट लगाएं, पके फलों की तुरंत तुड़ाई करें
  • असम, अरुणाचल: धान की नर्सरी में जल निकासी की व्यवस्था करें
  • केरल: केला, नारियल, काली मिर्च के बागानों में पानी निकालें; केले के पौधों को सहारा दें
  • बिहार, UP, महाराष्ट्र, तेलंगाना: लू के दौरान सब्जियों और बागों में हल्की सिंचाई करें, मल्चिंग करें
  • सभी किसान: कटी फसल को तिरपाल से ढककर सुरक्षित जगह रखें; आंधी से पहले फसल को बांध लें

पशुपालकों के लिए सलाह

  • भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें
  • चारा-दाना सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें
  • गर्मी में पशुओं को ठंडा और साफ पानी दें
  • मुर्गीपालन शेड की छत पर घास डालें ताकि गर्मी कम हो
  • मछली तालाबों में पानी निकासी का प्रबंध करें

IMD Heavy Rain Alert: बिहार समेत इन 13 राज्यों में प्रचंड बारिश का अलर्ट, राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान, 25 जून तक ऐसा रहेगा मौसम