वर्ल्ड कप फाइनल से पहले 19 साल पुरानी फोटो पर मेसी का पहला रिएक्शन आया सामने, जानें क्या कहा

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज हुए एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद अब सभी फैंस को फाइनल मुकाबले का काफी बेसब्री से इंतजार है, जिसमें डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा। वहीं इस फाइनल से पहले एक तस्वीर, सोशल मीडिया पर काफी बवाल मचाए हुए है। तस्वीर में लियोनल मेसी एक छोटे बच्चे को टब में नहलाते दिखाई दे रहे हैं। पहली नजर में यह एक सामान्य पारिवारिक तस्वीर जैसी लगती है, लेकिन इस वर्ल्ड कप में इस तस्वीर की काफी चर्चा है।

 19 साल पुरानी फोटो पर मेसी का पहला रिएक्शन

यह तस्वीर किसी निजी मुलाकात की नहीं, बल्कि साल 2007 में आयोजित एक चैरिटी फोटोशूट की है। उस समय लियोनल मेसी 20 साल के थे और एफसी बार्सिलोना के उभरते हुए सितारे माने जाते थे। दूसरी ओर टब में बैठा बच्चा करीब छह महीने का लामिन यामाल था, जिसे दुनिया तब बिल्कुल नहीं जानती थी। वहीं अपनी इस तस्वीर पर मेसी ने अब र्एक्शन दिया है। उन्होंने आगे कहा, “यमल अभी सिर्फ 19 साल का है। उसका पूरा करियर उसके सामने है और उसके पास इतिहास बनाने का शानदार मौका है। लेकिन हमारी टीम भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी।”

2007 में हुआ था फोटो शूट

दिलचस्प बात यह है कि साल 2007 के उस मशहूर फोटोशूट में शामिल होने का मौका यमल के परिवार को एक लकी ड्रॉ के जरिए मिला था। उनकी मां ने बार्सिलोना के पास मटारो इलाके में आयोजित एक रैफल जीती थी, जिसके बाद परिवार इस चैरिटी फोटोशूट का हिस्सा बना। उसी फोटोशूट में छोटे से लामिन यमल की मुलाकात लियोनेल मेसी से हुई थी। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही बच्चा आगे चलकर बार्सिलोना का स्टार बनेगा और एक दिन फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में मेसी के सामने मैदान पर उतरता नजर आएगा।

अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने कहा कि यह वाकई बेहद हैरान करने वाली बात है कि 19 साल पहले UNICEF के एक फोटोशूट के दौरान उन्होंने नन्हे लामिन यमल को गोद में लेकर नहलाया था और अब दोनों 2026 फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में एक-दूसरे के खिलाफ खेलने जा रहे हैं।

इस वर्ल्ड कप  में वायरल हुई तस्वीर

अर्जेंटीना के फाइनल में पहुंचने के बाद साल 2007 की वह पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो गई। इस तस्वीर में युवा मेसी छोटे से लामिन यमल के साथ नजर आ रहे हैं। करीब दो दशक पुरानी इस अनोखी मुलाकात की कहानी एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। यह तस्वीर साल 2007 की है, जब युवा लियोनेल मेसी बार्सिलोना के स्टार खिलाड़ी थे। उस समय उन्होंने स्थानीय अखबार ‘डायरियो स्पोर्ट’ और UNICEF के लिए एक चैरिटी फोटोशूट में हिस्सा लिया था। फोटोशूट के दौरान मेसी छोटे से लामिन यमल को नीले रंग के प्लास्टिक के टब में नहलाते हुए नजर आए थे। बाद में उन्होंने यमल को तौलिए में भी लपेटा था।

जब अमेरिकी फुटबॉल लीग (NFL) के दिग्गज खिलाड़ी टॉम ब्रैडी ने मेसी से इन तस्वीरों के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, “वह तस्वीर सच में बेहद खास है। उस समय यमल एक छोटा बच्चा था और आज हम दोनों एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरने वाले हैं। यह वाकई कमाल की तस्वीर है।”

मेसी ने कही ये बात

मेसी ने कहा, “मैं लामिन यमल को शुभकामनाएं देता हूं। वह बार्सिलोना का खिलाड़ी है और शानदार फुटबॉल खेल रहा है। लेकिन स्पेन की टीम सिर्फ यमल पर निर्भर नहीं है, उसके पास कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं। हम फाइनल में अपना पूरा दम लगाएंगे और उन्हें कड़ी टक्कर देंगे।” उन्होंने आगे कहा, “यमल अभी सिर्फ 19 साल का है। उसका पूरा करियर उसके सामने है और उसके पास इतिहास बनाने का शानदार मौका है। लेकिन हमारी टीम भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी।”

दिलचस्प बात यह है कि साल 2007 के उस मशहूर फोटोशूट में शामिल होने का मौका यमल के परिवार को एक लकी ड्रॉ के जरिए मिला था। उनकी मां ने बार्सिलोना के पास मटारो इलाके में आयोजित एक रैफल जीती थी, जिसके बाद परिवार इस चैरिटी फोटोशूट का हिस्सा बना। उसी फोटोशूट में छोटे से लामिन यमल की मुलाकात लियोनेल मेसी से हुई थी। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही बच्चा आगे चलकर बार्सिलोना का स्टार बनेगा और एक दिन फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में मेसी के सामने मैदान पर उतरता नजर आएगा।

₹1 लाख का लोन लेकर शुरू किया काम, अब सालाना ₹8 लाख की कमाई! मिलिए छत्तीसगढ़ की ‘लखपति दीदी’ दिलमति से

Chhattisgarh Lakhpati Didi Dilmati Success Story: पारंपरिक खेती से जैसे-तैसे गुजारा करने से लेकर आज सालाना ₹8 लाख तक की कमाई करने तक, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले की दिलमति की कहानी देश के ग्रामीण इलाकों में आ रहे बड़े बदलाव की मिसाल है। दिलमति ने एक सफल सुअर पालन व्यवसाय खड़ा करके न केवल अपने परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकाला, बल्कि वे छत्तीसगढ़ की ‘लखपति दीदी’ बनकर उभरी हैं।

उनकी इस सफलता ने उनके गांव के कई अन्य परिवारों को भी इस बिजनेस से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है। आइए जानते हैं दिलमति के संघर्ष और उनकी कामयाबी की पूरी कहानी।

कौन हैं लखपति दीदी दिलमति?

दिलमति छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बलरामपुर जिले के लादुवा गांव की रहने वाली हैं। वे स्थानीय ‘मां दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह’ (SHG) की एक सक्रिय सदस्य हैं। कुछ साल पहले तक दिलमति का परिवार पूरी तरह से पारंपरिक खेती पर निर्भर था। सीमित आय के कारण उन्हें घर चलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।दिलमति की जिंदगी में यू-टर्न तब आया जब वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। यहां उन्हें सरकार द्वारा समर्थित आजीविका के अवसरों और योजनाओं के बारे में जानकारी मिली।

₹1 लाख के लोन से ऐसे खड़ा किया साम्राज्य

समूह के अधिकारियों और जानकारों से प्रोत्साहन मिलने के बाद दिलमति ने एक साहसिक कदम उठाया। दिलमति ने स्वयं सहायता समूह (SHG) के जरिए ₹1 लाख का लोन लिया। इस रकम से उन्होंने सुअर पालन का काम शुरू करने के लिए पड़ोसी राज्य झारखंड से 10 सुअर खरीदे।

धीरे-धीरे उनका यह बिजनेस मुनाफे में बदल गया। उनके फार्म में प्रत्येक मादा सुअर 9 से 10 बच्चों (पिगलेट्स) को जन्म देती है, और एक-एक बच्चा बाजार में करीब ₹5,000 में बिकता है। आज के समय में दिलमति के पास 9 मादा सुअर हैं, जिससे उनकी सालाना आमदनी ₹7 लाख से ₹8 लाख के बीच हो जाती है।

कमाई से तैयार किए कमाई के नए साधन

दिलमति केवल सुअर पालन तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने इस बिजनेस से होने वाली कमाई को समझदारी से दूसरी जगहों पर री-इन्वेस्ट किया:

  1. उन्होंने सुअरों के रहने के लिए एक पक्का और आधुनिक शेड बनवाया है।
  2. खेती को आसान बनाने के लिए धान और मक्का की थ्रेशिंग (मिसाई) मशीनें खरीदीं।
  3. अपनी खेती में ड्रिप इरिगेशन तकनीक को अपनाया और बड़े पैमाने पर जैविक सब्जियों की खेती शुरू की।
  4. इन सब अलग-अलग जरियों से अब उनके परिवार के पास कमाई के कई माध्यम तैयार हो चुके हैं।

गांव की महिलाओं के लिए बनीं रोल मॉडल, प्रशासन भी करेगा मदद

दिलमति की इस बड़ी सफलता ने लादुवा गांव की तस्वीर बदल दी है। दिलमति की कामयाबी को देखकर गांव के करीब 10 से 15 अन्य परिवारों ने भी सुअर पालन को अपनी आजीविका के रूप में अपना लिया है। दिलमति खुद अब दूसरी महिलाओं को नियमित बचत करने, समूहों से जुड़ने और लोन लेकर अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करती हैं।

दिलमति की इस उपलब्धि को देखते हुए बलरामपुर जिला प्रशासन अब इस तरह की आजीविका पहलों को बड़े पैमाने पर विस्तार देने की योजना बना रहा है। बलरामपुर के कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मुताबिक, प्रशासन अब एक ‘गोट क्लस्टर प्रोजेक्ट’ तैयार कर रहा है। इसके तहत और भी अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए उन्नत नस्ल की बकरियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

लॉटरी टिकट और लियोनेल मेसी के साथ एक फोटोशूट ने कैसे बदल दी लामिन यमाल की तकदीर?

“जिस बच्चे को कभी खुद लियोनेल मेसी ने अपने हाथों से नहलाया था, आज वही बच्चा मैदान पर मेसी के साम्राज्य को चुनौती देने के लिए तैयार है। यह कहानी सिर्फ फुटबॉल की नहीं है,यह कहानी है गरीबी की मार, माता-पिता के आंसुओं, वफादारी के एक अनोखे वादे और उस किस्मत की… जिसने 5 महीने के एक नवजात को दुनिया का अगला सुपरस्टार चुन लिया था।”

फुटबॉल की दुनिया में जब कोई खिलाड़ी मैदान पर उतरता है, तो वह सिर्फ अपनी टीम के लिए नहीं, बल्कि अपने अतीत, अपने संघर्षों और अपने माता-पिता के आंसुओं के बदले के लिए दौड़ रहा होता है। स्पेन के 19 वर्षीय सनसनी लामिन यमाल (Lamine Yamal) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। आज दुनिया उनके पैरों का जादू देख रही है, लेकिन इस जादू के पीछे छुपा है एक बेहद भावुक कर देने वाला अतीत।

माता-पिता का संघर्ष और नाम के पीछे का 'रहस्य'

यमाल का जन्म एक बेहद गरीब परिवार में हुआ था। उनके पिता मुनीर नसराउई मोरक्को के रहने वाले हैं और मां शीला एबाना इक्वेटोरियल गिनी की हैं। दोनों बचपन में ही गरीबी के कारण स्पेन के कैटालोनिया में आकर बस गए थे।

यमाल का पूरा नाम ‘लामिन यमाल नसराउई एबाना’ है। दिलचस्प बात यह है कि खेल की दुनिया में वह जिस 'यमाल' नाम का उपयोग करते हैं, वह उनका सरनेम (उपनाम) नहीं, बल्कि उनके नाम का ही हिस्सा है।

नाम के पीछे की भावुक कहानी: स्पैनिश मीडिया के अनुसार, जब यमाल के पिता पाई-पाई के लिए मोहताज थे, तब उनके दो दोस्तों ने उनकी आर्थिक मदद की थी। पिता ने उस तंगी के दिनों में आभार व्यक्त करने के लिए वादा किया था कि वे अपने बेटे का नाम उन दोस्तों के नाम पर रखेंगे।

  • अरबी भाषा में ‘लामिन’ का अर्थ होता है- ‘ईमानदार या भरोसेमंद’।
  • ‘यमाल’ (जमाल) का अर्थ होता है- ‘सुंदरता या लालित्य’।

अपनी जड़ों को नहीं भूले: क्या है '3-0-4' का राज?

यमाल का बचपन बार्सिलोना के एक ऐसे इलाके में बीता जिसे प्रवासियों का गढ़ और 'वर्किंग क्लास' (कामकाजी वर्ग) का इलाका माना जाता है—रोकाफोंडा। यहाँ कदम-कदम पर अभाव थे, लेकिन सपने बड़े थे।

“आज जब यमाल मैदान पर गोल करते हैं, तो अपनी उंगलियों से ‘3-0-4’ का इशारा करते हैं। यह कोई स्टाइलिश पोज़ नहीं है, बल्कि रोकाफोंडा इलाके का पोस्टकोड (08304) है। यमाल दुनिया को बताना चाहते हैं कि वे चाहे जितने बड़े स्टार बन जाएं, अपनी झुग्गी-झोपड़ी और अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलेंगे।”

यमाल अपने माता-पिता के बलिदानों को याद करते हुए भावुक हो जाते हैं। वे कहते हैं, “बेहद कम संसाधनों के बावजूद मेरे माता-पिता ने जिस तरह मुझे फुटबॉल खेलने में मदद की, उसका कर्ज मैं जीवन में कभी नहीं चुका पाऊंगा।”

जब 5 महीने के यमाल से टकराई किस्मत: मेसी के साथ वो जादुई मुलाकात

फुटबॉल इतिहास में कुछ संयोग ऐसे होते हैं जिन पर यकीन करना मुश्किल होता है। एक तरफ सर्वकालिक महानतम फुटबॉलर लियोनेल मेसी हैं और दूसरी तरफ बार्सिलोना के राइट विंग पर उनके उत्तराधिकारी के रूप में उभर रहे लामिन यमाल। आगामी बड़े मुकाबले में जब दोनों टीमें आमने-सामने होंगी, तो इतिहास रचेगा। लेकिन इनका रिश्ता आज का नहीं, बल्कि दो दशक पुराना है।

साल 2007 में, जब मेसी महज 20 साल के थे और बार्सिलोना की टीम में अपनी जगह बना रहे थे, तब लामिन यमाल सिर्फ 5 महीने के एक मासूम बच्चे थे।

  • कैसे हुई मुलाकात? यमाल के माता-पिता ने कैटलन अखबार ‘स्पोर्ट’ और अंतर्राष्ट्रीय संस्था ‘यूनिसेफ’ द्वारा आयोजित एक लॉटरी (रैफल) जीती थी। इनाम यह था कि विजेता के बच्चे का फोटोशूट बार्सिलोना के किसी सीनियर खिलाड़ी के साथ होगा।
  • किस्मत का खेल: भाग्यवश, उस दिन लामिन यमाल के परिवार की जोड़ी लियोनेल मेसी के साथ बनी। यह फोटोशूट कैंप नोउ स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में हुआ।

फोटोग्राफर का खुलासा: शर्मीले मेसी और खुशमिजाज यमाल

उस ऐतिहासिक तस्वीर को खींचने वाले फोटोग्राफर जोन मोनफोर्ट बताते हैं कि मेसी स्वभाव से बेहद शर्मीले और अंतर्मुखी थे। जब उनके सामने अचानक एक छोटा बच्चा लाया गया, तो वह काफी असहज हो गए थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि बच्चे को कैसे संभालें। लेकिन यमाल एक खुशमिजाज बच्चा था और जल्द ही मेसी ने भी उसे गोद में ले लिया।

खुद फोटोग्राफर को भी 2024 तक यह नहीं पता था कि वह बच्चा लामिन यमाल था! इस राज से पर्दा तब उठा जब यमाल के पिता ने इंस्टाग्राम पर उस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा—

“दो दिग्गजों की शुरुआत” (The beginning of two legends).

आज लामिन यमाल का इतनी कम उम्र में विश्व स्तर पर चमकना और मेसी का इस उम्र में भी शीर्ष पर बने रहना, फुटबॉल के दो अलग-अलग युगों का मिलन है। यमाल की यह कहानी साबित करती है कि अगर आपके पास प्रतिभा है और माता-पिता का आशीर्वाद, तो किस्मत भी आपके सामने घुटने टेक देती है। रोकाफोंडा की गलियों से निकलकर ग्लोबल आइकॉन बनने का यमाल का यह सफर आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

Yes Bank Q1 Results: यस बैंक का मुनाफा 33% उछला, निफ्टी बैंक में वापसी के बाद चमके नतीजे! जानें हर एक डिटेल

Yes Bank Q1 FY27 Financial Results: यस बैंक ने आज, 18 जुलाई को FY27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून तिमाही में यस बैंक के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 33.5% की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। साथ ही बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई में भी तगड़ा उछाल आया है।

हालांकि, तिमाही आधार पर बैंक के प्रोविजंस यानी लोन डूबने की आशंका में रखी रकम में 100% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। आइए आपको बताते हैं यस बैंक के पहली तिमाही के नतीजों की हर एक बड़ी बात।

मुनाफा 33.5% बढ़ा, नेट इंटरेस्ट इनकम में भी उछाल

यस बैंक के लिए मुनाफे और कोर इनकम के मोर्चे पर यह तिमाही बेहतर साबित हुई है। जून तिमाही में यस बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.5% बढ़कर ₹1,070 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा कम था। यह प्रदर्शन सीएनबीसी-टीवी18 के पोल के अनुमान (₹1,100 करोड़) के बिल्कुल करीब रहा है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम सालाना आधार पर 17.5% की ग्रोथ के साथ ₹2,786.3 करोड़ रही है।

तिमाही आधार पर दोगुने से ज्यादा बढ़े प्रोविजंस

नतीजों में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला आंकड़ा प्रोविजंस का रहा है। मार्च तिमाही के मुकाबले जून तिमाही में यस बैंक का प्रोविजन 100% से भी ज्यादा बढ़कर ₹394 करोड़ पर पहुंच गया है। मार्च तिमाही में यह आंकड़ा महज ₹187 करोड़ था। प्रोविजंस का बढ़ना यह दिखाता है कि बैंक ने संभावित खराब लोन से निपटने के लिए सुरक्षित फंड की राशि को बढ़ाया है।

एसेट क्वालिटी रही पूरी तरह स्थिर, नहीं बढ़ा एनपीए

प्रोविजंस बढ़ने के बावजूद बैंक की एसेट क्वालिटी पिछली तिमाही के स्तर पर ही पूरी तरह टिकी हुई है। ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही के समान ही 1.3% पर स्थिर रहा। हालांकि वैल्यू के हिसाब से यह मार्च के ₹3,604 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹3,704 करोड़ रहा है। नेट एनपीए भी बिना किसी बदलाव के 0.2% पर बरकरार रहा। वैल्यू के मामले में यह पिछली तिमाही के ₹653 करोड़ के मुकाबले ₹677 करोड़ रहा है।

लोन और डिपॉजिट का कैसा रहा हाल?

यस बैंक के लोन ग्रोथ नेट एडवांस में सालाना आधार पर 18.4% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई है और यह ₹2.85 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। मार्च तिमाही के मुकाबले भी यह 4.3% बढ़ा है। बैंक के कुल डिपॉजिट में सालाना आधार पर 14.3% की बढ़त हुई है और यह ₹3.15 लाख करोड़ रहा। हालांकि, तिमाही आधार पर मार्च के मुकाबले डिपॉजिट में 1.1% की मामूली गिरावट देखी गई है।

निफ्टी बैंक में वापसी के बाद शेयरों की स्थिति

शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन नतीजों से ठीक पहले यस बैंक का शेयर 0.9% की मामूली गिरावट के साथ ₹23.53 पर बंद हुआ था। इस साल की शुरुआत से बात करें तो यस बैंक के शेयर ने निवेशकों को करीब 10% का रिटर्न दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि हाल ही में इंडेक्स रिशफल के दौरान यस बैंक को दोबारा निफ्टी बैंक इंडेक्स में शामिल कर लिया गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा इस स्टॉक पर बढ़ा है।

PNB Q1 Results: पंजाब नेशनल बैंक का मुनाफा 3 गुना से ज्यादा उछला, टैक्स में भारी कटौती से चमके नतीजे, पढ़ें हर एक डिटेल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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Punjab National Bank FY27 Q1 Results: सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। सालाना आधार पर बैंक के कोर पैरामीटर्स भले ही थोड़े सुस्त नजर आ रहे हैं, लेकिन बैंक के नेट प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।

टैक्स खर्चों में आई भारी कमी ने पीएनबी के मुनाफे को तगड़ा बूस्ट दिया है, जिससे बैंक का मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 3 गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि पहली तिमाही में पीएनबी का प्रदर्शन कैसा रहा और निवेशकों के लिए इस रिजल्ट में क्या खास है।

नेट प्रॉफिट में बंपर उछाल, टैक्स में राहत ने बदली बाजी

PNB के लिए जून तिमाही मुनाफे के लिहाज से शानदार साबित हुई है:

मुनाफे में बड़ी छलांग: जून तिमाही में पीएनबी का नेट प्रॉफिट उछलकर ₹5,253 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही (Q1) में बैंक का मुनाफा केवल ₹1,675 करोड़ था।

टैक्स खर्च में भारी गिरावट: बैंक के मुनाफे में इस रिकॉर्ड तेजी की सबसे बड़ी वजह टैक्स देनदारी का कम होना है। जून तिमाही में पीएनबी का टैक्स खर्च घटकर ₹1,725 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹5,083 करोड़ था।

ब्याज से कमाई 6 तिमाहियों के उच्चतम स्तर पर

अगर बैंक के मुख्य कामकाज यानी ब्याज से होने वाली कमाई की बात करें तो सालाना आधार पर पीएनबी की शुद्ध ब्याज आय 2.1% बढ़कर ₹10,798 करोड़ रही। हालांकि सालाना ग्रोथ मामूली है, लेकिन यह आंकड़ा पिछले 6 तिमाहियों में बैंक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है।

एसेट क्वालिटी में सुधार: डूबा हुआ पैसा यानी NPA घटा

बैंक की एसेट क्वालिटी यानी बैड लोन की स्थिति इस तिमाही में काफी स्थिर और बेहतर नजर आई है। बैंक का ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही (मार्च) के 2.95% से घटकर 2.78% पर आ गया है। रुपयों में बात करें तो यह ₹37,124 करोड़ से घटकर ₹35,380 करोड़ रह गया है।

बैंक का नेट एनपीए भी मार्च तिमाही के 0.29% से मामूली सुधरकर 0.28% पर आ गया है। वैल्यू के हिसाब से यह ₹3,609 करोड़ से घटकर ₹3,433 करोड़ बचा है।

बैंक के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि नए खराब लोन की रफ्तार धीमी हुई है। जून तिमाही में नए स्लिपेज ₹2,080 करोड़ रहे, जो मार्च तिमाही के ₹2,758 करोड़ से काफी कम हैं।

हालांकि, लोन डूबने की आशंका में रखी जाने वाली रकम पिछली तिमाही के ₹424 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹541 करोड़ हो गई है।

नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दिखा थोड़ा दबाव

सालाना आधार पर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि फंड की लागत थोड़ी बढ़ी है:

ग्लोबल एनआईएम: यह सालाना आधार पर 2.7% से घटकर 2.5% पर आ गया। हालांकि, मार्च तिमाही (2.47%) के मुकाबले इसमें 3 बेसिस पॉइंट की मामूली बढ़त है।

डोमेस्टिक एनआईएम: घरेलू स्तर पर बैंक का मार्जिन पिछले साल के 2.84% से 20 बेसिस पॉइंट घटकर 2.64% रहा, लेकिन यह भी मार्च के 2.61% से 3 बेसिस पॉइंट बेहतर है।

PNB के शेयरों का क्या है हाल?

नतीजों से ठीक पहले, यानी शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन पंजाब नेशनल बैंक का शेयर एनएसई पर 0.75% की बढ़त के साथ ₹106.01 पर बंद हुआ था। हालांकि, अगर इस साल की शुरुआत से बात करें तो पीएनबी का स्टॉक अब तक करीब 15% टूट चुका है। ऐसे में सोमवार को बाजार खुलने पर इन नतीजों का असर शेयर की चाल पर देखने को मिल सकता है।

Kotak Mahindra Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 26% बढ़कर हुआ ₹4123 करोड़, एसेट क्वालिटी में सुधार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Axis Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 23% बढ़ा, NII में 8% का इजाफा; NPA घटा

प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 7,113.92 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे 5,806.14 करोड़ रुपये से 22.5 प्रतिशत ज्यादा है। बैंक की कुल इनकम 6 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 40,721.05 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 38,321.57 करोड़ रुपये थी।

एक्सिस बैंक ने 18 जुलाई को तिमाही नतीजे जारी किए हैं। बैंक ने शेयर बाजारों को बताया कि जून 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 14,646 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 13,560 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.46 प्रतिशत दर्ज किया गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 11,659.10 करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 11,515.16 करोड़ रुपये था।

एसेट क्वालिटी में सुधार

जून 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो घटकर 1.28 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.57 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.39 प्रतिशत हो गया, जो जून 2025 तिमाही में यह 0.45 प्रतिशत था।

डिपॉजिट और एडवांसेज

जून 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक के कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 13.73 लाख करोड़ रुपये के रहे। नेट एडवांसेज 19 प्रतिशत बढ़कर 12.62 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए। सालाना आधार पर कॉर्पोरेट लोन में 38 प्रतिशत, SME एडवांसेज में 25 प्रतिशत और रिटेल लोन में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बैंक की बैलेंस शीट सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 19,21,966 करोड़ रुपये हो गई।

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Axis Bank शेयर में सोमवार को आ सकती है तेजी

तिमाही नतीजे सामने आने के बाद एक्सिस बैंक के शेयर में सोमवार, 20 जुलाई को तेजी देखने को मिल सकती है। शुक्रवार को BSE पर शेयर 1328.95 रुपये पर बंद हुआ। बैंक का मार्केट कैप 4.13 लाख करोड़ रुपये है। शेयर एक साल में 14 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,418.30 रुपये और एडजस्टेड लो 1,041.30 रुपये है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बम बनवाने वालों को होती थी शिवभक्तों की ‘बम-बम’ से तकलीफ : योगी

Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में कहा कि कांग्रेस व सपा के मुंह से आस्था की बात हास्यास्पद लगती है। इन लोगों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। इन्हें व्यापारी पर बम फेंकने और कट्टा/बम बनाने पर आपत्ति नहीं होती थी, लेकिन हर-हर, बम-बम बोलकर चलने वाले शिवभक्तों पर आपत्ति होती थी। सीएम ने अपना कुर्ता दिखाया और कहा कि इन्हें इस केसरिया रंग से चिढ़ होती थी। यह वही लोग हैं, जिन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा के पंडालों पर रोक लगाई थी। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में मुरादनगर व मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए 868 करोड़ की 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल के बारे में जानकारी ली। सीएम ने कई बच्चों का अन्नप्राशन कराया। 

2017 के पहले शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से हो सकते हैं दंगे, इसे रोका जाए

सीएम ने 2017 में कांवड़ यात्रा की बैठक का जिक्र किया, कहा कि पुराने शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से दंगे हो सकते हैं, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए। यदि कुछ लोग यह यात्रा निकालते हैं तो उन्हें घंट-घड़ियाल, शंख आदि बजाने से रोका जाना चाहिए। मैंने अधिकारियों से इसकी तैयारी के बारे में पूछा तो पता चला कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से निकल जाएगी। मैंने कहा कि यह देवाधिदेव महादेव के प्रति समर्पण रखने वाले शिवभक्तों की यात्रा है। दलित, वंचित, पिछड़ी जाति समेत हर तबके का व्यक्ति भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस यात्रा में जाता है। हम उन्हें सुरक्षा व सुविधा देंगे, कोई प्रतिबंध नहीं होगा। दंगा न होने की गारंटी मैंने ली, क्योंकि सच्चा भक्त कभी अनुशासनहीनता नहीं करता। वह मर्यादा में चलता है क्योंकि समरसता उसके जीवन का हिस्सा है। 

कांवड़ यात्रा की मर्यादा व अनुशासन को बनाए रखना है

सीएम ने कहा कि अब देश के अंदर सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा हरिद्वार से गाजियाबाद तक की निकलती है। देश और विदेश से लोग इसे देखने आते हैं, क्योंकि यह भारत में ही संभव है। आस्था को न समझने वाले राम मंदिर, कांवड़ यात्रा व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक लगाते थे। अब कांवड़ यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है। बहुत शीघ्र फिर से कांवड़ यात्रा आने वाली है। सभी कांवड़ संघों व शिवभक्तों से अपील की कि इस आयोजन की मर्यादा, अनुशासन को बनाए रखना है। किसी विरोधी को अवसर नहीं देना है। प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाएं, सरकार भव्य कांवड़ यात्रा निकालने का प्रबंध कराएगी। अब तो गाजियाबाद से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग भी बन गया है। 

आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं सपाई व कांग्रेसी 

सीएम ने आस्था के सम्मान का जिक्र कर कहा कि दुग्धेश्वर नाथ मंदिर कॉरिडोर, पुरा महादेव में आदियोगी की भव्य प्रतिमा-कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ ही नई अयोध्या, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, मां विंध्यवासिनी धाम आदि पवित्र तीर्थ स्थल फिर से जगमगा रहे हैं। सपा व कांग्रेस वाले आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं। 

10 साल पहले गाजियाबाद में होता था गैंगवार, अब सुशासन यहां की पहचान 

सीएम ने कहा कि गाजियाबाद अपनी खुद की पहचान रखने वाला, भगवान दुग्धेश्वर नाथ का पावन जनपद है। हस्तशिल्प के लिए जगविख्यात गाजियाबाद की स्थिति एक दशक पहले क्या थी। यह दिल्ली का प्रवेश द्वार था, लेकिन इसका नाम लेने से लोग भयभीत होते थे। यहां आने का साहस नहीं करते थे। गंदगी पहचान थी और यहां की गुंडागर्दी पर फिल्में बनती थीं। 10 वर्ष पहले यहां की अराजकता, गुंडागर्दी और गैंगवार को आपने देखा है परंतु अब गाजियाबाद सुशासन के मॉडल के तहत पहचान बना रहा है। अब गाजियाबाद पर फिल्में नहीं बनतीं, बल्कि यहां हरिनंदीपुरम कॉलोनी आती है। अब स्वच्छता रैंकिंग में भी गाजियाबाद का स्थान होता है। 

सीएम ने गाजियाबाद में किए विकास कार्यों को गिनाया

सीएम ने कहा कि जिस दूरी को तय करने में घंटों लगते थे, आज मात्र कुछ मिनट में वह दूरी तय होती है। गाजियाबाद में बेहतरीन सड़कें हैं। नगर निगम ने साफ-सफाई की शानदार व्यवस्था की है। दिल्ली-मेरठ के बीच पहली रैपिड रेल चल रही है। यह प्रस्ताव मेरे मुख्यमंत्री बनने से पहले से चल रहा था, लेकिन सपा सरकार ने नकार दिया था कि हमें रैपिड रेल नहीं चाहिए। बतौर मुख्यमंत्री मैंने पूछा कि पिछली सरकारों ने क्या निर्णय किया है तो पता चला कि उन्होंने इस पर नकारात्मक रूप से लिखा है। मैंने इसकी आवश्यकता पर जोर दिया तो अधिकारियों ने बताया कि इसमें 32 हजार करोड़ रुपये लगेगा और इसमें राज्य व केंद्र सरकार बराबर पैसा देगी। सब सशंकित थे, लेकिन मैंने कहा कि राज्य सरकार पैसा देगी। आज लगता है कि 2017 में निर्णय लेकर हमने अच्छा किया। मेरठ से दिल्ली की तीन घंटे की दूरी अब 40 मिनट में तय हो रही है। मोदीनगर व मुरादनगर की दूरी और भी कम हुई है। 

एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहा गाजियाबाद

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 12 वर्ष में देश को सुशासन का मॉडल दिया है। जब कानून का राज होता है, तब सुशासन आता है। कानून के राज के लिए अपराध व अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति कारगर होती है। जहां सुरक्षा होगी, वहां सुशासन आएगा, जहां सुशासन होगा, वहां समृद्धि आएगी, जहां समृद्धि आएगी, वहां विकास, निवेश, रोजगार का सृजन होगा, जिससे नौजवानों के हाथों को काम मिलेगा। गाजियाबाद एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में भूमिका का निर्वाह कर रहा है। 

2017 के पहले शासन करने वालों के यहां देर रात तक सजती थी मंडली

सीएम ने कहा कि जब आपने अच्छे जनप्रतिनिधियों को चुना तो परिणाम सामने है। आज की नई योजनाएं यहां की गति को और बढ़ाएगी। सीएम ने कहा कि 2017 के पहले शासन करने वाले लोग 12 बजे सोकर उठते थे। 2 बजे तैयार होते थे, खाने-पीने के बाद उनके जिम जाने का समय हो जाता था। वहां से आते ही उनकी मंडली देर रात तक सजी रहती थी। तब प्रदेश में दंगा, कर्फ्यू लगता था। सरकार की नीति-नीयत न होने से निवेश और रोजगार नहीं आ पाता था। 

कांग्रेस सरकार में 85 पैसे पर पड़ती थी डकैती, हम उस पैसे को विकास में लगाते हैं 

सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि 100 में से 15 पैसा ही नीचे पहुंचता था। सीएम ने कहा कि शेष 85 पैसा वही था, जिसे जनता ने टैक्स के रूप में दिया था। इससे छात्रवृत्ति, पेंशन, गरीबों का मकान, स्वास्थ्य बीमा कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती थी। यह लोग यदि उस पैसे को जमीन पर उतारते तो हाईवे, मेट्रो, एयरपोर्ट बन सकता था, लेकिन धऱातल पर उतरने से पहले ही कांग्रेस व सपा के लोग इस 85 पैसे पर डकैती डालते थे, जिससे गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। 

एनसीआर बता रहा है कि कैसे होता है विकास

सीएम ने कहा कि एनसीआर बता रहा है कि विकास कैसे होता है। पहली रैपिड रेल, 12 लेन का एक्सप्रेसवे चल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को जल्द ही मेरठ से हरिद्वार के बीच जोड़ा जाएगा। गाजियाबाद वालों को अब हिंडन में ही वायुसेवा प्राप्त है। ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरलवे का निर्माण हो चुका है। पीएम मोदी ने यूपी के पांचवें (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर) का लोकार्पण किया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भी पहचान दिला रहा है। विकास की यह कड़ी भावी पीढ़ी के लिए ग्रोथ इंजन के रूप में नई पहचान बनने जा रही है। यहां से कुछ दूरी पर यमुना अथॉरिटी में फिल्म सिटी, अपरैल पार्क, ट्वाय पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक सिटी के निर्माण कर युवाओं के लिए रोजगार लेकर आ रहे हैं। 

 

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, महापौर सुनीता दयाल, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, संजीव शर्मा, डॉ. मंजू शिवाच, धर्मेश सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल आदि मौजूद रहे। 

आदर्श राजनेता थे स्व. राजपाल त्यागी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति जब जनता की सेवा का माध्यम बनती है तो राजनेता को लोकप्रियता के चरम पर पहुंचाती है। राजपाल त्यागी जनता के दिल में स्थान बनाने वाले राजनेता थे। आदर्श राजनेता स्व. राजपाल त्यागी छह बार (दो बार निर्दल) विधायक रहे। वे दो बार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व दो बार कैबिनेट मंत्री रहे। यह उनकी लोकप्रियता व जनता के मन में उनके प्रति अगाध प्रेम को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि माता-पिता की साधना और त्याग पुत्रों के कार्यों में झलकती है। तपस्या, साधना, लोककल्याण के प्रति समर्पण के भाव का परिणाम है कि अजीत पाल लगातार विधायक बनकर पिता के कार्यों को निरंतरता प्रदान कर रहे हैं। जनता का उत्साह उनके प्रेम और सेवा को प्रस्तुत कर रहा है। विधायक अजीत पाल त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया।

Bank Holiday Alert: क्या 17 जुलाई को देश भर में बंद रहेंगे बैंक? घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI की हॉलिडे लिस्ट

Bank Holiday Today on 17 July 2026: अगर आप कल यानी 17 जुलाई को बैंक ब्रांच जाकर पैसे जमा करने, चेक क्लियर कराने या लोन से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, 17 जुलाई को देश के एक खास राज्य में बैंकों की छुट्टी घोषित की गई है।

ऐसे में ग्राहकों को किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए यह जान लेना जरूरी है कि उनके शहर या राज्य में बैंक खुले हैं या बंद। आइए जानते हैं कि कल कहां बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से काम होगा।

17 जुलाई को किस राज्य में बंद रहेंगे बैंक और क्यों?

आरबीआई (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आज 17 जुलाई को मेघालय राज्य में बैंकों के लिए अवकाश घोषित किया गया है.

छुट्टी का कारण: मेघालय में स्वतंत्रता सेनानी ‘यू तिरोत सिंग’ की पुण्यतिथि मनाई जाती है।

कौन-से बैंक रहेंगे बंद: मेघालय में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), एचडीएफसी (HDFC), आईसीआईसीआई (ICICI) और एक्सिस बैंक सहित सभी सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की शाखाएं आज बंद रहेंगी।

कौन थे यू तिरोत सिंग?

यू तिरोत सिंग 19वीं सदी की शुरुआत में मेघालय की खासी पहाड़ियों (Khasi Hills) के एक आदिवासी राजा और देश के वीर स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया था।

क्या आपके शहर में खुले हैं बैंक?

अगर आप मेघालय को छोड़ दें, तो देश के अन्य सभी राज्यों और प्रमुख शहरों जैसे- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ आदि में आज बैंक पूरी तरह से खुले हैं और वहां सामान्य दिनों की तरह कामकाज हो रहा है। इसलिए बाकी राज्यों के ग्राहकों को परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

आज यानी 16 जुलाई, गुरुवार को ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर जैसे राज्यों में रथ यात्रा और हरेला त्योहार के चलते बैंकों में छुट्टी थी, लेकिन आज वहां भी बैंक खुल चुके हैं।

ब्रांच बंद होने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही मेघालय में आज बैंक शाखाएं बंद हैं, लेकिन ग्राहकों की सहूलियत के लिए सभी वैकल्पिक और डिजिटल बैंकिंग चैनल 24 घंटे काम कर रहे हैं। इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग ऐप्स के जरिए फंड ट्रांसफर हमेशा की तरह चालू रहेगा। आप UPI और ATM का इस्तेमाल कर सकते हैं। चेक क्लीयरेंस, डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाना, नया खाता खोलना या लॉकर से जुड़े काम जो सिर्फ ब्रांच जाकर होते हैं, वे अगले कार्यदिवस पर ही संभव हो पाएंगे।

जिसे Messi ने गोद में नहलाया, अब उसी से होगी FIFA World Cup Final की जंग! जानिए 19 साल पुरानी तस्वीर की कहानी

किस्मत कभी-कभी ऐसी कहानियां लिख देती है, जिन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। लगभग 19 साल पहले Lionel Messi ने एक चैरिटी फोटोशूट के दौरान एक मासूम बच्चे को गोद में उठाकर नहलाया था। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा होगा कि वही बच्चा एक दिन FIFA World Cup Final में Messi की टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा होगा।

 

अब 39 वर्षीय Lionel Messi और 19 वर्षीय Lamine Yamal विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर आमने-सामने होंगे। एक तरफ इतिहास रचने वाला महान खिलाड़ी, दूसरी तरफ भविष्य का सबसे चमकता सितारा।


 

कैसे हुई Messi और Lamine Yamal की पहली मुलाकात?

 

यह कहानी दिसंबर 2007 की है। उस समय Messi केवल 20 साल के थे और Barcelona की पहली टीम में अपनी जगह मजबूत कर रहे थे। दूसरी ओर Lamine Yama* महज पांच-छह महीने के थे।

 

दरअसल, स्पेन के अखबार Diario Sport और UNICEF ने एक चैरिटी अभियान चलाया था। इसमें कैटालोनिया के परिवारों के लिए एक रैफल (लॉटरी) आयोजित की गई थी। विजेता परिवारों को Barcelona के खिलाड़ियों के साथ अपने बच्चों का फोटोशूट कराने का मौका मिलता था।

 

किस्मत ने Lamine Yamal के परिवार का नाम चुना और Camp Nou के ड्रेसिंग रूम में उनकी मुलाकात Lionel Messi से कराई गई। फोटोशूट के दौरान Messi ने छोटे से Yamal को प्लास्टिक के बेबी बाथटब में गोद में उठाकर नहलाया। यही तस्वीर बाद में 2008 के चैरिटी कैलेंडर का हिस्सा बनी।

 

सालों तक गुम रहीं तस्वीरें, फिर ऐसे हुईं वायरल

 

यह तस्वीरें कई वर्षों तक लोगों की नजरों से दूर रहीं। 2024 में जब Lamine Yamal ने Spain को Euro Cup जिताने में अहम भूमिका निभाई, तब उनके पिता ने Instagram पर पुरानी तस्वीर साझा की और कैप्शन लिखा—”The beginning of two legends.”

 

इसके बाद तस्वीरें पूरी दुनिया में वायरल हो गईं। कई लोगों को लगा कि ये AI या एडिटिंग का कमाल है, लेकिन UNICEF ने खुद पुष्टि की कि तस्वीरें पूरी तरह असली हैं। संगठन ने बताया कि ये फोटो उनके फंडरेजिंग अभियान के दौरान ली गई थीं और फोटोग्राफर Joan Monfort ने इन्हें कैमरे में कैद किया था।

 

फोटोग्राफर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा
 

इन तस्वीरों को खींचने वाले फोटोग्राफर Joan Monfort ने बताया कि Messi उस समय बेहद शर्मीले स्वभाव के थे। जब उन्हें अचानक एक छोटे बच्चे को गोद में लेकर फोटोशूट करने के लिए कहा गया तो शुरुआत में उन्हें समझ ही नहीं आया कि बच्चे को कैसे संभालें।

 

हालांकि कुछ ही देर में उन्होंने खुद को सहज कर लिया और पूरे फोटोशूट को बेहद प्रोफेशनल तरीके से पूरा किया। Monfort के मुताबिक, उस समय किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यही बच्चा आगे चलकर विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा युवा सितारा बनेगा।

 

Barcelona से World Cup Final तक का सफर

 

Messi ने Barcelona को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और क्लब की नंबर-10 जर्सी को दुनिया भर में पहचान दिलाई। उनके क्लब छोड़ने के कुछ साल बाद Lamine Yamal ने Barcelona की पहली टीम में जगह बनाई और आज वही नंबर-10 जर्सी पहन रहे हैं।

 

दिलचस्प बात यह भी है कि Lamine Yamal अपने आइडल Neymar Jr. को मानते हैं, लेकिन वह कई बार कह चुके हैं कि Lionel Messi उनके अनुसार फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ी हैं।

 

अब World Cup Final में होगी सबसे खास टक्कर

 

अब कहानी वहीं लौट आई है जहां से इसकी शुरुआत हुई थी। जिस बच्चे को कभी Messi ने अपनी बाहों में उठाया था, वही अब World Cup Final में Argentina के सपनों के सामने सबसे बड़ी दीवार बनकर खड़ा है।

 

एक ओर Messi लगातार दूसरा World Cup जीतकर अपने सुनहरे करियर को यादगार विदाई देना चाहेंगे, वहीं दूसरी ओर Lamine Yamal बेहद कम उम्र में विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा खिताब जीतकर नई पीढ़ी के सुपरस्टार के रूप में अपनी पहचान पक्की करना चाहेंगे।

 

यह मुकाबला सिर्फ Argentina और Spain के बीच नहीं होगा, बल्कि एक युग से दूसरे युग तक की विरासत का भी प्रतीक बनेगा। शायद इसी वजह से 19 साल पुरानी वह तस्वीर आज दुनिया की सबसे चर्चित फुटबॉल तस्वीरों में शामिल हो चुकी है।

लेंथ ऑफ क्रेडिट हिस्ट्री आपके क्रेडिट स्कोर को कैसे प्रभावित करती है?

आपका क्रेडिट स्कोर तय करने में क्रेडिट का पुराना रिकॉर्ड बहुत बड़ा रोल निभाता है. ऐसे में ये समझना कि लेंथ ऑफ क्रेडिट हिस्ट्री आपके स्कोर पर कैसे असर डालती है, आपके पैसे से जुड़े फैसलों को बेहतर करने और अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखने में मदद कर सकता है.  

क्रेडिट हिस्ट्री में आपके अब तक लिए गए सभी लोन शामिल होते हैं. आपका सबसे पुराना क्रेडिट अकाउंट कितना पुराना है, ये इसमें बड़ा फैक्टर है और आपके स्कोर को प्रभावित करता है. लेंथ ऑफ क्रेडिट हिस्ट्री यानी आपके अलग-अलग क्रेडिट अकाउंट्स का एवरेज पीरियड, जो उनके शुरू होने की डेट से कैलकुलेट किया जाता है.

क्रेडिट हिस्ट्री क्या होती है?

क्रेडिट हिस्ट्री आपके सारे लोन या क्रेडिट का रिकॉर्ड है. इसमें आपके क्रेडिट कार्ड्स, लोन और बाकी डेट की जानकारी होती है. ये रिकॉर्ड दिखाता है कि आप क्रेडिट को कितनी जिम्मेदारी से हैंडल करते हैं, जैसे कि आपका कर्ज कितना है और आप पेमेंट्स कितनी जल्दी करते हैं. आपका क्रेडिट स्कोर, जो ये बताता है कि आप क्रेडिट के लिए कितने भरोसेमंद हैं, इसी हिस्ट्री से बनता है.

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क्रेडिट का पुराना रिकॉर्ड: क्यों है ये जरूरी?

क्रेडिट का पुराना रिकॉर्ड आपके क्रेडिट स्कोर को तय करने में एक अहम हिस्सा है. ये आपके क्रेडिट अकाउंट्स के टोटल पीरियड को दिखाता है. आमतौर पर, पुराना क्रेडिट रिकॉर्ड आपके स्कोर के लिए अच्छा होता है. आइए समझते हैं क्यों:

  • क्रेडिट मैनेज करने की स्किल दिखाता है: क्रेडिट का पुराना रिकॉर्ड लेंडर्स को बताता है कि आप क्रेडिट को कितनी अच्छी तरह मैनेज करते हैं. ये आपके लंबे वक्त की फाइनेंशियल हैबिट्स की पूरी तस्वीर देता है. अगर आपने लंबे समय तक क्रेडिट को अच्छे से हैंडल किया है, तो नए लेंडर्स के लिए ये अच्छा सिग्नल है.
  • हाई क्रेडिट स्कोर बनाने में मदद: क्रेडिट का पुराना रिकॉर्ड ज्यादा डेटा देता है, जो आपके क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाता है. क्रेडिट स्कोर मॉडल्स इस पुराने डेटा की मदद से आपकी क्रेडि वर्थिनेस को और सही तरीके से जज करते हैं.

शॉर्ट क्रेडिट हिस्ट्री के नुकसान

  • कम जानकारी: अगर आपका क्रेडिट रिकॉर्ड पुराना नहीं है, तो स्कोरिंग मॉडल्स के पास जज करने के लिए कम डेटा होता है. इससे आपका क्रेडिट स्कोर नीचे जा सकता है, क्योंकि मॉडल्स को आपकी क्रेडिटवर्थिनेस समझने के लिए पर्याप्त जानकारी नहीं मिलती.
  • ज्यादा रिस्क: क्रेडिट हिस्ट्री आपकी फाइनेंशियल आदतों को दिखाती है. कम पुराने रिकॉर्ड वाले लोगों को लेंडर्स ज्यादा रिस्की मान सकते हैं. इससे क्रेडिट या अच्छे इंटरेस्ट रेट्स पाना मुश्किल हो सकता है.
  • ज्यादा इंटरेस्ट रेट: अगर आपका क्रेडिट रिकॉर्ड ज्यादा पुराना नहीं है, तो लेंडर्स आपको हाई रिस्क बॉरोअर मान सकते हैं. इससे आपको ज्यादा इंटरेस्ट रेट्स, कम क्रेडिट लिमिट या कम अच्छे टर्म्स वाले क्रेडिट प्रोडक्ट्स मिल सकते हैं.

मजबूत क्रेडिट हिस्ट्री: कैसे बनाएं रखें?

  • जल्दी शुरू करें: क्रेडिट हिस्ट्री बनाने की शुरुआत जल्द से जल्द करें. छोटा सा क्रेडिट कार्ड या आसान लोन लेकर भी आप क्रेडिट रिकॉर्ड बिल्ड करना शुरू कर सकते हैं.
  • बिल्स में देरी न करें: अपने बिल्स हमेशा टाइम पर पे करें. लेट पेमेंट्स आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
  • पुराने अकाउंट्स चालू रखें: अगर आपके पास पुराने क्रेडिट कार्ड्स हैं, तो उन्हें एक्टिव रखना अच्छा है. पुराने अकाउंट्स बंद करने से आपकी लेंथ ऑफ क्रेडिट हिस्ट्री कम हो सकती है और स्कोर पर असर पड़ सकता है. लेकिन, इनके मेंटेनेंस कॉस्ट को चेक करें. जैसे, अगर आपके पास लाइफटाइम फ्री क्रेडिट कार्ड है, तो इसे चालू रखने में कोई हर्ज नहीं.
  • क्रेडिट का समझदारी से यूज करें: क्रेडिट का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें. सारे क्रेडिट कार्ड्स को एक साथ यूज करने से बचें, क्योंकि इससे आपका क्रेडिट यूसेज परसेंटेज कम हो सकता है. अपनी क्रेडिट लिमिट का थोड़ा सा हिस्सा ही यूज करें.
  • क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते रहें: अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को रेगुलर चेक करें और उसमें कोई गलती न हो, ये इंश्योर करें. फ्रॉड या गलत जानकारी आपके क्रेडिट स्कोर और रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचा सकती है. मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर आप फ्री क्रेडिट रिपोर्ट चेक कर सकते हैं.

पुराना और डिटेल्ड क्रेडिट रिकॉर्ड क्यों जरूरी?

पुराना और डिटेल्ड क्रेडिट रिकॉर्ड आपकी फाइनेंशियल रिलायबिलिटी की सही तस्वीर दिखाता है. ये सिर्फ पुराना रिकॉर्ड रखने की बात नहीं, बल्कि इसका संबंध लगातार और जिम्मेदारी से क्रेडिट यूज करने से है. लेंडर्स को ऐसा रिकॉर्ड पसंद आता है, जो दिखाए कि आप लंबे वक्त तक क्रेडिट को अच्छे से मैनेज कर सकते हैं.

लेंथ ऑफ क्रेडिट हिस्ट्री आपके क्रेडिट स्कोर को तय करने में अहम रोल निभाती है. क्रेडिट का पुराना रिकॉर्ड और जिम्मेदारी से क्रेडिट मैनेज करने का ट्रैक आपके स्कोर को बेहतर करता है, जबकि कम पुराना रिकॉर्ड स्कोर को नीचे ला सकता है.  क्रेडिट रिकॉर्ड के महत्व को समझकर और इसे बिल्ड व मेंटेन करने के तरीके अपनाकर आप अपनी क्रेडिटवर्थिनेस को बढ़ा सकते हैं और बेहतर फाइनेंशियल रिजल्ट्स पा सकते हैं. मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर आप फ्री में क्रेडिट स्कोर और डिटेल्ड क्रेडिट रिपोर्ट चेक कर सकते हैं, तो अपने क्रेडिट प्रोफाइल पर नजर रखना न भूलें.