Waterways Leisure IPO : वॉटरवेज लेजर के IPO में रेड फ्लैग्स की भरमार, जानिए क्या इसमें लगाना चाहिए पैसा

Waterways Leisure IPO : वॉटरवेज लेजर (Waterways Leisure) के IPO में निवेश का आज आखिरी दिन है। 2 दिन के सब्सक्रिप्शन पर नजर डालें तो यह आईपीओ कुल 51 फीसदी भरा है। इसमें रिटेल का हिस्सा 2.34 गुना और NIIs का हिस्सा 32 फीसदी भरा है। जबकि, QIBs इससे नदारद हैं। ऐसे में क्या आपको इस IPO में पैसा लगाना चाहिए, क्या है इस कंपनी से जुड़ी दिक्कतें? ये बता रहे हैं CNBC-आवाज के मैनेजिंग एडिटर,अनुज सिंघल।

अनुज सिंघल ने कहा कि उन्होंने कई आईपीओ देखे हैं। लेकिन इससे ज्यादा रेड फ्लैग्स बहुत कम आईपीओ में दिखे हैं। मतलब यह है कि यह एक ऐसा आईपीओ है जिसमें रेड फ्लैग्स की भरमार है। सबसे बड़ा रेड फ्लैग यह है कि आईपीओ आते-आते इसमें सिर्फ बैंकर रह गया जो पहले तीन थे। यानी कंपनी ने जब आईपीओ के लिए डीआरएचपी फाइल किया था तब तीन मर्चेंट बैंकर थे और आईपीओ आते-आते एक मर्चेंट बैंकर रह गया है। सेबी का रूल है अगर प्रॉफिटेबिलिटी में बहुत ज्यादा वोलैटिलिटी हो तो आईपीओ का सिर्फ 10% हिस्सा रिटेल के लिए होता है। ऐसे में इस आईपीओ का सिर्फ 10% हिस्सा रिटेल के लिए है और इसके लिए रिटेल के ओवर सब्सक्रिप्शन के कोई मायने नहीं है। यह एक बहुत छोटा सा हिस्सा है। अगर इसका ओवर सब्सक्रिप्शन हो गया तो भी क्या फर्क पड़ता है ? ईमानदारी से बोलें तो इस आईपीओ में फंसने का रिस्क है।

अब तक के सब्सक्रिप्शन पर नजर डालें तो यह आईपी अभी तक कुल 51% ही भरा। जिसमें से रिटेल हिस्सा 2.34 गुना भरा है। एनआरआई, एनआईआई का हिस्सा 32 फीसदी भरा है। अब तक क्यूआईबी निवेश जीरो है। हो सकता है आखिरी दिन में यह हिस्सा भर जाए लेकिन क्यूआईबी और एचएनआई साफ तौर पर इस आईपीओ से दूरी बनाए हुए हैं।

इसके अलावा कई और कारण हैं जिनकी वजह से यह आईपीओ अच्छा नहीं लग रहा है। इसमें ओनरशिप में बदलाव हुआ है। पहले इसका नाम जेल क्रूज वगैरह कुछ था। बाद में सिर्फ ब्रांड बेचा गया। शिप मर्चेंट शिप ब्रांड अलग से बेचा गया। शिप अलग से बेचा गया। ऐसी बहुत सी चीजें हुई। किस लेवल पर यह डील हुई उसके मुकाबले किस लेवल पर आईपीओ आ रहा है। यह सब तो एक अलग ही कहानी है। वह अगर आप एक डीआरएचपी पढ़ेंगे तो आपको समझ में आएगा।

एक और निगेटिव बात यह है कि हमारे यहां भारत में क्रूज का कल्चर नहीं है। देश में क्रूज कंपनियों की ग्रोथ की संभावना बहुत कमजोर है। कंपनी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 2% गिरा था। एबिटडा तो 46% गिरकर 117 करोड़ पर आ गया था। 85% ऑक्यूपेंसी और 12,000 के एवरेज रेवेन्यू पर भी मार्जिन काफी खराब रहा था। EV/EBITDA 51x का है,जो बड़े होटल्स से 3 गुना महंगा है। साथ ही इनके क्रूज खुद के नहीं हैं,लीज पर लिए गए हैं। कंपनी को अगले 2-3 साल में कंपनी को 1524 करोड़ रुपए +GST का लीज रेंटल देना है। उसमें से कंपनी 480 करोड़ रुपए IPO से लगाने की बात कह रही है। यह भी ध्यान में रखें कि दुनिया में क्रूज कंपनियां बहुत कम मार्जिन बनाती हैं। ऐसे में इस आईपीओ से पूरी तरह से दूर रहने की सलाह होगी।

 

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Liotech IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, हर लॉट पर ₹30740 स्वाहा, ₹321 के शेयरों ने दिया शॉक

Liotech IPO Listing: दरवाजे के हैंडल और स्टॉपर्स जैसे प्रोडक्ट्स बेचने वाली लियोटेक इंडस्ट्रीज के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर यह ओवरऑल 1.91 गुना भरा था। आईपीओ के तहत ₹321 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹257.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि उनकी 19.94% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹244.15 (Liotech Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 23.94% घाटे में हैं। चूंकि लॉट साइज 400 शेयरों का था तो हर लॉट पर निवेशकों को ₹30740 का घाटा हुआ है।

Liotech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

लियोटेक इंडस्ट्रीज का ₹36 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-19 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.85 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 2.97 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹29 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.22 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹8.00 करोड़ मशीनरी की खरीदारी, ₹4.95 करोड़ लोन चुकाने, ₹7.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Liotech के बारे में

वर्ष 2020 में बनी लियोटेक इंडस्ट्रीज हार्डवेयर स्ट्रक्चर्स और एक्सेसरीज बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स में डोर किट्स, हिंग्स, गेट हुक्स, एल्ड्रॉप, लॉक्स, हैंडल्स, टावर बोल्ट्स और शेल्फ बॉटम्स हैं। यह डोर स्टॉपर्स, मैग्नेट्स, टेबल ब्रेकेट्स, बेड लिफ्टर्स और बेल मैग्नेट्स भी बेचती है। यह बी2बी मॉडल पर काम करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात के राजकोट में है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹35 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.93 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹4.16 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 118% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹40.69 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹5.49 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹51.79 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹4.81 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹12.93 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO This Week: इस हफ्ते इन 5 आईपीओ में पैसा लगाने का मौका, जानिए इन इश्यू की हर जरूरी बात

IPO This Week:आईपीओ के लिहाज से यह हफ्ता व्यस्तता वाला है। कुल 5 छोटे-बड़े आईपीओ इस हफ्ते खुल रहे हैं। कुछ खुल गए हैं तो कुछ खुलने वाले हैं। अगर आप इनमें निवेश का प्लान बना रहे हैं तो मनीकंट्रोल आपके लिए इन आईपीओ से जुड़ी हर जरूरी जानकारी पेश कर रहा है।

Advit Jewels Ltd

यह आईपीओ 23 जून को खुल गया है। इसमें 25 जून तक निवेश किया जा सकता है। कंपनी ने शेयर के लिए 130-138 रुपये का प्राइस बैंड किया है। इनवेस्टर्स को कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 100 शेयरों का है। कंपनी इस इश्यू में 1.2 करोड़ नए शेयर इश्यू करेगी। इस इश्यू में अप्लाई करने के लिए कम से कम 13,800 रुपये की जरूरत पड़ेगी।

2. Waterways Leisure Tourism

यह आईपीओ भी 23 जून को खुल चुका है। इसमें 25 जून तक निवश किया जा सकता है। कंपनी ने शेयर के लिए 769-808 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट 18 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर अप्लाई करने के लिए कम से कम 14,544 रुपये की जरूरत पड़ेगी।

3. Aastha Spintex

यह इश्यू 24 जून को खुलने जा रहा है। इसमें 1 जुलाई तक अप्लाई किया जा सकता है। कंपनी ने प्रति शेयर 136 रुपये कीमत तय की है। एक लॉट 110 शेयरों का है। इस इश्यू में अप्लाई करने के लिए कम से कम 14,960 रुपये की जरूरत पड़ेगी। कंपनी इस इश्यू में 1.25 करोड़ शेयर इश्यू करेगी। कंपनी के शेयर 6 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे।

4. CSM Technologies

सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ 24 जून यानी बुधवार को खुल रहा है। कंपनी इस इश्यू के तहत 146 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। वह करीब 1.29 करोड़ शेयर जारी करेगी। आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, कारोबार के विस्तार और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 107-113 रुपये तय किया है। इस आईपीओ में 29 जून तक निवेश किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: CSM Technologies IPO: 24 जून को खुल रहा सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ, क्या निवेश करना चाहिए?

5. Crazy Snacks

यह आईपीओ 25 जून को खुलेगा। इसमें 30 जून तक अप्लाई किया जा सकता है। कंपनी ने प्रति शेयर कीमत 42 रुपये तय की है। एक लॉट 3,000 शेयरों का है। लॉट साइज ज्यादा होने से इस आईपीओ में अप्लाई करने के लिए कम से कम 1,26,000 रुपये की जरूरत पड़ेगी। कंपनी के शेयर 3 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो सकते हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

CSM Technologies IPO: 24 जून को खुल रहा सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ, क्या निवेश करना चाहिए?

CSM Technologies IPO: सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ 24 जून यानी बुधवार को खुल रहा है। कंपनी इस इश्यू के तहत 146 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। वह करीब 1.29 करोड़ शेयर जारी करेगी। आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, कारोबार के विस्तार और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी।

ई-गवर्नेंस, सिस्टम इंटिग्रेशन में विशेषज्ञता

CSM Technologies एक प्रमुख GovTech और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी है। इसे सरकार के डिपार्टमेंट्स, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स और एंटरप्राइजेज को टेक्नोलॉजी एनेबल्ड सॉल्यूशंस ऑफर करने का 27 साल से ज्यादा का अनुभव है। इसे ई-गवर्नेंस, सिस्टम इंटिग्रेशन, अप्लिकेशन डेवलपमेंट, क्लाउड सॉल्यूशंस, एनालिटिक्स और एआई में विशेषज्ञता हासिल है।

आईपीओ में 29 जून तक लगाई जा सकती है बोली

कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 107-113 रुपये तय किया है। इस आईपीओ में 29 जून तक निवेश किया जा सकता है। इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। इसका मतलब है कि कंपनी इश्यू में सिर्फ नए शेयर इनवेस्टर्स को इश्यू करेगी।

1998 में हुई थी कंपनी की शुरुआत

सीएसएम टेक्नोलॉजी की शुरुआत 1998 में हुई थी। इसका मुख्यालय भुवनेश्वर है। बीते सालों में खुद को सॉफ्टवेयर सर्विसेज प्रोवाइडर से एंड-टू-एंड टेक्नोलॉलीज सॉल्यूशंस पार्टनर के रूप में बदला है। आईपीओ में शेयर के अपर प्राइस बैंड पर FY25 के अर्निंग्स के मुकाबले कीमत 41.6 गुनी है। यह ज्यादा नहीं है, क्योंकि कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड और फाइनेंशियल मीट्रिक्स बेहतर रहे हैं।

आनंदराठी ने दी बोली लगाने की सलाह

ब्रोकरेज फर्म आनंदराठी ने इस आईपीओ को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। कंपनी ने इश्यू में 50 फीसदी शेयर क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा है। 15 फीसदी शेयर नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व होंगे। बाकी 35 फीसदी शेयर रिटेल इनवेस्टर्स के लिए होंगे।

कम से कम 14,916 रुपये से अप्लाई करना होगा

इनवेस्टर्स को इश्यू में कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 132 शेयरों का है। इसका मतलब है कि शेयर के अपर प्राइस बैंड पर अप्लाई करने के लिए रिटेल इनवेस्टर्स को कम से कम 14,916 रुपये की बोली लगानी होगी।

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आईटी कंपनियों को लेकर मार्केट सेंटिमेंट कमजोर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब आईटी शेयरों पर बिकवाली का दबाव है। खासकर भारतीय आईटी कंपनियों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल का असर पड़ा है। 23 जून को भी शेयर बाजार में गिरावट में आईटी कंपनियों में बिकवाली का बड़ा हाथ रहा। करीब सभी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव दिखा।

Upcoming IPO: पैसे रखें तैयार! इस हफ्ते खुलेंगे 6 आईपीओ, मेनबोर्ड से होंगे 3 इश्यू

Upcoming IPO: कुछ समय की सुस्ती के बाद IPO बाजार अगले हफ्ते रफ्तार पकड़ने वाला है। 23 से 29 जून के बीच निवेशकों के पास कई नए IPO में निवेश का मौका होगा। इस दौरान मेनबोर्ड और SME दोनों सेगमेंट में नए इश्यू खुलेंगे। वहीं, कुछ पहले से खुले IPO में भी निवेश जारी रहेगा। इसके अलावा कई कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्टिंग भी होने वाली है।

मेनबोर्ड के तीन IPO पर रहेगी नजर

Waterways Leisure Tourism IPO: यह अगले हफ्ते का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। कंपनी 585 करोड़ रुपये जुटाने के लिए पूरी तरह फ्रेश इश्यू ला रही है। यह IPO 23 जून को खुलेगा और 25 जून को बंद होगा। कंपनी ने 769-808 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। शेयरों की लिस्टिंग 1 जुलाई को हो सकती है।

Advit Jewels IPO: ज्वेलरी सेक्टर की Advit Jewels भी 23 जून को IPO लेकर आ रही है। कंपनी करीब 165 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। IPO 25 जून तक खुला रहेगा। इसका प्राइस बैंड 130-138 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। कंपनी के शेयर 1 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

CSM Technologies IPO: टेक्नोलॉजी सेक्टर की CSM Technologies तीसरी मेनबोर्ड कंपनी होगी। कंपनी करीब 146 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। IPO 24 जून को खुलेगा और 29 जून को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड 107-113 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। शेयरों की लिस्टिंग 2 जुलाई को प्रस्तावित है।

SME IPO भी रहेंगे चर्चा में

SME सेगमेंट में भी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। Jivial Industries का IPO 23 जून को खुलेगा। इसमें फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों शामिल हैं। कंपनी BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगी।

टेक्सटाइल सेक्टर की Shreedhar Spinners भी 23 जून को IPO लॉन्च करेगी। कंपनी करीब 31 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसका प्राइस बैंड 51-53 रुपये प्रति शेयर रखा गया है।

Dhanwel Hybrid Seeds का IPO 24 जून को खुलेगा और 29 जून को बंद होगा। कंपनी करीब 27 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसका प्राइस बैंड 95-99 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।

पहले से खुले IPO में भी निवेश का मौका

इस हफ्ते खुले कुछ IPO अगले हफ्ते भी निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेंगे। इनमें सबसे बड़ा नाम Turtlemint Fintech Solutions का है। कंपनी फ्रेश इश्यू और OFS के जरिए करीब 883 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। यह IPO 19 जून को खुला था और 23 जून को बंद होगा।

SME सेगमेंट में Avience Biomedicals और Riyaasat Lifestyle के IPO में 22 जून तक निवेश किया जा सकेगा। वहीं Anubhav Plast का IPO 23 जून तक खुला रहेगा।

अगले हफ्ते 6 कंपनियों की लिस्टिंग

IPO के साथ-साथ अगले हफ्ते लिस्टिंग कैलेंडर भी व्यस्त रहेगा। 24 जून को Clay Craft, Diksha Polymers, Leapfrog Engineering और Liotech Industries के शेयर SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।

इसके बाद 25 जून को Avience Biomedicals और Riyaasat Lifestyle के शेयर बाजार में डेब्यू करेंगे।

Stocks to Watch: सोमवार 22 जून को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: सोमवार 22 जून को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार, 22 जून के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रह सकती है। कुछ कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिले हैं, कुछ ने डिविडेंड और रणनीतिक निवेश से जुड़े अहम ऐलान किए हैं। ऐसे में इन शेयरों में सोमवार को बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms ने 19 जून को SEBI के पास IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिए हैं। यह इश्यू 27 करोड़ नए शेयरों का फ्रेश इश्यू होगा।

Bharat Forge

डिफेंस कंपनी Bharat Forge को रक्षा मंत्रालय से ₹425 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी भारतीय नौसेना के कोलकाता-क्लास युद्धपोतों के लिए गैस टर्बाइन जनरेटर (GTG) की सप्लाई करेगी।

Tata Motors CV

टाटा ग्रुप की Tata Motors CV को 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इनमें करीब 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल और पिक-अप, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं।

Knowledge Marine

इंजीनियरिंग कंपनी Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) को Inland Waterways Authority of India (IWAI) से 66.11 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी 20 यात्रियों की क्षमता वाली 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फेरी बनाएगी। ऑर्डर में मैन्युफैक्चरिंग के साथ 5 साल का मेंटेनेंस भी शामिल है।

Nestle India

FMCG कंपनी Nestle India के बोर्ड की बैठक 3 जुलाई को होगी। इस बैठक में कंपनी 2026 के लिए स्पेशल डिविडेंड देने पर विचार करेगी।

Som Distilleries and Breweries

शराब बनाने वाली Som Distilleries and Breweries ने बताया कि मध्य प्रदेश आबकारी विभाग ने भोपाल प्लांट के लिए वित्त वर्ष 2026-27 का लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है।

Kirloskar Oil Engines

इंजन और पावर सॉल्यूशन कंपनी Kirloskar Oil Engines को HyperNext से 192 मेगावाट क्षमता का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह बिजली भारत में AI बेस्ड बड़े डेटा सेंटरों को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल होगी।

RVNL

रेलवे सेक्टर की सरकारी कंपनी RVNL को बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर सरकारी खनन कंपनी NMDC ने दिया है। कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड बनाएगी। इसकी क्षमता 10 मिलियन टन सालाना होगी। यह प्रोजेक्ट NMDC की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि US FDA ने Eugia Steriles Private Ltd यूनिट का निरीक्षण पूरा कर लिया है। निरीक्षण के दौरान पांच ऑब्जर्वेशन जारी किए गए हैं।

Chennai Petroleum Corporation

सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनी Chennai Petroleum Corporation (CPCL) को केंद्र सरकार ने नवरत्न का दर्जा दे दिया है। इससे कंपनी को कारोबारी फैसलों में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

Himadri Speciality Chemical

स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी Himadri Speciality Chemical ने अमेरिका की International Battery Company में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20.47% कर ली है। इसके लिए कंपनी ने अतिरिक्त 6.6 लाख डॉलर का निवेश किया है।

Vikram Solar

सोलर एनर्जी कंपनी Vikram Solar के खिलाफ दायर दिवाला याचिका को NCLT की कोलकाता बेंच ने स्वीकार कर लिया है। यह याचिका Isitva Steels Private Limited ने दायर की थी।

Garden Reach Shipbuilders & Engineers

डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) को केंद्र सरकार से नवरत्न का दर्जा मिला है। इसे कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

Goodluck India

स्टील और डिफेंस उत्पाद बनाने वाली Goodluck India की सहायक कंपनी Goodluck Defence and Aerospace को करीब ₹255 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी 155 मिमी लंबी दूरी के खाली गोले सप्लाई करेगी।

Mahindra Lifespace Developers

रियल एस्टेट कंपनी Mahindra Lifespace Developers ने मुंबई के कांदिवली ईस्ट में 15 एकड़ जमीन खरीदी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित वैल्यू करीब ₹5,600 करोड़ है और इसमें लगभग 18 लाख वर्ग फुट डेवलपमेंट की संभावना है।

Power Mech

बिजली कंपनी Power Mech Projects को JSW Thermal Energy से 1,008.90 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी पश्चिम बंगाल के सालबोनी में बन रहे 2×800 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट में सिविल और स्ट्रक्चरल काम करेगी। इस प्रोजेक्ट को 36 महीने में पूरा करना है।

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Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए, यहां जानिए इश्यू के बारे में सबकुछ

Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 जून को सेबी के पास आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर्स फाइल कर दिए। इस आईपीओ का लंबे समय से इंतजार रहा है। रिलायंस इडस्ट्र्रीज की 49वीं एजीएम में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का ऐलान किया।

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ में करीब 27 करोड़ नए शेयर इश्यू करेगी। आईपीओ से आए पैसे में से 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने के लिए करेगी। सेबी के पास फाइल डीआरएचपी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स पर 27,579.20 करोड़ रुपये का कर्ज है।

जियो प्लेटफॉर्म्स कंज्यूमर मोबाइल और फिक्स्ड डिजिटल कनेक्टिविटी सर्विसेज ऑफर करती है। इसमें वायरलेस और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड शामिल हैं। कंपनी कई तरह की डिजिटल सर्विसेज ऑफर करती है, जिसमें एंटरटेनमेंट, क्लाउड गेमिंग, क्लाउड कंप्यूट, क्लाउड पीसी, स्टोरेज और स्मार्ट होम सॉल्यूशंस शामिल हैं।

जियो प्लेटफॉर्म्स एंटरप्राइज-ग्रेड ब्रॉडबैंड और लिज्ड लाइन कनेक्टिविटी भी ऑफर करती है। इसकी सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम का ब्रांड काफी स्ट्रॉन्ग है। यह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम बन गई है। कंपनी के आईपीओ में कोई ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) नहीं होगा। इसका मतलब है कि कंपनी आईपीओ में सिर्फ नए शेयर जारी करेगी।

31 मार्च, 2026 को जियो प्लेटफॉर्म्स की सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम के ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ थी। इसमें 26.85 करोड़ 5जी के ग्राहक और 2.71 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड के कस्टमर्स शामिल हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स ने खुद को ‘टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म’ बताया है। कंपनी में 11,000 एंप्लॉयीज है। इसने 6,817 पेटेंट्स के लिए अप्लाई किया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 फीसदी हिस्सेदारी है। इसमें मेटा की 9.99 फीसदी, गूगल की 7.73 फीसदी, सऊदी अरबिया वेल्थ फंड्स की 2.31 फीसदी, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स की 2.31 फीसदी, सिल्वर लेक की 1.88 फीसदी, मुबादला की 1.85 फीसदी, जीए सिंगापुर की 1.34 फीसदी, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी की 1.16 फीसदी और टीपीजी कैपिटल की 0.93 फीसदी हिस्सेदारी है।

Jio Platforms का आएगा मेगा आईपीओ, कंपनी आज सेबी के पास डीआरएचपी फाइल करेगी

रिलायंस इंडस्ट्रीज चेयरमैन एवं एमडी मुकेश अंबानी ने 19 जून को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने आरआईएल की 49वी एजीएम में कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स (DRHP) को मंजूरी दे दी है। इसे आज यानी 19 जून को सेबी के पास फाइल कर दिया जाएगा।

आकाश, ईशा और अनंत जियो प्रोसेस को आगे बढ़ा रहे

अंबानी ने 19 जून को RIL के एजीएम को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने शेयर्ड ग्रोथ यानी साझा विकास के धीरूभाई अंबानी की विरासत को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा, “आकाश, ईशा और अनंत जियो के आईपीओ के प्रोसेस को आगे बढ़ा रहे हैं। इससे भविष्य में अगली पीढी की वैल्यू क्रिएशन के मौके बनेंगे।”

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जियो ने वॉयसेज को ग्राहकों के लिए फ्री किया

अंबानी ने कहा कि 10 साल पहले जियो ने भारत में डिजिटल असमानता खत्म करने के मकसद के साथ शुरुआत की थी। तब वॉयसेज बहुत महंगे थे। डेटा के लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ती थी और स्पीड और क्वाविलीट काफी खराब थी। जियो ने वॉयस को फ्री कर दिया। हाई स्पीड डेटा को सस्ता बना दिया।

जियो प्लेटफॉर्म्स अगली पीढ़ी के मिशन की तैयारी में

आरआईएल के चेयरमैन ने कहा कि जियो ने जियो ने हर भारतीय के लिए डिजिटल लाइफ को मुमकिन बनाया है। अब कंपनी अगली पीढी के बड़े मिशन की तैयारी कर रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का काफी समय से इंतजार हो रहा था। 19 जून को यह इंतजार खत्म हो गया।

जियो प्लेटफॉर्म्स देश का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ देश के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा। इस मेगा आईपीओ को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिल सकता है। रायटर्स ने इस साल जनवरी में कहा था कि यह आईपीओ 4 अरब डॉलर का हो सकता है। इसका मतलब है कि यह 36,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का होगा। इस तरह यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।

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NSE IPO: दमानी, मुंजाल, गोपालकृष्णन की जेब में आ सकते हैं करोड़ों रुपये, यहां देखें शेयरहोल्डर्स की पूरी लिस्ट

एनएसई के आईपीओ से कई शेयरहोल्डर्स को मोटी कमाई हो सकती है। इनमें कई दिग्गज इनवेस्टर्स और बड़े उद्योगपति शामिल हैं। इनमें डीमार्ट के प्रमोटर राधाकिशन दमानी, हीरो ग्रुप के फाउंडर सुनील कांत मुंजाल, इंफोसिस के को-फाउंडर एस गोपालकृष्णन, डीमार्ट के पूर्व सीईओ और एमडी ग्नाटियस नविल नोरोन्हा और दिग्गज इनवेस्टर डॉली खन्ना शामिल हैं।

अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई के शेयर की कीमत 2000 रुपये से ऊपर चल रही है। दमानी की एनएसई में 1.58 फीसदी हिस्सेदारी है। इसकी वैल्यू करीब 7,817 करोड़ रुपये है। इसका मतलब है कि एनएसई के शेयर बेचने से उन्हें बड़ा मुनाफा होगा। उन्होंने ये शेयर किस भाव पर लिए थे, यह जानकारी एनएसई के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में नहीं है।

सुनील कांत मुंजाल की एनएसई में करीब 0.41 फीसदी हिस्सेदारी है। उनके पास एनएसई के 1.02 करोड़ शेयर हैं। इन शेयरों की वैल्यू करीब 2,040 करोड़ रुपये है। गोपालकृष्णन के पास एनएसई के 94.29 लाख शेयर हैं। इनकी वैल्यू 1,886 करोड़ रुपये है। नोरोन्हा के पास एनएसई के 30 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 600 करोड़ रुपये है।

डॉली खन्ना के पास एनएसई के 15.17 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 303 करोड़ रुपये है। सिद्धार्थ बालाचंद्रन की एनएसई में करीब 0.38 फीसदी हिस्सेदारी है, जिनकी वैल्यू 1,863 करोड़ रुपये है। दिग्गज इनवेस्टर वनाजा सुंदर अय्यर के पास 44 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 880 करोड़ रुपये है।

एनएसई के शेयर रखने वाले निवेशकों की लिस्ट काफी बड़ी है। ऐसे एक दर्जन से ज्यादा इनवेस्टर्स हैं, जिनकी एनएसई में 0.05 से 0.30 फीसदी तक हिस्सेदारी है। इनकी वैल्यू 140 करोड़ रुपये से 300 करोड़ रुपये के बीच है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन निवेशकों की हिस्सेदारी की फाइनल वैल्यूएशन का पता आईपीओ में शेयर का प्राइस बैंड तय होने के बाद चलेगा। लेकिन, सेबी के पास फाइल डीआरएचपी से यह संकेत मिलता है कि इन शेयरों को काफी कम कीमत पर खरीदा गया था।

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की एनएसई में सबसे ज्यादा 10.7 फीसदी हिस्सेदारी है। उसके पास एनएसएई के 26.5 करोड़ शेयर हैं। इसकी कीमत 50,641 करोड़ रुपये है। एनएसई ने सेबी के पास डीआरएचपी 17 जून को फाइल कर दिया। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा।

ओएफएस का मतलब है कि इस आईपीओ में एनएसई इनवेस्टर्स को नए शेयर एलॉट नहीं करेगी। शेयरहोल्डर्स एक्सचेंज के करीब 6 फीसदी शेयर बेचेंगे। करीब 30,000 करोड़ रुपये का एनएसई का आईपीओ भारत का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर के नाम है। उसने 2024 में 27,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।