अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात लगातार चौथे दिन ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इसके साथ ही ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी भी शुरू कर दी है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए की जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हम मंगलवार रात भी हमला करेंगे, उसके अगले दिन भी करेंगे। अगले हफ्ते ईरान के बिजलीघर और पुल भी निशाने पर होंगे। अगर समझौता नहीं किया, तो वहां कुछ नहीं बचेगा।” ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर जमीनी सैन्य अभियान भी चलाया जा सकता है, हालांकि इसके लिए सहयोगी देशों की मदद ली जा सकती है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स IRGC का व्यापारिक जहाजों पर हमला: ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो व्यापारिक जहाजों पर हमला किया। इसमें 1 भारतीय शख्स की मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हुए। जहाज पर कुल 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। भारत ने ईरानी राजदूत को तलब किया: भारत ने होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ मिशन) को तलब कर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया। समंदर में भारत से जुड़े 11 जहाज फंसे: विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत से जुड़े 11 जहाज और 148 भारतीय नाविक फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। ये सभी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। ट्रम्प ने होर्मुज में 20% टैक्स का फैसला वापस लिया: ट्रम्प ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20% टैक्स लगाने का अपना फैसला वापस ले लिया। उन्होंने मिडिल ईस्ट के नेताओं के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया। होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सबसे कम: होर्मुज स्ट्रेट मंगलवार को सिर्फ 4 जहाज गुजरे। 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद यह सबसे कम शिपिंग ट्रैफिक है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात लगातार चौथे दिन ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इसके साथ ही ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी भी शुरू कर दी है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए की जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हम मंगलवार रात भी हमला करेंगे, उसके अगले दिन भी करेंगे। अगले हफ्ते ईरान के बिजलीघर और पुल भी निशाने पर होंगे। अगर समझौता नहीं किया, तो वहां कुछ नहीं बचेगा।” ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर जमीनी सैन्य अभियान भी चलाया जा सकता है, हालांकि इसके लिए सहयोगी देशों की मदद ली जा सकती है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स IRGC का व्यापारिक जहाजों पर हमला: ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो व्यापारिक जहाजों पर हमला किया। इसमें 1 भारतीय शख्स की मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हुए। जहाज पर कुल 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। भारत ने ईरानी राजदूत को तलब किया: भारत ने होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ मिशन) को तलब कर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया। समंदर में भारत से जुड़े 11 जहाज फंसे: विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत से जुड़े 11 जहाज और 148 भारतीय नाविक फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। ये सभी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। ट्रम्प ने होर्मुज में 20% टैक्स का फैसला वापस लिया: ट्रम्प ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20% टैक्स लगाने का अपना फैसला वापस ले लिया। उन्होंने मिडिल ईस्ट के नेताओं के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया। होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सबसे कम: होर्मुज स्ट्रेट मंगलवार को सिर्फ 4 जहाज गुजरे। 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद यह सबसे कम शिपिंग ट्रैफिक है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
US-Iran War News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान और खाड़ी क्षेत्र को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना की वजह से वैश्विक तेल आपूर्ति रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान को छोड़कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी देशों के लिए खुला रहेगा। जबकि ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर पूरी नाकाबंदी लागू की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। जबकि 10 अन्य घायल हो गए। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार सुबह ईरान दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया और इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के दौरान ‘ए अल बहियाह’ और ‘एमटी मोम्बासा’ नाम के दो पोत पर हुए हमलों को लेकर बेहद चिंतित है।
टैरिफ वाले बयान से पीछे हटे
डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले माल पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की अपनी योजना से एक दिन बाद ही पीछे हटते हुए कहा कि इसके बजाय पश्चिम एशियाई देश अमेरिका के साथ निवेश और व्यापार समझौते करेंगे।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा. “पश्चिम एशिया के नेताओं के साथ अत्यंत सकारात्मक बातचीत के आधार पर मैंने 20 प्रतिशत अमेरिकी प्रतिपूर्ति शुल्क को उन व्यापार और निवेश समझौतों से बदलने का फैसला किया है। उन्हें विभिन्न खाड़ी देश अमेरिका में करेंगे।”
राष्ट्रपति ने कहा कि ये निवेश बहुत बड़े पैमाने पर होंगे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये उन नई प्रतिबद्धताओं से अलग होंगे या नहीं, जिनकी घोषणा ट्रंप ने पिछले साल पश्चिम एशिया यात्रा के बाद की थी।
ईरान का हिंसक दौर अब खत्म होगा?
ट्रंप ने दुनिया को भरोसा दिलाते हुए संकल्प लिया है कि अमेरिका, ईरान को कभी भी परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने दावा किया है कि इन कड़े कदमों के बाद अब क्षेत्र में ईरान का हिंसक और आक्रामक दौर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।
होर्मुज में हमले में एक भारतीय की मौत
भारत ने कमर्शियल पोत ‘एमटी अल बहिया’ और ‘एमटी मोम्बासा’ पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। उन पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। भारत ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता लाने के लिए हिंसा को तुरंत रोकने और बातचीत व कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपनी अपील दोहराई।
संयुक्त अरब अमीरात के दो तेल टैंकरों पर हमले अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुए। ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद शुरू हुए संघर्ष में पश्चिम एशिया में 14 भारतीयों की मौत हो चुकी है।
विदेश मंत्रालय ने मारे गए भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय मिशन हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। साथ ही प्रभावित भारतीय नाविकों को हर संभव मदद दिलाने के लिए खाड़ी देश के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं।
Nitin Gadkari VIDEO: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह भविष्य में ऐसी बस लाने जा रहे हैं, जो हवा में उड़ेगी। जी हां, उन्होंने कहा कि देश में बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए आधुनिक परिवहन तकनीकों को अपनाना जरूरी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि वह जल्द ही हवा में उड़ने वाली बस लेकर आएंगे।
उन्होंने कहा कि जैसे वह पानी में उतरने वाला हवाई जहाज लेकर आए थे, वैसे ही जो भी वादा करेंगे, उसे पूरा करके दिखाएंगे। नितिन गडकरी ने कहा, “अब मैं ऐसी बस लाने जा रहा हूं जो हवा में उड़ती हुई चलेगी।” उनका यह बयान भविष्य की एरियल पब्लिक ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी की ओर इशारा माना जा रहा है। उनका इशारा रोपवे आधारित सार्वजनिक परिवहन, स्काई बस, पॉड टैक्सी और अन्य एरियल मोबिलिटी सिस्टम जैसी परियोजनाओं की ओर माना जा रहा है, जिन पर केंद्र सरकार लंबे समय से काम कर रही है।
ट्रांजिट सिस्टम को बढ़ावा देने की वकालत
केंद्रीय मंत्री लंबे समय से देश में रोपवे, स्काई बस, पॉड टैक्सी और अन्य एरियल ट्रांजिट सिस्टम को बढ़ावा देने की वकालत करते रहे हैं। उनका मानना है कि जमीन के ऊपर चलने वाली सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम कम होगा। साथ ही यात्रा का समय घटेगा और प्रदूषण पर भी कंट्रोल पाया जा सकेगा।
गडकरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को सस्ता, सुरक्षित, तेज और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। इसके लिए नई तकनीकों पर लगातार काम किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने जिस ‘हवा में उड़ने वाली बस’ का जिक्र किया, उसके बारे में अभी कोई डिटेल्स प्लान, प्रोजेक्ट या लॉन्च की तारीख घोषित नहीं की गई है। फिलहाल इसे भविष्य की आधुनिक परिवहन सिस्टम के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है उड़ने वाली बस का मतलब?
गडकरी ने पहले भी कई बार कहा है कि भारत के शहरों में बढ़ते ट्रैफिक को कम करने के लिए जमीन के ऊपर चलने वाली आधुनिक परिवहन सिस्टम विकसित की जाएंगी। इनमें शामिल हैं:-
रोपवे आधारित बस सिस्टम
स्काई बस
पॉड टैक्सी
एरियल इलेक्ट्रिक ट्रांजिट
केबल-कार आधारित शहरी परिवहन
इन सिस्टम में वाहन सड़क पर नहीं बल्कि ऊंचे ट्रैक, केबल या सस्पेंडेड सिस्टम पर चलते हैं। इससे ऐसा लगता है मानो बस हवा में उड़ रही हो।
किन शहरों में हो सकता है प्रयोग?
परिवहन मंत्रालय पहले से कई शहरों में वैकल्पिक एरियल ट्रांजिट सिस्टम की संभावनाएं तलाश रहा है। इनमें शामिल हो सकते हैं: नागपुर, वाराणसी, मुंबई, दिल्ली और देहरादून।
पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान
नितिन गडकरी अक्सर नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए चर्चित बयान देते रहे हैं। वे इलेक्ट्रिक वाहन, हाइड्रोजन ईंधन, फ्लेक्स-फ्यूल, रोपवे और जल परिवहन जैसी परियोजनाओं के बड़े समर्थक माने जाते हैं। हालांकि, उन्होंने जिस ‘हवा में उड़ने वाली बस’ की बात कही, उसके लिए अभी कोई विस्तृत सरकारी परियोजना या लॉन्चिंग डेट घोषित नहीं की गई है।
Now I am going to bring a bus that flies in air: Union transport minister Nitin Gadkari pic.twitter.com/iQ7JZvj2Zn
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) July 14, 2026
Gold silver price: व्यापारियों की ताजा खरीदारी और मजबूत वैश्विक संकेतों के समर्थन से मंगलवार (14 जुलाई) को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। हालांकि बाद के सत्र में सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 4,000 डॉलर प्रति औंस के प्रमुख स्तर से नीचे फिसल गई।
एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी के लिए सोना वायदा ₹1,303 या 0.93% बढ़कर ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया। इस बीच, जुलाई डिलीवरी के लिए चांदी वायदा ₹2,946 या 1.35% चढ़कर ₹2.20 लाख प्रति किलोग्राम हो गई।
बाजार सहभागियों ने इस बढ़त का श्रेय स्थिर हाजिर मांग और घरेलू सर्राफा बाजारों में मजबूती के बीच व्यापारियों द्वारा की गई ताजा पोजीशन को दिया।
भारत में क्यों बढ़ रही हैं सोने-चांदी की कीमतें?
घरेलू सर्राफा कीमतों को स्थानीय खरीदारी और बढ़ी हुई वैश्विक अनिश्चितता के संयोजन से समर्थन मिल रहा है।इससे पहले वैश्विक सत्र में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी जहाजों पर नाकाबंदी बहाल करने के बाद जियोपॉलिटिकल तनाव फिर से उभरने के कारण सुरक्षित-हेवन मांग के कारण सोने के वायदा भाव में तेजी आई थी, जिससे तेल आपूर्ति और मुद्रास्फीति पर चिंता बढ़ गई थी।
हालांकि, बाद में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने सख्त लहजे में कहा कि अगर मुद्रास्फीति ऊंची बनी रहती है तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी और कटौती की भी संभावना है, जिसके बाद सर्राफा ने बढ़त छोड़ दी।
उच्च ब्याज दरें आम तौर पर सोने जैसी गैर-उपज वाली संपत्तियों की अपील को कम कर देती हैं, जबकि मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी पैदावार भी कीमती धातु की कीमतों पर असर डालती है।
इस बीच, सुरक्षित मांग और इसके औद्योगिक उपयोग दोनों के समर्थन से चांदी ने घरेलू व्यापार में सोने से बेहतर प्रदर्शन जारी रखा।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
रिद्धिसिद्धि बुलियंस के प्रबंध निदेशक पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि शॉर्ट टर्म में सोने की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि यह 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर रह सकता है या नहीं। उन्होंने कहा कि लगातार मुद्रास्फीति, जियोपॉलिटिकल रिस्क और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीति पथ पर अनिश्चितता सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक बने हुए हैं। 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे लगातार टूटने से सोना 3,900 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी के 58-63 डॉलर प्रति औंस के व्यापक दायरे में रहने की उम्मीद है।
निवेशक अब आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति डेटा और पश्चिम एशिया में आगे के घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखेंगे। क्योंकि दोनों शॉर्ट टर्म में सोने और चांदी की कीमतों को दिशा देते दिखाई देगें।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Iran-US War Update: भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों की मंगलवार (14 जुलाई) को कड़ी निंदा की। इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार सुबह ईरान दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया और इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के दौरान ‘एमटी अल बहियाह’ और ‘एमटी मोम्बासा’ नाम के दो पोत पर हुए हमलों को लेकर बेहद चिंतित है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “दोनों जहाजों के कुल 46 चालक दल के सदस्यों में से 30 भारतीय नाविक थे। ‘एमटी अल बहियाह’ पर सवार 12 भारतीयों में से एक की मृत्यु हो गई है और एक अन्य घायल हो गया है।” मंत्रालय के अनुसार, “एमटी मोम्बासा पर सवार 18 भारतीयों में से नौ घायल हुए हैं जिनमें से दो के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है।”
मंत्रालय ने कहा कि भारत इन हमलों और नाविकों को निशाना बनाने वाली हिंसा की घटनाओं तथा होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से मुक्त एवं सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालने वाले कृत्यों की कड़ी निंदा करता है। विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम पश्चिम एशियाई क्षेत्र में हमलों के फिर से शुरू होने और तनाव बढ़ने पर अपनी गहरी चिंता भी दोहराते हैं। साथ ही शांति के हित में हिंसा को तुरंत रोकने और बातचीत एवं कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील करते हैं।”
मृतक के परिवार के प्रति जताई संवेदना
विदेश मंत्रालय ने मृतक भारतीय नाविक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है। साथ ही घायल भारतीयों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की गई।
ईरान के राजनयिक को किया तलब
घटना के बाद भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप मिशन प्रमुख (Deputy Chief of Mission) को विदेश मंत्रालय में तलब किया। इस दौरान भारत ने इन हमलों पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। साथ ही स्पष्ट कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रूट्स पर चल रहे कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ऐसे सभी हिंसक हमलों की कड़ी निंदा करता है, जो नाविकों की जान को खतरे में डालते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री रूट्स पर सुरक्षित एवं निर्बाध आवाजाही को बाधित करते हैं।
UAE में भारतीय मिशन लगातार संपर्क में है
विदेश मंत्रालय ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। सरकार प्रभावित भारतीय नाविकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर जताई चिंता
भारत ने पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ती हिंसा और सैन्य तनाव पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से तत्काल हिंसा रोकने और बातचीत तथा कूटनीति के रास्ते पर लौटने की अपील की। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद ही सबसे प्रभावी समाधान है।
कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना गंभीर खतरा
भारत ने अपने बयान में दोहराया कि कमर्शियल जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। सरकार ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।
इस रूट्स पर होने वाले हमले न केवल नाविकों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। बल्कि वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल भारत सरकार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। घायल भारतीयों को सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस मामले को राजनयिक स्तर पर भी मजबूती से उठा रही है।
Share Market Crash: कच्चा तेल की उबाल ने मार्केट को तोड़ दिया। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार जाकर $85 के करीब पहुंचा तो एशियाई बाजारों में कोहराम मच गया। घरेलू मार्केट में भी सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से अधिक फिसल गया तो निफ्टी 24050 पर आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:50 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 478.60 प्वाइंट्स यानी 0.62% की फिसलन के साथ 77,137.80 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 138.70 प्वाइंट्स यानी 0.57% की गिरावट के साथ 24,072.30 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।
Share Market Crash: ये है वजह
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
मार्केट पर अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू हुए सैन्य हमले और ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के ऐलान ने दबाव बनाया हुआ है।
कच्चे तेल में उबाल
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के बीच कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा था, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त थी।
बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी
महंगे तेल ने महंगाई बढ़ने की रफ्तार तेज होने की आशंका बढ़ाई तो अमेरिकी ट्रेडरी यील्ड उछल पड़ा। बेंचमार्क 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 बीपीएस बढ़कर 4.618% हो गई तो 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 बीपीएस बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के अमेरिकी ट्रेजरी पर यील्ड 6.5 बीपीएस बढ़कर 4.273% हो गई।
India VIX में उछाल
मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट पर दबाव बना। फिलहाल यह 3.52% के उछाल के साथ 13.75 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी हाई होने की आशंका है तो इसके कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।
बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव
मार्केट पर आज बैंकिंग शेयरों ने दबाव बनाया हुआ है और इसमें रियल्टी सेक्टर भी साथ दे रहा है। पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक के निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी रियल्टी में डेढ़ फीसदी से अधिक की। दूसरी तरफ मेटल और फार्मा के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है तो निफ्टी आईटी में हल्की ही सही, लेकिन शुरुआती कारोबार में बिकवाली के माहौल में भी यह ग्रीन था।
स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें
Iran-US War: पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है। कुछ दिनों से शांत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फिर से हाहाकार मच गया है। ईरान और अमेरिका में एक बार फिर तन गई है। अमेरिका ने सोमवार रात को फिर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। वहीं अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी बड़ा एक्शन लिया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने सोमवार को दावा किया कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर उड़ रहे अमेरिका के एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है।
ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका
ईरान के सरकारी टीवी नेटवर्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “कुछ मिनट पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है।” ईरान के कई सरकारी मीडिया संस्थानों ने भी इस खबर की जानकारी दी है। हालांकि, इस घटना से जुड़ी ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है। वहीं, अमेरिका की सेना और व्हाइट हाउस की ओर से भी इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
होर्मुज में लगातार बढ़ रहा है तनाव
अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने का यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान के ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों के लिए पैदा हो रहे खतरे को कम करना है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा लागू करने का ऐलान किया है, जो मंगलवार से शुरू होगी। इसके अलावा, उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत फीस लगाने का प्लान बना रही है। इन फैसलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इसका असर दुनिया भर के तेल बाजार पर भी पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।
ईरानी हमले में एक भारतीय की मौत
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मंगलवार को बताया कि ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास ईरानी क्रूज़ मिसाइलों के हमले में यूएई के दो टैंकर क्षतिग्रस्त हो गए। इस हमले में एक भारतीय चालक दल (क्रू) के सदस्य की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए हैं। वहीं, एमक्यू-1 प्रीडेटर अमेरिका का एक मानवरहित विमान (ड्रोन) है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने और सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जाता है। यह एजीएम-114 हेलफायर मिसाइलें दागने में भी सक्षम है। एक एमक्यू-1 ड्रोन की कीमत करीब 40 लाख डॉलर (लगभग 4 मिलियन डॉलर) बताई जाती है, जबकि इसके पूरे ऑपरेशनल सिस्टम की लागत करीब 2 करोड़ डॉलर (लगभग 20 मिलियन डॉलर) होती है।
Asian Market Today: US-ईरान युद्ध के बीच तेल की बढ़ती कीमतों से सेंटिमेंट पर असर पड़ने से मंगलवार को एशियाई बाज़ारों में गिरावट के साथ कारोबार हुआ। नैस्डैक 1.5 फीसदी से ज्यादा फिसला, डाओ और S&P में भी दबाव दिखा। जापान का निक्केई 225 0.58% गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.30% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.46% और हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया। ताइवान का बाजार 2.24 फीसदी गिरकर 44,338.19 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि शंघाई कम्पोजिट 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ फ्लैट कामकाज कर रहा है।
गिफ्ट निफ्टी 24,050 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 168 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए नेगेटिव शुरुआत का संकेत देता है।
वॉल स्ट्रीट
US स्टॉक मार्केट सोमवार को नीचे बंद हुआ क्योंकि मिडिल ईस्ट युद्ध के हालिया बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गईं और रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई।
डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 138.31 पॉइंट्स या 0.26% गिरकर 52,498.70 पर आ गया, जबकि S&P 500 59.92 पॉइंट्स या 0.79% गिरकर 7,515.47 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 408.43 पॉइंट्स या 1.55% गिरकर 25,873.18 पर बंद हुआ।
एनवीडिया के शेयर की कीमत 3.52% गिरी, AMD के शेयर 4.21% गिरे, ब्रॉडकॉम के शेयर 3.98% गिरे, इंटेल के शेयर 6.12% फिसले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.32% गिरे, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.53% बढ़े, मेटा के शेयर 1.86% गिरे, अल्फाबेट के शेयर 1.23% गिरे, टेस्ला के शेयर 3.19% टूटे, और स्पेसएक्स के शेयर 4.24% फिसले।
US-ईरान युद्ध
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ऑफिशियली सांसदों को बताया है कि देश एक बार फिर ईरान के साथ युद्ध में है, और अपने एडमिनिस्ट्रेशन को कांग्रेस की मंज़ूरी के बिना इस इलाके में मिलिट्री इस्तेमाल करने के लिए 60 दिन का समय दिया है। इस बीच, यमन में ईरान सपोर्टेड हूथियों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
बॉन्ड यील्ड
US ट्रेजरी यील्ड रातों-रात तेज़ी से बढ़ी क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों ने US-ईरान के बीच नए तनाव के बाद इन्फ्लेशन की आशंका बढ़ा दी। बेंचमार्क US 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 bps बढ़कर 4.618% हो गई, जबकि 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 bps बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के US ट्रेजरी यील्ड 6.5 bps बढ़कर 4.273% हो गई।
बेंचमार्क जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड दूसरे दिन भी बढ़ी। 10-साल के JGB की यील्ड 1 bp बढ़कर 2.795% हो गई। दो-साल की यील्ड और पांच-साल की यील्ड दोनों स्थिर रहीं।
कच्चे तेल की कीमतें
US-ईरान युद्ध में नए सिरे से बढ़ोतरी के बाद होर्मुज स्ट्रेट से एनर्जी फ्लो को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतें 2% बढ़कर चार हफ्तों में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त है।
आज सोने का रेट
महंगाई को कंट्रोल करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने की बढ़ती संभावना के कारण सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.1% गिरकर $3,996.63 प्रति औंस हो गईं, जबकि चांदी की कीमत 0.3% गिरकर $57.50 प्रति औंस हो गई।
डॉलर
US महंगाई के डेटा से पहले डॉलर स्थिर हुआ। डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो सहित कई करेंसी के मुकाबले डॉलर को मापता है, 101.27 पर फ्लैट था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूरो डॉलर के मुकाबले $1.1383 पर और स्टर्लिंग $1.3347 पर ट्रेड कर रहा था। जापानी येन डॉलर के मुकाबले लगभग फ्लैट 162.40 प्रति डॉलर पर था।
होर्मुज स्ट्रेट में हालिया हमलों में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है। UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक होर्मुज में ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास उसके दो तेल टैंकरों पर ईरान की दो क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया है। मोंबासा और अल बहिया नाम के टैंकरों पर हुए इस हमले में 8 लोग भी घायल हुए हैं। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि सोमवार को ईरान पर लगातार तीसरी रात हवाई हमले किए गए। इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाना और होर्मुज स्ट्रेट में आम नागरिकों और कॉमर्शियल जहाजों पर हमले करने की उसकी क्षमता को कमजोर करना है। साथ ही, CENTCOM ने कहा है कि मंगलवार से अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले समुद्री यातायात की नाकाबंदी फिर शुरू करेगा। जो जहाज इस नाकाबंदी का उल्लंघन नहीं करेंगे, उनके लिए क्षेत्रीय समुद्री मार्गों पर आवाजाही जारी रहेगी। CENTCOM ने अमेरिकी नाकेबंदी का यह फाइल फुटेज भी जारी किया… पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स: ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

