Gold Silver price: नई खरीदारी से चमकी चांदी, MCX पर सोने की कीमतों में गिरावट बरकरार

Gold Silver price: सोमवार (22 जून) को घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड की कीमतों पर दबाव बना रहा, जबकि सिल्वर में उतार-चढ़ाव रहा। क्योंकि इन्वेस्टर्स US मॉनेटरी पॉलिसी के संकेतों, डॉलर की मज़बूती और वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट पर नज़र रखे हुए थे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, गोल्ड अगस्त फ्यूचर्स 1.41% की गिरावट के साथ ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब ट्रेड हुआ, जबकि सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स 0.92% बढ़कर ₹2.35 लाख प्रति kg हो गया, जो मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नई खरीदारी के बीच था।

मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने कहा कि MCX गोल्ड 21-दिन और 55-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा और एक अहम राइजिंग ट्रेंडलाइन सपोर्ट से भी नीचे फिसल गया, जो शॉर्ट-टर्म ट्रेंड में कमज़ोरी का संकेत है।

उन्होंने कहा, “हाल ही में ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम के ज़रूरी सपोर्ट लेवल से नीचे गिरने से टेक्निकल स्ट्रक्चर और कमज़ोर हो गया है। तुरंत सपोर्ट ₹1,46 लाख प्रति 10 ग्राम के पास है, और इस लेवल से नीचे जाने पर गिरावट ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम तक बढ़ सकती है।”

उन्होंने आगे कहा कि ज़्यादा ट्रेजरी यील्ड और ज़्यादा इंटरेस्ट रेट की उम्मीदों ने सोने जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स की अपील कम कर दी है।

इस बीच, ईरान के स्विट्जरलैंड में यूनाइटेड स्टेट्स के साथ शांति वार्ता में प्रोग्रेस की रिपोर्ट के बाद बुलियन की कीमतों में हल्की रिकवरी की कोशिश हुई। हालांकि, U.S. प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की नई चेतावनियों और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास जारी तनाव ने मार्केट सेंटिमेंट को सतर्क रखा।

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च की कमोडिटी एनालिस्ट कावेरी मोरे ने कहा कि सोमवार (22 जून) के ट्रेड के दौरान उतार-चढ़ाव के बावजूद MCX सिल्वर पर मंदी का दबाव बना रहा। कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, इंडस्ट्री के लोगों ने कहा कि कीमती धातुओं में कस्टमर्स की दिलचस्पी बनी हुई है, खासकर ज्वेलरी सेगमेंट में।

डिशीएस डिज़ाइनर ज्वेलरी की फाउंडर, दिशी सोमानी ने कहा कि भारत में सोना और चांदी, इन्वेस्टमेंट एसेट और कल्चरल खरीदारी, दोनों के तौर पर अहमियत रखते हैं। सोमानी ने कहा, “कस्टमर्स अपनी खरीदने की ताकत को लेकर जागरूक हो रहे हैं और खरीदारी करने से पहले कीमतों के ट्रेंड पर करीब से नज़र रख रहे हैं। ज्वेलरी को अब कई लोग सेंटिमेंट और इन्वेस्टमेंट का मिक्स मानते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि चांदी अपनी सस्ती कीमत की वजह से युवा खरीदारों के बीच पॉपुलर होती रही, जबकि बुलियन की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद अच्छी क्वालिटी की ज्वेलरी की डिमांड स्थिर रही।

Silver Price Today: MCX पर चांदी ₹4,500 उछलकर 2.37 लाख के पार पहुंची, डॉलर इंडेक्स में दबाव से मिला सपोर्ट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy: बाजार का सेटअप काफी शानदार,इसमें मौके तलाशें, कच्चा तेल जब तक 80 डॉलर के पास है,कोई डर नहीं

Trading Strategy : गैप-अप के बाद बाजार में रफ्तार कायम है। निफ्टी 100 अंक से ज्यादा चढ़कर 24100 के ऊपर टिकने में कामयाब रहा है। निफ्टी 100 DMA पार करने के कगार पर है। वहीं बैंक निफ्टी में भी मजबूती है। मिडकैप और स्मॉल कैप में भी अच्छी रौनक देखने को मिल रही है। IT और फार्मा शेयरों में अच्छी खरीदारी आई है। ये दोनों सेक्टर इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। फार्मा में सिप्ला 4% से ज्यादा उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही MANKIND और डॉक्टर रेड्डीज 2% से ज्यादा चढ़े हैं। वहीं तेल-गैस,ऑटो और रियल्टी में भी रफ्तार देखने को मिल रही है। हालांकि FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयर हल्के कमजोर दिख रहे हैं।

निफ्टी पर सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में सिप्ला,डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,रिलायंस इंडस्ट्रीज़,टेक महिंद्रा और इंफोसिस शामिल हैं। जबकि एशियन पेंट्स,टाइटन कंपनी,श्रीराम फाइनेंस,पावर ग्रिड कॉर्प और नेस्ले इंडिया में गिरावट देखने को मिल रही है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.2% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5% ऊपर कारोबार कर रहे हैं। सेक्टर के हिसाब से देखें तो FMCG,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल में 0.2-0.5% की गिरावट है। जबकि ऑटो,IT,फार्मा,ऑयल एंड गैस और मीडिया में 0.5-1% की है।

बाजार: अच्छा दिन

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार के लिए आज भी बढ़िया दिन है। खास तौर से उनके लिए, जिन्होंने शुक्रवार की गिरावट में खरीदारी की। शुक्रवार के निचले स्तर से निफ्टी 200 प्वाइंट से ज्यादा ऊपर दिख रहा है। निफ्टी और बैंक निफ्टी रजिस्टेंस जोन में हैं। रिलायंस और IT ने मिलकर आज निफ्टी को सपोर्ट किया है। मिडकैप और स्मॉलकैप में फिर बढ़िया तेजी आई है। वेदांता से अलग हुए शेयरों में अपर सर्किट लगे हैं। FMCG शेयरों में आज थोड़ी गिरावट है।

Market Insight : अगले 4-5 सेशन में निफ्टी में 24500 का टारगेट मुमकिन, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अदाणी पैक के शेयरों पर रहे नजर

बाजार : अब क्या?

यह बाजार शानदार है,इसमें मौके तलाशें। बढ़िया बात ये कि बाजार आपको रिवॉर्ड कर रहा है। लॉजिक बेस्ड ट्रेड्स और निवेश में रिवॉर्ड हैं। शुक्रवार को IT लॉन्ग करने वालों को बड़ा रिवॉर्ड मिला। आज डेल्हीवरी में पूरी रैली स्क्रीन पर हुई है। अगर आप high पर भी ले रहे हैं तब भी फंस नहीं रहे हैं। गुरुवार की रैली में लेने वालों का भी आज भाव आया होगा। FIIs की बिकवाली अब काफी काम हो चुकी है। कच्चे तेल का भाव जब तक 80 डॉलर के पास है,डर नहीं है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस जोन 24,150-24,200 पर और सपोर्ट जोन 24,050-24,100 है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस 58,000-58,200 पर और सपोर्ट 57,300-57,500 पर है।

कल के लिए रणनीति

निफ्टी और बैंक निफ्टी की कॉल लेकर जाएं। निफ्टी और बैंक निफ्टी पिछले हफ्ते का हाई निकाल सकते हैं। एक्सपायरी का मोमेंटम बुल्स के साथ है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

INR vs USD: डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर, जानें क्या है गिरावट की वजह

INR vs USD: सोमवार, 22 जून को भारतीय रुपया US डॉलर के मुकाबले 4 पैसे कमजोर होकर 94.36 पर खुला, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में कमी और US-ईरान शांति बातचीत में प्रगति के संकेतों से घरेलू करेंसी के प्रति सेंटिमेंट को सपोर्ट मिलता रहा।

पिछले हफ्ते रुपया 0.8% बढ़कर 94.32 पर बंद हुआ था, जो लगभग तीन महीनों में इसकी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त थी। करेंसी ने कई महीनों के हाई 94.18 को भी छुआ और अपनी जीत का सिलसिला लगातार छह सेशन तक जारी रखा, जो पिछले महीने 97 के करीब अपने रिकॉर्ड लो से तेजी से उबरा।

हाल की रिकवरी ने मार्केट सेंटिमेंट को बेहतर बनाने में मदद की है, जिससे यह चिंता कम हुई है कि रुपया लंबे समय तक डेप्रिसिएशन ट्रेंड में फंसा हुआ है।

करेंसी ट्रेडर्स ने कहा कि तेल की कीमतों में नरमी और वाशिंगटन और तेहरान के बीच डिप्लोमैटिक बातचीत में लगातार प्रगति से और बढ़त हो सकती है।

रुपये को सपोर्ट करते हुए, अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.7% गिरकर $79.24 प्रति बैरल पर आ गया, जब ईरान के विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया कि स्विट्जरलैंड में यूनाइटेड स्टेट्स के साथ बातचीत से अच्छी प्रगति हुई है। यह बातचीत ईरानी अधिकारियों और US वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस के बीच मीटिंग के बाद हुई।

ईरान के कमेंट्स से इन्वेस्टर्स की यह चिंता शांत हुई कि US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के नए मिलिट्री एक्शन की चेतावनी देने और तेहरान द्वारा एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी देने के बाद, नाजुक शांति प्रक्रिया बिगड़ सकती है।

हाल के हफ्तों में तेल मार्केट बहुत ज़्यादा वोलाटाइल रहे हैं, ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए $82 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गया था, इस डर से कि ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में फिर से रुकावट आएगी। हालांकि, जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होने से कीमतों को कम करने में मदद मिली है, जिससे भारत जैसी बड़ी तेल इंपोर्ट करने वाली इकॉनमी को राहत मिली है।

रुपया सपोर्टिव फ्लो और ग्लोबल रिस्क के बीच फंसा

करेंसी स्ट्रैटेजिस्ट के मुताबिक, रुपया फिलहाल दो अलग-अलग ताकतों से प्रभावित हो रहा है। एक तरफ, लगातार कर्ज का आना और फॉरेन करेंसी डिपॉजिट घरेलू करेंसी को सपोर्ट कर रहे हैं। दूसरी तरफ, मिडिल ईस्ट में बनी अनिश्चितता और एक मजबूत US डॉलर लगातार मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।

एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि रुपया जल्द ही एक रेंज में रहेगा, और मार्केट की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि सपोर्टिव कैपिटल फ्लो बाहरी जियोपॉलिटिकल और डॉलर से जुड़े दबावों से ज़्यादा हो सकता है या नहीं।

एनालिस्ट्स ने कहा, “रुपया असल में बेहतर होते घरेलू फंडामेंटल्स और बाहरी अनिश्चितताओं के बीच खींचतान में फंसा हुआ है। जब तक किसी एक को निर्णायक फायदा नहीं मिल जाता, करेंसी की चाल नपी-तुली रहने की संभावना है।”

CR फॉरेक्स एडवाइजर्स के MD अमित पाबारी के अनुसार, टेक्निकली, 94.00–94.20 ज़ोन एक मुख्य सपोर्ट एरिया के तौर पर काम करता रहेगा, जबकि 94.80–95.00 तुरंत रेजिस्टेंस बैंड बना रहेगा। डेट इनफ्लो में सुधार के संकेत और तेल की कीमतें काफी हद तक कंट्रोल में रहने के साथ, रुपये की बढ़त के पक्ष में रुझान बना हुआ है, जिसमें USD/INR के 94.00–93.80 ज़ोन की ओर बढ़ने की संभावना है।

GIFT Nifty सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छी शुरुआत के दे रहा संकेत, इन खास इवेंट्स पर बाजार की नजर

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LPG Price Today: सऊदी अरामको ने बढ़ाई कॉन्ट्रैक्ट प्राइस, क्या भारत में महंगा होगा गैस सिलेंडर?

LPG Price Today: LPG सिलेंडर के रेट आज सोमवार को ना तो बढ़े हैं और ना ही घटे हैं। आखिरी बार 7 जून को कंपनियों ने 29 रुपये की बढ़ोतरी घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में की थी। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट में तब 42 रुपये से 53.50 रुपये का इजाफा हुआ था। अच्छी बात यह है कि अमेरिका-ईरान समझौते बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुल हो गया है। ऐसे में भारत जो कि LPG के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर है वो अब आसानी से इंपोर्ट कर पाएगा।

ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में दो बार इजाफा हुआ था। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम तब से अबतक 79% बढ़ चुके हैं।

शहरवार देखें कीमतें

शहर घरेलू सिलेंडर की कीमतकमर्शियल सिलेंडर की कीमत
दिल्ली 942.0 रुपये3113.5 रुपये
मुंबई941.5 रुपये 3067.5 रुपये
कोलकाता968.0 रुपये3256.0 रुपये
चेन्नई 957.5 रुपये 3283.0 रुपये
बेंगलुरु944.5 रुपये 3198.0 रुपये
आईजॉल1094.0 रुपये3598.5 रुपये
लखनऊ979.5 रुपये3236.0 रुपये
गाजियाबाद939.50 रुपये3113.50 रुपये
पटना1031.5 रुपये3400.5 रुपये

भारत में LPG की कीमत पड़ोसी देशों से भी कम

सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत पड़ोसी और कई विकसित देशों के मुकाबले बहुत कम है। नई दिल्ली में 14.2 किलों का एक सिलेंडर 942 रुपये में उपलब्ध है, जबकि पाकिस्तान में इसकी कीमत 1046 रुपये, नेपाल में 1207 रुपये, बांग्लादेश में 1225 रुपये और श्रीलंका में 1241 रुपये, अमेरिका में 1755 रुपये, आस्ट्रेलिया में 1765 रुपये और कनाडा में 2411 रुपये हैं। उज्जवला योजना के तहत लाभार्थियों को यही सिलेंडर 642 रुपये में मिलता है, जो इन देशों के मुकाबले बेहत कम है।

सऊदी अरामको ने बढ़ाया कॉन्ट्रैक्ट प्राइस

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने जून महीने के लिए LPG के आधिकारिक विक्रय मूल्य (OSP) में 1% से 3% तक की बढ़ोतरी की है। कंपनी ने प्रोपेन की कीमत में 10 डॉलर प्रति मीट्रिक टन और ब्यूटेन की कीमत में 20 डॉलर प्रति मीट्रिक टन का इजाफा किया है। इसके बाद प्रोपेन का नया भाव 760 डॉलर प्रति मीट्रिक टन और ब्यूटेन का 820 डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो गया है।

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दोबारा बंद होने की आशंकाओं ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में गैस की कीमतों को बढ़ावा मिल रहा है।

क्या होगा असर?

सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में हुई इस बढ़ोतरी का असर सरकारी खाजने के साथ-साथ आम आदमी की जेब पर भी पड़ेगा। अगर अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में इसी तरह गैस के दाम ऊंचे स्तर पर बने रहे, तो हो सकता है कि 1 जुलाई को सरकारी तेल कंपनियों की अगली समीक्षा बैठक में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में एक बार फिर से बढ़ोतरी कर दी जाए।

बता दें कि सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस एक अंतर्राष्ट्रीय बेंचमार्क रेट है, जिस पर सऊदी अरामको हर महीने दुनिया भर के देशों को एलपीजी बेचती है। चूंकि सऊदी अरब दुनिया में LPG का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है इसलिए इसके द्वारा तय की गई कीमत को दुनिया का एलपीजी का आधिकारिक रेट मान लिया जाता है।

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के 22 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty बढ़त के साथ 24,124.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

IT,ऑयल एंड गैस और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण,19 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया और वे गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के आसपास रहा। सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 76,802.90 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,013.10 पर आ गया।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 78 अंक यानी 0.32 फीसदी की बढ़त के साथ 24,126 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 2.12 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.13 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.60 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 2.75 फीसदी की तेजी है। कोस्पी 1.09 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.46 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, बढ़त के साथ खुल सकते है भारतीय बाजार

अमेरिकी बाजार

जूनटीन्थ (Juneteenth) की सरकारी छुट्टी के कारण शुक्रवार, 19 जून को अमेरिकी बाजार बंद रहे।

डॉलर इंडेक्स

सोमवार को डॉलर मजबूत रहा क्योंकि मध्य पूर्व में फिर से युद्ध शुरू करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और तेहरान के होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने के ऐलान के बाद,अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर अनिश्चितता के बादल छा गए। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 100.80 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज्यादा की बढ़त हुई है। जिससे ये क्रमशः 4.47% और 4.20% पर पहुच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को ज्यादातर एशियाई करेंसीज में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट दिख रही है। थाई बाहत एकमात्र ऐसी करेंसी रही जिसमें बढ़त दिखी,जबकि जापानी येन और चीनी रेनमिनबी में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

जापानी येन में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई है। उसके बाद चीनी रेनमिनबी में 0.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिण कोरियाई वॉन,मलेशियन रिंगित, ताइवानी डॉलर,इंडोनेशियाई रुपिया,फिलीपीनी पेसो और सिंगापुर डॉलर में भी 0.03-0.10 की मामूली गिरावट है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

लगातार 23 सेशन तक नेट बायर बने रहने के बाद,19 जून को घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने ₹1,159 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट,विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट बायर बनकर उभरे और उन्होंने ₹4,859 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की फिर से दिलचस्पी का संकेत मिलता है।

Gold Price Today: ₹1.46 लाख के भाव बिक रहा दिल्ली में 10 ग्राम गोल्ड, चेक करें अपने शहर का लेटेस्ट रेट

Gold Rate Today In India: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की इस साल कम से कम ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत और डॉलर की मजबूती ने गोल्ड जैसी ब्याज नहीं देने वाले एसेट की चमक फीकी पड़ी है। एक दिन की स्थिरता के बाद राजधानी दिल्ली में 24 और 22 कैरट वाले 10 ग्राम गोल्ड के भाव आज ₹10 गिरे हैं। इस स्थिरता से पहले 20 जून को 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹220 और 22 कैरट वाला ₹200 महंगा हुआ था लेकिन उससे पहले लगातार चार दिनों में 24 कैरट वाला गोल्ड ₹5670 और 22 कैरट वाला ₹5200 सस्ता हुआ था। चांदी की बात करें तो दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। आज एक किलो चांदी ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,46,220₹1,34,040₹1,09,700
मुंबई₹1,46,070₹1,33,890₹1,09,550
कोलकाता₹1,46,070₹1,33,890₹1,09,550
चेन्नई₹1,48,360₹1,35,990₹1,13,690
बेंगलुरु₹1,46,070₹1,33,890₹1,09,550
हैदराबाद₹1,46,070₹1,33,890₹1,09,550
लखनऊ₹1,46,220₹1,34,040₹1,09,700
पटना₹1,46,120₹1,33,940₹1,09,600
जयपुर₹1,46,220₹1,34,040₹1,09,700
अहमदाबाद₹1,46,120₹1,33,940₹1,09,600

दो दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। इससे पहले लगातार दो दिनों की स्थिरता से पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,500 सस्ती हुई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में यह प्रति किग्रा ₹100 ऊपर सस्ती होकर ₹2,49,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,54,900 है यानी चारों महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में ही है।

इस कारण है दबाव

एलकेपी सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी & करेंसी रिसर्च एनालिस्ट) जतिन त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से 2026 में एक बार ब्याज दर बढ़ाने के संकेत मिलने के बाद सोने पर दबाव बढ़ गया है। इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है और सोने जैसी ऐसी एसेट्स की चमक कुछ कम हुई है, जो कोई ब्याज नहीं देतीं। फेड के सख्त रुख के बाद बुलियन बाजार में बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली भी देखने को मिली है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की ताजा कीमतें आईं सामने, जानें आपके शहर का हाल

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 22 जून 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

 

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86 रुपये प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 97 रुपये प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.75 रुपये प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर।

अहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटर।

पुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

ईरान बोला-लेबनान में हमला रुका तभी अमेरिका से बातचीत करेंगे:स्विट्जरलैंड में पहले दौर की मीटिंग खत्म, 3 मुद्दों पर अभी भी पेंच फंसा

ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को स्विट्जरलैंड में करीब 80 मिनट तक बातचीत हुई। दोनों देश 60 दिन के युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पहली ही बैठक में दोनों पक्षों के बीच बड़े मतभेद सामने आ गए। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने कहा कि आगे की बातचीत तभी संभव है जब इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहा संघर्ष पूरी तरह खत्म हो। फिलहाल यह साफ नहीं है कि दोनों पक्षों की अगली बैठक कब होगी। बातचीत में पाकिस्तान और कतर के अधिकारियों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। बीबीसी ने अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि, बातचीत में 3 अहम मुद्दों पर पेंच फंसा रहा। इनमें होर्मुज को फिर से पूरी तरह खोलने को लेकर ईरान के अलग-अलग बयानों को स्पष्ट करना, दक्षिणी लेबनान में सीजफायर लागू कराना और परमाणु समझौते से जुड़ी बातें शामिल थीं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर उसने लेबनान में हिजबुल्लाह को नहीं रोका तो अमेरिका फिर से उस पर हमला कर सकता है। ईरान ने इस चेतावनी को खारिज करते हुए कहा कि वह किसी भी संघर्ष के लिए तैयार है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ट्रम्प बोले हिजबुल्लाह को रोको, वरना फिर हमला करेंगे: ट्रम्प ने कहा कि ईरान लेबनान में अपने समर्थक हिजबुल्लाह को तुरंत रोके। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका पिछले हफ्ते से भी ज्यादा सख्त कार्रवाई करेगा। 2. वेंस बोले- अमेरिका और ईरान मिलकर शांति के लिए काम करेंगे: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। उनके मुताबिक, दोनों देश मिलकर शांति और समृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं और ट्रम्प अगले 10 साल में पश्चिम एशिया की तस्वीर बदलना चाहते हैं। 3. होर्मुज स्ट्रेट पर सस्पेंस के बीच अमेरिका बोला- 24 घंटे में 67 जहाज गुजरे: ईरान के होर्मुज स्ट्रेट बंद करने के दावे के बावजूद अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि समुद्री यातायात जारी है। अमेरिका ने वैकल्पिक मार्ग भी खोला है और जहाजों को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। 4. लेबनान में मौतों का आंकड़ा 4,100 के पार: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक 4,106 लोगों की मौत और 12,153 लोग घायल हुए हैं। वहीं, इजराइली सेना प्रमुख इयाल जमीर ने कहा कि हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई दोबारा शुरू हो सकती है। 5. ईरान का दावा- कतर में फंसे 6 अरब डॉलर मिलेंगे: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए शुरुआती समझौते के तहत कतर में जमा ईरान के 6 अरब डॉलर वापस मिलेंगे। उन्होंने दावा किया कि समझौते की शर्तें तेहरान के पक्ष में हैं। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Stocks to Watch: सोमवार 22 जून को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार, 22 जून के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रह सकती है। कुछ कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिले हैं, कुछ ने डिविडेंड और रणनीतिक निवेश से जुड़े अहम ऐलान किए हैं। ऐसे में इन शेयरों में सोमवार को बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms ने 19 जून को SEBI के पास IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिए हैं। यह इश्यू 27 करोड़ नए शेयरों का फ्रेश इश्यू होगा।

Bharat Forge

डिफेंस कंपनी Bharat Forge को रक्षा मंत्रालय से ₹425 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी भारतीय नौसेना के कोलकाता-क्लास युद्धपोतों के लिए गैस टर्बाइन जनरेटर (GTG) की सप्लाई करेगी।

Tata Motors CV

टाटा ग्रुप की Tata Motors CV को 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इनमें करीब 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल और पिक-अप, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं।

Knowledge Marine

इंजीनियरिंग कंपनी Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) को Inland Waterways Authority of India (IWAI) से 66.11 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी 20 यात्रियों की क्षमता वाली 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फेरी बनाएगी। ऑर्डर में मैन्युफैक्चरिंग के साथ 5 साल का मेंटेनेंस भी शामिल है।

Nestle India

FMCG कंपनी Nestle India के बोर्ड की बैठक 3 जुलाई को होगी। इस बैठक में कंपनी 2026 के लिए स्पेशल डिविडेंड देने पर विचार करेगी।

Som Distilleries and Breweries

शराब बनाने वाली Som Distilleries and Breweries ने बताया कि मध्य प्रदेश आबकारी विभाग ने भोपाल प्लांट के लिए वित्त वर्ष 2026-27 का लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है।

Kirloskar Oil Engines

इंजन और पावर सॉल्यूशन कंपनी Kirloskar Oil Engines को HyperNext से 192 मेगावाट क्षमता का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह बिजली भारत में AI बेस्ड बड़े डेटा सेंटरों को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल होगी।

RVNL

रेलवे सेक्टर की सरकारी कंपनी RVNL को बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर सरकारी खनन कंपनी NMDC ने दिया है। कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड बनाएगी। इसकी क्षमता 10 मिलियन टन सालाना होगी। यह प्रोजेक्ट NMDC की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि US FDA ने Eugia Steriles Private Ltd यूनिट का निरीक्षण पूरा कर लिया है। निरीक्षण के दौरान पांच ऑब्जर्वेशन जारी किए गए हैं।

Chennai Petroleum Corporation

सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनी Chennai Petroleum Corporation (CPCL) को केंद्र सरकार ने नवरत्न का दर्जा दे दिया है। इससे कंपनी को कारोबारी फैसलों में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

Himadri Speciality Chemical

स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी Himadri Speciality Chemical ने अमेरिका की International Battery Company में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20.47% कर ली है। इसके लिए कंपनी ने अतिरिक्त 6.6 लाख डॉलर का निवेश किया है।

Vikram Solar

सोलर एनर्जी कंपनी Vikram Solar के खिलाफ दायर दिवाला याचिका को NCLT की कोलकाता बेंच ने स्वीकार कर लिया है। यह याचिका Isitva Steels Private Limited ने दायर की थी।

Garden Reach Shipbuilders & Engineers

डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) को केंद्र सरकार से नवरत्न का दर्जा मिला है। इसे कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

Goodluck India

स्टील और डिफेंस उत्पाद बनाने वाली Goodluck India की सहायक कंपनी Goodluck Defence and Aerospace को करीब ₹255 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी 155 मिमी लंबी दूरी के खाली गोले सप्लाई करेगी।

Mahindra Lifespace Developers

रियल एस्टेट कंपनी Mahindra Lifespace Developers ने मुंबई के कांदिवली ईस्ट में 15 एकड़ जमीन खरीदी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित वैल्यू करीब ₹5,600 करोड़ है और इसमें लगभग 18 लाख वर्ग फुट डेवलपमेंट की संभावना है।

Power Mech

बिजली कंपनी Power Mech Projects को JSW Thermal Energy से 1,008.90 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी पश्चिम बंगाल के सालबोनी में बन रहे 2×800 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट में सिविल और स्ट्रक्चरल काम करेगी। इस प्रोजेक्ट को 36 महीने में पूरा करना है।

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