वर्ल्ड अपडेट्स:हिजबुल का डिप्टी चीफ बोला- कश्मीर के हर कब्रिस्तान में पाकिस्तानी आतंकियों की कब्र

रऊफ डार, श्रीनगर। पाकिस्तान के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के डिप्टी चीफ शमशीर खान ने पहली बार खुलकर माना है कि कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकी मारे गए और वहीं दफन हैं। PoK के मुजफ्फराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान शमशीर ने कहा, “कश्मीर का कोई कब्रिस्तान ऐसा नहीं है, जहां पाकिस्तान से आए आतंकियों की कब्र न हो।” शमशीर का यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान हमेशा यह कहता रहा है कि उसका जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन हिजबुल के सीनियर कमांडर के इस बयान को पाकिस्तान से आए आतंकियों की मौजूदगी की खुला कबूलनामा माना जा रहा है। भारत लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान आतंकियों को ट्रेनिंग, हथियार और घुसपैठ में मदद देता है। पाकिस्तान इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बहामास में फ्लेमिंगो एयर का छोटा विमान क्रैश, सभी यात्रियों 10 की मौत बहामास के नॉर्थ एंड्रोस इलाके में शुक्रवार को फ्लेमिंगो एयर का एक छोटा यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 10 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि एक यात्री को जिंदा निकाला गया था, लेकिन बाद में उसने भी दम तोड़ दिया। शुरुआती जांच के मुताबिक, सेसना 402C विमान ने राजधानी नासाउ से उड़ान भरी थी। उड़ान के कुछ देर बाद पायलट ने तकनीकी दिक्कत की जानकारी दी, जिसके बाद विमान जंगल वाले इलाके में गिर गया। हादसे के बाद बहामास सरकार ने एहतियात के तौर पर फ्लेमिंगो एयर की सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। इसी दिन एयरलाइन के एक अन्य विमान में भी तकनीकी खराबी आने के बाद उसे वापस नासाउ लौटना पड़ा था। लैंडिंग के बाद उसमें आग लग गई, हालांकि उस विमान के सभी यात्री सुरक्षित बच गए। सरकार और विमान दुर्घटना जांच एजेंसी हादसे के कारणों की जांच कर रही है। फ्लेमिंगो एयर ने भी जांच में पूरा सहयोग देने और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।

80 साल का आयरिश व्यक्ति जोधपुर की बावड़ियों की सालों से कर रहा सफाई, आनंद महिंद्रा ने स्पेशल पोस्ट शेयर कर किया सलाम

अपने आस-पास, शहरों और देश को साफ-सुथरा रखना हर नागरिक का फर्ज है, लेकिन कभी-कभी किसी एक व्यक्ति का दृढ़ संकल्प हमें उन चीजों की अहमियत याद दिलाता है, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। जोधपुर के ऐतिहासिक शहर में, आयरलैंड के रहने वाले एक 80 वर्षीय बुज़ुर्ग ने एक दशक से ज्यादा समय तक भुला दी गई बावड़ियों की सफाई की है और पानी के इन पारंपरिक ढांचों की ओर लोगों का ध्यान फिर से खींचा है।

‘द बेटर इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कैरॉन रॉन्सली – जिन्हें स्थानीय लोग “पागल साहब” के नाम से जानते हैं – जोधपुर एक पर्यटक के तौर पर आए थे, लेकिन धीरे-धीरे वे शहर की धरोहर की देखभाल करने वाले बन गए। उपेक्षित बावड़ियों और झालरों (सीढ़ीदार जल-कुंडों) को अपने हाथों से ठीक करने की उनकी कोशिशों की अब बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने भी तारीफ की है।

जहां बहुत से लोग जोधपुर की पुरानी बावड़ियों की सुंदरता की तारीफ करते थे, वहीं रॉन्सली ने कुछ ऐसा देखा जिस पर अक्सर दूसरों का ध्यान नहीं जाता था। बारीक कारीगरी और ऐतिहासिक महत्व के पीछे ऐसी संरचनाएं थीं, जो कचरे से भरी हुई थीं और धीरे-धीरे भुला दी जा रही थीं। वहां से चले जाने के बजाय, उन्होंने इनकी मरम्मत की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया।

महिंद्रा ने हाल ही में अपने X हैंडल पर एक प्रेरणादायक वीडियो शेयर किया, जिसमें जोधपुर में पुरानी और उपेक्षित बावड़ियों की सफाई करने के रॉन्सली के सफर को दिखाया गया है। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए महिंद्रा ने लिखा, “जोधपुर की बावड़ियों और झालरों की सफाई के प्रति अपने जुनून के कारण 80 वर्षीय आयरिश व्यक्ति कैरन रॉन्सले को ‘पागल साहब’ का उपनाम दिया गया था। सौभाग्य से, आज भारत की बावड़ियों को पुनर्जीवित करने के लिए खुद को समर्पित करने के लिए आपको ‘पागल’ या ‘फिरंगी’ होने की आवश्यकता नहीं है।”

महिंद्रा ने कहा कि विरासत को बचाने के लिए लोगों का एक्सपर्ट होना या किसी खास जगह का होना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि लगन रखने वाला कोई भी व्यक्ति भारत की ऐतिहासिक इमारतों को बचाने में योगदान दे सकता है। उन्होंने चांद बावड़ी के बारे में अपनी पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट को भी याद किया, जिसमें उन्होंने मशहूर सीढ़ीदार कुएं (stepwell) को बनाए रखने के लिए की जा रही कोशिशों की तारीफ़ की थी। महिंद्रा ने बताया कि पूरे भारत में संरक्षणवादी, स्थानीय वॉलंटियर और ग्रामीण समुदाय इन शानदार इमारतों को फिर से ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं।

ये बावड़ियां सिर्फ पत्थर से बनी पुरानी संरचनाएं नहीं हैं। सदियों से, इन्होंने समुदायों को पानी इकट्ठा करने और उसे जमा करने में मदद करने में अहम भूमिका निभाई है, खासकर राजस्थान जैसे इलाकों में जहां पानी की कमी हमेशा से एक चुनौती रही है। पानी के स्रोत होने के अलावा, बावड़ियां ऐसी जगहें भी बन गईं जहां लोग इकट्ठा होते थे, आराम करते थे और एक-दूसरे से जुड़ते थे। इनके डिज़ाइन पुरानी पीढ़ियों की इंजीनियरिंग कुशलता और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाते थे।

हालांकि, बदलती जीवनशैली और पानी की आधुनिक सप्लाई प्रणालियों के आने से, कई बावड़ियों का महत्व धीरे-धीरे खत्म हो गया। कई बावड़ियों को नज़रअंदाज़ कर दिया गया और कुछ तो कचरा फेंकने की जगह बन गईं। रॉन्सली के लिए इन ऐतिहासिक ढांचों को ऐसी हालत में देखना मुश्किल था। उन्होंने अपना समय इन्हें साफ़ करने और एक-एक करके इनकी मरम्मत करने में लगाने का फैसला किया।

‘द बेटर इंडिया’ से बात करते हुए रॉन्सली ने कहा, “जब मैं 2014 के आखिर में जोधपुर आया, तो मैंने ये खूबसूरत बावड़ियां देखीं। लेकिन मैं यह देखकर हैरान रह गया कि पानी जमा करने के ये पुराने और अनोखे सिस्टम खराब हालत में थे। इसलिए, मैंने अपना समय इन जगहों की सफाई करने और उन्हें फिर से अच्छी हालत में लाने की कोशिश में लगाने का फैसला किया।”

तब से, रॉन्सली ने जोधपुर में कई बावड़ियों पर काम किया है, जिनमें रामबाउरी और गुलाब सागर शामिल हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से वहां से कचरा हटाया और शहर के इन भुला दिए गए हिस्सों की ओर लोगों का ध्यान फिर से खींचा। महिंद्रा ने भारतीय विरासत के प्रति रॉन्सली के समर्पण के लिए उनके प्रति सम्मान भी जाहिर किया। उन्होंने लिखा, “मैं जोधपुर के प्रति उनके प्यार और हमारी विरासत के लिए उनकी निस्वार्थ भावना और जुनून के लिए ‘पागल साहब कैरॉन’ को सलाम करना चाहता हूं। उनका काम कभी न रुके…”

आनंद महिंद्रा द्वारा रॉन्सली की कहानी शेयर किए जाने के बाद, कई यूज़र्स ने इस आयरिश व्यक्ति के समर्पण और जोधपुर की विरासत को बचाने की उनकी कोशिशों की तारीफ़ की। एक यूज़र ने कमेंट किया, “किसी जगह के लिए सच्चा प्यार काम से दिखता है, राष्ट्रीयता से नहीं। ‘पागल साहब’ को सम्मान।”

एक और यूजर ने लिखा, “कितनी अजीब बात है कि उन्हें ‘पागल’ कहा गया, जबकि वे सबसे समझदारी भरा काम कर रहे थे।” एक यूजर ने कहा, “कुछ विदेशी सच में भारत में अपने प्रेरणादायक काम के लिए हमारे सम्मान और समर्थन के हकदार हैं!”

एक और यूज़र ने कहा, “यह एक बहुत अच्छी बात है कि किसी जगह के लिए प्यार इस बात से नहीं मापा जाता कि आप कहां पैदा हुए हैं, बल्कि इस बात से मापा जाता है कि आप उसकी कितनी परवाह करते हैं। कैरॉन रॉन्सली, ‘पागल साहब’ और उन सभी वॉलंटियर्स को सलाम जो चुपचाप हमारी बावड़ियों और विरासत को ठीक करते हैं। उनकी कोशिशें न सिर्फ़ इतिहास को बचाती हैं, बल्कि पानी, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के लिए उम्मीद को भी सुरक्षित रखती हैं। उम्मीद है कि यह भावना और भी लोगों को प्रेरित करेगी।”

एक यूज़र ने लिखा, “मज़ेदार बात है कि कभी-कभी किसी बाहरी व्यक्ति को ही स्थानीय लोगों को यह याद दिलाना पड़ता है कि विरासत सिर्फ पोस्टकार्ड के लिए नहीं, बल्कि एक इंफ्रास्ट्रक्चर है। इतिहास के बारे में सिर्फ बातें करने के बजाय उसे ज़िंदा रखने के लिए सभी का सम्मान।”

AIBE 21 Final Answer Key 2026: ऑफिशियल पोर्टल पर लॉगइन कर एआईबीई 21 की फाइनल अंसर की करें डाउनलोड, सफल उम्मीदवारों को मिलेगा सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस

AIBE 21 Final Answer Key 2026: बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) ने ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) 21 की फाइनल आंसर की जारी कर दी है। परीक्षा में शामिल होने के बाद से सभी उम्मीदवार बेसब्री से फाइनल की का इंतजार कर रहे थे। लेकिन अब वे अपने लॉग इन क्रेडेंशियल की मदद से allindiabarexamination.com पर लॉग इन करके एआईबीई 21 फाइनल आंसर की पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं। 7 जून को हुई परीक्षा के बाद, प्रोविजनल आंसर की 10 जून को जारी की गई और 17 जून तक आपत्तियां स्वीकार की गईं। फाइनल आंसर की पर आगे कोई ऑब्जेक्शन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बीसीआई द्वारा अब एआईबीई 21 फाइनल आंसर की के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा। एआईबीई 21 फाइनल आंसर-की की मदद से उम्मीदवार अपने जवाबों की जांच कर सकते हैं और अंतिम नतीजों का अनुमान लगा सकते हैं। एआईबीई 21 रिजल्ट 2026 संशोधित आंसर की के आधार पर घोषित होने की उम्मीद है। बीसीआई के अनुसार, एआईबीई 21 का रिजल्ट 14 से 18 जुलाई के बीच घोषित होने की संभावना है। उम्मीदवार वेबसाइट पर अपना एप्लीकेशन नंबर या हॉल टिकट नंबर और जन्म तिथि डालकर अपने स्कोरकार्ड डाउनलोड कर पाएंगे।

एआईबीई 21 फाइनल आंसर की 2026 कैसे डाउनलोड करें?

कैंडिडेट इन स्टेप्स को फॉलो करके फाइनल आंसर की डाउनलोड कर सकते हैं:

  • एआईबीई की ऑफिशियल वेबसाइट allindiabarexamination.com पर जाएं।
  • एआईबीई 21 (XXI) फाइनल आंसर की 2026 लिंक पर क्लिक करें।
  • आंसर की PDF स्क्रीन पर खुल जाएगी।
  • पीडीएफ को डाउनलोड करें और भविष्य के लिए सेव कर लें।
  • अपना संभावित स्कोर कैलकुलेट करने के लिए फाइनल आंसर की का इस्तेमाल करें।

एआईबीई 21 रिजल्ट 2026 और सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस

बीसीआई अब एआईबीई 21 रिजल्ट 2026 फाइनल आंसर की के आधार पर तैयार कर जारी करेगा। चूंकि आपत्ति प्रक्रिया खत्म हो गई है, इसलिए आगे कोई चैलेंज नहीं लिया जाएगा। जो कैंडिडेट परीक्षा पास करेंगे, उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (CoP) दिया जाएगा, जो भारत में लॉ की प्रैक्टिस के लिए जरूरी है। कैंडिडेट फाइनल आंसर की डाउनलोड करें और एआईबीई 21 रिजल्ट 2026 की घोषणा के लिए ऑफिशियल वेबसाइट देखते रहें।

क्या है पासिंग परसेंटेज

इस परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है। एआईबीई में सफल होने के लिए जनरल और ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों को पास होने के लिए 100 में से कम से कम 45 अंक जबकि एससी, एसटी और पीडबल्यूडी के लिए 40 मार्क्स तय किए गए हैं।

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UP Mega Infrastructure Plan: लखनऊ समेत इन 6 जिलों की बदलेगी तस्वीर, आउटर रिंग रोड और नमो भारत कॉरिडोर को मिली मंजूरी

UP Mega Infrastructure Plan: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की गाड़ी तेजी से दौड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जिले को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के विकास को बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। राज्य सरकार ने एससीआर के लिए कई महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इनमें 300 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड, 187 किलोमीटर का नमो भारत कॉरिडोर, 151 किलोमीटर की रिंग रेल और औद्योगिक क्लस्टर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

इन योजनाओं के लागू होने से क्षेत्र में परिवहन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पूरे एससीआर को कवर करने वाली आउटर रिंग रोड के अलावा कई अहम परियोजनाओं को विभागीय स्तर पर सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। आवास विभाग की दो दिन चली बैठक में इन परियोजनाओं पर सहमति बनी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इन प्रस्तावों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। इस पर मुख्यमंत्री की सहमति मिलने के बाद इन पर क्रियांवयन शुरू होगा।

300 KM आउटर रिंग रोड से छह जिलों को फायदा

स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में यूपी के 6 जिले शामिल हैं। उनमें लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई शामिल है। प्रस्तावित आउटर रिंग रोड लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ते हुए लगभग 300 किलोमीटर लंबी होगी। यह परियोजना राजधानी के ट्रैफिक दबाव को कम करने और आसपास के जिलों के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।

पहला चरण: 105 किमी सड़क का निर्माण, अनुमानित लागत 2,100 करोड़ रुपये

दूसरा चरण: 195 किमी सड़क, अनुमानित लागत 3,900 करोड़ रुपये

187 KM नमो भारत कॉरिडोर

हाई स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत प्रस्तावित 187 किलोमीटर लंबा नमो भारत कॉरिडोर कानपुर के न्यायगंज से अयोध्या तक बनाया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 32,000 करोड़ रुपये बताई गई है।

दो चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट

पहला चरण: न्यायगंज से अमौसी तक 67 किलोमीटर

दूसरा चरण: अमौसी से अयोध्या तक

कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें न्यायगंज, उन्नाव, बशीरतगंज, नवाबगंज, बांगर, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटरिया और अयोध्या शामिल हैं।

रिंग रेल परियोजना भी होगी विकसित

एससीआर क्षेत्र में 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना भी प्रस्तावित है। इससे लखनऊ और आसपास के जिलों के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पहला चरण: पहले चरण में 63 किलोमीटर

सेकंड चरण: दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन विकसित की जाएगी।

औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

  • सरकार ने बहराइच (रायबरेली) और संडीला (हरदोई) में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की भी मंजूरी दी है।
  • बहराइच क्षेत्र में पहले चरण में 12,500 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में 13,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
  • संडीला में फूड प्रोसेसिंग, केमिकल, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स उद्योगों के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
  • इसके अलावा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के दोनों ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा।

300 किमी आउटर रिंग रोड और रिंग रेल

बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ने वाले 300 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड को मंजूरी दी गई है:-

पहला चरण: 105 किलोमीटर सड़क का निर्माण 2100 करोड़ रुपये की लागत से होगा।

दूसरा चरण: 195 किलोमीटर हिस्से के लिए 3,900 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

रिंग रेल परियोजना: एससीआर क्षेत्र के चारों ओर 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना के पहले चरण में 63 किलोमीटर और दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन विकसित की जाएगी।

औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर

इससे जुड़े अहम बैठक में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए बछरावां को स्पेशल इनवेस्टमेंट रीजन और संडीला को विस्तारित औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का फैसला लिया गया है:-

बछरावां (रायबरेली): पहले चरण में 12,500 करोड़ और दूसरे चरण में 13,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

संडीला (हरदोई): फूड प्रोसेसिंग, पेय पदार्थ, केमिकल, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स उद्योगों के लिए पहले चरण में 6,250 करोड़ और दूसरे चरण में 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रीय विकास परियोजनाएं

एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के ओरिएंटेड डेवलपमेंट के तहत एक्सप्रेसवे के दोनों ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा।

लॉजिस्टिक्स हब: दुबग्गा-वरुण विहार क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एग्री-ट्रेड, फूड चेन और लॉजिस्टिक्स हब बनेगा।

आध्यात्मिक केंद्र: नैमिषारण्य को आध्यात्मिक-आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की 750 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी।

अस्पताल और ट्रांसपोर्ट नगर: सीतापुर में मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल तथा उन्नाव और गोसाईंगंज में नए ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने के प्रस्तावों पर सहमति बनी है।

इन जिलों को होगा सीधा फायदा

लखनऊ

रायबरेली

बाराबंकी

सीतापुर

उन्नाव

हरदोई

क्या होगा असर?

इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। यात्रा का समय घटेगा। औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही लखनऊ और आसपास के जिलों का समग्र आर्थिक और शहरी विकास तेज होने की उम्मीद है।

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विदेशी निवेशकों के खरीदारी शुरू करने से बाजार में लौटी रौनक, जुलाई में 1968 करोड़ रुपये की खरीदारी की

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का रुख भारतीय शेयर बाजारों को लेकर बदला है। उन्होंने 10 जुलाई को भी भारतीय बाजार में अच्छी खरीदारी की। उन्होंने 2,603.72 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवशकों (डीआईआई) ने भी 2,019.68 करोड़ रुपये की खरीदारी की। यह जानकारी स्टॉक एक्सचेंजों के प्रोविजनल डेटा पर आधारित है। एफआईआई और डीआईआई की खरीदारी से 10 जुलाई को भारतीय बाजार में अच्छी रौनक दिखी।

10 जुलाई को ज्यादातर सूचकांकों में रही तेजी

बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स सहित सभी दूसरे सूचकांक 10 जुलाई को हरे निशान में बंद हुए। Nifty 1.02 फीसदी यानी 244.10 अंक चढ़कर 24,206 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.08 फीसदी यानी 827 अंक के उछाल के साथ 77,569 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 1.39 फीसदी की तेजी आई। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स को छोड़ बाकी सभी सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। 9 जुलाई को भी बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए थे। 8 जुलाई को बाजार में बड़ी गिरावट आई थी, जिसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर टूटना था।

10 जुलाई को FIIs ने की 2019 करोड़ रुपये की खरीदारी

FII ने 10 जुलाई को 15,318.07 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि 12.714.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस तरह भारतीय बाजार में उनकी शुद्ध खरीदारी 2,603.73 करोड़ रुपये की रही। DII ने 17,171.75 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि 15,152.07 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस तरह उनकी शुद्ध खरीदारी 2,019 करोड़ रुपये की रही। डीआआई ने लगातार खरीदारी कर घरेलू शेयर बाजार को सहारा दिया है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रही तो चढ़ेगा बाजार

विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख में बदलाव दिख रहा है। जुलाई में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से खरीदारी की है। उन्होंने इस महीने 1,968.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इस दौरान DII ने 9,245.91 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों का लौटना भारतीय शेयर बाजारों के लिए शुभ संकेत है। अगर आगे वे खरीदारी जारी रखते हैं तो बाजार में तेज रिकवरी आ सकती है।

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निवेशकों की नजरें जून तिमाही के नतीजों पर

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि इनवेस्टर्स का फोकस अब जून तिमाही के कंपनियों के नतीजों पर है। आगे इन नतीजों से बाजार की दिशा तय होगी। डॉलर के मुकाबले रुपये में स्थिरता है। अगर क्रूड की कीमतें भी स्टेबल रहती हैं तो बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव रह सकता है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच डील को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यह बाजार के लिए बड़ा रिस्क है।

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Dubai Job Reality: दुबई में ड्रीम जॉब मिली, कंपनी ने घर भी दिया, लेकिन अकेलापन तोड़ देता है! 23 साल की भारतीय लड़की की कहानी वायरल

दुबई का नाम सुनते ही लोगों के मन में आलीशान इमारतें, शानदार लाइफस्टाइल और बड़े करियर के सपने आने लगते हैं। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे एक ऐसी दुनिया भी है, जहां कई लोग अपने परिवार से दूर रहकर रोज नई चुनौतियों का सामना करते हैं। विदेश में सफलता हासिल करने की राह हमेशा आसान नहीं होती। अकेले रहना, हर जिम्मेदारी खुद संभालना और अपनों की यादों के साथ आगे बढ़ना कई बार भावनात्मक रूप से मुश्किल हो जाता है। दुबई में रहने वाली 23 वर्षीय भारतीय युवती अनुष्का शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी जिंदगी का ऐसा ही अनुभव साझा किया।

उन्होंने बताया कि अच्छी सैलरी और बेहतर अवसरों के साथ विदेश की जिंदगी में कई अनदेखी कीमतें भी चुकानी पड़ती हैं। उनकी कहानी ने उन हजारों लोगों की भावनाओं को सामने ला दिया है, जो सपनों के लिए घर से दूर रहते हैं।

बीमारी से लेकर मुश्किल दिनों तक

उन्होंने कहा कि घर से दूर रहने वालों के लिए सबसे मुश्किल पल तब आते हैं, जब वो बीमार पड़ते हैं या किसी परेशानी का सामना करते हैं। थकाऊ काम के बाद भी खुद ही हर जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है, जिससे कई बार अकेलापन और मानसिक दबाव महसूस होता है।

सपनों की कीमत होती है

अनुष्का ने अपने संदेश में कहा कि आरामदायक जिंदगी छोड़कर विदेश में मेहनत करना आसान नहीं होता, लेकिन परिवार के बेहतर भविष्य और आर्थिक आजादी के लिए किए गए ये त्याग भविष्य में बड़ी उपलब्धि बन सकते हैं।

दुबई ड्रीम के पीछे की अनकही हकीकत

उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि विदेश में सफलता सिर्फ पैसों से नहीं मापी जाती, बल्कि इसके पीछे कई भावनात्मक बलिदान भी होते हैं। परिवार से दूरी और अकेले संघर्ष करने की कहानी उन हजारों भारतीयों की भी है, जो बेहतर भविष्य की तलाश में अपने घर से दूर रह रहे हैं।

चीन में सांपों का आतंक! पानी में तैरते मिले 900 सांप, कोबरा के खौफनाक वीडियो ने मचाई दहशत

आज का मौसम 11 जुलाई: दिल्ली, यूपी-बिहार संग 15 राज्यों में IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, इन जगहों पर आएगा बवंडर

India Weather Today: देश भर में मानसून की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 11 जुलाई के लिए देश का ताजा वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है। लेकिन उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण अब भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किलोमीटर के बीच सक्रिय है।

इसके अलावा मानसून की अक्षीय रेखा इस समय श्री गंगानगर, रोहतक, बरेली, गोरखपुर, पूर्णिया से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर त्रिपुरा तक जा रही है। इन मजबूत मौसमी प्रणालियों के असर से आज दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है:-

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने से आज देश के कई हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से शामिल हैं:-

बिहार

पूर्वी उत्तर प्रदेश

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

इन राज्यों के अलग-अलग इलाकों में आज भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके चलते नदी जलस्तर बढ़ने और जलभराव जैसी समस्याओं को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर और यूपी-पंजाब समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कई राज्यों में आज हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है:-

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पश्चिमी उत्तर प्रदेश

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

पंजाब

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरराबाद

अरुणाचल प्रदेश

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का बवंडर

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली गिरने और बवंडर जैसी तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। आज अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की पूरी संभावना है।

इसी तरह बिहार, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में आज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आज आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सतह पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

Milky Mist IPO: जुलाई में ही लॉन्च हो सकता है डेयरी सेक्टर का सबसे बड़ा इश्यू, ₹2035 करोड़ जुटाने पर नजर

मिल्की मिस्ट डेयरी फूड लिमिटेड अपना 20.35 अरब रुपये (2035 करोड़ रुपये) का IPO इसी महीने यानि जुलाई में ही लॉन्च कर सकती है। यह भारत के डेयरी सेक्टर का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। यह बात ब्लूमबर्ग की ​एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कही गई है। मिल्की मिस्ट पनीर से लेकर आइसक्रीम तक बनाती है। मिल्की मिस्ट अपने एक्सपेंशन प्लांस के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने के लिए IPO का विकल्प चुन रही है। इस इश्यू को SEBI ने अक्टूबर 2025 में मंजूरी दी थी।

कंपनी की शुरुआत 1985 में एक मिल्क ट्रेडिंग कंपनी के रूप में हुई थी। इसने 1994 में पनीर (कॉटेज चीज) का उत्पादन शुरू किया। इसके बाद इसने दही, मक्खन, चीज, आइसक्रीम जैसे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स को भी अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में जोड़ा। कंपनी के फाउंडर टी सतीश कुमार हैं। तमिलनाडु के इरोड में स्थित मिल्की मिस्ट का संचालन कुमार, उनकी पत्नी अनीता सतीश कुमार और सीईओ के. रत्नम करते हैं।

इनवेस्टर्स के साथ मीटिंग खत्म

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कंपनी ने इनवेस्टर्स के साथ रोडशो पूरे कर लिए हैं और वह इस महीने के आखिर में या अगस्त की शुरुआत में शेयरों की बिक्री शुरू करने का लक्ष्य बना रही है। IPO के मामले में रोड शो का मतलब है- संबंधित कंपनी के मैनेजमेंट की ओर से इनवेस्टर्स के साथ मीटिंग्स और रिप्रेजेंटेशंस। मीटिंग्स में IPO ला रही कंपनी के अधिकारी संभावित निवेशकों से बातचीत करते हैं और उन्हें समझाते हैं कि उनके IPO में निवेश करना क्यों उचित है। अक्सर, कंपनियां IPO के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए बड़े शहरों में कई मीटिंग आयोजित करती हैं।

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IPO में रहेंगे 17.85 अरब रुपये तक के नए शेयर

ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, मिल्की मिस्ट के पब्लिक इश्यू में 17.85 अरब रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही फाउंडर्स की ओर से 2.5 अरब रुपये तक के शेयरों को ऑफर फॉर सेल के तहत बिक्री के लिए रखा जाएगा। कंपनी प्री-IPO प्लेसमेंट के जरिए 3.57 अरब रुपये तक जुटा सकती है। ऐसा हुआ तो IPO में नए शेयरों के इश्यू का साइज घट जाएगा। फाइलिंग के अनुसार, मिल्की मिस्ट नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और कर्ज चुकाने के लिए करने की योजना बना रही है। IPO के लिए JM फाइनेंशियल लिमिटेड, एक्सिस कैपिटल लिमिटेड और IIFL कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड, बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Narottam Mishra Datia: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से दतिया में भारी बवाल, समर्थकों ने पुलिस पर किया पथराव, NH-44 को किया जाम

Narottam Mishra Datia: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार (10 जुलाई) को आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। तिवारी के नाम की घोषणा किए जाने के बाद वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मिश्रा को टिकट मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था। ऐसे में BJP का यह फैसला उनके लिए झटका माना जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि दतिया जिले के सेवढ़ा कस्बे के निवासी तिवारी लंबे समय से प्रदेश BJP संगठन में सक्रिय हैं। उम्मीदवार घोषित होने के बाद तिवारी ने प्रदेश BJP कार्यालय के बाहर पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया है। हालांकि, दतिया में मिश्रा के समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

पुलिस पर पथराव, हाईवे जाम

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने शनिवार सुबह पुलिस पर पथराव किया। वे इस बात का विरोध कर रहे थे कि BJP ने उन्हें आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं दिया। इस घटना में लोगों के घायल होने की खबर है। शुक्रवार रात उनके हजारों समर्थकों ने NH-44 को जाम कर दिया। इससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफ़िक पूरी तरह ठप हो गया।

एक समर्थक बलराम ने पीटीआई से कहा कि कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप अपनी शर्ट उतारकर सड़क पर लेटकर प्रदर्शन किया। जबकि अन्य धरने पर बैठ गए। एक अन्य समर्थक ने कहा कि जब तक ‘नरोत्तम दादा’ को टिकट नहीं दिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे BJP छोड़ने का फैसला भी कर सकते हैं।

3000 उपद्रवियों का तांडव

दतिया के SP मयूर खंडेलवाल ने कहा, “कल दतिया शहर में 3000 से ज्यादा उपद्रवियों ने माहौल खराब करने की कोशिश की। उन्होंने बाजार बंद कराने की कोशिश की। वे कल शाम 6 बजे से ही ‘चक्का जाम’ के लिए यहां बैठे थे। कलेक्टर और मैंने उनसे कई बार यहां से हटने और ‘चक्का जाम’ खत्म करने के लिए बात की। इसकी वजह से लगभग 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। आस-पास के ज़िले भी प्रभावित हो रहे हैं। सुबह करीब 4 बजे उन्होंने अचानक पुलिस पर पथराव किया।”

अधिकारी ने आगे कहा, “पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद पथराव और तेज़ हो गया। हमारे 6 से ज़्यादा जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वे सभी अस्पताल में भर्ती हैं। मुझे और एडिशनल SP को भी चोटें आईं। फिर हमने दोबारा आंसू गैस के गोले छोड़े और सख्ती दिखाते हुए उन्हें भागया। वे अब छिपे हुए हैं। उनसे कहा गया है कि या तो सरेंडर करें या शांति से चले जाएं। ‘चक्का जाम’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक जाम को हटाया जा रहा है। पूरे जिले में पुलिस बल तैनात है।”

विधानसभा चुनाव में हुई थी हार

साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक मतों से हराया था। हालांकि, दिल्ली की एक अदालत ने इसी वर्ष अप्रैल में धोखाधड़ी के एक मामले में भारती को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और दतिया सीट पर उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई।

भारत निर्वाचन आयोग ने हाल में अलग-अलग राज्यों की तीन विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की थी। इनमें मध्यप्रदेश की दतिया सीट भी शामिल है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, दतिया के अलावा बिहार और गुजरात की एक-एक विधानसभा सीट पर भी 30 जुलाई को मतदान होगा। जबकि मतगणना तीन अगस्त को की जाएगी।

ब्रिटेन में पंजाबी स्टूडेंट्स के बच्चों को मिलेगा लीगल स्टेटस:डिपेंडेंट वीजा अप्लाई कर सकेंगे; वर्क परमिट ड्यूरेशन घटा; ग्रेजुएट वीजा के नियमों में कई बदलाव

ग्रेजुएट (पोस्ट-स्टडी वर्क) वीजा के तहत ब्रिटेन गए पंजाबियों को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने अब ग्रेजुएट वीजा धारकों के ब्रिटेन में जन्मे बच्चों के लिए डिपेंडेंट वीजा का आवेदन करने की छूट दी है। जिससे उन्हें लीगल स्टेटस मिल सकेगा। नियम 3 अगस्त 2026 से लागू होगा। इससे पहले ब्रिटेन में जन्मे बच्चों के कानूनी स्टेटस को लेकर पेरेंट्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। बच्चे का लीगल स्टेटस साफ नहीं होने के कारण यात्रा के दौरान भी परेशानियां आती थीं। नए नियम लागू होने के बाद ऐसे बच्चों को जन्म के बाद कानूनी पहचान मिल सकेगी। नए नियमों के तहत बच्चे को माता-पिता की मौजूदा अनुमति के आधार पर वैध दर्जा मिल सकेगा। यह बदलाव 9 जुलाई 2026 को संसद में पेश किया गया था और 3 अगस्त 2026 से लागू होगा। इसके साथ ही 1 जनवरी 2027 से बैचलर्स और मास्टर्स करने वाले छात्रों के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क (PSW) वीजा 2 साल की बजाय 18 महीने का होगा। हालांकि, पीएचडी करने वाले छात्रों को पहले की तरह 3 साल तक ब्रिटेन में रहने और काम करने की अनुमति मिलेगी। वहीं, जो छात्र 31 दिसंबर 2026 तक ग्रेजुएट वीजा के लिए आवेदन कर देंगे, उनपर 2 साल वाला पुराना नियम ही लागू होगा। जानें नए नियम का क्या असर वैधता अवधि घटाकर 18 महीने कर दी जाएगी इसके बाद आवेदन करने वाले छात्रों के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा की वैधता अवधि घटाकर 18 महीने कर दी जाएगी। ब्रिटेन सरकार का कहना है कि कई ग्रेजुएट स्किल्ड स्तर की नौकरियों में प्रवेश नहीं कर पा रहे थे। इसी वजह से वीजा अवधि कम की गई है, ताकि वे जल्द ही स्किल्ड वर्कर वीजा की श्रेणी में स्विच कर सकें। ब्रेटेन में रहते हैं 5 लाख पंजाबी ब्रिटेन में भारतीय मूल की बड़ी आबादी रहती है, जिसमें पंजाब से जुड़े लोगों की हिस्सेदारी भी काफी अहम है। ब्रिटेन में पंजाब मूल के करीब 5 लाख लोग रहते हैं। वहीं, ब्रिटेन की कुल आबादी करीब 6.83 करोड़ है। इस हिसाब से पंजाब मूल के लोग देश की कुल आबादी का लगभग 0.7 से 0.75 प्रतिशत हिस्सा हैं।