Petrol Diesel Price Today: आज जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 11 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Top News 11 July: ट्रंप बोले- मेरी हत्या हुई तो ईरान पर बम गिरा देना, पीएम मोदी ने FTA को बताया मील का पत्थर

top news 11 july

Top News 11 July : अमेरिका राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश, अगर मेरी हत्या होती है तो ईरान पर बम गिरा देना। पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड से एफटीए को मील का पत्थर बताया। आज नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि। दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट कटने पर नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने किया हंगामा। स्पेन फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचा। 11 जुलाई की बड़ी खबरें… 

 

मेरी हत्या होती है तो ईरान पर बम गिरा देना : ट्रंप

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा कि मैं काफी समय से उनके निशाने पर हूं। अगर मेरे साथ कुछ होता है तो मैंने ऐसे हमले के निर्देश दिए हैं जैसा ईरान ने पहले कभी देखा नहीं होगा। ट्रंप ने कहा कि अगर मेरी हत्या होती है तो ईरान पर बम गिरा देना।

 

न्यूजीलैंड से FTA मील का पत्थर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को दोनों देशों के संबंधों में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कम समय में समझौते को अंतिम रूप देने के लिए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा लेकर आई है।

 

नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में छठे प्रोजेक्ट 17ए स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरि को शामिल करेंगे। महेंद्रगिरि में उन्नत स्टील्थ विशेषताएं, रडार से बचने की क्षमता और उच्च स्तर का ऑटोमेशन शामिल है। यह युद्धपोत आधुनिक स्वदेशी हथियारों, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों से लैस है। 

 

दतिया में नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने किया हंगामा

दतिया में राज्य के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने पुलिस पर पथराव किया। वे इस बात का विरोध कर रहे थे कि BJP ने उन्हें आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं दिया। इस घटना में लोगों के घायल होने की खबर है। कल रात उनके हज़ारों समर्थकों ने NH-44 को जाम कर दिया, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफ़िक पूरी तरह ठप हो गया। ALSO READ: दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से समर्थक नाराज, NH-44 पर जाम लगाया, कई पार्षदों ने दिया इस्तीफा

 

स्पेन फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में

फाबियन रूइज और मिकेल मेरिनो के गोलों की मदद से स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। बेल्जियम की ओर से चार्ल्स डी केटेलारे ने एकमात्र गोल दागा। सेमीफाइनल में स्पेन का मुकाबला फ्रांस से होगा।

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच गए हैं। उन्होंने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक का मुख्य फोकस दोनों देशों के आपसी संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर रहा। पीएम मोदी बिजनेस और स्पोर्टिंग इवेंट में भी शामिल होंगे। इसके बाद पीएम ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को भी संबोधित करेंगे। पीएम के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय ने ‘किया ओरा मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन किया है। यह 40 साल बाद किसी भारतीय पीएम की न्यूजीलैंड यात्रा है। इससे पहले 1986 में राजीव गांधी न्यूजीलैंड के दौरे पर गए थे। मोदी पीएम रहते हुए पहली बार न्यूजीलैंड के दौरे पर प्रधानमंत्री रहते हुए पीएम मोदी पहली बार न्यूजीलैंड गए हैं। इससे पहले तीन भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड का दौरा कर चुके हैं। ये 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा है। भारत-न्यूजीलैंड के बीच 3 बड़े समझौते हो सकते हैं भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ान, UPI और कृषि से जुड़े कई अहम समझौते होने की संभावना है। 27 अप्रैल को भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ भारत-न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया था। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। इसपर पीयूष गोयल ने कहा था कि यह FTA विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा। न्यूजीलैंड में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा हिंदी न्यूजीलैंड में लगभग 2 लाख 40 हजार भारतीय रहते हैं। ये वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में यूरेनियम डील पर मुहर लगी इससे पहले गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील पर मुहर लगी। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी। मोदी ने 16 साल के बच्चों को सोशल मीडिया बैन करने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की। इसके बाद मेलबोर्न में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया: मोदी ऑस्ट्रेलियन पीएम से बोले-हम आपसे सीख रहे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को यूरेनियम डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें…

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी ने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इतने कम समय में न्यूजीलैंड की पूरी टीम ने मिलकर FTA वार्ताओं को जमीन पर उतारने का काम किया है। शायद दुनिया में पहली बार इतने कम समय में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। वहीं, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने कहा कि जब मैंने पिछले साल भारत का दौरा किया था, तब भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस रिश्ते को मजबूत बनाने में आपने व्यक्तिगत रूप से जो योगदान दिया है, वह सराहनीय है। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक का मुख्य फोकस दोनों देशों के आपसी संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर रहा। इसके बाद पीएम ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को भी संबोधित करेंगे। यह 40 साल बाद किसी भारतीय पीएम की न्यूजीलैंड यात्रा है। इससे पहले 1986 में राजीव गांधी न्यूजीलैंड के दौरे पर गए थे। मोदी के न्यूजीलैंड में स्वागत की दो तस्वीरें… मोदी पीएम रहते हुए पहली बार न्यूजीलैंड के दौरे पर प्रधानमंत्री रहते हुए पीएम मोदी पहली बार न्यूजीलैंड गए हैं। इससे पहले तीन भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड का दौरा कर चुके हैं। ये 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा है। भारत-न्यूजीलैंड के बीच 3 बड़े समझौते हो सकते हैं भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ान, UPI और कृषि से जुड़े कई अहम समझौते होने की संभावना है। 27 अप्रैल को भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ भारत-न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया था। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। इसपर पीयूष गोयल ने कहा था कि यह FTA विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा। न्यूजीलैंड में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा हिंदी न्यूजीलैंड में लगभग 2 लाख 40 हजार भारतीय रहते हैं। ये वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में यूरेनियम डील पर मुहर लगी इससे पहले गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील पर मुहर लगी। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी। मोदी ने 16 साल के बच्चों को सोशल मीडिया बैन करने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की। इसके बाद मेलबोर्न में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया: मोदी ऑस्ट्रेलियन पीएम से बोले-हम आपसे सीख रहे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को यूरेनियम डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें…

अमेरिका-रूस के बाद भारत की वायु सेना सबसे ताकतवर, IAF ने 5वीं बार चीन को छोड़ा पीछे

WDMMA Global Airpower Ranking: रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडियन एयर फोर्स (IAF) ने ‘वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ़ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ़्ट’ (WDMMA) की 2026 की ग्लोबल एयरपावर रैंकिंग में एक बार फिर तीसरा स्थान हासिल किया है। 2022 के बाद से यह 5वीं बार है जब IAF ने चीन की ‘पीपल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स’ (PLAAF) से आगे अपनी जगह बनाए रखी है।

ताजा रैंकिंग में IAF सिर्फ अमेरिका और रूस से पीछे है। WDMMA के आकलन में यह छठी बार है जब IAF को US एयर फोर्स, US नेवी, रूसी एयर फोर्स, US आर्मी और US मरीन कॉर्प्स के बाद रखा गया है।

बता दें कि WDMMA कुल 103 देशों की 129 एयर सेवाओं का मूल्यांकन करता है और 48,000 से ज्यादा विमानों को अपनी रैंकिंग में शामिल करता है। इसकी ‘ट्रू वैल्यू रेटिंग’ (TVR) प्रणाली के जरिए किसी भी वायु सेना की ताकत का आकलन किया जाता है। इसमें बेड़े (Fleet) का आकार, विमानों की क्षमता, आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक सपोर्ट और कुल सैन्य क्षमता को देखा जाता है।

इस रैंकिंग में सिर्फ फाइटर जेट की संख्या के बजाय फ्लीट मिक्स और खास एसेट्स – जैसे एरियल रिफ्यूलर, स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट, क्लोज-एयर-सपोर्ट प्लेटफॉर्म, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और ट्रेनर – को ज्यादा अहमियत दी जाती है। इसमें एयर फोर्स के ऑर्डर बुक और देश में ही एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता को भी ध्यान में रखा जाता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, IAF अभी 1,716 एयरक्राफ्ट ऑपरेट करती है, जिनमें सात तरह के 542 फाइटर जेट शामिल हैं। इस संख्या में MiG-21 भी शामिल है, भले ही इसे सितंबर 2025 में रिटायर किया जाना है।

इस बेड़े में 498 हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं, जिनमें 222 Mi-17 और 111 HAL ध्रुव और रुद्र हेलीकॉप्टर हैं। इसके अलावा, 282 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, 374 ट्रेनर (जिनमें से 325 खास तौर पर ट्रेनिंग के लिए हैं) और 20 स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट (जैसे एयरबोर्न अर्ली-वार्निंग, इंटेलिजेंस और एरियल रीफ्यूलिंग प्लेटफॉर्म) भी शामिल हैं।

रिपोर्ट में IAF की तुलना यूनाइटेड स्टेट्स एयर फोर्स (USAF) से भी की गई है। USAF के बेड़े में फाइटर जेट्स की हिस्सेदारी 32% है, और अगर बॉम्बर और क्लोज-एयर-सपोर्ट एयरक्राफ्ट को भी इसमें शामिल किया जाए, तो यह आंकड़ा 41% तक पहुंच जाता है। वहीं, अमेरिकी वायु सेना में हेलीकॉप्टरों की हिस्सेदारी करीब 4%, ट्रांसपोर्ट विमानों की 14% और स्पेशल मिशन विमानों की हिस्सेदारी लगभग 14% है।

हालांकि, अच्छी रैंकिंग के बावजूद, रिपोर्ट में भारतीय वायु सेना की कुछ कमियों का भी जिक्र किया गया है। फिलहाल IAF के पास अभी 29 फाइटर स्क्वाड्रन हैं, जबकि मंजूर की गई संख्या 42 है। हर स्क्वाड्रन में 18 एयरक्राफ्ट के हिसाब से, कुल 750 फाइटर एयरक्राफ्ट का लक्ष्य रखा गया है।

IAF को अभी हवा में ईंधन भरने वाले विमान (Mid-air Refuellers), एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AEW&C), इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और ISTAR (इंटेलिजेंस, सर्विलांस, टारगेट एक्विजिशन और टोही) विमानों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

इन कमियों को दूर करने के लिए भारतीय वायु सेना ने 180 तेजस Mk-1A लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया है। इसमें 83 और 97 विमानों की दो खेप शामिल हैं। पहले विमानों को अंतिम सिस्टम इंटीग्रेशन के बाद वायु सेना में शामिल किया जाएगा।

इसके अलावा, 114 राफेल फाइटर जेट्स की प्रस्तावित खरीद से बेड़े में 294 एयरक्राफ्ट जुड़ सकते हैं, हालांकि 2030 के दशक में 200 से ज्यादा जगुआर, मिराज 2000 और MiG-29 एयरक्राफ्ट रिटायर होने वाले हैं। इसके साथ ही नए एयरबोर्न वॉर्निंग सिस्टम, टैंकर विमान और ISTAR प्लेटफॉर्म भी बेड़े में शामिल किए जा रहे हैं।

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Ferrari 849 Testarossa Review: 1,050 PS पावर वाली इस सुपरकार में क्या है खास? जानें कीमत से परफॉर्मेंस तक सब कुछ

Ferrari ने 15 मार्च, 2026 को भारत में अपनी नई कार Ferrari 849 Testarossa लॉन्च की थी। जिसकी शुरुआती कीमत 10.37 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) है। यह एक प्लग-इन हाइब्रिड सुपरकार है, जो Ferrari SF90 Stradale की जगह लेगी और Lamborghini Revuelto को टक्कर देगी। अब चलिए इस कार के बारे में डिटेल में जानते हैं।

Testarossa नाम की कहानी करीब 70 साल पुरानी है। साल 1956 में Ferrari ने इस नाम का इस्तेमाल अपनी रेसिंग कारों के लिए किया था। उन कारों में लाल रंग के कैम कवर होते थे। बता दें कि इटैलियन भाषा में “Testarossa” का मतलब “रेड हेड” (लाल सिर) होता है। वहीं, Ferrari ने अब इतने लंबे समय बाद इस नाम को फिर से इस्तेमाल किया है।

Ferrari 849 Testarossa के नाम में “849” का मतलब इसके इंजन से जुड़ा है। इसमें 8 सिलेंडर वाला इंजन दिया गया है और हर सिलेंडर की क्षमता करीब 490cc है। Ferrari का कहना है कि यह अब तक की उनकी सबसे पावरफुल प्रोडक्शन कार है।

SF90 के डिजाइन से अलग एक नया लुक

डिजाइन की बात करें तो, इसका फ्रंट SF90 की स्टाइलिंग से अलग है। Ferrari ने इसके लिए 1970 के दशक की एंड्योरेंस रेसिंग प्रोटोटाइप और 1980 के दशक की टेस्टारोसा (Testarossa) से प्रेरणा ली है। कार में पतली LED हेडलाइट्स दी गई हैं, जो एक काले रंग की पट्टी के अंदर लगी हैं। और इसके नीचे दिया गया एक ब्रिज जैसा डिजाइन एरोडायनामिक स्पॉइलर का काम करता है।

इसके अलवा, कार के बड़े निचले एयर वेंट्स कूलिंग में मदद करते हैं, और इसके फ्रंट डिफ्यूजर में कार्बन-फाइबर इंसर्ट्स लगे हैं। नए डिजाइन किए गए फ्रंट अंडरफ्लोर से कार का कुल 35% डाउनफोर्स मिलता है।

कार के साइड में, 20-इंच के पहियों के साथ सिरेमिक ब्रेक कैलिपर्स और अलग-अलग साइज के टायर (staggered tyres) दिए गए हैं। पिछले पहिये के आर्च के आगे स्कुडेरिया फेरारी (Scuderia Ferrari) का बैज लगा है। इसके दरवाजे एयर इनटेक का भी काम करते हैं, जो इंटरकूलर और पिछले ब्रेक तक हवा पहुंचाते हैं। इसमें कार्बन फाइबर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है, जिसमें साइड स्कर्ट, व्हील आर्च और एरोडायनामिक डक्ट्स शामिल हैं।

1970 के दशक की रेसिंग ट्रिक

इसके पिछले हिस्से में ट्विन-टेल डिजाइन दिया गया है, जिसे कंपनी ने 1970 के दशक की 512S रेसिंग कार से लिया है। इसमें एक एक्टिव स्पॉइलर मिलता है, जो एक सेकंड से भी कम समय में अपनी स्थिति बदल सकता है। यह जरूरत के हिसाब से कार को कम हवा का दबाव (लो-ड्रैग) या ज्यादा पकड़ (हाई-डाउनफोर्स) देने में मदद करता है। यह स्पॉइलर कार में 100 किलोग्राम तक अतिरिक्त डाउनफोर्स पैदा कर सकता है।

250 km/h की रफ्तार पर, कुल डाउनफोर्स 415 kg तक पहुंच जाता है, जो SF90 Stradale के डाउनफोर्स से ज्यादा है। पिछले हिस्से में कार्बन-फाइबर डिफ्यूजर और बीच में लगे ट्विन एग्जॉस्ट हैं, जो इसके अंदर लगे V8 इंजन की ओर इशारा करते हैं।

1,050 PS:  Ferrari की अब तक की सबसे दमदार रोड कार

इंजन देखें तो, 849 Testarossa में 3.9-लीटर ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन दिया गया है, जो अकेले 830 PS की पावर देता है। इसमें तीन इलेक्ट्रिक मोटर भी जुड़ी हैं: इनमें से दो मोटर आगे के पहियों पर लगी हैं, जो ऑल-व्हील ड्राइव और टॉर्क वेक्टरिंग में मदद करती हैं, जबकि तीसरी मोटर पीछे की तरफ दी गई है, जिसमें Ferrari की फॉर्मूला-1 तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। कुल मिलाकर यह 1,050 PS की पावर देती है। इसमें 7.45 kWh की बैटरी दी गई है, जिसेसे सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड में 25 km तक चलाया जा सकता है।

इसके अलावा, इस कार में आठ-स्पीड डुअल-क्लच गियरबॉक्स है, जिसे साइड स्लिप कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक डिफरेंशियल, ABS Evo और Ferrari के 5 व्हीकल डायनामिक्स एस्टिमेटर जैसे सिस्टम का सपोर्ट मिलता है।

Ferrari के अनुसार, यह कार 0-100 km/h की रफ्तार 2.3 सेकंड से भी कम समय में और 0-200 km/h की रफ्तार लगभग 6.3 सेकंड में पकड़ लेती है। इसकी टॉप स्पीड 330 km/h से ज्यादा है।

रेस कार जैसा कॉकपिट

इंटीरियर की बात करें तो, केबिन में लेदर, कार्बन फाइबर और अल्कांतारा का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, इसमें एक फ्लोटिंग डैशबोर्ड और पैसेंजर के लिए परफॉर्मेंस डेटा दिखाने वाला डिस्प्ले भी है। ड्राइवर को वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto के साथ 16-इंच का डिजिटल डिस्प्ले भी मिलता है। इसके अलावा, इसके अंदर ऊंचे सेंटर कंसोल पर गियर सेलेक्टर लगा है, जिस पर ब्रश किए हुए एल्युमीनियम की फिनिशिंग है।

स्टेयरिंग व्हील में फेरारी के पुराने हैप्टिक कंट्रोल्स के बजाय फिजिकल स्विच और कार्बन-फाइबर पैडल शिफ्टर्स दिए गए हैं। सीटें कार्बन-फाइबर रेसिंग बकेट स्टाइल की हैं और उन पर अल्कांतारा की ट्रिमिंग है। साथ ही, इन्हें अपनी पसंद के हिसाब से कस्टमाइज करने का ऑप्शन भी मिलता है।

बता दें कि Ferrari भारत में मुंबई और नई दिल्ली की डीलरशिप के जरिए यह कार बेचती है और बेंगलुरु से सर्विस सपोर्ट देती है।

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Assam Budget Polygamy Proposals: असम में बहुविवाह करने वालों पर हिमंत सरकार का नया कठोर एक्शन प्लान हुआ रिवील

Assam Budget Polygamy Proposals: असम सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में बड़ा प्रस्ताव रखा। इसके तहत, जो पुरुष एक से ज्यादा शादी (बहुविवाह) करेंगे, उन्हें राज्य सरकार की किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, अगर कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसे नौकरी से भी निकाला जा सकता है।

बता दें कि अपना पहला बजट पेश करते हुए, राज्य के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं का फायदा सिर्फ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचना चाहिए, बल्कि इनसे समाज में “समावेशिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों” को भी बढ़ावा मिलना चाहिए।

बरुआ ने कहा, “महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए, एक से ज्यादा शादियां करने वाला कोई भी पुरुष सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना का फायदा उठाने के योग्य नहीं होगा।”

बजट में ‘असम सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1964’ में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसके तहत, अगर कोई सरकारी कर्मचारी एक से ज्यादा शादियां (बहुविवाह) करते हुए पाया जाता है, तो उसे कानून के अनुसार नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है।

बरुआ ने कहा, “ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देने के लिए, मेरा प्रस्ताव है कि किसी भी आपराधिक कानून के तहत दोषी ठहराया गया व्यक्ति सरकार की अधिसूचित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के योग्य नहीं होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि चूंकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमित बजट उपलब्ध नहीं था, इसलिए सरकार अगस्त से कल्याणकारी योजनाओं को फिर से शुरू करेगी।

अलग-अलग वर्गों के लिए शुरू की गई नई कल्याणकारी योजनाएं

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने अलग-अलग वर्गों के लोगों के लिए कई नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के लिए सरकार 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट अलग-अलग मदों में आवंटित करने का प्रस्ताव रखती है।

उन्होंने बताया कि सभी लाभार्थी आधारित योजनाओं को डिजिटल सिस्टम के जरिए लागू किया जाएगा। इसके लिए DIDS (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर DBT स्कीम्स) का इस्तेमाल होगा, जिसमें आधार आधारित पहचान (Aadhaar Authentication) भी शामिल होगी।

वित्त मंत्री ने 2,85,084 करोड़ रुपये का बजट पेश किया

बरुआ ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,85,084 करोड़ रुपये का बजट पेश किया और छोटे चाय उत्पादकों के लिए टैक्स छूट की सीमा को चार गुना बढ़ाने और पाइप्ड नेचुरल गैस पर VAT को लगभग 10% कम करने का प्रस्ताव रखा।

इसके अलावा, उन्होंने पिछले पांच वर्षों में शुरू की गई सभी प्रमुख योजनाओं को जारी रखने की भी घोषणा की, साथ ही बजट घाटे को घटाकर 419 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा।

राज्य का बजट पेश करने के बाद, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए, बहुविवाह करने वाला कोई भी पुरुष किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने का पात्र नहीं होगा। किसी भी आपराधिक कानून के तहत अपराध का दोषी ठहराया गया कोई भी व्यक्ति अधिसूचित सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का पात्र नहीं होगा।”

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CM योगी का ऐलान: भदरसा बनेगा ‘भारत नगर’, मां ज्वाला जी के नाम पर होगी नई नगर पंचायत

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को घोषणा की कि अयोध्या जिले में हाल ही में बनी खिलौनी-सुचितगंज नगर पंचायत का नाम बदलकर ‘मां ज्वाला जी’ के नाम पर रखा जाएगा, जबकि भदरसा नगर का नाम अब ‘भरत नगर’ होगा। बता दें कि उन्होंने यह घोषणा बिकापुर में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान कही।

सीएम योगी ने कहा कि खिलौनी-सुचिंतागंज का नाम बदलने की मांग स्थानीय बीजेपी विधायक अमित सिंह चौहान ने की थी। उन्होंने अनुरोध किया है कि खिलौनी-सुचिंतागंज नगर पंचायत का नाम मां ज्वाला जी के नाम पर रखा जाए। इसलिए मैं घोषणा करता हूं कि इस नगर पंचायत को मां ज्वाला जी नगर पंचायत के नाम से जाना जाए।”

इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने यह भी घोषणा की कि भदरसा का नाम अब बदलकर भारत नगर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भरत कुंड से जुड़े इलाके की पहचान भी अब भारत नगर के नाम से होगी।

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना

अपने संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आपने हाल ही में भदरसा में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों का व्यवहार देखा है। यह उनके असली चरित्र को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भदरसा अब ‘भरत नगर’ के नाम से जाना जाएगा।”

बता दें कि भदरसा 2024 में एक नाबालिग के साथ रेप की घटना के कारण चर्चा में रहा था, जिसमें सपा नेता मोइद खान को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन बाद में अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया, जबकि कथित अनियमितताओं के कारण उनके शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को बुलडोजर से गिरा दिया गया था।

नया नाम राम के छोटे भाई को सम्मान देता है

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नया नाम भगवान राम के छोटे भाई भरत को सम्मान देता है, जिनकी भक्ति और त्याग हमेशा एक मिसाल बनी रहेगी।

आदित्यनाथ ने कहा, “भरत ने भगवान राम के आदेश का पूरी निष्ठा से पालन करते हुए 14 साल भरत कुंड के पास बिताए, जबकि भगवान राम की ‘पादुकाएं’ प्रतीकात्मक रूप से अयोध्या पर शासन कर रही थीं। दुनिया में कहीं भी भरत जैसा भाई मिलना मुश्किल है।”

उन्होंने कहा कि अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को पूरे देश में पहचाना जाता है और बताया कि नया नाम ‘भरत नगर’ अब नगर पंचायत के तौर पर और विकसित किया जाएगा।

वहीं, इससे पहले 6 जुलाई को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने घोषणा की थी कि शाहजहांपुर की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर भगवान परशुराम पुरी कर दिया जाएगा। इसके अलावा जून में, आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि कुशीनगर के फाजिल नगर का नाम पावागढ़ रखा जाएगा। बता दें कि इन सबसे पहले इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या किया जा चुका है।

432 करोड़ की परियोजनाओं का किया उद्घाटन

बता दें कि योगी आदित्यनाथ बीकापुर में 432 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सहावल ब्लॉक में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का भी अनावरण किया।

अपने भाषण में स्थानीय जन प्रतिनिधियों की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्रिय विधायकों ने बिकापुर, मिल्कीपुर, रुदौली और गोसाईंगंज सहित पूरे अयोध्या जिले में विकास की गति को तेज किया है।

एक दिन पहले हुई भारी बारिश का जिक्र करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें पक्का नहीं था कि कार्यक्रम हो पाएगा या नहीं, लेकिन खराब मौसम के बावजूद लोगों की भारी संख्या मौजूदगी एक गर्व की बात है। उन्होंने कहा, “बारिश के बावजूद लोगों में जो उत्साह दिखा, वह अयोध्या की भावना को दर्शाता है।”

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7,100mAh बैटरी, Snapdragon 8 Gen 5 और 144Hz डिस्प्ले Motorola Edge 70 Max लॉन्च से पहले सामने आए बड़े फीचर्स

Motorola ने अपने आगामी फ्लैगशिप स्मार्टफोन Motorola Edge 70 Max की लॉन्च डेट की आधिकारिक घोषणा कर दी है। कंपनी इस स्मार्टफोन को 15 जुलाई दोपहर 12 बजे लॉन्च करेगी। लॉन्च के तुरंत बाद यह डिवाइस Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। लॉन्च से पहले ही कंपनी ने फोन के कई अहम फीचर्स का खुलासा कर दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि Motorola इस बार प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। हालांकि, कैमरा स्पेसिफिकेशन और कीमत का खुलासा अभी नहीं किया गया है। इनकी जानकारी लॉन्च इवेंट के दौरान सामने आएगी।

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प्रीमियम डिजाइन के साथ मिलेगा फ्लैट डिस्प्ले

Motorola Edge 70 Max में स्लिम बेज़ल वाला फ्लैट डिस्प्ले और पीछे की तरफ स्क्वायर शेप कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। Flipkart पर फिलहाल इसे लाइट ब्लू और ग्रीन कलर ऑप्शन में दिखाया गया है। कंपनी ने इसे हल्का और प्रीमियम डिजाइन देने पर खास ध्यान दिया है।

 

Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर के साथ मिलेगी AI पावर

Motorola Edge 70 Max में Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर मिलेगा। कंपनी का दावा है कि इसमें पिछले मॉडल्स की तुलना में 46% बेहतर AI NPU परफॉर्मेंस मिलेगी। फोन में 12GB LPDDR5X RAM का सपोर्ट होगा और ऑन-डिवाइस AI प्रोसेसिंग इसकी सबसे बड़ी खासियतों में से एक होगी। Motorola के अनुसार, इस स्मार्टफोन का AnTuTu स्कोर 30 लाख (3 Million) से ज्यादा है, जो इसे फ्लैगशिप कैटेगरी का बेहद दमदार डिवाइस बनाता है।

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144Hz LTPO डिस्प्ले, 7,000 निट्स ब्राइटनेस

Motorola Edge 70 Max में Quad HD+ LTPO डिस्प्ले दिया जाएगा, जो 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा।

 

  • डिस्प्ले की प्रमुख खूबियां
  • 7,000 निट्स तक पीक ब्राइटनेस
  • Corning Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन
  • 95.12% स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो
  • DCI-P3 कलर गैमट सपोर्ट
  • 10-बिट कलर आउटपुट
  • BGMI में 120FPS गेमिंग सपोर्ट

 

रिपोर्ट्स के अनुसार फोन में 6.82 इंच का डिस्प्ले हो सकता है, हालांकि कंपनी ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

गेमिंग के लिए मिलेगा एडवांस कूलिंग सिस्टम

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Motorola ने इस स्मार्टफोन में ArcticMesh Cooling System दिया है, जिसमें 5,500 वर्ग मिमी का Vapor Chamber शामिल है। यह सिस्टम लंबे समय तक गेमिंग, वीडियो एडिटिंग और AI आधारित टास्क के दौरान फोन को ठंडा रखने में मदद करेगा।

7,100mAh बैटरी और 90W TurboPower चार्जिंग

Motorola Edge 70 Max में 7,100mAh की बड़ी बैटरी मिलेगी। कंपनी का दावा है कि यह फोन एक बार चार्ज करने पर 58 घंटे तक का बैटरी बैकअप देने में सक्षम होगा। चार्जिंग के लिए इसमें 90W TurboPower वायर्ड फास्ट चार्जिंग Magnetic Wireless Charging का सपोर्ट मिलेगा। Motorola का दावा है कि अपने सेगमेंट में मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग देने वाला यह पहला स्मार्टफोन होगा। कैमरा फीचर्स, कीमत और उपलब्धता से जुड़ी बाकी जानकारी 15 जुलाई को आयोजित लॉन्च इवेंट में सामने आएगी।

वाइटवाश से बचने उतरेगा भारत, इंग्लैंड की नजर नंबर 1 रैंक पर

ENGvsIND ब्रिस्टल में चौथा टी 20 जीतकर सीरीज अपने नाम करने के बाद हैरी ब्रूक ने इंग्लैंड की सीरीज़ को एकदम सही बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे ज़्यादा खुशी इस बात से हुई कि उन्होंने अलग-अलग पिच के हिसाब से खुद को ढाल लिया और “पिच से निपटने” के लिए अलग-अलग कुशलता ढूंढ लीं। ठीक यहीं पर भारत कम पड़ गया, और इसी वजह से, वे साउथम्प्टन में पांचवें और आखिरी टी20 में उतरेंगे।

धीमी विकेटों पर अतिरिक्त उछाल ने तकनीकी कमियों को सामने ला दिया है, जबकि लंबी स्क्वायर बाउंड्री ने भारतीय पिचों पर प्राकृतिक तरीके से मिलने वाले कुछ स्कोरिंग विकल्प  को कहीं ज़्यादा जोखिम बना दिया है। छोटे भारतीय मैदान  और पाटा पिच पर डीप स्क्वायर लेग रोप्स को आराम से पार करने वाले शॉट बार-बार फील्डर्स को मिल जाते हैं, जैसा कि नॉटिंघम में ईशान किशन के साथ हुआ।

सीरीज़ की शुरुआत में जोफ्रा आर्चर की यह बात कि वह आईपीएल में “आसान” पिचों के बाद “नॉर्मल” क्रिकेट खेलने वापस आ गए हैं, ने बहुतों को हैरान कर दिया था, लेकिन सीरीज़ के दौरान भारत की बल्लेबाजी ने इसे गलत साबित करने के लिए कुछ खास नहीं किया। इन हारों ने ऑस्ट्रेलिया में 2028 टी 20 वर्ल्ड कप से पहले बेहतर तरीके से समायोजित करने की ज़रूरत को और पक्का कर दिया है, जहाँ तेजी , उछाल और बड़े ग्राउंड कहीं ज़्यादा बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।

साउथम्प्टन भारत को यूके के निराशाजनक सफेद गेंद के दौरे से कुछ उबरने का एक आखिरी मौका देता है, जिसमें आयरलैंड से उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ हार और 2019 के बाद इंग्लैंड से उनकी पहली द्विपक्षीय सीरीज़ हार मिली है।

इस बीच, इंग्लैंड के पास एक और मौका है। पांचवें टी20 में जीत उन्हें पुरुष टी 20 रैंकिंग में नंबर 1 स्थान पर पहुंचा देगी, ब्रूक को लगा कि यह एक “बहुत अच्छी” उपलब्धि होगी। सच कहूं तो, यह एक ऐसी सीरीज़ को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका होगा जिसमें वे लगातार भारत से एक कदम आगे दिखे हैं। साउथम्प्टन में चेस्टर-ली-स्ट्रीट जितना फ्री-स्कोरिंग होने की उम्मीद नहीं है और स्थिति भारत के लिए फिर से मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं, जो संघर्ष कर रहे हैं। चौकोर मैदान पर बड़ी स्क्वायर बाउंड्री के हिसाब से ढलने के लिए।

बारिश से छोटा हुआ मैच टाई होने के अलावा, 2025 से यहां खेले गए 14 टी 20 मैचों में पहले बैटिंग करने वाली और चेज़ करने वाली टीमों ने सात-सात गेम जीते हैं। उन मैचों में पहली इनिंग का एवरेज स्कोर 174 है, जो पहले बैटिंग करने वाली टीम के जीते हुए गेम में बढ़कर 203 हो जाता है। मेजबान टीम, जिसने पिछले मैच के लिए रेहान अहमद को शामिल किया था, के बिना किसी बदलाव के उतरने की संभावना है।

मेहमान कुछ बदलाव कर सकते हैं। संजू सैमसन नंबर 3 पर आ सकते हैं ताकि बहुत ज़्यादा खब्बू बल्लेबाज को तोड़ा जा सके, जबकि सूर्यांश शेडगे को मौका मिल सकता है। वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से सीरीज़ से बाहर हैं।

ENGvsIND

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, इशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, संजू सैमसन, सूर्यांश शेडगे, रवि बिश्नोई।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, विल जैक्स, सैम कुरेन, जोश टंग, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, सन्नी बेकर, जॉर्डन कॉक्स, जेम्स कोल्स।

समय: शाम सात बजे।