नीली नहीं अब विश्व कप में भगवा जर्सी पहनेंगी भारतीय हॉकी टीमें

भारतीय पुरूष और महिला हॉकी टीमें अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच विश्व कप में पारंपरिक नीली जर्सी नहीं बल्कि भगवा रंग की जर्सी पहनेगी।

इस फैसले पर हालांकि पूर्व कप्तान वीरेन रासकिन्हा ने सवाल उठाया है। हॉकी इंडिया ने अपने सोशल मीडिया पेज पर नयी जर्सी का अनावरण करते हुए कहा कि जर्सी का डिजाइन और रंग एक कहानी बताने और भारत का गौरव दिखाने के लिये है।

हॉकी इंडिया ने कहा कि भगवा रंग साहस, बलिदान और जीत का प्रतीक है। इसने कहा ,‘‘भारत के राष्ट्रध्वज और उगते हुए सूरज से प्रेरित यह जर्सी नयी शुरूआत की प्रतीक है।’

विश्व कप 15 से 30 अगस्त के बीच खेला जायेगा। जर्सी पर ‘मंडाला’ कला से प्रेरित पैटर्न हैं जो भारत की सांस्कृतिक विरासत दर्शाते हैं। हॉकी इंडिया ने कहा कि इस पर गहरा नेवी ब्लू रंक अशोक चक्र से प्रेरित है जो प्रगति, शांति और फोकस का प्रतीक है।

हॉकी इंडिया ने कहा कि छाती पर बना ग्राफिक सुदर्शन चक्र का एक आधुनिक रूप है, जो “ताकत, एकता और गति” का प्रतीक है।

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कंधों और बाजुओं पर तिरंगे की पाइपिंग है जो राष्ट्रीय गौरव की द्योतक है। जर्सी के आगे के हिस्से पर देवनागरी लिपि में ‘इंडिया’ लिखा है जो भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।

हॉकी इंडिया ने कहा नयी जर्सी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना की परिचायक है। भारतीय टीम के पास भगवा के साथ इसी तरह की सफेद जर्सी भी होगी। पूर्व कप्तान रासकिन्हा ने हालांकि जर्सी का रंग बदलने के फैसले पर सवाल किया है।

उन्होंने एक्स पर लिखा हॉकी इंडिया ने खेल के लिये बहुत कुछ किया है लेकिन यह निराशाजनक है। भारतीय टीम की विरासत और पहचान नीला रंग रही है। मैने कई साल तक गर्व से नीली जर्सी पहनी है। प्रशंसक हमारी टीम को नीले रंग में देखना चाहते हैं।यह भगवा का क्या तुक है। ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट के सीईओ ने कहा मेरा सरल और सीधा प्रश्न अपने गर्व, पहचान और विरासत से जुड़ा है।

हॉकी इंडिया ने हालांकि इस फैसले का बचाव किया और एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा ,‘‘इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। भगवा जर्सी होने में क्या खराबी है। यह हमारे तिरंगे का एक रंग है और परिवर्तन तो होते रहना चाहिये। उन्होंने कहा कि नीली टर्फ पर नीली जर्सी पहनने से प्रशंसकों और प्रसारकों को देखने में समस्या आती है।

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8.9 मीटर की लंबी कूद लगाकर श्रीशंकर ने जीता सिल्वर मेडल (Video)

भारत के अनुभवी एथलीट मुरली श्रीशंकर ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में जारी राष्ट्रमंडल खेलों में 8.9 मीटर लंबी कूद मारकर रजत पदक अपने नाम कर लिया है।  मुरली श्रीशंकर टॉप्स के एथलीट है और उनसे पदक जीतने की उम्मीद थी और उन्होंने निराश भी नहीं किया।यह उनके लिए एक सुखद अहसास भी है क्योंकि वह चोट के कारण पेरिस ओलंपिक का भाग नहीं बन पाए थे।

एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता श्रीशंकर ने 2023 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 8.37 मीटर के प्रयास से रजत पदक जीतते हुए पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था।

जून 2023 में श्रीशंकर तीसरे स्थान पर रहकर डाइमंड लीग प्रतियोगिता में शीर्ष तीन में जगह बनाने वाले तीसरे भारतीय बने थे।हालांकि वह बुडापेस्ट में विश्व चैंपियनशिप के क्वालीफाइंग दौर से बाहर होने से निराश थे लेकिन हांगझोउ में एशियाई खेलों में रजत पदक जीतकर जोरदार वापसी की।

श्रीशंकर ने कहा, ‘‘जिंदगी अजीब पटकथाएं लिखती है और कभी-कभी इसे स्वीकार करने और आगे बढ़ने में साहस होता है। मैं यही करूंगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरी वापसी का सफर उसी क्षण शुरू हो गया जब मेरे घुटने में चोट लगी। यह रास्ता लंबा, कठिन होने वाला है और मेरे से बहुत कुछ छीन लेगा।’’

बॉस्केटबॉल के दिग्गज कोबे ब्रायंट को अपना आदर्श मानने वाले श्रीशंकर ने कहा, ‘‘अच्छी बात यह है कि मेरे पास देने के लिए बहुत कुछ है। मैं इससे निपट लूंगा क्योंकि मांबा मानसिकता का यही मतलब है।’’शब्द ‘माम्बा मानसिकता’ लॉस एंजिल्स लेकर्स स्टार की जीवन और प्रतिस्पर्धा के प्रति मानसिकता और सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

दतिया विधानसभा सीट पर क्या टूटेगा 2023 की वोटिंग का रिकार्ड, बंपर वोटिंग में कौन मारेगा बाजी?

मध्यप्रदेश की सबसे हाईप्रोफाइल विधानसभा सीट दतिया में आज मतदान हो रहा है। दोपहर 3 बजे तक 61 फीसदी से करीब मतदान हो चुका है। आज मतदान के दिन भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह दोनों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। वहीं दतिया उपचुनाव में सबसे अधिक चर्चा में रहने वाले पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी अपने मताधिकार का उपयोग किया। वोट डाले के बाद नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की जीत का दावा किया।  

 

वोटिंग ट्रैंड से भाजपा-कांग्रेस में कांटे के मुकाबले के संकेत-दतिया विधानसभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी धनश्याम सिंह के बीच कांटे का मुकाबला देखा जा रहा है। दतिया के शहरों इलाकों के साथ ग्रामीण इलाकों में सभी 291 पोलिंग बूथों पर जिस तरह से मतदान का ट्रैंड देखने को मिल रहा है, उससे यह साफ है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर चल रही है, वहीं एसी वर्ग का एक बड़ा वोट बैंक दमोदर यादव के साथ भी जा सकता है। जैसे-जैसे वोटिंग का समय बीतता जा रहा है वैसे-वैसे ग्रामीण इलाकों में मतदान केंद्रों पर वोटर्स की लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही है। 

दतिया विधानसभा सीट पर अब तक हुआ मतदान इस बात की ओर साफ इशारा है कि शाम 6 बजे तक मददान प्रतिशत 2023 के विधानसभा चुनाव की तरह 80 फीसदी के उपर जा सकता है। गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में दतिया विधानसभा सीट पर 80.20 फीसदी मतदान हुआ था और भाजपा प्रत्याशी नरोत्तम मिश्रा को करीब 8 हजार वोटों से कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था।   

 

दमोदर यादव साबित होंगे किंगमेकर?- दतिया विधानसभा में आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दमोदर यादव गेमचेंजर साबित हो सकते है। दतिया विधानसभा में एससी वोटर्स की संख्या 60 हजार के करीब है और दतिया के ग्रामीण इलाकों में एससी वोटर्स का झुकाव दामोदर यादव की ओर हो सकता है। इसके साथ ओबीसी समाज का एक वोट बैंक भी दमोदर यादव के साथ जा सकता है।  

 

सोशल मीडिया से वायरल कंटेट से किसका नफा-किसका नुकसान?-दतिया में पोलिंग के दिन सोशल मीडिया पर जिस तरह कंटेट वायरल हुए उसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ सकता है। सुबह 7 बजे मतदान शुरु होते ही सोशल मीडिया पर भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह को उनके पद से निष्कासित करने का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का एक फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस फर्जी पत्र के लिए भाजपा ने किश रावत नाम के शख्स के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की है। चुनाव आयोग से शिकायत भाजपा ने आरोप लगाया है कि किश रावत ने फेसबुक पर भ्रामक और आपत्तिजनक पत्र अपलोड किया, जिसके कारण दतिया के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है और इसके कारण कानून और व्यवस्था की स्थिति उत्तपन्न हो सकती है। भाजपा ने किश रावत के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

दतिया विधानसभा सीट पर कुशवाह वोटर्स की संख्या 40 हजार से उपर है और चुनाव में कुशवाह वोटर्स निर्णायक भूमिका निभा सकते है, इसलिए पोलिंग के ठीक पहले बुधवार शाम वार्ड एक से पार्षद रहे कल्लू कुशवाह हत्याकांड मामले में उनकी पत्नी संतोष कुशवाह का भाजपा का विरोध करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में कल्लू कुशवाह की पत्नी ने अपने पति के हत्याकांड के आरोपी साहब सिंह यादव के भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के साथ चुनाव प्रचार करने का आरोप लगाया। इसके साथ उन्होंने कुशवाह समाज के वोटर्स से भाजपा को हराने की अपील की। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दतिया के भाजपा के कुशवाह समाज के नेताओं और पार्षदों के वीडियो आए जिसमें  कुशवाह समाज से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की गई।  

वंदे भारत की रफ्तार से दौड़ी पहली फ्रेट ट्रेन, 145 kmph की स्पीड छूकर बनाया नया रिकॉर्ड

भारत अपने रेलवे फ्रेट नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गया है। देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म-बेस्ड फ्रेट इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (EMU) ने राजस्थान के कोटा डिवीजन में टेक्निकल ट्रायल का पहला दिन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस दौरान इस हाई-स्पीड फ्रेट ट्रेन ने 145 किमी/घंटा की टॉप स्पीड हासिल की, जो भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

16-कोच वाले इस प्रोटोटाइप ट्रेन को चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने वंदे भारत प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके तैयार किया है। इसे सामान को पहले से ज्यादा तेज और बेहतर तरीके से पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है, खासकर उन सेक्टरों के लिए जिन्हें तेजी से डिलीवरी की जरूरत होती है, जैसे कि ई-कॉमर्स, पार्सल सर्विस और कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स।

ट्रेन 145 kmph की टॉप स्पीड तक पहुंची

यह ट्रायल ‘रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन’ (RDSO) की ओर से कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर किया जा रहा है, जो इंडियन रेलवे के सबसे एडवांस्ड टेस्टिंग रूट्स में से एक है।

कोटा डिवीजन के सीनियर डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर सौरभ जैन के अनुसार, मालगाड़ी बुधवार सुबह 6 बजे कोटा से रवाना हुई और महिदपुर रोड तक गई। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पहले कोटा-महिदपुर रोड सेक्शन पर 120 kmph की रफ्तार से बिना रिकॉर्डिंग वाले टेस्ट किए गए।

बाद में ट्रेन ने महिदपुर रोड और भवानी मंडी के बीच 120 kmph और 135 kmph की रफ्तार से ट्रायल रन पूरे किए। कोटा लौटते समय इसने 145 kmph की अधिकतम रफ्तार हासिल की, जो ट्रायल के पहले दिन दर्ज की गई सबसे ज्यादा रफ्तार थी।

अधिकारियों ने बताया कि टेस्टिंग के दौरान ट्रेन हर दिन कम से कम दो राउंड ट्रिप करेगी।

एक महीने तक चलेगा ट्रायल, परफॉर्मेंस और सुरक्षा की होगी जांच

कमर्शियल इस्तेमाल के लिए मंज़ूरी मिलने से पहले प्रोटोटाइप का एक महीने तक टेस्टिंग प्रोग्राम चलेगा। इन टेस्ट में ट्रेन की परफॉर्मेंस को 120, 130, 140 और 145 kmph की स्पीड पर, लोड के साथ और बिना लोड के, परखा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इंजीनियर इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस, ट्रैक्शन, ब्रेकिंग क्षमता, रीजेनरेटिव एनर्जी परफॉर्मेंस, कपलर की मजबूती और घुमावदार रास्तों पर ट्रेन के व्यवहार की भी जांच करेंगे।

इसके अलावा, ट्रेन के सिग्नल और टेलीकम्युनिकेशन इंटरफेरेंस टेस्ट, PAPIS वेरिफिकेशन, दरवाजों के कामकाज की जांच और सुरक्षा से जुड़ी जांच भी की जाएगी।

इसके साथ ही लाइटिंग सिस्टम, CCTV कैमरे, अंदर के इक्विपमेंट और इलेक्ट्रिकल प्रोटेक्शन सिस्टम पर भी स्टैटिक टेस्ट किए जाएंगे।

तेजी से सामान पहुंचाने के लिए डिजाइन की गई

वंदे भारत फ्रेट EMU को खास तौर पर ऐसे सामान की तेज रफ्तार से ढुलाई के लिए डिजाइन किया गया है, जिसे जल्दी पहुंचाने की जरूरत होती है। News18 की रिपोर्ट के अनुसार, इससे एक्सप्रेस पार्सल सर्विस, ई-कॉमर्स, रेफ्रिजरेटेड ट्रांसपोर्ट और समय पर निर्भर लॉजिस्टिक्स जैसे उद्योगों को फायदा होने की उम्मीद है।

16-कोच वाली इस ट्रेन में दो रेफ्रिजरेटेड DTC कोच, दो नॉन-ड्राइविंग ट्रेलर कोच और 12 पार्सल कोच शामिल हैं। बता दें कि इसकी पेलोड क्षमता 397 टन से ज्यादा है और XL लोड 20 टन से अधिक है।

यह ट्रेन, वंदे भारत बोगी सिस्टम, आधुनिक ब्रेकिंग और प्रोपल्शन सिस्टम, रेफ्रिजरेटेड स्टोरेज सुविधा, फोर्स्ड वेंटिलेशन और सामान को आसानी से लोड और अनलोड करने के लिए न्यूमैटिक रिट्रैक्टेबल रोलर फ्लोरिंग से लैस है।

इसमें एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं

इस मालगाड़ी में कई मॉडर्न सेफ्टी फीचर्स भी हैं। इसमें ऑपरेशनल सेफ्टी को बेहतर बनाने के लिए ‘कवच’ (KAVACH) ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है।

सेफ्टी को और मजबूत बनाने के लिए ट्रेन के सभी दरवाजे 5 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा स्पीड होने पर अपने आप लॉक हो जाते हैं। इसके अलावा, जब तक ट्रेन के सभी दरवाजे ठीक से बंद और लॉक नहीं हो जाते, तब तक ट्रेन आगे नहीं बढ़ सकती। इससे सफर के दौरान सुरक्षा का स्तर और बेहतर होगा।

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भारत से लगे नेपाल के इलाकों में चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी

नेपाल के कोशी प्रांत में भारत की सीमा से लगे सुनसरी जिले के कई हिस्सों में सांप्रदायिक हिंसा के बाद बृहस्पतिवार को लगातार चौथे दिन अनिश्चितकालीन कर्फ्यू जारी रहा।

इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। सुनसरी के सहायक मुख्य जिला अधिकारी पोषण लामिछाने ने कहा कि जिले में सुरक्षा स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार को पहली बार कर्फ्यू लगाया था। बाद में इसका विस्तार करते हुए पूर्व-पश्चिम राजमार्ग समेत 10 इलाकों को इसके दायरे में शामिल कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि कर्फ्यू अगले आदेश तक जारी रहेगा।

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उन्होंने कहा कि कर्फ्यू के तहत आवाजाही, एकत्र होने, प्रदर्शन करने, जनसभा करने और धरने देने जैसी लोगों की गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, विभिन्न संवेदनशील इलाकों और सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने देश में, विशेष रूप से सुनसरी जिले में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है।

दो धार्मिक समुदायों के उत्सव के दौरान हुए विवाद के बाद आपस में भिड़े समूहों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और सुरक्षाकर्मियों सहित 12 से अधिक लोग घायल हो गए।

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लॉन्च से पहले iQOO Z11 की भारत में कीमत और स्पेसिफिकेशन्स लीक, मिलेगा 144Hz OLED डिस्प्ले और 8000mAh बैटरी

iQOO Z11 Lite लॉन्च करने के कुछ ही दिनों बाद, Vivo का यह सब-ब्रांड इस सीरीज में एक और फोन जोड़ने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इस फोन के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की है, लेकिन हाल ही में लीक हुई जानकारी से इसके अनुमानित स्पेसिफिकेशन्स, लॉन्च टाइमलाइन और अनुमानित कीमत का पता चलता है। ऐसी भी चर्चा है कि भारत में आने वाला iQOO Z11, इस साल की शुरुआत में चीन में लॉन्च हुए मॉडल से कुछ बड़े बदलावों के साथ आ सकता है। अब आइए जानते हैं इस अपकमिंग स्मार्टफोन की लीक हुई सभी जानकारी के बारे में।

iQOO Z11 के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स (लीक जानकारी)

टिपस्टर देबयान रॉय की ओर से शेयर की गई लीक जानकारी के अनुसार, iQOO Z11 का भारतीय वर्जन 144Hz रिफ्रेश रेट वाले 1.5K कर्व्ड OLED डिस्प्ले के साथ आ सकता है, जो इसे चीनी मॉडल में देखे गए फ्लैट-स्क्रीन डिजाइन से अलग बनाता है।

उम्मीद है कि चीनी स्मार्टफोन निर्माता इस फोन में MediaTek Dimensity 7500 चिपसेट का इस्तेमाल करेगा। साथ ही, कहा जा रहा है कि इस डिवाइस में 7000mAh से 8000 mAh की बैटरी होगी, जो 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगी।

कैमरे की बात करें तो, इस फोन में ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन (OIS) के साथ 50MP का प्राइमरी कैमरा और 32MP का फ्रंट कैमरा होने की उम्मीद है। अन्य अनुमानित फीचर्स में IP68 और IP69 डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंस, इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर, प्लास्टिक फ्रेम और 8GB व 12GB RAM वाले मेमोरी ऑप्शन शामिल हैं।

वहीं, इसकी तुलना में चीनी वर्जन MediaTek Dimensity 8500 चिपसेट, 6.83-इंच 1.5K 165Hz AMOLED डिस्प्ले, 9020 mAh बैटरी और डुअल-कैमरा सेटअप (जिसमें 50MP का मेन सेंसर और 2MP का डेप्थ कैमरा है) के साथ लॉन्च हुआ था।

iQOO Z11 भारत में लॉन्च और कीमत (लीक जानकारी)

हालांकि, iQOO ने अभी तक ऑफिशियली लॉन्च डेट की पुष्टि नहीं की है, लेकिन हालिया लीक से पता चलता है कि यह स्मार्टफोन अगस्त में कभी भी भारत में आ सकता है। पहले मिली BIS सर्टिफिकेशन की जानकारी से यह भी संकेत मिलता है कि लॉन्च में ज्यादा समय नहीं बचा है। कीमत की बात करें तो, टिपस्टर देबयान के अनुसार, चीन की यह टेक कंपनी भारत में iQOO Z11 को लगभग 35,000 रुपये की कीमत पर लॉन्च कर सकती है।

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पंजाब में ‘प्रश्नपत्र लीक’ के विरोध में दिल्ली भाजपा का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली ईकाई ने बृहस्पतिवार को मंडी हाउस के निकट आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर पंजाब में कथित प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी फिरोजशाह रोड स्थित ‘आप’ मुख्यालय के निकट एकत्र हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में साढ़े चार वर्ष पुरानी ‘आप’ सरकार के कार्यकाल में छह परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस सहित अन्य मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की।

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हाल में ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि पंजाब में उनकी सरकार के कार्यकाल में किसी भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ। हालांकि उन्होंने कहा था कि एक परीक्षा के दौरान दो केंद्रों पर कुछ विद्यार्थियों ने नकल के लिए डिजिटल पेन का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें तत्काल पकड़ लिया गया और प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ।

प्रदर्शन में शामिल भाजपा सांसदों, विधायकों और प्रदेश पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य में छह परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से 30 लाख विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि ‘आप’ ने हाल में जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के उस प्रदर्शन का समर्थन किया था, जिसके बाद नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था।

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Ajinkya Rahane: लॉर्ड्स से गाबा तक… अजिंक्य रहाणे की वो यादगार पारियां, जिन्हें क्रिकेट फैंस कभी नहीं भूलेंगे

Ajinkya Rahane: अजिंक्य रहाणे ने 12 साल लंबे अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया है। भारत के सबसे भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजों में गिने जाने वाले रहाणे विदेशी जमीन पर शानदार बल्लेबाजी, स्लिप में बेहतरीन फील्डिंग और मुश्किल समय में टीम की जिम्मेदारी संभालने के लिए जाने जाते थे।

रहाणे ने अपने करियर में भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पल दिए। उन्होंने 28 साल बाद लॉर्ड्स में भारत को टेस्ट जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, एडिलेड टेस्ट में मिली शर्मनाक हार के बाद चोटों से जूझ रही भारतीय टीम की मेलबर्न टेस्ट में कप्तानी करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की दिलाई, जिसे उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।

रहाणे ने अपने करियर में भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पल दिए। उन्होंने लॉर्ड्स में 28 साल बाद भारत की टेस्ट जीत में अहम योगदान दिया। वहीं, एडिलेड टेस्ट में हार के बाद जब टीम मुश्किल दौर से गुजर रही थी, तब मेलबर्न टेस्ट में कप्तानी करते हुए भारत को शानदार जीत दिलाई। जिसे उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।

इसके अलावा, विदेशी दौरों पर लगाए गए उनके शानदार शतक, गॉल टेस्ट में स्लिप में रिकॉर्ड कैच, और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में खेली गई यादगार पारी भी उनके इंटरनेशनल करियर के सबसे खास पलों में शामिल हैं।

टीम इंडिया के लिए अजिंक्य रहाणे के आंकड़ों पर एक नजर:

हालांकि रहाणे ने भारत के लिए तीनों फ़ॉर्मेट में खेला, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने अपनी सबसे बड़ी छाप छोड़ी। उन्होंने 85 टेस्ट मैचों में 12 शतकों के साथ 5,077 रन बनाए, जिनमें से कई बेहतरीन पारियां मुश्किल विदेशी हालात में खेली गईं। 2013 और 2016 के बीच, उन्होंने न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाकर खुद को भारत के प्रमुख विदेशी दौरे वाले बल्लेबाज के तौर पर स्थापित किया। बाद में उन्होंने विराट कोहली के उप-कप्तान और जरूरत पड़ने पर कप्तान के तौर पर भी भूमिका निभाई।

भारत के लिए अजिंक्य रहाणे के यादगार पल

  1. लॉर्ड्स में शतक (इंग्लैंड के खिलाफ 103 रन, 2014)

साल 2014 में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए टेस्ट मैच में अजिंक्य रहाणे ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। मुश्किल पिच पर जब भारतीय टीम 145 रन पर 7 विकेट गंवा चुकी थी, तब रहाणे ने शानदार 103 रन बनाकर टीम को संकट से बाहर निकाला था। भुवनेश्वर कुमार के साथ उनकी साझेदारी ने पहली पारी में भारत का स्कोर 295 तक पहुँचाया और टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालाँकि भारत की दूसरी पारी में रहाणे ‘गोल्डन डक’ (पहली ही गेंद पर आउट) का शिकार हुए, लेकिन उनका शतक बहुत अहम साबित हुआ। इसके बाद इशांत शर्मा ने सात विकेट लिए और भारत को 95 रनों से जीत दिलाई, जिससे इस मशहूर मैदान पर टेस्ट जीत का भारत का 28 साल का इंतजार खत्म हुआ।

  1. MCG में कप्तान का शतक (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 112 रन, 2020)

2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड टेस्ट में भारत सिर्फ 36 रन पर ऑलआउट हो गया था, जिसके बाद टीम को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। इसी बीच विराट कोहली पितृत्व अवकाश पर घर लौट गए और कई खिलाड़ी भी चोट के कारण टीम से बाहर हो गए। ऐसे मुश्किल समय में अजिंक्य रहाणे ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेले गए दूसरे टेस्ट में रहाणे ने दबाव के बीच 223 गेंदों पर शानदार 112 रन की कप्तानी पारी खेली। उनकी इस पारी और बेहतरीन कप्तानी की बदौलत भारत ने 8 विकेट से जीत हासिल की और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में सीरीज 1-1 से बराबर कर दी।

दौरे के बाकी मैचों में रहाणे की शांत कप्तानी निर्णायक साबित हुई, क्योंकि उन्होंने कई प्रमुख गेंदबाजों के बिना चोटिल टीम का नेतृत्व करते हुए ऑस्ट्रेलिया के गढ़ गाबा में एक यादगार जीत दर्ज की और सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया। बता दें कि एडिलेड में शर्मनाक हार के बाद की गई यह शानदार वापसी भारतीय क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार विदेशी टेस्ट जीतों में गिनी जाती है, जिसमें रहाणे की शांत का नेतृत्व सबे अहम रहा।

  1. मेलबर्न (2014) में शानदार जवाबी हमला करते हुए 147 रन

साल 2014 में मेलबर्न टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना करते हुए, रहाणे ने 171 गेंदों पर शानदार 147 रन बनाए और चौथे विकेट के लिए विराट कोहली के साथ 262 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत को फॉलो-ऑन से बचाया और सीरीज के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजी प्रदर्शनों में से एक में कड़े संघर्ष के बाद मैच ड्रॉ कराया।

  1. न्यूजीलैंड के खिलाफ़ करियर का सर्वश्रेष्ठ 188 रन (2016)

साल 2016 में इंदौर टेस्ट में रहाणे ने अपना अब तक का सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर 188 रन बनाया। उन्होंने कोहली के साथ चौथे विकेट के लिए 365 रनों की विशाल पार्टनरशिप की, जिसकी बदौलत भारत ने पहली पारी में 5 विकेट पर 557 रन घोषित किए। बता दें कि भारत ने यह मुकाबला 321 रन के बड़े अंतर से जीता था और 3-0 से सीरीज अपने नाम की थी। रहाणे की यह पारी उनके टेस्ट करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में गिनी जाती है।

  1. गाले में वर्ल्ड-रिकॉर्ड कैचिंग का प्रदर्शन (2015)

अपनी बैटिंग के अलावा, रहाणे ने स्लिप में भी शानदार खेल दिखाया। गाले में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने एक मैच में आठ कैच लिए, जो उस समय किसी नॉन-विकेटकीपर द्वारा टेस्ट मैच में लिए गए सबसे ज्यादा कैच थे। इससे उनके बेहतरीन रिफ्लेक्स और सुरक्षित हाथों का पता चला। बाद में 10 साल बाद एडेन मार्करम ने यह रिकॉर्ड तोड़ा, जब उन्होंने नवंबर 2025 में गुवाहाटी में भारत के खिलाफ नौ कैच लिए।

  1. WTC फाइनल में वापसी (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 89 और 46 रन, 2023)

टेस्ट टीम से लगभग 18 महीने बाहर रहने के बाद, मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन और चेन्नई सुपर किंग्स के साथ IPL में जबरदस्त वापसी के दम पर रहाणे को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए अचानक टीम में वापस बुलाया गया। श्रेयस अय्यर के चोटिल होने के बाद उन्हें प्लेइंग XI में शामिल किया गया और रहाणे ने ‘द ओवल’ पर भारत के सबसे अच्छे बल्लेबाज के तौर पर खेलकर चयनकर्ताओं के भरोसे को सही साबित किया।

जब भारत का स्कोर 71/4 हो गया था, तब उन्होंने पहली पारी में संघर्षपूर्ण 89 रन बनाए और दूसरी पारी में 46 रन जोड़े। साथ ही, इस मैच के दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 5,000 रन पूरे करने का मील का पत्थर भी हासिल किया। भले ही भारत फाइनल हार गया, लेकिन रहाणे की वापसी वाली पारियों ने सबसे बड़े मंच पर एक भरोसेमंद खिलाड़ी के तौर पर उनकी अहमियत को साबित कर दिया।

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PM मोदी की फेसबुक पोस्ट हटने के विवाद पर Meta का बड़ा कदम, अब VIP अकाउंट्स के लिए लागू किए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल

PM Modi post row: दिग्गज अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने भारत सरकार को एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य प्रमुख हस्तियों द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए लागू किए गए कड़े और एडवांस्ड सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी दी है। प्रधानमंत्री मोदी की फेसबुक पोस्ट कुछ समय के लिए हटाए जाने के विवाद के बाद Meta ने प्रमुख VIP अकाउंट्स की सुरक्षा के लिए नए प्रोटोकॉल लागू किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने गुरुवार (30 जुलाई) को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कंपनी ने सरकार को इस बारे में जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि अगले 7 से 10 दिनों के भीतर इस मुद्दे पर एक विस्तृत बैठक भी होगी। पत्रकारों से बातचीत में एस. कृष्णन ने कहा कि Meta ने सरकार को बताया है कि 28 जुलाई की घटना के बाद नए सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो फेसबुक से कुछ समय के लिए हट गया था, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया था। बता दें कि मेटा, फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चलाती है।

मेटा ने लेटर में क्या कहा?

सूत्रों ने बताया कि मेटा ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय को सूचित किया है कि प्रधानमंत्री और अन्य प्रमुख हस्तियों द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट की अतिरिक्त निगरानी की जाएगी। साथ ही कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कई स्तरों पर इसकी समीक्षा की जाएगी। सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि मेटा की टीम इस सप्ताह के अंत में या अगले सप्ताह की शुरुआत में सरकारी अधिकारियों से उस घटना के संबंध में मिल सकती है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए हटा दिया गया था।

सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की एक फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए हटाए जाने के मुद्दे पर मंगलवार को मेटा के ग्लोबल हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी को तलब किया था। 23 जुलाई की पोस्ट में प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित किया था। उन्हें पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। अमेरिका स्थित सोशल मीडिया कंपनी ने इस घटना के लिए तकनीकी खराबी को जिम्मेदार ठहराते हुए माफी मांगी थी। हालांकि, IT मंत्रालय ने इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त माना था।

प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो संदेश शुरू में 23 जुलाई को इंस्टाग्राम पर साझा किया गया था। बाद में फेसबुक पर पोस्ट किया गया था। लेकिन मेटा ने इसे अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया था। सूत्रों के अनुसार, मेटा ने इस स्थिति के लिए अपने ऑटोमेटेड AI कंटेंट फिल्टर में तकनीकी खराबी को जिम्मेदार ठहराया। कंपनी ने कहा कि जो कंटेंट गलती से हटा दिया गया था, उसे बाद में बहाल कर दिया गया।

मेटा के अधिकारियों से इन पहलुओं पर होगी चर्चा

MeitY सचिव ने बताया कि प्रस्तावित बैठक में इस पूरे मामले के नीतिगत (Policy) और तकनीकी (Technical) दोनों पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही यह भी समीक्षा की जाएगी कि Meta ने सरकार की चिंताओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि Meta ने सरकार को एक लेटर लिखकर इस घटना पर खेद (Regret) भी जताया है। साथ ही यह बताया है कि किन कारणों से पोस्ट हटाई गई थी।

Meta के जवाब की जांच जारी

एस. कृष्णन ने कहा कि केंद्र सरकार अभी Meta द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण का अध्ययन कर रही है। इसके अलावा, यूजरनेम से जुड़े मुद्दे पर विभिन्न मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स द्वारा दिए गए सुझावों और प्रस्तुतियों की भी जांच की जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने प्रधानमंत्री की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में Meta के वरिष्ठ वैश्विक अधिकारियों को तलब किया था।

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सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार Meta के इस स्पष्टीकरण से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है कि पोस्ट ऑटोमेटेड सिस्टम की तकनीकी गलती (Automated Error) के कारण हटाई गई थी। सरकार और Meta के बीच इस मुद्दे पर बातचीत आगे भी जारी रहेगी।

हॉकी जर्सी का भगवाकरण, पूर्व कप्तान को नहीं भाया रंग तो बढ़ा विवाद

भारतीय पुरूष और महिला हॉकी टीमें अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले FIH विश्व कप में पारंपरिक नीली जर्सी नहीं बल्कि भगवा रंग की जर्सी पहनेगी।इस फैसले पर हालांकि पूर्व कप्तान वीरेन रासकिन्हा ने सवाल उठाया है।

हॉकी इंडिया ने अपने सोशल मीडिया पेज पर नयी जर्सी का अनावरण करते हुए कहा कि जर्सी का डिजाइन और रंग एक कहानी बताने और भारत का गौरव दिखाने के लिये है।हॉकी इंडिया ने कहा कि भगवा रंग साहस, बलिदान और जीत का प्रतीक है। ‘‘भारत के राष्ट्रध्वज और उगते हुए सूरज से प्रेरित यह जर्सी नयी शुरूआत की प्रतीक है।’

विश्व कप 15 से 30 अगस्त के बीच खेला जायेगा।जर्सी पर ‘मंडाला’ कला से प्रेरित पैटर्न हैं जो भारत की सांस्कृतिक विरासत दर्शाते हैं। हॉकी इंडिया ने कहा कि इस पर गहरा नेवी ब्लू रंक अशोक चक्र से प्रेरित है जो प्रगति, शांति और फोकस का प्रतीक है।हॉकी इंडिया ने कहा कि छाती पर बना ग्राफिक सुदर्शन चक्र का एक आधुनिक रूप है, जो ‘ताकत, एकता और गति’ का प्रतीक है।

कंधों और बाजुओं पर तिरंगे की पाइपिंग है जो राष्ट्रीय गौरव की द्योतक है।जर्सी के आगे के हिस्से पर देवनागरी लिपि में ‘इंडिया’ लिखा है जो भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।हॉकी इंडिया ने कहा ,‘‘ नयी जर्सी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना की परिचायक है।’’

भारतीय टीम के पास भगवा के साथ इसी तरह की सफेद जर्सी भी होगी।पूर्व कप्तान रासकिन्हा ने हालांकि जर्सी का रंग बदलने के फैसले पर सवाल किया है।

उन्होंने एक्स पर लिखा ,‘‘ हॉकी इंडिया ने खेल के लिये बहुत कुछ किया है लेकिन यह निराशाजनक है। भारतीय टीम की विरासत और पहचान नीला रंग रही है। मैने कई साल तक गर्व से नीली जर्सी पहनी है। प्रशंसक हमारी टीम को नीले रंग में देखना चाहते हैं।यह भगवा का क्या तुक है।’’

ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट के C.EO ने कहा ,‘‘ मेरा सरल और सीधा प्रश्न अपने गर्व, पहचान और विरासत से जुड़ा है।’’हॉकी इंडिया ने हालांकि इस फैसले का बचाव किया और एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा ,‘‘इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। भगवा जर्सी होने में क्या खराबी है। यह हमारे तिरंगे का एक रंग है और परिवर्तन तो होते रहना चाहिये।’’उन्होंने कहा कि नीली टर्फ पर नीली जर्सी पहनने से प्रशंसकों और प्रसारकों को देखने में समस्या आती है।