रामायणम्: पार्ट 1 का ट्रेलर रिलीज

नमित मल्होत्रा की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायणम्: पार्ट 1’ का आधिकारिक ट्रेलर गुरुवार को दुनिया भर में रिलीज़ कर दिया गया। हिंदी, कन्नड़, तेलुगु, तमिल और मलयालम सहित पांच भारतीय भाषाओं में जारी ट्रेलर में राम और रावण के बीच होने वाले महायुद्ध की भव्य झलक दिखाई गई है।

नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी यह फिल्म प्राइम फोकस स्टूडियोज़, डीएनईजी और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के सहयोग से तैयार की गई है। फिल्म दिवाली 2026 पर विश्वभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इसके वैश्विक वितरण की जिम्मेदारी सोनी पिक्चर्स संभालेगी, जबकि उत्तर भारत में इसका वितरण धर्मा प्रोडक्शंस करेगा।

फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और पैन इंडिया स्टार यश रावण की भूमिका में नजर आएंगे। कलाकारों की टोली में अरुण गोविल, लारा दत्ता, रवि दुबे, अजिंक्य देव, कुणाल कपूर और रकुल प्रीत सिंह भी शामिल हैं।

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फिल्म की कहानी भगवान विष्णु के राम अवतार, उनके वनवास और रावण के साथ होने वाले धर्म-अधर्म के संघर्ष पर आधारित है। निर्माताओं के अनुसार यह दो भागों में बनने वाली एक भव्य सिनेमाई प्रस्तुति है, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और विरासत को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना है।

फिल्म की पटकथा श्रीधर राघवन ने लिखी है, जबकि संगीत ऑस्कर विजेता हांस ज़िमर और ए.आर. रहमान ने तैयार किया है। फिल्म में अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक का उपयोग किया गया है।

निर्माता नमित मल्होत्रा ने कहा कि रामायण केवल एक महागाथा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर भव्यता के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

निर्देशक नितेश तिवारी ने कहा कि रामायण विश्व की महानतम कहानियों में से एक है और इसे पूरी श्रद्धा, प्रामाणिकता तथा सम्मान के साथ पर्दे पर उतारना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी रही है।

Pic Credit : ANI

नीरज चोपड़ा समेत 3 भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी फाइनल में हराने उतरेंगे नदीम को

नीरज चोपड़ा समेत 3 भारतीय भाला फेंक खिलाड़ियों ने भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश पा लिया है। कुल 20 प्रतियोगियों में से 12 प्रतियोगी को फाइनल में प्रवेश मिला। भारत के 3 खिलाड़ियों का इस स्पर्धा में भाग लेना मायने रखता है। हालांकि ग्लास आधा भरा और आधा खाली जैसी स्थिति है।

क्वालिफाय करने वाले तीनों खिलाड़ियों में से एक ने भी पहली तीन में से एक भी स्थान नहीं पाया। 79.61 मीटर के थ्रो के साथ नीरज चोपड़ा पांचवे स्थान पर रहे। वहीं रोहित यादव 78.37 की थ्रो के साथ नवें स्थान पर रहे। 78.36 मीटर थ्रो के साथ यशवीर सिंह दसवें स्थान पर रहे।

श्रीलंका के रुमेश थरंगा 82.84 मीटर के थ्रो के कारण शीर्ष पर रहे। ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स 81.29 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वहीं दक्षिण अफ्रीका के डाउ स्मिट 80.64  मीटर की थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इंग्लैंड के बेन इस्ट 80.38  मीटर की थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे।

ऑस्ट्रेलिया के कैमरून मेकेन्ट्री 78.91 मीटर के साथ छठवें स्थान पर रहे। सातवें स्थान पर रहे पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के अर्शद नदीम जिन्होंने  78.63 मीटर दूर भाला फेंका।

बहरीन के केशुआन स्ट्रेचन ने 78.60 मीटर दूर भाला फेंका और वह आठवें स्थआन पर रहे। ट्रिनिडैड और टोबेगो के केशरोन वेलकॉट 78.26 मीटर दूर भाला फेंककर 9वें स्थान पर रहे। दसवें स्थान पर नाइजिरिया के शिनचिरीम नमादी रहे जिन्होंने  75.27 मीटर दूर भाला फेंका।भाला फेंक स्पर्धा का फाइनल शुक्रवार देर रात खेला जाएगा।

Weather Alert : देशभर में मानसून हुआ एक्टिव, दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात-असम में बाढ़ से बिगड़े हालात

weather update 27 july : rain, flood, imd alert

देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं।

 

मानसून की इस तेज गतिविधि से गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत होने के बाद बाढ़ से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

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सक्रिय मौसम प्रणालियों से बढ़ी बारिश की गतिविधि

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मानसून फिर सक्रिय हुआ है। इसके चलते देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

 

दिल्ली में भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट

 

राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी के कुछ हिस्सों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। दिन का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश का अलर्ट

 

उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में येलो अलर्ट

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

गुजरात में बाढ़ से हालात गंभीर, 40 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

 

लगातार हो रही भारी बारिश ने गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर कर दी है। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना है। एहतियात के तौर पर अहमदाबाद में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अलग-अलग स्थानों पर 204.5 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

 

असम में बाढ़ का संकट गहराया, मौतों का आंकड़ा 78 पहुंचा

 

असम में इस मानसून सीजन की सबसे गंभीर बाढ़ स्थितियों में से एक बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। इसके साथ ही बाढ़ से संबंधित मौतों का कुल आंकड़ा बढ़कर 78 हो गया है। राज्य के 12 जिलों में 7,05,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बाढ़ से घरों, सड़कों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

 

प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही विस्थापित परिवारों को जरूरी सामान और आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

इन राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

 

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

Weather Alert : देशभर में मानसून हुआ एक्टिव, दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात-असम में बाढ़ से बिगड़े हालात

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देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं।

 

मानसून की इस तेज गतिविधि से गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत होने के बाद बाढ़ से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

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सक्रिय मौसम प्रणालियों से बढ़ी बारिश की गतिविधि

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मानसून फिर सक्रिय हुआ है। इसके चलते देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

 

दिल्ली में भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट

 

राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी के कुछ हिस्सों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। दिन का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश का अलर्ट

 

उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में येलो अलर्ट

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

गुजरात में बाढ़ से हालात गंभीर, 40 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

 

लगातार हो रही भारी बारिश ने गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर कर दी है। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना है। एहतियात के तौर पर अहमदाबाद में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अलग-अलग स्थानों पर 204.5 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

 

असम में बाढ़ का संकट गहराया, मौतों का आंकड़ा 78 पहुंचा

 

असम में इस मानसून सीजन की सबसे गंभीर बाढ़ स्थितियों में से एक बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। इसके साथ ही बाढ़ से संबंधित मौतों का कुल आंकड़ा बढ़कर 78 हो गया है। राज्य के 12 जिलों में 7,05,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बाढ़ से घरों, सड़कों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

 

प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही विस्थापित परिवारों को जरूरी सामान और आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

इन राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

 

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर नया बिल पेश:भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों प्रवासियों को हो सकता है फायदा

अमेरिका में डेमोक्रेटिक सीनेटर एलेक्स पडिला ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसके तहत सात साल से लगातार अमेरिका में रह रहे प्रवासी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्रस्तावित कानून से भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों लोगों को फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, रिपब्लिकन विरोध के कारण इसके पारित होने की राह आसान नहीं मानी जा रही है। क्या है प्रस्तावित विधेयक रिन्यूइंग इमिग्रेशन प्रोविजंस ऑफ द इमिग्रेशन एक्ट 1929 नाम के इस विधेयक के तहत ऐसे प्रवासी जो कम से कम सात वर्ष से लगातार अमेरिका में रह रहे हैं, ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उसे ग्रीन कार्ड की अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी। भारतीय H-1B वीजाधारकों के लिए क्यों अहम है प्रस्ताव यह प्रस्ताव भारतीय पेशेवरों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि अमेरिका में H-1B वीजा धारकों का बड़ा हिस्सा भारतीयों का है। रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पर लागू देशवार वार्षिक सीमा (Per-Country Cap) के कारण उन्हें स्थायी निवास के लिए कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो सात वर्ष से लगातार अमेरिका में रह रहे पात्र H-1B वीजाधारकों को ग्रीन कार्ड पाने का एक वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है। इससे वे लोग भी लाभान्वित हो सकते हैं, जो वर्षों से अस्थायी वर्क वीजा का नवीनीकरण कराते हुए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, लंबे समय से वीजा पर रह रहे लोगों के 21 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों, ड्रीमर्स (Dreamers), टेम्पररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (TPS) धारकों, आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों और अन्य उच्च कौशल वाले पेशेवरों को भी इस प्रस्ताव से राहत मिल सकती है। सीनेटर एलेक्स पडिला के कार्यालय के अनुसार, इस विधेयक से 80 लाख से अधिक लोगों को फायदा हो सकता है। कानून में क्या बदलाव होगा विधेयक इमिग्रेशन एंड नेशनेलिटी एक्ट के सेक्शन 249 (रजिस्ट्री) में संशोधन का प्रस्ताव देता है। वर्तमान में इस प्रावधान का लाभ केवल उन लोगों को मिल सकता है जो 1 जनवरी 1972 से पहले अमेरिका में रह रहे हों। नया प्रस्ताव इस निश्चित तारीख को हटाकर सात साल के निरंतर निवास की शर्त लागू करेगा। कानून बनने के 60 दिन बाद यह व्यवस्था प्रभावी होगी। राजनीतिक समर्थन, लेकिन राह आसान नहीं इस विधेयक का नेतृत्व सीनेटर एलेक्स पडिला के साथ सीनेट के डेमोक्रेटिक व्हिप डिक डर्बिन कर रहे हैं। इसे 14 डेमोक्रेटिक सीनेटरों का समर्थन प्राप्त है, जबकि प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में इसी तरह का विधेयक सांसद जोई लोफग्रेन ने पेश किया है। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के विरोध के कारण इसके कानून बनने की राह फिलहाल चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।

अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर नया बिल पेश:भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों प्रवासियों को हो सकता है फायदा

अमेरिका में डेमोक्रेटिक सीनेटर एलेक्स पडिला ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसके तहत सात साल से लगातार अमेरिका में रह रहे प्रवासी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्रस्तावित कानून से भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों लोगों को फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, रिपब्लिकन विरोध के कारण इसके पारित होने की राह आसान नहीं मानी जा रही है। क्या है प्रस्तावित विधेयक रिन्यूइंग इमिग्रेशन प्रोविजंस ऑफ द इमिग्रेशन एक्ट 1929 नाम के इस विधेयक के तहत ऐसे प्रवासी जो कम से कम सात वर्ष से लगातार अमेरिका में रह रहे हैं, ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उसे ग्रीन कार्ड की अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी। भारतीय H-1B वीजाधारकों के लिए क्यों अहम है प्रस्ताव यह प्रस्ताव भारतीय पेशेवरों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि अमेरिका में H-1B वीजा धारकों का बड़ा हिस्सा भारतीयों का है। रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पर लागू देशवार वार्षिक सीमा (Per-Country Cap) के कारण उन्हें स्थायी निवास के लिए कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो सात वर्ष से लगातार अमेरिका में रह रहे पात्र H-1B वीजाधारकों को ग्रीन कार्ड पाने का एक वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है। इससे वे लोग भी लाभान्वित हो सकते हैं, जो वर्षों से अस्थायी वर्क वीजा का नवीनीकरण कराते हुए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, लंबे समय से वीजा पर रह रहे लोगों के 21 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों, ड्रीमर्स (Dreamers), टेम्पररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (TPS) धारकों, आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों और अन्य उच्च कौशल वाले पेशेवरों को भी इस प्रस्ताव से राहत मिल सकती है। सीनेटर एलेक्स पडिला के कार्यालय के अनुसार, इस विधेयक से 80 लाख से अधिक लोगों को फायदा हो सकता है। कानून में क्या बदलाव होगा विधेयक इमिग्रेशन एंड नेशनेलिटी एक्ट के सेक्शन 249 (रजिस्ट्री) में संशोधन का प्रस्ताव देता है। वर्तमान में इस प्रावधान का लाभ केवल उन लोगों को मिल सकता है जो 1 जनवरी 1972 से पहले अमेरिका में रह रहे हों। नया प्रस्ताव इस निश्चित तारीख को हटाकर सात साल के निरंतर निवास की शर्त लागू करेगा। कानून बनने के 60 दिन बाद यह व्यवस्था प्रभावी होगी। राजनीतिक समर्थन, लेकिन राह आसान नहीं इस विधेयक का नेतृत्व सीनेटर एलेक्स पडिला के साथ सीनेट के डेमोक्रेटिक व्हिप डिक डर्बिन कर रहे हैं। इसे 14 डेमोक्रेटिक सीनेटरों का समर्थन प्राप्त है, जबकि प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में इसी तरह का विधेयक सांसद जोई लोफग्रेन ने पेश किया है। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के विरोध के कारण इसके कानून बनने की राह फिलहाल चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।

Ramayana Trailer: नमिता मल्होत्रा की ‘रामायणम्’ के ट्रेलर ने रिलीज होते ही जीता लोगों का दिल, पार किया 50 लाख व्यूज का आंकड़ा

Ramayana Trailer: ‘रामायणम्’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है। इसे भारतीय फिल्म इतिहास के सबसे बड़े और इंतजार किए जाने वाले प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। दो भागों में बनने वाली इस भव्य फिल्म का दुनियाभर के दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकारों को साथ लेकर बनाई गई इस फिल्म का ट्रेलर आज ब्रह्म मुहूर्त के शुभ समय पर रिलीज किया गया, जो इस महाकाव्य की आध्यात्मिक भावना के साथ पूरी तरह मेल खाता है।

ट्रेलर रिलीज होते ही इंटरनेट पर छा गया और कुछ ही घंटों में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। रामायणम् के ट्रेलर ने सिर्फ 6 घंटे में 50 लाख व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया। यह फिल्म को लेकर लोगों के जबरदस्त उत्साह और इंतजार को साफ दिखाता है। ट्रेलर को मिल रहे शानदार रिस्पॉन्स ने साबित कर दिया है कि इस भव्य फिल्म का इंतजार सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में हो रहा है।

रामायणम् का ट्रेलर भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म बनने की एक दमदार झलक दिखाता है। इसमें भगवान विष्णु के श्रीराम (रणबीर कपूर) के रूप में अवतार लेने और धर्म की स्थापना करने की कहानी दिखाई गई है। वहीं यश रावण के शक्तिशाली और अमर राक्षस राजा के किरदार में नजर आते हैं, जो अपने घमंड और बदले की भावना से भरा हुआ है। ट्रेलर में माता सीता (साई पल्लवी) और लक्ष्मण (रवि दुबे) को भी श्रीराम के सबसे मजबूत साथियों के रूप में दिखाया गया है। शानदार वीएफएक्स, भव्य विजुअल्स, पूरी स्टारकास्ट की दमदार परफॉर्मेंस और शानदार बैकग्राउंड म्यूजिक ट्रेलर के हर सीन को और भी खास बना देते हैं। श्रीधर राघवन द्वारा रूपांतरित इस फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी हांस जिमर और ए. आर. रहमान ने मिलकर संभाली है, जो पूर्व और पश्चिम के संगीत का एक खास संगम है।

दुनिया की सबसे महान कहानियों में से एक रामायण की कहानी को नए और भव्य अंदाज में बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी निर्देशक नितेश तिवारी ने की है। रामायणम् का मकसद इस महाकाव्य की भावनाओं और भव्यता को पहले कभी न देखे गए स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाना है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम के किरदार में नजर आएंगे, जबकि साई पल्लवी माता सीता की भूमिका निभा रही हैं। वहीं यश रावण के दमदार किरदार में दिखाई देंगे और सनी देओल हनुमान की भूमिका में नजर आएंगे।

नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और 8 बार अकादमी अवॉर्ड जीत चुके वीएफएक्स स्टूडियो DNEG ने यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। रामायणम्: पार्ट 1 दिवाली 2026 पर दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म की ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन सोनी पिक्चर्स करेगी, जबकि उत्तर भारत में इसे धर्मा प्रोडक्शंस रिलीज करेगा।

Claiming Will in India: वसीयत से संपत्ति कैसे करें क्लेम? नॉमिनी और प्रोबेट के ये नियम जानना है बेहद जरूरी

Inheritance and Will Rules in India: किसी रिश्तेदार या परिजन के निधन के बाद उनकी संपत्ति जैसे- बैंक में पड़े रुपए, इनवेस्टमेंट, म्यूचूअल फंड्स और प्रॉपर्टी के बंटवारे में वसीयत की भूमिका सबसे अहम होती है। हालांकि, वसीयत होने के बावजूद कई बार कानूनी जानकारी न होने के कारण वारिसों को संपत्ति अपने नाम कराने में लंबी कागजी कार्रवाई और कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता है।

सबसे बड़ी गलतफहमी ‘नॉमिनी’ और ‘वसीयत के लाभार्थी’ को एक ही समझने से होती है। आइए आपको बताते हैं कि भारत में वसीयत के जरिए संपत्ति का दावा कैसे किया जाता है और इसके लिए किन नियमों और दस्तावेजों की जरूरत होती है।

नॉमिनी ही मालिक नहीं होता, ये है सबसे बड़ी गलतफहमी

अधिकांश लोग यह मानते हैं कि बैंक खाते, म्यूचुअल फंड या शेयर में जिसे नॉमिनी बनाया गया है, वही उस संपत्ति का असली मालिक बन जाता है। कानूनी रूप से यह धारणा बिल्कुल गलत है। कानून की नजर में नॉमिनी केवल एक ट्रस्टी या कस्टोडियन होता है। उसका काम सिर्फ संपत्ति को संभालना होता है।

संपत्ति का असली मालिकाना हक उसी व्यक्ति को मिलता है जिसका नाम वसीयत में लाभार्थी के रूप में दर्ज हो। अगर नॉमिनी और लाभार्थी अलग-अलग व्यक्ति हैं, तो नॉमिनी को वह संपत्ति वसीयत के हकदार को सौंपनी होगी।

प्रोबेट क्या है और यह कब जरूरी होता है?

प्रोबेट अदालत द्वारा जारी किया गया एक कानूनी प्रमाण पत्र है, जो वसीयत की प्रामाणिकता और वैधता की पुष्टि करता है।

कब पड़ती है जरूरत?: अगर परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद हो, वसीयत की वैधता पर कोई संदेह जताए, या बहुत बड़ी संपत्ति/अचल जायदाद शामिल हो, तो वित्तीय संस्थान और अथॉरिटी प्रोबेट की मांग करते हैं।

क्या यह हर मामले में जरूरी है?: हर मामले में प्रोबेट की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन प्रेसिडेंसी शहरों जैसे- मुंबई, कोलकाता, चेन्नई के कुछ संपत्ति मामलों या विशेष संस्थानों के नियमों के तहत प्रोबेट अनिवार्य हो सकता है।

क्लेम करने के लिए जरूरी दस्तावेज

वसीयत होने के बावजूद संपत्ति हस्तांतरण के लिए सही कागजात होना अनिवार्य है। मुख्य दस्तावेजों की सूची नीचे दी गई है:

  1. मृत्यु प्रमाण पत्र: मूल या सत्यापित प्रति।
  2. वसीयत की प्रति: मूल वसीयत या प्रोबेट (अगर लागू हो)।
  3. वारिस का पहचान व पता प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि।
  4. कानूनी वारिस प्रमाण पत्र: कुछ मामलों में बैंक या संस्थाएं इसकी मांग कर सकती हैं।

बैंकों और म्यूचुअल फंड्स के अपने नियम

बैंक, इंश्योरेंस कंपनियां, म्यूचुअल फंड हाउस और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन अथॉरिटीज के पास क्लेम प्रोसेस के लिए अपने अलग-अलग प्रोटोकॉल होते हैं। प्रक्रिया शुरू करने से पहले संबंधित बैंक या वित्तीय संस्थान के क्लेम फॉर्म और नियमों को ध्यान से पढ़ें। सभी आवश्यक दस्तावेजों को एक साथ जमा करने से क्लेम एप्लीकेशन रिजेक्ट नहीं होता है और प्रक्रिया तेजी से पूरी होती है।

शुरुआत से पहले पूरी संपत्ति का ब्योरा बनाएं

अक्सर एक वसीयत में कई तरह की संपत्तियों जैसे- बचत खाते, एफडी, डिमैट अकाउंट, प्रॉपर्टी, इंश्योरेंस पॉलिसी का जिक्र होता है। क्लेम प्रोसेस शुरू करने से पहले कानूनी वारिसों को सलाह दी जाती है कि वे मृतक की सभी संपत्तियों, खातों और निवेशों की एक व्यवस्थित सूची तैयार कर लें ताकि कोई भी संपत्ति क्लेम होने से न छूटे।

डॉलर में नरमी से रुपया 26 पैसे मजबूत

Rupee

डॉलर सूचकांक में नरमी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के भारत में निवेश बढ़ाने से गुरुवार को रुपया 26 पैसे मजबूत हुआ और कारोबार की समाप्त पर एक डॉलर 95.50 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

भारतीय मुद्रा की बढ़त का यह पांचवां दिन था। इन पांच दिनों में यह 123 पैसे मजबूत हो चुकी है। पिछले कारोबारी दिवस पर यह छह पैसे चढ़कर 95.76 रुपये प्रति डॉलर पर रही थी।

भारतीय मुद्रा आज 17 पैसे की बढ़त में 95.59 रुपये प्रति डॉलर पर खुली। दोपहर तक यह नीचे 95.75 रुपये प्रति डॉलर तक गयी थी, लेकिन उसके बाद फिर अपनी बढ़त और मजबूत करते हुए 95.50 रुपये प्रति डॉलर तक उतरकर उसी स्तर पर बंद हुई।

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बुधवार को समाप्त दो दिन की बैठक के बाद केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में न तो वृद्धि की और न ही इसके कोई संकेत दिये। इससे निवेशकों ने भारतीय बाजार का रुख किया।

इसके अलावा, दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में करीब एक फीसदी की गिरावट देखी गयी। इससे भी रुपये को समर्थन मिला। एफपीआई ने आज भारतीय पूंजी बाजार में 57.60 करोड़ डॉलर का शुद्ध निवेश किया।

Pic Credit : ANI

Commonwealth Games 2026: जैवलिन थ्रो के फाइनल में आमने-सामने होंगे नीरज चोपड़ा-अरशद नदीम, जानें कब होगा मुकाबला

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा पुरुष जैवलिन थ्रो के फाइनल में अपनी जगह बना ली है। क्वालिफिकेशन राउंड में नीरज ने 79.61 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया और आसानी से फाइनल में पहुंच गए। वहीं नीरज के अलावा भारत के रोहित यादव ने 78.37 मीटर और यशवीर सिंह ने 78.36 मीटर का थ्रो कर क्रमशः नौवां और दसवां स्थान हासिल किया। इस तरह तीनों भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया। अब तीनों भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने के इरादे से फाइनल में उतरेंगे।

वहीं पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अरशद नदीम ने भी फाइनल में अपनी जगह बना ली है। नदीम ने क्वालिफिकेशन राउंड में 78.63 मीटर के साथ सातवें स्थान हासिल किया। कुल 12 खिलाड़ियों ने पुरुष जैवलिन थ्रो के फाइनल में जगह बनाई है। फाइनल मुकाबला शुक्रवार देर रात 12:45 बजे से खेला जाएगा।

दूसरे प्रयास में फाइनल में पहुंचे नीरज

इस सीजन में शानदार फॉर्म में चल रहे श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरगे ने 82.84 मीटर का थ्रो कर क्वालिफिकेशन राउंड में पहला स्थान हासिल किया। वहीं, ग्लासगो के ठंडे मौसम में नीरज चोपड़ा ने भी संयम के साथ अपना प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले प्रयास में 76.28 मीटर और दूसरे प्रयास में 79.61 मीटर तक भाला फेंककर पांचवां स्थान हासिल किया। दूसरे थ्रो के बाद उनका फाइनल में पहुंचना तय हो गया, इसलिए उन्होंने तीसरा और आखिरी प्रयास नहीं किया।

यशवीर-रोहित भी फाइनल में

भारत के दोनों युवा भाला फेंक खिलाड़ी यशवीर सिंह और रोहित यादव ने भी क्वालिफिकेशन राउंड में दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह बना ली। 24 वर्षीय यशवीर ने पहले दो प्रयासों के बाद तीसरे थ्रो में 78.36 मीटर की दूरी हासिल कर शीर्ष 12 में जगह बनाई। वहीं, रोहित यादव ने दूसरे प्रयास में 78.37 मीटर का थ्रो कर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया। इसके बाद उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं किया। अब नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यशवीर सिंह तीनों भारतीय खिलाड़ी फाइनल में पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे।

फाइनल में पहुंचे नदीम

क्वालिफिकेशन राउंड में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरगे ने 82.84 मीटर का थ्रो कर पहला स्थान हासिल किया। उनके अलावा ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स (81.29 मीटर), दक्षिण अफ्रीका के डाउ स्मिट (80.64 मीटर) और इंग्लैंड के बेन ईस्ट (80.38 मीटर) ने भी नीरज चोपड़ा से बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, पाकिस्तान के अरशद नदीम अपने पहले प्रयास के 78.63 मीटर के थ्रो में सुधार नहीं कर सके, लेकिन इसी प्रदर्शन के दम पर सातवें स्थान पर रहते हुए उन्होंने फाइनल में जगह बना ली।