आधार अपडेट कराने बैंक गया किसान, तभी गार्ड की बंदूक से चली गोली…हुआ दर्दनाक हादसा

राजधानी दिल्ली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव में रहने वाले 27 वर्षीय किसान मनीष कुमार की जिंदगी एक दर्दनाक हादसे में खत्म हो गई। मनीष अपना आधार कार्ड अपडेट कराने दिल्ली के एक बैंक पहुंचे थे, लेकिन कुछ ही मिनटों में वहां ऐसा हादसा हुआ जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। बैंक में गलती से चली गोली लगने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है।

 सिक्योरिटी गार्ड के बंदूक से चली गोली

यह घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। पुलिस के मुताबिक, 53 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार अपनी 12 बोर की डबल बैरल बंदूक में कारतूस भर रहे थे। इसी दौरान गलती से बंदूक से गोली चल गई। गोली मनीष कुमार की पीठ में लगी और वह मौके पर ही जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद बैंक में अफरा-तफरी मच गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही बैंक में मौजूद कर्मचारी और ग्राहक बाहर की ओर भागे। बाद में उन्होंने मनीष कुमार को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। उन्हें तुरंत इलाज के लिए राव तुला राम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बंदूक में खराबी के कारण हुआ हादसा!

पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि बैंक के सिक्योरिटी गार्ड की बंदूक से गलती से गोली चल गई है, जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक घायल को अस्पताल भेजा जा चुका था। पूछताछ में सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार ने बताया कि वह उस दिन ड्यूटी पर देर से पहुंचे थे। बैंक खुल चुका था और कर्मचारी व ग्राहक अंदर मौजूद थे। इसी दौरान वह अपनी बंदूक में कारतूस भर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई। पुलिस का कहना है कि यह हादसा लापरवाही या बंदूक में किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ हो सकता है। पुलिस के अनुसार, विनोद कुमार हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव के रहने वाले हैं। वह भारतीय सेना में नौकरी कर चुके हैं और वर्ष 2018 में सेवानिवृत्त हुए थे। पिछले दो साल से वह एक निजी सुरक्षा एजेंसी के जरिए बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। उनके परिवार में दो बेटे हैं, जो कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं।

गिरफ्तार हुआ गार्ड

पुलिस ने जांच के दौरान घटना में इस्तेमाल की गई बंदूक को अपने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। वहीं, मृतक मनीष कुमार के शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। अब पुलिस पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गोली किन परिस्थितियों में चली। जांच के तहत पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में ले ली है। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि बैंक खुलने के बाद बंदूक में कारतूस भरना लापरवाही थी या नहीं। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब आगे की कार्रवाई जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर मामले को लेकर संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर “बल प्रयोग” को लेकर बृहस्पतिवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया तथा सरकार एवं गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की।

सपा सांसदों ने संसद के मकर द्वार के निकट प्रतीकात्मक रूप से “दान पेटी” रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने छात्रों पर कथित बल प्रयोग के विषय का उल्लेख करते हुए एक बैनर भी ले रखा था जिस पर “ऑर्डर किसने दिया” लिखा हुआ था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, के सी वेणुगोपाल, सपा नेता धर्मेंद्र यादव और कई अन्य सांसद इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

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उल्लेखनीय है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर कथित बल प्रयोग को लेकर सदन में शाह पर गंभीर आरोप लगाये थे जिसके बाद सत्तापक्ष ने उनसे माफी की मांग की थी।

बाद में गांधी ने संवाददाता सम्मेलन में शाह को छात्रों के साथ कथित बर्बरता के लिए जिम्मेदार ठहराया था और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की थी। उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल सपा के सांसदों ने राम मंदिर मामले पर बुधवार को भी संसद परिसर में प्रदर्शन किया था।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी “आस्था के साथ विश्वासघात” के दोषी हैं। उन्होंने दावा किया कि दान-पात्र से चढ़ावे की कथित चोरी, गुप्त दान में अनियमितताएं, जमीन सौदों में कथित गड़बड़ियां, सबूत मिटाने और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं।

उनका कहना है कि यह “अक्षम्य महापाप” है और “लोकधन की लूट” का मुद्दा संसद में उठाना सभी का दायित्व है। यादव ने यह भी कहा कि मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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सस्ते Electric Scooters की होने वाली है इंट्री, Ather से Honda तक मचेगी हलचल

electric scooter

देश में इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पेट्रोल की ऊंची कीमतों, E20 फ्लेक्स-फ्यूल को लेकर चल रही चर्चाओं और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के चलते ग्राहक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। जून 2026 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री 1.93 लाख यूनिट से ज्यादा रही, जो सालाना आधार पर करीब 75 फीसदी की वृद्धि है। खास बात यह है कि कुल टू-व्हीलर बिक्री में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बाजार हिस्सेदारी पहली बार डबल डिजिट में पहुंची है।

 

बढ़ती मांग को देखते हुए कई ऑटो कंपनियां नए इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश करने की तैयारी कर रही हैं। आने वाले 3-4 महीनों में भारत में चार नए इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में दस्तक दे सकते हैं। इनमें Ather, VinFast, Honda और Simple Energy के मॉडल शामिल हैं।

 

 Ather EL01, VinFast Viper, Honda QC3 और Simple Arrive की एंट्री से भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है। खासकर किफायती और प्रीमियम दोनों सेगमेंट में ग्राहकों के पास आने वाले महीनों में पहले के मुकाबले ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे।

1. Ather EL01

Ather Energy का नया मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर EL01 29 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में आयोजित होने वाले Ather Community Day में पेश किया जाएगा। यह कंपनी के नए EL प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा। भारत में इसकी अनुमानित एक्स-शोरूम कीमत 1.05 लाख से 1.15 लाख रुपये के बीच हो सकती है। Ather ने 2025 के Community Day में EL प्लेटफॉर्म के साथ EL01 के प्रोटोटाइप को प्रदर्शित किया था। दिसंबर 2025 में कंपनी ने EL01 के डिजाइन का पेटेंट भी फाइल किया था।

 

पेटेंट तस्वीरों के मुताबिक, स्कूटर में 14-इंच फ्रंट और 12-इंच रियर अलॉय व्हील मिल सकते हैं। इसमें स्विंगआर्म-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर होगी। स्कूटर में बड़ा LED DRL और LED टेल-लैंप क्लस्टर भी देखने को मिलेगा। Ather EL01 कंपनी का पहला मॉडल होगा, जिसमें Advanced Electronic Braking System (AEBS) और ऑनबोर्ड चार्जर दिया जा सकता है। कंपनी इसे Ather Charge Drive Controller नाम देगी।

 

2. VinFast Viper

 

VinFast ने पिछले महीने भारत में Viper इलेक्ट्रिक स्कूटर का डिजाइन पेटेंट दाखिल किया है। माना जा रहा है कि यह भारत के टू-व्हीलर सेगमेंट में कंपनी का पहला मॉडल हो सकता है।

 

VinFast Viper में 5-स्पोक अलॉय व्हील, 3 kW हब-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर और 4.8 kWh बैटरी पैक दिया जा सकता है। कंपनी भारत में इसे CKD (Completely Knocked Down) यूनिट के तौर पर ला सकती है। इसकी स्थानीय असेंबली तमिलनाडु के थूथुकुडी (Tuticorin) स्थित प्लांट में किए जाने की उम्मीद है।

 

प्रीमियम मैक्सी-स्टाइल इलेक्ट्रिक स्कूटर में 14-इंच व्हील मिलेंगे। इसकी अधिकतम रेंज करीब 156 किलोमीटर बताई गई है। वियतनाम में इसकी कीमत 45,500,000 VND है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 1.63 लाख रुपये के बराबर है।

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भारत में VinFast Viper का मुकाबला Vida V2, Ola S1 Pro Plus, Ather 450 Apex और TVS iQube ST जैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से हो सकता है।

 

3. Honda QC3

Honda ने भारत में हाल ही में कई नए स्कूटर्स और मोटरसाइकिलों के साथ Honda QC3 इलेक्ट्रिक स्कूटर को पेश किया है। इसमें 3 kWh बैटरी पैक मिलेगा, जो फुल चार्ज पर 145 किलोमीटर की IDC रेंज देने में सक्षम होगा।

 

चार्जिंग की बात करें तो Honda QC3 को 0 से 80 फीसदी तक चार्ज होने में करीब 2 घंटे 40 मिनट लग सकते हैं, जबकि 100 फीसदी चार्ज होने में करीब 4 घंटे का समय लगेगा।

 

फीचर्स की बात करें तो इसमें 32-लीटर अंडर-सीट स्टोरेज, Smart Key और 5-इंच TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलेगा। TFT स्क्रीन में टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और Honda RoadSync कनेक्टिविटी की सुविधा भी दी जा सकती है। onda ने अभी इसकी आधिकारिक लॉन्च डेट का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, उम्मीद है कि यह FY27 के दौरान भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध हो सकता है। इसकी अनुमानित एक्स-शोरूम कीमत 1.10 लाख से 1.25 लाख रुपये के बीच हो सकती है। बाजार में इसका मुकाबला TVS iQube, Bajaj Chetak, Ather 450 और Hero Vida V2 से होगा।

4. Simple Arrive

Simple Energy 2 सितंबर 2026 को भारत में अपना पहला फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर Simple Arrive लॉन्च करेगी। बेंगलुरु स्थित EV स्टार्टअप का यह मॉडल पारंपरिक डिजाइन के साथ आएगा।

 

Simple Arrive में फ्लैट सिंगल-पीस सीट, फ्रंट डिस्क ब्रेक, डुअल-शॉक रियर सस्पेंशन और सेंटर स्टैंड मिलेगा। स्कूटर में TFT इंस्ट्रूमेंट कंसोल और फ्रंट एप्रन में छोटे स्टोरेज स्पेस भी दिए जाएंगे। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को इस साल की शुरुआत में भारतीय सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान देखा गया था। स्पाई तस्वीरों से पता चला था कि इसका डिजाइन कंपनी के One और OneS इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की तुलना में ज्यादा पारंपरिक होगा।

 

हालांकि, Simple Arrive की बैटरी क्षमता और रेंज से जुड़ी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। Simple Energy की खासियत यह भी है कि कंपनी भारत में कमर्शियल स्तर पर heavy rare-earth-free electric motors बनाने वाली एकमात्र कंपनी होने का दावा करती है।

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 31 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24,300 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ कमजोर रही है। आज लगभग 1620 शेयरों में बढ़त हुई, 2408 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त M&M, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, कोल इंडिया और टेक महिंद्रा के शेयरों में दिखी। जबकि गिरावट वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, HDFC लाइफ, अल्ट्राटेक सीमेंट और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा बढ़त वाला इंडेक्स रहा। इसमें 1.6% की तेजी आई। दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई। यह आज 2% नीचे गिर कर बंद हुआ है।

ब्रॉडर इंडेक्स ने बेंचमार्क से कमजोर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि यूएस फेड का ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही रहा। लेकिन महंगाई को कंट्रोल करने पर लगातार जोर दिए जाने की वजह से सख्त रुख (hawkishness) बना रहा। US बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के बढ़ते दबाव का संकेत दिया, जिससे ग्लोबल निवेशक सतर्क नजर आए। वहीं, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।

इसके चलते घरेलू इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इंडेक्स एक दायरे में बना रहा, क्योंकि निवेशक मजबूत घरेलू फंडामेंटल और ग्लोबल चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिखे। इसके बावजूद, FII के बढ़ते निवेश, मज़बूत होते रुपये और Q1FY27 के अच्छे नतीजों ने बाजार का मूड सुधारा और निवेशकों ने गिरावट में चुनिंदा क्वालिटी शेयरों में खरीदारी की।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी का रुख कायम रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 67 अंक ऊपर और सेंसेक्स 274 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली और यह 1.76% से ज्यादा की बढ़त लेकर बंद हुआ। वहीं, दूसरी तरफ रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह 2% टूट कर बंद हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो सुस्त शुरुआत के बाद भी बाजार पूरे दिन 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के ऊपर बना रहा। यह एक काफी अच्छा संकेत है। इसके अलावा, डेली चार्ट पर बुलिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर अपट्रेंड जारी रहने का पैटर्न यह संकेत देता है कि मौजूदा लेवल से और तेजी आने की अच्छी संभावना है।

ट्रेंड को फॉलो करने वाले ट्रेडर्स के लिए अब निफ्टी में 24,200 का लेवल एक अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा। इसके ऊपर टिके रहने पर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ, यह तेज़ी 24,450-24,500 तक जा सकती है। दूसरी ओर, 24,200 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजेर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे, ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन काट सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी अभी भी एक ‘कंजेशन ज़ोन’ में फंसा हुआ है। इसके साथ ही यह इंडेक्स डेली और आवरली चार्ट पर अहम मूविंग एवरेज के बीच ट्रेड कर रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,500 के लेवल पर मजबूत सपोर्ट है, जो 50-DMA के पास स्थित है, जबकि 57,500 के पास 200-DMA के एक बड़े रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। इंडेक्स में कुछ और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता हैं। ऐसे में लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाना सही रहेगा। जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास खरीदारी करने और प्रॉफिट बुक करने या रेजिस्टेंस जोन के पास शॉर्ट पोजीशन लेने की रणनीति अपना सकते हैं।

 

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लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, लगातार आठवें दिन नहीं चल सका प्रश्नकाल

लोकसभा में बृहस्पतिवार को विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस समेत विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल लगातार आठवें दिन नहीं चल सका और कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट के भीतर दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस सदस्यों को बुधवार को सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान पैदा हुई गतिरोध की स्थिति का मुद्दा उठाते देखा गया। वह दिल्ली में पिछले सप्ताह प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग भी दोहराते सुने गए।

बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्हें बधाई दी। बिरला ने पैरा एथलीट दिलीप गावित के स्वर्ण पदक प्राप्त करने और मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनकाथ के रजत पदक जीतने का उल्लेख किया।

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उन्होंने रजत पदक विजेता मुरली श्रीशंकर का भी उल्लेख किया जो राष्ट्रमंडल खेलों में लंबी कूद स्पर्धा में रजत पदक के साथ लगातार दो पदक जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इसके बाद अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू कराना चाहा, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी मांगें उठाने लगे।

वह बुधवार को सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान पैदा हुई गतिरोध की स्थिति का मुद्दा उठा रहे थे और दिल्ली में पिछले सप्ताह प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग दोहरा रहे थे।

बिरला ने विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल बाधित नहीं करने का अपना आग्रह दोहराया। शोर-शराबा नहीं थमने पर उन्होंने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और तब से सदन में विभिन्न मुद्दों पर हंगामे की स्थिति के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका है।

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ज्यादा तनाव होने पर भी बिना थके स्थिति को संभाल लेते हैं कुछ लोग, उनमें होती हैं ये खास आदतें, आप भी अपना सकते हैं इन्हें!

यह सच है कि हर किसी की रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसी कई चीजें होती हैं, जिनसे तनाव होता है। लेकिन, असल बात यह है कि लोग तनाव का सामना कैसे करते हैं। दो लोग जिंदगी में बिल्कुल एक जैसा दबाव और तनाव झेल सकते हैं, लेकिन तनाव से निपटने का उनका तरीका ही सबसे बड़ा फर्क पैदा करता है। कुछ लोग तनाव के बोझ तले दब जाते हैं, तो कुछ लोग उससे और मजबूत होकर निकलते हैं।

इसका राज ऐसी जिंदगी नहीं है, जिसमें कोई उथल-पुथल या तनाव न हो। बल्कि, इसका राज है तनाव से निपटने के लिए अपने दिमाग को नए सिरे से तैयार करना। Moneycontrol की टीम ने Marengo Asia Hospitals में क्लिनिकल साइकोलॉजी की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मुनिया भट्टाचार्य से बात की। उन्होंने उन लोगों की आदतों के बारे में बताया जो बिना थके या परेशान हुए ज़्यादा तनाव का सामना कर पाते हैं।

उन्होंने कहा, “मैं अक्सर लोगों से कहती हूं कि तनाव असल में कोई विलेन नहीं है। बल्कि, एक हद तक तनाव हमें मोटिवेटेड रखता है। यह हमें परीक्षा की तैयारी करने, डेडलाइन पूरी करने, परिवार का ध्यान रखने और समस्याओं को सुलझाने में मदद करता है। समस्या तब शुरू होती है जब तनाव कुछ समय के लिए रहने के बजाय हमारी ज़िंदगी का आम हिस्सा बन जाता है।”

उन्होंने Moneycontrol को बताया, “मैं ऐसे लोगों से मिली हूं जिनकी नौकरी बहुत मुश्किल है, बूढ़े माता-पिता हैं, छोटे बच्चे हैं और ढेरों ज़िम्मेदारियां हैं, फिर भी वे इमोशनली स्थिर दिखते हैं। वहीं, मैं भारत और विदेशों में ऐसे लोगों से भी मिली हूं जिनकी ज़िंदगी में तनाव की वजहें कम हैं, लेकिन वे पूरी तरह से परेशान और दबे हुए महसूस करते हैं। फ़र्क शायद ही कभी तनाव की मात्रा का होता है। असल फ़र्क इस बात से पड़ता है कि कोई व्यक्ति उस तनाव पर कैसी प्रतिक्रिया देता है।”

जब हम तनाव को संभालना नहीं सीखते, तो हमारे शरीर को यह पता नहीं चलता कि कब आराम करना है। हमारी नींद खराब हो जाती है, हम चिड़चिड़े हो जाते हैं, सब्र खो देते हैं, बिना सोचे-समझे फैसले लेते हैं और धीरे-धीरे उन चीज़ों का मज़ा लेना बंद कर देते हैं जिनसे कभी हमें खुशी मिलती थी। रिश्तों पर बुरा असर पड़ता है क्योंकि हम सोच-समझकर जवाब देने के बजाय तुरंत प्रतिक्रिया देने लगते हैं। तनाव को संभालने का मतलब भावनात्मक रूप से कठोर बनना या यह दिखावा करना नहीं है कि सब कुछ ठीक है। इसका मतलब है अपने दिमाग को ठीक होने के लिए पर्याप्त समय देना ताकि मुश्किल दिन एक मुश्किल ज़िंदगी न बन जाएं।

तनाव को अच्छे से संभालने वाले लोगों के 6 लक्षण-

वे तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते

डॉ. भट्टाचार्य ने कहा, “भावनात्मक रूप से मज़बूत लोगों में मैंने एक बात देखी है कि वे हर मैसेज का तुरंत जवाब नहीं देते, गुस्सा आने पर तुरंत बहस नहीं करते और भावनाओं के आवेश में आकर बड़े फैसले नहीं लेते।” उन्होंने खुद को कंट्रोल करने की आदत डाल ली है। कभी-कभी बस कुछ गहरी सांसें लेना, तो कभी-कभी किसी समस्या पर प्रतिक्रिया देने से पहले उस पर सोचने के लिए समय लेना। वह छोटा सा ठहराव उन्हें ऐसी बातें कहने से बचाता है जिनका उन्हें बाद में पछतावा हो।

वे थकान को सम्मान के बैज की तरह नहीं दिखाते

कुछ लोग यह कहने में गर्व महसूस करते हैं कि “मैं सोया नहीं हूं” या “मैं लगातार काम कर रहा हूं।” जो लोग तनाव का अच्छे से सामना करते हैं, उनकी सोच अलग होती है। वे जानते हैं कि आराम करना भी प्रोडक्टिव होने का हिस्सा है। वे समझते हैं कि थका हुआ दिमाग अच्छे फैसले नहीं ले पाता। इसलिए वे ब्रेक लेने के लिए तब तक इंतज़ार नहीं करते जब तक कि वे पूरी तरह से थक न जाएं। यह आलस नहीं है। यह इमोशनल इंटेलिजेंस है।

वे अपनी छोटी-छोटी दिनचर्या को बनाए रखते हैं, भले ही ज़िंदगी में उथल-पुथल मची हो

जब ज़िंदगी तनावपूर्ण हो जाती है, तो बहुत से लोग उन आदतों को छोड़ देते हैं जो उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ रखती हैं। जो लोग भावनात्मक रूप से संतुलित रहते हैं, वे आमतौर पर छोटी-छोटी चीज़ें लगातार करते रहते हैं। वे सही समय पर सोने, ठीक से खाने, टहलने या खुद के साथ कुछ शांत पल बिताने की कोशिश करते हैं। ये आदतें बाहर से सामान्य लग सकती हैं, लेकिन मनोवैज्ञानिक रूप से ये स्थिरता देती हैं, खासकर तब जब बाकी सब कुछ अस्थिर हो।

वे मदद मांगने में सहज होते हैं

डॉ. भट्टाचार्य ने कहा, “एक आम गलतफहमी यह है कि मानसिक रूप से मजबूत लोग सब कुछ खुद करते हैं। असल में, मैंने इसके उलट देखा है।” जो लोग तनाव का अच्छी तरह सामना करते हैं, वे जानते हैं कि कब कोई चीज़ किसी एक व्यक्ति के लिए अकेले संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है। हालात बिगड़ने से पहले ही वे किसी दोस्त, परिवार के सदस्य या प्रोफेशनल से मदद मांग लेते हैं। वे मदद मांगने को कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी मानते हैं।

वे हर चीज़ को कंट्रोल करने की कोशिश छोड़ देते हैं

तनाव अक्सर तब बढ़ता है जब हम उन चीज़ों से लड़ते रहते हैं जिन्हें हम बदल नहीं सकते। भावनात्मक रूप से मजबूत लोग अपनी सारी ऊर्जा यह सोचने में बर्बाद नहीं करते कि “ऐसा क्यों हो रहा है?”। इसके बजाय, वे खुद से पूछते हैं, “अगला सबसे अच्छा काम मैं क्या कर सकता हूँ?”। सोच में यह बदलाव तुरंत लाचारी को कम करता है और उन्हें आगे बढ़ने की दिशा देता है।

वे मुश्किलों या झटकों से जल्दी उबर जाते हैं

इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें कभी दुख नहीं होता। उन्हें बिल्कुल दुख होता है। वे भी बाकी लोगों की तरह निराश, परेशान और चिंतित महसूस करते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि वे उन भावनाओं में ही उलझे नहीं रहते। वे अपनी भावनाओं को महसूस करते हैं, उस अनुभव से सीखते हैं और फिर धीरे-धीरे आगे बढ़ जाते हैं। यही लचीलापन (resilience) है। इसका मतलब दर्द का न होना नहीं, बल्कि मुश्किल पलों के बाद खुद को संभालकर वापस सामान्य स्थिति में आने की क्षमता है।

डॉ. भट्टाचार्य ने मनीकंट्रोल को बताया, “जब मैं दबाव में भी शांत रहने वाले लोगों को देखता हूँ, तो मुझे शायद ही कभी ऐसे लोग मिलते हैं जिनकी ज़िंदगी आसान रही हो। मुझे ऐसे लोग मिलते हैं जिन्होंने चुपचाप एक ज़रूरी हुनर ​​सीखा है – वे जानते हैं कि कब धीमा होना है, कब चीज़ों को छोड़ देना है और कब फिर से शुरुआत करनी है। यही चीज़ उन्हें बर्नआउट (मानसिक और शारीरिक थकान) से बचाती है। लचीलापन ज़िंदगी के सबसे बड़े संकटों के दौरान नहीं बनता। यह उन छोटे-छोटे फैसलों से बनता है जो हम हर दिन लेते हैं।”

दिलीप ट्रॉफी में भी शिरकत करेंगें वैभव सूर्यवंशी, खेलेंगे ईशान किशन की कप्तानी में

कम उम्र में ही अपनी बल्लेबाज़ी से धूम मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को आने वाली दिलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट ज़ोन टीम का उप-कप्तान बनाया गया है। यह उनकी तेज़ी से आगे बढ़ने की कहानी का एक और अहम पड़ाव है, क्योंकि हाल के महीनों में ही उन्होंने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई है।विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान किशन इस प्रतिष्ठित इंटर-ज़ोनल रेड-बॉल टूर्नामेंट में 15 सदस्यों वाली टीम की कप्तानी करेंगे। यह टूर्नामेंट 23 अगस्त को बेंगलुरु में शुरू होगा।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘Player of the series’ चुने गए।

ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।

शमी के शामिल होने से टीम को बहुत अनुभव मिलेगा। 35 साल के यह तेज़ गेंदबाज़ 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी फ़ाइनल के बाद से भारत के लिए नहीं खेले हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलते रहे हैं। उन्होंने 2025-26 घरेलू सीज़न में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया और आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के 14 में से 13 मैचों में भी खेले।

दिलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट ज़ोन की टीम: अभिमन्यु ईश्वरन (बंगाल), सुदीप कुमार घरामी (बंगाल), शाहबाज़ अहमद (बंगाल), सूरज सिंधु जायसवाल (बंगाल), मोहम्मद शमी (बंगाल), मुकेश कुमार (बंगाल), ईशान किशन (कप्तान, झारखंड), कुमार कुशाग्र (झारखंड ), शिखर मोहन (झारखंड ), अनुकूल रॉय (झारखंड), विराट सिंह (झारखंड), सुभ्रांशु सेनापति (ओडिशा), वैभव सूर्यवंशी (उप-कप्तान, बिहार), डेनिश दास (असम) और अभिजीत सरकार (त्रिपुरा)। स्टैंडबाय: आयुष लोहारूका (बिहार), श्रीदाम पॉल (त्रिपुरा), संबित एस बराल (ओडिशा), शरणदीप सिंह (झारखंड) और स्वास्तिक सामल (ओडिशा)।

अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा 

आस्ट्रेलिया में 2020-21 दौरे पर सिताराहीन भारतीय टीम को टेस्ट श्रृंखला में अपनी कप्तानी में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले भारत के सीनियर बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को यह कहकर अलविदा कह दिया कि आगे बढने का सही समय आ गया है।

भारत के लिये 2013 में पदार्पण करने वाले 38 वर्ष के रहाणे ने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 खेले हैं। वह 2023 में वेस्टइंडीज में टेस्ट श्रृंखला के बाद भारत के लिये नहीं खेले हैं। उन्होंने इस साल आईपीएल के दौरान भी हालांकि कहा था कि उन्होंने वापसी की उम्मीद छोड़ी नहीं है।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो संदेश में कहा जीवन का सत्य यही है कि हर शुरूआत का एक अंक होता है। जब समय आ जाये तो आपको उसका सम्मान करके आगे बढ जाना चाहिये। मैने बल्लेबाजी में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और मुझे इसका महत्व पता है।

उन्होंने कहा ,‘‘मुझे आज लग रहा है कि आगे बढने का सही समय है इसलिये मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से विदा ले रहा हूं।

रहाणे ने टेस्ट क्रिकेट में 12 शतक और 26 अर्धशतक के साथ 38 . 46 की औसत से 5077 रन बनाये। इसके अलावा 90 वनडे में 35 . 26 की औसत से तीन शतक और 24 अर्धशतक के साथ 2962 रन जोड़े। टी20 में उन्होंने 375 रन बनाये हैं।

रहाणे के लिये सबसे बड़ी उपलब्धि 2021 का आस्ट्रेलिया दौरा थी जब नियमित कप्तान विराट कोहली की गैर मौजूदगी में उन्होंने सितारों के बिना खेल रही भारतीय टीम की अगुवाई की और तमाम कयासों को धता बताते हुए आस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 2 . 1 से हराया।

एडीलेड में पहला टेस्ट बुरी तरह हारने के बाद कोहली पितृत्व अवकाश पर भारत लौट आये थे। एडीलेड में भारतीय टीम दूसरी पारी में 36 रन पर आउट हो गई थी।

उसके बाद रहाणे ने कप्तानी की और जसप्रीत बुमराह तथा रविंद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी में भी श्रृंखला जीती। दूसरे टेस्ट में रहाणे ने आस्ट्रेलियाई तेज आक्रमण का डटकर सामना करते हुए 223 गेंद में 112 रन बनाये। भारत ने ब्रिसबेन में चौथा और आखिरी टेस्ट तीन विकेट से जीता। वहीं मेलबर्न टेस्ट आठ विकेट से जीतकर श्रृंखला में बराबरी की थी।

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रहाणे ने अपने संदेश में कहा शुरूआत में अभ्यास के लिये डोम्बिवली से ट्रेन से सफर करने के दिनों से आज तक मैने खेल को सब कुछ दिया। हर दिन, हर पारी और बल्लेबाजी के हर मौके पर मेरा सपना हमेशा से भारत के लिये खेलने का था।

दुनिया भर में विभिन्न भाषाओं में क्रिकेट कमेंट्री करने वाले रहाणे ने कहा कि वह खेल से जुड़े रहेंगे।

उन्होंने कहा मैने हमेशा से एक ही नियम माना है कि अपने से पहले टीम और देश को रखना है। मैने पूरी ईमानदारी से क्रिकेट खेला है। प्रथम श्रेणी क्रिकेटर के तौर पर मेरे पदार्पण से आज तक भारतीय क्रिकेट ने काफी प्रगति की है। मुझे गर्व है कि मैं पिछले 20 साल से इसका हिस्सा रहा हूं।

रहाणे ने कहा भारतीय क्रिकेट के साथ मेरा अध्याय खत्म हो रहा है लेकिन खेल के साथ नहीं। मैं अगली पीढी की मदद करना चाहता हूं और उन मूल्यों को साझा करना चाहता हूं जो क्रिकेट ने मुझे सिखाये हैं।

रहाणे ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, राइजिंग पुणे सुपरजाइंट, दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिये खेला है। केकेआर ने उन्हें कप्तानी से फारिग कर दिया है।

रहाणे ने कहा कि उनके नाम का आशय होता है ‘जिसे हराया नहीं जा सके’ लेकिन क्रिकेट ने उन्हें सिखाया कि हार से बचा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा इस सफर में कई बार हारे और कई बार जीते लेकिन क्रिकेट खेलने का आनंद, जीवनभर की यादें मेरे कैरियर का सबसे बड़ा संतोष रहा।

उन्होंने अपने प्रशंसकों से कहा अजिंक्य मतलब जिसे हराया नहीं जा सके लेकिन क्रिकेट ने कई बार हार का अनुभव कराया। क्रिकेटर के तौर पर हम कामयाबी से ज्यादा नाकामी देखते हैं। मेरी टीम मैच हारी। मैने गलतियां की लेकिन एक जगह है जहां मैं कभी नहीं हारा और वह है आपके दिल में।

आपने मुझे अपनों सा समझा। आपके प्यार, भरोसे और सहयोग के लिये धन्यवाद। कैप नंबर 278 अब विदा लेता है। रहाणे ने 2024 . 25 सत्र में मुंबई की कप्तानी की। उनकी कप्तानी में मुंबई ने 2023 . 24 में रणजी ट्रॉफी जीती थी।

Pic Credit : ANI

किसान कल्याण के लिए संकल्पित सरकार, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले, खेती से घर चलने के साथ रोजगार भी मिलता है

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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, सम्मान और कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को रफ्तार दे रही है। बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को सेवा के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। किसान नई तकनीक को आत्मसात करें। प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और उद्यानिकी फसलों से अपनी आय बढ़ाएं। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खेती से केवल एक किसान का घर नहीं चलता है, बल्कि इससे सभी प्रकार के उद्योगों के लिए कच्चा माल और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने के लिए 16 विभागों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की है। किसानों की समृद्धि, उनकी आय दोगुनी करने के लिए जिलास्तर पर बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत मां अहिल्याबाई होल्कर की धरती इंदौर से की थी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केला की पैदावर में हुए नुकसान के लिए किसान भाईयों के खातों में सिंगल क्लिक से मुआवजा राशि वितरित की। 

 

कांवड़ियों के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों को आज से शुरु हुए पवित्र श्रावण मास की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में प्रदेश में जहां से कांवड़ यात्रा निकलने वाली है। सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि कांवड़ियों के लिए सभी जरूरी इंतजाम पहले से कर लिए जाएं। प्रशासन सभी भक्तों के साथ है।

 

केले से बने उत्पादों ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर देश-दुनिया में बनाई पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती मैया के आशीर्वाद से बुरहानपुर क्षेत्र अपनी उद्यानिकी फसलों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के स्वादिष्ट केला, हल्दी और कपास अपने आप में बेहद खास है। यहां सभी धर्मों के बीच मिलकर रहने की संस्कृति खेती में दिखाई देती है। यहां कृषि से लेकर कपड़ा, दवा से लेकर फर्नीचर और पाइप उपकरण से लेकर सब कुछ निर्माण होता है। कपास और कपड़ा उत्पादन के लिए सहूलियत देने के लिए राज्य सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी टैक्स को आधा कर दिया है। इससे प्रदेशभर के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिला, लेकिन इसके लिए मांग सबसे पहले बुरहानपुर जिसे से उठी। राज्य सरकार ऐसे सभी कल्याणकारी फैसलों के लिए किसानों के साथ खड़ी है। बुरहानपुर को केला फसल के प्रसंस्करण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। अब केला से न केवल फल, बल्कि रेशे से कपड़ा निर्माण और सजावटी समान तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से बिक्री के जरिए देश-दुनिया में बुरहानपुर को नई पहचान मिल रही है।

 

बुरहानपुर के किसानों को भी मिलेगा धार के पीएम मित्र पार्क का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुरहानपुर के किसान भाइयों ने खेती में फसलों के विविधिकरण पर विशेष ध्यान दिया है। कपास की फसल हैंडलूम के साथ ही पॉवरलूम से जुड़े कामगारों को सशक्त बनाती है। खंडवा और बुरहानपुर की कपास मंडी में टैक्स 1 रुपए से घटाकर आधा करने के निर्देश दिए थे। बुरहानपुर के किसानों को धार के पीएम मित्र पार्क का भी लाभ मिलेगा। बुरहानपुर अब केवल कच्चे माल ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, एक्सपोर्ट का भी बड़ा हब बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। जिले में सिंचाई के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। बुरहानपुर में सिंचाई का रकबा बढ़ा है। हर खेत तक पानी पहुंचाना हमारा संकल्प है।

 

ग्वालियर में टेलीकॉम सेक्टर के मैन्यूफेक्चरिंग जोन के लिए एमओयू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार महाराष्ट्र के साथ मिलकर ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना पर काम कर रही है। राज्य सरकार निवेश संवर्धन के लिए भी कार्य कर रही है। ग्वालियर को टेलीकॉम सेक्टर के मैन्यूफेक्चरिंग जोन के रूप में स्थापित करने के लिए आज नई दिल्ली में भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के बीच एक एमओयू साइन किया जाएगा। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार दिलवाने के लिए, किसानों को उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए संकल्पित है।

Miyazaki mango: 4 आम की कीमत 2.11 लाख रुपये! इसकी वजह आपको हैरान कर देगी, यूपी के किसान ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड

Miyazaki mango: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दुनिया की सबसे महंगी किस्मों में गिने जाने वाले मियाजाकी आमों ने किसान संदीप चौधरी को देश में एक नई पहचान दिलाई है। सूरत के एक व्यापारी प्रवीण गुप्ता ने चौधरी से कुल मिलाकर लगभग एक किलोग्राम वजन वाले चार मियाजाकी आम 2.11 लाख रुपये में खरीदे हैं। इस किस्म के लिए भारत में इस कीमत पर हुई यह पहली बिक्री बताई जा रही है। इस रिकॉर्ड बिक्री ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि गुप्ता ने ये आम अपनी मां के नाम पर खरीदे।

चौधरी ने बताया कि यह सौदा शुरू में 3.5 लाख रुपये में तय हुआ था। लेकिन जब उन्हें पता चला कि खरीदार यह खरीद अपनी मां को समर्पित करना चाहता है, तो उन्होंने कीमत घटाकर ₹2.11 लाख कर दी। कुल रकम में से ₹1.11 लाख ऑनलाइन मिल चुके हैं। बाकी 1 लाख रुपये का भुगतान 1 अगस्त को डिलीवरी के समय किया जाएगा।

पीएम मोदी से मिली प्रेरणा

थरोली गांव के रहने वाले चौधरी ने बताया कि गुप्ता पिछले साल भी ये आम खरीदना चाहते थे। लेकिन उस समय उन्होंने इन्हें मुख्यमंत्री को भेज दिया था। मौजूदा सौदे के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि चार आम सूरत के गुप्ता को ₹2.11 लाख में बेचे गए। उन्होंने कहा कि इस बिक्री की सबसे खास बात यह थी कि इन्हें खरीदार की मां के नाम पर खरीदा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गुप्ता ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी भावना के साथ काम किया है। उन्होंने कहा कि वे दोनों गुजरात में मिलेंगे, जहां आम सौंपे जाएंगे।

तीन साल पहले शुरू की थी आम की खेती

चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने तीन साल पहले मियाजाकी आमों की खेती नई सोच के साथ शुरू की थी। उन्होंने कहा कि हमने सोचा कि किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अपनी आय बढ़ाने के लिए महंगी और खास फसलें भी उगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरू में कई लोगों ने उनका मज़ाक उड़ाया। लोगों ने कहा कि आम लाखों में नहीं बिक सकते। लेकिन उनकी मेहनत अब रंग लाई है। उन्होंने बताया कि अभी उनके पास मियाजाकी आम के लगभग 40 पेड़ हैं। यह पहली बार है जब उनके चार आम ₹2.11 लाख में बिके हैं।

कमाई का 10 प्रतिशत हिस्सा गरीब लोगों को समर्पित

संदीप चौधरी ने यह भी कहा कि बिक्री से हुई कमाई का 10 प्रतिशत हिस्सा गरीब लोगों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। चौधरी ने कहा कि तीन साल की मेहनत के बाद इस डील की कामयाबी से वे बहुत खुश हैं। मियाजाकी आमों को उनके खास लाल-बैंगनी रंग, स्वाद और पोषक गुणों की वजह से दुनिया का सबसे महंगा आम माना जाता है।

चौधरी ने बताया कि आम आमों की तुलना में इनमें विटामिन A, विटामिन C, बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट ज्यादा मात्रा में होते हैं। उन्होंने दूसरे किसानों से अपील की है कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ ऑर्गेनिक और ज़्यादा कीमत वाली फसलों की खेती भी करें।

मियाजाकी आम का जापान कनेक्शन

बता दें कि मियाजाकी (Miyazaki mango) आम दुनिया की सबसे महंगी आम की किस्मों में से एक मानी जाती है। इसका नाम जापान के मियाजाकी प्रांत के नाम पर रखा गया है, जहां इसकी व्यावसायिक खेती शुरू हुई। मियाजाकी आम को जापान में अक्सर ‘Egg of the Sun’ (Taiyo no Tamago) के नाम से भी बेचा जाता है।

यह नाम केवल उन प्रीमियम फलों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो आकार, रंग और मिठास जैसे सख्त गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं। भारत के मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के कुछ किसानों ने प्रयोग के तौर पर मियाज़ाकी आम की खेती शुरू की है। हालांकि इसकी खेती अभी सीमित स्तर पर ही होती है।

मियाजाकी की खासियत

  • पकने पर इसका रंग गहरा लाल या रूबी लाल हो जाता है।
  • एक फल का वजन आमतौर पर 350-500 ग्राम तक होता है।
  • इसमें प्राकृतिक शर्करा (Sugar) की मात्रा अधिक होती है। इसलिए इसका स्वाद बेहद मीठा होता है।
  • इसका गूदा रेशारहित (Fiberless), मुलायम और बेहद रसदार होता है।

मियाजाकी की कीमत

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत गुणवत्ता और उपलब्धता के अनुसार बहुत अधिक हो सकती है।
  • प्रीमियम ग्रेड के मियाज़ाकी आम की एक जोड़ी (2 आम) की नीलामी जापान में लाखों रुपये के बराबर कीमत तक पहुंच चुकी है।
  • भारत में भी इसकी खेती करने वाले कुछ किसान हैं और यहां भी इसकी कीमत सामान्य आमों की तुलना में कई गुना अधिक रहती है।

कैसे होती है खेती?

  • इसकी खेती नियंत्रित तापमान और विशेष देखभाल में की जाती है।
  • फलों को अक्सर जाल (नेट) में लटकाकर उगाया जाता है ताकि वे सुरक्षित रहें। साथ ही पूरी तरह पकने पर बिना नुकसान के तोड़े जा सकें।