UP Mega Infrastructure Plan: लखनऊ समेत इन 6 जिलों की बदलेगी तस्वीर, आउटर रिंग रोड और नमो भारत कॉरिडोर को मिली मंजूरी

UP Mega Infrastructure Plan: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की गाड़ी तेजी से दौड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जिले को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के विकास को बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। राज्य सरकार ने एससीआर के लिए कई महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इनमें 300 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड, 187 किलोमीटर का नमो भारत कॉरिडोर, 151 किलोमीटर की रिंग रेल और औद्योगिक क्लस्टर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

इन योजनाओं के लागू होने से क्षेत्र में परिवहन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पूरे एससीआर को कवर करने वाली आउटर रिंग रोड के अलावा कई अहम परियोजनाओं को विभागीय स्तर पर सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। आवास विभाग की दो दिन चली बैठक में इन परियोजनाओं पर सहमति बनी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इन प्रस्तावों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। इस पर मुख्यमंत्री की सहमति मिलने के बाद इन पर क्रियांवयन शुरू होगा।

300 KM आउटर रिंग रोड से छह जिलों को फायदा

स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में यूपी के 6 जिले शामिल हैं। उनमें लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई शामिल है। प्रस्तावित आउटर रिंग रोड लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ते हुए लगभग 300 किलोमीटर लंबी होगी। यह परियोजना राजधानी के ट्रैफिक दबाव को कम करने और आसपास के जिलों के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।

पहला चरण: 105 किमी सड़क का निर्माण, अनुमानित लागत 2,100 करोड़ रुपये

दूसरा चरण: 195 किमी सड़क, अनुमानित लागत 3,900 करोड़ रुपये

187 KM नमो भारत कॉरिडोर

हाई स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत प्रस्तावित 187 किलोमीटर लंबा नमो भारत कॉरिडोर कानपुर के न्यायगंज से अयोध्या तक बनाया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 32,000 करोड़ रुपये बताई गई है।

दो चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट

पहला चरण: न्यायगंज से अमौसी तक 67 किलोमीटर

दूसरा चरण: अमौसी से अयोध्या तक

कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें न्यायगंज, उन्नाव, बशीरतगंज, नवाबगंज, बांगर, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटरिया और अयोध्या शामिल हैं।

रिंग रेल परियोजना भी होगी विकसित

एससीआर क्षेत्र में 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना भी प्रस्तावित है। इससे लखनऊ और आसपास के जिलों के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पहला चरण: पहले चरण में 63 किलोमीटर

सेकंड चरण: दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन विकसित की जाएगी।

औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

  • सरकार ने बहराइच (रायबरेली) और संडीला (हरदोई) में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की भी मंजूरी दी है।
  • बहराइच क्षेत्र में पहले चरण में 12,500 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में 13,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
  • संडीला में फूड प्रोसेसिंग, केमिकल, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स उद्योगों के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
  • इसके अलावा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के दोनों ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा।

300 किमी आउटर रिंग रोड और रिंग रेल

बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ने वाले 300 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड को मंजूरी दी गई है:-

पहला चरण: 105 किलोमीटर सड़क का निर्माण 2100 करोड़ रुपये की लागत से होगा।

दूसरा चरण: 195 किलोमीटर हिस्से के लिए 3,900 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

रिंग रेल परियोजना: एससीआर क्षेत्र के चारों ओर 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना के पहले चरण में 63 किलोमीटर और दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन विकसित की जाएगी।

औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर

इससे जुड़े अहम बैठक में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए बछरावां को स्पेशल इनवेस्टमेंट रीजन और संडीला को विस्तारित औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का फैसला लिया गया है:-

बछरावां (रायबरेली): पहले चरण में 12,500 करोड़ और दूसरे चरण में 13,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

संडीला (हरदोई): फूड प्रोसेसिंग, पेय पदार्थ, केमिकल, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स उद्योगों के लिए पहले चरण में 6,250 करोड़ और दूसरे चरण में 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रीय विकास परियोजनाएं

एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के ओरिएंटेड डेवलपमेंट के तहत एक्सप्रेसवे के दोनों ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा।

लॉजिस्टिक्स हब: दुबग्गा-वरुण विहार क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एग्री-ट्रेड, फूड चेन और लॉजिस्टिक्स हब बनेगा।

आध्यात्मिक केंद्र: नैमिषारण्य को आध्यात्मिक-आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की 750 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी।

अस्पताल और ट्रांसपोर्ट नगर: सीतापुर में मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल तथा उन्नाव और गोसाईंगंज में नए ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने के प्रस्तावों पर सहमति बनी है।

इन जिलों को होगा सीधा फायदा

लखनऊ

रायबरेली

बाराबंकी

सीतापुर

उन्नाव

हरदोई

क्या होगा असर?

इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। यात्रा का समय घटेगा। औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही लखनऊ और आसपास के जिलों का समग्र आर्थिक और शहरी विकास तेज होने की उम्मीद है।

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India Weather Today: देश भर में मानसून की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 11 जुलाई के लिए देश का ताजा वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है। लेकिन उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण अब भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किलोमीटर के बीच सक्रिय है।

इसके अलावा मानसून की अक्षीय रेखा इस समय श्री गंगानगर, रोहतक, बरेली, गोरखपुर, पूर्णिया से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर त्रिपुरा तक जा रही है। इन मजबूत मौसमी प्रणालियों के असर से आज दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है:-

इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने से आज देश के कई हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से शामिल हैं:-

बिहार

पूर्वी उत्तर प्रदेश

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

इन राज्यों के अलग-अलग इलाकों में आज भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके चलते नदी जलस्तर बढ़ने और जलभराव जैसी समस्याओं को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर और यूपी-पंजाब समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कई राज्यों में आज हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है:-

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पश्चिमी उत्तर प्रदेश

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

पंजाब

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरराबाद

अरुणाचल प्रदेश

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का बवंडर

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली गिरने और बवंडर जैसी तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। आज अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की पूरी संभावना है।

इसी तरह बिहार, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में आज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आज आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सतह पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

कल का मौसम 11 जुलाई: IMD ने इन 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, बिहार-पूर्वी यूपी समेत पूर्वोत्तर में बरसेंगे बादल, यहां आंधी-तूफान

India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 जुलाई के लिए देश भर का विस्तृत मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के इवनिंग वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस समय मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर कम दबाव का क्षेत्र लगातार बना हुआ है। इसके साथ ही इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 9.5 किलोमीटर ऊपर तक फैल गया है। मानसून की अक्षीय रेखा इस समय गंगानगर, रोहतक, मध्य उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर मिजोरम तक जा रही है। इन मजबूत मौसमी प्रणालियों, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के सक्रिय होने के चलते 11 जुलाई को देश के 12 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और कई हिस्सों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 11 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज-

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इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 11 जुलाई को देश के 7 राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन राज्यों में शामिल हैं-

  • बिहार
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

इन सभी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इससे स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

IMD ने 11 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है:

  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख
  • अरुणाचल प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने 11 जुलाई देश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक 11 जुलाई को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बिजली गिरने की पूरी संभावना है। बिहार, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ सिर्फ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। 11 जुलाई को आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सतह पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

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IMD Heavy Rain Alert: पूरे भारत में पहुंचा मानसून! दिल्ली में आज होगी भारी बारिश, UP-उत्तराखंड में ‘रेड अलर्ट’, मुंबई में भी बरसेंगे बादल

Heavy Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार (10 जुलाई) के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों में बारिश की तीव्रता कम रहने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। IMD के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इसके प्रभाव से उत्तर, पूर्व, मध्य, पश्चिमी तटीय और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पूरे देश में पहुंचा मानसून

IMD के अनुसार, 9 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों में भी प्रवेश कर लिया। इसके साथ ही मानसून ने पूरे भारत को कवर कर लिया है, जो सामान्य तारीख 8 जुलाई से एक दिन बाद हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाके, पश्चिमी तटीय क्षेत्र, प्रायद्वीपीय भारत और पश्चिमी हिमालयी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।

दिल्ली में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

IMD ने दिल्ली के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए शुक्रवार को भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जुलाई की दोपहर और शाम के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। IMD ने जलभराव, ट्रैफिक जाम, बिजली आपूर्ति बाधित होने, तेज हवाओं से कमजोर ढांचों को नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई है।

मुंबई में हल्की बारिश के आसार

मुंबई और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को हल्की बारिश का अनुमान है। हालांकि, पुणे और सतारा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि रायगढ़, कोल्हापुर, बुलढाणा, अकोला, अमरावती, नागपुर, चंद्रपुर और गढ़चिरौली में येलो अलर्ट लागू रहेगा।

यूपी के कई जिलों में ‘रेड अलर्ट’

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, संभल और ज्योतिबा फुले नगर शामिल हैं। वहीं सीतापुर, हरदोई, बुलंदशहर, सहारनपुर, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और हापुड़ समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट लागू है।

उत्तराखंड में भी ‘रेड अलर्ट’

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और नैनीताल में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। आईएमडी ने बताया कि एक सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) और मध्य अक्षांशीय पश्चिमी हवाओं (Mid-Latitude Westerlies) के प्रभाव से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 10 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। लोगों को जलभराव, भूस्खलन और नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी

IMD ने कई राज्यों में बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान जताया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

साप्ताहिक बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान

हालांकि, कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। लेकिन आईएमडी का कहना है कि सप्ताहभर के दौरान देशभर में कुल वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है। विशेष रूप से इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में औसत बारिश सामान्य से कम रह सकती है। हालांकि स्थानीय स्तर पर भारी बारिश के दौर जारी रहेंगे।

पिछले सप्ताह कैसा रहा मौसम?

पिछले सप्ताह बंगाल की खाड़ी में बने इस सीजन के पहले डिप्रेशन के कारण ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। अब मानसून के पूरे देश में सक्रिय होने और कई मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में भी अधिकांश क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की आशंका है।

कल का मौसम 10 जुलाई: उत्तराखंड में रेड वॉर्निंग, IMD ने यूपी समेत इन 22 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

India Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को अपने सामान्य समय से महज एक दिन की देरी से पूरे देश में छा चुका है। उत्तर अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर करने के साथ ही मानसून पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ये अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा मानसून ट्रफ और अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से कल कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने वाला है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

उत्तराखंड के लिए रेड वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए उत्तराखंड को सबसे संवेदनशील जोन में रखा है। राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बिजली कड़कने और गरज-चमक की भी चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश समेत इन 5 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 10 जुलाई को देश के 5 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जैसी स्थिति है-

उत्तर प्रदेश (कम दबाव का क्षेत्र बने होने के कारण व्यापक असर दिखेगा)

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • इन सभी राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
  • दिल्ली-हरियाणा और बिहार समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने 10 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • हिमाचल प्रदेश
  • पूर्वी मध्य प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • मध्य महाराष्ट्र
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
  • केरल और माहे
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।

इसी तरह बिहार, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

मौसम को प्रभावित करने वाले बड़े सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक देश भर में इस भारी बारिश के पीछे एक साथ कई मानसूनी सिस्टम काम कर रहे हैं-

  • उत्तर प्रदेश पर लो-प्रेशर: दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला एक ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ सक्रिय है।
  • मानसून ट्रफ: मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अनूपगढ़, रोहतक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, फुर्सतगंज, देहरी, धनबाद, बांकुरा, दीघा से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
  • ऑफ-शोर ट्रफ: समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से लेकर उत्तरी केरल तक एक ऑफ-शोर ट्रफ लगातार बनी हुई है।
  • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाके में समुद्र तल से 5।8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
  • अन्य चक्रवाती हवाएं: उत्तरी बिहार, पूर्वी बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाइयों पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं जो नमी को खींच रहे हैं।

IMD का बारिश पर बड़ा अलर्ट: यूपी-उत्तराखंड 2 दर्जन से ज्यादा राज्यों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी, 15 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून के असर की वजह से जबर्दस्त बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश ने कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं और कई लैंडस्लाइड देखने को मिली हैं। इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ते हुए आज 9 जुलाई को उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लिया है। इसके साथ ही मानसून ने सामान्य तिथि (8 जुलाई) से महज 1 दिन की देरी से 9 जुलाई को पूरे देश में अपनी दस्तक दे दी है। पूरे भारत में मानसून के सक्रिय होने के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत दो दर्जन से अधिक राज्यों के लिए 15 जुलाई तक भारी से बेहद भारी बारिश और आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का हाई अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों के भीतर कुछ राज्यों में बादलों का सबसे रौद्र रूप देखने को मिलेगा। यहां अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है:

  1. उत्तराखंड: 9 और 10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।
  2. पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 9 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।
  3. देश भर के राज्यों का विस्तृत क्षेत्रीय पूर्वानुमान (9 से 15 जुलाई)
  4. उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-उत्तराखंड में लगातार बरसेंगे बादल

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जुलाई और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 से 13 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 9 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 10 जुलाई को बहुत भारी और 11 जुलाई को भारी बारिश होगी। पूर्वी यूपी में 9 से 11 जुलाई तक बहुत भारी बारिश और 12-13 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। 9 जुलाई को दोनों हिस्सों में बिजली कड़कने की चेतावनी है।

  • उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तराखंड में 9-10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 11 से 15 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।
  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 9-10 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। यहां 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है। पंजाब में 9 जुलाई को व्यापक बारिश के साथ ही 9 जुलाई और 11-12 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।
  • जम्मू-कश्मीर और राजस्थान: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9-12 जुलाई तक व्यापक बारिश, भारी बारिश (11-12 जुलाई) और 15 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है। पूर्वी राजस्थान में 9 जुलाई को भारी बारिश और 9-10 जुलाई को गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान का अलर्ट

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9 जुलाई को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 9-10 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। इन दोनों क्षेत्रों में 9 से 13 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। पश्चिमी हिस्से में 9 जुलाई को और पूर्वी हिस्से में 9-10 जुलाई को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 9 जुलाई और फिर 13-15 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी जबकि 9 जुलाई को भारी बारिश और 9-13 जुलाई तक बिजली चमकने का अलर्ट है। विदर्भ में 9 जुलाई और 14-15 जुलाई को व्यापक बारिश होने के आसार हैं।

पूर्वी भारत: बिहार और बंगाल में बहुत भारी बारिश की मार

बिहार: बिहार में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 10 से 11 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिससे 10-12 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9-10 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 11-15 जुलाई को भारी बारिश होगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 9 से 13 जुलाई तक भारी बारिश और 9-10 जुलाई को तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

झारखंड और ओडिशा: झारखंड में 12-15 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि 13 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। ओडिशा में 13-14 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में 15 जुलाई तक आफत

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 9 और 10 जुलाई को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके बाद 11 से 15 जुलाई के दौरान इन क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी, जिसमें 9 से 11 जुलाई के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी भारत: कोंकण और गोवा में मूसलाधार जारी

कोंकण और गोवा: इस क्षेत्र में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक और भारी बारिश का दौर बना रहेगा। यहां 9 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य महाराष्ट्र और गुजरात: मध्य महाराष्ट्र में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र, मारूवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 15 जुलाई तक छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तेलंगाना में थंडरस्कॉल का अलर्ट

तेलंगाना: तेलंगाना में 9 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से भयानक आंधी-तूफान आने की चेतावनी दी गई है। 10 से 15 जुलाई तक यहां तेज हवाएं चलेंगी।

केरल और कर्नाटक: केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। तटीय कर्नाटक में 9-15 जुलाई तक व्यापक बारिश और 9-10 जुलाई को भारी बारिश होगी। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 9 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 9-10 जुलाई को भारी बारिश होगी और 9-10 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

School Holiday Due to Rain: भारी बारिश के बीच यूपी से उत्तराखंड तक कई राज्यों के स्कूलों में छुट्टी, हॉलिडे की पूरी लिस्ट यहां चेक करें

School Holiday List: देश भर में मॉनसून के रौद्र रूप और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की चेतावनियों के बीच छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए कई राज्यों के जिला प्रशासनों ने स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी का या क्लासेज को सस्पेंड करने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। आइए जानते हैं आपके राज्य और जिले में स्कूलों की छुट्टी को लेकर क्या है ताजा स्थिति।

उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR: गाजियाबाद समेत कई जिलों में स्कूल बंद

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के व्यापक बारिश व थंडरस्टॉर्म के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। गाजियाबाद में लगातार हो रही बारिश और जलभराव की वजह से जिला प्रशासन ने कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को गुरुवार को बंद रखने का आदेश दिया है। मथुरा और हाथरस में भी भारी बारिश के मद्देनजर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में कक्षाएं सस्पेंड कर दी गई हैं।

IMD का दिल्ली-NCR और यूपी अलर्ट: मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए दिल्ली (सभी जिलों जैसे नई दिल्ली, साउथ, वेस्ट, ईस्ट, सेंट्रल दिल्ली आदि) और हरियाणा के फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत में रेड अलर्ट जारी किया है। यहां 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं और भारी बारिश हो सकती है। वहीं यूपी के गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, आगरा, अलीगढ़ और मथुरा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है।

उत्तराखंड: देहरादून, नैनीताल समेत इन जिलों में छुट्टी

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी आफत की बारिश जारी है। इसके चलते मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी और चमोली समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा के मद्देनजर देहरादून, उधम सिंह नगर और नैनीताल जिलों में सभी सरकारी और प्राइवेट शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को पूरी तरह से बंद रखने का आदेश दिया गया है।

केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र: दक्षिण और पश्चिम भारत में भी ताले

भारी मानसूनी बारिश के चलते केरल के वायनाड, कोझिकोड और मलप्पुरम जिलों में सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने केरल के एर्नाकुलम और त्रिशूर में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के होसनागर और सागर तालुकों में भारी बारिश के कारण स्कूलों की छुट्टी लगातार जारी है। पालघर जिले के वसई तालुक और वसई-विराट नगर निगम क्षेत्र में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी आंगनवाड़ियों, स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई और व्यावसायिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।

स्कूल जाने से पहले अपने जिले का अपडेट जरूर चेक करें

प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने माता-पिता और छात्रों को सख्त सलाह दी है कि वे अपने घर से निकलने से पहले अपने-अपने संबंधित जिला प्रशासन या स्कूल ग्रुप्स से अपडेट जरूर चेक कर लें। IMD ने अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का पूर्वानुमान जताया है, इसलिए स्थानीय मौसम के आधार पर जिला अधिकारी छुट्टियों की समीक्षा कर रहे हैं। स्थिति बिगड़ने पर आने वाले समय में कुछ और जिलों में भी छुट्टी की घोषणा की जा सकती है।

IMD का पूरे देश के मौसम को लेकर लेटेस्ट अलर्ट यहां नीचे चेक करें

कल का मौसम 9 जुलाई: यूपी, बिहार, MP समेत इन 22+ राज्यों में IMD जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, कई जगह आंधी-तूफान की भी चेतावनी

Weather Forecast for July 9: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर इसके पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तरी अरब सागर के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में सक्रिय होने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। मौसम प्रणालियों की बात करें तो उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसके साथ हील दक्षिण गुजरात से लेकर केंद्रीय केरल तक ऑफ-शोर ट्रफ और उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्व बांग्लादेश तक सीजनल ट्रफ सक्रिय है।

इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 जुलाई को उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।

इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 9 जुलाई को देश के 7 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका जताई गई है:-

उत्तर प्रदेश (पश्चिमी हिस्सा)

बिहार

मध्य प्रदेश

पूर्वी राजस्थान

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

दिल्ली-NCR और गुजरात समेत इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

9 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों और राज्यों में भी भारी बारिश दर्ज किए जाने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इन इलाकों और राज्यों के नाम नीचे दिए गए हैं-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी हिस्सा)

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पंजाब और उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

गुजरात क्षेत्र

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

गांगेय पश्चिम बंगाल

केरल और माहे

तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में हवा की रफ्तार और गरज-चमक को लेकर भी अलर्ट जारी किया है:-

50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल: केरल और माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की तूफानी रफ्तार से आंधी-तूफान आने और हवाएं चलने की आशंका है।

40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली: राजस्थान, गुजरात राज्य, संपूर्ण कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में अलग-अलग हिस्सों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट है।

30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा ओडिशा में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

गरज-चमक और बिजली का अलर्ट: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, उत्तराखंड, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा कर्नाटक, केरल एवं माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल में सतह पर बहुत मजबूत हवाएं चलने का भी अनुमान है।

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IMD Flash Flood Alert: सावधान! अगले 24 घंटों में इन 3 राज्यों में आ सकती है अचानक बाढ़, फ्लैश फ्लड और भारी बारिश की चेतावनी

IMD Flash Flood Alert: देश भर में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने लगातार हो रही भारी मॉनसूनी बारिश के मद्देनजर देश के तीन राज्यों महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कई हिस्सों के लिए अचानक आने वाली बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान इन राज्यों के कई जिलों में मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है जहां बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

कुछ इलाकों में 200 मिमी तक बारिश हो सकती है। इससे अचानक बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की आशंका काफी बढ़ गई है। लगातार हो रही बारिश से मिट्टी पहले ही पूरी तरह गीली हो चुकी है और नदियां उफान पर हैं। इससे इन क्षेत्रों में तेजी से बाढ़ आने की संवेदनशीलता बढ़ गई है।

पश्चिमी भारत में भारी बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा

IMD के मुताबिक सबसे ज्यादा फ्लैश फ्लड का खतरा नीचे दिए गए इलाकों को है-

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

गुजरात

भारी बारिश से नदियां उफान पर

मौसम एजेंसी का कहना है कि बहुत कम समय में होने वाली बेहद तेज बारिश की वजह से नदियां, नाले और जल निकासी चैनल उफान पर आ सकते हैं। खासकर निचले इलाकों में स्थिति गंभीर हो सकती है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और भारी बारिश के दौरान बाढ़ वाली सड़कों या नदियों के किनारों से यात्रा करने से बचने की सख्त सलाह दी है।

क्या होती है अचानक आने वाली बाढ़?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, फ्लैश फ्लड सामान्य नदी की बाढ़ से बिल्कुल अलग होती है। मौसमी नदी की बाढ़ आमतौर पर बारिश होने के 100 से 150 घंटे बाद आती है लेकिन फ्लैश फ्लड भारी बारिश के कुछ ही मिनटों या घंटों के भीतर आ सकता है। यह स्थिति तब बनती है जब जमीन पानी को सोखने की स्थिति में नहीं रहती या फिर नदियां, नाले और ड्रेनेज चैनल पूरी तरह से भर जाते हैं। तेज हवाओं की वजह से फ्लैश फ्लड अपने साथ मिट्टी, चट्टानें और मलबे को भी बहा ले आती है। अपनी बेहद तेज स्पीड और ताकत की वजह से इसे बारिश के मौसम से जुड़ी सबसे खतरनाक आपदाओं में से एक माना जाता है। ये तुरंत जानलेवा साबित हो सकती है।

IMD कैसे लगाता है फ्लैश फ्लड के खतरे का अनुमान?

मौसम विभाग द्वारा फ्लैश फ्लड की चेतावनियां जारी करने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। वैज्ञानिक इसके लिए बारिश के पूर्वानुमान, सैटेलाइट ऑब्जर्वेशन, डॉपलर वेदर रडार डेटा और हाइड्रोलॉजिकल मॉडल्स का इस्तेमाल करते हैं। वैज्ञानिक मिट्टी की नमी, नदियों के जलस्तर और स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों का भी बारीकी से एनालिसिस करते हैं ताकि यह सटीक अनुमान लगाया जा सके कि तेज बारिश के बाद कहां पानी तेजी से बढ़ सकता है।

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9 जुलाई तक जारी रहेगा मौसम का यह उग्र रूप

पश्चिमी भारत में वर्तमान दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कुछ हिस्सों में 9 जुलाई तक बहुत भारी बारिश का यह दौर जारी रहेगा। इसके बाद परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि अरब सागर से मिल रही प्रचुर नमी और अनुकूल मानसूनी चक्र की वजह से मौसम का यह चरम रूप देखने को मिल रहा है।

Delhi NCR Heavy Rain Alert: IMD ने दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का अलर्ट दिया, इस बीच गुरुग्राम में WFH की एडवाइजरी जारी

Delhi NCR Heavy Rain Alert: मानसून की पहली ही भारी बारिश ने दिल्ली से सटे साइबर सिटी के नाम से मशहूर गुरुग्राम की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। मंगलवार (7 जुलाई) को हुई लगभग 82 मिमी बारिश के बाद हरियाणा के इस प्रमुख शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। सबसे बुरा हाल नेशनल हाईवे-48 (NH-48) पर देखने को मिला। यहां नरसिंहपुर के पास मुख्य हाईवे की सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। इसके बाद प्रशासन को दो लेन पूरी तरह बंद करनी पड़ीं।

इस हादसे के कारण दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर हीरो होंडा चौक से लेकर खेड़की दौला टोल प्लाजा तक लगभग 8 किलोमीटर लंबा भारी ट्रैफिक जाम लग गया। इसमें हजारों वाहन चालक घंटों फंसे रहे। यह घटना दोपहर 3 से 4 बजे के बीच की है। सूत्रों के मुताबिक, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) इस हिस्से के नीचे ड्रेनेज (जल निकासी) पाइप डालने का काम कर रहा था। खुदाई की वजह से सड़क के नीचे की मिट्टी पहले से ही कमजोर थी। इस वजह से भारी बारिश के पानी ने इसे पूरी तरह बहा दिया, जिससे मुख्य हाईवे बीच से धंस गया।

ट्रैफिक पुलिस की नई एडवाइजरी

भारी ट्रैफिक जाम को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली से जयपुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए तुरंत रूट डायवर्ट कर दिया है। वाहन चालकों को इन रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है:-

राजीव चौक से: वाहन चालक राजीव चौक पर बाईं (Left) तरफ मुड़कर एसपीआर रोड (SPR Road) का इस्तेमाल करें।

हीरो होंडा चौक से: यहां से भी बाईं ओर मुड़कर एसपीआर रोड के जरिए अपने गंतव्य की ओर बढ़ें।

दिल्ली से आने वाले वाहन: दिल्ली से आने वाले लोग नरसिंहपुर के जाम से बचने के लिए सीधे द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) का रास्ता अपनाएं।

कॉरपोरेट कंपनियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की अपील

मौसम विभाग के अनुमान और आने वाले दिनों में और जलभराव की आशंका को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने शहर के सभी निजी संस्थानों और कॉरपोरेट सेक्टर से अपील की है:-

  • आगामी कुछ दिनों तक मुख्य सड़कों और चौराहों पर जलभराव और भारी जाम की पूरी आशंका है। इसलिए हम कॉरपोरेट सेक्टर और निजी कंपनियों से पुरजोर अपील करते हैं कि वे अपने कर्मचारियों को अगले कुछ दिनों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने) की सुविधा दें, ताकि सड़कों पर दबाव कम हो सके और लोग सुरक्षित रहें।”
  • अगर आप भी गुरुग्राम या दिल्ली-एनसीआर में सफर कर रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले लाइव ट्रैफिक अपडेट जरूर चेक कर लें और संभव हो तो डिजिटल माध्यमों से ही अपना काम निपटाएं।

आज भी राहत मिलने की उम्मीद कम

यह वेदर फोरकास्ट साफ इशारा कर रहा है कि गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आज भी जलभराव (waterlogging) और ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद थोड़ी कम है। कल के 82 मिमी वाले हाहाकार के बाद आज, 8 जुलाई 2026, का मौसम कुछ ऐसा रहने वाला है:-

  • सुबह और दोपहर से पहले (Morning/Forenoon): आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सबसे जरूरी बात-इस दौरान बिजली कड़कने, गरजने और 30 से 40 किमी/घंटा (जो बढ़कर 50 किमी/घंटा तक जा सकती है) की तेज रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।
  • दोपहर के समय हवा की रफ्तार थोड़ी धीमी (करीब 15 किमी/घंटा) पड़ेगी। लेकिन बादलों का डेरा बना रहेगा।
  • राहत की उम्मीद मत करिए, क्योंकि शाम होते ही हवाएं फिर से रफ्तार पकड़ेंगी (20 किमी/घंटा) और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का दूसरा दौर (another spell) शुरू हो जाएगा।

यात्रियों और ऑफिस जाने वालों के लिए जरूरी सलाह

  • कल NH-48 (नरसिंहपुर) पर हुए बड़े रोड केव-इन (सड़क धंसने) और 8 किलोमीटर लंबे जाम के बाद आज की यह बारिश स्थिति को और बिगाड़ सकती है। सुबह के समय चलने वाली तेज हवाओं और गरज-चमक के कारण विजिबिलिटी कम हो सकती है और जलभराव वाले चौराहों पर ट्रैफिक रेंग सकता है।
  • पुलिस ने पहले ही ‘वर्क फ्रॉम होम’ की एडवाइजरी जारी कर रखी है। अगर आपकी कंपनी इजाजत दे तो आज घर पर रहकर ही काम करना सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा फैसला होगा।
  • जलभराव के बीच अगर निकलना ही पड़े, तो मुख्य हाईवे (NH-48) के बजाय द्वारका एक्सप्रेसवे या एसपीआर रोड (SPR Road) का इस्तेमाल करें और जलभराव वाले अंडरपास से दूर रहें।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत एनसीआर के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

बारिश के चलते कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। जबकि कुछ स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखी गईं। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।

क्या करें और क्या न करें

  • जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।
  • बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखें।
  • मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों और अपडेट का पालन करें।
  • बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें।
  • कार चलाते समय गति नियंत्रित रखें और पर्याप्त दूरी बनाए रखें।