असम में बाढ़ का कहर, एक दिन में 10 लोगों की मौत, 6.53 लाख से ज्यादा लोग हुए प्रभावित

Assam Flood Update: असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बुधवार को राज्य के 11 जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिला, जिससे करीब 6.53 लाख लोग प्रभावित हुए और एक ही दिन में 10 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात में जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, मंगलवार आधी रात से लेकर 24 घंटों के भीतर बाढ़ के कारण 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही, इस साल बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है। इससे पहले गुवाहाटी में एक व्यक्ति की मौत हुई थी।

प्राधिकरण ने बताया कि शिवसागर और जोरहाट जिलों में तीन-तीन लोगों की मौत हुई, जबकि चराइदेव में दो और कार्बी आंगलोंग तथा धेमाजी में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।

अगले चार दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कर लोगों से किसी भी आपदा के लिए तैयार रहने को कहा। साथ ही, विभाग ने अगले चार दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया है, क्योंकि कुछ जगहों पर आंधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 11 जिलों में 6,53,100 से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें शिवसागर, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग और नगांव जिले शामिल हैं।

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित शिवसागर जिला है, जहां करीब 4 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, चराइदेव में लगभग 1.11 लाख लोग और जोरहाट में 97 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं।

मंगलवार तक राज्य के 12 जिलों में करीब 5.65 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, असम में 939 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 24,897.27 हेक्टेयर खेती की जमीन को नुकसान पहुंचा है।

राज्य प्रशासन बचाव कार्य में जुटा

ASDMA ने बताया कि राज्य प्रशासन 10 जिलों में 487 शेल्टर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जहां 24,418 लोगों की देखभाल की जा रही है।

इसमें आगे कहा गया कि सेना, NDRF, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, पुलिस और सिविल एजेंसियों ने चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग और शिवसागर से 8,500 से ज्यादा लोगों को बचाया है।

ASDMA ने आगे बताया कि खोवांग में बुरीदिहिंग नदी, शिवसागर में दिखौ नदी, नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी और श्रीभूमि में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं, नांगलमुराघाट में दिसांग नदी का जलस्तर अब तक के सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर से ऊपर पहुंच गया है।

Delhi Weather Today: राजधानी में आज हो सकती है हल्की से मध्यम बारिश, 50 Kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Delhi Weather Today: दिल्ली में गुरुवार की शुरुआत सुहावने लेकिन उमस भरे मौसम के साथ हुई। इस दौरान सुबह का न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिन के दौरान राजधानी में कुछ जगहों पर बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, पूरे दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है। वहीं, हवा में नमी का स्तर 80% से 95% के बीच रहने की संभावना है, जिसके चलते तापमान अपेक्षाकृत कम रहने के बावजूद लोगों को उमस का एहसास होगा।

IMD ने गुरुवार को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और हल्की बारिश का अनुमान लगाया है। हालांकि, दिल्ली के लिए मौसम से जुड़ी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

आने वाले दिनों हल्की बारिश की संभावना

आने वाले कुछ दिनों तक मौसम काफी हद तक ऐसा ही रहने की उम्मीद है। 24 जुलाई को दिल्ली में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है, जबकि 25 जुलाई से 28 जुलाई के बीच शहर में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 33°C से 34°C के बीच रहेगा। वहीं, आने वाले दिनों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

बता दें कि बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में बारिश हुई, जिनमें लुटियंस दिल्ली, जंतर-मंतर, सफदरजंग और संगम विहार शामिल हैं। जिस कारण अधिकतम तापमान गिरकर 33.6 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री कम है।

वहीं, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र, सफदरजंग ऑब्जर्वेटरी ने सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 12mm बारिश दर्ज की। आया नगर में सबसे ज्यादा 20.1mm बारिश हुई, इसके बाद पालम (18.7 मिमी), सफदरजंग (12 मिमी) और लोधी रोड (9.8 मिमी) का नंबर रहा, जबकि रिज में बहुत कम बारिश दर्ज की गई।

अन्य मौसम केंद्रों में, पालम में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम था। इसके बाद रिज में 33.2 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.8 डिग्री कम), लोधी रोड में 33.1 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.9 डिग्री कम) और आया नगर में 32 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 2.8 डिग्री कम) तापमान दर्ज किया गया।

IMD ने शहर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और शाम व रात के समय आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश, बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।

वहीं, शाम के समय हवा में नमी (रिलेटिव ह्यूमिडिटी) 100% दर्ज की गई।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 65 रहा, जो “संतोषजनक” श्रेणी में आता है। CPCB के AQI पैमाने के मुताबिक, 0 से 50 के बीच की रीडिंग को “अच्छा”, 51-100 को “संतोषजनक”, 101-200 को “मध्यम”, 201-300 को “खराब”, 301-400 को “बहुत खराब” और 401-500 को “गंभीर” माना जाता है।

कल बारिश का तांडव: IMD ने 2 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग दी, इन 21 राज्यों में भी मूसलाधार बरसेंगे मेघ, आंधी-तूफान का भी अलर्ट

Weather Update 23 July: मानसून का प्रचंड रूप जारी है और देश के कई हिस्सों में बादल आफत बनकर बरस रहे हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जुलाई के लिए राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने पश्चिम भारत के 2 प्रमुख राज्यों (गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए मूसलाधार से बेहद खतरनाक बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा देश के 21 दूसरे राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

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आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण और पूर्वानुमान के मुताबिक 23 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है।

इन 2 राज्यों में रेड कलर वॉर्निंग, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग ने 23 जुलाई को दो राज्यों के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात क्षेत्र के मैदानी व उत्तरी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। महाराष्ट्र के मध्य क्षेत्र और पर्वतीय/घाट इलाकों में मूसलाधार बारिश का कहर जारी रहेगा। इससे बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।

इन 4 क्षेत्रों/राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक देश के 4 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। पूर्वी राजस्थान में बादलों का तेज जमावड़ा रहेगा और कई जगह बहुत भारी बारिश होगी। मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज रहेंगी और मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। 23 जुलाई को तटीय गोवा और कोंकण क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत (नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा) के चारों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

उत्तर भारत से दक्षिण तक 17 राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने देश के 17 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है-

उत्तर-पश्चिम भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश होगी।

मध्य एवं पूर्वी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम भारत: सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में भी भारी बारिश होगी।

दक्षिण एवं पूर्वोत्तर भारत: कर्नाटक, केरल और माहे, तेलंगाना, असम व मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं (30-50 kmph) का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। झारखंड, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कर्नाटक, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगानाल में आंधी-तूफान और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है।

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, पूरा गुजरात राज्य, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ में आकाशीय बिजली कड़कने की कड़ी चेतावनी है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

यह भी पढ़ें: खराब मौसम की चेतावनी: अगले 7 दिनों में 22 राज्यों में भारी बारिश और 17 में आंधी-तूफान का अलर्ट! इन 6 जगहों पर हालात बिगड़ने का खतरा

खराब मौसम की चेतावनी: अगले 7 दिनों में 22 राज्यों में भारी बारिश और 17 में आंधी-तूफान का अलर्ट! इन 6 जगहों पर हालात बिगड़ने का खतरा

Weekly Weather Forecast: देश भर में सक्रिय मानसून अपना विकराल रूप दिखा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 जुलाई को ताजा और विस्तृत वेदर बुलेटिन जारी करते हुए अगले 7 दिनों के लिए बड़े पैमाने पर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में अगले 3 से 4 दिनों तक एक्टिव मानसून की स्थिति बनी रहेगी। IMD ने देश के 22 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, 17 राज्यों में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। देश के 6 खास इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की वजह से हालात बिगड़ने की आशंका भी खड़ी हो सकती है।

आइए जानते हैं कि पिछले 24 घंटों में कहां-कहां मूसलाधार आफत बरसी और अगले 7 दिनों तक आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है।

इन 6 जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने अत्यधिक मूसलाधार बारिश के चलते देश के 6 प्रमुख अंचलों और राज्यों में अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 22 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में भीषण बारिश का अलर्ट है। दक्षिण-पूर्व राजस्थान, कोंकण और गोवा के अलग-अलग इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश की आशंका है। मध्य महाराष्ट्र में 22 और 23 जुलाई को लगातार दो दिनों तक अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है। इसी तरह गुजरात क्षेत्र में 22 जुलाई से 24 जुलाई तक मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

बीते 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

22 जुलाई की सुबह तक पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण गुजरात क्षेत्र में 30 सेमी से भी अधिक की रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और तटीय कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक) हुई। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कोंकण व गोवा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई। इसी तरह झारखंड, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, विदर्भ और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) देखने को मिली है।

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और पंजाब-हरियाणा का हाल

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 22 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। इसके बाद 23 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

पूर्वी राजस्थान: 22 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। 22 से 26 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पश्चिमी राजस्थान: 22 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से आंधी और 22 से 26 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है।

पंजाब: 22 जुलाई और 27-28 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। जबकि 23 व 25 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 22 जुलाई को भारी बारिश होगी और 27 व 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश: 26 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 27 और 28 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: हिमाचल में 22 जुलाई को बहुत भारी और 23 से 28 जुलाई तक भारी बारिश होगी। उत्तराखंड में 22 से 28 जुलाई तक लगातार भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ

दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम मध्य प्रदेश में 22 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी जबकि 23 जुलाई को बहुत भारी और 24-25 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 22 और 23 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जिसके बाद 24-25 जुलाई को भारी बारिश होगी। पूरे क्षेत्र में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी। छत्तीसगढ़ में 22 और 23 जुलाई को भारी बारिश और 22 से 26 जुलाई तक आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी और 23 जुलाई को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में 60 किमी/घंटा की हवाएं

झारखंड में 22 से 26 जुलाई के दौरान 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 23 से 28 जुलाई तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

बिहार में 22 से 24 जुलाई और 27-28 जुलाई के दौरान भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। 22 से 24 जुलाई के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल में और 26 से 28 जुलाई तक उप-हिमालयी बंगाल में भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान व निकोबार में 22 से 28 जुलाई तक तेज हवाएं चलेंगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और नार्थ-ईस्ट में मूसलाधार आफत

असम और मेघालय में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इसके बाद 23 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी और 23 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 और 23 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी, जबकि 24 से 28 जुलाई के दौरान भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में तेज सतही हवाएं

हालांकि अगले 7 दिनों तक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश अंदरूनी मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधि थोड़ी कम रहेगी, फिर भी तटीय इलाकों में असर दिखेगा। तटीय कर्नाटक में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। 23 जुलाई और 26 से 28 जुलाई तक भारी बारिश और तेज सतही हवाएं चलेंगी।

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22 और 23 जुलाई को केरल एवं माहे में भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी जिसके बाद 24 से 28 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी। 22 और 23 जुलाई को तेलंगाना, उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश होगी। 22 से 28 जुलाई के दौरान तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और रायलसीमा में 22 से 26 जुलाई के दौरान 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने की चेतावनी दी गई है।

Heavy Rain की चेतावनी: आज इन 3 राज्यों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग! दिल्ली-यूपी से बिहार तक 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश

India Heavy Rain Alert Today: देश भर में मानसून प्रचंड रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 22 जुलाई के लिए नया और विशेष वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने पश्चिम भारत के 3 प्रमुख क्षेत्रों (गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की सख्त चेतावनी दी है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश और ओडिशा समेत देश के 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण और पूर्वानुमान के अनुसार आज आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है:-

इन 3 राज्यों/क्षेत्रों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग ने आज 22 जुलाई को नीचे दिए गए 3 क्षेत्रों के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात क्षेत्र के मैदानी और उत्तरी भागों में बेहद तेज और मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। तटीय गोवा और कोंकण क्षेत्र में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। महाराष्ट्र के मध्यवर्ती इलाकों और घाट क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की आशंका है।

इन 8 राज्यों में बहुत भारी बारिश की ऑरेंज कलर वॉनिंग

देश के 8 राज्यों में आज मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज किए जाने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी राज्य हिमाचल में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पूरे पर्वतीय अंचल में बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसी के साथ पूरे मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पंजाब के अलग-अलग इलाकों में तेज बारिश होगी। महाराष्ट्र के विदर्भ अंचल में मूसलाधार बारिश दर्ज की जाएगी।

दिल्ली-यूपी और बिहार समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के 11 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है:-

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: यूपी और देवभूमि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में तेज बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज दिन भर बादल छाए रहेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल: दोनों राज्यों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पश्चिमी राजस्थान: राजस्थान के पश्चिमी अंचलों में भारी वर्षा की संभावना है।

मराठवाड़ा: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट है।

तेलंगाना: दक्षिणी राज्य तेलंगाना में कई जगहों पर भारी बारिश होगी।

पूर्वांचल और पूर्वोत्तर राज्य: असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अनुमान है।

40-50 kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी और थंडरस्टॉर्म अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में आंधी-तूफान के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तराखंड, विदर्भ और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में आकाशीय बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

मौसम वैज्ञानिक विश्लेषण

IMD के मुताबिक देश भर में कई प्रमुख मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं:-

मानसून ट्रफ: समुद्र तल पर मानसून की ट्रफ लाइन जैसलमेर, अजमेर, गुना, सतना, डाल्टनगंज, दीघा से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।

ईस्ट-वेस्ट शीयर जोन: 22°N अक्षांश के साथ समुद्र तल से 3।1 किमी से 7।6 किमी की ऊंचाई के बीच शीयर जोन बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस: उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे उत्तरी पंजाब के ऊपर 3।1 किमी की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जिसकी ट्रफ रेखा 70°E देशांतर के साथ 30°N अक्षांश के उत्तर में बनी हुई है।

उत्तर असम पर सिस्टम: उत्तरी असम और आसपास के क्षेत्र में 0।9 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

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कल का मौसम 21 जुलाई: जम्मू कश्मीर, हिमाचल के लिए IMD की रेड वॉर्निंग! यूपी संग इन 21 राज्यों में भयंकर बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में मानसून ने अपना सबसे विकराल और आक्रामक रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 जुलाई के लिए मौसम का बड़ा बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग जारी की है। इसका मतलब है कि इन जगहों पर अथॉरिटी को ऐक्शन लेने के लिए तैयार रहना होगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड समेत देश के 21 से अधिक राज्यों में भयंकर बारिश और आंधी-तूफान का ऑरेंज और येलो कलर वॉर्निंग भी जारी की गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, देश भर में एक साथ 8 से अधिक चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ प्रणालियां सक्रिय हैं, जो मानसून को और अधिक घातक बना रही हैं।

इन 2 पहाड़ी राज्यों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 21 जुलाई को दो राज्यों में भारी बारिश को लेकर रेड कलर वॉर्निंग जारी की है। यहां भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ के खतरे को देखते हुए उच्चतम स्तर का अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अलर्ट है। इसी तरह जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में कई जगहों पर मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी वर्षा होने की प्रबल आशंका है।

यूपी, बिहार और दिल्ली-एनसीआर समेत 11 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, 21 जुलाई को देश के मैदानी और पहाड़ी इलाकों के 11 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में भयंकर बारिश होने की संभावना है। यूपी के अलग-अलग जिलों में 21 जुलाई को मूसलाधार से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार में मानसून पूरी तरह मेहरबान है, यहां भी कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गरज-चमक के साथ बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। देवभूमि उत्तराखंड में 21 जुलाई को कई जगहों पर बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा इन चारों राज्यों में कल तेज बारिश और बहुत भारी बारिश की संभावना है।

मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बादलों का जमघट रहेगा और बहुत भारी बारिश होगी। कोंकण और गोवा में तटीय इलाकों में मूसलाधार से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। महाराष्ट्र के मध्य अंचलों में 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

राजस्थान, एमपी और झारखंड समेत 8 राज्यों में भारी बारिश

देश के 8 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। एमपी के पश्चिमी इलाकों में 21 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड और ओडिशा दोनों राज्यों में 21 जुलाई को भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

गुजरात के मैदानी अंचलों में 21 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है।

आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आकाशीय बिजली और तूफानी हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा रहेगा। बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है।

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उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, विदर्भ, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ तेज आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में दिन के समय काफी तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से अगले 7 दिन खतरनाक मौसम, इन 18 राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश का अलर्ट, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत विकराल और सक्रिय रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में मानसून की स्थिति काफी आक्रामक रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक वायुमंडल में 5 प्रमुख चक्रवाती परिसंचरण और 2 बड़ी ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और असम-मेघालय सहित देश के 18 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश का जोर थोड़ा धीमा रहेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के मुताबिक आने वाले 7 दिनों में आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाल।

वायुमंडल में एक्टिव हैं ये 5 चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां

  • मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में बने ये मौसमी सिस्टम बारिश की गतिविधि को तेज कर रहे हैं:
  • पंजाब पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पंजाब और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण यूपी के मध्य में चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में दक्षिण उत्तर प्रदेश के मध्य भागों पर एक चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है।
  • उत्तरी झारखंड और बिहार पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी झारखंड और उससे सटे बिहार पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इस सिस्टम से लेकर त्रिपुरा तक निचले क्षोभमंडल में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।
  • दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके पड़ोस पर चक्रवाती सिस्टम बरकरार है।
  • पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यहाँ से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन फैली हुई है।
  • इसके अलावा निचले क्षोभमंडल में मध्य असम और उससे सटे नागालैंड पर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जबकि मानसून ट्रफ समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों में कहां कैसी हुई बारिश?

  • अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): उत्तराखंड और मेघालय में बेहद मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
  • बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में दर्ज हुई।
  • भारी बारिश (7 से 11 सेमी): जम्मू-कश्मीर, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में रिकॉर्ड की गई।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई को देश के कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की है। 20 जुलाई को यूपी और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने का अलर्ट है। 20 जुलाई को बिहार के कई जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की बात करें तो 20 और 21 जुलाई को दोनों राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। 20 जुलाई को असम और मेघालय में भीषण बारिश देखने को मिल सकती है।

अगले 7 दिनों का विस्तृत राज्यवार पूर्वानुमान

  • 1-उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान)

उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में 20-23 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को पूरे यूपी में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा 20-21 जुलाई को पूर्वी यूपी और 20-22 जुलाई को पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश हो सकती है। 22-24 जुलाई (पूर्वी यूपी) और 23-25 जुलाई (पश्चिमी यूपी) के दौरान भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

उत्तराखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश, 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: दोनों राज्यों में 20-24/26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20-21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में 22-23 जुलाई और हिमाचल में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: यहां 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 20 से 22 जुलाई के बीच हरियाणा, दिल्ली, पंजाब में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 23-26 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-25 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 20-24 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

  • 2 – पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा)

बिहार: 20 से 22 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी (23-26 जुलाई को छिटपुट)। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 20 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का दौर बना रहेगा।

झारखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 21 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 20-26 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी, जिसमें 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 20, 22 और 23 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

ओडिशा: 20 से 22 जुलाई के दौरान ओडिशा के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

  • 3- उत्तर-पूर्व भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश)

असम और मेघालय: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का अलर्ट है। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिसके बाद 22-26 जुलाई तक भारी बारिश होगी।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: यहाँ 20-26 जुलाई तक भारी से व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश: 20-21 जुलाई और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

  • 4- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ)

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 20-26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-23 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22-24 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश और भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

विदर्भ: 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

  • 5- पश्चिम भारत (महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात)

कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र: कोंकण व गोवा में 20-26 जुलाई और मध्य महाराष्ट्र में 22-23 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 21 और 22 जुलाई को कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 20 और 23-25 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात क्षेत्र: 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 21-22 और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

  • 6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना)

दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 7 दिनों में बारिश थोड़ी सुस्त रहेगी लेकिन 20 जुलाई को तटीय आंध्र प्रदेश व यानम, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। केरल और तटीय कर्नाटक में 24 से 26 जुलाई के दौरान एक बार फिर व्यापक बारिश का दौर लौट सकता है।

आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

जम्मू-कश्मीर (20-26 जुलाई): गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश (20-25 जुलाई): गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल: बिहार व अंडमान-निकोबार (20-26 जुलाई) और झारखंड व ओडिशा (20-24 जुलाई) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और बिजली कड़कने की आशंका है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 20 से 24 जुलाई के दौरान तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में 20 से 26 जुलाई के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

Delhi Weather Today: 5 साल की सबसे गर्म जुलाई की रात के बाद दिल्ली में बारिश की वापसी, IMD ने जारी किया आंधी-तूफान का अलर्ट

Delhi Weather Today: सोमवार, 20 जुलाई को दिल्ली में एक बार फिर बारिश ने जोरदार वापसी की। सुबह राजधानी के कई इलाकों में जमकर बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे और दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान भी आ सकता है। बता दें कि शहर में एक और गर्म और उमस भरे दिन और पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात के बाद, इस बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।

IMD के मुताबिक, कई जगहों पर हल्की बारिश होने की उम्मीद है, जबकि कुछ अलग-अलग इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है। सुबह और दोपहर से पहले गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, दोपहर और शाम के समय भी हल्की बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

5 साल में जुलाई की सबसे गर्म रात के बाद तापमान में आएगी गिरावट

मौसम विभाग ने सोमवार के लिए अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25-27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया है, जो रविवार की गर्मी के मुकाबले काफी कम है।

बता दें कि रविवार को दिल्ली में जुलाई महीने की पिछले पांच सालों में सबसे गर्म रात दर्ज की गई। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.8 डिग्री ज्याद था। इससे पहले शहर में जुलाई की इससे ज्यादा गर्म रात 1 जुलाई 2021 को दर्ज की गई थी, जब न्यूनतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस था।

वहीं, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस मौसम के औसत से 3.1 डिग्री ज़्यादा है। इस महीने में यह दूसरी बार था जब न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।

अन्य मौसम केंद्रों की बात करें तो पालम में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस, अयानगर में 37.2 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 36.7 डिग्री सेल्सियस और रिज में 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान लोधी रोड में 30 डिग्री सेल्सियस, अयानगर में 29.4 डिग्री सेल्सियस, पालम में 29 डिग्री सेल्सियस और रिज में 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

राजधानी में बारिश की संभावना

हवा में नमी होने के बावजूद, रविवार को सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच शहर के पांचों मुख्य मौसम केंद्रों में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। हालांकि, मौसम में बदलाव के कारण सोमवार को व्यापक बारिश होने की उम्मीद है।

IMD ने कहा कि मौजूदा मौसम के हालात को देखते हुए आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश होने और आंधी-तूफान आने की संभावना है। इससे जलभराव, विजिबिलिटी कम होने और ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है, खासकर सुबह और शाम के समय जब लोग आवाजाही करते हैं।

इसके अलावा, आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर सकती हैं और संवेदनशील इलाकों में बिजली की आपूर्ति में अस्थायी रुकावट आ सकती है।

AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में

रविवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता (AQI) ‘मध्यम’ श्रेणी में बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शाम 4 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 169 दर्ज किया गया। वहीं, सुबह 8:30 बजे हवा में नमी 68% थी, जो शाम 5:30 बजे तक घटकर 50% रह गई।

IMD ने संकेत दिया है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान, राजधानी में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे दिन का तापमान 31-34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा और हाल ही में पड़ी भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।

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हैवी रेन अलर्ट 20 जुलाई: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत इन 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, आधी तूफान का भी खतरा

देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 जुलाई के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

इन राज्यों में होगी सबसे ज्यादा बारिश

IMD के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश होने की भी संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में भी भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा

  • IMD ने कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।
  • जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। झोंकों की रफ्तार इससे भी अधिक हो सकती है।
  • वहीं बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।
  • इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

समुद्र में भी खराब रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की है।

अरब सागर के पश्चिमी और मध्य हिस्सों, उत्तरी गुजरात, ओमान और सोमालिया के तट के पास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

वहीं बंगाल की खाड़ी में उत्तरी तमिलनाडु तट और दक्षिण-पश्चिमी तथा पश्चिमी-मध्य हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यहां हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

क्यों बढ़ रही है बारिश?

मौसम विभाग के अनुसार, देश में मानसून की सक्रियता बढ़ने की मुख्य वजह मानसून ट्रफ का उत्तर भारत से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला होना है। इसके अलावा पंजाब, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बने हुए हैं। इन मौसमी सिस्टम की वजह से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा हो सकता है। आंधी और बिजली गिरने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतें और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

IMD Heavy Rain Alert: 9 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई को जारी ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान मानसून की स्थिति बेहद सक्रिय रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 9 बड़े चक्रवाती सिस्टम, ट्रफ और मौसमी प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी धीमी बनी रहेंगी।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

देश में एक्टिव हैं 9 चक्रवाती सिस्टम

18 जुलाई के मुताबिक देश के आसमान में अभी कई ताकतवर सिस्टम बने हुए हैं-

  • झारखंड-बंगाल पर चक्रवाती परिसंचरण: गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उससे सटे उत्तरी झारखंड पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण इसी क्षेत्र पर समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक लगातार सक्रिय है।
  • बिहार से बंगाल की खाड़ी तक ट्रफ: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी बिहार से लेकर झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।
  • उत्तरी हरियाणा पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पूर्वी यूपी के ऊपर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
  • दक्षिण ओडिशा पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण ओडिशा और उसके आस-पास के इलाके पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
  • उत्तर-पूर्वी असम पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तर-पूर्वी असम और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण लगातार बरकरार है।
  • उत्तरी केरल पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी केरल और उसके आस-पास के क्षेत्र पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ के रूप में 70°E देशांतर के साथ और 30°N अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है जबकि मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): छत्तीसगढ़ और मेघालय में रिकॉर्ड तोड़ बरसात दर्ज की गई है।

बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में दर्ज हुई।

भारी बारिश (7 से 11 सेमी): हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा, ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम और केरल में दर्ज की गई।

अगले 6-7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर)

पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई के दौरान और पश्चिमी यूपी में 19-24-जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 18 जुलाई को छिटपुट बारिश की संभावना है। 18 से 21 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 18 से 20 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 22-24 जुलाई के बीच भारी बारिश भी होगी।

उत्तराखंड में 18-24 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड में अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। इसके साथ ही 18 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 19-20 व 22-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को हिमाचल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 व 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18, 20-21 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में18 जुलाई को छिटपुट और 19-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश और 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश की आशंका है। 18-21 और 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18-19 जुलाई और 24 जुलाई को छिटपुट जबकि 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। 20 से 22 जुलाई के दौरान इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वी राजस्थान में 18-23 जुलाई को छिटपुट और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 20-24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 18-24 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

2- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 18-21 जुलाई तक व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है। 18 से 20 जुलाई के बीच बिहार में बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट है जबकि 21 से 24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। झारखंड में 18-23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी (24 जुलाई को छिटपुट)। राज्य में 18 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 18 और 19 जुलाई को यहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18-19 व 21-22 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 21-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश (20-24 जुलाई को छिटपुट) होगी और 18-20 जुलाई के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को छिटपुट, जबकि 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी।

3- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

असम और मेघालय में राज्यों में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी (21-22 जुलाई को छिटपुट)। 18 जुलाई को असम और मेघालय में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 19-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 21-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 18-20 जुलाई और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 18 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18-24-जुलाई के दौरान लगातार व्यापक बारिश होगी जिसमें 18 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।