बिना मेकअप लुक को निखारने का आसान तरीका, बालों में करवाएं ये 5 हेयरकलर!

बालों का रंग बदलते ही पूरा लुक काफी अलग और फ्रेश नजर आ सकता है। इस कारण आजकल कई लोग अपने बालों में नया कलर या हाइलाइट्स करवाना पसंद करते हैं। लेकिन सिर्फ ट्रेंड देखकर कोई भी हेयर कलर चुन लेना सही नहीं होता। जो रंग किसी और पर बहुत खूबसूरत लग रहा है, जरूरी नहीं कि वह आपकी स्किन पर भी उतना ही अच्छा लगे।

हेयर कलर चुनते समय अपनी स्किन की अंडरटोन का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। भारतीय स्किन टोन अलग-अलग तरह के होते हैं और इनमें वॉर्म, कूल और न्यूट्रल अंडरटोन भी हो सकती हैं। सही शेड चुनने से चेहरा ज्यादा फ्रेश और निखरा हुआ दिख सकता है।

hairsolor

कैरामेल ब्राउन (Caramel Brown)

अपने काले या गहरे बालों में हल्का और खूबसूरत बदलाव चाहती हैं, तो कैरामेल ब्राउन एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसे पूरे बालों पर लगाने की बजाय हल्के हाइलाइट्स के रूप में भी करवाया जा सकता है। चेहरे के आसपास कैरामेल हाइलाइट्स करवाने से बालों के साथ चेहरा भी ज्यादा निखरा हुआ नजर आ सकता है। धूप में इसका गोल्डन-ब्राउन रंग और ज्यादा उभरकर दिखाई देता है, जिससे बाल चमकदार और स्टाइलिश लगते हैं। यह शेड खासकर वॉर्म अंडरटोन वाली स्किन पर अच्छा लगता है और भारतीय गहरे बालों के साथ भी आसानी से मैच हो जाता है।

मोका ब्राउन (Mocha Brown)

ज्यादा चमकीला या गोल्डन कलर पसंद नहीं है, तो मोका ब्राउन चुन सकती हैं। यह ब्राउन का थोड़ा डार्क, सॉफ्ट और नेचुरल शेड है, जो बालों को बिना ज्यादा लाल या पीला दिखाए एक अच्छा लुक देता है। इससे काले बालों में हल्की डेप्थ और चमक आती है, लेकिन रंग बहुत ज्यादा अलग नजर नहीं आता। कूल या न्यूट्रल अंडरटोन वाली स्किन पर यह शेड खास तौर पर खूबसूरत लग सकता है।

डीप ऑबर्न (Deep Auburn)

बालों में हल्का रेड टच चाहती हैं, लेकिन बहुत चमकीला लाल या कॉपर कलर नहीं चाहतीं, तो डीप ऑबर्न अच्छा रहेगा। इसमें ब्राउन और रेड दोनों रंगों का खूबसूरत ब्लेंड होता है, इसलिए यह बालों को एक साथ नेचुरल और स्टाइलिश लुक देता है। मीडियम से लेकर गहरी स्किन टोन पर इसका डार्क रेड-ब्राउन रंग काफी अच्छा लगता है। भारतीय बालों के गहरे रंग के साथ यह शेड आसानी से घुल-मिल जाता है। धूप में इसके रेड टोन हल्के से उभरते हैं, जिससे बालों में अच्छी चमक दिखाई देती है।

चॉकलेट ब्राउन (Chocolate Brown)

बालों में बदलाव चाहती हैं, लेकिन बहुत ज्यादा एक्सपेरिमेंट नहीं करना चाहतीं, तो चॉकलेट ब्राउन बढ़िया शेड है। इसका रंग काफी हद तक नेचुरल ब्राउन जैसा लगता है, इसलिए यह पहली बार हेयर कलर करवाने वालों के लिए भी अच्छा ऑप्शन हो सकता है। चॉकलेट ब्राउन बालों को सॉफ्ट, चमकदार और थोड़ा ज्यादा रिच लुक देता है। वॉर्म अंडरटोन वाली स्किन पर इसका गहरा ब्राउन रंग पर अच्छा लगता है और चेहरे को सॉफ्ट लुक दे सकता है। कूल अंडरटोन के लिए ऐसा चॉकलेट ब्राउन चुनना बेहतर हो सकता है, जिसमें गोल्डन टोन कम हो।

बरगंडी (Burgundy)

बालों में थोड़ा बोल्ड लेकिन एलिगेंट चेंज चाहती हैं, तो बरगंडी ट्राई कर सकती हैं। यह गहरे लाल और बैंगनी रंग का खूबसूरत मिक्स होता है, जो बालों को एक अलग और अट्रैक्टिव लुक देता है। भारतीय गहरी और मीडियम स्किन टोन पर यह शेड काफी अच्छा लग सकता है। घर के अंदर बरगंडी बालों का रंग नॉर्मल दिखता है, लेकिन धूप में इसका लाल-बैंगनी रंग साफ दिखाई देता है।

भारतीय हॉकी टीम सिर्फ पाक से बेहतर, श्रीजेश समेत इन दिग्गजों ने की आलोचना

विश्व कप में 51 साल बाद पदक जीतने का सपना लेकर गई भारतीय पुरूष हॉकी टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने में भी नाकाम रहने के बाद पूर्व दिग्गजों ने युवा खिलाड़ियों को मौका नहीं देने और उसी कोर ग्रुप के साथ लगातार खेलने पर सवाल उठाये हैं।अर्जेंटीना से 3 -5 से हारने के बाद भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदें भी खत्म हो गई और इससे वे कमजोरियां भी उजागर हुई जो पेरिस ओलंपिक के बाद से लगातार चली आ रही थी।

पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि धीमी शुरूआत, मौके गंवाने और डिफेंस में चूक से आगे यह समस्या और बड़ी है और इसका हल काफी पहले निकाला जाना चाहिये था।

भारतीय टीम विश्व कप से पहले स्विटजरलैंड में मानसिक दृढता बढाने के लिये बूट कैंप में गई लेकिन टूर्नामेंट में दबाव का सामना नहीं कर सकी। ड्रैग फ्लिकर और कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर अधिक निर्भरता का खामियाजा भुगतना पड़ा जबकि वह पूरी तरह फिट नहीं थे। मनप्रीत सिंह और मनदीप सिंह जैसे सीनियर अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके।नतीजा यह हुआ कि अंकतालिका में भारतीय टीम फिलहाल सिर्फ पाकिस्तान से ऊपर है और 8वें स्थान पर है।

पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद संन्यास लेने वाले गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने कहा ,‘‘सीनियर खिलाड़ियों के जाने के बाद उनकी जगह कौन लेगा । क्या हमने दूसरी जमात तैयार की है। लॉस एंजिलिस ओलंपिक में दो ही साल बचे हैं और उससे पहले करीब तीस अंतरराष्ट्रीय मैच ही होंगे। क्या ओलंपिक के लिये इससे खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं। नहीं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ विश्व कप की टीम में भी भी वही कोर खिलाड़ी हैं जबकि मनमीत सिंह, आमिर अली, रोशन कुजूर, तालेम प्रियब्रत, रोहित, अर्शदीप जैसे कई प्रतिभाशाली जूनियर इंतजार ही कर रहे हैं।’’

पूर्व ओलंपियन जगबीर सिंह ने कहा कि चयन के कुछ फैसले बेहतर हो सकते थे।उन्होंने कहा ,‘‘ जूनियर खिलाड़ियों को सही समय पर मौके मिलने चाहिये और चयन के कुछ फैसले बेहतर हो सकते थे। तैयारी ओलंपिक से ओलंपिक की होनी चाहिये । कोचिंग स्टाफ ने अनुभव को ही तरजीह दी जो काम नहीं आया। भारत के पास यह सर्वश्रेष्ठ मौका था लेकिन प्रदर्शन में निरंतरता नहीं दिखी। हर दस मिनट में डिफेंस चरमरा रहा था।’’

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता कप्तान रहे वासुदेवन भास्करन ने कहा ,‘‘ मैने पिछले चार साल में किसी भारतीय फॉरवर्ड को अच्छा खेलते नहीं देखा। बैक पास कहां थे, गोल पर कितने हमले किये और फुल प्रेस जाने के समय मिडफील्ड पूरा खाली छोड़ दिया।’उन्होंने कहा ,‘‘ हमने नये खिलाड़ियों को मौके ही नहीं दिये। नीदरलैंड की पेरिस ओलंपिक टीम के छह स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी विश्व कप टीम में नहीं थे। हम हमदर्दी, पिछले रिकॉर्ड और आंकड़ों पर ही टीम चुन लेते हैं। कम से कम छह जूनियर खिलाड़ियों को प्रो लीग में आजमाना चाहिये था।’’

वहीं एक और दिग्गज परगट सिंह का मानना है कि भारतीय हॉकी का आंतरिक ढांचा इतना कमजोर है कि प्रतिभायें निकलती ही नहीं है।उन्होंने कहा ,‘‘ अच्छी घरेलू स्पर्धायें नहीं होने से हमारे पास अच्छी बेंच स्ट्रेंथ नहीं है। यूरोप में कई डिविजन की लीग होती है जो हमारे यहां नहीं है। पहले बेटन कप, आगा खान कप, बांबे गोल्ड कप, मुरूगप्पा कप, नेहरू हॉकी से अच्छी प्रतिभायें निकलती थी। सारा ढांचा ही खराब कर दिया है। इसके अलावा नये खिलाड़ियों को मौका देना था तो दो साल पहले ही बदलाव की शुरूआत कर देनी चाहिये थी।’’

ईरान के निशाने पर अब ट्रंप का सबसे छोटा बेटा बैरन? हत्या का खौफनाक प्लान बेनकाब

ईरान के निशाने पर अब ट्रंप का सबसे छोटा बेटा बैरन? हत्या का खौफनाक प्लान बेनकाब

Donald Trump son Barron Iran target

Donald Trump son Barron Iran target: अमेरिका और ईरान के बीच गहराते तनाव के बीच तेहरान से बेहद खौफनाक खबर सामने आई है। ईरानी सरकारी टीवी और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े मीडिया चैनलों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 20 वर्षीय छोटे बेटे बैरन ट्रंप को सीधा निशाना बनाने वाला एक नया प्रोपेगैंडा वीडियो प्रसारित किया गया है।

 

वीडियो का शीर्षक ही बेहद भड़काऊ—'बैरन ट्रंप को कहां और कैसे मारा जाए?'— रखा गया है, जिसमें बैरन की लोकेशन, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी कैंपस, पर्सनल सिक्योरिटी और उनके ऑनलाइन गेमिंग अकाउंट्स तक को ट्रैक करने का दावा किया गया है। इतना ही नहीं, वीडियो में बैरन ट्रंप की हत्या के लिए 10 मिलियन डॉलर (लगभग 83 करोड़ रुपए) का इनाम देने की बात भी कही गई है। ALSO READ: NEW US Territory, होर्मुज पर ट्रंप का दावा, अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन

ईरान के प्रोपेगैंडा वीडियो में क्या-क्या दावे किए गए हैं?

ईरानी राज्य संचालित मीडिया 'चैनल 3' और IRGC से जुड़े टेलीग्राम चैनलों पर प्रसारित लगभग 3 मिनट के इस वीडियो में कंप्यूटर ग्राफिक्स और एनिमेशन के ज़रिए बैरन ट्रंप के आसपास के सुरक्षा घेरे को दिखाया गया है। वीडियो में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU) स्थित 'कॉन्स्टेंस मिल्स्टीन एंड फैमिली ग्लोबल एकेडमिक सेंटर' और बैरन के हॉस्टल (Dormitories) को दिखाया गया है।

 

ईरानी टीवी का दावा है कि उन्होंने बैरन की सुरक्षा में तैनात अमेरिका की 'सीक्रेट सर्विस' (Secret Service) के अधिकारियों की लोकेशन और उनकी गाड़ियों (Escort Vehicles) का नक्शा तैयार कर लिया है। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि बैरन ट्रंप अपनी सुरक्षा व्यवस्था से दूर रहकर 'Xbox', 'FIFA' और 'Discord' जैसे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर दोस्तों से निजी बातचीत करते हैं। ALSO READ: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान पर सबसे बड़ा आर्थिक हमला, इकोनॉमिक डी-डे घोषित

 

ईरानी मीडिया ने यह सनसनीखेज दावा भी किया कि उनकी पहुंच में मौजूद एक लड़की सीक्रेट सर्विस के घेरे को चकमा देकर बैरन ट्रंप से निजी तौर पर मिली और उनसे जुड़ी जानकारी आगे भेजी। वीडियो के अंत में चेतावनी देते हुए कहा गया है कि 'यह तो बस शुरुआत है! बैरन ट्रंप, हमारा इंतजार करो!'

मेलानिया ट्रंप को भी मिल चुकी है धमकी

हालांकि इस वीडियो को ईरान का प्रोपेगैंडा बताया जा रहा है, लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और 'सीक्रेट सर्विस' ने वीडियो का संज्ञान लिया है। विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि इस वीडियो में अधिकांश तथ्य थ्रेट एनिमेशन और ड्रमैटाइज्ड ग्राफिक्स पर आधारित हैं और इसमें इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं दिया गया है कि ईरानी एजेंट बैरन तक पहुंचने में सफल रहे हैं। माना जा रहा है कि यह वीडियो मुख्य रूप से मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया लगता है। यह पहली बार नहीं है जब तेहरान ने ट्रंप या उनके परिवार को निशाना बनाकर ऐसी सामग्री जारी की हो।

 

इससे पहले जुलाई में IRGC से जुड़ी 'तस्नीम न्यूज एजेंसी' ने एक वीडियो जारी किया था, जिसका शीर्षक था—'मेलेनिया ट्रंप तक कहां और कैसे पहुंचा जा सकता है?' तेहरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशन स्क्वायर' में एक बड़ा होर्डिंग/बिलबोर्ड लगाया गया था, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप को ताबूत में मृत दिखाया गया था और लिखा था 'वी विल किल ट्रंप'।

सुलेमानी की हत्या के बाद बिगड़े रिश्ते

उल्लेखनीय है कि ईरान और डोनाल्ड ट्रंप के बीच की यह दुश्मनी साल 2020 से बेहद गंभीर मोड़ ले चुकी है, जब ट्रंप के पहले कार्यकाल में बगदाद में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही ईरानी शासन लगातार सुलेमानी की मौत का बदला लेने ('क़िसास' या बदला लेने का सिद्धांत) की धमकियां देता आ रहा है। हाल के महीनों में अमेरिकी-इजराइली हमलों के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक युद्ध और ज्यादा गहरा गया है।

अंतरराष्ट्रीय फर्टिलिटी टूरिज्म में सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा:ब्रिटेन के 30 परिवारों ने यूरोपीय डोनर चुने, बच्चों का डीएनए तुर्किये व अन्य देशों से मिला

ब्रिटेन से मेडिकल टूरिज्म के तहत उत्तरी साइप्रस में आईवीएफ कराने वाले ब्रिटेन के 30 परिवारों के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई। आरोप है कि आईवीएफ क्लिनिक ने उनकी पसंद के स्पर्म-एग डोनर इस्तेमाल करने का दावा किया था, लेकिन 11 बच्चों के डीएनए टेस्ट से पता चला कि ये उन स्पर्म-एग डोनर के नहीं हैं, जिसे उनके माता-पिता ने चुना था। आईवीएफ से पैदा इन बच्चों का डीएनए तुर्किये और अरब देशों के लोगों के डीएनए से मिल रहा है, जबकि उनके माता-पिता ने फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया जैसे पश्चिम यूरोपीय देशों के पूरी तरह से स्क्रीन किए गए और स्वस्थ डोनर्स को चुना था। बीबीसी की खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय घोटाले के लगभग आधे मामले अकेले ‘डोगस आईवीएफ सेंटर’ से सामने आए हैं। दुनिया के सबसे बड़े स्पर्म बैंक ‘क्रायोस इंटरनेशनल’ ने स्पष्ट किया है कि उसने 2016 में ही डोगस क्लिनिक को ब्लैकलिस्ट कर दिया था और वहां कभी स्पर्म की सप्लाई ही नहीं की। इसके बावजूद क्लिनिक सालों तक क्रायोस के साथ अपने आधिकारिक जुड़ाव का झूठा विज्ञापन देकर संतान चाहने वाले जोड़ों को ठगता रहा। निजी डेटा की अनदेखी – माता-पिता ने डोनर की मेडिकल हिस्ट्री, रूप-रंग, शिक्षा और शौक के आधार पर चयन किया था, ताकि बच्चा 18 साल की उम्र में अपने जैविक मूल को जान सके। फर्जी डोनर के इस्तेमाल से बच्चों के मूलभूत मानवाधिकारों का हनन हुआ है। ब्रिटिश फर्टिलिटी सोसाइटी के अनुसाार, 30 से अधिक बच्चों के मामलों में ऐसा होना एक संगठित आपराधिक नेटवर्क, गंभीर लापरवाही और संस्थागत धोखाधड़ी है। उत्तरी साइप्रस तुर्किये के कब्जे में है और कानून लचर हैं। वैश्विक फर्टिलिटी रिपोर्ट्स और मेडिकल टूरिज्म डेटा के अनुसार, सस्ता होने से हर साल 5-8 हजार विदेशी जोड़े आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए नार्दन साइप्रस आते हैं और पिछले 10 वर्षों में 50,000 से 70,000 विदेशी नागरिकों ने नॉर्दन साइप्रस के क्लिनिकों में आईवीएफ ट्रीटमेंट कराया है। इनमें बड़ी संख्या ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस के लोगों की है। रैचेल का दावा – 13 साल बाद डीएनए टेस्ट से शक पक्का हुआ रिपोर्ट में रैचेल नाम की एक मां का केस बताया गया है। रैचेल ने 2012 में डोगस में करीब 4.43 लाख रु. में आईवीएफ कराया। रैचेल ने क्रायोस वेबसाइट से डेनमार्क के एक डोनर को चुना था। प्रोफाइल में लिखा था कि 18 साल बाद बच्चा चाहे तो डोनर की पहचान जान सकता है। रैचेल का कहना है कि क्लिनिक ने बार-बार मेडिकल रिपोर्ट भेजने से इनकार किया, जिससे शक बढ़ा। अब डीएनए टेस्ट से यह सामने आया कि जोना उनका बायोलॉजिकल बेटा है, लेकिन चुना गया डोनर उसका पिता नहीं है। रैचेल ने कहा कि दुख यह है कि जोना भविष्य में अपने डोनर से संपर्क का मौका खो सकता है।

कुबेरेश्वर धाम के आयोजन की वजह से AB रोड हुआ बदहाल, रेलवे स्‍टेशन पर भोपाल-इंदौर के हजारों यात्री हो रहे परेशान

कुबेरेश्वर धाम के आयोजन की वजह से AB रोड हुआ बदहाल, रेलवे स्‍टेशन पर भोपाल-इंदौर के हजारों यात्री हो रहे परेशान

Pradeep Mishra

कुबेरेश्‍वर धाम में प्रदीप मिश्रा के होने वाले आयोजन में वैसे तो हर साल ही इंदौर –भोपाल रोड पर जाम लगता है, लेकिन अब तो इनके आयोजन की वजह से रेलवे स्‍टेशन पर भी असर हो रहा है।

सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में आयोजित धार्मिक आयोजन की वजह से अब इंदौर-भोपाल के बीच यातायात और रेल सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। प्रशासन ने इंदौर से भोपाल जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया, जिससे यात्रियों को करीब 80 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है।

प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्ट किया : सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में हुए धार्मिक आयोजन के कारण प्रशासन ने इंदौर से भोपाल जाने वाले ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट कर दिया। इस कारण भोपाल और इंदौर जाने वाले यात्री मंगलवार को परेशान होते रहे। इंदौर से आने वाले ट्रैफिक को देवास, राजगढ़ और मक्सी होते हुए भोपाल की तरफ जाना पड़ा। इससे वाहन चालकों को करीब 80 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ा। उधर, एबी रोड से सीहोर के आयोजन में शामिल होने जा रहे लोगों को भी रास्ते में ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा।

कुबेरेश्वर धाम में आयोजित यात्रा में मंगलवार को लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी। सीहोर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने भी मंगलवार और बुधवार को विशेष व्यवस्था की। सीहोर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए स्टेशन से गुजरने वाली पांच ट्रेनों को अस्थायी ठहराव दिया गया।

ये ट्रेनें हुईं प्रभावित : मंगलवार और बुधवार को गाड़ी संख्या 20413 वाराणसी–इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 20414 इंदौर–वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 19313 इंदौर–पटना एक्सप्रेस, गाड़ी संख्या 19322 पटना–इंदौर एक्सप्रेस और गाड़ी संख्या 22674 मन्नारगुडी–जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस सीहोर रेलवे स्टेशन पर दो मिनट के लिए रुकेंगी।

इंदौर रेलवे स्‍टेशन पर भीड़ : सीहोर में हुए आयोजन के कारण लगने वाले जाम से बचने के लिए यात्रियों ने बसों और अन्य वाहनों के बजाय ट्रेनों का विकल्प अपनाया। इस कारण सुबह इंदौर से भोपाल जाने वाली ट्रेनों में भी आम दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ रही। सुबह इंदौर से भोपाल जाने वाली वंदे भारत ट्रेन में जगह नहीं थी। इसके अलावा, सीहोर जाने वाले यात्रियों की भीड़ भी रेलवे स्टेशन पर रही।

गुरुग्राम के PAUL रेस्टोरेंट के सैंडविच में मिला जिंदा कीड़ा, VIDEO वायरल होने के बाद ऐक्शन

गुरुग्राम के फेमस पॉल रेस्टोरेंट में सैंडविंच के अंदर जिंदा कीड़ा रेंगते हुए मिला। ग्राहक ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया। जिसके बाद फूड एंड सेफ्टी विभाग ने मामले में ऐक्शन लिया है।

Tempsens Instruments IPO Allotment: 184 गुना सब्सक्राइब, लेटेस्ट GMP के साथ जानिए अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Tempsens Instruments IPO Allotment: इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट सेक्टर की Tempsens Instruments के IPO के लिए आज, 25 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट हो सकता है। ₹650 करोड़ के इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। इश्यू कुल 184.07 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII की रही। इस कैटेगरी में IPO 314.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB ने 302.88 गुना बोली लगाई। रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी भी 60.69 गुना सब्सक्राइब हुई।

Tempsens Instruments IPO की लिस्टिंग

कंपनी ने IPO के लिए ₹285 से ₹300 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। IPO 20 अगस्त को खुला था। 24 अगस्त को इसकी बोली बंद हो गई। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

GMP से लिस्टिंग पर कितना फायदा दिख रहा है?

Tempsens Instruments के शेयर को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। InvestorGain के मुताबिक, 25 अगस्त को इसका GMP करीब ₹317 था।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹300 है। ऐसे में ₹317 का GMP जोड़ें तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹617 बनती है। यानी ₹300 के IPO Price के मुकाबले करीब 105.67% प्रीमियम का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, यह रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।

Tempsens Instruments IPO अलॉट स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आपने भी इस IPO में पैसा लगाया है, तो अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए KFin Technologies और NSE की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

KFin Technologies से कैसे चेक करें?

KFin Technologies इस IPO की Registrar है।

  • स्टेप 1: KFin Technologies की IPO Status वेबसाइट खोलें।
  • स्टेप 2: IPO की लिस्ट में Tempsens Instruments चुनें।
  • स्टेप 3: PAN, Application Number या DP ID/Client ID में से कोई विकल्प चुनें।
  • स्टेप 4: मांगी गई जानकारी भरें।
  • स्टेप 5: Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपका अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।

NSE से कैसे चेक करें?

NSE की वेबसाइट पर भी IPO से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।

  • NSE के IPO Bid Details सेक्शन में जाएं।
  • Equity और SME IPO Bid Details का विकल्प चुनें।
  • Tempsens Instruments को चुनें।
  • अपनी एप्लिकेशन डिटेल्स डालें।
  • सबमिट करें और डिटेल देखें।

TCS Share Price: पोर्शे के साथ बड़ी डील के बाद भी क्यों गिरा TCS का शेयर? सिटी और HSBC ने जताई ये बड़ी चिंता

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tricolore returns to a Lamborghini after 15 years with the Temerario

Tricolore returns to a Lamborghini after 15 years with the Temerario
Lamborghini Temerario Tricolore revealed

The ‘Tricolore’ name has returned to a Lamborghini after a sabbatical of 15 years. This bespoke Temerario, showcased at the 2026 Monterey Car Week, is the work of the Italian brand’s Centro Stile in-house design studio and Ad Personam customisation programme. The Temerario Tricolore also marks 20 years of the Lamborghini Ad Personam programme, the luxury automaker stated.

  • Green, white and red (Tricolore) graphic on the bonnet references the Italian flag.
  • Unique two-tone exterior finished in Blu Marinus Shiny and Bianco Monocerus.
  • Interior gets Nero Ade upholstery, Rosso Alala stitching, Tricolore lettering and more.

LPG e-KYC Deadline: LPG ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! e-KYC की डेडलाइन बढ़ी, 31 अगस्त तक निपटा लें ये काम, वरना महंगा पड़ सकता है सिलेंडर

LPG e-KYC Deadline Extended: घरेलू LPG गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अगर आपने अभी तक अपने LPG कनेक्शन की आधार (Aadhaar) आधारित e-KYC पूरी नहीं की है, तो अब आपके पास कुछ और समय है। सरकार ने e-KYC की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी है।

इसका फायदा Indane, Bharat Gas और HP Gas के घरेलू ग्राहकों को मिलेगा। इससे पहले e-KYC की डेडलाइन 16 अगस्त थी, जिसे बढ़ाकर 23 अगस्त किया गया था। अब ग्राहकों को एक और मौका दिया गया है।

31 अगस्त तक e-KYC नहीं की तो क्या होगा?

अगर आपने 31 अगस्त तक e-KYC पूरी नहीं की, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपका LPG कनेक्शन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। हालांकि, घरेलू दर पर मिलने वाले LPG सिलेंडर के लाभ में परेशानी आ सकती है। जानकारों का कहना है कि e-KYC लंबित रहने पर सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी में भी दिक्कत आने की संभावना है। कुछ मामलों में ग्राहक को घरेलू कीमत का लाभ नहीं मिल सकता और सत्यापन पूरा होने तक अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। यही वजह है कि LPG ग्राहक इस काम को आखिरी तारीख तक टालने के बजाय समय रहते पूरा कर लें।

आखिर सरकार e-KYC क्यों करा रही है?

e-KYC प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू LPG कनेक्शन वास्तविक ग्राहकों के नाम पर ही हों। साथ ही घरेलू इस्तेमाल के लिए मिलने वाले सस्ते सिलेंडरों का गलत इस्तेमाल न हो। सरकार यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि घरेलू LPG सिलेंडरों को अवैध तरीके से व्यावसायिक इस्तेमाल या दोबारा बेचने के लिए इस्तेमाल न किया जाए। घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में काफी अंतर होने के कारण यह सत्यापन अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Indane LPG की e-KYC घर बैठे कैसे करें?

अगर आपके पास Indane LPG कनेक्शन है, तो e-KYC घर बैठे मोबाइल से की जा सकती है। इसके लिए IndianOil ONE ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप की जरूरत होगी।

घर बैठे ऐसे करें e-KYC

1. IndianOil ONE ऐप डाउनलोड करें

Indane ग्राहक IndianOil ONE ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप का इस्तेमाल करके घर बैठे e-KYC प्रोसेस पूरा कर सकते हैं। इस प्रोसेस में आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन शामिल है। सबसे पहले अपने उस मोबाइल नंबर और ईमेल से IndianOil ONE ऐप पर रजिस्ट्रेशन करें, जो आपके LPG कनेक्शन से जुड़ा हुआ है।

2. अपना 16 अंकों का LPG ID डालें

अपने LPG अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल का इस्तेमाल करके IndianOil ONE ऐप पर रजिस्टर करें। अपना 16-digit LPG ID दर्ज करें। यह नंबर आपके LPG कैश मेमो या सब्सक्रिप्शन वाउचर पर मिल सकता है।

3. My Profile में जाएं

ऐप में आपकी कंज्यूमर डिटेल दिखाई देने के बाद My Profile खोलें और वहां Re-KYC का विकल्प चुनें।

4. निर्देश पढ़कर सहमति दें

फिर e-KYC से जुड़े निर्देश और जरूरी कंसेप्ट को पढ़ें और स्वीकार करें।

5. Face Authentication पूरा करें

इसके बाद Face Authentication का ऑप्शन चुनें। आधार आधारित फेस वेरिफिकेशन के लिए Aadhaar FaceRD ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

घर से नहीं हो पा रही तो क्या करें?

अगर किसी ग्राहक को ऑनलाइन e-KYC करने में परेशानी हो रही है, तो वह अपने नजदीकी LPG डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर भी प्रक्रिया पूरी कर सकता है। इसके अलावा अगली बार LPG सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक LPG डिलीवरी कर्मचारी से e-KYC में मदद भी मांग सकता है।

Bharat Gas और HP Gas ग्राहकों के लिए भी लागू

यह e-KYC की समयसीमा Indane, Bharat Gas और HP Gas के घरेलू ग्राहकों से जुड़ी है। इसलिए अगर आपका कनेक्शन Bharat Gas या HP Gas का है, तो 31 अगस्त की डेडलाइन को नजरअंदाज न करें। अगर LPG का घरेलू कनेक्शन है और e-KYC अभी बाकी है, तो 31 अगस्त 2026 तक यह काम जरूर पूरा कर लें, ताकि आगे घरेलू दर पर सिलेंडर मिलने, बुकिंग या डिलीवरी में परेशानी न हो।

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बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही जमा हो

बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही जमा हो

shri banke bihari temple

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दान की रकम की कथित हेराफेरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही जमा हो और मंदिर की आय-व्यय व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता रखी जाए। ALSO READ: तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, उत्पीड़न मामले में आत्मसमर्पण से छूट की याचिका खारिज

 

क्या है पूरा मामला? 

सुप्रीम कोर्ट ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की मैनेजमेंट कमेटी की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। मंदिर में कथित चंदा चोरी को लेकर सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह ने हाई पावर कमेटी की एक स्टेटस रिपोर्ट पेश की। उन्होंने तस्वीरें पेश करते हुए कहा कि मामले बहुत गंभीर हैं और इसमें तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक वीडियो है। तीन लोग 'गोलक' (पारंपरिक दान पेटी) के सामने खड़े होकर भक्तों से पैसे इकट्ठा कर रहे हैं और उन्हें अपनी पॉलीथीन की थैलियों में डाल रहे हैं। ALSO READ: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के भंवर में खाकी, कटनी के बाद इंदौर में पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज

 

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम निर्देश देते हैं कि दान का हर पैसा दान पेटी या ऑनलाइन खाते में ही आना चाहिए। 'सेवायत' या किसी और की तरफ से इसमें कोई भी रुकावट डालने को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। मैनेजमेंट कमेटी को मंदिर के खजाने के लिए एक पारदर्शी सिस्टम लागू करना चाहिए।

 

शीर्ष अदालत ने कहा कि सेवायतों या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से दान की इस व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा को 'बहुत गंभीरता से' लिया जाएगा। अदालत ने मंदिर की प्रबंधन समिति को दान की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक ऐसी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी को रोका जा सके।

 

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि मंदिर के पैसे से संपत्ति खरीदने के प्रस्तावों को लेन-देन पूरा होने से पहले अदालत के सामने रखा जाए।