‘स्टेडियम की छत बंद रखना, वरना…’, ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को मिली धमकी, जांच जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह ऑस्ट्रेलिया जाएंगे। इस दौरे पर पीएम मोदी, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज से मेलबर्न में वार्षिक शिखर सम्मेलन में मुलाकात करेंगे। वहीं इस दौरे से पहले पीएम मोदी को फेसबुक पर जान से मारने की कथित धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इस मामले के बाद ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। बता दें कि, प्रधानमंत्री मोदी 8 से 10 जुलाई के बीच मेलबर्न दौरे पर रहेंगे।

ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को मिली धमकी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह धमकी “मेलबर्न मीट्स मोदी” कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी एक फेसबुक पोस्ट के कमेंट में दी गई थी। यह कार्यक्रम 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में आयोजित होना है। रिपोर्ट के अनुसार, “अबू मुस्तफा” नाम के एक फेसबुक अकाउंट से टिप्पणी करते हुए लिखा गया कि कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम की छत बंद रहनी चाहिए, नहीं तो प्रधानमंत्री मोदी के लिए खतरा हो सकता है।

मामले की जांच जारी 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसियों ने फेसबुक पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस का पता लगा लिया है। अब अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि धमकी किसने दी और क्या इस मामले में आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है। ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस (AFP) ने जांच जारी होने का हवाला देते हुए अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है और न ही ज्यादा जानकारी साझा की है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इस कथित धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम करेंगी।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके अलावा वह ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर-जनरल से भी मुलाकात करेंगे। इस यात्रा में प्रधानमंत्री मोदी भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भी शामिल होंगे, जहां वह दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं को संबोधित करेंगे। साथ ही, वह ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय समुदाय दोनों देशों के मजबूत रिश्तों की एक अहम कड़ी है।

Maatrubhumi: ‘मातृभूमि’ के सर्टिफिकेशन विवाद की खबरें गलत, सलमान खान फिल्म्स ने पोस्ट शेयर कर रूमर्स पर लगाया फुलस्टॉप

Maatrubhumi: एक दिन पहले ऐसी खबरें आई थीं कि सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ – जो भारतीय सेना और चीनी सैनिकों के बीच 2020 में हुई गलवान घाटी की झड़प पर आधारित है – सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (CBFC) में सर्टिफ़िकेशन की प्रक्रिया से गुज़र रही है। सलमान खान फिल्म्स ने इन दावों को “पूरी तरह से बेबुनियाद” बताते हुए खारिज कर दिया।

प्रोडक्शन हाउस ने इंस्टाग्राम पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें कहा गया, “ऐसे सभी दावे गलत हैं जिनमें कहा गया है कि ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ को CBFC से जुड़ी किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है या इसके सर्टिफ़िकेशन को रोक दिया गया है। फिल्म को अभी तक सर्टिफ़िकेशन के लिए CBFC के पास जमा ही नहीं किया गया है। इसलिए, ऐसी खबरें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।”

बयान के आखिर में कहा गया, “हम मीडिया संस्थानों और लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे बिना पुष्टि की गई जानकारी न फैलाएं। फिल्म से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी केवल सलमान खान फिल्म्स के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही साझा की जाएगी।”

सूत्रों ने NDTV को कन्फर्म किया है कि ‘मातृभूमि’ फ़िल्म अभी सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (Censor Board) की मंज़ूरी की प्रक्रिया से गुज़र रही है। अंदरूनी सूत्रों ने बताया, “सेंसर बोर्ड से मंज़ूरी मिलने की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए इसमें अभी समय लग रहा है। इसे रोका नहीं गया है।” यह फ़िल्म पहले ईद से ठीक पहले 17 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली थी। हालांकि, रिलीज़ की तारीख़ आगे बढ़ा दी गई थी और अब इसके अगस्त में रिलीज़ होने की उम्मीद है।

ताज़ा जानकारी के मुताबिक, ऐसा लगता है कि यह फ़िल्म अगस्त में रिलीज़ नहीं हो पाएगी। ‘मातृभूमि’ का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है और इसे सलमान खान फिल्म्स बैनर के तहत सलमा खान ने प्रोड्यूस किया है। पहले इस फ़िल्म का नाम ‘बैटल ऑफ़ गलवान’ था और इसमें चित्रांगदा सिंह भी हैं।

रिलीज़ से पहले ही, चीन में कुछ लोगों ने इस फ़िल्म की आलोचना की थी। ऑनलाइन टीज़र आने के बाद, चीनी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म वीबो पर कई यूज़र्स ने फ़िल्म पर गलवान घाटी झड़प से जुड़ी घटनाओं को गलत तरीके से दिखाने का आरोप लगाया। जनवरी में, विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत में फ़िल्म बनाने से जुड़े मामलों को “संबंधित अधिकारी” देखते हैं और इस तरह के प्रोजेक्ट्स में विदेश मंत्रालय की “कोई भूमिका” नहीं होती है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से उन खबरों पर टिप्पणी करने को कहा गया जिनमें दावा किया गया था कि मंत्रालय ने छह साल पहले गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प पर आधारित फिल्म पर “आपत्ति जताई” है। उन्होंने कहा, “हमें पता है कि इस तरह की फिल्म बनाने की योजना है। जैसा कि आप जानते हैं, भारत में फिल्म निर्माण से जुड़े मामलों को संबंधित अधिकारी देखते हैं। और जहां तक ​​हमारी बात है, विदेश मंत्रालय की ऐसी फिल्मों या प्रोजेक्ट्स में कोई भूमिका नहीं होती है।”

सूत्रों ने बताया, “हाल ही में फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ से बदलकर ‘मातृभूमि’ कर दिया गया है। उसी के अनुसार बदलाव किए जा रहे हैं। संभावना है कि फिल्म की रिलीज में और देरी हो सकती है। इसके अगस्त में स्वतंत्रता दिवस के आसपास रिलीज होने की उम्मीद है।”

फिल्म के मेकर्स ने 27 दिसंबर, 2025 को सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर फिल्म का टीज़र जारी किया था। फिल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने बॉर्डर पर डिसइंगेजमेंट एग्रीमेंट लागू करते समय हुई झड़प के दौरान भारतीय सैनिकों का नेतृत्व किया था। ‘मातृभूमि’ में अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया भी अहम भूमिकाओं में नज़र आएंगे और इस फिल्म का संगीत हिमेश रेशमिया ने दिया है।

Maatrubhumi: सलमान खान की ‘मातृभूमि’ पर मंडराया खतरा, टाइटल बदलने के बावजूद सेंसर बोर्ड ने रिलीज पर लगाई रोक

Maatrubhumi: सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (CBFC) ने सलमान खान की फ़िल्म ‘मातृभूमि’ (जिसका पहले नाम ‘बैटल ऑफ़ गलवान’ था) के लिए क्लीयरेंस सर्टिफ़िकेट को अगले आदेश तक रोक दिया है। भारतीय सेना और चीनी सैनिकों के बीच 2020 में हुई गलवान घाटी की झड़प पर आधारित यह फ़िल्म पहले ईद से ठीक पहले 17 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली थी। हालांकि, रिलीज़ की तारीख़ को आगे बढ़ा दिया गया था और इसके अगस्त में रिलीज़ होने की उम्मीद थी।

NDTV के अनुसार, फ़िल्म अगस्त की तारीख़ पर रिलीज नहीं हो पाएगी। ‘मातृभूमि’ का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है और इसे सलमान खान फ़िल्म्स बैनर के तहत सलमा खान ने प्रोड्यूस किया है। इसमें चित्रांगदा सिंह भी हैं। फिल्म रिलीज होने से पहले ही चीन में कुछ वर्गों ने इसकी आलोचना की है।

टीजर ऑनलाइन प्रसारित होने के बाद, चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर कई उपयोगकर्ताओं ने फिल्म पर गलवान घाटी संघर्ष से संबंधित घटनाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाया। जनवरी में, विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत में फिल्म निर्माण से संबंधित मामलों का निपटारा “संबंधित अधिकारियों” द्वारा किया जाता है, और विदेश मंत्रालय की इस या इसी तरह की परियोजनाओं में “कोई भूमिका नहीं” है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से उन खबरों पर टिप्पणी करने को कहा गया, जिनमें दावा किया गया था कि मंत्रालय ने छह साल पहले गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प पर आधारित फिल्म पर “आपत्ति जताई” है। उन्होंने कहा, “हमें पता है कि इस तरह की फिल्म बनाने की योजना है। जैसा कि आप जानते हैं, भारत में फिल्म निर्माण से जुड़े मामलों को संबंधित अधिकारी देखते हैं। और जहां तक ​​हमारी बात है, विदेश मंत्रालय की ऐसी फिल्मों या प्रोजेक्ट्स में कोई भूमिका नहीं होती है।”

सूत्रों ने बताया, “हाल ही में फिल्म का टाइटल ‘बैटल ऑफ गलवान’ से बदलकर ‘मातृभूमि’ कर दिया गया है। उसी के अनुसार बदलाव किए जा रहे हैं। संभावना है कि फिल्म की रिलीज में और देरी हो सकती है। इसे अगस्त में स्वतंत्रता दिवस के आसपास रिलीज किए जाने की उम्मीद है।”

फिल्म के निर्माताओं ने सलमान खान के 60वें जन्मदिन के मौके पर 27 दिसंबर, 2025 को फिल्म का टीज़र जारी किया था। इस फ़िल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफ़िसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने बॉर्डर पर डिसइंगेजमेंट एग्रीमेंट लागू करते समय हुई झड़प के दौरान भारतीय सैनिकों का नेतृत्व किया था।

‘मातृभूमि’ में अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया भी अहम भूमिकाओं में नज़र आएंगे। इस फ़िल्म का संगीत हिमेश रेशमिया ने दिया है। सलमान खान को आख़िरी बार ए.आर. मुरुगाडोस की फ़िल्म ‘सिकंदर’ में देखा गया था, जिसमें रश्मिका मंदाना भी हैं।

बुलेट ट्रेन को लेकर भारत-जापान की बड़ी डील! 2027 की टाइमलाइन और 7000 किमी नेटवर्क पर काम अब दौड़ेगा

भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर कोलैबरेशन को बड़ा पुश देते हुए जापान ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) परियोजना के प्राथमिकता वाले सेक्शन पर साल 2027 तक कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम साने ताकाइची के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है। इसके मुताबिक यह फ्लैगशिप बुलेट ट्रेन परियोजना दोनों नेताओं के बीच एक व्यापक संयुक्त समझौते का मुख्य आधार है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस नेटवर्क में E10 ट्रेनों को शामिल करने के मील के पत्थर जैसे लक्ष्य को भी स्वीकार किया।

7000 किलोमीटर के नेशनल नेटवर्क के लिए पीएम मोदी का न्यौता

भारत में बुलेट ट्रेन नेटवर्क के भविष्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी कंपनियों को भारत के भावी हाई-स्पीड कॉरिडोर में भागीदारी के अवसर तलाशने के लिए स्पष्ट रूप से आमंत्रित किया है। इसका उद्देश्य 7000 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के भारत के व्यापक विज़न को हकीकत में बदलना है। इस ट्रांजिट अलाइनमेंट को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच नेक्स्ट-जेनरेशन मोबिलिटी पार्टनरशिप पर एक एमओयू साइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जापान की हाइटेक मोबिलिटी तकनीकों को भारत की बाजार क्षमता और मानव संसाधनों के साथ जोड़ना है।

शिंकेन्सन तकनीक से बदल जाएगी भारतीय रेलवे की तस्वीर

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के प्रयासों में एक बड़ा मील का पत्थर है। देश के पहले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के रूप में यह इंटर सिटी मोबिलिटी को पूरी तरह से बदलने और घरेलू रेलवे क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से पूरी की जा रही है। यह पूरा कॉरिडोर जापान की प्रसिद्ध शिंकेन्सन तकनीक और परिचालन मानकों का उपयोग करके डेवलप कियाजा रहा है। इसमें ट्रैक्शन, इलेक्ट्रिफिकेशन, ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑपरेशन्स के लिए हाइटेक टेक्नोलॉजी को शामिल किया गया है।

भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र का रणनीतिक विकास

रेलवे के बुनियादी ढांचे से आगे बढ़कर दोनों नेताओं ने ऐक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत एक लचीले भारत-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण के लिए भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के रणनीतिक महत्व पर विशेष जोर दिया है। जापान ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में सड़क नेटवर्क, पुलों और आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए मजबूत समर्थन का संकल्प लिया। दोनों देशों ने इस क्षेत्र को बंगाल की खाड़ी और बिम्सटेक भागीदारों से जोड़ने वाली औद्योगिक मूल्य श्रृंखलाओं को विकसित करने की भी प्रतिबद्धता जताई।

इन 4 बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी हो रही है तेज प्रगति

दोनों देशों के बीच सामाजिक-आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए जापानी विकास सहायता से जुड़े चार अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी लगातार प्रगति हो रही है:

  • मुंबई मेट्रो लाइन 11
  • बेंगलुरु मेट्रो फेज 3
  • महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा का बुनियादी ढांचा
  • पंजाब में सस्टेनेबल हॉर्टिकल्चर
  • पर्यटन, संस्कृति और जापानी भाषा को बढ़ावा

इन आर्थिक और ढांचागत समझौतों को मजबूती देने के लिए दोनों देश लोगों के बीच आपसी संपर्क और प्रतिभाओं के आदान-प्रदान को बढ़ा रहे हैं। दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस बात का स्वागत किया कि साल 2025 में दोनों देशों के बीच आने-जाने वाले पर्यटकों की संख्या 540000 को पार कर गई है। उन्होंने द्विपक्षीय पर्यटन को बढ़ावा देने और कांसुलर मामलों पर बातचीत का विस्तार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत में निहंगो पार्टनर्स कार्यक्रम के माध्यम से जापानी भाषा की शिक्षा को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। साथ ही युवाओं के बीच सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने में एनिमे, मंगा, गेमिंग और फिल्मों जैसे रचनात्मक उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

भारत के राज्यों और जापानी प्रांतों के बीच दोस्ती का नया नेटवर्क

इस रिश्ते को जमीनी स्तर पर और ठोस बनाने के लिए सब-नेशनल डिप्लोमेसी का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने स्थानीय आर्थिक नेटवर्क बनाने में भारतीय राज्यों और जापानी प्रान्तों और नगर पालिकाओं द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। इसी कड़ी में दोनों देशों के बीच इंडिया-जापान गवर्नर्स नेटवर्क फॉर फ्रेंडशिप एंड एक्सचेंज की स्थापना का स्वागत किया गया। वर्तमान में इन क्षेत्रीय जोड़ियों के बीच उच्च स्तरीय सहयोग सक्रिय है-

  • उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रान्त
  • आंध्र प्रदेश और टोयामा प्रान्त
  • गुजरात और शिज़ुओका प्रान्त
  • अहमदाबाद और हमामात्सू शहर
  • महाराष्ट्र और वाकायामा प्रान्त
  • केरल और सैन’इन क्षेत्र
  • तमिलनाडु और एहिमे प्रान्त
  • दिल्ली और फुकुओका प्रान्त
  • तेलंगाना और किताक्युशु शहर

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Ayatollah Khamenei Funeral: जहां हुआ था हमला वहीं ले जाया गया खामेनेई का ताबूत, अंतिम संस्कार में आएंगे 2 करोड़ लोग! भारत से कौन-कौन पहुंचेगा?

Ayatollah Khamenei Funeral Schedule: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ईरानी सरकारी मीडिया इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के मुताबिक एक अघोषित और औचक कार्यक्रम के तहत शहीद नेता अयातुल्ला खामेनेई के पार्थिव शरीर वाले ताबूत को उसी स्थान पर ले जाया गया जहां 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के दौरान वे शहीद हुए थे। इस बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ फोन पर बात कर ग्रैंड अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की शहादत पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक यह देश के इतिहास में सबसे बड़ी जनसभाओं में से एक होने जा रही है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का अनुमान है कि इस अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 2 करोड़ तक पहुंच सकती है।

क्या है अंतिम संस्कार का पूरा शेड्यूल?

खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार शनिवार 4 जुलाई से तेहरान में शुरू होकर मंगलवार 9 जुलाई को उनके गृहनगर मशहद में दफनाने के साथ संपन्न होगा। इस पूरे 6 दिन का शेड्यूल कुछ ऐसा है-

शनिवार (4 जुलाई): तेहरान के इमाम खमेनी ग्रैंड प्रेयर ग्राउंड्स में सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक आम जनता के अंतिम दर्शन के लिए खामेनेई का पार्थिव शरीर रखा जाएगा।

रविवार (5 जुलाई): सुबह के समय अंतिम संस्कार की विशेष नमाज अदा की जाएगी। इसके बाद जनाजे का जुलूस निकाला जाएगा।

सोमवार (6 जुलाई): तेहरान की सड़कों से होते हुए एक बड़ा जनाजा जुलूस गुजरेगा।

मंगलवार (7 जुलाई): पवित्र शहर कौम में अंतिम संस्कार के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

बुधवार (8 जुलाई): जनाजे के जुलूस और कार्यक्रमों का सिलसिला पड़ोसी देश इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला तक पहुंचेगा।

गुरुवार (9 जुलाई): खामेनेई के पार्थिव शरीर को वापस ईरान लाया जाएगा और मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के साथ ही इस 6 दिवसीय राजकीय शोक और विदाई समारोह का समापन होगा।

भारत से कौन-कौन पहुंचेगा ईरान?

अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत से कई आधिकारिक प्रतिनिधि, राजनेता और आध्यात्मिक गुरु ईरान जा रहे हैं। भारत सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों नेता 3 जुलाई को ईरान के लिए रवाना हो रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विंग के प्रमुख पवन खेड़ा को भी यक्रमों में शामिल होने का न्यौता भेजा है।

ईरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इनवाइट किया है। न्यूज एजेंसियों के मुताबिक आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर इस राजकीय अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए तेहरान पहुंच चुके हैं।

लेबनान के अमल मूवमेंट के एक प्रतिनिधिमंडल सहित कई देशों के वीआईपी तेहरान पहुंचने लगे हैं। अमल मूवमेंट ने अंतिम संस्कार से पहले ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालबाफ से मुलाकात की है।

सुरक्षा कारणों से शामिल नहीं होंगे नए सुप्रीम लीडर मोजतबा

ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। भारत में उनके प्रतिनिधि अयातुल्ला हाकिम इलाही ने बताया कि इजरायली धमकियों और सर्विलांस (निगरानी) के खतरों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने मोजतबा को सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम में शामिल न होने की सलाह दी है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया है।

तेहरान में महाजुटान के लिए प्रशासन की भारी तैयारी

आईआरजीसी की तेहरान कमान के कमांडर और अंतिम संस्कार आयोजन समिति के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल हसन हसनजादेह ने बताया कि तेहरान में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष रणनीतियां तैयार की गई हैं। तेहरान की कोई भी एक सड़क इतनी भारी भीड़ को सुरक्षित तरीके से संभालने में सक्षम नहीं है। इसलिए अधिकारियों ने एक सिंगल रूट की जगह पूरी राजधानी में एक विस्तृत कॉरिडोर बनाने का फैसला किया है। समारोह क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

जहां खामेनेई का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा वहां परिवार के लिए अलग से बैठने की जगह बनाई गई है। मुख्य मंच को ऊंचाई पर बनाया गया है ताकि भीड़ को स्पष्ट रूप से दर्शन हो सकें। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कुरान पाठकों, धार्मिक कवियों और सांस्कृतिक समूहों की प्रस्तुतियां होंगी। तेहरान की मेट्रो और बस सेवाएं पूरी क्षमता के साथ चलाई जाएंगी। शहर के चारों तरफ ट्रैफिक कंट्रोल जोन और पांच समर्पित सर्विस सेंटर बनाए गए हैं। ये सेंटर लोगों को पीने का पानी, भोजन, चिकित्सा सहायता, स्वच्छता सुविधाएं और प्रार्थना स्थल उपलब्ध कराएंगे।

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India-Japan trade: AI से लेकर नेक्स्ट-जेन मोबिलिटी तक… भारत-जापान संबंधों का नया अध्याय, जानिए बड़ी बातें

India-Japan trade: भारत और जापान के रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची अपने पहले भारत दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें अपनी ‘छोटी बहन’ बताया। दोनों नेताओं के बीच नई दिल्ली में 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति भवन में जापान की प्रधानमंत्री तकाइची का भव्य स्वागत किया गया। उन्हें औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इसके बाद नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी और तकाइची के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई।

भारत और जापान ने गुरुवार को कई अहम पहलों की घोषणा की। इसमें एक इकोनॉमिक पार्टनरशिप फ्रेमवर्क और मिलिट्री इक्विपमेंट को मिलकर डेवलप करने के लिए एक डिफेंस एग्रीमेंट शामिल है। इन पहलों की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापान की अपनी समकक्ष सनाए तकाइची के बीच समिट बातचीत के बाद की गई। मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए, जिसमें इकोनॉमिक सिक्योरिटी पर एक घोषणा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयोग पर एक जॉइंट स्टेटमेंट और एनर्जी सप्लाई चेन में सहयोग को मजबूत करने का एक एग्रीमेंट शामिल है।

कल्चरल वैल्यू से लेकर मॉडर्न टेक्नोलॉजी तक 

प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया को जारी एक बयान में कहा, “भारत और जापान की इकोनॉमी एक-दूसरे की पूरक हैं। कल्चरल वैल्यू से लेकर मॉडर्न टेक्नोलॉजी तक, हम अपनी सोच और कामों में भी समानताएं शेयर करते हैं।” उन्होंने कहा, “हमारे रिश्ते की नींव अटूट आपसी भरोसे पर टिकी है।” PM मोदी ने आगे कहा कि दोनों पक्षों ने इकोनॉमिक सिक्योरिटी के लिए एक जॉइंट रोडमैप बनाया है।

सप्लाई चेन को और मजबूत और लचीला बनाएंगे

पीएम मोदी ने कहा, “इसके जरिए हम सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मटीरियल जैसे स्ट्रेटेजिक सेक्टर में सप्लाई चेन को और मजबूत और लचीला बनाएंगे।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और जापान ने एनर्जी सिक्योरिटी के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा, “इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के ज़रिए, हम इंडिया में 1,000 बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र प्लांट लगाएंगे। इससे इंडियन गांवों में खुशहाली आएगी और गांव की रोजी-रोटी और मजबूत होगी।”

भारत-जापान में कई अहम करार

PM मोदी और तकाइची की मौजूदगी में इकोनॉमिक सिक्योरिटी, क्लीन एनर्जी, जरूरी टेक्नोलॉजी और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के एरिया में कोऑपरेशन से जुड़े जरूरी मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MoUs) एक्सचेंज किए गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इंडिया और जापान डिप्लोमैटिक रिलेशन शुरू होने की 75वीं एनिवर्सरी के मौके पर ऑर्गनाइज़ किए जाने वाले इवेंट्स की एक लिस्ट पर भी सहमत हुए।

पीएम मोदी ने इंडिया-जापान रिलेशन की मजबूती और इंपॉर्टेंस पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “कुछ ही दिन पहले, G7 समिट में मैंने कहा था कि आज के ग्लोबल उथल-पुथल के माहौल में आपसी भरोसा हमारा सबसे बड़ा स्ट्रेटेजिक रिसोर्स है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे गर्व है कि इंडिया-जापान पार्टनरशिप इस टेस्ट में पूरी तरह खरी उतरी है।”

PM मोदी ने कहा कि जापान की सटीक टेक्नोलॉजी और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमताओं का मेल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नई तेजी और ताकत देगा। उन्होंने कहा, “डिफेंस सेक्टर में हमने भारत और जापान के बीच पहले जॉइंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर एक एग्रीमेंट साइन किया है।” जापानी प्रधानमंत्री तीन दिन के भारत दौरे पर हैं।

जापानी पीएम ने क्या कहा?

इस दौरान तकाइची ने कहा कि दोनों पक्ष इन्वेस्टमेंट और इनोवेशन कोऑपरेशन के जरिए इकोनॉमिक डेवलपमेंट पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक मजबूत इकोनॉमी बनाने के लिए कमिटेड हूं और 17 स्ट्रेटेजिक सेक्टर में इन्वेस्टमेंट के जरिए जापान की सप्लाई चेन और टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं को बढ़ाने का लक्ष्य रखती हूं।”

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने ‘डेवलप्ड इंडिया’ लॉन्च किया, जो 2047 तक भारत को एक डेवलप्ड देश बनाने का एक नेशनल लक्ष्य है और वह भारत के डेवलपमेंट प्रोसेस को जोर-शोर से आगे बढ़ा रहे हैं।” जापानी प्रधानमंत्री ने कहा, “इस तरह हम भविष्य में इन्वेस्टमेंट के ज़रिए अपने देशों को मज़बूत और खुशहाल बनाने के लक्ष्य को शेयर करते हैं।”

हाल के सालों में भारत और जापान के रिश्ते मजबूत हुए हैं। 2014 में दोनों देशों को स्पेशल स्ट्रेटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया। दोनों देश 2027 में डिप्लोमैटिक रिलेशन शुरू होने की 75वीं सालगिरह मनाएंगे। सिक्योरिटी, ट्रेड और इन्वेस्टमेंट, इकोनॉमिक सिक्योरिटी, साइंस और टेक्नोलॉजी, कल्चर और लोगों के बीच संबंधों जैसे कई एरिया में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। इस बाइलेटरल फ्रेमवर्क में अब 70 से ज्यादा डायलॉग मैकेनिज्म शामिल हैं।

स्ट्रेटेजिक एजेंडा को आगे बढ़ाने का मुख्य फोरम

प्रधानमंत्री मोदी पिछले साल अगस्त में टोक्यो में हुए 15वें सालाना समिट के लिए जापान गए थे। सालाना समिट दोनों देशों के बीच पार्टनरशिप के स्ट्रेटेजिक एजेंडा को आगे बढ़ाने का मुख्य फोरम है। PM मोदी ने जापानी PM के साथ विस्तृत बातचीत की।

इस बातचीत में दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते बढ़ाने, सेमीकंडक्टर्स के लिए एक मजबूत और लचीली सप्लाई चेन बनाने और जरूरी टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर फोकस किया गया। बातचीत के बाद, दोनों पक्षों के आर्थिक सुरक्षा सहयोग पर एक जॉइंट डिक्लेरेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयोग पर एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है।

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1 July से बदल गए 6 बड़े नियम: Aadhaar, Passport से लेकर Credit Card तक, आपकी जेब पर सीधा असर

rules changes from 1st july

1 July New Financial Rules 2026: नया महीना अपने साथ कई बड़े वित्तीय और नीतिगत बदलाव लेकर आया है। 1 जुलाई 2026 से देश में बैंकिंग, पासपोर्ट और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। अगर आप इन बदलावों से अनजान हैं, तो आपको बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। ALSO READ: 25,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन होंगे सस्ते, GSTघटाकर 5% करने की सिफारिश
 

अगर आपके पास HDFC या SBI का क्रेडिट कार्ड है, या आप नया पासपोर्ट बनवाने जा रहे हैं, तो रुकिए! 1 जुलाई से आपकी जेब ढीली होने वाली है। आइए जानते हैं RBI, UIDAI और प्रमुख बैंकों द्वारा जारी किए गए उन 6 बड़े बदलावों के बारे में, जो सीधे आपके बजट को प्रभावित करेंगे।

 

1. पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा: फीस में बढ़ोतरी

विदेश यात्रा का सपना देखने वालों के लिए पहला झटका पासपोर्ट ऑफिस से आया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के नए सर्कुलर के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की फीस में बढ़ोतरी कर दी गई है:

  • नॉर्मल कैटेगरी : इसकी फीस 1,500 रुपए से बढ़ाकर अब 1,800 रुपए कर दी गई है।
  • तत्काल पासपोर्ट: इसके लिए अब आपको 3,500 रुपए की जगह 4,000 रुपए खर्च करने होंगे।

 

2. Aadhaar Card: ईमेल आईडी अपडेट कराना हुआ बिल्कुल फ्री

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए UIDAI ने घोषणा की है कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक आधार कार्ड में ईमेल आईडी लिंक या अपडेट कराना पूरी तरह से मुफ्त होगा।

नोट: इससे पहले इस सर्विस के लिए 50 रुपए का शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब इसमें 50 रुपए की सीधी छूट मिलेगी। हालांकि, मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए निर्धारित शुल्क लागू रहेगा।

 

3. Credit Card Lounge Access: अब खर्च करने होंगे ज़्यादा पैसे

अगर आप क्रेडिट कार्ड के जरिए एयरपोर्ट लाउंज (Airport Lounge) का मुफ्त फायदा उठाते थे, तो अब जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। SBI Card और HDFC बैंक समेत कई बड़े दिग्गजों ने अपने नियम कड़े कर दिए हैं:

  • नया नियम: अब अगली तिमाही (Quarter) में मुफ्त लाउंज एक्सेस पाने के लिए चालू तिमाही में कम से कम 60,000 रुपए की स्पेंडिंग (खर्च) करना अनिवार्य होगा।
  • पहले यह लिमिट 35,000 रुपए से 50,000 रुपए के बीच हुआ करती थी।

 

4. RBI का 'मिस-सेलिंग' पर नया डंडा: लोन और इंश्योरेंस के नियम सख्त

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को बैंकों की मनमानी से बचाने के लिए 'मिस-सेलिंग' (Mis-selling) पर नए कड़े नियम लागू कर दिए हैं।

  • अब कोई भी बैंक या एजेंट आपको लोन देते समय जबरन कोई इंश्योरेंस पॉलिसी या अनचाहा कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट नहीं बेच सकता।
  • अगर कोई बैंक ऐसा करता है, तो ग्राहक सीधे RBI लोकपाल (Ombudsman) से शिकायत कर सकते हैं, और बैंक पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

 

2 july changes

5. स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small Savings Schemes) की ब्याज दरें

वित्त मंत्रालय ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा की है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) की दरों को इस बार स्थिर रखा गया है। हालांकि, कुछ चुनिंदा फिक्स्ड डिपॉजिट्स (FD) की दरों में 0.10% का मामूली बदलाव किया गया है, जिसकी पूरी लिस्ट आप पोस्ट ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

 

6. NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य

पेंशन फंड नियामक PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत ट्रांजैक्शन को और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। 1 जुलाई से सभी NPS खातों में लॉगिन करने के लिए आधार-आधारित टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) पूरी तरह अनिवार्य हो गया है। इसके बिना यूजर्स अपने अकाउंट को एक्सेस नहीं कर पाएंगे।

 

टेकअवे (Takeaway)

जुलाई के इस महीने में किसी भी वित्तीय नुकसान से बचने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड के खर्चों को ट्रैक करें और अगर आधार में ईमेल अपडेट पेंडिंग है, तो तुरंत UIDAI के पोर्टल पर जाकर इस मुफ्त सेवा का लाभ उठाएं।

Disclaimer: यह जानकारी संबंधित विभागों (RBI, UIDAI, MEA) के आधिकारिक सर्कुलर और नोटिफिकेशन के आधार पर दी गई है। किसी भी सेवा का लाभ लेने से पहले उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर नियमों की जांच जरूर कर लें।

ईरान के सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार में नितिन नबीन और खड़गे को न्योता, भारत के कई नेताओं को भी मिला आमंत्रण

ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार से पहले भारत की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी पार्टी कांग्रेस दोनों से संपर्क किया है। CNN-News18 के सूत्रों के अनुसार, ईरान ने भारत के सभी राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं को निमंत्रण भेजा है।

सूत्रों ने बताया कि, यह निमंत्रण BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, जो वर्तमान में कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग प्रमुख हैं, को भेजा गया है।

सूत्रों के मुताबिक, खड़गे ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वे निमंत्रण स्वीकार करेंगे या नहीं। साथ ही, वे कांग्रेस के उस प्रतिनिधिमंडल के गठन पर भी फैसला लेंगे जो अंतिम संस्कार के लिए तेहरान जा सकता है।

इसके अलावा, ईरान ने BJP और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती को भी इस राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

सबसे बड़े राजकीय अंतिम संस्कार की तैयारी

यह निमंत्रण भारत के सभी राजनीतिक दलों तक तेहरान की पहुंच को दर्शाता है। बता दें कि ईरान अपने इतिहास के सबसे बड़े राजकीय अंतिम संस्कारों में से एक की तैयारी कर रहा है, जो इस साल की शुरुआत में अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान के दौरान खामेनेई की मौत के बाद आयोजित किया जा रहा है।

वहीं, भारत सरकार पहले ही तय कर चुकी है कि वह तेहरान में होने वाले अंतिम संस्कार समारोह में अपना आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भेजेगी। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) करेंगे। उम्मीद है कि वे कई दिनों तक चलने वाले राजकीय अंतिम संस्कार के दौरान भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनकी यह यात्रा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिए गए निमंत्रण के बाद हो रही है।

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी और कांग्रेस नेताओं को निमंत्रण देने के अलावा, ईरान ने शिया समुदाय के कई भारतीय सांसदों को भी अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, जिनमें रुहुल्लाह मेहदी, हाजी हनीफा, इमरान मसूद और अफजल अंसारी शामिल हैं।

बता दें कि ईरान ने इस हफ्ते के आखिर से कई अंतिम संस्कार समारोहों की योजना बनाई है। खमेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान की ग्रैंड मोसाल्ला में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा और उसके बाद दूसरे शहरों में भी समारोह आयोजित किए जाएंगे।

वहीं, ईरान के अधिकारियों का अनुमान है कि सार्वजनिक अंतिम संस्कार में 1.5 करोड़ से 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं, जिससे यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा राजकीय अंतिम संस्कार बन सकता है।

ईरान में अंतिम संस्कार को लेकर तैयारियां तेज

फिलहाल, ईरान की राजधानी में तैयारियां तेज हो गई हैं, समारोह से पहले ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स के आस-पास खामेनेई की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगाई गई हैं, सड़कों को कुछ हद तक बंद कर दिया गया है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सरकारी टेलीविजन ने अंतिम संस्कार में आने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की है और अंतिम संस्कार के दौरान तापमान बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

सार्वजनिक समारोहों के अलावा, तेहरान शुक्रवार को विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के लिए एक अलग कार्यक्रम भी आयोजित कर रहा है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि इसमें लगभग 30 देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।

ईरान ने नहीं दिया यूरोपीय देशों को निमंत्रण 

हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि उसने यूरोपीय देशों को आधिकारिक तौर पर कोई निमंत्रण नहीं भेजा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने हालिया संघर्ष के दौरान यूरोपीय सरकारों पर “इतिहास के गलत पक्ष” में खड़े होने का आरोप लगाया और अमेरिका-इजराइल सैन्य अभियान पर उनके रुख की आलोचना की।

गौरतलब है कि यह अंतिम संस्कार पहले युद्ध की वजह से टाल दिया गया था। अब यह ऐसे समय में हो रहा है, जब ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में संघर्ष रोकने के लिए एक शुरुआती समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding – MoU) पर सहमति बनी है। हालांकि, इस समझौते को लागू करने को लेकर दोनों देश अब भी एक-दूसरे को चेतावनी दे रहे हैं।

अधिकारियों ने अंतिम संस्कार के दौरान तेहरान के साथ-साथ पवित्र शहर कोम और मशहद में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। राजधानी में होने वाले कार्यक्रमों के बाद, खमेनेई के पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला ले जाए जाने की उम्मीद है। इसके बाद, 9 जुलाई को मशहद में स्थित इमाम रजा के मकबरे में उन्हें दफनाया जाएगा, जो उनका जन्मस्थान भी है।

फिलहाल यह अभी स्पष्ट नहीं है कि खमेनेई के बेटे और उत्तराधिकारी, मोजतबा खमेनेई, अंतिम संस्कार के दौरान सार्वजनिक रूप से सामने आएंगे या नहीं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कोई भी घोषणा ‘सर्वोच्च नेता’ के कार्यालय से की जाएगी।

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Crude Oil Price: US-ईरान बातचीत की संभावना से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, ब्रेंट $72 प्रति बैरल के करीब

Crude Oil Price: मंगलवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई क्योंकि इन्वेस्टर्स दोहा में होने वाली US-ईरान बातचीत के नतीजे का इंतज़ार कर रहे थे, जबकि दोनों पक्षों ने वीकेंड में मिसाइल हमले किए, जिससे चार महीने से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के मकसद से किया गया अंतरिम सीजफ़ायर दबाव में आ गया।

मंगलवार को एक्सपायर होने वाला अगस्त डिलीवरी का ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.03%, या 75 सेंट गिरकर $72.40 प्रति बैरल पर आ गया। ज़्यादा एक्टिवली ट्रेड होने वाला सितंबर ब्रेंट कॉन्ट्रैक्ट 0.54%, या 40 सेंट गिरकर $73.51 प्रति बैरल पर आ गया।

इस बीच, US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.66%, या 47 सेंट गिरकर $70.32 प्रति बैरल पर आ गया।

आज कच्चे तेल की कीमतों को क्या चला रहा है?

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी के हवाले से रॉयटर्स ने सोमवार को कहा कि ईरानी और ओमानी एक्सपर्ट्स आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट के जरिए ट्रांजिट रूट को फिर से तय करने पर बातचीत शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान जहाजों को तय शिपिंग लेन से बाहर जाने से रोकने की कोशिश करेगा।

साथ ही, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बघाई ने साफ किया कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी लेवल पर कोई मीटिंग या बातचीत तय नहीं है।

संभावित बातचीत को लेकर अलग-अलग संकेतों ने 17 जून के सीज़फ़ायर समझौते की कमज़ोरी को दिखाया, जिसने होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए दुनिया भर में तेल शिपमेंट में रुकावट डालने वाली दुश्मनी को कुछ समय के लिए रोक दिया था और नवंबर में होने वाले कांग्रेस चुनावों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक पॉलिटिकल टेस्ट खड़ा कर दिया था।

इज़राइल अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया से बाहर रहा है और उसने सार्वजनिक रूप से इस समझौते से खुद को दूर रखा है।

शिपिंग डेटा के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर नए हमलों और अमेरिका और ईरान के बीच नए हमलों के बावजूद, मिडिल ईस्ट के एनर्जी प्रोड्यूसर कच्चे तेल और LNG कार्गो लोड करना जारी रखे हुए हैं।

Crude Oil Price: US- ईरान शांति वार्ता अटकी, क्रूड में उबाल, $70 के ऊपर बना है भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ट्रम्प बोले- आज कतर में अमेरिका-ईरान की बातचीत होगी:अपने खास दूत विटकॉफ को भेजा; तेहरान ने बातचीत से इनकार किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अहम बातचीत होगी। ट्रम्प का कहना है कि ईरान ने खुद इस बैठक का अनुरोध किया था। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 17 जून को हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ दोहा के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, यह साफ नहीं किया गया कि ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर उनके साथ यात्रा कर रहे हैं या नहीं। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के दावे को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई राजनीतिक वार्ता तय नहीं है। मंत्रालय ने साफ किया कि ईरान केवल एक एक्सपर्ट प्रतिनिधिमंडल दोहा भेजेगा, जो MoU को आगे बढ़ाने और कतर में फंसी ईरानी संपत्तियों को जारी करने जैसे तकनीकी मुद्दों पर काम करेगा। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज से जहाजों की आवाजाही घटी: समुद्री ट्रैकिंग कंपनी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को कुल 29 मालवाहक जहाज होर्मुज से गुजरे, जबकि रविवार को यह संख्या घटकर सिर्फ 12 रह गई। 2. होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान की मीटिंग: ईरान और ओमान ने सोमवार को मस्कट में जॉइंट होर्मुज कमेटी की पहली बैठक की। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को चलाने को लेकर चर्चा हुई। 3. खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होगा इंडियन डेलिगेशन: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में बिहार के राज्यपाल जनरल सैयद हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल हो सकते हैं। 4. ईरान बोला- कतर में फंसे 6 अरब डॉलर जल्द मिलेंगे: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि कतर में फंसी ईरान की 12 अरब डॉलर की राशि में से 6 अरब डॉलर जल्द जारी कर दिए जाएंगे। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…