1 जुलाई 2026 से बदल रहे हैं ये 5 बड़े नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर! फटाफट चेक करें पूरी लिस्ट

New Financial Rules From 1 July: हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कई बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आती है। ठीक इसी तरह 1 जुलाई 2026 से भी देश में पैसों से जुड़े कई बड़े नियम बदलने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम टैक्सपेयर्स, बैंक ग्राहकों, क्रेडिट कार्ड यूजर्स और पासपोर्ट के लिए अप्लाई करने वाले लोगों की जेब पर पड़ेगा।

एक तरफ जहां पासपोर्ट बनवाना अब काफी महंगा होने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ रिजर्व बैंक (RBI) बैंकों की मनमानी और गलत तरीके से प्रोडक्ट बेचने पर सख्त एक्शन की तैयारी में है। आइए समझते हैं कि 1 जुलाई से कौन से 6 बड़े वित्तीय बदलाव होने जा रहे हैं।

1. ITR Filing: आईटीआर दाखिल करने की डेडलाइन नजदीक

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। अगर आप इस डेडलाइन को मिस करते हैं, तो आपको न सिर्फ लेट फीस और पेनाल्टी भरनी होगी, बल्कि आप अपनी पसंद का टैक्स रिजीम चुनने और पुराने नुकसान को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का मौका भी गंवा बैठेंगे।

2. Aadhaar Update: आधार में ईमेल अपडेट कराना हुआ बिल्कुल फ्री

आधार कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। 1 जुलाई से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए रजिस्टर्ड ईमेल आईडी अपडेट करने की ₹75 की फीस को पूरी तरह माफ कर दिया है। यह विशेष सुविधा अगले 6 महीनों के लिए यानी 31 दिसंबर 2026 तक पूरी तरह मुफ्त रहेगी। आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, डिजिटल अपडेट को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।

3. Credit Card Rules: एसबीआई और एचडीएफसी कार्ड यूजर्स को झटका

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए 1 जुलाई से दो बड़े बदलाव हो रहे हैं:

SBI Card: एसबीआई कार्ड अपने कुछ चुनिंदा ‘PhonePe SBI Credit Cards’ जैसे- PURPLE और SELECT BLACK के लिए रिवॉर्ड पॉइंट्स प्रोग्राम में संशोधन कर रहा है। नए नियमों के तहत रिवॉर्ड पॉइंट अर्निंग की सीमा तय की जा रही है और कुछ ट्रांजैक्शंस को इस लिस्ट से बाहर किया जा रहा है।

HDFC Bank: एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड धारकों को अब हर तिमाही में 3 मुफ्त डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस तभी मिलेंगे, जब उन्होंने पिछली तिमाही में कम से कम ₹60000 खर्च किए हों। उदाहरण के लिए, जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में लाउंज का फायदा लेने के लिए आपको अप्रैल-जून 2026 के बीच ₹60000 खर्च करना जरूरी था।

4. Passport Fees: अब जेब करनी होगी ज्यादा ढीली, बढ़ गए दाम

अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो 1 जुलाई से आपको ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत फीस में बढ़ोतरी कर दी है:

सामान्य पासपोर्ट (36 पेज): इसकी फीस ₹1500 से बढ़कर अब ₹2500 हो गई है।

तत्काल पासपोर्ट (36 पेज): तत्काल पॉलिसी के तहत अब आपको ₹3500 की जगह ₹5000 देने होंगे।

60 पेज का पासपोर्ट: साधारण के लिए फीस ₹3500 और तत्काल के लिए ₹6000 तय की गई है।

5. RBI New Rules: बैंकों की मनमानी खत्म, ‘मिस-सेलिंग’ पर मिलेगा पूरा रिफंड

बैंक ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) 1 जुलाई 2026 से ‘रिस्पॉन्सिबल बिजनेस कंडक्ट’ के तहत नया सख्त ढांचा लागू कर रहा है। अक्सर बैंक कर्मचारी या एजेंट ग्राहकों को बिना बताए या गुमराह करके इंश्योरेंस पॉलिसी या अन्य फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स बेच देते थे।

नए नियम के मुताबिक, अगर मिस-सेलिंग साबित होती है, तो बैंक को ग्राहक का पूरा पैसा वापस करना होगा और साथ ही नुकसान के लिए मुआवजा भी देना होगा। इस नियम के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ग्राहकों को झांसा देने वाले ‘डार्क पैटर्न्स’ पर भी रोक लगेगी।

Kailash Mansarovar Yatra Advisory: कैलाश मानसरोवर यात्रा की बना रहे हैं योजना? पहले पढ़ लें ये जरूरी एडवाइजरी, नेपाल में फंसे कई भारतीय यात्री

Kailash Mansarovar Yatra Advisory: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने अहम एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने कहा है कि हाल के दिनों में नेपाल में कई भारतीय श्रद्धालु आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में फंस गए हैं। ऐसे मामलों में मंत्रालय को लगातार सहायता के अनुरोध मिल रहे हैं। जांच में सामने आया है कि ये यात्री निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से यात्रा पर निकले थे। लेकिन उनके पास चीन में एंट्री के लिए जरूरी परमिट और वीजा उपलब्ध नहीं थे। इसके कारण वे नेपाल से आगे की यात्रा नहीं कर सके।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालु भारत से यात्रा तभी शुरू करें, जब उनके पास चीन में एंट्री के लिए आवश्यक सभी दस्तावेज जैसे एंट्री परमिट और वीजा इत्यादि पूरी तरह स्वीकृत और उपलब्ध हों। केवल इस उम्मीद में यात्रा शुरू करना कि आगे चलकर परमिट या वीजा मिल जाएगा, यात्रियों के फंसने का कारण बन सकता है। मंत्रालय ने कहा कि केवल इस उम्मीद में यात्रा शुरू करना कि आगे चलकर परमिट या वीजा मिल जाएगा, यात्रियों के नेपाल या अन्य स्थानों पर फंसने की आशंका बढ़ा देता है।

अधिकृत टूर ऑपरेटर से ही करें यात्रा

विदेश मंत्रालय (MEA) ने यात्रियों को यह भी सलाह दी है कि वे कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए किसी भी निजी एजेंसी का चयन करने से पहले उसकी वैधता और सरकारी मान्यता की जांच अवश्य करें। केवल रजिस्टर्ड और अधिकृत टूर ऑपरेटर के माध्यम से ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

काठमांडू में फंसे 52 भारतीय श्रद्धालु

यह एडवाइजरी ऐसे समय आई है, जब कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले 52 भारतीय श्रद्धालु नेपाल की राजधानी काठमांडू में फंस गए हैं। जानकारी के अनुसार, उनके पास चीन में एंट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं होने के कारण उनकी यात्रा आगे नहीं बढ़ सकी। इसी वजह से MEA ने यात्रियों से अपील की है कि वे सभी आवश्यक यात्रा दस्तावेज प्राप्त किए बिना भारत से यात्रा शुरू न करें। अधूरे दस्तावेजों या बाद में अनुमति मिलने की उम्मीद में यात्रा शुरू करने से नेपाल में फंसने की आशंका बढ़ जाती है।

इस मामले को सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उठाया। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश मंत्रालय, नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और चीन स्थित भारतीय दूतावास से हस्तक्षेप कर श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और उनकी यात्रा सुचारु रूप से आगे बढ़ाने की अपील की है।

विदेश मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों को यह भी जर देकर सलाह दी है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने से पहले वे यह पक्का कर लें कि उनका टूर ऑपरेटर ठीक से रजिस्टर्ड और अधिकृत है या नहीं…। MEA ने बताया कि बिना चीन के आवश्यक वीज़ा और एंट्री परमिट के यात्रा शुरू करने वाले कई भारतीय नागरिक नेपाल में फंस गए हैं और सहायता मांग रहे हैं।

20 जून से फिर शुरू हुई है यात्रा

भारत और चीन के बीच लंबे अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू हुई है। 20 जून 2026 को पहला भारतीय जत्था नाथू ला दर्रे के रास्ते चीन में प्रवेश कर चुका है। इसके बाद से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में विदेश मंत्रालय की यह एडवाइजरी यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

श्रद्धालुओं के लिए MEA की सलाह

भारत से रवाना होने से पहले चीन का वैध वीजा और एंट्री परमिट प्राप्त कर लें।

सभी आवश्यक ट्रैवल डॉक्यूमेंट मिलने के बाद ही यात्रा शुरू करें।

केवल अधिकृत और रजिसटर्ड टूर ऑपरेटर के माध्यम से ही बुकिंग कराएं।

अधूरे दस्तावेजों के साथ यात्रा शुरू करने से नेपाल या अन्य स्थानों पर फंसने की स्थिति बन सकती है।

20 किलोग्राम सामान ले जाने की अनुमति

उत्तराखंड के पिथौरगढ़ जिला प्रशासन ने मंगलवार को बताया कि इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को चीन के क्षेत्र में प्रति व्यक्ति 20 किलोग्राम तक आवश्यक सामान ले जाने की अनुमति होगी। भारतीय क्षेत्र में तीर्थयात्रियों की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालने वाली कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के महाप्रबंधक मनीष कुमार सिंह ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने प्रत्येक जत्थे के लिए पांच किलोग्राम अतिरिक्त सामूहिक भार ले जाने की भी अनुमति प्रदान की है।

निगम के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक जत्थे के साथ पांच सदस्यीय सहयोगी दल रहेगा, जिसमें एक चिकित्सक और चार रसोइए शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि अगर यात्रा के दौरान साथ चल रहे चिकित्सक किसी तीर्थयात्री को स्वास्थ्य या अन्य कारणों से आगे यात्रा न करने की सलाह देते हैं, तो संबंधित तीर्थयात्री को उसी पड़ाव से वापस लौटना होगा।

उत्तराखड रूट से 30 जून को रवाना होगा पहला जत्था

अधिकारियों के अनुसार, तीर्थयात्रियों का पहला जत्था 30 जून को नई दिल्ली से रवाना होगा और पांच जुलाई को धारचूला स्थित आधार शिविर पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि तिब्बत में प्रवास के दौरान तीर्थयात्रियों को 20 विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक दवाएं साथ ले जाने की भी अनुमति होगी। निगम ने बताया कि विदेश मंत्रालय की चार सदस्यीय टीम के जल्द ही पिथौरागढ़ पहुंचकर भारतीय क्षेत्र में स्थापित ट्रांजिट शिविरों में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण करने की संभावना है।

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धारचूला स्थित निगम के आधार शिविर के प्रभारी धन सिंह ने बताया कि तीर्थयात्रियों के निजी सामान में आमतौर पर चावल, दाल, मसाले और अन्य सूखा राशन शामिल होता है। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद की ‘कैलाश मानसरोवर विकास समिति’ तीर्थयात्रियों को यह सामग्री उपलब्ध कराती है क्योंकि चीन के क्षेत्र में प्रवेश के बाद उन्हें भारतीय भोजन आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता।

SSC ASO LDCE Notification 2025: एएसओ और एलडीसीई के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, जानें कब तक कर सकेंगे आवेदन

SSC ASO LDCE Notification 2025: स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) द्वारा की जाने वाले भर्ती परीक्षाओं में हिस्सा लेने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। आयोग ने असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO)/ असिस्टेंट ग्रेड लिमिटेड डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (LDCE) 2025 के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बनने के इच्छुक उम्मीदवार एसएससी की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर मौजूद नोटिफिकेशन पढ़ सकते हैं। नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही आवेदन भी शुरू हो गए हैं।

इस भर्ती प्रक्रिया का मकसद केंद्रीय सचिवालय सेवा (CSS) और विदेश मंत्रालय (MEA) में 341 वैकेंसी भरना है। यह परीक्षा अगस्त 2026 में कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (ऑनलाइन) मोड में खास तौर पर दिल्ली-एनसीआर के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 16 जुलाई, 2026 को रात 11 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी अहम तारीखें

इच्छुक उम्मीदवार एसएससी द्वारा तय की गई ये जरूरी तारीखों पर नजर रख सकते हैं :

ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 16 जुलाई, 2026, रात 11 बजे तक है। विभागों के लिए प्रिंटेड आवेदन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 23 जुलाई, 2026, शाम 6 बजे तक है। विदेश में पोस्टेड या अंडमान और निकोबार आइलैंड और लक्षद्वीप में सेवा दे रहे उम्मीदवारों के लिए, प्रिंटेड एप्लीकेशन जमा करने की आखिरी तारीख 30 जुलाई, 2026 को शाम 6 बजे तक है।

एसएससी एएसओर/एलडीसीई 2025 के लिए आवेदन कैसे करें

एसएससी एएसओर/एलडीसीई 2025 भर्ती के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं :

  • ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं।
  • नए एसएससी पोर्टल पर वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें (अगर रजिस्टर्ड नहीं हैं)।
  • अपने रजिस्टर्ड क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।
  • एसएससी एएसओर/एलडीसीई 2025 एप्लीकेशन फॉर्म एक्सेस करें।
  • जरूरी डिटेल्स डालें।
  • जरूरी स्कैन किए गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • फॉर्म को आखिर में सबमिट करने से पहले डाली गई डिटेल्स को ध्यान से देखें।
  • कन्फर्मेशन पेज सबमिट करें और डाउनलोड करें।
  • सबमिट किए गए एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंटआउट लें।

कैंडिडेट ध्यान दें कि आवेदन फॉर्म को जरूरी दस्तावेजों के साथ, हेड ऑफ डिपार्टमेंट/हेड ऑफ ऑफिस के जरिए, तय डेडलाइन से पहले जमा करना होगा।

एसएससी एएसओर/एलडीसीई 2025 चयन प्रक्रिया

एसएससी एएसओर/एलडीसीई 2025 भर्ती प्रक्रिया के तहत चयन के दो चरण होंगे। पहला स्टेज कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (पेपर I और पेपर II) होगा, और दूसरा स्टेज एनुअल परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (APARs) का मूल्यांकन होगा। इसके बाद उम्मीदवार लिखित परीक्षा में मिले अंकों को एपीएआर मूल्यांकन स्कोर के साथ मिलाकर फाइनल मेरिट तैयार की जाएगी।

एसएससी एएसओर/एलडीसीई 2025 योग्यता का पैमाना

इस परीक्षा के लिए सिर्फ वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जो हिस्सा लेने वाली सेवाओं में काम कर रहे हैं। सीएसएस के लिए, कैंडिडेट्स को सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लेरिकल सर्विस के अपर-डिवीजन ग्रेड ऑफिसर होना चाहिए, जिनकी 1 जुलाई, 2025 तक कम से कम छह साल की अप्रूव्ड सर्विस हो।

एमईए से अपर डिवीजन क्लर्क ग्रेड में काम कर रहे उम्मीदवार ही आवेदन करने के योग्य हैं। उन्होंने जरूरी ट्रेनिंग प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरे किए हों, और उसी तारीख तक उनके पास कम से कम छह साल की सेवा स्वीकृत हो। इसके अलावा, सभी आवेदन संबंधित विभागाध्यक्षों के जरिए जमा करने होंगे, क्योंकि सही डिपार्टमेंटल चैनल से फॉरवर्ड नहीं की गई एप्लीकेशन एक्सेप्ट नहीं की जाएगी।

UPPSC PCS 2026 Notification: यूपीपीएससी में 500 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, आधिकारिक वेबसाइट पर इस तारीख तक करें अप्लाई

अमेरिका ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों पर हमला किया:ट्रम्प बोले- ईरान ने सीजफायर तोड़ा; एक दिन पहले कार्गो शिप पर ड्रोन अटैक हुआ था

अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर करीब एक घंटे तक हमला किया। अमेरिकी सेना ने मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने सीजफायर तोड़ा, इसलिए जवाबी कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, 25 जून को ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के कार्गो शिप एमवी एवर लवली पर ड्रोन हमला किया था। एयरस्ट्राइक से पहले ट्रम्प ने कहा, ‘उन्होंने कल एक नहीं, चार बार हमला किया।’ जब उनसे पूछा गया कि बातचीत जारी रहने के बावजूद हमला क्यों किया गया, तो उन्होंने कहा- ईरान थोड़ा अलग है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट ईरान के नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को उसके नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि यह सीजफायर का उल्लंघन नहीं, बल्कि सीजफायर मैनेजमेंट है। हिजबुल्लाह बोला- इजराइल बिना शर्त लेबनान छोड़े हिजबुल्लाह ने इजराइल से लेबनान से पूरी सेना वापस बुलाने की मांग की है। हिजबुल्लाह चीफ कासिम नईम ने कहा कि इजराइली सैनिकों को लेबनान की जमीन का एक-एक इंच खाली करना होगा। कासिम ने शुक्रवार को टीवी पर प्रसारित अपने संबोधन में यह बात कही। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इजराइल के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत एक और दिन के लिए बढ़ा दी गई है, ताकि किसी समझौते पर पहुंचा जा सके। हालांकि युद्धविराम लागू होने के बाद लेबनान पर इजराइल के हमले पहले के मुकाबले कम हुए हैं, लेकिन पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। इजराइल ने नबतियेह अल-फौका कस्बे पर हवाई हमला किया। इससे पहले मायफदून कस्बे पर हुए हमले में दो लोगों की मौत की खबर सामने आई। इसके अलावा इजराइली सेना ने दक्षिणी शहर मंसूरी में पर्चे गिराकर लोगों से इलाका खाली करने को कहा। यह जानकारी लेबनान के सरकारी मीडिया ने दी। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. NATO देशों पर ईरान का निशाना- ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल के हमले में साथ देने वाले NATO सदस्य देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन देशों को बताना चाहिए कि उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई का समर्थन क्यों किया। 2. होर्मुज में जहाज पर हमला, समुद्री सुरक्षा पर फिर संकट- ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियार से हमला हुआ। जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र ने 11 हजार नाविकों को निकालने का अभियान फिलहाल रोक दिया। 3. लेबनान में फिर बढ़ा तनाव- इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के अल-मंसूरी इलाके में लोगों को घर खाली करने की चेतावनी दी। वहीं, हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि इजराइल को लेबनान की पूरी जमीन से बिना शर्त हटना होगा और संगठन किसी भी हाल में इजराइल से रिश्ते सामान्य नहीं करेगा। 4. ईरान-अमेरिका समझौते की दिशा में बढ़ी बातचीत- अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता पूरी हुई। दोनों देशों ने चार संयुक्त कमेटियां बनाने और 60 दिन में अंतिम समझौते का रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई। रूस ने भी कहा कि अंतिम समझौता होने पर वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसका समर्थन करेगा। 5. परमाणु कार्यक्रम और तेल बाजार दोनों पर नजर- IAEA ने कहा कि उसकी टीम जल्द ही ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करेगी। दूसरी ओर, होर्मुज में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जबकि भारत ने कमर्शियल LPG की सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटाकर आपूर्ति सामान्य करने का फैसला लिया।

अमेरिका ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों पर हमला किया:ट्रम्प बोले- ईरान ने सीजफायर तोड़ा; एक दिन पहले कार्गो शिप पर ड्रोन अटैक हुआ था

अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर करीब एक घंटे तक हमले किए। अमेरिकी सेना ने मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने सीजफायर तोड़ा, इसलिए जवाबी कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, 25 जून को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के कार्गो शिप एमवी एवर लवली पर ड्रोन हमला किया था। एयरस्ट्राइक से पहले ट्रम्प ने कहा, ‘उन्होंने कल एक नहीं, चार बार हमला किया।’ ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को उसके नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि यह सीजफायर का उल्लंघन नहीं, बल्कि सीजफायर मैनेजमेंट है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. NATO देशों पर ईरान का निशाना- ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल के हमले में साथ देने वाले NATO सदस्य देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन देशों को बताना चाहिए कि उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई का समर्थन क्यों किया। 2. होर्मुज में जहाज पर हमला, समुद्री सुरक्षा पर फिर संकट- ओमान के तट के पास होर्मुज स्ट्रैट में एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियार से हमला हुआ। जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा, हालांकि, कोई हताहत नहीं हुआ। घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र ने 11 हजार नाविकों को निकालने का अभियान फिलहाल रोक दिया। 3. लेबनान में फिर बढ़ा तनाव- इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के अल-मंसूरी इलाके में लोगों को घर खाली करने की चेतावनी दी। वहीं, हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि इजराइल को लेबनान की पूरी जमीन से बिना शर्त हटना होगा और संगठन किसी भी हाल में इजराइल से रिश्ते सामान्य नहीं करेगा। 4. ईरान-अमेरिका समझौते की दिशा में बढ़ी बातचीत- अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता पूरी हुई। दोनों देशों ने चार संयुक्त कमेटियां बनाने और 60 दिन में अंतिम समझौते का रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई। रूस ने भी कहा कि अंतिम समझौता होने पर वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसका समर्थन करेगा। 5. परमाणु कार्यक्रम और तेल बाजार दोनों पर नजर- IAEA ने कहा कि उसकी टीम जल्द ही ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करेगी। दूसरी ओर, होर्मुज में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जबकि भारत ने कमर्शियल LPG की सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटाकर आपूर्ति सामान्य करने का फैसला लिया।

वर्ल्ड अपडेट्स:यूरोपीय संघ की बैठक में स्वीडन की मंत्री अपने 3 साल के बच्चे के साथ पहुंचीं

यूरोपीय संघ (EU) के जलवायु मंत्रियों की बैठक में गुरुवार को स्वीडन की जलवायु मंत्री रोमिना पूरमोख्तारी अपने 3 महीने के बेटे एडम को लेकर पहुंचीं। EU परिषद के अधिकारियों के मुताबिक, पहली बार किसी मंत्री स्तरीय बैठक में एक शिशु शामिल हुआ है। 30 साल की रोमिना ने कहा कि वह यह दिखाना चाहती थीं कि महिलाओं को मां बनने और करियर में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा तभी संभव है, जब परिवार और सरकारी नीतियों से पूरा सहयोग मिले। स्वीडन में दुनिया की सबसे उदार पेरेंटल लीव नीतियों में से एक है। वहां माता-पिता को कुल 16 महीने का सवेतन अवकाश मिलता है। इसमें से 90 दिन मां और 90 दिन पिता के लिए तय होते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… जापान की PM 1 जुलाई से भारत दौरे पर; पीएम मोदी के साथ बैठक होगी जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1 से 3 जुलाई तक भारत के दौरे पर रहेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर वह नई दिल्ली आएंगी और दोनों नेताओं के बीच 16वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर बैठक होगी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में व्यापार, निवेश, रक्षा समेत दोनों देशों के सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी। प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची का यह पहला भारत दौरा होगा। इससे पहले अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी जापान गए थे, जहां 15वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर बैठक आयोजित हुई थी।

ईरान बोला-NATO देशों ने जंग में अमेरिका का साथ दिया:इन्हें जवाबदेह ठहराया जाए; होर्मुज में जहाज पर हमला, पुल को नुकसान

ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हुए हमले में साथ देने वाले NATO मेंबर देशों को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोशल मीडिया पर कहा कि NATO चीफ मार्क रूट ने खुद माना है कि इटली और रोमानिया ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिका का साथ दिया था। बघेई ने कहा कि इन्हें अपने नागरिकों और पूरी दुनिया को बताना चाहिए कि उन्होंने अमेरिका और इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ इस कार्रवाई का समर्थन क्यों किया। होर्मुज स्ट्रेट में एक कॉमर्शियल जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल, यानी हमलावर हथियार से अटैक हुआ। ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस, यानी UKMTO ने इसकी जानकारी दी है। जहाज ओमान के तट के पास था, तभी प्रोजेक्टाइल जहाज के दाहिने हिस्से से टकराया। इस हमले में जहाज के ब्रिज, जहां से जहाज को कंट्रोल किया जाता है को नुकसान पहुंचा। जहाज के कप्तान ने बताया कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान ने होर्मुज में नए रूट पर आपत्ति जताई : ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नए समुद्री रास्ते, यानी इवैक्यूएशन लेन बनाने की बात कही गई थी। 2. होर्मुज को लेकर ईरान-अमेरिका आमने-सामने: ईरान ने कहा कि बिना नियम माने गुजरने वाले जहाजों पर कार्रवाई होगी। अमेरिका ने साफ किया कि होर्मुज पर किसी एक देश का नियंत्रण स्वीकार नहीं करेगा। 3. ट्रम्प ने युद्ध खर्च के लिए ₹8.3 लाख करोड़ मांगे: ट्रम्प सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर, यानी करीब ₹8.322 लाख करोड़ की अतिरिक्त फंडिंग मांगी। यह रकम युद्ध खर्च, सेना की तैयारी और हथियारों के भंडार के लिए इस्तेमाल होगी। 4. लेबनान में इजराइली हमले जारी: नाबातियेह के पास कार पर हमले में 3 लोगों की मौत हुई और 1 व्यक्ति घायल हुआ। इजराइली सेना ने हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। 5. ईरान ने अमेरिका विरोधी नारों पर रोक की खबर खारिज की: ईरान ने कहा कि ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे या अमेरिकी झंडा जलाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को गलत बताया। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

ईरान बोला-NATO देशों ने जंग में अमेरिका का साथ दिया:इन्हें जवाबदेह ठहराया जाए; होर्मुज में जहाज पर हमला, पुल को नुकसान

ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हुए हमले में साथ देने वाले NATO मेंबर देशों को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोशल मीडिया पर कहा कि NATO चीफ मार्क रूट ने खुद माना है कि इटली और रोमानिया ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिका का साथ दिया था। बघेई ने कहा कि इन्हें अपने नागरिकों और पूरी दुनिया को बताना चाहिए कि उन्होंने अमेरिका और इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ इस कार्रवाई का समर्थन क्यों किया। होर्मुज स्ट्रेट में एक कॉमर्शियल जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल, यानी हमलावर हथियार से अटैक हुआ। ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस, यानी UKMTO ने इसकी जानकारी दी है। जहाज ओमान के तट के पास था, तभी प्रोजेक्टाइल जहाज के दाहिने हिस्से से टकराया। इस हमले में जहाज के ब्रिज, जहां से जहाज को कंट्रोल किया जाता है को नुकसान पहुंचा। जहाज के कप्तान ने बताया कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान ने होर्मुज में नए रूट पर आपत्ति जताई : ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नए समुद्री रास्ते, यानी इवैक्यूएशन लेन बनाने की बात कही गई थी। 2. होर्मुज को लेकर ईरान-अमेरिका आमने-सामने: ईरान ने कहा कि बिना नियम माने गुजरने वाले जहाजों पर कार्रवाई होगी। अमेरिका ने साफ किया कि होर्मुज पर किसी एक देश का नियंत्रण स्वीकार नहीं करेगा। 3. ट्रम्प ने युद्ध खर्च के लिए ₹8.3 लाख करोड़ मांगे: ट्रम्प सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर, यानी करीब ₹8.322 लाख करोड़ की अतिरिक्त फंडिंग मांगी। यह रकम युद्ध खर्च, सेना की तैयारी और हथियारों के भंडार के लिए इस्तेमाल होगी। 4. लेबनान में इजराइली हमले जारी: नाबातियेह के पास कार पर हमले में 3 लोगों की मौत हुई और 1 व्यक्ति घायल हुआ। इजराइली सेना ने हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। 5. ईरान ने अमेरिका विरोधी नारों पर रोक की खबर खारिज की: ईरान ने कहा कि ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे या अमेरिकी झंडा जलाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को गलत बताया। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

Passport Fee Hike: 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा, सरकार ने बढ़ाई फीस; जानिए नए रेट

Passport Fee Hike: अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने या पुराना रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो आपको जेब ज्यादा ढीली करने के लिए तैयार रहना चाहिए। 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले से ज्यादा पैसे देने होंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट नियम, 1980 में बदलाव करते हुए नई फीस तय की है। नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी।

सरकार ने 20 जून को जारी अधिसूचना में बताया कि पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पासपोर्ट नियम, 1980 की Schedule-IV को भी नए शुल्क के साथ बदल दिया गया है।

नए पासपोर्ट के लिए कितनी फीस देनी होगी?

अगर आप 36 पेज वाला नया पासपोर्ट बनवाते हैं या उसे दोबारा जारी (Reissue) कराते हैं, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹2,500 फीस देनी होगी। पहले इसके लिए ₹1,500 लगते थे। अगर आप तत्काल (Tatkaal) सेवा चुनते हैं, तो अब ₹5,000 देने होंगे। पहले इसकी फीस ₹3,500 थी।

अगर आपको 60 पेज वाला पासपोर्ट चाहिए, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹3,500 फीस देनी होगी। पहले इसके लिए ₹2,000 लगते थे। वहीं, तत्काल सेवा के लिए अब ₹6,000 देने होंगे। पहले इसकी फीस ₹4,000 थी।

ये नई फीस बालिगों पर लागू होगी। इसके अलावा 15 से 18 साल के वे नाबालिग भी इसी श्रेणी में आएंगे, जो बालिग कैटेगरी में पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं।

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खोया या खराब पासपोर्ट बनवाना पड़ेगा महंगा

सबसे ज्यादा बढ़ोतरी खोए या खराब हुए पासपोर्ट के रीप्लेसमेंट की फीस में की गई है।

अगर 36 पेज वाला पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो नया पासपोर्ट बनवाने के लिए सामान्य प्रक्रिया में ₹5,000 और तत्काल सेवा में ₹7,500 देने होंगे।

अगर 60 पेज वाला पासपोर्ट रीप्लेस कराना है, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹6,000 और तत्काल सेवा में ₹8,500 खर्च होंगे। अगर किसी नाबालिग का 36 पेज वाला पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹4,250 और तत्काल सेवा में ₹6,750 फीस देनी होगी।

PCC और दूसरी सेवाओं की फीस भी बदली

पासपोर्ट से जुड़ी दूसरी सेवाएं भी महंगी हो गई हैं। पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन और दूसरे सर्टिफिकेट के लिए अब ₹750 फीस देनी होगी। वहीं, सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी बनवाने के लिए ₹1,000 देने होंगे।

अगर ये सेवाएं विदेश में ली जाती हैं, तो इमरजेंसी सर्टिफिकेट के लिए 15 अमेरिकी डॉलर और सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी के लिए 50 अमेरिकी डॉलर फीस देनी होगी। इन सेवाओं के लिए तत्काल (Tatkaal) सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।

इन्हें मिलेगी 10% तक की छूट

सरकार ने एक और राहत भी दी है। 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को नया पासपोर्ट बनवाने (फ्रेश आवेदन) पर फीस में 10% की छूट मिलेगी। हालांकि, यह छूट पासपोर्ट दोबारा जारी (री-इश्यू) कराने पर नहीं मिलेगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं है। यह एक यात्रा दस्तावेज है। इसका इस्तेमाल विदेश यात्रा करने और विदेश में धारक की पहचान साबित करने के लिए किया जाता है।

पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं

सरकार ने साफ किया है कि सिर्फ फीस बदली है। पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

बालिगों को जारी होने वाला पासपोर्ट पहले की तरह 10 साल तक वैध रहेगा। वहीं, नाबालिगों का पासपोर्ट 5 साल या 18 साल की उम्र पूरी होने तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा।

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Passport fees hiked: जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा! सरकार ने बढ़ाई फीस, जानिए नए रेट और नियम

Passport fees hiked: विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट शुल्क में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। भारत सरकार द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी। संशोधित नियमों के अनुसार 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाने और री-इश्यू कराने के लिए अधिक शुल्क देना होगा। 36 पेज के नए या री-इश्यू पासपोर्ट के लिए सामान्य कैटेगरी में ₹2,500 और तत्काल कैटेगरी में ₹5,000 शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, 60 पेज के पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क ₹3,500 और तत्काल शुल्क 6,000 रुपये होगा।

रिप्लेसमेंट पर सबसे अधिक बढ़ोतरी

खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट पर सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है। 36 पेज के पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट के लिए सामान्य कैटेगरी में ₹5,000 और तत्काल में ₹7,500 देने होंगे। इसके अलावा पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट और अन्य प्रमाणपत्रों के लिए ₹750 फीस तय किया गया है। नए शुल्क 1 जुलाई से पूरे देश में लागू होंगे।

नई दरों के तहत, एडल्ट कैटेगरी में अप्लाई करने वाले एडल्ट और 15-18 साल के नाबालिगों को नॉर्मल प्रोसेस के तहत नए 36-पेज के पासपोर्ट या री-इश्यू के लिए 2,500 रुपये देने होंगे। तत्काल कैटेगरी के तहत यह फीस बढ़कर 5,000 रुपये हो जाएगी।

60-पेज की पासपोर्ट

60-पेज की पासपोर्ट बुकलेट के लिए नॉर्मल कैटेगरी में 3,500 रुपये और तत्काल प्रोसेसिंग के तहत 6,000 रुपये की फीस लगेगी। सबसे अधिक बढ़ोतरी खोए या खराब हुए पासपोर्ट को बदलने पर की गई है। 36-पेज का रिप्लेसमेंट पासपोर्ट नॉर्मल प्रोसेसिंग के तहत 5,000 रुपये और तत्काल के तहत 7,500 रुपये का पड़ेगा। 60-पेज के रिप्लेसमेंट पासपोर्ट के लिए फीस नॉर्मल और तत्काल कैटेगरी के तहत क्रमशः 6,000 रुपये और 8,500 रुपये तय की गई है।

खोए या खराब हुए 36-पेज के पासपोर्ट

खोए या खराब हुए 36-पेज के पासपोर्ट को बदलने के लिए अप्लाई करने वाले नाबालिगों को नॉर्मल कैटेगरी के तहत 4,250 रुपये और तत्काल के तहत 6,750 रुपये देने होंगे। पासपोर्ट से जुड़ी अन्य सर्विस, जैसे पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट, सरेंडर सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन और दूसरे सर्टिफिकेट के लिए भारत में फीस 750 रुपये तय की गई है।

सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी की कीमत

पहचान के सर्टिफिकेट (सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी) की कीमत 1,000 रुपये होगी। विदेश में दी जाने वाली सेवाओं के लिए इमरजेंसी सर्टिफिकेट की कीमत 15 डॉलर होगी। जबकि पहचान प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी) की कीमत 50 USD होगी। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इन सेवाओं के लिए कोई तत्काल सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।

नए फीस स्ट्रक्चर पर एक नजर डालें

1. सामान्य और तत्काल पासपोर्ट (36 और 60 पेज) के रुल्स

36 पेज का नया/री-इश्यू पासपोर्ट (नॉर्मल): अब इसके लिए ₹2,500 देने होंगे।

36 पेज का पासपोर्ट (तत्काल): तत्काल स्कीम के तहत यह फीस ₹5,000 होगी।

60 पेज का पासपोर्ट (नॉर्मल): इसके लिए ₹3,500 की फीस तय की गई है।

60 पेज का पासपोर्ट (तत्काल): इसके लिए आपको ₹6,000 चुकाने होंगे।

2. पासपोर्ट खोने या खराब होने पर (रिप्लेसमेंट)

36 पेज का रिप्लेसमेंट (नॉर्मल): ₹5,000 की फीस लगेगी।

36 पेज का रिप्लेसमेंट (तत्काल): इसके लिए ₹7,500 देने होंगे।

60 पेज का रिप्लेसमेंट (नॉर्मल): इसकी फीस ₹6,000 तय की गई है।

60 पेज का रिप्लेसमेंट (तत्काल): इसके लिए सबसे ज्यादा ₹8,500 चुकाने होंगे।

3. अन्य जरूरी सेवाएं

पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) और सरेंडर सर्टिफिकेट जैसी अन्य मिसलेनियस सेवाओं के लिए भारत में ₹750 की फीस लगेगी।

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भारत से बाहर आपातकालीन सर्टिफिकेट (Emergency Certificate) के लिए 15 USD और आइडेंटिटी सर्टिफिकेट के लिए 50 USD की फीस तय की गई है।

वैलिडिटी (वैधता) के नियम

भारत सरकार ने साफ किया है कि वयस्कों (Adults) के लिए जारी किए गए पासपोर्ट 10 साल के लिए वैध रहेंगे। वहीं, नाबालिगों (Minors) के लिए जारी पासपोर्ट की वैधता 5 साल या उनके 18 वर्ष के होने तक (जो भी पहले हो) मान्य रहेगी।

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