West Bengal SIR: ‘क्या हम नए चुनाव कराने का निर्देश दे सकते हैं?’; बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल

West Bengal SIR: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) मामले की सुनवाई के दौरान एक अहम कानूनी सवाल उठाए। शीर्ष अदालत ने पूछा कि क्या न्यायपालिका नए चुनाव का आदेश दे सकती है, जब ऐसे दावे किए जा रहे हों कि कई विधानसभा क्षेत्रों में हटाए गए वोटरों की संख्या जीत के अंतर (victory margin) से ज्यादा थी। न्यूज 18 के मुताबिक, चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सदस्य की ओर से सीनियर एडवोकेट कल्याण बंदोपाध्याय द्वारा दायर याचिका पर विचार-विमर्श किया।

TMC याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुए, सीनियर एडवोकेट कल्याण बंदोपाध्याय ने 31 विधानसभा क्षेत्रों का ब्योरा पेश किया। इन क्षेत्रों में जीतने वाले BJP उम्मीदवारों की जीत का अंतर, SIR प्रक्रिया के दौरान हटाए गए कुल वोटरों की संख्या से कम था। एक विधानसभा क्षेत्र (AC-145) में हार का अंतर सिर्फ 401 वोट था। जबकि 8,785 वोटर हटाए गए थे। एक और सीट पर SIR के तहत बहुत ज्यादा वोटर हटाए जाने के बावजूद उम्मीदवार 316 वोटों से हार गया।

नतीजों पर असर

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि इतने बड़े पैमाने पर वोटर हटाने से चुनाव के नतीजों पर असर पड़ा। हजारों वैध नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया। सार्वजनिक डेटा की कमी: TMC के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि विधानसभा-वार अपील डेटा का हिसाब लगाना मुश्किल है क्योंकि भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने ये आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

इन दलीलों के जवाब में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत ने मौखिक रूप से टिप्पणी की, “आप इस पर याचिका दायर कर सकते हैं, लेकिन क्या कोर्ट इस तरह नए चुनाव का आदेश दे सकता है?” चीफ जस्टिस ने पूछा कि क्या प्रभावित उम्मीदवारों ने उन 31 विधानसभा क्षेत्रों में जीते हुए उम्मीदवारों को चुनौती देने के लिए औपचारिक चुनाव याचिकाएं दायर की थीं। इस पर वकील ने जवाब दिया कि कुछ सीटों पर चुनाव याचिकाएं दायर की गई थीं, लेकिन सभी पर नहीं। इस पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने इस बात पर जोर दिया कि यह पता लगाना जरूरी है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के बाद कितने लोगों ने असल में अपील दायर की थी।

देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि अगर नाम हटाए जाने वाले किसी वोटर ने अपील दायर किए बिना इसे स्वीकार कर लिया, तो उनकी ओर से नतीजों को चुनौती देना केवल सैद्धांतिक बात रह जाती है। हालांकि, अगर 100 लोगों के नाम हटाए गए, जीत का अंतर 50 था। हटाए गए वोटरों में से 60 या 70 ने अपील दायर की जो अभी भी लंबित है, तो नाम हटाने की इस प्रक्रिया को चुनौती देना एक अहम और बहुत जरूरी मामला बन जाता है।

लंबित अपील का आंकड़ा मांगा

इससे एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चुनाव आयोग (ECI) को पश्चिम बंगाल में SIR के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने या नाम शामिल किए जाने को चुनौती देने वाली विभिन्न अपील पर अधिकारियों द्वारा निपटाए गए मामलों और लंबित मामलों का आंकड़ा पेश करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि इन मामलों का समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना जरूरी है। पीठ ने निर्वाचन आयोग से यह बताने को कहा कि लंबित अपील के निपटारे की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को यह जानकारी नहीं मिल रही है कि न्यायाधिकरणों के समक्ष कितनी अपील लंबित हैं या कितनी अपील का निपटारा हो चुका है, क्योंकि यह जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। बनर्जी ने कहा कि नगर निकाय और पंचायत चुनाव होने वाले हैं। इस सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह मामले को केवल 31 विधानसभा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखेगा।

ये भी पढ़ें- Nepal Flood Video: नेपाल में अचानक आई बाढ़ में 291 विदेशी लापता, 105 भारतीय पर्यटक भी सैलाब में गायब

24 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने अपीलीय न्यायाधिकरणों को निर्देश दिया था कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ तत्काल सुनवाई की जरूरत साबित करने वाले मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जाए। करीब 60 लाख दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए पश्चिम बंगाल एवं पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखंड के करीब 700 न्यायिक अधिकारियों को तैनात किया गया था।

आज 65 Km/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं! यूपी संग इन 5 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दिया मौसम का ताजा अपडेट

IMD Weather Today: देश भर में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और मौसम विभाग ने आज यानी 16 अगस्त के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आज देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी सख्त रहेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत 5 प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही समुद्र तटों और खाड़ी क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे तटीय इलाकों में विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

मैदानी, पर्वतीय और तटीय इलाकों में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। देश के उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है, जिससे कई जगहों पर निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।

यूपी, उत्तराखंड और बंगाल समेत इन 5 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक आज उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन पांचों राज्यों में बारिश के उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन और आम नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।

इसके अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। आज हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं, बिजली गिरने की आशंका

बारिश के साथ-साथ आज कई राज्यों में मेघगर्जन और तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

इसके अलावा तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में भी बिजली कड़कने और बादल गरजने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचेगी हवाओं की रफ्तार, समुद्र में मौसम खराब

समुद्री और तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के कारण मौसम काफी खतरनाक बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम अरब सागर से लगे इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।

Clipboard07KGFTY

इसी तरह बंगाल की खाड़ी के भी कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो झोंकों के साथ 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुारियों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

ये भी पढ़ें- Asish Banerjee: बीरभूम में TMC दफ्तर में मृत पाए गए पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी, फंदे से लटका मिला शव

Asish Banerjee: बीरभूम में TMC दफ्तर में मृत पाए गए पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी, फंदे से लटका मिला शव

Asish Banerjee Found Dead: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यालय में रविवार (16 अगस्त) सुबह फंदे से लटका मिला। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामपुरहाट में बनर्जी के आवास के पास स्थित पार्टी कार्यालय से एक कथित ‘सुसाइड नोट’ भी बरामद हुआ है।

उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक बनर्जी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल, बंगाल के आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

‘मैं आपके साथ हूं’, TMC और उद्धव सेना के बागी सांसदों से बोले PM मोदी

संसद के मानसून सत्र के बीच दिल्ली में शुक्रवार की सुबह विपक्ष से अलग होकर NDA के साथ आए सांसदों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाश्ते पर मुलाकात की। इस मुलाकात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सांसदों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। जानकारी के अनुसार, संसद के मानसून सत्र के दौरान बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच विपक्ष छोड़कर एनडीए में आए नेताओं के स्वागत के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कहा, “आपके बारे में कौन क्या कह रहा है, इसकी चिंता मत कीजिए। घबराने की कोई जरूरत नहीं है, मैं आपके साथ हूं।”

पीएम मोदी की बैठक में क्या हुआ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस नाश्ता बैठक में करीब 45 सांसद शामिल हुए। इनमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर हाल ही में एनसीपीआई में शामिल हुए 20 सांसद, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के सात पूर्व सांसद (जिनमें से छह अब एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो चुके हैं), नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के 20 सांसद और अजित पवार गुट की एनसीपी के दो सांसद मौजूद थे। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के सांसदों से कहा कि वे लोगों के बीच अपनी मौजूदगी और संपर्क को और मजबूत करें। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की के लिए पश्चिम बंगाल का विकास भी बहुत जरूरी है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में हर सांसद को उनके सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़ाव से जुड़ी जानकारी का एक प्रिंटआउट दिया गया। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से कहा कि वे सोशल मीडिया के जरिए लोगों से ज्यादा से ज्यादा जुड़ें और अपनी पहुंच बढ़ाएं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “जब पश्चिम बंगाल आगे बढ़ता है, तो पूरा भारत आगे बढ़ता है।” उन्होंने सांसदों से कहा कि राज्य में विकास के लिए अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों के विकास पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए बेहतर सड़क, रेल और अन्य सुविधाओं के साथ तेज़ विकास पर काम करना होगा। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों को हर साल अपनी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बड़े काम करने हैं, इसलिए सभी का स्वस्थ और फिट रहना बहुत जरूरी है।

बैठक के दौरान चाय पर कुछ हल्के-फुल्के और मजेदार पल भी देखने को मिले। जब मेहमानों को माचा चाय परोसी गई, तो बीजेपी सांसद शताब्दी रॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके बारे में बताया और कहा कि यह चाय पश्चिम बंगाल में भी मिलती है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने फिर कहा कि पश्चिम बंगाल को एक बार फिर देश के विकास की ताकत बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब पहले बंगाल तरक्की करता था, तब पूरे देश को उसका फायदा मिलता था।

बातचीत के बीच माहौल उस समय और हल्का हो गया, जब वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने मजाक करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आसपास कई ऐसे नेता हैं, जो पहले फिल्म और टीवी की दुनिया में काम करते थे और अब राजनीति में हैं। इनमें शताब्दी रॉय, सयोनी घोष, जून मालिया और रचना बनर्जी के नाम शामिल हैं। उन्होंने हंसते हुए कहा कि इन सभी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रधानमंत्री को भी पूरी तरह फिट रहना होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के पूर्व सांसदों से मराठी में बातचीत की। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर आए नेताओं से भी उन्होंने गर्मजोशी से मुलाकात की। इससे इन नेताओं की अयोग्यता की आशंका और अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों की नाराज़गी जैसी चिंताएं काफी हद तक कम होती दिखीं। बैठक में इन नेताओं को खास महत्व भी दिया गया। एनसीपीआई की अध्यक्ष और मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) काकोली घोष दस्तीदार, जो कभी ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी रही हैं, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ सबसे आगे की पंक्ति में बैठने की जगह दी गई।

संसद में संख्या बढ़ाने पर बीजेपी का जोर

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संसद में अपने गठबंधन की ताकत बढ़ाने में जुटी है, ताकि उसे दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत मिल सके। यह बहुमत बड़े संवैधानिक संशोधन पास करने के लिए जरूरी माना जाता है। इनमें परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करने जैसे अहम विधेयक भी शामिल हैं। हालांकि, विपक्ष छोड़कर आए ज्यादातर सांसद इस बैठक में शामिल हुए, लेकिन मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद क्षेत्र से एनसीपीआई के तीन सांसद—अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान—एनडीए की बड़ी बैठक में नहीं पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने क्षेत्र के मतदाताओं की नाराज़गी और राजनीतिक माहौल को देखते हुए दूरी बनाए रखी। हालांकि, इन सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के साथ विकास कार्यों और अन्य मुद्दों पर अलग से चर्चा की।

Abhishek Banerjee: TMC में सियासी घमासान! बागी नेताओं को अभिषेक बनर्जी की खुली चुनौती, कर दी इस्तीफे की पेशकश

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने पार्टी छोड़ चुके नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्हें खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर ये नेता फिर से ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी में लौट आते हैं, तो वह खुद अपना पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। पार्टी में चल रही नाराज़गी पर बोलते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो लोग टीएमसी छोड़ चुके हैं और अब उन पर आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले ममता बनर्जी के पास वापस आना चाहिए।

अभिषेक बनर्जी ने दी ये चुनौती

अभिषेक बनर्जी ने कहा, “जो लोग पार्टी छोड़कर चले गए हैं और आज मेरे खिलाफ बोल रहे हैं या मुझ पर आरोप लगा रहे हैं, मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे ‘दीदी’ यानी ममता बनर्जी के नेतृत्व में वापस आ जाएं। अगर वे ऐसा करते हैं, तो मैं एक घंटे के भीतर पार्टी से इस्तीफा दे दूंगा।” अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि ये नेता वापस नहीं आएंगे, क्योंकि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ समझौता कर लिया है। उन्होंने कहा कि पहले पार्टी छोड़ो, फिर बागी गुट या भाजपा में शामिल हो जाओ और उसके बाद अभिषेक बनर्जी पर आरोप लगाओ, यही उनकी रणनीति है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी में बगावत की वजह वास्तव में वही हैं, तो बागी नेताओं के टीएमसी में लौटते ही वह 24 घंटे के भीतर अपना पद छोड़ देंगे।

टीएमसी में बढ़ी अंदरूनी कलह

अभिषेक बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई नेता और विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं। इन नेताओं ने ममता बनर्जी का साथ छोड़कर अलग गुटों का रुख किया है और पार्टी में चल रहे संकट के लिए अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है। टीएमसी छोड़ने या पार्टी से अलग होने वालों में सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बारिक जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा, करीब 19 से 20 सांसदों के एक बड़े गुट के भी पार्टी से अलग होने का दावा किया जा रहा है। इस गुट में काकोली घोष दस्तीदार, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बसुनिया, अरूप चक्रवर्ती, कालीपदा सोरेन, शताब्दी राय, जून मालिया, माला राय, यूसुफ पठान, रचना बनर्जी, बापी हलदर, मिताली बाग, खलीकुर रहमान, अबू ताहिर खान, असित मल, देव अधिकारी और पार्थ भौमिक शामिल बताए जा रहे हैं। खबरों के मुताबिक, यह गुट त्रिपुरा स्थित एनसीपी के एक धड़े में शामिल हो गया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को समर्थन देने की बात कही जा रही है।

नेताओं के इस्तीफे से बढ़ी मुश्किलें

हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली है। मदन मित्रा ने पार्टी के संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है और एक बागी गुट में शामिल हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है। मदन मित्रा ने अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में फैसले एक ही व्यक्ति के हाथ में केंद्रित हो गए हैं। उन्होंने इसे “हिटलर जैसी कार्यशैली” बताते हुए आरोप लगाया कि इससे पार्टी कमजोर हो रही है।

वहीं, सुखेंदु शेखर राय ने राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया। सुष्मिता देव ने भी राज्यसभा और पार्टी के सभी पद छोड़ दिए, जबकि प्रकाश चिक बारिक ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। बाद में ये तीनों नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। इधर, काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले एक अलग बागी गुट ने दावा किया है कि उसे करीब 19 सांसदों का समर्थन हासिल है। इस गुट ने यह भी संकेत दिया है कि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन कर सकता है।

ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका! राज्यसभा सांसद कोएल मल्लिक ने दिया इस्तीफा

TMC MP koel mallick resigns from rajyasabha

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गुरुवार को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। TMC की राज्यसभा सांसद कोएल मल्लिक ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

 

ममता ने 3 माह पहले ही अभिनेत्री कोएल को राज्यसभा सांसद बनाया था। कोयल मल्लिक पहली बार अप्रैल महीने में राज्यसभा के लिए चुनी गई थीं। उनके इस्तीफे के बाद संसद में ममता गुट के अब केवल 17 सांसद बचे हैं।

 

कोएल मल्लिक का इस्तीफा पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के पार्टी छोड़ने के एक दिन बाद आया है। मदन मित्रा बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के ऋतब्रत बनर्जी वाले गुट में शामिल हो गए थे।

 

उनसे पहले सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बारिक ने भी टीएमसी के साथ राज्यसभा से इस्तीफा दिया था। ये तीनों नेता बीजेपी में शामिल हो चुके हैं और राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन भी किया है।

 

कौन हैं कोयल मल्लिक?

बांग्ला फिल्मों के चर्चित अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी कोएल बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। 2003 में उन्होंने टॉलीवुड में एंट्री ली थी। अभिषेक बनर्जी की करीबी माने जाने वाली कोएल 2026 में ही तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई थी।

 

IMD की चेतावनी: 7 दिन यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश, 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव और 72 घंटों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी बढ़ाएगा आफत!

India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और व्यापक साप्ताहिक पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने एक बेहद मजबूत वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय 3 चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) की वजह से अगले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पूर्वी भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इसके अलावा अगले 72 घंटों के भीतर (19 जुलाई से) उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने जा रहा है। ये बारिश की रफ्तार को और तेज कर देगा। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और अगले 7 दिनों तक पश्चिम-मध्य व दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।

मौसम विभाग के वेदर बुलेटिन के आधार पर आइए जानते हैं पूरे हफ्ते (16 से 22 जुलाई तक) आपके राज्य के मौसम का पूरा हाल।

एक्टिव वेदर सिस्टम्स का विश्लेषण

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय वायुमंडल में कई ताकतवर वेदर सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं:-

वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल को पार करेगा। इसी सिस्टम से लेकर पूर्व-मध्य अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।

इसके अलावा अभी 3 चक्रवाती परिसंचरण एक्टिव हैं। पहला चक्रवाती सिस्टम जम्मू संभाग और उसके आस-पास के क्षेत्र में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर सक्रिय है। दूसरा चक्रवाती सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर निचले क्षोभमंडल स्तर पर बना हुआ है। तीसरा चक्रवाती सिस्टम दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के इलाके में मौजूद है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा के ऊपर भी एक लोअर ट्रॉपोस्फेरिक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। 19 जुलाई से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू करेगा। इससे पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम बदलेगा।

पूरे हफ्ते का राज्यवार वेदर फोरकास्ट और अलर्ट (16-22 जुलाई)

उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्य)

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16-17 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी लेकिन 18 से 22 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 17-18 जुलाई और 22 जुलाई को पूर्वी यूपी में भारी बारिश जबकि 19 से 21 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16-18 जुलाई तक छिटपुट बारिश के बाद 19 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 16 से 19 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है। इसके बाद 20 से 22 जुलाई के बीच मौसम करवट लेगा और व्यापक बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश होगी। यहां 16-17 जुलाई व 22 जुलाई को भारी बारिश और 18 से 21 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल में 18-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जिसमें 19-22 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट शामिल है।

जम्मू-कश्मीर में 18-22 जुलाई को भारी बारिश होगी। यहां 21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 16 से 22 जुलाई तक छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

ओडिशा में आज (16 जुलाई) कुछ स्थानों पर बहुत भारी से लेकर अत्यंत भारी मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी है। इसके बाद 16-18 जुलाई को व्यापक बारिश होगी और 18-20 जुलाई को फिर से भारी बारिश का दौर लौटेगा। 17 जुलाई को यहां बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 16-17 जुलाई और 21-22 जुलाई को भारी बारिश जबकि 18 से 20 जुलाई के दौरान बिहार में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। झारखंड में 16 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है जिसमें 16-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते भारी और व्यापक बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। उप-हिमालयी क्षेत्र में 18-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ)

छत्तीसगढ़ में 16 से 22 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 16 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 17-21 ⁠जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-22 जुलाई और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 20-22 जुलाई को व्यापक बारिश और 17-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अन्य राज्य)

असम और मेघालय में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश जारी रहेगी जिसमें 16 से 19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी पूरे हफ्ते व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश की चेतावनी है। अरुणाचल प्रदेश में 17-19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत

कोंकण और गोवा में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते व्यापक से बहुत व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा जिसमें 16 जुलाई को भारी बारिश शामिल है। गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट बारिश होगी। तटीय कर्नाटक में 17 से 22 जुलाई तक और केरल में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण के अन्य राज्यों (तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु) में पूरे हफ्ते केवल छिटपुट या बिखरी हुई बारिश ही देखने को मिलेगी।

आंधी-तूफान, बिजली और उमस भरी गर्मी का डबल अटैक

जम्मू-कश्मीर में 16-22 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। राजस्थान में 20-22 जुलाई को धूलभरी आंधी और बिजली चमकने की संभावना है। झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में भी 16-20 जुलाई के दौरान तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा में 16 जुलाई को और तमिलनाडु, पुडुचेरी में 16-17 जुलाई को लू जैसी स्थिति रहेगी। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में 16-18 जुलाई तक तथा उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी) व तेलंगाना में 16 जुलाई को अत्यधिक उमस और पसीने वाली गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी।

मछुआरों के लिए समंदर में नो-एंट्री की सलाह

खराब मौसम और तूफानी हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। 16 से 21 जुलाई के दौरान सोमालिया, ओमान के तटों और पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में जाने पर रोक है। गुजरात तट पर 18-21 जुलाई और उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 19-20 जुलाई तक मछुआरों को न जाने की हिदायत है।

16 से 18 जुलाई के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा तट और उत्तर व मध्य बंगाल की खाड़ी में जाने से बचें। अंडमान सागर में भी 16-17 जुलाई तक समंदर में उतरने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है।

ये भी पढ़ें- Koel Mallick Resign: ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका, अब TMC सांसद एवं बंगाली अभिनेत्री कोएल मलिक ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा

Koel Mallick Resign: ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका, अब TMC सांसद एवं बंगाली अभिनेत्री कोएल मलिक ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा

Koel Mallick Resign: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया है। हालांकि, इस्तीफे के पीछे की वजह को लेकर अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। कोएल मलिक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों की संख्या घटकर 9 रह गई है। इससे पहले भी पार्टी के कुछ सांसद विभिन्न कारणों से सदन की सदस्यता छोड़ चुके हैं।

कोयल मल्लिक का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है और राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में उनके इस फैसले को राजनीतिक हलकों में अहम माना जा रहा है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस इस्तीफे पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है कि पार्टी उनकी जगह किसे राज्यसभा भेजेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पार्टी इस मुद्दे पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर सकती है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि राज्यसभा सचिवालय इस्तीफा स्वीकार करने के बाद आगे की प्रक्रिया कब पूरी करता है। कोएल मलिक का असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है। वह कई बंगाली फिल्मों में काम कर चुकी हैं। खास बात यह है कि वह इसी साल अप्रैल में सांसद बनी थीं।

मदन मित्रा ने भी छो़ड़ा साथ

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले विधायक मदन मित्रा बुधवार को नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी गुट में शामिल हो गए। विधायक ने दावा किया कि उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी थी। कामरहाटी से विधायक मित्रा ने घोषणा की है कि वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की सभी राष्ट्रीय और संगठनात्मक समितियों से इस्तीफा दे रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक पद से भी तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है।

इस घटनाक्रम को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जो बीते कुछ महीने से अभूतपूर्व बगावत का सामना कर रहा है। उन्होंने घोषणा की है कि वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में अब कोई संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे। हालांकि, वह तृणमूल कांग्रेस के विधायक बने रहेंगे। पिछले कुछ महीनों से ऋतब्रत बनर्जी गुट ने पूर्व मुख्यमंत्री के नेतृत्व को लगातार चुनौती दी है।

मित्रा ने कहा कि गुट बदलने से पहले उन्होंने अपने फैसले के बारे में ममता बनर्जी को सूचित कर दिया था। मित्रा ने यह भी घोषणा की है कि वह 21 जुलाई को ऋतब्रत बनर्जी गुट द्वारा आयोजित किए जा रहे शहीद दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। बागी नेताओं ने एक समानांतर संगठनात्मक ढांचे की घोषणा की है। पार्टी मुख्यालय पर अपना नियंत्रण होने का दावा किया है। जबकि ममता बनर्जी गुट ने इन दावों को खारिज कर दिया है।

ये भी पढ़ें- काशी में NH-19 से रिंग रोड तक गंगा किनारे दौड़ेगी 6-लेन एलिवेटेड रोड, बनेगा 910 मीटर लंबा केबल-स्टेयड ब्रिज भी! ये रहा प्रोजेक्ट मैप

मित्रा के इस कदम को लेकर अटकलें मंगलवार रात से ही तेज हो गई थीं, जब उन्होंने बागी विधायक संदीपन साहा के आवास का दौरा किया था। मित्रा ने इस बात को खारिज किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के कारण उन्होंने गुट बदला। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा और तृणमूल कांग्रेस के पतन के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।

ममता बनर्जी को महाझटका! TMC के 12 और बैंक खाते सील, अब तक 1000 करोड़ रुपए लॉक

TMC bank accounts sealed: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा भूचाल आ चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसी (ED) का शिकंजा ऐसा कसा है कि पार्टी पूरी तरह लाचार नजर आ रही है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने टीएमसी के 12 और बैंक खातों को पूरी तरह फ्रीज कर दिया। कलकत्ता हाई कोर्ट से मिली मामूली राहत के अगले ही दिन हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब तक टीएमसी के कुल 15 बैंक खाते सील हो चुके हैं, जिनमें करीब 1,000 करोड़ रुपये फंसे होने का अनुमान है।

सरकारी और प्राइवेट बैंकों पर एक्शन

पुलिस के आला अफसरों के मुताबिक, जिन 12 नए खातों पर रोक लगाई गई है, वे अलग-अलग सरकारी और प्राइवेट बैंकों में फैले हुए हैं। पुलिस ने इन खातों को खोलने वालों की पूरी कुंडली और पिछले सभी लेन-देन (ट्रांजैक्शन हिस्ट्री) का ब्योरा बैंकों से तलब किया है। ALSO READ: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, ED ने फ्रीज किए 440 करोड़, क्या होगा TMC पर इसका असर

इससे पहले गुरुवार को ही कलकत्ता हाई कोर्ट ने टीएमसी को HDFC बैंक के तीन खातों से रोजमर्रा के दफ्तर के खर्चे, स्टाफ की सैलरी और कानूनी लड़ाई के लिए सीमित लेन-देन की इजाजत दी थी। इसके लिए रिटायर्ड जस्टिस सुब्रत तालुकदार को विशेष अधिकारी भी नियुक्त किया गया था। लेकिन पुलिस की इस नई कार्रवाई ने हाई कोर्ट से मिली राहत को पूरी तरह बेअसर कर दिया है।  ALSO READ: ममता बनर्जी ने संभाली TMC की कमान, बागी नेताओं को दी चुनौती, बोलीं- मुझे रोकना है तो मारना पड़ेगा…

 

इस पूरे विवाद की जड़ें हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों और पार्टी के भीतर मचे घमासान से जुड़ी हैं। विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद टीएमसी के भीतर अंतर्कलह चरम पर पहुंच गई। ममता बनर्जी के ही बागी विधायकों और सीनियर नेताओं ने बैंक प्रशासन से लिखित शिकायत कर दी कि संगठन में भारी विवाद है, इसलिए खातों से लेन-देन रोका जाए।

 

साइबर क्राइम सेल में FIR : बागी नेताओं ने बिधाननगर पुलिस के साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि इन खातों में जमा भारी-भरकम रकम के सोर्स (पूंजी का जरिया) संदिग्ध हैं। इस शिकायत के अगले ही दिन पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

क्या है पूरा मामला?

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत इन खातों को अटैच किया है। यह पूरी कार्रवाई एक प्राइवेट एविएशन कंपनी से जुड़े 160 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है। यह पूरा स्कैम एक 'एम्ब्रेयर बिजनेस जेट' और एक 'अगस्ता हेलीकॉप्टर' की रहस्यमयी खरीद-फरोख्त से जुड़ा हुआ है। टीएमसी ने शुक्रवार को दोबारा कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया और ईडी के इस फ्रीजिंग ऑर्डर को चुनौती दी है। पार्टी के सीनियर वकील किशोर दत्ता ने जस्टिस कृष्णा राव की अदालत से तुरंत सुनवाई की गुहार लगाई, जिस पर अब अदालत सोमवार को फैसला करेगी।

 

जिस रेप केस को लेकर फायर हैं ममता बनर्जी उसी पर सरकार को क्लीनचिट देती दिखीं कभी उनकी करीबी रहीं सयोनी घोष, ये सब कहा

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और हत्या के बाद पूरे राज्य के लोग गुस्से में हैं। दिल दहला देने वाले इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। वहीं अब इस मामले में पीड़ित परिवार से तृणमूल कांग्रेस की बागी सांसद सायोनी घोष भी पहुंचीं। बता दें कि, दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में हुई इस हृदयविदारक घटना सायोनी के अपने संसदीय क्षेत्र जादवपुर के अंतर्गत आता है। वहीं पीड़ित परिवार से मुलाकात की और इसके बाद उन्होंने जो कहा, वह उनके पुराने राजनीतिक स्टैंड से बिल्कुल उलट है।

घटना के बाद बंगाल में बवाल

सायनी घोष ने मंगलवार को आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच कराई जाएगी। जानकारी के अनुसार, 12 साल की एक बच्ची शनिवार को अचानक लापता हो गई थी। बाद में उसका शव एक तालाब से मिला। पुलिस का कहना है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या किए जाने का आरोप है। इस घटना के बाद इलाके में लोगों में भारी गुस्सा है और विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में चार आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

पीड़ित परिवार से मिली TMC की बागी सांसद सायोनी घोष

जाधवपुर से सांसद सायनी घोष ने कहा कि वह पीड़ित बच्ची के परिवार से मिली हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए। किसी भी बच्ची के साथ ऐसी घटना होती है तो उसका दर्द हर किसी को होता है। सायनी घोष ने कहा कि उनकी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मामले की निष्पक्ष, पूरी और गहराई से जांच कराएंगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने भी भरोसा दिया है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पहली नजर में भले ही इस मामले में दो, तीन या चार लोग शामिल दिख रहे हों, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा गिरोह होने की आशंका है। इसलिए जांच हर पहलू से की जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आए और भविष्य में बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सरकार का किया बचाव 

तृणमूल कांग्रेस की सांसद सायनी घोष ने कहा कि राज्य में नई सरकार बने अभी सिर्फ दो महीने ही हुए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल या कोई भी मुख्यमंत्री ऐसी घटनाएं नहीं चाहता। चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो, सबसे जरूरी बात यह है कि ऐसे मामलों में तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को इस मामले में सख्त कदम उठाने चाहिए और सभी दोषियों को सबसे कड़ी सजा, यानी फांसी की सजा दिलाने की कोशिश करनी चाहिए।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस की एक अन्य सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दर्दनाक मामला है। वह इस घटना की कड़ी निंदा करती हैं और पीड़ित परिवार के साथ खड़ी हैं। उन्होंने मांग की कि सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति भी गरमा गई है। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।

बीजेपी नेता केया घोष ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि दो आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी को भी पेश किया जाना है। केया घोष ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं और लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घटना वाले दिन पीड़िता के पिता की मुख्यमंत्री से बात हुई थी और उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया गया था।