Ameesha Patel: ‘हे भगवान….’, हार्दिक पांड्या संग नाम जुड़ने पर भड़की अमीषा पटेल

Ameesha Patel: हाल ही में अमीषा पटेल और क्रिकेटर हार्दिक पांड्या को मुंबई के ताज महल पैलेस में देखा गया। सोशल मीडिया पर उनकी बातचीत का एक वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो में ‘गदर’ एक्ट्रेस उन्हें अपने दोस्तों से मिलवाती हुई दिख रही हैं। एक X यूज़र ने यह क्लिप शेयर की और कहा कि उनकी बातचीत सिर्फ़ दोस्ती से कहीं ज़्यादा थी। अमीषा ने हार्दिक पांड्या के कंधे पर हाथ रखा था। अब अमीषा ने उस यूज़र को मजेदार जवाब दिया है और उस आम से हाव-भाव को रोमांस से जोड़ने के लिए उन पर तंज कसा है।

अमीषा पटेल ने हार्दिक पांड्या के साथ नाम जोड़े जाने पर यूज़र को आड़े हाथों लिया। X यूज़र ने अमीषा पटेल और हार्दिक पांड्या वाला वायरल वीडियो शेयर किया और लिखा, “बेंगलुरु के एक होटल में पार्टी के दौरान अमीषा पटेल ने जिस तरह हार्दिक पांड्या के कंधे पर हाथ रखा, उससे लगता है कि Reddit पर चल रही सारी अफ़वाहें सच हो रही हैं।”

अमीषा पटेल ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर X यूज़र की पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया और क्रिकेटर के साथ अपना नाम जोड़े जाने पर उन्हें खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने उस यूज़र की सोच पर तंज कसते हुए जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “बिल्कुल सही कहा। हे भगवान, तुम सही हो… सच में, जिस तरह से मेरा हाथ उन पर था, वह बहुत रोमांटिक था।”

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इसके बाद उन्होंने पोस्ट करने वाले व्यक्ति पर सीधा निशाना साधा। अमीषा ने लिखा, “मैं तुम्हें नहीं जानती, लेकिन पक्का तुम्हारी कोई दोस्त भी लड़की नहीं होगी। ऐसी चीज़ें पोस्ट करने से पहले तुम्हें किसी लड़की को दोस्त बनाना चाहिए…”

बता दें कि हार्दिक पांड्या मॉडल माहिका शर्मा को डेट कर रहे हैं। नताशा स्टेनकोविच से अलग होने के दो साल बाद, स्टार ऑलराउंडर माहिका के साथ रिश्ते में हैं । 10 अक्टूबर 2025 को, हार्दिक ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर माहिका के साथ बीच पर अपनी एक फ़ोटो शेयर की और अपने रिश्ते को ‘इंस्टा-ऑफिशियल’ कर दिया।

अमीषा पटेल का वर्क फ्रंट

2023 में, अमीषा ‘गदर 2’ के लिए सनी देओल के साथ फिर से जुड़ीं और बॉक्स ऑफ़िस पर इतिहास रच दिया। उन्होंने फ़िल्म में सकीना का अपना मशहूर किरदार फिर से निभाया। इस सीक्वल में उत्कर्ष शर्मा, सिमरत कौर, मनीष वाधवा और गौरव चोपड़ा ने भी अहम भूमिकाएँ निभाईं। मई में, अमीषा पटेल ने कन्फर्म किया कि ‘गदर 3’ पर काम चल रहा है।

Samay Raina: समय रैना ने वरुण धवन को ‘बॉर्डर 2’ के लिए किया ट्रोल, एक्टर ने दिया करारा जवाब

Samay Raina: समय रैना ने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के हालिया एपिसोड में वरुण धवन का मजाक उड़ाया और उन पर ‘बॉर्डर 2’ को बर्बाद करने का आरोप लगाया। यह सब तब शुरू हुआ जब एक कंटेस्टेंट ने जजों से 1 से 5 के बीच कोई नंबर चुनने को कहा। वरुण ने 1 चुना और कहा, “मुझे 1 पसंद है।”

समय ने एक्टर की बात बीच में काटी और उन पर तंज कसते हुए कहा, “फिर तुमने ‘बॉर्डर 2’ क्यों खराब की?” वरुण जोर-जोर से हंस पड़े, लेकिन उन्होंने फिल्म का बचाव किया और बताया कि फिल्म ने पैसे कमाए थे। उन्होंने कहा, “यार, वो फिल्म चली थी।” इसके बाद, समय ने वरुण से उनकी पिछली फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ का नाम बताने को कहा। स्टैंड-अप कॉमेडियन ने फिल्म के नाम को एक मजेदार मोड़ देते हुए कहा, “है पापा डायरेक्टर तो एक्टर तो होना ही है।”

‘बॉर्डर 2’ के बारे में

अनुराग सिंह द्वारा निर्देशित ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी, 2026 को रिलीज हुई। फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ हैं और यह 1997 की वॉर क्लासिक फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है। फिल्म को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है और इसे गुलशन कुमार और टी-सीरीज ने जेपी फिल्म्स के साथ मिलकर पेश किया है। फिल्म को मिले-जुले रिव्यू मिले और बॉक्स ऑफिस पर इसने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया। इसका लाइफटाइम कलेक्शन लगभग 465 करोड़ रुपये रहा।

वरुण धवन के IGL में आने पर समय का मजाक

शो के दौरान, समय रैना ने वरुण धवन पर एक और तंज कसा और याद दिलाया कि कैसे पिछले साल के विवाद के बाद आलिया भट्ट भी उनके शो में आई थीं। उन्होंने कहा, “FIR के बाद मुझे इतने बड़े स्टार्स मिले हैं – आलिया भट्ट और अब वरुण धवन, शो का स्तर गिरता जा रहा है।”

शेरोन वर्मा ने भी वरुण के पिछले एक बयान पर मजाक किया। उन्होंने कहा, “मैं आपकी बहुत बड़ी फैन हूं वरुण। मेरा पसंदीदा परफॉर्मेंस वो है जब आपने कहा था कि ‘दिलवाले’ फिल्म ‘इंसेप्शन’ जैसी है।” हालांकि, वरुण ने साफ किया कि उन्होंने यह बात मजाक में कही थी। इन सबके बीत बता दें कि राखी सावंत ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के आने वाले एपिसोड में जजों के पैनल में शामिल होंगी।

Awarapan 2 Budget vs Collection: 45 करोड़ के बजट में बनी ‘आवारापन 2’, इमरान हाशमी की फिल्म ने 3 गुना कमाया मुनाफा

Awarapan 2 Budget vs Collection: ‘आवारापन 2’ ठीक वही कर रही है, जिसकी उम्मीद इसके मेकर्स ने की थी – यानी लोगों को सिनेमाघरों तक वापस लाना। जबकि आपको जानकर हैरानी होगी कि रिलीज से पहले डिस्ट्रीब्यूटर्स ने इस फिल्म में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। इमरान हाशमी के लीड रोल वाली इस सीक्वल फिल्म ने शुरुआती दो दिनों में ही 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया था, जबकि प्रोड्यूसर विशेष भट्ट का कहना है कि टीम को इस प्रोजेक्ट में अपना पैसा लगाना पड़ा था।

कितना है फिल्म का बजट

जानकारी के मुताबिक फिल्म का बजट 30 से 45 करोड़ के बीच बताया जा रहा है। हालांकि ये आंकड़े ऑफिशियल नहीं हैं। फिल्म प्रोड्यूसर विशेष भट्ट ने बताया थी कि उनकी फिल्म पर कोई भरोसा नहीं कर रहा था। हर किसी को फिल्म के फ्लॉप हो जाने का डर सता रहा था। टीम को इस प्रोजेक्ट में अपना पैसा लगाना पड़ा था।

फिल्म ने कितनी कमाई की

2007 की फिल्म ‘आवारापन’ बेशक बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी, लेकिन इसका म्यूजिक और कहानी आज भी लोगों के जुबान पर चढ़े हैं। इसी का फायदा ‘आवारापन 2’ को पूरी तरह से मिला है। सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘आवारापन 2’ ने 21.50 करोड़ के नेट कलेक्शन के साथ ओपनिंग की थी। भारत में ग्रॉस कलेक्शन 25.80 करोड़ रुपये रहा था। जबकि वर्ल्डवाइड इस फिल्म ने 27.80 करोड़ से ओपनिंग की थी।

वहीं 8वें दिन फिल्म ने भारत में आठवें दिन 5.50 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। इसके साथ ही, फिल्म का घरेलू नेट कलेक्शन 119 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन अभी 141.87 करोड़ रुपये है। फ़िल्म विदेशों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। आठवें दिन, ‘आवारापन 2’ ने विदेशी बाजार में 1 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया, जिससे इसका इंटरनेशनल कलेक्शन 27.30 करोड़ रुपये हो गया। फ़िल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 169.17 करोड़ रुपये है, जो इसे 170 करोड़ रुपये के आंकड़े के करीब ले आया है।

पहले दिन का कलेक्शन-22 करोड़

दूसरे दिन का कलेक्शन-33.75 करोड़

तीसरे दिन का कलेक्शन-26 करोड़

चौथे दिन का कलेक्शन-9.25 करोड़

पांचवें दिन का कलेक्शन-9.75 करोड़

छठवें दिन का कलेक्शन-6.75 करोड़

सातवें दिन का कलेक्शन-6 करोड़

आठवें दिन का कलेक्शन-5.75 करोड़

India Net (Sacnilk): 119.00 crore

India Gross (Sacnilk): 142.21 cr

Worldwide Gross: 169.17 crore

कितना कमाया मुनाफा

‘आवारापन 2’ ने 45 करोड़ के बजट के मुकाबले 74 करोड़ से 78.87 करोड़ का नेट प्रॉफिट (164% से 175% रिटर्न) कमाया है, जो अपने एक बड़ा आंकड़ा है। फिल्म साल की तीसरी बिग ओपनर बनकर उभरी है। इससे पहले यशराज की ‘सैयारा’ और ‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर तूफान लाया था।

यह फ़िल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ से टक्कर के बावजूद अपनी जगह बनाए रखने में कामयाब रही। लेकिन रिलीज़ से पहले कहानी कुछ और ही थी। ‘ज़ूम’ के साथ एक इंटरव्यू में, विशेष भट्ट – जिन्होंने बिलाल सिद्दीकी के साथ मिलकर इस फ़िल्म की कहानी भी लिखी है – ने बताया कि डिस्ट्रीब्यूटर इस फ़िल्म को खरीदने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। उनके मुताबिक, दिलचस्पी न दिखाने की वजह से ही उन्हें नहीं लगता कि ‘आवारापन 2’ सिर्फ़ जल्दी पैसे कमाने के मकसद से बनाई गई फ़िल्म है।

उन्होंने कहा, “अगर आप ‘आवारापन’ जैसी फ़िल्में देखना चाहते हैं, तो आपको सिनेमाघरों में जाकर उन्हें सपोर्ट करना होगा। वरना मुझे कैसे पता चलेगा कि आपको इसमें दिलचस्पी है? अगर मुझे पता होगा, तो मैं भी अपनी मेहनत की कमाई लगाकर फ़िल्म बनाऊंगा ताकि पैसे कमा सकूं। मैं आपको बता दूं, ‘आवारापन 2’ सिर्फ़ पैसे कमाने के लिए बनाई गई फ़िल्म नहीं है।”

Sunny Deol: हम कलीग हैं दोस्त नहीं…, ‘डर’ के दौरान हुई लड़ाई के बाद शाहरुख खान संग अपने बॉन्ड पर बोले सनी देओल

Sunny Deol: ‘डर’ फिल्म की शूटिंग के दौरान सनी देओल और शाहरुख खान के बीच हुई अनबन किसी से छिपी नहीं है। दोनों एक्टर्स 1993 की इस फिल्म के क्लाइमेक्स को लेकर सहमत नहीं थे और सनी इतने गुस्से में थे कि उन्होंने अपनी जीन्स को अपने हाथों से ही फाड़ दिया था। उनकी लड़ाई इतनी जबरदस्त थी कि उन्होंने एक-दूसरे से बात करना बंद कर दिया था। 2023 में ‘गदर 2’ की सफलता के बाद ही वे फिर से दोस्त बने। सनी ने हाल ही में इस झगड़े के बारे में बात की और बताया कि क्या अब वे शाहरुख के दोस्त हैं।

सनी और शाहरुख की लड़ाई इनसिक्योरिटी की वजह से हुई…

शुभंकर मिश्रा के साथ बातचीत में सनी ने गुस्से में अपनी जींस फाड़ने की बात याद की। उन्होंने कहा कि वह खुद से नाराज हैं और उन्होंने कहा, “छोटी उम्र में मैं ये तो नहीं कहूंगा कि एक दूसरे से वो चीज नहीं होती है। वो होती है। मैं असुरक्षित व्यक्ति नहीं हूं, लेकिन असुरक्षा के कारण, कितने अभिनेता बहुत कुछ ऐसी चीजें कर जाते हैं जो उन्हें करने की कोई जरूरी नहीं है।”

सनी ने समझाया, “हम वही किरदार निभा सकते हैं जो हम हैं। उससे अलग कुछ नहीं बन सकते। लेकिन कई बार एक्टर्स असुरक्षित महसूस करते हैं और इस वजह से माहौल खराब हो जाता है। ऐसी चीजें हो जाती हैं, जिनकी कोई जरूरत नहीं थी। लेकिन यही तो फिल्म बनाने की सच्चाई है।”

शाहरुख खान साथी हैं, दोस्त नहीं- सनी देओल

जब उनसे पूछा गया कि क्या आज शाहरुख खान उनके दोस्त हैं, तो ‘बंटवारा 1947’ के एक्टर ने कहा, “उस समय भी हम दुश्मन तो नहीं थे। हां, दोस्त का मतलब है कि हम सब साथी (colleagues) हैं। फ़िल्म इंडस्ट्री में मैं कहूंगा कि हम सब साथी ज़्यादा हैं, बजाय इसके कि…” एक्टर ने कहा कि उनके असली दोस्त वे हैं, जो स्कूल के समय बने थे, न कि बॉलीवुड वाले, क्योंकि “दोस्ती वो होती है जहां आप पूरी तरह खुले और बेझिझक हों और ऐसी दोस्ती बचपन में ही होती है।”

सनी देओल और शाहरुख खान के बीच झगड़ा किस बात पर हुआ था?

सनी देओल और शाहरुख खान के बीच अनबन 1993 में शुरू हुई थी, जब वे अपनी फ़िल्म ‘डर’ की शूटिंग कर रहे थे। खबरों के मुताबिक भले ही सनी फिल्म के हीरो थे, लेकिन वे इस बात से खुश नहीं थे कि शाहरुख खान के विलेन वाले किरदार के मुकाबले उनके किरदार को कैसे दिखाया गया था। ‘डर’ के रिलीज होने के बाद, दोनों एक्टर्स ने 16 साल तक एक-दूसरे से बात नहीं की।

Sunny Deol: ‘मेरा जमीर नहीं मानता…’, पान-मसाला के एड ठुकराने पर बोले सनी देओल

Sunny Deol: सनी देओल ने साफ कर दिया है कि पान मसाला के विज्ञापन करना एक ऐसी कैटेगरी है जिसमें उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है। एक्टर का कहना है कि उन्हें ऐसे ऑफर मिले हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा उन्हें ठुकरा दिया है क्योंकि इस तरह के प्रोडक्ट का प्रमोशन करना उनकी अपनी सोच और मान्यताओं के खिलाफ है।

शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर बात करते हुए, सनी ने ब्रांड एंडोर्समेंट को लेकर अपने नजरिए के बारे में बताया और यह भी बताया कि क्यों कुछ बहुत फ़ायदेमंद ऑफ़र भी उन्हें पसंद नहीं आते। सनी देओल का कहना है कि वह कभी भी पान मसाला का विज्ञापन नहीं करेंगे।

जब उनसे खास तौर पर पान मसाला के विज्ञापनों से दूर रहने के बारे में पूछा गया, तो सनी ने कहा कि भविष्य में भी उनके इस रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कहा, “मैं पान मसाला के विज्ञापन नहीं करता और न ही कभी करूंगा। मैं ऐसी कोई चीज़ नहीं करूंगा। ऑफ़र तो आते हैं, लेकिन मैं नहीं करूंगा। मैं ऐसा कुछ नहीं करना चाहता जिसमें मेरा विश्वास न हो।”

एक्टर ने आगे कहा कि वह पान मसाला को प्रमोट करने लायक चीज़ नहीं मानते, जिससे ऐसे विज्ञापनों को लेकर उनका रुख बिल्कुल साफ़ हो गया है। सनी ने कहा, “मैं इन सब चीज़ों को नहीं मानता। मुझे नहीं लगता कि इसे बढ़ावा देना कोई अच्छी बात है।” एक्टर के मुताबिक, इसी सोच ने उनके कई दूसरे प्रोफेशनल फैसलों पर भी असर डाला है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई काम हैं जिन्हें उन्होंने सिर्फ़ इसलिए करने से मना कर दिया क्योंकि उनका ज़मीर उन्हें इसकी इजाजत नहीं देता था।

उन्होंने आगे कहा, “मैं कई काम इसलिए नहीं करता क्योंकि मेरा ज़मीर उन्हें मंज़ूरी नहीं देता, और जो काम करने होते हैं, उन्हें मैं कर लेता हूं।”बातचीत इस बात पर भी हुई कि एडवरटाइज़िंग की दुनिया में सनी कम ही नज़र आते हैं। जहां उनके साथ के कई कलाकार बड़े ब्रांड कैंपेन में लगातार दिखते हैं, वहीं सनी ने माना कि उन्हें खुद नहीं पता कि एडवरटाइज़र्स ने उनसे उतनी बार संपर्क क्यों नहीं किया।

उन्होंने कहा, “अगर मैं भारत का प्रतिनिधित्व करता हूं और बाकी चीज़ों का भी प्रतिनिधित्व करता हूं, तो भी किसी तरह ऐड मेरे पास नहीं आते। वे मेरे पास क्यों नहीं आते? मुझे कोई अंदाज़ा नहीं है।”सनी ने इस स्थिति की तुलना उस दौर से की जब उन्हें फ़िल्मों के ऑफ़र नहीं मिल रहे थे। उन्होंने कहा, “जैसे पहले फ़िल्में नहीं मिल रही थीं, वैसे ही विज्ञापनों के मामले में मुझे कुछ पता नहीं है।”

उनकी यह बात ऐसे समय में आई है जब बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़ के पान मसाला से जुड़े ब्रांड्स का प्रचार करने को लेकर फिर से चर्चा हो रही है। महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने हाल ही में शाहरुख़ ख़ान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ़ को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन में दिखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

फ़िल्मों की बात करें तो सनी अभी ‘बंटवारा 1947’ में नज़र आ रहे हैं। इसके अलावा, एक्टर नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में भी काम करने वाले हैं, जिसमें वे भगवान हनुमान का किरदार निभाएंगे।

Batwara 1947 Review: विभाजन के दर्द के बीच इंसानियत ने कायम कि मिसाल, सनी देओल की फिल्म ने जीता लोगों का दिल

Batwara 1947 Review: 1947 का विभाजन भारतीय इतिहास के सबसे दर्दनाक अध्यायों में से एक रहा है। इस विषय पर बनी फिल्मों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि कहानी कहीं धर्म, राजनीति और हिंसा के दायरे तक सीमित न रह जाए। Batwara 1947 की खासियत यह है कि राजकुमार संतोषी विभाजन की त्रासदी के बीच भी अपना ध्यान इंसान और उसके रिश्तों पर बनाए रखते हैं।

यह फिल्म सिर्फ भारत-पाकिस्तान की सीमा बनने की कहानी नहीं है, बल्कि उन लोगों की कहानी है जिनकी जिंदगी उस सीमा के साथ ही बदल गई। जो घर अपना था, वह अचानक पराया हो गया। जो पड़ोसी वर्षों से परिवार का हिस्सा था, वह धर्म के नाम पर अजनबी बना दिया गया। इसी माहौल में फिल्म इंसानियत का सबसे जरूरी सवाल सामने रखती है-क्या नफरत के दौर में भी इंसान दूसरे इंसान के लिए खड़ा हो सकता है?

सनी देओल के करियर का नया चैप्टर

सनी देओल के लिए ‘कमबैक’ शब्द पिछले कुछ समय से लगातार इस्तेमाल होता रहा है, लेकिन Batwara 1947 देखने के बाद लगता है कि यह सिर्फ वापसी नहीं, बल्कि उनके अभिनय के एक नए दौर की शुरुआत है। सिकंदर मिर्जा के किरदार में सनी देओल अपनी आवाज, व्यक्तित्व और गुस्से का प्रभावी इस्तेमाल करते हैं। हालांकि उनका सबसे असरदार अभिनय उन सीन्स में दिखाई देता है, जहां वह ऊंची आवाज में नहीं, बल्कि अपनी आंखों और भावनाओं से बात करते हैं।

सिकंदर का गुस्सा सिर्फ हिंसा के खिलाफ नहीं है, बल्कि उस इंसानियत के लिए है जो उसके आसपास खत्म होती जा रही है। एक बुजुर्ग हिंदू महिला को बचाने के लिए भीड़ के सामने खड़े होने वाला उसका किरदार फिल्म के मूल संदेश को मजबूती देता है।

शबाना आजमी का काम

शबाना आजमी की ‘माई’ इस कहानी का भावनात्मक केंद्र हैं। वह सिर्फ एक पीड़ित महिला नहीं हैं। उनके किरदार में आत्मसम्मान, जिद, हंसी, समझदारी और अपने घर से गहरा लगाव है। शबाना इस भूमिका को इतनी सहजता से निभाती हैं कि धीरे-धीरे माई किसी फिल्मी किरदार की बजाय अपने परिवार की किसी बुजुर्ग महिला जैसी महसूस होने लगती हैं। सनी देओल और शबाना आजमी के बीच का रिश्ता फिल्म का सबसे खूबसूरत हिस्सा है। धर्म की दीवारों के बीच पनपता मां-बेटे जैसा यह रिश्ता दिखाता है कि इंसानी रिश्ते किसी धर्म या सीमा के मोहताज नहीं होते।

करण देओल की एक्टिंग

सनी देओल के सामने स्क्रीन शेयर करना करण देओल के लिए आसान चुनौती नहीं थी। इसके बावजूद वह कई दृश्यों में आत्मविश्वास के साथ अपनी जगह बनाते हैं। उनकी संवाद अदायगी में विश्वास है और भावनात्मक तथा टकराव वाले दृश्यों में उनकी ऊर्जा दिखाई देती है। सबसे अच्छी बात यह है कि वह अपने पिता की शैली को दोहराने के बजाय अपने किरदार के लिए अलग अंदाज तलाशते हैं।

प्रीति जिंटा और अली फजल का प्रभाव

प्रीति जिंटा की वापसी फिल्म में सिर्फ नॉस्टैल्जिया नहीं जोड़ती, बल्कि कहानी के भावनात्मक पक्ष को मजबूती देती है। अली फजल अपने शांत और संवेदनशील अभिनय से फिल्म की तीव्रता के बीच कुछ सुकून भरे पल लेकर आते हैं। वहीं अभिमन्यु सिंह का याकूब पहलवान कट्टर सोच का प्रतिनिधित्व करता है, जहां इंसान की पहचान से पहले उसका धर्म देखा जाता है। पूरी सपोर्टिंग कास्ट मिलकर उस दौर के टूटते समाज की तस्वीर को विश्वसनीय बनाती है।

1947 का लाहौर दिखा पर्दे पर

फिल्म का प्रोडक्शन डिजाइन, सिनेमैटोग्राफी, कॉस्ट्यूम, लोकेशन और बैकग्राउंड स्कोर मिलकर 1947 के लाहौर का माहौल तैयार करते हैं। राजकुमार संतोषी मूल कहानी को सिर्फ मंचीय प्रस्तुति की तरह शूट नहीं करते, बल्कि उसे बड़े पर्दे के लिए विस्तार देते हैं। गलियां, घर, भीड़ और बदलता सामाजिक माहौल फिल्म को एक मजबूत सिनेमाई पहचान देते हैं। दूसरे हिस्से में कहानी का भावनात्मक असर और गहरा होता जाता है। क्लाइमैक्स के बारे में ज्यादा बताना उचित नहीं होगा, क्योंकि उसका प्रभाव तभी महसूस होगा जब दर्शक उसे खुद देखें।

Batwara 1947 की सबसे बड़ी सफलता यह है कि यह विभाजन की हिंसा दिखाते हुए भी नफरत को बढ़ावा नहीं देती। इसके बजाय यह इंसानियत को केंद्र में रखती है। फिल्म एक बेहद जरूरी सवाल छोड़ जाती है-जब पूरी दुनिया आपको किसी से नफरत करने की वजह दे रही हो, तब क्या आप फिर भी इंसानियत और प्रेम को चुन सकते हैं? सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी इस बार अपने गुस्से को ज्यादा संवेदनशील और परिपक्व रूप देती है। फिल्म का जवाब तलवार या हिंसा में नहीं, बल्कि रिश्तों और इंसानियत में मिलता है। हम फिल्म को 5 में से 4 स्टार रेटिंग देते हैं।