Q2 Results: स्टाफिंग कंपनी का प्रॉफिट 45% बढ़ा, शेयरहोल्डर्स के लिए 50% डिविडेंड का ऐलान

स्टाफिंग कंपनी क्वेस कॉर्प का प्रदर्शन सितंबर तिमाही में शानदार रहा। कंपनी ने शुक्रवार को नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 44.9 फीसदी बढ़कर 75 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 52 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ था।

रेवेन्यू में 14 फीसदी से ज्यादा उछाल

क्वेस कॉर्प का रेवेन्यू सितंबर तिमाही में 14.7 फीसदी बढ़कर 4,396 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 3,832 करोड़ रुपये था। सितंबर तिमाही मं कंपनी का EBITDA 11.6 फीसदी बढ़कर 86 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 77 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन सितंबर तिमाही में बगैर बदलाव के 2 फीसदी रहा।

प्रति शेयर 5 रुपये डिविडेंड का ऐलान

कंपनी ने शेयरहोल्डर्स के लिए प्रति शेयर 5 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया है। यह 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 50 फीसदी का डिविडेंड हुआ। यह डिविडेंड FY27 के लिए होगा। कंपनी ने डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट का भी ऐलान कर दिया है। रिकॉर्ड डेट 6 नवंबर, 2026 तय की गई है। इसका मतलब है कि जिन इनवेस्टर्स के डीमैट अकाउंट में इस साल 6 नवंब को क्वेस के शेयर होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

20 नवंबर तक हो जाएगा डिविडेंड का पेमेंट

कंपनी ने कहा है कि शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड का पेमेंट 20 नवंबर या इससे पहले कर दिया जाएगा। कंपनी ने सितंबर तिमाही में 471 करोड़ रुपये के नेट कैश की जानकारी दी है। कंपनी का 5,000 रुपये से ज्यादा का कैश कलेक्शन रहा है, जो किसी तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा है। FY27 की पहली छमाही में कंपनी का रेवेन्यू 8,578 करोड़ रुपये रहा। यह साल दर साल आधार पर 15 फीसदी ज्यादा है।

ओवरसीज बिजनेस का अच्छा प्रदर्शन 

कंपनी ने कहा है कि मिडिलईस्ट में टेंशन के बावजूद उसके ओवरसीज बिजनेस की रफ्तार अच्छी बनी रही। साल दर साल आधार पर इस बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ 10 फीसदी रही। EBITDA ग्रोथ साल दर साल आधार पर 23 फीसदी रही। इसमें मिडिलईस्ट में हाई मार्जिन का हाथ रहा। मलेशिया, सिंगापुर और फिलीपींस का भी रेवेन्यू ग्रोथ में हाथ रहा।

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इस साल 47 फीसदी चढ़ा है शेयर 

क्वेस कॉर्प का शेयर 30 अक्तूबर को 5.62 फीसदी गिरकर 306.30 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, इस साल इस शेयर का प्रदर्शन शानदार रहा है। इसके शेयर में इस दौरान 47 फीसदी से ज्यादा उछाल आया है। बीते छह महीनों में यह शेयर करीब 55 फीसदी चढ़ा है।

Jio Platforms Q2 Results :जियो प्लेटफॉर्म्स का मुनाफा 14% बढ़कर 8,389 करोड़ रुपए रहा, ARPU भी बढ़ा

Jio Platforms Q2 Results : हाल ही में बाजार में लिस्ट हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो प्लेटफॉर्म्स ने वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही (दूसरी तिमाही) के नतीजे जारी कर दिए है। इस तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स का नेट प्रॉफिट 14 प्रतिशत बढ़कर 8,389 करोड़ रुपये हो गया है,जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 7,379 करोड़ रुपये था।

चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में कंपनी की कंसोलीडेटेड कामकाजी आय बढ़कर 47,485 करोड़ रुपये रही है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 42,652 करोड़ रुपये थी। जियो प्लेटफॉर्म्स ने 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद अपने पहले तिमाही नतीजों जारी किए हैं।

दूसरी तिमाही में कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 36332 करोड़ रुपए से बढ़कर 40475 करोड़ रुपए पर रही है। फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों के लिए प्रमोशनल स्कीमों के दम पर दूसरी तिमाही में कंपनी का प्रति उपयोगकर्ता औसत रेवेन्यू (ARPU) सालाना आधार पर 3.5% बढ़कर 218.8 रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 211.4 रुपये था।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने कनेक्टिविटी (11%) और डिजिटल सर्विसेज (16%) दोनों क्षेत्रों में दोहरे अंकों की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी के EBITDA में सालाना आधार पर लगभग 17% की बढ़त हुई है। इसका मुख्य कारण रेवेन्यू में बढ़ोतरी और ऑपरेटिंग लीवरेज (मार्जिन में 250bps का सुधार) रहा।

कुल सब्सक्राइबर बेस 54.2 करोड़ से अधिक हुआ

वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (1H FY27) में 32,130 करोड़ रुपये का मजबूत FCF (EBITDA में से कैश केपेक्स घटाकर) जेनरेट हुआ है जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 98% अधिक है। इस तिमाही के दौरान, जियो प्लेटफॉर्म्स ने 30 करोड़ 5G मोबिलिटी और 3 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स के दो बड़े प्रतिमान बनाए है। कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 54.2 करोड़ से अधिक हो गया है। पिछले 12 महीनों में कंपनी के साथ 3.6 करोड़ नए सब्सक्राइबर्स जुड़े हैं।

खुल खर्च बढ़ा

सितंबर तिमाही में कुल खर्च बढ़कर 30,194 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 27,049 करोड़ रुपये था। डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन खर्च 6,675 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,611 करोड़ रुपये हो गए हैं। जबकि वित्त लागत 2,145 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,009 करोड़ रुपये हो गई है।

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम अंबानी ने कहा, “हम जियो प्लेटफॉर्म्स परिवार में अपने नए शेयरधारकों का दिल से स्वागत करते हैं, क्योंकि अब हम एक लिस्टेड कंपनी के रूप में एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। इस तिमाही के नतीजे हमारे 5G नेटवर्क की मजबूती और हमारी ब्रॉडबैंड व डिजिटल सेवाओं की बढ़ती पहुंच को दर्शाते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “पिछले एक दशक में जियो की सफलता की नींव अगली पीढ़ी की तकनीकों में समय से पहले निवेश करना रही है। हम सैटेलाइट कम्युनिकेशन, 6G इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और अपनी मुख्य वॉयस व डेटा सेवाओं में AI को शामिल करके अपनी क्षमताओं को और बढ़ाना जारी रखेंगे, ताकि हम अपने सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए दीर्घकालिक मूल्य (lasting value) बना सकें।”

शेयर की चाल पर एक नजर

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विसेज कंपनी, जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में बुधवार को बाजार में एंट्री के बाद से लगभग 28 प्रतिशत की तेजी आई है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी का शेयर BSE पर 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस से 27.89 प्रतिशत उछलकर 1,431.20 रुपये पर पहुंच गया। NSE पर, बाजार में एंट्री के बाद से यह शेयर 27.9 प्रतिशत बढ़कर 1,431.30 रुपये पर आ गया है। तीन दिनों में कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन 12,754.51 करोड़ रुपये बढ़कर 13,17,996.49 करोड़ रुपये हो गया है।

 

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

RIL Q2 Results: आज आएंगे रिलायंस इंडस्ट्रीज के सितंबर तिमाही के नतीजे, ₹21000 करोड़ से ज्यादा रह सकता है प्रॉफिट

RIL Q2 Results: रिलायंस इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन सितंबर तिमाही में जोरदार रह सकता है। इसमें स्ट्रॉन्ग रिफाइनिंग मार्जिन, टेलीकॉम बिजनेस से अच्छी कमाई और रिटेल बिजनेस के अच्छे प्रदर्शन का हाथ होगा। कंपनी आज यानी 30 अक्तूबर की शाम नतीजों का ऐलान करेगी। मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से आरआईएल देश की सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी के नतीजे आज शेयर बाजार बंद होने के बाद आएंगे। इससे शेयरों पर नतीजों का असर सोमवार यानी 3 नवंबर को दिखेगा।

कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21,368 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद

ब्लूमबर्ग के अनुमान के मुताबिक, सितंबर तिमाही में Reliance Industries का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21,368 करोड़ रुपये रह सकता है। एक साल पहली की समान अवधि में यह 22,092 करोड़ रुपये था। इस वित्त वर्ष की जून तिमाही में यह 20,946 करोड़ रुपये था। एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस का प्रॉफिट में बड़ा हाथ होगा।

O2C बिजनेस का रेवेन्यू 1.62 लाख करोड़ रुपये रह सकता है

ब्लूमबर्ग के अनुमान के मुताबिक, सितंबर तिमाही में आरआईएल के O2C बिजनेस का रेवेन्यू 1.62 लाख करोड़ रुपये और EBITDA 16,434 करोड़ रुपये रह सकती है। डिजिटल सर्विसेज बिजनेस का रेवेन्यू 41,213 करोड़ और EBITDA 18,848 करोड़ रुपये रह सकती है। ऑयल एंड गैस बिजनेस का रेवेन्यू 5,699 करोड़ रुपये और EBITDA 4,536 करोड़ रुपये रह सकती है।

ओ2सी बिजनेस को हाई रिफाइनिंग मार्जिन का मिलेगा फायदा

O2C बिजनेस को जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच सप्लाई पर दबाव और हाई रिफाइनिंग मार्जिन का फायदा मिलेगा। ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर के मुताबिक, सितंबर तिमाही में ब्रेंट क्रूड का औसत प्राइस 91.4 डॉलर प्रति बैरल रहा। कोटक सिक्योरिटीज का कहना है कि O2C बिजनेस की EBITDA साल दर साल आधार पर 47 फीसदी बढ़ सकती है। इसमें रिलायंस की स्पेशल इकोनॉमिक जोन रिफाइनरी की अर्निंग्स का बड़ा हाथ होगा।

जियो के सब्सक्राइबर्स की संख्या 54 करोड़ पार कर जाने की उम्मीद

रिलायंस जियो की अर्निंग्स की अच्छी ग्रोथ जारी रहने की संभावना है। कंपनी को सब्सक्राइबर्स की बढ़ती संख्या और प्रति यूजर ज्यादा रेवेन्यू (ARPU) का सपोर्ट मिलेगा। यस सिक्योरिटीज ने सितंबर तिमाही में जियो का ARPU 216.5 रुपये रहने का अनुमान जताया है। दूसरी तिमाही में कंपनी के सब्सक्राइबर्स की कुल संख्या बढ़कर 54.03 करोड़ पहुंच जाने का अनुमान है।

रिटेल बिजनेस का रेवेन्यू  92,700 करोड़ रुपये रह सकता है

यस सिक्योरिटीज ने रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 92,700 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। यह साल दर साल आधार पर 2.4 फीसदी की ग्रोथ होगी। EBITDA मार्जिन करीब 7 फीसदी रह सकता है। कोटक सिक्योरिटीज ने रिलायंस रिटेल की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 11.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, उसने EBITDA में 0.8 फीसदी कमी का अनुमान जताया है।

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ऑयल एंड गैस बिजनेस पर दिख सकता है दबाव

रिलायंस के अपस्ट्रीम ऑयल एंड गैस बिजनेस पर दबाव दिख सकता है। कोटक सिक्योरिटीज ने इस बिजनेस की EBITDA में साल दर साल आधार पर 7.2 फीसदी कमी का अनुमान जताया है। नुवामा ने भी EBITDA में 6 फीसदी कमी की आशंका जताई है। इनवेस्टर्स की नजरें प्रोडक्शन ट्रेंड्स, क्रूड प्राइसेज और गैस रियलाइजेशन पर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर होंगी। RIL का शेयर 30 अक्तूबर को 11:40 बजे 0.27 फीसदी गिरकर 1,164.20 रुपये पर चल रहा था।

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Q2 Results: SC एग्रोटेक का मुनाफा बढ़कर ₹10.21 करोड़ हुआ, रेवेन्यू में भी तगड़ा उछाल

Q2 Results: SC एग्रोटेक लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 48 गुना बढ़कर ₹10.21 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹21.21 लाख का मुनाफा हुआ था। वहीं, रेवेन्यू भी 9 गुना से ज्यादा बढ़ा है।

कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, कारोबार और मुनाफे दोनों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।

रेवेन्यू बढ़कर ₹45.26 करोड़ पहुंचा

SC एग्रोटेक का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में बढ़कर ₹45.26 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹5.02 करोड़ था। इस तरह रेवेन्यू में सालाना आधार पर करीब 802% की बढ़ोतरी हुई।

कंपनी के मुनाफे में भी तेज उछाल आया। टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) पिछले साल के ₹28.31 लाख से बढ़कर ₹13.67 करोड़ हो गया। वहीं, नेट प्रॉफिट ₹21.21 लाख से बढ़कर ₹10.21 करोड़ पहुंच गया। कंपनी के मुताबिक, कारोबार में आई तेजी के साथ मुनाफे में भी बड़ा सुधार हुआ है।

पिछली तिमाही के मुकाबले भी बढ़ा मुनाफा

कंपनी ने पहली तिमाही में भी अच्छा प्रदर्शन किया था। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में उसका रेवेन्यू ₹37.85 करोड़ रहा था। दूसरी तिमाही में यह बढ़कर ₹45.26 करोड़ हो गया। यानी तिमाही-दर-तिमाही आधार पर इसमें करीब 19.6% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, नेट प्रॉफिट भी ₹9.56 करोड़ से बढ़कर ₹10.21 करोड़ पहुंच गया।

छह महीने में ₹19.77 करोड़ का नेट प्रॉफिट

वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी का प्रदर्शन और बेहतर रहा। अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹83.11 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह ₹7.15 करोड़ था। इस तरह इसमें करीब 1,062% की बढ़ोतरी हुई।

पहली छमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹19.77 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹23.17 लाख था। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, इसमें करीब 8,432% की बढ़ोतरी हुई है।

नेट प्रॉफिट मार्जिन 23.8% रहा

कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी का असर उसके मार्जिन पर भी दिखा। दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट मार्जिन करीब 22.6% रहा। वहीं, पहली छमाही के दौरान यह लगभग 23.8% था। इसके अलावा, कंपनी की कुल शेयरधारक इक्विटी भी बढ़ी है। 31 मार्च 2026 को यह करीब ₹118.03 करोड़ थी, जो 30 सितंबर 2026 तक बढ़कर ₹137.80 करोड़ हो गई।

हालांकि, कंपनी के मुनाफे और रेवेन्यू में दर्ज हुई बहुत बड़ी प्रतिशत वृद्धि को समझते समय पिछले साल के कम आधार को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

Q2 Results: डिफेंस और एयरोस्पेस कंपनी का मुनाफा 1310% उछला, रेवेन्यू करीब 3 गुना बढ़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।