Reliance Retail Q2 Results: रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 6.4% बढ़ा, 303 नए स्टोर खुले

Reliance Retail Q2 Results: रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) ने अपने कुल आय (ग्रॉस रेवेन्यू) में सालाना आधार पर 6.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की है। जुलाई-सितंबर तिमाही (दूसरी तिमाही) में कंपनी की कुल आय 91,716 करोड़ रुपये रही है। इस आंकड़े में ‘कंज्यूमर ब्रांड्स’ कारोबार के अलग होने (डीमर्जर) के असर को एडजस्ट किया गया है। इस बार त्योहारों का सीजन खिसककर दिसंबर तिमाही में आ गया था। इसके चलते भी कंपनी के प्रदर्शन पर असर पड़ा है।

मार्जिन पर दिखा दबाव

एक बार लगने वाले इम्पेयरमेंट चार्ज से पहले, EBITDA 6,228 करोड़ रुपये रहा। मार्जिन 7.8 प्रतिशत पर रहा। मार्जिन में 120 बेसिस पॉइंट की गिरावट के पीछे कई कारण रहे। इसमें त्योहारी सीजन का समय में बदलाव, लागत में बढ़ोतरी का असर और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) तथा डिजिटल कॉमर्स ऑपरेशंस को बढ़ाने के लिए लगातार किया जा रहा निवेश शामिल हैं।

रिलायंस रिटेल ने इस तिमाही में 303 स्टोर खोले

रिलायंस रिटेल ने इस तिमाही के दौरान 303 स्टोर खोले, जिससे इसके कुल स्टोरों की संख्या 19,947 हो गई। इसका ऑपरेटिंग एरिया 77.5 मिलियन वर्ग फुट रहा। बड़े त्योहारों के तीसरी तिमाही में खिसक जाने के बावजूद, सालाना आधार पर ट्रांजैक्शन में 7 प्रतिशत की बढ़त हुई।

Reliance Industries को सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा, प्रॉफिट 34% बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये

किराना सेगमेंट में ‘लाइक-फॉर-लाइक’ ग्रोथ 3% रही

किराना सेगमेंट में ‘लाइक-फॉर-लाइक’ ग्रोथ 3 प्रतिशत रही। इस अवधि में कंपनी ने AI-आधारित ऑर्डरिंग सुविधा के साथ अपना ‘स्मार्ट 2.0’ फॉर्मेट लॉन्च किया। दूसरी तिमाही में बिजनेस-टू-बिजनेस रेवेन्यू में 10 प्रतिशत की ग्रोथ देखने को मिली। जियोमार्ट (JioMart) के रेवेन्यू में 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण प्रति ऑर्डर औसत वैल्यू का बढ़ना और प्रति ऑर्डर यूनिट्स की संख्या में 24 प्रतिशत की बढ़त होना रहा। जियोमार्ट नेटवर्क 1,000 से ज्यादा शहरों में फैलकर 5,000 से ज्यादा स्टोर्स तक पहुंच गया है।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में भी दिखी अच्छी ग्रोथ

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट ने मोबाइल, लैपटॉप और आईटी उपकरणों और दूसरे अप्लायंसेज के दम पर 8 फीसदी की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ दर्ज की है। फैशन और लाइफ स्टाइल में 3 प्रतिशत की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ देखने को मिली है। जबकि AJIO की लिस्ट में 23 फीसदी की बढ़त के साथ 33 लाख विकल्प हो गए है। रिलायंस रिटेल ने फ़ेबलटिक्स भी लॉन्च किया और SKIMS के साथ एक खास करार भी किया है।

Jio Platforms Q2 Results :जियो प्लेटफॉर्म्स का मुनाफा 14% बढ़कर 8,389 करोड़ रुपए रहा, ARPU भी बढ़ा

परिणामों पर टिप्पणी करते हुए,रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, मुकेश डी. अंबानी ने कहा “यह सप्ताह रिलायंस की वैल्यू क्रिएशन यात्रा में एक ऐतिहासिक हफ्ता रहा, जिसमें जियो की भारतीय शेयर बाजारों में रिकॉर्ड-तोड़ लिस्टिंग हुई। 22 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत में शानदार उछाल के साथ, इस इश्यू ने कई ग्लोबल मानक स्थापित किए हैं। जेपीएल (JPL) अब भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। यह दिखाता है कि निवेशकों को जियो की मजबूत नींव और विकास की प्रबल संभावनाओं पर कितना गहरा भरोसा है। मुझे इस बात पर गर्व है कि मैं ‘इक्विटी कल्चर’ को फिर से फलते-फूलते देख रहा हूं, जिसकी शुरुआत हमारे संस्थापक-चेयरमैन ने 1977 में रिलायंस के आईपीओ (IPO) के समय की थी।”

रिलायंस रिटेल के लिए यह तिमाही मजबूत रही। इसके सभी फॉर्मेट और चैनल में ग्रोथ बनी रही। कंज्यूमर डिमांड अच्छी रही,जिसे हमारी बड़ी फिजिकल और डिजिटल मौजूदगी और भारतीय कंज्यूमर की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने पर हमारे लगातार फोकस से सपोर्ट मिला। हमारे कंज्यूमर प्रोडक्ट्स बिजनेस ने अपनी ग्रोथ की रफ़्तार बनाए रखी और FMCG ब्रांड पोर्टफोलियो ने भारतीय कंज्यूमर के बीच और जगह बनाई। हमारे डिसिप्लिन्ड कैपिटल एलोकेशन ने ऐसे बिजनेस बनाने में मदद की है जो सस्टेनेबल कैश-फ्लो देते हैं और और जो भारत की ऊर्जा अत्मनिर्भरता और तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।”

 

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

Jio Platforms Q2 Results :जियो प्लेटफॉर्म्स का मुनाफा 14% बढ़कर 8,389 करोड़ रुपए रहा, ARPU भी बढ़ा

Jio Platforms Q2 Results : हाल ही में बाजार में लिस्ट हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो प्लेटफॉर्म्स ने वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही (दूसरी तिमाही) के नतीजे जारी कर दिए है। इस तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स का नेट प्रॉफिट 14 प्रतिशत बढ़कर 8,389 करोड़ रुपये हो गया है,जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 7,379 करोड़ रुपये था।

चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में कंपनी की कंसोलीडेटेड कामकाजी आय बढ़कर 47,485 करोड़ रुपये रही है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 42,652 करोड़ रुपये थी। जियो प्लेटफॉर्म्स ने 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद अपने पहले तिमाही नतीजों जारी किए हैं।

दूसरी तिमाही में कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 36332 करोड़ रुपए से बढ़कर 40475 करोड़ रुपए पर रही है। फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों के लिए प्रमोशनल स्कीमों के दम पर दूसरी तिमाही में कंपनी का प्रति उपयोगकर्ता औसत रेवेन्यू (ARPU) सालाना आधार पर 3.5% बढ़कर 218.8 रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 211.4 रुपये था।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने कनेक्टिविटी (11%) और डिजिटल सर्विसेज (16%) दोनों क्षेत्रों में दोहरे अंकों की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी के EBITDA में सालाना आधार पर लगभग 17% की बढ़त हुई है। इसका मुख्य कारण रेवेन्यू में बढ़ोतरी और ऑपरेटिंग लीवरेज (मार्जिन में 250bps का सुधार) रहा।

कुल सब्सक्राइबर बेस 54.2 करोड़ से अधिक हुआ

वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (1H FY27) में 32,130 करोड़ रुपये का मजबूत FCF (EBITDA में से कैश केपेक्स घटाकर) जेनरेट हुआ है जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 98% अधिक है। इस तिमाही के दौरान, जियो प्लेटफॉर्म्स ने 30 करोड़ 5G मोबिलिटी और 3 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स के दो बड़े प्रतिमान बनाए है। कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 54.2 करोड़ से अधिक हो गया है। पिछले 12 महीनों में कंपनी के साथ 3.6 करोड़ नए सब्सक्राइबर्स जुड़े हैं।

खुल खर्च बढ़ा

सितंबर तिमाही में कुल खर्च बढ़कर 30,194 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 27,049 करोड़ रुपये था। डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन खर्च 6,675 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,611 करोड़ रुपये हो गए हैं। जबकि वित्त लागत 2,145 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,009 करोड़ रुपये हो गई है।

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम अंबानी ने कहा, “हम जियो प्लेटफॉर्म्स परिवार में अपने नए शेयरधारकों का दिल से स्वागत करते हैं, क्योंकि अब हम एक लिस्टेड कंपनी के रूप में एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। इस तिमाही के नतीजे हमारे 5G नेटवर्क की मजबूती और हमारी ब्रॉडबैंड व डिजिटल सेवाओं की बढ़ती पहुंच को दर्शाते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “पिछले एक दशक में जियो की सफलता की नींव अगली पीढ़ी की तकनीकों में समय से पहले निवेश करना रही है। हम सैटेलाइट कम्युनिकेशन, 6G इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और अपनी मुख्य वॉयस व डेटा सेवाओं में AI को शामिल करके अपनी क्षमताओं को और बढ़ाना जारी रखेंगे, ताकि हम अपने सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए दीर्घकालिक मूल्य (lasting value) बना सकें।”

शेयर की चाल पर एक नजर

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विसेज कंपनी, जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में बुधवार को बाजार में एंट्री के बाद से लगभग 28 प्रतिशत की तेजी आई है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी का शेयर BSE पर 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस से 27.89 प्रतिशत उछलकर 1,431.20 रुपये पर पहुंच गया। NSE पर, बाजार में एंट्री के बाद से यह शेयर 27.9 प्रतिशत बढ़कर 1,431.30 रुपये पर आ गया है। तीन दिनों में कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन 12,754.51 करोड़ रुपये बढ़कर 13,17,996.49 करोड़ रुपये हो गया है।

 

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

RIL Q2 Results: आज आएंगे रिलायंस इंडस्ट्रीज के सितंबर तिमाही के नतीजे, ₹21000 करोड़ से ज्यादा रह सकता है प्रॉफिट

RIL Q2 Results: रिलायंस इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन सितंबर तिमाही में जोरदार रह सकता है। इसमें स्ट्रॉन्ग रिफाइनिंग मार्जिन, टेलीकॉम बिजनेस से अच्छी कमाई और रिटेल बिजनेस के अच्छे प्रदर्शन का हाथ होगा। कंपनी आज यानी 30 अक्तूबर की शाम नतीजों का ऐलान करेगी। मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से आरआईएल देश की सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी के नतीजे आज शेयर बाजार बंद होने के बाद आएंगे। इससे शेयरों पर नतीजों का असर सोमवार यानी 3 नवंबर को दिखेगा।

कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21,368 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद

ब्लूमबर्ग के अनुमान के मुताबिक, सितंबर तिमाही में Reliance Industries का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21,368 करोड़ रुपये रह सकता है। एक साल पहली की समान अवधि में यह 22,092 करोड़ रुपये था। इस वित्त वर्ष की जून तिमाही में यह 20,946 करोड़ रुपये था। एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस का प्रॉफिट में बड़ा हाथ होगा।

O2C बिजनेस का रेवेन्यू 1.62 लाख करोड़ रुपये रह सकता है

ब्लूमबर्ग के अनुमान के मुताबिक, सितंबर तिमाही में आरआईएल के O2C बिजनेस का रेवेन्यू 1.62 लाख करोड़ रुपये और EBITDA 16,434 करोड़ रुपये रह सकती है। डिजिटल सर्विसेज बिजनेस का रेवेन्यू 41,213 करोड़ और EBITDA 18,848 करोड़ रुपये रह सकती है। ऑयल एंड गैस बिजनेस का रेवेन्यू 5,699 करोड़ रुपये और EBITDA 4,536 करोड़ रुपये रह सकती है।

ओ2सी बिजनेस को हाई रिफाइनिंग मार्जिन का मिलेगा फायदा

O2C बिजनेस को जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच सप्लाई पर दबाव और हाई रिफाइनिंग मार्जिन का फायदा मिलेगा। ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर के मुताबिक, सितंबर तिमाही में ब्रेंट क्रूड का औसत प्राइस 91.4 डॉलर प्रति बैरल रहा। कोटक सिक्योरिटीज का कहना है कि O2C बिजनेस की EBITDA साल दर साल आधार पर 47 फीसदी बढ़ सकती है। इसमें रिलायंस की स्पेशल इकोनॉमिक जोन रिफाइनरी की अर्निंग्स का बड़ा हाथ होगा।

जियो के सब्सक्राइबर्स की संख्या 54 करोड़ पार कर जाने की उम्मीद

रिलायंस जियो की अर्निंग्स की अच्छी ग्रोथ जारी रहने की संभावना है। कंपनी को सब्सक्राइबर्स की बढ़ती संख्या और प्रति यूजर ज्यादा रेवेन्यू (ARPU) का सपोर्ट मिलेगा। यस सिक्योरिटीज ने सितंबर तिमाही में जियो का ARPU 216.5 रुपये रहने का अनुमान जताया है। दूसरी तिमाही में कंपनी के सब्सक्राइबर्स की कुल संख्या बढ़कर 54.03 करोड़ पहुंच जाने का अनुमान है।

रिटेल बिजनेस का रेवेन्यू  92,700 करोड़ रुपये रह सकता है

यस सिक्योरिटीज ने रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 92,700 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। यह साल दर साल आधार पर 2.4 फीसदी की ग्रोथ होगी। EBITDA मार्जिन करीब 7 फीसदी रह सकता है। कोटक सिक्योरिटीज ने रिलायंस रिटेल की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 11.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, उसने EBITDA में 0.8 फीसदी कमी का अनुमान जताया है।

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ऑयल एंड गैस बिजनेस पर दिख सकता है दबाव

रिलायंस के अपस्ट्रीम ऑयल एंड गैस बिजनेस पर दबाव दिख सकता है। कोटक सिक्योरिटीज ने इस बिजनेस की EBITDA में साल दर साल आधार पर 7.2 फीसदी कमी का अनुमान जताया है। नुवामा ने भी EBITDA में 6 फीसदी कमी की आशंका जताई है। इनवेस्टर्स की नजरें प्रोडक्शन ट्रेंड्स, क्रूड प्राइसेज और गैस रियलाइजेशन पर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर होंगी। RIL का शेयर 30 अक्तूबर को 11:40 बजे 0.27 फीसदी गिरकर 1,164.20 रुपये पर चल रहा था।

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