वर्ल्ड अपडेट्स:हिजबुल का डिप्टी चीफ बोला- कश्मीर के हर कब्रिस्तान में पाकिस्तानी आतंकियों की कब्र

रऊफ डार, श्रीनगर। पाकिस्तान के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के डिप्टी चीफ शमशीर खान ने पहली बार खुलकर माना है कि कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकी मारे गए और वहीं दफन हैं। PoK के मुजफ्फराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान शमशीर ने कहा, “कश्मीर का कोई कब्रिस्तान ऐसा नहीं है, जहां पाकिस्तान से आए आतंकियों की कब्र न हो।” शमशीर का यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान हमेशा यह कहता रहा है कि उसका जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन हिजबुल के सीनियर कमांडर के इस बयान को पाकिस्तान से आए आतंकियों की मौजूदगी की खुला कबूलनामा माना जा रहा है। भारत लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान आतंकियों को ट्रेनिंग, हथियार और घुसपैठ में मदद देता है। पाकिस्तान इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है।

वर्ल्ड अपडेट्स:हिजबुल का डिप्टी चीफ बोला- कश्मीर के हर कब्रिस्तान में पाकिस्तानी आतंकियों की कब्र

रऊफ डार, श्रीनगर। पाकिस्तान के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के डिप्टी चीफ शमशीर खान ने पहली बार खुलकर माना है कि कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकी मारे गए और वहीं दफन हैं। PoK के मुजफ्फराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान शमशीर ने कहा, “कश्मीर का कोई कब्रिस्तान ऐसा नहीं है, जहां पाकिस्तान से आए आतंकियों की कब्र न हो।” शमशीर का यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान हमेशा यह कहता रहा है कि उसका जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन हिजबुल के सीनियर कमांडर के इस बयान को पाकिस्तान से आए आतंकियों की मौजूदगी की खुला कबूलनामा माना जा रहा है। भारत लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान आतंकियों को ट्रेनिंग, हथियार और घुसपैठ में मदद देता है। पाकिस्तान इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बहामास में फ्लेमिंगो एयर का छोटा विमान क्रैश, सभी यात्रियों 10 की मौत बहामास के नॉर्थ एंड्रोस इलाके में शुक्रवार को फ्लेमिंगो एयर का एक छोटा यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 10 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि एक यात्री को जिंदा निकाला गया था, लेकिन बाद में उसने भी दम तोड़ दिया। शुरुआती जांच के मुताबिक, सेसना 402C विमान ने राजधानी नासाउ से उड़ान भरी थी। उड़ान के कुछ देर बाद पायलट ने तकनीकी दिक्कत की जानकारी दी, जिसके बाद विमान जंगल वाले इलाके में गिर गया। हादसे के बाद बहामास सरकार ने एहतियात के तौर पर फ्लेमिंगो एयर की सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। इसी दिन एयरलाइन के एक अन्य विमान में भी तकनीकी खराबी आने के बाद उसे वापस नासाउ लौटना पड़ा था। लैंडिंग के बाद उसमें आग लग गई, हालांकि उस विमान के सभी यात्री सुरक्षित बच गए। सरकार और विमान दुर्घटना जांच एजेंसी हादसे के कारणों की जांच कर रही है। फ्लेमिंगो एयर ने भी जांच में पूरा सहयोग देने और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।

पाकिस्तान में पेट्रोल 13.18 और पेट्रोल 13.80 रुपया महंगा:पेट्रोल 310.71 और हाई-स्पीड डीजल 323.30 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू

पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 13.18 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 13.80 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 310.71 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 323.30 रुपया लीटर हो गई है। नई कीमतें 11 जुलाई से लागू हो गई हैं। फरवरी से शुरू हुआ था बढ़ने का सिलसिला हालिया बढ़ोतरी के बावजूद दोनों ईंधन अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई (पीक लेवल) से नीचे बने हुए हैं। 3 अप्रैल को डीजल की कीमत 520.35 रुपया प्रति लीटर के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थी। ईंधन की कीमतों में यह तेजी 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद देखने को मिली थी, जब डीजल 281 रुपया प्रति लीटर के स्तर पर था। वहीं दूसरी ओर, पेट्रोल की कीमत भी 3 अप्रैल को 458.41 रुपया के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जिसकी शुरुआत मार्च के पहले हफ्ते में 266 रुपया प्रति लीटर से हुई थी। IMF की शर्तों के कारण बढ़ा टैक्स, डीजल पर 80 रुपया तो पेट्रोल पर 70 रुपया लेवी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कड़ी शर्तें भी शामिल हैं। सरकार ने 1 जुलाई से ‘क्लाइमेट सपोर्ट लेवी’ को दोगुना करके 5 रुपया प्रति लीटर कर दिया है, जबकि इसके बदले पेट्रोलियम लेवी में मामूली कटौती की गई है। इस बदलाव के बाद वर्तमान में डीजल पर पेट्रोलियम लेवी करीब 80 रुपया प्रति लीटर है। वहीं, पेट्रोल पर पेट्रोलियम लेवी 70 रुपया प्रति लीटर के साथ 5 रुपया की क्लाइमेट सपोर्ट लेवी अलग से वसूली जा रही है। एक लीटर ईंधन पर 100 रुपया तक टैक्स, कस्टम ड्यूटी भी शामिल सरकार वर्तमान में हाई-स्पीड डीजल (HSD) पर कुल 101 रुपया प्रति लीटर का टैक्स वसूल रही है। इसमें 16 रुपया प्रति लीटर कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और इनलैंड फ्रेट इक्वलाइजेशन मार्जिन शामिल हैं। पेट्रोल की बात करें तो इस पर कुल टैक्स 95 रुपया प्रति लीटर बैठता है, जिसमें 20 रुपया प्रति लीटर कस्टम ड्यूटी के साथ-साथ पेट्रोलियम और क्लाइमेट लेवी जोड़ी गई है। इसके अलावा, सरकार केरोसिन पर 21 रुपया प्रति लीटर और लाइट डीजल ऑयल पर 16 रुपया प्रति लीटर पेट्रोलियम लेवी वसूल रही है।

ढाका में दिखा भारत का गलत नक्शा, तो भारतीय ऑफिसर पूजा कुमारी झा ने भरी बैठक में लगा दी क्लास

India Protest Wrong Map Dhaka Seminar: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित हुआ। इस सेमीनार में एक ऐसा वाकया हुआ जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। दरअसल भारत के नक्शे के साथ छेड़छाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। सेमिनार में जम्मू-कश्मीर (J&K) को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाए जाने पर वहां मौजूद भारतीय उच्चायोग की सचिव पूजा कुमारी झा ने तुरंत कड़े शब्दों में इस पर अपना विरोध दर्ज कराया।

भारतीय राजनयिक ने मंच से कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है, और इस तरह के गलत नक्शों को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद ढाका में ‘बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज’ (BIISS) द्वारा आयोजित एक विदेश मामलों के सेमिनार के दौरान शुरू हुआ। सेमिनार में बांग्लादेश के पूर्व राजदूत तारिक ए. करीम अपना मुख्य भाषण दे रहे थे। भाषण के दौरान स्क्रीन पर एक स्लाइड दिखाई गई, जिसमें भारत के नक्शे में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पाकिस्तान के क्षेत्र में दिखाया गया था।

दर्शक दीर्घा में मौजूद भारतीय उच्चायोग की अधिकारी पूजा कुमारी झा ने जैसे ही इस गलत नक्शे को देखा, उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया। पूजा झा ने कहा, ‘यहां दिखाया गया भारत का नक्शा पूरी तरह गलत है। जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न और अटूट हिस्सा है, और मेरा मानना है कि यहां प्रस्तुत नक्शा सही नहीं है।’

पूर्व राजदूत ने दी सफाई

भारत की कड़ी आपत्ति के बाद, पूर्व राजदूत तारिक ए. करीम ने इस पर सफाई देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस नक्शे का इस्तेमाल केवल ‘प्रस्तुतीकरण के उद्देश्य’ से किया गया था और इसका इरादा वास्तविक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को प्रदर्शित करना या प्रोजेक्ट करना नहीं था।

नेपाल एयरलाइंस भी कर चुकी है ऐसी ही बड़ी गलती

अंतरराष्ट्रीय मंचों या विज्ञापनों में भारत के गलत नक्शे को दिखाए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ महीने पहले नेपाल की राष्ट्रीय विमानन कंपनी, नेपाल एयरलाइंस कॉरपोरेशन (NAC) को भी ऐसी ही एक हरकत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा था।

नेपाल एयरलाइंस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक प्रमोशनल रूट मैप और विज्ञापन शेयर किया था। इस ग्राफिक में एयरलाइंस ने भारत के केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत के बजाय पाकिस्तान के क्षेत्र के रूप में रंग दिया था।

#BoycottNepalAirlines हुआ था ट्रेंड

यह इमेज सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई थी। भारतीय यूजर्स ने इसे नेपाल एयरलाइंस की ‘नक्शा आक्रामकता’ करार दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर #BoycottNepalAirlines ट्रेंड करने लगा था और भारतीय विदेश मंत्रालय से इस पर कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराने की मांग की गई थी। बाद में नेपाल एयरलाइंस को इस बड़ी चूक के लिए सार्वजनिक रूप से औपचारिक माफी मांगनी पड़ी थी।

WHO की डरावनी रिपोर्ट : दुनिया की 92% आबादी पर कैंसर का खतरा, जानें पुरुषों-महिलाओं में कौन सा कैंसर है सबसे आम

क्या आप और आपका परिवार कैंसर की ज़द में हैं? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की लेटेस्ट रिपोर्ट कहती है कि दुनिया की 92% आबादी सीधे या परोक्ष रूप से कैंसर से प्रभावित होने वाली है। यानी या तो आप खुद, या आपके परिवार का कोई बेहद करीबी सदस्य इस जानलेवा बीमारी का शिकार बनेगा। जानिए डब्ल्यूएचओ ने इस वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल पर क्या चेताया है।”

'डाउन टू अर्थ' की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कैंसर को लेकर अब तक की सबसे भयानक चेतावनी जारी की है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, कैंसर अब सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक तेज़ी से बढ़ता हुआ सामाजिक, स्वास्थ्य और आर्थिक संकट बन चुका है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया की लगभग 92 प्रतिशत आबादी अपने जीवनकाल में किसी न किसी रूप में कैंसर के प्रभाव में आएगी।

1. हर 5 में से 1 व्यक्ति को कैंसर : क्या कहते हैं आंकड़े?

आंकड़े बेहद डरावने हैं। दुनिया में हर पांच में से एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में कैंसर की चपेट में आ रहा है।

WHO Cancer Report 2026

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2. पुरुषों और महिलाओं में सबसे आम कैंसर कौन से हैं?

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जेंडर के आधार पर कौन से कैंसर सबसे ज्यादा पैर पसार रहे हैं:

WHO Cancer Report 2026

नोट: बड़ी आंत और मलाशय का कैंसर (Colorectal Cancer) पुरुषों और महिलाओं दोनों में तीसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर बन चुका है। इसके अलावा, बच्चों में भी यह बोझ बढ़ रहा है, जहां हर साल 19 वर्ष तक के लगभग 4 लाख बच्चे और किशोर इसका शिकार हो रहे हैं।

3. मासूमों पर दोहरी मार : लाखों बच्चे हो रहे अनाथ

कैंसर सिर्फ जान नहीं लेता, बल्कि हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ देता है।

WHO Cancer Report 2026

  • वर्ष 2020 के आंकड़ों के अनुसार, माता या पिता की कैंसर से मृत्यु के कारण दुनिया भर में लगभग 24.5 लाख बच्चे अनाथ हो गए।
  • स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा (Cervical Cancer) के कारण सबसे ज्यादा माताओं की मौत हुई।
  • चौंकाने वाली बात यह है कि ऐसे अनाथ होने वाले बच्चों के 40% मामले अकेले भारत, चीन, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, इथियोपिया और पाकिस्तान से आते हैं।

4. जेब पर वार : परिवारों को कंगाल बना रहा है इलाज

कैंसर का मानसिक और आर्थिक असर किसी भी परिवार को तोड़कर रख देता है। डब्ल्यूएचओ के सर्वेक्षण में सामने आया कि: 

  • 45% से अधिक लोगों को इलाज के कारण भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा।
  • महंगे इलाज, दवाओं के खर्च और अस्पताल के चक्करों के कारण लाखों परिवार गरीबी रेखा के नीचे चले जाते हैं।
  • आधे से अधिक मरीजों और उनके तीमारदारों (Caregivers) ने गंभीर मानसिक तनाव, डिप्रेशन और सामाजिक अलगाव की बात स्वीकार की।

5. अमीर और गरीब देशों के बीच 'इलाज की खाई'

रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक बात इलाज में मौजूद असमानता को लेकर कही गई है। दुनिया की 47% आबादी के पास आज भी कैंसर की बुनियादी जांच सुविधाएं नहीं हैं

यदि आप किसी अमीर देश में पैदा हुए हैं, तो आपके बचने की संभावना बहुत ज्यादा है, जबकि गरीब देशों में यह किस्मत के भरोसे है:

WHO Cancer Report 2026

2050 का भविष्य: 133% तक बढ़ सकते हैं मामले

डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि वर्ष 2050 तक दुनिया में हर साल कैंसर के नए मामलों की संख्या 66.7% बढ़कर 3.5 करोड़ तक पहुंच जाएगी। इसका सबसे बुरा असर निम्न और मध्यम आय वाले देशों (जिसमें भारत भी शामिल है) पर पड़ेगा, जहां मामलों में 133% की वृद्धि देखी जा सकती है। इसके पीछे बढ़ती आबादी, बदलती जीवनशैली और प्रदूषण जैसे कारक जिम्मेदार हैं।

आगे की राह क्या है?

बचाव ही सबसे बड़ा हथियार है! डब्ल्यूएचओ का स्पष्ट कहना है कि कैंसर से लड़ाई केवल महंगी दवाओं या रोबोटिक सर्जरी से नहीं जीती जा सकती। सरकार को हर नागरिक तक सस्ती और समय पर जांच (Early Detection) की सुविधा पहुंचानी होगी।

व्यक्तिगत स्तर पर सलाह : कैंसर के 40% मामलों को सिर्फ सही खान-पान, एक्सरसाइज, तंबाकू-सिगरेट से दूरी और समय पर स्क्रीनिंग (जैसे 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं के लिए पैप स्मीयर और मैमोग्राफी) के ज़रिए रोका जा सकता है।

कल का मौसम 10 जुलाई: उत्तराखंड में रेड वॉर्निंग, IMD ने यूपी समेत इन 22 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

India Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को अपने सामान्य समय से महज एक दिन की देरी से पूरे देश में छा चुका है। उत्तर अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर करने के साथ ही मानसून पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ये अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा मानसून ट्रफ और अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से कल कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने वाला है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

उत्तराखंड के लिए रेड वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए उत्तराखंड को सबसे संवेदनशील जोन में रखा है। राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बिजली कड़कने और गरज-चमक की भी चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश समेत इन 5 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 10 जुलाई को देश के 5 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जैसी स्थिति है-

उत्तर प्रदेश (कम दबाव का क्षेत्र बने होने के कारण व्यापक असर दिखेगा)

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • इन सभी राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
  • दिल्ली-हरियाणा और बिहार समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने 10 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • हिमाचल प्रदेश
  • पूर्वी मध्य प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • मध्य महाराष्ट्र
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
  • केरल और माहे
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।

इसी तरह बिहार, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

मौसम को प्रभावित करने वाले बड़े सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक देश भर में इस भारी बारिश के पीछे एक साथ कई मानसूनी सिस्टम काम कर रहे हैं-

  • उत्तर प्रदेश पर लो-प्रेशर: दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला एक ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ सक्रिय है।
  • मानसून ट्रफ: मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अनूपगढ़, रोहतक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, फुर्सतगंज, देहरी, धनबाद, बांकुरा, दीघा से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
  • ऑफ-शोर ट्रफ: समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से लेकर उत्तरी केरल तक एक ऑफ-शोर ट्रफ लगातार बनी हुई है।
  • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाके में समुद्र तल से 5।8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
  • अन्य चक्रवाती हवाएं: उत्तरी बिहार, पूर्वी बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाइयों पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं जो नमी को खींच रहे हैं।

जिन्हें कब्रस्तान प्यारा, वे ही कर रहे राम मंदिर का विरोध : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Samajwadi Party and Congress

– मुख्यमंत्री योगी ने बांदा व बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– मुख्यमंत्री योगी की जनता से अपील- नकारात्मक व विकास विरोधी सोच वालों को खारिज कीजिए

– मुख्यमंत्री योगी ने 9 साल पहले के बुंदेलखंड की दुर्दशा और अब आए परिवर्तन का भी किया जिक्र 

– योगी ने कहा- बांदा के विधायक विकास में रुचि लेते हैं और बबेरू वाले गरीबों को प्रताड़ित करने में

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को फिर निशाने पर रखते हुए इन सरकारों के कार्यों का अंतर बताया। इशारों-इशारों में उन्होंने कहा कि कुछ लोग विरासत को अपमानित करते हैं। उन्होंने हिंदू परंपरा व सनातन को कोसना जीवन का ध्येय बनाया है। वे वैभवशाली व विकसित भारत नहीं देखना चाहते। हमारी सरकार जो पैसा मंदिरों के विकास व धामों के सुंदरीकरण के लिए देती है, समाजवादी पार्टी के समय यही पैसा कब्रस्तान की बाउंड्रीवाल के लिए जाता था। उन्हें कब्रस्तान प्यारा है, इसलिए वे राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, मां विंध्यवासिनी धाम, चित्रकूट, नैमिषारण्य धाम के विकास का विरोध करते हैं। सपा व कांग्रेस वाले भाजपा के प्रतिनिधियों द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों को पचा नहीं पाते।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि जिनकी सोच नकारात्मक व विकास विरोधी है, उन्हें खारिज कीजिए। मुख्यमंत्री योगी ने गुरुवार को बांदा व बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गईं कई योजनाओं को गिनाकर इसका श्रेय जनता व जनप्रतिनिधियों को दिया।

 

कभी डकैतों व माफिया का था आतंक, आज प्रगति देखकर होती है प्रसन्नता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड की दुर्दशा के दौर को भी बयां किया। बताया कि मुख्यमंत्री

 बनने के बाद प्रधानमंत्री जी ने मुझसे कहा था कि पहला दौरा बुंदेलखंड का हो और वहां के लिए कुछ किया जाए। नौ- साढ़े 9 साल पहले जब आया तो देखा कि पिछड़ापन यहां का पर्याय था। पलायन और प्यास बुंदेलखंड की पहचान बन गई थी। खनन, लैंड, सैंड, वन, भूमाफिया व डकैतों का ऐसा आतंक था, जिससे किसान भी खेत में जाने से डरता था।

पाठा का यह क्षेत्र डकैतों के लिए फिरौती व वसूली का माध्यम बन गया था। कनेक्टिविटी, सिंचाई, पेयजल, सुरक्षा, रोजगार नहीं था। थाने में एफआईआर तक नहीं होती थी। बुंदेलखंड अस्तित्व के लिए जूझ रहा था परंतु अब बुंदेलखंड की प्रगति को देखकर अंतःकरण से प्रसन्नता होती है। हर किसी को 9 वर्ष पहले और आज के बांदा में परिवर्तन दिखेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि विकास व विरासत के संरक्षण के लिए शासन के संज्ञान में जो भी प्रोजेक्ट आएगा, उसे लागू कर बुंदेलखंड को धरती का स्वर्ग बनाएंगे। 

 

भाजपा सरकार ने हर वर्ग के सपनों को किया साकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने जब देश की बागडोर संभाली तो आशा की किरण जगी। 2017 में यूपी में डबल इंजन सरकार बनने के बाद यहां भी कनेक्टिविटी, पेयजल, हर खेत को पानी और बांदा के युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिल रहा है। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने सभी के सपनों को साकार किया है। 

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Samajwadi Party and Congress

वर्ष 2017 के पहले जिसे रखवाली की जिम्मेदारी मिली, वही प्रदेश को लूटते थे 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता ने श्रीप्रकाश द्विवेदी, रामकेश निषाद व ओममणि वर्मा जैसे अच्छे जनप्रतिनिधियों को जिताया है तो यहां विकास की परियोजनाएं आ रही हैं। बुंदेलखंड भी डकैत, माफिया, कर्फ्यू, उपद्रव व दंगामुक्त हो गया। अब यहां महारानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज, कनेक्टिविटी की बेहतरीन सुविधा मिल रही है।

उन्होंने सचेत किया कि यदि भूमाफिया व डकैत चुनाव जीतेगा तो व्यापारी का अपहरण करेगा, गरीबों को उजाड़ेगा और नौजवानों-गरीबों की योजनाओं पर डकैती डालेगा। वर्ष 2017 के पहले उप्र में यही होता था। जिसे प्रदेश की रखवाली की जिम्मेदारी सौंपी, वही प्रदेश को लूटते थे। गरीबों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलती थीं। आवास की सुविधा उन्हें ही मिलती थी, जो समाजवादी पार्टी के थे परंतु अब ‘सबका साथ-सबका विकास’ की भावना के साथ हर वर्ग को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। 

 

सरकार को उपद्रव पसंद नहीं, माने तो ठीक वरना यमराज के घर का रास्ता खोल दिया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार तुष्टिकरण की नीति पर नहीं चलती। सरकार को उपद्रव, कर्फ्यू, गुंडागर्दी पसंद नहीं है। सरकार बेटी-व्यापारी की सुरक्षा पर सेंध लगाने वालों को चेतावनी देती है और न मानने वालों के लिए यमराज के घर जाने का रास्ता भी खोल देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार आने पर भी यहां कुछ प्रतिमाओं का अनावरण किया था। आज भी अवंती बाई लोधी की दिव्य-भव्य प्रतिमा का अनावरण किया है। 

 

वीरों-वीरांगनाओं को सम्मान देता है बांदा

मुख्यमंत्री ने बांदा की सड़कों व चौराहों में आए बदलाव का भी जिक्र किया। कहा कि शहर के लोग जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर व्यवस्थित सिटी का मॉडल बना सकते हैं। बांदा वीरों-वीरांगनाओं को सम्मान दे रहा है। यहां महापुरुषों के नाम पर पार्क बन रहे हैं। कालिंजर का अजेय दुर्ग विजय पथ पर बढ़ने की प्रेरणा देता है। वहां विराजमान नीलकंठ महादेव का आशीर्वाद हर किसी को मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार है तो भारत की विरासत को संरक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आज सुबह चित्रकूट में कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम चित्रकूट व बुंदेलखंड की स्मृतियों में हैं। 

 

सपा व कांग्रेस ने डकैत दिए, हमने ब्रह्मोस दिया, जिसे देख बाप-बाप चिल्लाता है पाकिस्तान

मुख्यमंत्री योगी ने फिर तंज कसा कि सपा व कांग्रेस ने डकैत दिए, नौकरी की बजाय नौजवानों को तमंचे दिए, जबकि हमारी सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे दिया और डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग कॉरिडोर का हब बनाया। यूपी में बनी ब्रह्मोस मिसाइल को जब भारत दागता है तो पाकिस्तान भी बाप-बाप करते हुए चिल्लाता है। भारत के जवानों के इस शौर्य, पराक्रम का केंद्र बिंदु बुंदेलखंड बन रहा है। 

 

बांदा के विधायक विकास करते हैं, बबेरू के विधायक को रुचि कहीं और 

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि समर्पित और जनता-जनार्दन को योजनाओं से जोड़ने वाला होना चाहिए। बांदा के विधायक रुचि लेते हैं तो यहां विकास है, लेकिन बबेरू के सपा विधायक को विकास में रुचि नहीं है। उनके लिए विकास गरीबों की जमीन पर कब्जा, गरीबों को प्रताड़ित करना ही है। ऐसी उद्दंडता व गरीबों के हकों पर पड़ने वाली डकैती को रोकना पड़ेगा। कांग्रेस व सपा के समय में अवंती बाई लोधी, महाराणा प्रताप की मूर्ति, तीर्थों का पुनरुद्धार, मंदिरों का सुंदरीकरण, कनेक्टिविटी के बेहतरीन कार्य नहीं हो पाए, क्योंकि उनकी रुचि नहीं थी। 

 

सपा के माफियाओं से खाली कराई गई 64 हजार एकड़ भूमि 

उन्होंने कहा कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने दो बातें कही थीं कि अवैध स्लाटर हाउस बंद होंगे और गरीबों-व्यापारियों की जमीन पर कब्जा करने वाले माफिया 24 घंटे में खाली कर दें, अन्यथा हमें खाली कराना आता है। सपा से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े माफियाओं से 64 हजार एकड़ लैंड जमीन खाली कराई गई जिसमें अब निवेश हो रहा है और इससे नौजवानों को नौकरी मिल रही है। बुंदेलखंड के नौजवान को अब घर में ही कार्य मिलता है। मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरी व रोजगार से जुड़े युवाओं की संख्या का भी जिक्र किया। 

 

कीमती पत्थरों में हो रही ‘शजर’ की गिनती 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद के यूनिक प्रॉडक्ट को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने बांदा के शजर पत्थर के सजावट की भी तारीफ की, कहा कि यहां के ‘शजर’ की गिनती कीमती पत्थरों में हो रही है। अब बड़ी-बड़ी कंपनियां भी नग की जगह शजर पत्थर को मंगा रहीं हैं। यह पीएम मोदी के विजन-ओडीओपी के कारण हो पाया है। एमएसएमई को सम्मान, सुरक्षा का वातावरण बना तो प्रदेश में निवेश भी आया। 

 

अब देश-दुनिया के लोग नौकरी मांगने आएंगे बुंदेलखंड 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद में एक्सप्रेसवे पर इंडस्ट्रियल कलस्टर के निर्माण को बढ़ा रहे हैं। बीडा के रूप में बुंदेलखंड को यूपी का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर देने जा रहे हैं। पहले शासकीय उपेक्षा के कारण बुंदेलखंड के लोग पलायन करते थे, लेकिन हमारा संकल्प है कि अब देश-दुनिया के नौजवान यहां नौकरी मांगने आएंगे। 

 

इस अवसर पर उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद,  लोकनिर्माण विभाग के राज्यमंत्री कुंवर ब्रजेश सिंह, विधायक प्रकाश द्विवेदी, ओममणि वर्मा, विधान परिषद सदस्य डॉ. बाबूलाल तिवारी, जितेंद्र सिंह सेंगर, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मालती गुप्ता ‘बासू’, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू, जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।

कनाडा की इस लड़की ने पाकिस्तानी लड़के से की शादी फिर पति के घर का कल्चर देख ऐसी बातें कहीं कि हो गई वायरल

एक कनाडाई महिला ने पाकिस्तानी परिवार में शादी के बाद अपने नए एक्सपीरिएंस को सोशल मीडिया पर शेयर किया हैं। उसने बताया कि साउथ एशियन परिवारों की परंपराएं, रिश्तों को बुलाने का तरीका, मेहमानों की खातिरदारी और रोजमर्रा की कई आदतें उनके लिए बिल्कुल नई थीं। ये सारी बातें उनके लिए इतनी अलग थीं कि वह पूरी तरह हैरान हो गई। अपने पति के परिवार की कल्चर के बारे में बात करते हुए कैसी ने बताया कि, जब वह पहली बार साउथ एशियन परिवार का हिस्सा बनीं तो वहां की कई रोजमर्रा की आदतें और रीति-रिवाज उनके लिए बिल्कुल अलग थे।

उन्होंने अपने इस एक्सपीरीएंस को मजेदार अंदाज में शेयर किया, जिसे सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब पसंद किया। कई यूजर्स ने कहा कि वे भी ऐसे कल्चरल एक्सपीरिएंस से गुजर चुके हैं। कैसी ने बताया कि उनके लिए सबसे हैरान करने वाली बात ये थी कि साउथ एशियन परिवारों में हर रिश्तेदार को अलग-अलग रिश्तों के नाम से बुलाया जाता है।

हर रिश्ते के होते हैं अलग नाम

अपना एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए कैसी ने कहा, “हर रिश्ते के लिए अलग नाम होता है। मां की तरफ के आंटी और अंकल के अलग नाम हैं, पिता की तरफ के आंटी और अंकल के भी अलग नाम हैं। फिर बड़ी आंटी, छोटी आंटी जैसे अलग-अलग संबोधन भी होते हैं।” उन्होंने बताया कि दक्षिण एशियाई परिवारों में ये संबोधन सिर्फ नाम नहीं होते, बल्कि सम्मान और रिश्तों की गहराई को भी दर्शाते हैं।

WhatsApp का किया ज्यादा इस्तेमाल

कैसी ने बताया कि उनके लिए एक और नई बात WhatsApp का ज्यादा इस्तेमाल करना था। कैसी ने कहा, “मैंने पहले कभी WhatsApp इस्तेमाल नहीं किया था। मैंने इसे कभी डाउनलोड भी नहीं किया था। सच कहूं तो मुझे ठीक से पता भी नहीं था कि यह क्या है। लेकिन अब मैं इसे हर समय इस्तेमाल करती हूं।” उन्होंने बताया कि शादी के बाद WhatsApp उनके पति और ससुराल के लोगों से जुड़े रहने का सबसे अहम माध्यम बन गया है।

अलग तरह की होगी है मेहमाननवाजी

कैसी ने बताया कि साउथ एशियाई परिवारों की मेहमाननवाजी ने भी उन्हें काफी प्रभावित किया। उनके मुताबिक, यहां लोग बिना किसी पहले से सूचना के आए मेहमानों का भी पूरे दिल से स्वागत करते हैं। कैसी ने कहा, “आप सुबह 8 बजे भी बिना बताए किसी के घर पहुंच जाएं, तब भी वहां आपके लिए कई तरह के खाने के व्यंजन तैयार मिल जाएंगे। इतना ही नहीं, जाते समय भी आपको बचा हुआ खाना साथ ले जाने के लिए दिया जाएगा।”

उन्होंने अपनी मेहमाननवाजी की तुलना करते हुए कहा, “मुझे पहले लगता था कि मैं अच्छी मेजबानी करती हूं, लेकिन अब ऐसा नहीं लगता। मेरे यहां तो सिर्फ कुछ स्नैक्स और क्रैकर्स होते हैं, जबकि इनके घर किसी भी समय कई तरह के व्यंजन तैयार मिल जाते हैं।”

घर पर ही रुकते हैं रिश्तेदार

कैसी ने बताया कि एक और बात जिसने उन्हें हैरान किया, वह रिश्तेदारों के ठहरने का तरीका था। कैसी ने कहा, “ब्राउन परिवारों में ऐसा लगभग कभी नहीं होता। जो रिश्तेदार मिलने आते हैं, वे होटल बुक नहीं करते, बल्कि परिवार के साथ ही रहते हैं। और अगर कोई होटल में ठहर भी जाए, तो घरवाले पूछते हैं, ‘आपने हमें बताया क्यों नहीं? हमारे साथ क्यों नहीं रुके?'” उन्होंने ये भी कहा कि एक और बात जिसने उन्हें हैरान किया, वह यह थी कि साउथ एशियाई समुदायों में खबरें बहुत तेजी से फैलती हैं।

लोगों तक जल्दी पहुंचती है खबर

उनके शब्दों में, “यहां हर कोई किसी न किसी को जानता है और कोई भी खबर बहुत जल्दी सब तक पहुंच जाती है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं सच में जानना चाहूंगी कि इतनी जल्दी खबरें कैसे फैल जाती हैं। मुझे लगता है कि इसमें WhatsApp की बड़ी भूमिका होती है, लेकिन मेरे लिए ये हैरानी की बात है कि जानकारी इतनी तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंच जाती है। कई बार आपको लगता है कि लोग एक-दूसरे को नहीं जानते होंगे, लेकिन आखिर में पता चलता है कि सब किसी न किसी तरह जुड़े हुए हैं।”

लोगों ने किया कमेंट

कैसी के अपने एक्सीपिएंस शेयर करने के बाद वीडियो पर लोगों की खूब प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूजर्स ने उनकी बातों को मजेदार और अपने अनुभवों से जुड़ा हुआ बताया। एक यूजर ने कमेंट किया, “गोरे लोगों को इन चीजों को पहली बार समझते और खोजते देखना काफी मजेदार लगता है।” वीडियो पर एक यूजर ने लिखा, “रिश्तों के अलग-अलग नाम रखने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिना पूछे ही पता चल जाता है कि सामने वाला आपका कौन लगता है।” एक और व्यक्ति ने लिखा, “बिल्कुल सही कहा। सुनने में यह थोड़ा मजेदार लगता है, लेकिन हमारे यहां यह बिल्कुल सामान्य बात है।”

अरब सागर के ऊपर अचानक गायब हुआ कराची आ रहा विमान! 22400 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे गिरा बोइंग जेट, मची खलबली!

Pakistan Cargo Plane Missing:  पाकिस्तान का एक कार्गो प्लेन मंगलवार (7 जुलाई) को बीच हवा में गायब हो गया। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शारजाह से पाकिस्तान के कराची जा रहे इस कार्गो प्लेन में पांच क्रू मेंबर सवार थे। विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने बड़े स्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

अरब सागर के ऊपर अचानक गायब हुआ कराची आ रहा विमान! 

पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, शारजाह से कराची जा रहा एक कार्गो विमान मंगलवार देर रात अरब सागर के ऊपर अचानक रडार और ट्रैकिंग सिस्टम से गायब हो गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि K2 एयरवेज का बोइंग 737-400 विमान जब पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था, तभी कराची से करीब 300 किलोमीटर पश्चिम में उसका कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया।

उड़ान के दौरान विमान के कप्तान ने तकनीकी खराबी की जानकारी दी थी और कंट्रोल सेंटर से मदद भी मांगी थी। पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) के मुताबिक, इस मालवाहक विमान में कुल पांच क्रू मेंबर सवार थे। फिलहाल विमान की तलाश की जा रही है।

पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) के अनुसार, कराची एरिया कंट्रोल सेंटर (ACC) की निगरानी के दौरान रात 9:18 बजे विमान के क्रू ने ट्रैकिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी की जानकारी दी थी। इसके कुछ ही मिनट बाद, रात 9:21 बजे तकनीकी निगरानी में पता चला कि विमान तेजी से नीचे आ रहा था और उसने अचानक अपनी दिशा भी बदल ली।

इसके तुरंत बाद कराची से करीब 287 किलोमीटर पश्चिम में विमान का रडार और कंट्रोल सेंटर से संपर्क पूरी तरह टूट गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान के ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) में भी तकनीकी दिक्कत आ गई थी। इसकी वजह से शारजाह के पास विमान की ट्रैकिंग सही तरीके से नहीं हो पा रही थी।

22400 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे गिरा बोइंग जे

ग्लोबल फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटराडार के मुताबिक, शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि पहले विमान की ऊंचाई कम हुई, फिर कुछ देर के लिए बढ़ी और उसके बाद अचानक बहुत तेजी से नीचे आने लगी। विमान से आखिरी सिग्नल तब मिला, जब वह समुद्र तल से करीब 1,100 फीट की ऊंचाई पर था। उस समय विमान करीब 22,400 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे आ रहा था। यह घटना एक बार फिर पाकिस्तान के कमजोर विमान सुरक्षा रिकॉर्ड की याद दिलाती है। साथ ही, इससे देश की सबसे बड़ी और दर्दनाक हवाई दुर्घटनाओं की यादें भी ताजा हो गई हैं।

मई 2020 में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) का एक यात्री विमान कराची एयरपोर्ट के पास एक रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस विमान में 98 लोग सवार थे। लैंडिंग के दौरान हुई गलती की वजह से यह हादसा हुआ और विमान में मौजूद लगभग सभी लोगों की जान चली गई। बाद में सरकार की जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। रिपोर्ट में कहा गया कि पायलट, सह-पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की बड़ी मानवीय गलतियों की वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ था।

Indus Waters Treaty: सिंधु जल समझौते पर भारत का सबसे बड़ा कानूनी ब्रह्मास्त्र, 15 पॉइंट में समझिए पाकिस्तान क्यों मुंह की ही खाएगा

Indus Waters Treaty Legal points: भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1960 से चले आ रहे सिंधु जल समझौते को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच कानूनी मोर्चे पर भारत का पक्ष मजबूत है। इसे लेकर विदेश मंत्रालय (MEA) के पूर्व अतिरिक्त सचिव और कानूनी सलाहकार डॉ. विष्णु दत्त शर्मा ने एक डिटेल्ड लीगल एनालिसिस किया है।

पीटीआई पर मौजूद इस एनालिसिस से साफ है कि अगर पाकिस्तान इस समझौते के नियमों का उल्लंघन कर एकतरफा कोई कदम उठाता है तो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत भारत के पास उसे करारा जवाब देने का एक बड़ा कानूनी ब्रह्मास्त्र मौजूद है। यहां नीचे 15 पॉइंट में समझिए कि इस समझौते का कानूनी ढांचा क्या है और पाकिस्तान इसमें कैसे मुंह की खाएगा-

1- सिंधु नदी प्रणाली का विशाल दायरा

सिंधु नदी लगभग 1800 मील लंबी है। इसकी पश्चिमी सहायक नदियां (काबुल, कुर्रम) 700 मील से अधिक लंबी हैं जबकि पूर्वी सहायक नदियां (झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास, सतलुज) कुल मिलाकर 2800 मील से अधिक लंबी हैं। यह पूरा सिस्टम 450000 वर्ग मील क्षेत्र को कवर करता है। ये इसे दुनिया की सबसे बड़े नदी प्रणालियों में से एक बनाता है। इसका अधिकांश हिस्सा भारत और पाकिस्तान में स्थित है।

2- बंटवारे के बाद विवाद और दिल्ली समझौता

अगस्त 1947 में भारत के विभाजन के साथ ही सिंधु जल विवाद भी पैदा हो गया। दोनों देशों के बीच पानी के नियमन को लेकर पहला समझौता 4 मई 1948 को हुआ। इसे ‘इंटर-डोमिनियन एग्रीमेंट’ या ‘दिल्ली समझौता’ कहा जाता है। इसमें यह माना गया था कि पश्चिम पंजाब (पाकिस्तान) पूर्वी पंजाब (भारत) के पानी पर अधिकार के रूप में कोई दावा नहीं कर सकता। हालांकि पाकिस्तान ने बाद में 23 अगस्त 1950 को इस समझौते को मानने से इनकार कर दिया था।

3- वर्ल्ड बैंक की एंट्री और 1960 की संधि

1951 में टेनेसी वैली अथॉरिटी के पूर्व अध्यक्ष डेविड लिलिएंटथल ने वर्ल्ड बैंक की मदद से दोनों देशों को संयुक्त रूप से सिंधु बेसिन विकसित करने का प्रस्ताव दिया। वर्ल्ड बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष यूजीन ब्लैक ने 6 सितंबर 1951 को दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों को पत्र लिखकर इसका प्रस्ताव दिया। इसे दोनों ने स्वीकार किया। बेहद उतार-चढ़ाव और टूटने की कगार पर पहुंचने के बावजूद आखिरकार 1960 में इस संधि पर हस्ताक्षर हो सके।

4- संधि की कानूनी संरचना और वर्ल्ड बैंक की भूमिका

सिंधु जल समझौते पर 19 सितंबर 1960 को कराची में हस्ताक्षर किए गए थे। यह 12 जनवरी 1961 को लागू हुआ लेकिन इसे 1 अप्रैल 1960 से ही लागू माना गया। इस संधि में 12 अनुच्छेदों के तहत कुल 79 पैराग्राफ और 8 एनेक्सचर शामिल हैं। वर्ल्ड बैंक ने सिर्फ विशिष्ट अनुच्छेदों (Articles V, X) और एनेक्सचर (F, G, H) के उद्देश्यों के लिए इस पर हस्ताक्षर किए थे।

5- नदियों का आवंटन और कानूनी मिसाल

इस संधि के तहत पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलुज) का पानी भारत को और पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) का पानी कुछ अपवादों को छोड़कर पाकिस्तान को आवंटित किया गया है। इस दस्तावेज में स्पष्ट लिखा है कि इस संधि की किसी भी बात को कानून का कोई सामान्य सिद्धांत या मिसाल नहीं माना जाएगा।

6- संधि का मुख्य उद्देश्य: सद्भावना और सहयोग

संधि की प्रस्तावना में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि भारत और पाकिस्तान सरकार सिंधु नदी प्रणाली के पानी का पूर्ण और संतोषजनक उपयोग करने की समान इच्छा रखती हैं। इसके तहत दोनों देशों को सद्भावना, मित्रता और सहयोग की भावना के साथ एक-दूसरे के अधिकारों और दायित्वों को तय करना था और भविष्य में उठने वाले किसी भी सवाल का निपटारा करना था।

विवाद निपटारे का त्रि-स्तरीय तंत्र

7- स्थायी सिंधु आयोग

संधि के तहत विवादों और मतभेदों के निपटारे के लिए एक स्थायी सिंधु आयोग का गठन किया गया है। इसमें दोनों देशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। इसकी भूमिका मुख्य रूप से प्रशासनिक और परामर्शी होती है।

8- संधि में सवाल, मतभेद और विवाद में अंतर

अनुच्छेद IX विवाद निपटान ढांचे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह किसी मुद्दे को तीन श्रेणियों में बांटता है, सवाल, मतभेद और विवाद, किसी भी सवाल की जांच सबसे पहले आयोग करता है। अगर आयोग में सहमति नहीं बनती तो उसे मतभेद माना जाता है। फिर इसे एक निष्पक्ष विशेषज्ञ के पास भेजा जाता है। कोई मुद्दा विवाद तभी बनता है जब वह निष्पक्ष विशेषज्ञ के अधिकार क्षेत्र से बाहर हो या विशेषज्ञ खुद आयोग को इसकी जानकारी दे।

9- मध्यस्थता अदालत के लिए कड़ी शर्तें

कोई भी मतभेद विवाद की श्रेणी में तभी आ सकता है जब आयोग के दोनों कमिश्नर इस पर सहमत हों। जब विवाद खड़ा हो जाता है तो आयोग दोनों सरकारों को रिपोर्ट करता है। इसके बाद मध्यस्थों की मदद ली जा सकती है। किसी मध्यस्थता अदालत का गठन सिर्फ दोनों देशों की आपसी सहमति या बातचीत और मध्यस्थता के पूरी तरह विफल होने के बाद ही किया जा सकता है।

पाकिस्तान क्यों खाएगा मुंह की? भारत का कानूनी पक्ष

10- एकतरफा अदालत जाने का कोई अधिकार नहीं

एनेक्सचर G (मध्यस्थता अदालत) की शुरुआती भाषा बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें लिखा है कि, ‘अगर आवश्यकता पैदा होती है तो…’ इसका मतलब यह है कि यह चरण तभी आएगा जब सभी आवश्यक शर्तें पूरी होंगी। कोई भी पक्ष अपनी मर्जी से किसी भी सवाल को सीधे मध्यस्थता अदालत में नहीं घसीट सकता। इसके लिए पहले आपसी बातचीत और निष्पक्ष विशेषज्ञ के चरणों से गुजरना अनिवार्य है।

11- एकतरफा कदम पूरी तरह अवैध

कोई भी कमिश्नर मतभेद को निष्पक्ष विशेषज्ञ के पास ले जाने के लिए एकतरफा पहल तो कर सकता है लेकिन किसी मतभेद को विवाद घोषित करने या मध्यस्थता अदालत की प्रक्रिया को एकतरफा शुरू करने का कोई प्रावधान इस संधि में नहीं है। द्विपक्षीय संधियों में हमेशा आपसी निर्धारण का प्रावधान होता है और यही बात सिंधु जल समझौते पर भी लागू होती है।

12- पाकिस्तान की एकतरफा जिद संधि का उल्लंघन

अगर संधि के नियमों के तहत कोई विवाद आधिकारिक रूप से खड़ा ही नहीं हुआ है और उसके बिना ही पाकिस्तान मध्यस्थता अदालत गठित करने के लिए एकतरफा प्रक्रिया शुरू करता है तो यह संधि का सीधा उल्लंघन माना जाएगा और यह पूरी तरह से अवैध होगा। ऐसे में भारत के पास इसके खिलाफ सुधारात्मक कदम उठाने के कानूनी विकल्प मौजूद हैं।

13- वियना कन्वेंशन का कानूनी आधार

अंतरराष्ट्रीय कानून में जब कोई एक पक्ष संधि के किसी महत्वपूर्ण हिस्से का उल्लंघन करता है तो वियना कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ ट्रीटीज 1969 को जरूरी डॉक्यूमेंट के रूप में देखा जाता है। हालांकि भारत और पाकिस्तान दोनों ही इस कन्वेंशन के पक्षकार नहीं हैं और सिंधु जल समझौता इससे पहले का है लेकिन इसके नियम अंतरराष्ट्रीय प्रथागत कानून को दर्शाते हैं।

14- मटेरियल ब्रीच का नियम

वियना कन्वेंशन का अनुच्छेद 60 संधि के उल्लंघन के परिणामों को स्पष्ट करता है। इसके तहत संधि के उद्देश्य या प्रयोजन को पूरा करने के लिए आवश्यक किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करना मटेरियल ब्रीच यानी गंभीर उल्लंघन माना जाता है। यह भारत के लिए एक मजबूत कानूनी आधार तैयार करता है।

15- आतंकवाद के कारण भारत सस्पेंड कर सकता है संधि

डॉ विष्णु दत्त शर्मा के निष्कर्ष के मुताबिक इस पूरी संधि की मूल भावना सद्भावना और मित्रता पर आधारित है। ऐसे में यह दलील दी जा सकती है कि पाकिस्तान द्वारा लगातार सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देना संधि के तहत उसके दायित्वों को पूरा करने में विफलता है। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से किया जा रहा यह कृत्य एक मटेरियल ब्रीच का रूप लेता है। इस आधार पर भारत को अंतरराष्ट्रीय प्रथागत कानून के तहत यह पूरा अधिकार है कि वह सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दे। अगर पाकिस्तान जरूरी प्रक्रियाओं को दरकिनार कर भारत को एकतरफा मध्यस्थता अदालत में खींचने की कोशिश करता है तो वह खुद अपनी ही चाल में फंसकर मुंह की खाएगा।