Nepal Flood Video: नेपाल बाढ़ की तबाही के बीच हैवानियत! मृत महिला के बाल खींचकर कानोंर से उड़ाईं सोने की बालियां, ये शर्मनाक काम करने वाले कौन थे?

Nepal Flood News: नेपाल में आई अचानक और विनाशकारी बाढ़ के बीच एक दिल दहला देने वाली और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। लोग नेपाल में कुदरत के इस कहर के बीच अभी भी अपनी जान और अपनों को बचाने के लिए जूझ रहे हैं लेकिन इस त्रासदी के बीच दो पुरुषों ने संवेदनहीनता और हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। नेपाल में नारायणी नदी में बहकर आई एक मृत महिला के शव से सोने की बालियां चुराने का शर्मनाक मामला सामने आया है। नेपाल पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

वायरल वीडियो में दिखा हैवानियत का मंजर, मूकदर्शक बने रहे लोग

इस दर्दनाक और शर्मनाक घटना का खुलासा एक 41 सेकंड के वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद हुआ। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो शख्स बाढ़ के पानी में तैरती हुई महिला की लाश को लकड़ी के तख्तों की मदद से किनारे की ओर खींचते हैं।

इसके बाद दोनों आरोपियों ने महिला के शव को पानी से बाहर निकालने के नाम पर उसके बाल खींचे और फिर बेरहमी से उसके दोनों कानों से सोने की बालियां निकालकर अलग रख लीं। हैरान करने वाली बात यह भी रही कि जब यह घिनौना काम हो रहा था तब वहां मौजूद कई दूसरे लोग इसमें हस्तक्षेप करने या रोकने के बजाय अपने फोन से इस घटना का वीडियो बनाते रहे।

चितवन पुलिस ने की आरोपियों की पहचान, पोखरा बस पार्क के पास से हुए गिरफ्तार

शर्मनाक हरकत का यह वीडियो सामने आने के बाद नेपाल पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की। वीडियो के आधार पर नेपाल पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय मदन गुरुंग और 38 वर्षीय उमेश चौधरी के रूप में की।

हमारी सहयोगी वेबसाइट News18 की रिपोर्ट में नेपाली मीडिया पोर्टल खबरहब के हवाले से बताया गया है कि पुलिस ने दोनों संदिग्धों को गुरुवार को भरतपुर महानगरपालिका-1 स्थित पोखरा बस पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है कि ऐसे कठिन समय में बाढ़ पीड़ितों को निशाना बनाने वाली लूटपाट या किसी भी तरह की अमानवीय गतिविधि के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नेपाल में बाढ़ का कहर: 469 लोगों की मौत, सैकड़ों अभी भी लापता

यह शर्मनाक घटना ऐसे समय में हुई है जब नेपाल हिमालयी सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ की चपेट में है। बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा पर ल्हेन्दे नदी के पास बर्फ और चट्टानों के ढहने से भोटे कोशी और त्रिशूली नदी में पानी, मलबे और पत्थरों का भयंकर सैलाब आ गया था। इस तबाही की वजह से नेपाल में अब तक कम से कम 469 लोगों की जान जा चुकी है जबकि चीन की तरफ 3 लोगों की मौत हुई है। सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस आपदा का सबसे बड़ा असर रसुवा और धाडिंग जिलों में देखने को मिला।

बाढ़ का पानी नीचे बहते हुए नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व तक पहुंच गया। सड़कें और पुल बह जाने और कम्युनेकेशन के साथ बिजली सेवाएं ठप होने से राहत और बचाव टीमों को कई प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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खतरा अभी टला नहीं, नदियों के आसपास बना हुआ है जोखिम

नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग ने चेतावनी जारी की है कि खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक नदी में रुकावट आने की वजह से बनी झील से पानी अभी पूरी तरह से बाहर नहीं निकला है। इस वजह से भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में अभी भी लगातार खतरा मंडरा रहा है और वहां अलर्ट जारी है।

CM योगी का सख्त निर्देश- विकास परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक्सप्रेसवे से डिजिटल लाइब्रेरी तक काम समय पर पूरा करें

CM योगी का सख्त निर्देश- विकास परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक्सप्रेसवे से डिजिटल लाइब्रेरी तक काम समय पर पूरा करें

Yogi adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में प्रदेश में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल परियोजनाओं की घोषणा और स्वीकृति तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक परियोजना को तय समय में जमीन पर उतारना और उसका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाना है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण, निविदा, विभागीय समन्वय अथवा अन्य स्तर पर लंबित कार्यों का तत्काल समाधान किया जाए और जिन परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं है, उनकी नियमित समीक्षा कर जवाबदेही तय की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में बेहतर कनेक्टिविटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। एक्सप्रेसवे को केवल परिवहन परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि उद्योग, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 6 अगस्त को निविदा प्रकाशित हो चुकी है और सितंबर में इसका चयन किया जाना है। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक 1,339.04 हेक्टेयर भूमि में 1,222.25 हेक्टेयर, यानी 91.28 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80.43 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 84.82 प्रतिशत और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 79.27 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने और परियोजनाओं को निर्धारित समय में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। 

 

मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे की प्लानिंग के संबंध में बैठक में बताया गया कि सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है और अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को भूमि संबंधी कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि इन महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो।
 

ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, जिससे उत्तर प्रदेश देश और दुनिया की सप्लाई चेन का मजबूत केंद्र बन सके। उन्नाव के एक्वा बिजनेस प्रोजेक्ट की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। कानपुर के बिनगवां में 40 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से पनकी पावर प्लांट को उपचारित जल उपलब्ध कराने की परियोजना का कार्य पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी परियोजनाओं में संबंधित विभागों के इंजीनियरों की क्षमता निर्माण पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि परियोजनाओं की योजना, क्रियान्वयन और अनुरक्षण में गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। 

 

स्वास्थ्य संस्थानों, अस्पतालों और होटल-गेस्ट हाउस में अग्नि सुरक्षा की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने फायर एनओसी से संबंधित प्रभावी डिजिटल डेटाबेस तैयार करने तथा एनओसी की वैधता समाप्त होने से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए। 
 

लखनऊ में सीवर लाइन और मैनहोल के भीतर से गुजर रहे विद्युत एवं ओएफसी केबलों की स्थिति की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे में सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। जहां भी केबल सीवर लाइन अथवा मैनहोल से गुजर रहे हैं, उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार शिफ्ट किया जाए और कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यों में स्थानीय निकाय से एनओसी जरूर प्राप्त कर लें। 

 

विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां लाइन लॉस अत्यधिक हैं, वहां वास्तविक कारणों की पहचान कर ठोस कार्रवाई की जाए। बिजली चोरी, बिलिंग और वसूली की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए तथा अत्यधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में डिस्कॉम के जिम्मेदार अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए।
 

ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें ग्रामीण विद्यार्थियों और युवाओं के लिए अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल ज्ञान के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि डिजिटल लाइब्रेरियों से जुड़े सभी आवश्यक कार्य 30 सितंबर तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। 

 

जीरो पावर्टी अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चिन्हित सभी परिवारों को आवास की सुविधा मिलनी चाहिए। जिन पात्र परिवारों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में नहीं है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा पात्र परिवारों को राशन, आयुष्मान कार्ड, शौचालय, आवास और अन्य संबंधित योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा परिवार के कम से कम एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का प्रयास हो। बैठक में बताया गया कि 12.50 लाख चिन्हित परिवारों में नौ लाख परिवार आवास के लिए पात्र पाए गए हैं। इनमें 4.50 लाख लोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में है, जबकि करीब पांच लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाना है। 6.67 लाख परिवारों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं था। बीओसीडब्ल्यू में पंजीकृत परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्रवाई आगे बढ़ी है। 

 

श्रमिकों के लिए संचालित लेबर अड्डों की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लेबर अड्डों का सर्वे कर वहां पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, स्नान, चिकित्सा और भोजन जैसी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। श्रमिकों के लेबर कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। प्रत्येक नगर निगम क्षेत्र में मेडिकल मोबाइल यूनिट, मोबाइल कैंटीन और आवश्यकतानुसार अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। चंदौली में निर्मित फिश मार्केट के संचालन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तैयार परिसंपत्तियों का तत्काल और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। 

 

गोरखपुर में निर्माणाधीन 30 हजार क्षमता वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में बताया गया कि निर्माण कार्य दिसंबर 2025 में शुरू हुआ है और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है। इसी तरह मेरठ के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विभिन्न नीतियों के तहत देय वित्तीय प्रोत्साहनों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों को नीति के अनुरूप स्वीकृत वित्तीय प्रोत्साहन समय पर जारी किए जाएं। 

 

राजस्व विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत और पैमाइश से जुड़े मामलों का निस्तारण आम नागरिक के अधिकार और संपत्ति से सीधे जुड़ा विषय है। उन्होंने मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रयागराज में निरस्त किए गए विरासत संबंधी आवेदनों की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निरस्तीकरण की पूरी कार्रवाई मेरिट के आधार पर ही हुई हो और पात्र व्यक्ति किसी भी स्थिति में अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो। बैठक में बताया गया कि निर्विवाद विरासत के मामलों में सर्वाधिक 13,386 आवेदन प्रयागराज में निरस्त किए गए हैं। पैमाइश से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने और प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की नियमित समीक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि भूमि संबंधी विवाद अनावश्यक रूप से लंबित न रहें।

इंसानियत शर्मसार! नेपाल बाढ़ त्रासदी में दिखी हैवानियत, लाशों से गहने नोच रहे हैं नराधम

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nepal flood

नेपाल में हालिया विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। 350 से ज्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के लापता होने के बीच सोशल मीडिया पर सामने आई कुछ तस्वीरों और दावों ने इस त्रासदी को और भी विचलित करने वाला बना दिया है। इनमें दावा किया जा रहा है कि बाढ़ में मारे गए लोगों के शवों से गहने निकाले जा रहे हैं।

 लोग बहते शवों से गहने नोचते दिखाई दे रहे हैं।

एक्स पर वायरल एक पोस्ट में दावा किया गया है कि महिलाओं के शवों से आभूषण निकाले जा रहे हैं और यह किसी एक व्यक्ति की चोरी नहीं, बल्कि कथित तौर पर कई लोगों की मौजूदगी में की जा रही सामूहिक लूट है। हालांकि, वायरल तस्वीर की तारीख, स्थान की कोई जानकारी नहीं है।  शवों से आभूषण लूटने की घटना प्राकृतिक आपदा के बीच मानवीय संवेदनाओं के लिए बेहद गंभीर और शर्मनाक स्थिति है। आपदा में अपने परिजनों को खो चुके परिवारों के लिए मृतकों की गरिमा और सम्मान बनाए रखना समाज की बुनियादी जिम्मेदारी है।

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बाढ़ ने मचाई भारी तबाही

नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने कई इलाकों को अपनी चपेट में लिया है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ, चट्टानों और मलबे के खिसकने से अचानक आए तेज बहाव ने सड़कों, घरों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है।  इस प्राकृतिक आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं और राहत एवं बचाव अभियान जारी है। कई प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना भी चुनौती बना हुआ है।

नेपाल बाढ़ के बीच कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए इन 21 भारतीयों का हुआ रेस्क्यू, फुल लिस्ट यहां देखिए

Nepal Flash Flood: पड़ोसी देश नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और सैलाब के बीच भारतीय नागरिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी है कि ये सभी नागरिक सुरक्षित हैं और इन्हें नेपाल के बाढ़ प्रभावित टिमुरे क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया है।

जिन लोगों का रेस्क्यू किया गया उनकी पूरी लिस्ट भी रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट की है। इसे यहां नीचे देखा जा सकता है।

नेपाल में लापता भारतीयों में त्रिशूली प्रोजेक्ट के 73 कर्मचारी शामिल

राहत की इस खबर के बीच स्थिति की गंभीरता कम नहीं हुई है। आपको बता दें कि नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद 288 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। इन लापता भारतीयों में पर्यटक समूहों के अलावा जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। इनमें से 73 भारतीय नागरिक त्रिशूली वन पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास इन लापता कर्मचारियों के बारे में सटीक जानकारी जुटाने के लिए प्रोजेक्ट हेड के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।

तिब्बत में भी फंसे 200 भारतीय

नेपाल के साथ-साथ तिब्बत सीमा क्षेत्र में भी भारतीय यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रयास जारी हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक तिब्बत क्षेत्र में मौजूद लगभग 200 भारतीय नागरिकों ने भी भारत सरकार से सहायता मांगी है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत इस कठिन परिस्थिति में नेपाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और पड़ोसी देश की जरूरतों के अनुसार हर संभव सहायता और मानवीय राहत सामग्री प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

नेपाल में मौतों का आंकड़ा 270 पहुंचा, युद्ध स्तर पर जारी है सर्च ऑपरेशन

नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने तीन जिलों में भयंकर तबाही मचाई है। अधिकारियों और राहत टीमों द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियानों के बीच मौतों की संख्या बढ़कर 270 हो गई है। नेपाली सेना, पुलिस और राहत एजेंसियां हजारों लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।

Nepal-China Border Floods: नेपाल-चीन बॉर्डर पर अचानक आई बाढ़ में अब तक 160 लोगों की मौत, 133 भारतीय समेत 750 से अधिक लापता

Nepal-China Border Floods Update: तिब्बत की सीमा के पास मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार (27 अगस्त) सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। अचानक आई बाढ़ में करीब 160 लोगों की मौत हो गई तथा 133 भारतीय नागरिक समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं। बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई। कई महत्वपूर्ण पुल बह गए। कम से कम एक दर्जन हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट तबाह हो गईं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 8:37 बजे तिब्बत इलाके में भूकंप आया। उसके तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की खबर मिली, जिससे पता चलता है कि भूकंप के झटकों की वजह से हिमनद फटा होगा और उसी से बाढ़ आई होगी।

अधिकारियों ने बताया कि भोटे कोशी नदी में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा, जिससे तिब्बत से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित लेंडे नदी में पानी बढ़ने और चट्टानें खिसकने के कारण रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में भोटे कोशी के जरिए त्रिशूली नदी में भीषण बाढ़ आ गई। इसके बाद बाढ़ का पानी नदी के रास्ते नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व जैसे अन्य जिलों में फैल गया तथा राजधानी काठमांडू से लगभग 70 से 200 किलोमीटर दूर तक के इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया।

500 लोग लापता

नेपाल सरकार ने कहा कि करीब 500 लोग लापता हैं। जबकि चीन के सरकारी सीजीटीएन न्यूज चैनल ने बताया कि सीमा के चीनी हिस्से में तीन लोगों की मौत हुई और 265 लोग लापता हैं। प्रभावित इलाकों के वीडियो में कीचड़, चट्टानों और मलबे से भरा पानी तेज रफ्तार से सीमावर्ती क्षेत्र में बहता दिखाई दिया। तेज बहाव को इमारतों और वाहनों की ओर बढ़ते देख लोग भागते नजर आए।

सामने आए खौफनाक वीडियो

एक वीडियो में चार मंजिला इमारत को तेज बहाव में बहते देखा गया। जबकि एक अन्य वीडियो में रसुवा में एक कार बाढ़ के तेज पानी में बहती नजर आई। एक और वीडियो में पानी के जबरदस्त दबाव से एक लंबा पुल दो हिस्सों में टूटता दिखाई दिया। एक अन्य वीडियो में तेज बहाव के कारण पुल ढहते और बहते नजर आए। धादिंग जिले के एक वीडियो में बाढ़ का पानी एक पुल से टकराया, जिसके बाद वह ढहकर बह गया। एक अन्य वीडियो में कीचड़ भरा पानी तेजी से एक पुल को अपनी चपेट में लेता और करीब 30 सेकंड में उसे बहाकर ले जाता नजर आया।

133 भारतीय लापता

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 100 लोगों को बचाया गया है। इनमें से 30 लोगों का इलाज काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि लापता हुए करीब 500 लोगों में कम से कम 133 भारतीय और 37 अप्रवासी भारतीय (NRI) शामिल हैं। इनमें से कम से कम 50 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री हैं। गैर-लाभकारी संस्था ईशा फाउंडेशन ने बताया कि उसके 77 सदस्य लापता हैं, जो एक आव्रजन केंद्र पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि 495 लोग सुरक्षित लौट आए हैं। बाद में नेपाल सरकार ने कहा कि इस आव्रजन केंद्र के कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

तमिलनाडु के अधिकारियों ने बताया कि लापता 37 पर्यटक तंजावुर के रहने वाले हैं। भारतीयों और अप्रवासी भारतीयों के अलावा लापता हुए बाकी पर्यटक दो दर्जन से ज्यादा देशों से हैं, जिनमें अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड शामिल हैं। इसके अलावा, विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने प्रतिनिधि सभा को बताया कि अलग-अलग जगहों पर 80 सुरक्षाकर्मी लापता हो गए हैं, जिनमें नेपाल सेना के 44 जवान भी शामिल हैं।

भारत ने मदद के लिए बढ़ाया हाथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से फोन पर बात की। उन्हें हालात से निपटने के लिए हरसंभव मानवीय मदद का भरोसा दिलाया। नई दिल्ली ने पड़ोसी देश को राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी है। काठमांडू में भारतीय दूतावास ने अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए।

X पर एक पोस्ट में कहा गया है कि लोग +977 985 131 6807 या +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। भारतीय दूतावास ने X पर एक और पोस्ट में कहा कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों के शीघ्र बचाव और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए वह नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। साथ ही, नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर बचाव और राहत कार्यों को और मजबूत किया जा रहा है।

टोल-फ्री नंबर जारी

नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री आपातकालीन नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और पर्यटक पुलिस का नंबर 9851289445 जारी किया है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने भी हेल्पलाइन नंबर 0086 185 1428 4905 जारी किया है, जिस पर व्हाट्सऐप के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश और केरलम समेत कई अन्य भारतीय राज्यों ने भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं क्योंकि उन्हें आशंका है कि नेपाल में फंसे लोगों में उनके राज्य के निवासी भी हो सकते हैं।

19 पुल बह गए

‘काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ से नुवाकोट के बेत्रावती को रसुवा के रसुवागढ़ी सीमा चौकी से जोड़ने वाली 42 किलोमीटर लंबी सड़क बह गई। सरकार ने बाद में बताया कि बुधवार को अचानक आई बाढ़ में 19 पुल बह गए। हालात का जायजा लेने के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री शाह की अध्यक्षता में हुई एक आपात बैठक के बाद प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य के लिए नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया।

खोज और बचाव अभियान जारी

सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, शाह ने जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई। साथ ही इन दुखद घटनाओं में घायल हुए लोगों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हर जरूरी मदद देने का निर्देश दिया। नेपाल सेना ने अचानक आई बाढ़ के बाद खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए।

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नेपाल सेना के एक बयान के अनुसार, रसुवा जिले के स्याफ्रुबेसी से छह, मैलुंग से दो और धुंचे से चार लोगों को बचाया गया। बयान में कहा गया कि आपात चिकित्सा बचाव दल से लैस सेना का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी त्रिशूली के जिला अस्पताल की ओर भेजा गया है। प्रधानमंत्री शाह ने बाढ़ प्रभावित देश में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए हरसंभव मानवीय सहायता की पेशकश करने और एकजुटता व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का देर शाम आभार व्यक्त किया।

Shweta Tiwari ने बेटी Palak Tiwari को दी जिंदगी की सबसे जरूरी सीख | Shweta Tiwari Parenting lesson

Shweta Tiwari ने बेटी Palak Tiwari को दी जिंदगी की सबसे जरूरी सीख | Shweta Tiwari Parenting lesson

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हर माँ चाहती है कि उसका बच्चा मजबूत बने।
लेकिन मजबूती हमेशा समझाने से नहीं आती। कभी-कभी बच्चे अपने माता-पिता के फैसलों से सीखते हैं कि कहाँ समझौता करना है… और कहाँ अपने लिए खड़ा होना है।
श्वेता तिवारी और उनकी बेटी पलक की कहानी इसी रिश्ते का एक बेहद मानवीय पहलू दिखाती है।
शायद बच्चों के लिए हमारी सबसे बड़ी सीख, हमारी अपनी जिंदगी होती है।

@shweta.tiwari

Shweta Tiwari ने बेटी Palak Tiwari को दी जिंदगी की सबसे जरूरी सीख | Shweta Tiwari Parenting lesson for her Daughter | Shweta Tiwari in Traitors 2

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Nepal Flash Flood: नेपाल में सैलाब के बीच कैलाश मानसरोवर जा रहे 400 लोगों के साथ क्या हुआ?

Nepal Flash Flood: नेपाल और चीन सीमा से सटे इलाकों में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल के रसुवा जिले में स्थित भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से सीमावर्ती गांव और बस्तियां पानी के तेज बहाव में बह गईं। इस आपदा में कई लोगों की जान जाने की खबर है जबकि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत की ओर जा रहे करीब 400 श्रद्धालु रसुवागढ़ी क्षेत्र में लापता या संपर्क से बाहर हो गए हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ लापता लोगों की तलाश में जुट गया है।

93 नेपाली नागरिकों सहित 390 से अधिक यात्री फंसे

काठमांडू स्थित ‘टच कैलाश ट्रेवल्स एंड टूर्स’ के प्रबंध निदेशक बासु कुमार अधिकारी के मुताबिक बुधवार 26 अगस्त को कुल 390 यात्रियों को सीमा पार करना था। इनमें 93 नेपाली नागरिक भी शामिल थे। ये सभी श्रद्धालु अलग-अलग ट्रेवल एजेंसियों के माध्यम से यात्रा पर निकले थे। उन्होंने बताया कि दोपहर 3 बजे तक इनमें से कुछ ही लोगों से संपर्क हो पाया था जबकि अधिकांश श्रद्धालुओं के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

लापता यात्रियों में सम्राट टूर्स एंड ट्रेवल्स के 71, लीफ हॉलीडेज के 55, काठमांडू हॉलीडेज के 17, कैलाश जर्नी के 31, एक्सप्लोर वेकेशन के 7, ट्रेकर्स सोसाइटी के 92, रिचा टूर्स के 12, फिशटेल टूर एंड ट्रेवल्स के 27, हिमालयन ग्लेशियर के 62 और अल्पाइन इको ट्रेक के 16 ग्राहक शामिल हैं। ट्रेकिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ नेपाल के अध्यक्ष सागर पांडे ने बताया कि लापता श्रद्धालुओं से संपर्क साधने और उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है।

भोटे कोशी नदी में अचानक उछाल से 19 लोगों की मौत

नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफ्ले ने एएफपी को बताया कि तिब्बत की ओर से अचानक आए पानी के तेज बहाव की वजह से सुबह करीब 9 बजे रसुवा जिले की भोटे कोशी नदी में भीषण बाढ़ आ गई। इस बाढ़ ने टिमुरे और स्याप्रु बेसी इलाकों में जबरदस्त तबाही मचाई है। पुलिस प्रवक्ता के मुताबित अब तक 19 शव बरामद किए जा चुके हैं। बचाव और राहत के काम चल रहे हैं।

बाढ़ के असर के कारण पुलिस बल के कई जवान भी संपर्क से बाहर हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने मंत्रिपरिषद के साथ एक अहम बैठक की अध्यक्षता की और प्रभावित क्षेत्रों में खोज व बचाव अभियानों में तेजी लाने के निर्देश जारी किए।

भारत ने जताया दुख, हर संभव मदद का दिया आश्वासन

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर इस त्रासदी में हुई जनहानि पर संवेदना प्रकट की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की है और भारत इस कठिन घड़ी में नेपाल के भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है और दोनों देशों की टीमें राहत व बचाव कार्यों में आपस में गहरा समन्वय बना रही हैं।

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Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

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मेरठ पुलिस लाइन परिसर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही कैंसर स्क्रीनिंग एवं रेफरल सेंटर आकार लेता नजर आएगा। करीब 60 लाख रुपए की सांसद निधि से बनने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आम लोगों के मन से कैंसर का भय खत्म करना, रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करना है। इस केंद्र पर पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। जांच के दौरान कैंसर की आशंका या पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जाएगा।

 

 आज इस सेंटर के नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की सांसद निधि से भवन और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। ममता, गुड्डी समेत कई आशा कार्यकर्ताओं को कैंसर की चिकित्सा किट भी वितरित की गईं।

 

 प्रदेश की पहली पुलिस लाइन में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्रदेश की पहली पुलिस लाइन होगी, जहां कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कैंसर मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करने की अपील की।

 

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने कहा कि जागरूकता की कमी और समय पर जांच नहीं कराने के कारण कई मामलों में कैंसर की पहचान देर से होती है। स्क्रीनिंग सेंटर शुरू होने के बाद शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान करने में मदद मिलेगी। इससे मरीज को समय रहते विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा जा सकेगा।

 

मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि केंद्र का लाभ पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी मिलेगा। कैंसर की समय रहते पहचान होने पर उपचार की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने का रास्ता आसान होगा। 

 

राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र के इंचार्ज डाक्टर अंकुर त्यागी का विशेष योगदान है, इस कैंसर स्कैनिंग सेंटर खोलने के लिए। वह हमेशा कहते थे कि इस बीमार से लड़ने के लिए और सुलभ इलाज के लिए सेंटर होना चाहिए, आज भूमिपूजन कर दिया गया है, चार महीने में यह सेंटर अपना रूप ले लेगा, लेकिन तब तक अस्थायी सेंटर द्वारा सैंपल लेकर इलाज शुरू कर दिया जायेगा। 

 

भवन और उपकरणों पर खर्च होंगे करीब 60 लाख रुपये

 

प्रस्ताव के अनुसार सेंटर के नए भवन के निर्माण पर 36.65 लाख रुपये और उपकरणों की खरीद पर 23.05 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस तरह भवन और उपकरणों पर कुल करीब 59.70 लाख रुपए की राशि खर्च होगी।

 

केंद्र शुरू होने के बाद लोगों को प्रारंभिक जांच के लिए निजी संस्थानों या दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के साथ समन्वय करते हुए आगे के उपचार के लिए भेजा जाएगा।

 

एम्स के विशेषज्ञों से मिलेगा परामर्श

 

सेंटर की एक खास सुविधा यह होगी कि जांच में कैंसर की पुष्टि होने या जटिल स्थिति सामने आने पर एम्स नई दिल्ली और झज्जर के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दूरभाष के माध्यम से परामर्श लिया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

 

सभी मरीजों की जांच और उपचार से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीज के फॉलोअप और आगे के उपचार में चिकित्सकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

 

मुंह से लेकर स्तन और प्रोस्टेट कैंसर तक की होगी स्क्रीनिंग

 

इस केंद्र में विभिन्न प्रकार के कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, हड्डियों से संबंधित कैंसर अन्य संदिग्ध कैंसर की प्रारंभिक जांच शामिल हैं। जांच के दौरान संदिग्ध मामला मिलने पर मरीज को आवश्यकतानुसार आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।

 

चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव

 

सेंटर के संचालन के लिए एक पुरुष स्टाफ नर्स, दो महिला स्टाफ नर्स, एक एक्स-रे तकनीशियन और एक लैब तकनीशियन की तैनाती का प्रस्ताव है। इससे स्क्रीनिंग, जांच और मरीजों को आगे रेफर करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता समेत स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्‍स देंगे परामर्श

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मेरठ पुलिस लाइन परिसर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही कैंसर स्क्रीनिंग एवं रेफरल सेंटर आकार लेता नजर आएगा। करीब 60 लाख रुपए की सांसद निधि से बनने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आम लोगों के मन से कैंसर का भय खत्म करना, रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करना है। इस केंद्र पर पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। जांच के दौरान कैंसर की आशंका या पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जाएगा।

 

 आज इस सेंटर के नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की सांसद निधि से भवन और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। ममता, गुड्डी समेत कई आशा कार्यकर्ताओं को कैंसर की चिकित्सा किट भी वितरित की गईं।

 

 प्रदेश की पहली पुलिस लाइन में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्रदेश की पहली पुलिस लाइन होगी, जहां कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कैंसर मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करने की अपील की।

 

अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने कहा कि जागरूकता की कमी और समय पर जांच नहीं कराने के कारण कई मामलों में कैंसर की पहचान देर से होती है। स्क्रीनिंग सेंटर शुरू होने के बाद शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान करने में मदद मिलेगी। इससे मरीज को समय रहते विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा जा सकेगा।

 

मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि केंद्र का लाभ पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी मिलेगा। कैंसर की समय रहते पहचान होने पर उपचार की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने का रास्ता आसान होगा। 

 

राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र के इंचार्ज डाक्टर अंकुर त्यागी का विशेष योगदान है, इस कैंसर स्कैनिंग सेंटर खोलने के लिए। वह हमेशा कहते थे कि इस बीमार से लड़ने के लिए और सुलभ इलाज के लिए सेंटर होना चाहिए, आज भूमिपूजन कर दिया गया है, चार महीने में यह सेंटर अपना रूप ले लेगा, लेकिन तब तक अस्थायी सेंटर द्वारा सैंपल लेकर इलाज शुरू कर दिया जायेगा। 

 

भवन और उपकरणों पर खर्च होंगे करीब 60 लाख रुपये

 

प्रस्ताव के अनुसार सेंटर के नए भवन के निर्माण पर 36.65 लाख रुपये और उपकरणों की खरीद पर 23.05 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस तरह भवन और उपकरणों पर कुल करीब 59.70 लाख रुपए की राशि खर्च होगी।

 

केंद्र शुरू होने के बाद लोगों को प्रारंभिक जांच के लिए निजी संस्थानों या दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के साथ समन्वय करते हुए आगे के उपचार के लिए भेजा जाएगा।

 

एम्स के विशेषज्ञों से मिलेगा परामर्श

 

सेंटर की एक खास सुविधा यह होगी कि जांच में कैंसर की पुष्टि होने या जटिल स्थिति सामने आने पर एम्स नई दिल्ली और झज्जर के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दूरभाष के माध्यम से परामर्श लिया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा।

 

सभी मरीजों की जांच और उपचार से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीज के फॉलोअप और आगे के उपचार में चिकित्सकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

 

मुंह से लेकर स्तन और प्रोस्टेट कैंसर तक की होगी स्क्रीनिंग

 

इस केंद्र में विभिन्न प्रकार के कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, हड्डियों से संबंधित कैंसर अन्य संदिग्ध कैंसर की प्रारंभिक जांच शामिल हैं। जांच के दौरान संदिग्ध मामला मिलने पर मरीज को आवश्यकतानुसार आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।

 

चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव

 

सेंटर के संचालन के लिए एक पुरुष स्टाफ नर्स, दो महिला स्टाफ नर्स, एक एक्स-रे तकनीशियन और एक लैब तकनीशियन की तैनाती का प्रस्ताव है। इससे स्क्रीनिंग, जांच और मरीजों को आगे रेफर करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता समेत स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

नेपाल में कुदरत के कहर के बीच पीएम मोदी ने बालेन शाह से बात कर दिया मदद का भरोसा

नेपाल में कुदरत के कहर के बीच पीएम मोदी ने बालेन शाह से बात कर दिया मदद का भरोसा

Modi Balen Shah Telephonic Conversation

Modi Balen Shah Telephonic Conversation on Flood Tragedy: नेपाल में कुदरत का भयानक कहर जारी है। भीषण बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। संकट की इस कठिन घड़ी में भारत अपने पड़ोसी मित्र देश नेपाल की ओर पूरी मजबूती से मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से टेलीफोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

नेपाल में भीषण बारिश और बाढ़ के कारण मची तबाही के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर एकजुटता व्यक्त की है। पीएम मोदी ने इस प्राकृतिक आपदा में लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया और नेपाल को संकट की इस घड़ी में हरसंभव सहायता प्रदान करने का भरोसा दिया। उल्लेखनीय है कि नेपाल में भीषण बाढ़ के चलते 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि 400 पर्यटक लापता हैं। इनमें 133 भारतीय भी शामिल हैं।


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नेपाल के साथ खड़ा है भारत : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बातचीत में इस बात को रेखांकित किया कि भारत और नेपाल के बीच सिर्फ सीमाएं नहीं, बल्कि गहरी सांस्कृतिक और भाईचारे की भावना जुड़ी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को आश्वस्त किया कि भारत सरकार संकट के इस समय में नेपाल को राहत सामग्री, बचाव कार्य और किसी भी प्रकार की आपातकालीन सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है।


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राहत और बचाव में मदद का आश्वासन

नेपाल के कई हिस्से भारी बारिश और उफनती नदियों के कारण पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत नेपाल की जरूरतों के आधार पर तुरंत मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजने के लिए तत्पर है। गौरतलब है कि जब भी पड़ोसी देशों पर ऐसी प्राकृतिक आपदा आती है, तो भारत 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी प्रथम) की नीति के तहत सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाता है।