Petrol Diesel Price Today: 15 अगस्त को पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, जानें आपके शहर में आज का रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 15 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

ट्रम्प बोले-ईरान को हराने के बाद होर्मुज अमेरिका का होगा:ईरान बोला- ट्वीट के जरिए इस पर कब्जा नहीं होगा, ये हमारा था, है और रहेगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को हराने के बाद वे होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का ‘इलाका’ घोषित करेंगे। उन्होंने यह बात शुक्रवार को न्यूयॉर्क में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कही। वे न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन पार्टी की रैली को संबोधित कर रहे थे। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान करीब छह महीने से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए समझौते की कोशिश कर रहे हैं। उनके इस बयान के बाद ईरान ने भी पलटवार किया। उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज ईरान की था, है और रहेगा। इसे किसी ट्वीट या चुनावी भाषण के जरिए नहीं कब्जाया जा सकता। उन्होंने कहा कि ईरान न तो धमकियों से डरता है और न ही किसी ताकत के आगे झुकता है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता माना जाता है। इसी रास्ते से दुनिया के कई देशों तक तेल, प्राकृतिक गैस और खाद पहुंचती है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती थी।
ट्रम्प बोले- अमेरिका का होर्मुज पर पूरा कंट्रोल ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। इससे पहले भी ट्रम्प दावा कर चुके हैं कि अमेरिका का इस समुद्री मार्ग पर पूरा नियंत्रण है और वह इसे अपने नियंत्रण में बनाए रखेगा। ट्रम्प ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को स्टील की दीवार बताया था। उन्होंने दावा किया था कि ईरान के पास इसका मुकाबला करने का कोई रास्ता नहीं है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि तेहरान का सैन्य ढांचा बुरी तरह कमजोर हो चुका है। ईरान ने ट्रम्प के दावे को खारिज किया ट्रम्प के बयान के तुरंत बाद ईरान ने उनके दावे को खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अब भी बंद है और जब तक उसकी शर्तें नहीं मानी जातीं, इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा। पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने भी कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बार-बार यह कहने से कि होर्मुज स्ट्रेट खुल गया है, जमीनी हकीकत नहीं बदलती। अथॉरिटी के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट अभी भी बंद है और ईरान की शर्तें पूरी होने तक बंद ही रहेगा
ईरान ने रखीं 7 बड़ी शर्तें होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बदले ईरान ने भी अमेरिका के सामने कई शर्तें रखी हैं। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाघेर जोलघदार के मुताबिक, अमेरिका को… 28 फरवरी से होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई प्रभावित रही 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई लगातार प्रभावित रही। समुद्री बारूदी सुरंगों, मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे, अमेरिका और ईरान की नाकेबंदी तथा बढ़ी बीमा लागत के कारण इस रास्ते से हर दिन गुजरने वाला कच्चा तेल 2 करोड़ बैरल से घटकर 37 लाख बैरल रह गया। होर्मुज पर ईरान दावा क्यों करता है? हॉर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित है। इसका उत्तरी किनारा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी किनारा ओमान के पास है। सबसे संकरी जगह पर इसकी चौड़ाई सिर्फ 21 नॉटिकल मील (करीब 39 किलोमीटर) है। शुरुआत में दोनों देशों का समुद्री क्षेत्र सिर्फ 3 नॉटिकल मील तक माना जाता था। लेकिन बाद में समुद्री कानूनों में बदलाव के बाद ईरान ने 1959 में और ओमान ने 1972 में अपने-अपने समुद्री क्षेत्र की सीमा बढ़ाकर 12-12 नॉटिकल मील (करीब 22-22 किलोमीटर) कर दी। इस फैसले के बाद हॉर्मुज स्ट्रेट का सबसे संकरा हिस्सा पूरी तरह ईरान और ओमान के समुद्री क्षेत्रों में आ गया। हालांकि समुद्री आवाजाही जारी रहे इसके 2-2 नॉटिकल मील का चौड़ा ट्रांजिट लेन बनाया गया।

ट्रम्प बोले-ईरान की हार के बाद होर्मुज अमेरिका का होगा:ईरान का पलटवार- सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कब्जा नहीं होता, ये हमारा ही रहेगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को हराने के बाद वे होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का ‘इलाका’ घोषित करेंगे। उन्होंने यह बात शुक्रवार को न्यूयॉर्क में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कही। वे न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन पार्टी की रैली को संबोधित कर रहे थे। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान करीब छह महीने से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए समझौते की कोशिश कर रहे हैं। उनके इस बयान के बाद ईरान ने भी पलटवार किया। उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज ईरान की था, है और रहेगा। इसे किसी ट्वीट या चुनावी भाषण के जरिए नहीं कब्जाया जा सकता। उन्होंने कहा कि ईरान न तो धमकियों से डरता है और न ही किसी ताकत के आगे झुकता है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता माना जाता है। इसी रास्ते से दुनिया के कई देशों तक तेल, प्राकृतिक गैस और खाद पहुंचती है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती थी। ट्रम्प बोले- अमेरिका का होर्मुज पर पूरा कंट्रोल ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। इससे पहले भी ट्रम्प दावा कर चुके हैं कि अमेरिका का इस समुद्री मार्ग पर पूरा नियंत्रण है और वह इसे अपने नियंत्रण में बनाए रखेगा। ट्रम्प ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को स्टील की दीवार बताया था। उन्होंने दावा किया था कि ईरान के पास इसका मुकाबला करने का कोई रास्ता नहीं है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि तेहरान का सैन्य ढांचा बुरी तरह कमजोर हो चुका है। ईरान ने ट्रम्प के दावे को खारिज किया ट्रम्प के बयान के तुरंत बाद ईरान ने उनके दावे को खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अब भी बंद है और जब तक उसकी शर्तें नहीं मानी जातीं, इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा। पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने भी कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बार-बार यह कहने से कि होर्मुज स्ट्रेट खुल गया है, जमीनी हकीकत नहीं बदलती। अथॉरिटी के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट अभी भी बंद है और ईरान की शर्तें पूरी होने तक बंद ही रहेगा ईरान ने रखीं 7 बड़ी शर्तें होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बदले ईरान ने भी अमेरिका के सामने कई शर्तें रखी हैं। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाघेर जोलघदार के मुताबिक, अमेरिका को… 28 फरवरी से होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई प्रभावित रही 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई लगातार प्रभावित रही। समुद्री बारूदी सुरंगों, मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे, अमेरिका और ईरान की नाकेबंदी तथा बढ़ी बीमा लागत के कारण इस रास्ते से हर दिन गुजरने वाला कच्चा तेल 2 करोड़ बैरल से घटकर 37 लाख बैरल रह गया। होर्मुज पर ईरान दावा क्यों करता है? हॉर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित है। इसका उत्तरी किनारा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी किनारा ओमान के पास है। सबसे संकरी जगह पर इसकी चौड़ाई सिर्फ 21 नॉटिकल मील (करीब 39 किलोमीटर) है। शुरुआत में दोनों देशों का समुद्री क्षेत्र सिर्फ 3 नॉटिकल मील तक माना जाता था। लेकिन बाद में समुद्री कानूनों में बदलाव के बाद ईरान ने 1959 में और ओमान ने 1972 में अपने-अपने समुद्री क्षेत्र की सीमा बढ़ाकर 12-12 नॉटिकल मील (करीब 22-22 किलोमीटर) कर दी। इस फैसले के बाद हॉर्मुज स्ट्रेट का सबसे संकरा हिस्सा पूरी तरह ईरान और ओमान के समुद्री क्षेत्रों में आ गया। हालांकि समुद्री आवाजाही जारी रहे इसके 2-2 नॉटिकल मील का चौड़ा ट्रांजिट लेन बनाया गया।

Trading plan: बाजार कह रहा है कुछ दिन ट्रेडिंग ना करें, एकदम पक्का भरोसा मिले तभी करें ट्रेड

Trading plan : पूरे दिन एक रेंज में घूमने के बाद बाजार में निचले स्तरों से रिकवरी आई है। बैंक निफ्टी में भी दिन के लो से सुधार हुआ है। इधर मिडकैप और स्मॉलकैप में हल्का दबाव है। कच्चा तेल 88 डॉलर के ऊपर आ गया है। आज अर्निंग्स सीजन का आखिरी दिन भी है। मेटल और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी आई है। दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब करीब एक फीसदी फिसले हैं। साथ ही कैपिटल मार्केट,केमिकल्स और FMCG पर भी दबाव है। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल और कैपिटल गुड्स में हल्की खरीदारी आई है।

चुनिंदा प्रीपेड प्लान महंगे होने की खबर के बाद टेलीकॉम शेयरों में जबरदस्त एक्शन देखने को मिला है। 3 फीसदी की तेजी के साथ भारती एयरटेल में ब्रेकआउट देखने को मिला है। वोडाफोन आइडिया भी 4 फीसदी भागा है। भारती हेक्सा भी ऊपर कारोबार कर रहा है। कल के नतीजों और ब्रोकरेज की बुलिश रिपोर्ट्स के दम पर जुबिलेंट फूड भागा है। यह शेयर करीब 4 फीसदी चढ़कर वायदा का टॉप गेनर बना है। वहीं अच्छे नतीजों के बाद वेल्सपन लिविंग 5 फीसदी उछला है। साथ ही इंडिगो पेंट्स में भी जोरदार तेजी आई है। उधर नतीजों के बाद ओपोलो हॉस्पिटल में भी लगातार दूसरे दिन तेजी कायम है।

खराब रिजल्ट के बाद टाटा मोटर्स PV में तेज गिरावट देखने को मिली है। JLR फिर सिरदर्द बना है। यह शेयर 5 फीसदी टूटकर निफ्टी का टॉप लूजर बना है। वहीं ब्राजील की कंपनी ALUNORTE की एल्युमिना प्रोडक्शन बढ़ाने की खबर से नाल्को 5 फीसदी टूटा है।

बाजार: उलझन भरा दिन और हफ्ता

सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि पूरे दिन और पूरा हफ्ते बाजार एक दायरे में रहा। निफ्टी न चलने को तैयार है,न गिरने को। बैंक निफ्टी और निफ्टी IT में भी कोई बड़ा ट्रेंड नहीं है। आज मिड और स्मॉलकैप्स में भी काफी कम मौके रहे। Adv/Dec आज थोड़ा खराब रहा। इंडिया VIX में कोई बदलाव नहीं हुआ, PCR भी समान रहा। आज अर्निंग्स सीजन का भी आखिरी दिन है। कच्चा तेल भी वापस $88.5 के स्तर पर आ गया है।

बाजार: अब क्या?

बाजार कह रहा है कुछ दिन ट्रेडिंग ना करें। एकदम ही भरोसा मिले तभी ट्रेड करें। वरना रेंज को स्मार्टली किनारों पर ट्रेड करें। आज भी निफ्टी ने दोनों तरफ के SL नहीं छुए। लेकिन निफ्टी ट्रेड्स में 50-60 अंक मिल रहे हैं। ऐसा मार्केट्स आमतौर पर आपको थका देता है। इसलिए जरूरी है कि ओवरट्रेडिंग न करें। जबरदस्ती ट्रेड न ढूंढें, ट्रेड को आने दें। टेलीकॉम में बड़ी खबर के बाद ब्रेकआउट देखने को मिला है। डिफेंस एक और मजबूत पॉकेट है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,250-24,300 पर सपोर्ट और 24,450-24,500 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,100-57,300 पर सपोर्ट और 57,600-57,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

आगे खपत से जुड़ी कंपनियों में दिखेगी जोरदार तेजी, फिनटेक और क्विक कॉमर्स शेयरों पर रहे नजर – आशीष चतुरमोहता

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : बाजार में कंसोलिडेशन का दौर जारी रहने की उम्मीद, इन शेयरों में बन सकता है पैसा

Market Trend : 13 अगस्त को बाजार में और गिरावट आई और निफ्टी 0.16 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। बाजार का रुख मंदड़ियों के पक्ष में रहा। NSE पर 1,489 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 1,558 शेयरों में गिरावट देखने को मिली। आज भी बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कंसोलिडेशन का दौर जारी रहने की उम्मीद है। बाजार की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24450-24488/24510 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24530-24591 पर है। इसके लिए पहला बेस 24288-24330 पर और बड़ा बेस 24196-24265 पर है।

FIIs की कैश में बिकवाली देखने को मिली है। इंडेक्स में शॉर्ट हुए है। नेट शॉर्ट 1.68 लाख पर रहे हैं। कच्चा तेल अभी भी ऊपर है। US बाजारों से हैंडओवर साइडवेज रहा। AI रैली की संभावना फिर से बनी हुई है। यह IT के लिए निगेटिव है। 24500-24600-24700 पर कॉल राइटिंग हुई है। 24450-24510 पहली बाधा है, इसके ऊपर 24591-24600 पर अगली बाधा है।

24300-24200 पर मजबूत पुट राइटिंग हुई है। 24300-24288 पर सपोर्ट है। फिर 24265-24196 पर अगला बड़ा सपोर्ट है। शुरुआती रेंज 24450-24330 के बीच दिख रही है। बड़ी रेंज 24510-24265 के बीच है। रजिस्टेंस-1 के पास शॉर्ट से निकले/कवर करें,बेस-1 के पास खरीदारी करें। 24510-24530 के ऊपर निकलने पर रेंज बढ़ेगी।

निफ्टी बैंक पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57888-58040 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58189-58271 पर है। इसके लिए पहला बेस 57390/57441-57566 पर और बड़ा बेस 57161-57277 पर है। 57800-58000 से 57500-400 के बीच कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। अभी शॉर्ट कवरिंग और रेंज ब्रेकआउट के संकेत नहीं है। 57900-58040 से 57510-390 की रेंज पर फोकस करें। रजिस्टेंस-1 के करीब गिरावट में खरीदें/शॉर्ट से निकलें। बड़े ब्रेकआउट के लिए 58189-58271 पार करना जरूरी है। 57390 टूटने पर कमजोरी बढ़ेगी,फिर 58271-189 संभव है।

Market cues : 24360 के नीचे बने रहने पर 24300-24200 तक गिर सकता है निफ्टी, ऊपर की तरफ 24500 पर रेजिस्टेंस

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं www.rajeshsatpute.com के राजेश सातपुते। इनकी ओबेरॉय रियल्टी फ्यूचर्स में 1820 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1900 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। यूनियन बैंक फ्यूचर्स में भी इनकी 182 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 194 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ईरान जंग ने बदला दशकों पुराना तेल कारोबार:खाड़ी देशों का होर्मुज पर भरोसा खत्म हुआ, अब नई पाइपलाइन पर अरबों डॉलर खर्च कर रहे

छह महीने पहले तक खाड़ी देशों के लिए तेल बेचना बेहद आसान था। सबसे कम लागत में तेल निकालो, होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते दुनिया तक पहुंचाओ और सबसे ज्यादा कीमत देने वाले देशों को बेच दो। लेकिन ईरान के साथ जंग के बाद यह मॉडल बदल गया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई लगातार प्रभावित रही। समुद्री बारूदी सुरंगों, मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे, अमेरिका और ईरान की नाकेबंदी तथा बढ़ी बीमा लागत के कारण इस रास्ते से हर दिन गुजरने वाला कच्चा तेल 2 करोड़ बैरल से घटकर 37 लाख बैरल रह गया। इसी वजह से सऊदी अरब, UAE और कुवैत समेत कई खाड़ी देश अब होर्मुज पर निर्भरता कम करने में जुट गए हैं। नई पाइपलाइन बिछाई जा रही हैं, पुरानी लाइनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है और एशिया में ऑयल स्टोरेज तैयार किया जा रहा है। UAE चाहता है, पूरा तेल होर्मुज से गुजरे बिना निर्यात हो इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल UAE है। इस देश का कारोबार काफी हद तक व्यापार और समुद्री रास्तों पर निर्भर है। लेकिन होर्मुज संकट का सबसे ज्यादा असर भी उसी पर पड़ा। इसलिए अब वह ऐसे नए रास्ते तैयार कर रहा है, जहां से व्यापार और तेल निर्यात होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर न रहे। इसके लिए ओमान की खाड़ी के किनारे बसे फुजैरा में दूसरी तेल पाइपलाइन का काम तेजी से चल रहा है। यह पाइपलाइन अबू धाबी के तेल क्षेत्रों को सीधे फुजैरा से जोड़ेगी, जिससे टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रोजेक्ट पूरी होने के बाद UAE की होर्मुज स्ट्रेट को बायपास कर तेल निर्यात करने की क्षमता बढ़कर 36 लाख बैरल प्रतिदिन हो जाएगी। यानी कि अबू धाबी के लगभग पूरे ऑनशोर तेल को बिना होर्मुज स्ट्रेट में प्रवेश किए सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भेजा जा सकेगा। ऑनशोर तेल का मतलब है जमीन पर स्थित तेल इलाके से निकाला गया कच्चा तेल। इसके उलट ऑफशोर तेल समुद्र के अंदर बने तेल कुओं से निकाला जाता है। UAE सिर्फ तेल ही नहीं, गैस कारोबार को भी सुरक्षित बनाने में जुटा है। उसकी सरकारी कंपनी एडीएनओसी (ADNOC) ने प्राकृतिक गैस परियोजनाओं में 8.2 अरब डॉलर निवेश करने का ऐलान किया है। साथ ही पूर्वी तट पर नया LNG निर्यात टर्मिनल बनाने की योजना है, ताकि भविष्य में गैस निर्यात भी होर्मुज स्ट्रेट पर कम निर्भर रहे। सऊदी ने रेड सी को बनाया नया रास्ता होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे के बाद सऊदी अरब ने अपनी 1,201 किलोमीटर लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा दिया है। 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान बनी यह पाइपलाइन देश के पूर्वी तेल क्षेत्रों को रेड सी के यानबू पोर्ट से जोड़ती है। अब सऊदी अरब इसी पाइपलाइन के जरिए हर दिन 70 लाख बैरल कच्चा तेल रेड सी के रास्ते दुनिया के बाजारों तक भेज रहा है। सरकार इसकी क्षमता में 10 से 20 लाख बैरल प्रतिदिन की और बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। साथ ही रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के लिए समानांतर नई पाइपलाइन बनाने पर भी काम चल रहा है। कुवैत और इराक भी नए रास्ते तलाश रहे कुवैत सऊदी अरब और अन्य अरब देशों के साथ ऐसी पाइपलाइन पर चर्चा कर रहा है, जो उसके तेल क्षेत्रों को रेड सी या ओमान के बंदरगाहों से जोड़ सके। वहीं, इराक और जॉर्डन ने कई साल से रुकी पाइपलाइन परियोजना फिर शुरू कर दी है। इसके जरिए हर दिन 10 लाख बैरल तक तेल रेड सी के अकाबा बंदरगाह तक भेजा जा सकेगा। इराक, किरकुक से सीरिया के भूमध्यसागरीय तट तक जाने वाली क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत भी तेज कर रहा है। भारत, जापान और दक्षिण कोरिया में भी तेल जमा कर रहे खाड़ी देशों की रणनीति सिर्फ नई पाइपलाइन बनाने तक सीमित नहीं है। वे भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में अतिरिक्त तेल भंडारण भी तैयार कर रहे हैं। ताकि अगर भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से बंद हो जाए, तो तेल पहले से ही उसके बाहर मौजूद रहे और सप्लाई नहीं रुके। नए रास्ते भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हालांकि, होर्मुज का विकल्प भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। सऊदी का ज्यादा तेल अब रेड सी और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजर रहा है, जहां यमन के हूती विद्रोही लगातार जहाजों पर हमले कर रहे हैं। इसी सप्ताह रेड सी में एक जहाज पर हुए हमले में छह लोगों की मौत हुई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि खाड़ी देश होर्मुज पर अपनी निर्भरता जरूर कम करेंगे, लेकिन उसे पूरी तरह छोड़ नहीं पाएंगे। क्रिस्टोल एनर्जी की चीफ कैरोल नखले कहती हैं, “होर्मुज स्ट्रेट के फायदे इतने ज्यादा हैं कि उसे पूरी तरह बदला नहीं जा सकता। लेकिन अब केवल उसी पर भरोसा करना भी संभव नहीं है।” —————————— यह खबर भी पढ़ें… नेतन्याहू की मुश्किल- ट्रम्प को खुश करें या कुर्सी बचाएं:गाजा से सेना हटाने के फैसले पर इजराइल में विरोध, 2 महीने बाद चुनाव हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 30 जुलाई को दावा किया कि गाजा को लेकर ऐतिहासिक समझौता हो गया है। हमास हथियार छोड़ने के लिए तैयार हो गया है। इसके साथ ही इजराइली सेना भी गाजा से पीछे हट जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

ईरान जंग ने बदला दशकों पुराना तेल कारोबार:खाड़ी देशों का होर्मुज पर भरोसा खत्म हुआ, अब नई पाइपलाइन पर अरबों डॉलर खर्च कर रहे

छह महीने पहले तक खाड़ी देशों के लिए तेल बेचना बेहद आसान था। सबसे कम लागत में तेल निकालो, होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते दुनिया तक पहुंचाओ और सबसे ज्यादा कीमत देने वाले देशों को बेच दो। लेकिन ईरान के साथ जंग के बाद यह मॉडल बदल गया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई लगातार प्रभावित रही। समुद्री बारूदी सुरंगों, मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे, अमेरिका और ईरान की नाकेबंदी तथा बढ़ी बीमा लागत के कारण इस रास्ते से हर दिन गुजरने वाला कच्चा तेल 2 करोड़ बैरल से घटकर 37 लाख बैरल रह गया। इसी वजह से सऊदी अरब, UAE और कुवैत समेत कई खाड़ी देश अब होर्मुज पर निर्भरता कम करने में जुट गए हैं। नई पाइपलाइन बिछाई जा रही हैं, पुरानी लाइनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है और एशिया में ऑयल स्टोरेज तैयार किया जा रहा है। UAE चाहता है, पूरा तेल होर्मुज से गुजरे बिना निर्यात हो इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल UAE है। इस देश का कारोबार काफी हद तक व्यापार और समुद्री रास्तों पर निर्भर है। लेकिन होर्मुज संकट का सबसे ज्यादा असर भी उसी पर पड़ा। इसलिए अब वह ऐसे नए रास्ते तैयार कर रहा है, जहां से व्यापार और तेल निर्यात होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर न रहे। इसके लिए ओमान की खाड़ी के किनारे बसे फुजैरा में दूसरी तेल पाइपलाइन का काम तेजी से चल रहा है। यह पाइपलाइन अबू धाबी के तेल क्षेत्रों को सीधे फुजैरा से जोड़ेगी, जिससे टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रोजेक्ट पूरी होने के बाद UAE की होर्मुज स्ट्रेट को बायपास कर तेल निर्यात करने की क्षमता बढ़कर 36 लाख बैरल प्रतिदिन हो जाएगी। यानी कि अबू धाबी के लगभग पूरे ऑनशोर तेल को बिना होर्मुज स्ट्रेट में प्रवेश किए सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भेजा जा सकेगा। ऑनशोर तेल का मतलब है जमीन पर स्थित तेल इलाके से निकाला गया कच्चा तेल। इसके उलट ऑफशोर तेल समुद्र के अंदर बने तेल कुओं से निकाला जाता है। UAE सिर्फ तेल ही नहीं, गैस कारोबार को भी सुरक्षित बनाने में जुटा है। उसकी सरकारी कंपनी एडीएनओसी (ADNOC) ने प्राकृतिक गैस परियोजनाओं में 8.2 अरब डॉलर निवेश करने का ऐलान किया है। साथ ही पूर्वी तट पर नया LNG निर्यात टर्मिनल बनाने की योजना है, ताकि भविष्य में गैस निर्यात भी होर्मुज स्ट्रेट पर कम निर्भर रहे। सऊदी ने रेड सी को बनाया नया रास्ता होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे के बाद सऊदी अरब ने अपनी 1,201 किलोमीटर लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा दिया है। 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान बनी यह पाइपलाइन देश के पूर्वी तेल क्षेत्रों को रेड सी के यानबू पोर्ट से जोड़ती है। अब सऊदी अरब इसी पाइपलाइन के जरिए हर दिन 70 लाख बैरल कच्चा तेल रेड सी के रास्ते दुनिया के बाजारों तक भेज रहा है। सरकार इसकी क्षमता में 10 से 20 लाख बैरल प्रतिदिन की और बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। साथ ही रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के लिए समानांतर नई पाइपलाइन बनाने पर भी काम चल रहा है। कुवैत और इराक भी नए रास्ते तलाश रहे कुवैत सऊदी अरब और अन्य अरब देशों के साथ ऐसी पाइपलाइन पर चर्चा कर रहा है, जो उसके तेल क्षेत्रों को रेड सी या ओमान के बंदरगाहों से जोड़ सके। वहीं, इराक और जॉर्डन ने कई साल से रुकी पाइपलाइन परियोजना फिर शुरू कर दी है। इसके जरिए हर दिन 10 लाख बैरल तक तेल रेड सी के अकाबा बंदरगाह तक भेजा जा सकेगा। इराक, किरकुक से सीरिया के भूमध्यसागरीय तट तक जाने वाली क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत भी तेज कर रहा है। भारत-जापान-साउथ कोरिया में भी तेल जमा कर रहे खाड़ी देशों की रणनीति सिर्फ नई पाइपलाइन बनाने तक सीमित नहीं है। वे भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में अतिरिक्त तेल भंडारण भी तैयार कर रहे हैं। ताकि अगर भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से बंद हो जाए, तो तेल पहले से ही उसके बाहर मौजूद रहे और सप्लाई नहीं रुके। नए रास्ते भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हालांकि, होर्मुज का विकल्प भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। सऊदी का ज्यादा तेल अब रेड सी और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजर रहा है, जहां यमन के हूती विद्रोही लगातार जहाजों पर हमले कर रहे हैं। इसी सप्ताह रेड सी में एक जहाज पर हुए हमले में छह लोगों की मौत हुई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि खाड़ी देश होर्मुज पर अपनी निर्भरता जरूर कम करेंगे, लेकिन उसे पूरी तरह छोड़ नहीं पाएंगे। क्रिस्टोल एनर्जी की चीफ कैरोल नखले कहती हैं, “होर्मुज स्ट्रेट के फायदे इतने ज्यादा हैं कि उसे पूरी तरह बदला नहीं जा सकता। लेकिन अब केवल उसी पर भरोसा करना भी संभव नहीं है।” —————————— यह खबर भी पढ़ें… नेतन्याहू की मुश्किल- ट्रम्प को खुश करें या कुर्सी बचाएं:गाजा से सेना हटाने के फैसले पर इजराइल में विरोध, 2 महीने बाद चुनाव हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 30 जुलाई को दावा किया कि गाजा को लेकर ऐतिहासिक समझौता हो गया है। हमास हथियार छोड़ने के लिए तैयार हो गया है। इसके साथ ही इजराइली सेना भी गाजा से पीछे हट जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

Trading Ideas : टेक्निकल एक्सपर्ट्स से जानें कमजोर बाजार में भी आज किन शेयरों में बनेगा पैसा, इंडेक्स में क्या करें

Trading Ideas : कल के कारोबारी सत्र में बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी स्तरों से बिकवाली का दबाव दिखा। निफ्टी 36 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 188 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो PSU बैंक इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 2 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि IT इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह लगभग 1.5 प्रतिशत नीचे रहा। कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो इंट्राडे में तेज गिरावट के बाद,निफ्टी ने 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के पास सपोर्ट लिया और तेज रिकवरी की।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि 20-डे SMA या 24,300/77,500 का लेवल ट्रेडर्स के लिए अहम सपोर्ट का काम करेगा। अगर मार्केट इन स्तरों से ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है तो यह 24,500-24,600/78,500-78,800 तक वापसी कर सकता है। दूसरी ओर 24,300/77,500 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इसके नीचे,मार्केट 24,150-24,100/77,000-76,800 तक गिर सकता है।

आज क्या हो कमाई की रणनीति

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24509-24541 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24617-24667/24709 पर है। इसके लिए पहला बेस 24341-24380 पर और बड़ा बेस 24178/24206-24261 पर है। ग्लोबल सेटअप न्यूट्रल है। कच्चा तेल अभी भी ऊपर है। AI रैली की संभावना है। FIIs की कैश में बिकवाली देखने को मिली है,इंडेक्स में शॉर्ट हुए हैं। नेट शॉर्ट बढ़कर 1.65 लाख पर आ गए हैं।

24500-24600-24700 पर कॉल राइटिंग और 24300-24200 पर पुट राइटिंग हुई है। 24509-24541 के ऊपर शॉर्ट कवरिंग संभव है। 24380-24341 मामूली सपोर्ट है। 24261-24207 क्रिटिकल सपोर्ट है। तेजी और शॉर्ट कवरिंग के लिए 24509-24541 के ऊपर निकलना जरूरी है। रजिस्टेंस-1 के नीचे कमजोरी में शॉर्ट काम कर सकता है, बेस-1 पर चेक करें। बेस-1 टूटने पर बेस-2 का टेस्ट संभव है,बेस-1 और बेस-2 अहम रिवर्सल पॉइंट हैं। निफ्टी IT को 31200-31050 के ऊपर टिकना जरूरी है। निफ्टी बैंक को 57500 के ऊपर टिकना जरूरी है।

निफ्टी बैंक पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58030-58189/58267 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58411-58534 पर है। इसके लिए पहला बेस 57467-57610 पर और बड़ा बेस 56911/57089-57211 पर है। PSU बैंकों में रिवर्सल थोड़ा चौंकाने वाला है। 57000-57200 पर काफी पुट राइटिंग हुई है। 57500 पर थोड़े पुट हैं। 58000 कॉल पर एक्जिट हुए हैं। 57500 के ऊपर गिरावट पर खरीदारी की रणनीति रहेगी। 58200-58270 के ऊपर तेज मजबूती संभव है। तेजी के लिए कच्चे तेल का सपोर्ट जरूरी है। बेस-1 के नीचे फिसलने पर बेस-2 का टेस्ट संभव है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़। इनकी ABB फ्यूचर्स में 7740-7744 रुपए के आसपास, 7670 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 7910 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। पॉलीकैब फ्यूचर्स में भी इनकी 9310-9315 रुपए के आसपास, 9200 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 9550 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Petrol Diesel Price Today: तेल कंपनियों ने जारी किए नए रेट, जानें आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 11 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Trading plan : कच्चे तेल में तेजी और IT शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर बढ़ाया दबाव, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading plan : कच्चे तेल में तेजी और IT शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। निफ्टी 175 अंक से ज्यादा फिसलकर 24300 के नीचे आ गया है। बैंक निफ्टी की तेजी भी कम हुई है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी नरमी देखने को मिल रही है। बाजार में गिरावट के बावजूद वौलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX में तेजी देखने को नहीं मिल रही है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रा ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा है कि वे फरवरी 2027 तक का कार्यकाल पूरा करेंगे। लेकिन फिर से नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे। कंपनी के बोर्ड को उत्तराधिकारी पर फैसला लेना चाहिए। एन चंद्रा के इस्तीफे से TCS 5 फीसदी फिसलकर निफ्टी का टॉप लूजर बना है। टाटा ग्रुप के दूसरे शेयरों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है।

IT शेयरों में आज सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली है। आईटी इंडेक्स दो फीसदी से ज्यादा फिसला है। TCS के साथ LTM, परसिस्टेंट और इंफोसिस में भी दबाव देखने को मिल रहा है। साथ ही कंज्यूमर ड्यूरेबल, रियल्टी और FMCG इंडेक्स करीब एक फीसदी फिसले हैं। वहीं दूसरी ओर आज सरकारी बैंकों में सबसे ज्यादा तेजी है। पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

हॉस्पिटल शेयरों में लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखने को मिल रही है। मैक्स हेल्थ और अपोलो हॉस्पिटल 3-4 फीसदी टूटकर निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। उधर फोर्टिस भी करीब 6 फीसदी टूटा। हॉस्पिटल चार्जेज पर कैप लगाने की सिफारिश से दूसरे दिन भी इन शेयरों पर दबाव देखने को मिल रहा है।

नतीजों के लिहाज से कल बड़ा दिन है। कल निफ्टी की दो कंपनियों टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (TMPV) और मैक्स हेल्थ के रिजल्ट आएंगे। TMPV का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 46% बढ़ सकता है। लेकिन कच्चे माल के दाम बढ़ने से मुनाफे और मार्जिन पर दबाव संभव है। साथ ही जुबिलेंट फूड, अंबर समेत वायदा की 5 कंपनियां भी रिजल्ट पेश करेंगी।

बाजार: खराब दिन

बाजार पर अपनी राय देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार के लिए आज एक खराब दिन रहा। सुबह-सुबह CNBC-आवाज़ पर इसी की चर्चा थी। कल ही बाजार ने चेतावनी के संकेत दिए थे। निफ्टी अब 24,350 के नीचे काम कर रहा है। हालांकि बैंक निफ्टी अभी भी अहम स्तरों के ऊपर है। लेकिन निफ्टी IT और बाकी बड़े शेयरों में गिरावट है। एन चंद्रा की टाटा संस वाली खबर से भी सेंटीमेंट खराब हुआ है। चंद्रा दोबारा चेयरमैन नहीं बनेंगे। अदाणी ग्रुप के शेयरों में भी बड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली। हॉस्पिटल शेयरों में आज भी बड़ी गिरावट आई।

बाजार: अब क्या?

बाजार में ब्रेकआउट फेल होने के पूरे संकेत हैं और ऐसे में वापस रेंज के लो टेस्ट हो सकते हैं। अगर निफ्टी 24,300 के नीचे बंद हुआ तो बड़ा नेगेटिव होगा। कच्चा तेल नीचे आने को तैयार नहीं है और मामला सिर्फ तेल का नहीं, सप्लाई का है। होर्मुज से सप्लाई वापस ठप हो चुकी है। ऐसे में बाजार में वापस बड़े करेक्शन का रिस्क है। स्टॉक स्पेसिफिक मौके भी अब काफी कम हो रहे हैं और परसों अर्निंग सीजन भी खत्म हो रहा है। ऐसे में बाजार में थोड़ा सतर्क रहना बेहतर रहेगा। लेकिन अगर अच्छा ट्रेड मिले तो जरूर लें, जैसे कि आज नाल्को और PI इंडस्ट्रीज में मिली।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,150-24,250 पर सपोर्ट और 24,400-24,450 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,000-57,200 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस है।

प्री-CAS रणनीति

शॉर्ट पोजिशन्स लेकर ना जाएं। शॉर्ट का नजरिया सिर्फ इंट्राडे का था।

 

HDFC Bank Share Price : स्टॉक ने हिट किया 52 हफ्तों का नया लो, जानिए कब तक कायम रहेगा यह दबाव

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।