Top Stock Picks : बाजार में वेट एंड वॉच मोड में रहें, किसी गिरावट में इन फार्मा और डिफेंस शेयरों में करें खरीदारी

Top Stock Picks : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखने को मिल रही है। अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बना हुआ। फिलहाल सेंसेक्स 571.57 अंक या 0.75 प्रतिशत गिरकर 75,819.82 पर और निफ्टी 163.20 अंक या 0.68 प्रतिशत गिरकर 23,706.40 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5% की गिरावट दर्ज देखने को मिल रही है।

ऐसे में टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स (JM Financial Services) के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बाजार में काफी अनसर्टेनिटी देखने को मिल रही है। क्रूड ने फिर से 100 डॉलर का लेवल हासिल कर लिया है। इसके अलावा ग्लोबल मार्केट में एआई डेटा सेंटर रिलेटेड पूरी थीम में अच्छी-खासी बिकवाली देखने को मिली है। ताइवान, कोरिया और यूएस जैसे मार्केट में एआई पर भारी कैपेक्स के चलते दबाव बना है। इस भारी कैपेक्स के चलते Apple जैसे शेयरों की रेवेन्यू विजिबिलिटी काफी कम नजर आ रही है। इसके चलते बाजार में काफी अनिश्चितता देखने को मिल रही है।

इस बीच अगर पश्चिम एशिया का संकट और बढ़ता है तो दुनिया के सभी बाजारों पर इसका असर देखने को मिलेगा। अपने बाजार की बात करें तो निफ्टी ने बहुत दिनों तक अपने 200 डे मूविंग एवरेज को मेंटेन करने की कोशिश की। बैंकिंग सेक्टर में भी हमे ड्रॉप देखने को मिल रहा है। निफ्टी तो ऑलरेडी 200 डे मूविंग एवरेज को क्रॉस ही नहीं कर पा रहा है। ऐसे में बाजार में थोड़ा सा अनसर्टेनिटी का माहौल है। इसको ध्यान में रखते हुए बाजार में वेट एंड वॉच की अप्रोच मेंटेन रखने की सलाह होगी। निफ्टी के 23500- 23400 के पिछले कुछ सपोर्ट बने हुए हैं। अगर ये सपोर्ट टूटते होते हैं तो और कमजोरी आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में हमें थोड़ी वेट एंड वॉच की अप्रोच रखनी चाहिए। इंडेक्स में लॉन्ग और शॉर्ट दोनों ही साइड में कोई जल्दबाजी करने से बचें।

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उनकी सबसे पहली पसंद हैं हॉस्पिटल स्टॉक्स। इस समय हॉस्पिटल इंडस्ट्री में बहुत बड़ा कंसोलिडेशन चल रहा है। बड़े हॉस्पिटल लगातार छोटे हॉस्पिटल्स को बहुत कम और रीजनेबल वैल्यूएशन पर एक्वायर कर रहे हैं। कहीं ना कहीं इन हॉस्पिटल्स की तीन क्रिटिकल चीजें इंप्रूव हो रही है। इनका एवरेज लेंथ ऑफ स्टे कम हो रहा है। इनके मिक्स हायर मार्जिन साइड में शिफ्ट हो रहे हैं । तीसरी बात यह है कि इनकी ऑक्युपैंसी रेट्स बढ़ रही है। कुल मिलाकर कहें तो आगे हॉस्पिटल सेगमेंट काफी अच्छा प्रदर्शन करेगा। यहां पर लार्ज हॉस्पिटल में अपोलो हॉस्पिटल और मैक्स हॉस्पिटल जैसे स्टॉक काफी अच्छे लग रहे हैं।

अगर मिड एंड स्मॉल सेगमेंट में देखें तो एस्टरडीएम (Aster DM) और पार्क मेडी जैसी कंपनियां काफी इंटरेस्टिंग नजर आ रही हैं। इसके अलावा फार्मा जुड़े कुछ दूसरे शेयर भी अच्छे लग रह हैं। हालांकि, जेरिक साइड पर हमें कुछ अनसर्टेनिटी नजर आ रही है। लेकिन हम अगर इस सेक्टर के स्पेशियलिटी सीडीएमओ और सीआरडीएमओ स्पेस की बात करें तो हमें लगता है यह एरिया टैरिफ से जुड़ी अनसर्टेनिटी से काफी सेफ है। इसके चलते हमें लगता है कि किसी गिरावट में नवीन फ्लोरीन, बायोकॉन और लॉरस लैब जैसे स्टॉक्स में खरीदारी की जा सकती है।

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तीसरी थीम डिफेंस स्पेस से है। इस सेक्टर पर सरकार का लगातार फोकस बना हुआ है। डिफेंस कंपनियों का ऑर्डर इनफ्लो काफी स्ट्रांग है। ये कंपनियां डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग दोनों साइड पर काफी फोकस कर रही हैं। इस बात को देखते हुए एरोस्पेस इंजीनियरिंग और डिफेंस एक ऐसा बास्केट होगा जिसमें गिरावट पर खरीदारी की जानी चाहिए।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 51% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Stocks to Buy: शेयर बाजार में गिरावट के बीच कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउस चुनिंदा शेयरों पर बुलिश बने हुए हैं। Goldman Sachs, Jefferies, Citi, Motilal Oswal, JM Financial और CD Research ने 10 कंपनियों के शेयर खरीदने की सलाह दी है। इन स्टॉक्स में मौजूदा स्तर से 51% तक की तेजी की संभावना जताई गई है। आइए जानते हैं किन शेयरों पर एक्सपर्ट्स सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

Cohance Lifesciences

Goldman Sachs ने Cohance Lifesciences पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹500 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव से इसमें करीब 10% की तेजी की संभावना है। हालांकि, CDMO कारोबार की रफ्तार उम्मीद से धीमी रहने के चलते ब्रोकरेज ने FY27-29 के अनुमान घटाए हैं।

TCS

Motilal Oswal ने TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹2,350 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 15% का संभावित रिटर्न दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी तिमाही पहली से बेहतर रह सकती है, लेकिन मांग में बड़ी तेजी के संकेत अभी साफ नहीं हैं।

Vedanta Aluminium

Motilal Oswal ने पहली बार Vedanta Aluminium पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग और ₹540 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 20% की तेजी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का कहना है कि डीमर्जर के बाद कंपनी भारत की सबसे बड़ी प्योर-प्ले एल्युमिनियम कंपनी बन गई है।

PN Gadgil Jewellers

Motilal Oswal ने PN Gadgil Jewellers पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹700 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 22% की बढ़त का संकेत देता है। पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 41% बढ़ा, जबकि रिटेल कारोबार 56% उछला।

PB Fintech

Jefferies ने PB Fintech पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹1,950 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 23% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद शेयर अपने मजबूत कमाई के अनुमान के मुकाबले सस्ता नजर आ रहा है।

Dr. Reddy’s Laboratories

JM Financial ने Dr. Reddy’s Laboratories पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1,561 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 25% का संभावित तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में नए प्रोडक्ट कंपनी की ग्रोथ को सहारा देंगे, हालांकि सेमाग्लूटाइड की सप्लाई में देरी हुई है।

Piramal Pharma

Goldman Sachs ने Piramal Pharma पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹225 का टारगेट दिया है। इससे शेयर में करीब 27% की तेजी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का टर्नअराउंड जारी है और आने वाले वर्षों में मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।

Eternal

Motilal Oswal ने Eternal पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹380 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव ₹290 के मुकाबले इसमें करीब 31% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि फूड डिलीवरी कारोबार में रिकवरी, क्विक कॉमर्स की तेज ग्रोथ और डिस्ट्रिक्ट बिजनेस के विस्तार से कंपनी की कमाई आने वाले समय में मजबूत रह सकती है।

Balaji Amines

CD Research ने Balaji Amines पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹3,327 का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव ₹2,409 के मुकाबले इसमें करीब 38% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज का कहना है कि स्पेशियलिटी केमिकल्स की मांग, नए प्रोजेक्ट्स के शुरू होने और बेहतर मार्जिन से आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

Kalyan Jewellers

Citi ने Kalyan Jewellers पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹725 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 51% का संभावित रिटर्न दिखाता है। पहली तिमाही में कंपनी की बिक्री 38% बढ़ी और नए स्टोर्स के विस्तार की रफ्तार भी बनी रही।

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Waaree Energies Share Price: सोलर कंपनी पर अमेरिकी एक्शन का असर, JM Financial ने घटाया टारगेट प्राइस

Waaree Energies Share Price: ब्रोकरेज JM Financial ने सोलर कंपनी Waaree Energies के शेयर का टारगेट प्राइस घटा दिया है। अब उसने 12 महीने का टारगेट प्राइस 3,509 रुपये से घटाकर 3,185 रुपये रखा है। इसकी वजह अमेरिका की ओर से कंपनी पर सोलर सेल आयात में टैरिफ से बचने (Tariff Evasion) का आरोप लगना है।

हालांकि, ब्रोकरेज ने शेयर पर अपनी ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। मौजूदा भाव 2,954 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 231 रुपये या 7.8% की संभावित बढ़त की गुंजाइश बनती है।

अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिका की Customs and Border Protection (CBP) ने अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट में कहा है कि Waaree Energies ने 2021 से 2026 के बीच वियतनाम और मलेशिया से आने वाले सोलर सेल्स पर लगने वाले टैरिफ से बचने की कोशिश की।

CBP का कहना है कि कंपनी ने चार साल तक सामान के मूल देश (Country of Origin) की गलत जानकारी दी। JM Financial का मानना है कि इससे कंपनी की साख पर असर पड़ सकता है।

271% तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी

CBP के फैसले के बाद जिन आयातों को नियमों से बचने वाला माना गया है, उन पर 271.28% तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी के लिए कैश डिपॉजिट देना होगा। यह जांच 2025 में शुरू हुई थी।

शिकायत में कहा गया था कि Waaree Energies ने चीन से सोलर सेल का आयात काफी बढ़ाया। इसके बाद भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले क्रिस्टलाइन सिलिकॉन फोटोवोल्टिक (CSPV) मॉड्यूल का निर्यात भी तेजी से बढ़ा। 2021 से 2023 के बीच भारत से अमेरिका जाने वाले CSPV मॉड्यूल के आयात में 2,250% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ऑर्डर बुक पर पड़ सकता है असर

JM Financial के मुताबिक, Waaree Energies की ऑर्डर बुक 53,000 करोड़ रुपये की है। इसका 65% से 70% हिस्सा विदेशी ग्राहकों के लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़ा है।

ब्रोकरेज का मानना है कि इस फैसले से कंपनी की साख पर असर पड़ सकता है। इसका असर भविष्य में मिलने वाले कुछ अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स पर भी पड़ सकता है।

फिर भी ‘Add’ रेटिंग क्यों बरकरार?

JM Financial का कहना है कि हालात उतने खराब नहीं हैं, जितनी आशंका जताई जा रही थी। CBP ने कंपनी के सभी आयातों को नियमों का उल्लंघन करने वाला नहीं माना है।

जांच में यह भी सामने आया कि Waaree Energies ने गैर-चीनी सोलर सेल्स से इतने मॉड्यूल तैयार किए थे, जो अमेरिका भेजे गए उसके कुल मॉड्यूल की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त थे। इसी वजह से ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी पर असर तो पड़ेगा, लेकिन सबसे खराब स्थिति बनने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।

मार्च तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 112% बढ़कर 8,840.25 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, शुद्ध मुनाफा 74.7% बढ़कर 1,126.26 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 80% बढ़कर 1,577 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 18.6% रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 23% था।

Waaree के शेयरों का हाल

Waaree Energies का शेयर मंगलवार को 2.35% की बढ़त के साथ 2,954 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने स्टॉक तकरीबन फ्लैट है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें करीब 6% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप 84.71 हजार करोड़ रुपये है।

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