SIP Investment: ₹10,000 की SIP से बना ₹28.89 लाख, इस फंड ने 10 साल में निवेशकों को किया मालामाल

Bank of India Debt Fund Returns: म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखना पैसा जुटाने का एक बेहद कारगर जरिया साबित हुआ है। एक ऐसे ही हाइब्रिड फंड ने बीते 10 वर्षों में निवेशकों को मालामाल कर दिया है। Value Research के आंकड़ों के अनुसार, बैंक ऑफ इंडिया के Mid & Small Cap Equity & Debt Fund (रेगुलर प्लान) में जिन निवेशकों ने 10 साल पहले ₹10,000 की मासिक एसआईपी शुरू की थी, उनका फंड आज ₹28 लाख से अधिक हो चुका है।

आइए जानते हैं कि इस फंड ने बीते एक दशक में कैसा प्रदर्शन किया है, इसका पोर्टफोलियो कैसा है और इसमें निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

10 साल के SIP कैलकुलेशन का पूरा हिसाब

वैल्यू रिसर्च के एसआईपी कैलकुलेटर के अनुसार, इस फंड का 10 साल का रिपोर्ट कार्ड कुछ इस प्रकार है:

मासिक SIP राशि: ₹10,000

कुल निवेश (10 साल में): ₹12,000,000 (12 लाख रुपये)

कुल फंड वैल्यू: ₹28,89,000 (28.89 लाख रुपये)

वार्षिक रिटर्न (XIRR): 16.76%

फंड हाउस द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, इस हाइब्रिड स्कीम ने 20 जुलाई 2016 से 31 मार्च 2026 के बीच 13.2% का चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज किया है। इसी अवधि के दौरान निफ्टी मिडस्मॉलकैप 400 टीआरआई ने 15.4% और निफ्टी 100 टीआरआई ने 11.7% का सीएजीआर दिया।

कहां और कैसे पैसा लगाता है यह फंड?

बैंक ऑफ इंडिया के Mid & Small Cap Equity & Debt Fund एक ओपन-एंडेड हाइब्रिड स्कीम है। इसका मुख्य उद्देश्य शेयर बाजार की तेजी का फायदा उठाने के साथ-साथ डेट के जरिए पोर्टफोलियो को स्थिरता देना है।

  • इक्विटी आवंटन: यह फंड अपने कुल एसेट का 65% से 80% हिस्सा मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है।
  • डेट आवंटन: बाकी बचा हिस्सा (20% से 35%) डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है।
  • बेंचमार्क: इस स्कीम का बेंचमार्क कंपोजिट इंडेक्स है।

पोर्टफोलियो एलोकेशन: 31 मार्च 2026 तक का आंकड़ा

31 मार्च 2026 तक फंड हाउस द्वारा जारी डेटा के अनुसार, पोर्टफोलियो का बंटवारा इस प्रकार था:

मार्केट कैप के हिसाब से निवेश:

मिड-कैप स्टॉक्स: 48.96%

स्मॉल-कैप स्टॉक्स: 28.63%

डेट एवं अन्य इंस्ट्रूमेंट्स: 22.41%

टॉप सेक्टर्स:

फाइनेंशियल सर्विसेज: 31.33% (सबसे बड़ा हिस्सा)

कैपिटल गुड्स: 13.75%

हेल्थकेयर: 12.35%

मेटल्स एंड माइनिंग: 7.10%

ऑटोमोबाइल एंड ऑटो कंपोनेंट्स: 6.41%

प्रमुख स्टॉक्स: फंड के टॉप 10 स्टॉक्स का कुल पोर्टफोलियो में हिस्सा 23.46% है, जो दिखाता है कि फंड का निवेश किसी एक-दो शेयरों तक सीमित न होकर विविधता से भरा हुआ है। इसके प्रमुख शेयरों में एबॉट इंडिया, यूएनओ मिंडा, इंडियन बैंक, ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स, अरबिंदो फार्मा, लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी, भारत डायनामिक्स, एरिस लाइफसाइंसेज, जेके सीमेंट और जिंदल स्टेनलेस शामिल हैं।

निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में बड़ा हिस्सा होने के कारण यह फंड पारंपरिक बैलेंस्ड फंड्स की तुलना में अधिक रिटर्न की क्षमता रखता है, लेकिन इसमें बाजार का जोखिम भी अधिक होता है। हालांकि फंड का डेट वाला हिस्सा उतार-चढ़ाव को थोड़ा नियंत्रित करने में मदद करता है, लेकिन यह बाजार के जोखिम को पूरी तरह खत्म नहीं करता।

अतीत का प्रदर्शन गारंटी नहीं: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन हैं। केवल बीते समय के रिटर्न को देखकर ही फैसला न लें, बल्कि अपने वित्तीय लक्ष्यों, निवेश की अवधि और जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर ही निवेश का निर्णय लें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

JSW could acquire majority stake in Volkswagen’s India business

JSW and VW

JSW Group is in advanced talks to acquire a stake in Skoda Auto Volkswagen India, with the proposed deal potentially giving the Sajjan Jindal-led conglomerate a majority holding in Volkswagen AG’s India business, according to a Bloomberg report.

  1. Terms of the deal are yet to be finalised
  2. Skoda Auto Volkswagen India held 2.34 percent market share in FY2026
  3. JSW already owns 35 percent of JSW MG Motor India

The report says the proposed investment would bring fresh capital into Skoda Auto Volkswagen India, which oversees the group’s Skoda, Volkswagen, Audi, alongside luxury and super-luxury marques like Porsche, Lamborghini, and Bentley brands in the country. Both sides are aiming to reach an agreement in the coming weeks, although the terms are not settled and a transaction may not follow, the report said.

Volkswagen declines to comment

A Volkswagen spokesperson did not confirm the discussions, saying only that the company regularly evaluates opportunities to support its strategy in India’s passenger vehicle market. Bloomberg added that the terms of the proposed transaction are still being negotiated and may change before any agreement is reached.

What the deal could mean

If completed, the deal would mark JSW Group’s second major investment in India’s passenger vehicle industry after acquiring a 35 percent stake in MG Motor India from SAIC in 2023. The joint venture, JSW MG Motor India, began operations in 2024.

For Volkswagen, the investment could strengthen its position in India, where Skoda Auto Volkswagen India accounted for 2.34 percent of passenger vehicle sales in FY2026, according to FADA data. By comparison, Kia India held a 5.94 percent share, while JSW MG Motor India accounted for 1.40 percent. The additional investment could also support the group’s future product and business plans in the country.

India remains a focus market for Volkswagen 

India has become an increasingly important market for Volkswagen as it reshapes its global operations. According to the Bloomberg report, the company is looking to strengthen its presence outside Europe following its withdrawal from Russia and its planned exit from China.

With inputs from Dhruv Dhaka

JSW could acquire majority stake in Volkswagen’s India business

JSW and Skoda VW

JSW Group is in advanced talks to acquire a stake in Skoda Auto Volkswagen India, with the proposed deal potentially giving the Sajjan Jindal-led conglomerate a majority holding in Volkswagen AG’s India business, according to a Bloomberg report.

  1. Terms of the deal are yet to be finalised
  2. Skoda Auto Volkswagen India held 2.34 percent market share in FY2026
  3. JSW already owns 35 percent of JSW MG Motor India

The report says the proposed investment would bring fresh capital into Skoda Auto Volkswagen India, which oversees the group’s Skoda, Volkswagen, Audi, alongside luxury and super-luxury marques like Porsche, Lamborghini, and Bentley brands in the country. Both sides are aiming to reach an agreement in the coming weeks, although the terms are not settled and a transaction may not follow, the report said.

Volkswagen declines to comment

A Volkswagen spokesperson did not confirm the discussions, saying only that the company regularly evaluates opportunities to support its strategy in India’s passenger vehicle market. Bloomberg added that the terms of the proposed transaction are still being negotiated and may change before any agreement is reached.

What the deal could mean

If completed, the deal would mark JSW Group’s second major investment in India’s passenger vehicle industry after acquiring a 35 percent stake in MG Motor India from SAIC in 2023. The joint venture, JSW MG Motor India, began operations in 2024.

For Volkswagen, the investment could strengthen its position in India, where Skoda Auto Volkswagen India accounted for 2.34 percent of passenger vehicle sales in FY2026, according to FADA data. By comparison, Kia India held a 5.94 percent share, while JSW MG Motor India accounted for 1.40 percent. The additional investment could also support the group’s future product and business plans in the country.

India remains a focus market for Volkswagen 

India has become an increasingly important market for Volkswagen as it reshapes its global operations. According to the Bloomberg report, the company is looking to strengthen its presence outside Europe following its withdrawal from Russia and its planned exit from China.

With inputs from Dhruv Dhaka

Gold-Silver Outlook: गोल्ड-सिल्वर मार्केट में मचा हाहाकार! भारी मंदी के बीच रॉबर्ट कियोसाकी ने कर दी ये बड़ी भविष्यवाणी

Robert Kiyosaki Investment Tips: मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी अपने बेबाक निवेश सुझावों के लिए जाने जाते हैं। इस समय जब भारत से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक में सोने और चांदी की कीमतों में जबर्दस्त गिरावट देखी जा रही है, तब भी कियोसाकी इन कीमती धातुओं को लेकर बेहद पॉजिटिव हैं।

बाजार में मचे हाहाकार और कीमतों के टूटने के बावजूद उन्होंने निवेशकों को एक नया मंत्र देते हुए कहा है कि यह अमीर बनने का सबसे सही मौका है। आइए जानते हैं घरेलू बाजार का ताजा हाल और कियोसाकी की इस नई भविष्यवाणी के पीछे का गणित।

घरेलू बाजार में भारी गिरावट, रिकॉर्ड हाई से बहुत सस्ते हुए सोना-चांदी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और घरेलू सर्राफा बाजार (IBJA) दोनों ही जगह बीते कुछ दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में भारी कटौतियां देखने को मिली हैं।

घरेलू बाजार में भारी गिरावट, रिकॉर्ड हाई से बहुत सस्ते हुए सोना-चांदी

‘आसमान छुएंगे दाम’- गिरावट के बीच रॉबर्ट कियोसाकी का नया दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी हालिया पोस्ट में रॉबर्ट कियोसाकी ने साफ किया कि निवेशकों को इस गिरावट से डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कियोसाकी ने मशहूर निवेशक जिम रॉजर्स की बात का समर्थन करते हुए कहा कि सोने और चांदी के दाम भविष्य में आसमान छूने वाले हैं। हालांकि, इस लंबी तेजी के बीच कीमतों में ऐसी गिरावटें आती रहेंगी, जो बाजार का स्वाभाविक हिस्सा हैं।

उन्होंने उदाहरण दिया कि किस तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहले $5,405 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद फिसलकर $4,006 तक आ गया था, और चांदी भी $118 के हाई से गिरकर $56 तक आई थी। लेकिन यह मंदी स्थायी नहीं होती।

अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि जब भी बाजार में ऐसी गिरावट आए, तो पैनिक सेलिंग करने के बजाय इसका फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी- ‘सस्ते में खरीदो और अमीर बनो’।

जून में दिया था सोने को $35,000 का महा-टारगेट

यह पहली बार नहीं है जब रॉबर्ट कियोसाकी ने सोने और चांदी में निवेश की इतनी मजबूत वकालत की है। इससे पहले जून महीने में भी जब सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही थी, तब उन्होंने इसे एक अस्थाई दौर बताया था।

उन्होंने वैश्विक आर्थिक हालातों और तमाम वित्तीय अनुमानों का हवाला देते हुए दावा किया था कि आने वाले लंबे समय तक इन कीमती धातुओं में महा-तेजी का दौर बना रहेगा। उन्होंने अनुमान जताया था कि सोना बहुत जल्द $35,000 प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच सकता है।

रॉबर्ट कियोसाकी के मुताबिक, मौजूदा बाजार में दिख रही मंदी असल में सोने और चांदी का बुलबुला फूटना नहीं है, बल्कि यह स्मार्ट निवेशकों के लिए कम कीमतों पर पोर्टफोलियो में कीमती धातुएं जोड़ने का एक शानदार और सुनहरा अवसर है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मुंबई में शख्स ने लाखों की सैलरी छोड़ किया 1.5 करोड़ का इन्वेस्टमेंट’, रेस्टोरेंट और निवेश से हो रही 4 लाख की कमाई

एक व्यक्ति, जिसने ऐसा रास्ता चुना जिसे कई लोग जोखिम भरा मानते थे, अब आर्थिक आजादी और काम और निजी जिंदगी के बीच बेहतर संतुलन का आनंद ले रहा है। सोशल मीडिया पर अंकित पांडे द्वारा साझा की गई उनकी कहानी ने ऑनलाइन कई लोगों को प्रेरित किया है।

पोस्ट के अनुसार, उस व्यक्ति ने मुंबई में अपनी 1.5 लाख रुपये प्रति महीने की नौकरी छोड़ दी, जबकि लोगों ने उससे कहा कि वह बहुत बड़ी गलती कर रहा है। उसने अपना फ्लैट लगभग 3 करोड़ रुपये में बेच दिया और कोई दूसरा महंगा अपार्टमेंट खरीदने के बजाय अपने होमटाउन वापस चला गया।

उसने लगभग 20 लाख रुपये में जमीन खरीदी, 50 लाख रुपये में घर बनवाया और दो रेस्टोरेंट खोलने के लिए लगभग 50 लाख रुपये का निवेश किया। आज, दोनों रेस्टोरेंट जोमैटो और स्विगी पर लिस्टेड हैं और कर्मचारी उन्हें मैनेज करते हैं। बताया जाता है कि इन बिजनेस से उसे इतना मुनाफा होता है कि वह हर महीने लगभग 3 लाख रुपये बचा लेता है।

उसने फिक्स्ड डिपॉजिट में भी 1.5 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे उसे ब्याज के तौर पर हर महीने लगभग 1 लाख रुपये मिलते हैं। कुल मिलाकर, उसकी मासिक आय लगभग 4 लाख रुपये बताई जाती है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।

एक यूजर ने लिखा, “बिना किसी विरासत, बिना किसी असली सोशल सर्कल और शहर से बिना किसी सच्चे लगाव के, मेट्रो शहर में सिर्फ एक औसत सैलरी पर गुज़ारा करना, एक दुखद जीवन जैसा लगता है।”एक दूसरे व्यक्ति ने कहा, “भले ही यह सच्ची कहानी हो, लेकिन जब वह होमटाउन गया तो उसके पास 3 करोड़ रुपये की पूंजी और पहले की बचत थी, जिससे बिजनेस और नई ज़िंदगी शुरू की जा सकती थी। हर किसी के पास, जो मेट्रो से होमटाउन जाता है, ऐसी सुविधा नहीं होती। अच्छी कहानी है, लेकिन ज़्यादातर लोगों के लिए आदर्श या उनसे जुड़ी हुई नहीं है।”

एक तीसरे व्यक्ति ने कहा, “यह इतना आसान नहीं है! रेस्टोरेंट का बिजनेस ही जोखिम भरा होता है! इतने सारे लाइसेंस और रिश्वत, लेबर की समस्याएं, सफाई के सर्टिफिकेट वगैरह, जिन्हें कॉम्पिटिटर निशाना बना सकते हैं! मैं रोज़ रेस्टोरेंट बंद होते देखता हूं!”

इस म्यूचुअल फंड ने 10 लाख रुपये के निवेश को सिर्फ 5 साल में 20 लाख रुपये बना दिया

म्यूचुअल फंड की स्कीम में एकमुश्त निवेश करने पर भी अच्छा रिटर्न मिलता है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फ्लेक्सीकैप फंड ने एकमुश्त निवेश करने वाले इनवेस्टर्स का पैसा सिर्फ 5 साल में डबल कर दिया है। इस फंड की शुरुआत जुलाई 2021 में हुई थी। तब अगर आपने इस फंड में 10 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया होता तो 30 जून, 2026 को आपका पैसा बढ़कर 19.61 लाख रुपये हो गया होता। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने अपने इस फंड के रिटर्न का डेटा जारी किया है।

17 जुलाई, 2021 को हुई थी फंड की शुरुआत

ICICI Prudential Mutual Fund ने 17 जुलाई, 2026 को इस फंड के लॉन्च के 5 साल पूरे होने पर इसके रिटर्न का डेटा जारी किया है। ICICI Prudential Flexicap Fund की शुरुआत 17 जुलाई 2021 को हुई थी। एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मुताबिक, इस फंड के रिटर्न का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 14.55 फीसदी है। यह फंड के बेंचमार्क BSE 500 Total Return Index (TRI) के 11.88 फीसदी सीएजीआर रिटर्न से काफी ज्यादा है।

5 साल में 10000 का मंथली सिप आज 8.47 लाख होता

किसी निवेशक ने इस फंड की शुरुआत के समय इसमें 10,000 रुपये का मंथली सिप शुरू किया होता तो आज उसका पैसा बढ़कर 8.47 लाख रुपये हो गया होता। यह 13.83 फीसदी सीएजीआर रिटर्न है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स किसी अच्छे फंड में SIP या एकमुश्त दोनों ही तरीकों से निवेश कर सकते हैं। जो निवेशक एकमुश्त निवेश नहीं कर सकते, सिप उनके लिए निवेश का आसान तरीका है।

यह ओपन-एंडेड फ्लेक्सीकैप इक्विटी स्कीम है

ICICI Prudential Mutual Fund एक ओपन-एंडेड इक्विटी फ्लेक्सी कैप स्कीम है। इसका मतलब है कि यह छोटी-बड़ी सभी तरह की कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकती है। यह स्कीम निवेश में बॉटम-अप स्टॉक सेलेक्शन एप्रोच का इस्तेमाल करती है। इसका फोकस उन कंपनियों की पहचान पर होता है, जिनमें लंबी अवधि में ग्रोथ की बड़ी संभावना होती है।

क्वालिटी बिजनेसेज के स्टॉक्स में निवेश पर फोकस

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के सीनियर फंड मैनेजर रजत चंडाक ने इस स्कीम के बारे में बताया, “स्कीम का फोकस रिसर्च के जरिए क्वालिटी बिजनेसेज के सेलेक्शन पर रहा है। स्कीम मार्केट की हर साइकिल के हिसाब से लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट एप्रोच का इस्तेमाल करती है।”

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61 फीसदी निवेश लार्जकैप स्टॉक्स में 

30 जून, 2026 को इस फंड का करीब 61 फीसदी निवेश लार्ज-कैप स्टॉक्स में था। 9 फीसदी मिडकैप स्टॉक्स में था। 25 फीसदी निवेश स्मॉलकैप स्टॉक्स में था। अभी निवेश के मामले में इस फंड का झुकाव कंजम्प्शन-ओरिएंटेड स्टॉक्स में है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालांकि, इस फंड का रिटर्न अच्छा है, लेकिन निवेशकों को किसी फंड के पिछले रिटर्न को देखकर उसमें निवेश का फैसला करना चाहिए। इस फंड में निवेश से पहले इनवेस्टर्स को अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय जरूर लेनी चाहिए।