ईरान पर अमेरिका का चौतरफा अटैक! 6 घंटे तक आसमान और समंदर से बरसे बम, बिजली और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पूरी तरह तबाह

US strikes Iran port and bridge: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब बेहद खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। शुक्रवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर भीषण हमले किए। अमेरिका ने जहां ईरान के मुख्य बंदरगाहों और आंतरिक परिवहन संपर्कों (पुलों) को तबाह करने के लिए अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है, वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी के अमेरिकी सहयोगी देशों पर मिसाइलें दागी हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर शुरू हुआ यह युद्ध अब पांचवें महीने में प्रवेश कर चुका है। दोनों ओर से लगातार हो रही बमबारी के कारण वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। आइए आपको बताते हैं कि पिछले 24 घंटों में युद्ध के मैदान में क्या-क्या हुआ है.

अमेरिकी सेना का ‘नावल ब्लॉकेड’ और 6 घंटे की भीषण बमबारी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर 3 बजे से लेकर रात 9:30 बजे (ET) तक ईरान पर चौतरफा हमले किए गए. अमेरिकी लड़ाकू विमानों, ड्रोन्स और युद्धपोतों ने ईरान के सर्विलांस ठिकानों, सैन्य लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, भूमिगत हथियार डिपो और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया।

राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की पूरी तरह से ‘नावल नाकेबंदी’ कर रही है। यह लगातार सातवीं रात थी जब अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हवाई और समुद्री ऑपरेशन चलाया।

जवाब में ईरान का मिसाइल हमला, कुवैत और कतर निशाने पर

अमेरिकी हमलों से बौखलाए ईरान ने खाड़ी के उन देशों पर मिसाइलें दागीं जो अमेरिका के करीबी सहयोगी हैं। तेहरान ने कतर जो इस विवाद में मध्यस्थ की भूमिका भी निभा रहा है और कुवैत पर मिसाइलें बरसाईं। कुवैती अधिकारियों के मुताबिक, ईरान के इस मिसाइल हमले में उनके देश के एक बड़े ‘डिटेसिनेशन प्लांट’ यानी खारे पानी को पीने लायक बनाने वाली फैसिलिटी को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

चाबहार पोर्ट और बंदर खमीर के रणनीतिक पुलों को किया तबाह

इस ताजा हमले में अमेरिका ने ईरान की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले आर्थिक और परिवहन नेटवर्क को निशाना बनाया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में चाबहार बंदरगाह पर स्थित एक बड़ा टावर मलबे में तब्दील हो गया।

बता दें कि चाबहार पोर्ट को भारत की मदद से विकसित किया गया था और यह अफगानिस्तान के लिए एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग है। अमेरिका का दावा है कि इस टावर का इस्तेमाल ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) जहाजों की जासूसी के लिए कर रही थी।

दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत में तटीय शहर बंदर खमीर के पास बने प्रमुख पुलों को अमेरिकी हवाई हमलों में उड़ा दिया गया। इसका मकसद ईरान के सबसे बड़े वाणिज्यिक बंदरगाह ‘बंदर अब्बास’ का संपर्क राजधानी तेहरान और देश के अंदरूनी हिस्सों से पूरी तरह काटना है।

युद्ध की शुरुआत के बाद पहली बार ईरान ने स्वीकार किया है कि उसके पावर ग्रिड (बिजली नेटवर्क) को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण दक्षिणी प्रांतों में ब्लैकआउट का खतरा मंडरा रहा है।

दोनों तरफ भारी तबाही, अब तक सैकड़ों मौतें

शुक्रवार को हुए इन ताजा हमलों में दोनों पक्षों के सैन्य और नागरिक हताहत हुए हैं:

ईरान में नुकसान: ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ताजा हमलों में कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई और 400 से अधिक घायल हुए हैं. केवल पुल पर हुए हमले में 8 लोगों की जान गई।

अमेरिका को नुकसान: पेंटागन ने पुष्टि की है कि इस हफ्ते सोमवार से अब तक 13 और अमेरिकी सैनिक (10 थल सेना और 3 नौसेना कर्मी) घायल हुए है। युद्ध की शुरुआत से अब तक कुल 14 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और 427 घायल हुए हैं।

Gold Rate Today: सोना लगातार दूसरे दिन सस्ता, दिल्ली में ₹130790 पर आया 22 कैरेट; चांदी भी टूटी

देश में सोने की कीमत में गिरावट बनी हुई है। 18 जुलाई की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 142670 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मुंबई में भाव 142520 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 800 रुपये घटकर 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 3,992 डॉलर प्रति औंस पर है।

अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ते तनाव ने ऊर्जा की कीमतें बढ़ा दी हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की चिंता और बढ़ गई। इसके चलते अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा बेंचमार्क ब्याज दरों में इजाफा किए जाने के अनुमानों को बल मिला है। ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक अन्य स्त्रोतों से बेहतर रिटर्न कमा सकते हैं। इसलिए ब्याज दरों का बढ़ना सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए एक निगेटिव फैक्टर होता है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 130790 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 130640 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 142520 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 142900 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 130990 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 142520 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 130640 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली130790142670
मुंबई130640142520
अहमदाबाद130690142570
चेन्नई130990142900
कोलकाता130640142520
हैदराबाद130640142520
जयपुर130790142670
भोपाल130690142570
लखनऊ130790142670
चंडीगढ़130790142670

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट बरकरार है। 18 जुलाई की सुबह चांदी 229900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। आभूषण विक्रेताओं और इंडस्ट्रीज की ओर से कम खरीद के कारण घरेलू बाजार में चांदी में मंदी है। इसके अलावा लगातार प्रॉफिट-बुकिंग के कारण भी यह नीचे आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 55.37 डॉलर प्रति औंस है।

दावा-होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट:US का लगातार सातवीं रात ईरान पर हमला; ईरान बोला-जमीनी हमले हुए तो कुवैत-बहरीन में घुस जाएंगे

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट हुआ है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की गलत जानकारी के कारण टैंकरों ने उस मार्ग से गुजरने की कोशिश की जहां समुद्र में माइंस बिछी थीं। इससे टकराने के बाद दोनों जहाजों में भीषण आग लग गई। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को गलत बताया है। CENTCOM ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, ‘IRGC के कई दावों की तरह ये दावा भी झूठा है।’ वहीं, CENTCOM ने बताया कि उसने शुक्रवार देर रात ईरान पर लगातार सातवीं रात सैन्य हमले किए। इसमें ईरान के निगरानी ठिकानों, सैन्य लॉजिस्टिक ढांचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया। अल जजीरा के मुताबिक, सीरिक, बुशेहर, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और मध्य ईरान के यज्द शहर पर हमले हुए हैं। उधर, ईरानी सांसद अहमद बख्शायेश अर्देस्तानी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर जमीनी हमला किया, तो ईरान कुवैत और बहरीन में घुस जाएगा और वहां अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सेना को तबाह कर देगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Market Mantra : 3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना रहेगा अच्छा, US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं

Market Mantra : बाजार के सामने संकट के बादल फिर खड़े हो गए हैं। एक तरफ जहां अमेरिका-ईरान फिर लड़ पड़े हैं तो वहीं क्रूड की बिगड़ी चाल ने बाजार में फिर डर का माहौल बना दिया है। इसके अलावा भी बाजार के सामने कई और बड़ी चुनौतियां अब भी खड़ी हैं। कमजोर मॉनसून और पहली तिमाही के नतीजों पर बाजार नजर बनाए बैठा है। इन सभी मुद्दों से अब आगे बाजार की दिशा तय होनी है। ऐसे में निवेशक कंफ्यूज है कि निवेश को लेकर क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं। इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं खास मेहमान LIC म्यूचुअल फंड (LIC Mutual Fund) के CIO इक्विटी सुधांशु अस्थाना

US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं

बाजार की चाल पर बात करते हुए सुधांशु अस्थाना ने कहा कि US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं है। US-ईरान फिर शांति की तरफ बढ़ेंगे। सरकार के कदमों से इकोनॉमी में डिमांड बढ़ी है। प्राइवेट कैपेक्स और क्रेडिट ग्रोथ में भी सुधार देखने को मिल रहा है। कॉर्पोरेट क्रेडिट ग्रोथ में 15% का उछाल आया है। देश में डॉलर का फ्लो आगे सुधरेगा। US-ईरान युद्ध आगे बढ़ा तो FY28 नतीजों पर असर दिखेगा। कच्चा तेल 85-90 डॉलर प्रति बैरल पर रहे तो इकोनॉमी पर असर नहीं होगा।

3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना अच्छा

उन्होंने आगे कहा कि 3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना अच्छा रहेगा। कंपनियों के मुताबिक युद्ध का असर अभी डिमांड पर नहीं दिखा है। दिसंबर नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड संभव है। अगले साल से 8वें वेतन आयोग का पैसा भी आने लगेगा। 8वें वेतन आयोग के पैसे से डिमांड को बूस्ट मिलेगा। कच्चे माल की कीमतें बढ़ने का असर Q1 नतीजों पर दिखेगा।नतीजों के साथ कंपनियों की कमेंट्री और आउटलुक पर बाजार की नजर रहेगी।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में एक्सपोजर बढ़ा

सुधांशु अस्थाना ने बताया कि उन्होंनें बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में एक्सपोजर बढ़ाया है। प्राइवेट बैंक,NBFC और कैपिटल मार्केट शेयरों पर फोकस बढ़ा है। हेल्थकेयर शेयरों में भी एक्सपोजर बढ़ाया है। प्रीसिजन इंजीनियरिंग और डाटा सेंटर पर भी फोकस बढ़ा है। दिसंबर नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड संभव है।

कम रिस्क चाहते हैं तो मल्टिकैप फंड में डालें पैसा

उन्होंने आगे कहा कि अगर आप कम रिस्क चाहते हैं तो मल्टिकैप फंड में पैसा डालें। फ्लैक्सीकैप फंड में भी निवेश किया जा सकता है। पिछले कुछ महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप में निवेश बढ़ा है। मिडकैप और स्मॉलकैप आगे अच्छा कर सकते हैं।

 

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दिल्ली में सोना 800 रुपये गिरकर 3 हफ्ते के निचले स्तर पर, चांदी 2000 रुपये फिसली

दिल्ली में 17 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। इससे सोना की कीमत तीन हफ्ते के निचले स्तर पर आ गई। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 800 रुपये गिरकर 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी 2,000 रुपये गिरकर 2,22,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी और चांदी में गिरावट दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.4 फीसदी बढ़कर 3,987.23 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 0.03 फीसदी गिरकर 3,990 डॉलर प्रति औंस था। इस हफ्ते सोना 3 फीसदी से ज्यााद गिर चुका है। स्पॉट सिल्वर 0.6 फीसदी की गिरावट के साथ 55.18 डॉलर प्रित औंस था।

इंडिया में गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट आई। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में शाम के कारोबार में यह 0.25 फीसदी यानी 348 रुपये गिरकर 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.84 फीसदी यानी 2,14,149 रुपये गिरकर प्रति किलोग्राम चल रहा था।

एनालिस्ट्स का कहना है कि गोल्ड की कीमतों पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई का असर पड़ रहा है। इस लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल है। क्रूड महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका है। महंगाई को काबू में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में कमी कर सकता है।

फॉरेक्स डॉट कॉम में मार्केट एनालिस्ट रजाकजादा ने कहा, “कीमतें नीचे जाने पर शॉर्ट सेलर्स मौके का फायदा उठाते हैं। अगर ऑयल की कीमतें और ऊपर जाती हैं तो इसका असर गोल्ड पर दिखेगा। इसकी वजह यह है कि ऑयल महंगा होने से इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा होगा। इससे इंटरेस्ट रेट बढ़ेगा जिससे लोगों की दिलचस्पी बॉन्ड्स में बढ़ेगी।” इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में गोल्ड की चमक घटती है, क्योंकि गोल्ड ऐसा एसेट है जिसकी कोई यील्ड नहीं होती। ट्रेडर्स को अमेरिका में सितंबर में इंटरेस्ट बढ़ने की 50 फीसदी उम्मीद है।

इस साल जनवरी के बाद से लगातार सोने पर दबाव दिखा है। जनवरी के आखिर में इसकी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद से इसमें गिरावट आई है। यह रिकॉर्ड ऊंचाई से 30 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से सोने की कीमतों पर दबाव दिखा।

Commodity News : वित्त वर्ष 2026 में भारत का इलायची निर्यात तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 43.6 करोड़ डॉलर पर रहा

Commodity News : कॉमर्स मिनिस्ट्री के ताजे आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में भारत से साबुत इलायची का एक्सपोर्ट 43.68 करोड़ डॉलर पर रहा है। यह आंकड़ा 2023-24 में 13.19 करोड़ डॉलर पर रहा था। इसका मतलब है कि 2023-24 के मुकाबले 2025-26 में भारत से साबुत इलायची का एक्सपोर्ट तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ा है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि 2025-26 में साबुत इलायची का निर्यात में 43.68 करोड़ डॉलर रहा। जबकि 2024-25 में यह 20.12 करोड़ डॉलर और 2023-24 में 13.19 करोड़ डॉलर रहा था।

खुशबू,क्वालिटी और शुद्धता की वजह से बढ़ी मांग

मात्रा के हिसाब से देखें तो 2025-26 में साबुत इलायची का एक्सपोर्ट बढ़कर 16,399 टन हो गया। जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह 7,674 टन और 2023-24 में 7,083 टन रहा था। कॉमर्स मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने कहा कि एक्सपोर्ट में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी से प्रीमियम मसालों की बढ़ती ग्लोबल मांग,बेहतर क्वालिटी का प्रोडक्शन और विदेशी खरीदारों के बीच भारतीय इलायची की बढ़ती पसंद का पता चलता है। इसकी खुशबू,क्वालिटी और शुद्धता की वजह से है दुनिया भर में मांग बढ़ी है।

इन देशों को होता है सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट

भारत से साबुत इलायची का एक्सपोर्ट मुख्यत: UAE ($135.22 मिलियन),सऊदी अरब ($125.16 मिलियन),बांग्लादेश ($47.71 मिलियन),कुवैत ($20 मिलियन),इराक ($13.71 मिलियन)और मलेशिया ($8.48 मिलियन) को होता है। नीदरलैंड,ऑस्ट्रेलिया,बहरीन,कनाडा,चीन,मिस्र और ईरान जैसे देश भी भारत से यह मसाला इम्पोर्ट करते हैं।

भारत में दो तरह की इलायची का होता है उत्पादन

भारत में इलायची की खेती मुख्य रूप से दो किस्मों में बंटी हुई है। छोटी इलायची,जो दक्षिणी पश्चिमी घाट में उगाई जाती है और बड़ी इलायची जिसकी खेती हिमालय के निचले उत्तर-पूर्वी इलाके में की जाती है।

इलायची के कुल उत्पादन में केरल की 56-58% हिस्सेदारी

केरल देश में छोटी इलायची का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है,जो कुल उत्पादन का 56-58% से ज्यादा हिस्सा प्रोड्यूस करता है। केरल के मुख्य इलायची उत्पादक जिलों में इडुक्की,वायनाड और पलक्कड़ शामिल हैं।

इसके बाद कर्नाटक का नंबर आता है,जहां इसकी खेती कूर्ग,हासन और चिकमगलूर में होती है। तमिलनाडु इसके उत्पादन में तीसरे नंबर पर आता है। जहां इसकी खेती मुख्य रूप से नीलगिरि,पलानी और पुलनी की पहाड़ियों में की जाती है।

 ज्यादा ऊंचाई वाले पूर्वोत्तर राज्यों में उगाई जाती है बड़ी इलायची

बड़ी इलायची,जिसका इस्तेमाल अक्सर आयुर्वेदिक दवाओं और मजेदार मसालों के मिश्रण में किया जाता है,मुख्य रूप से सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे ज्यादा ऊंचाई वाले पूर्वोत्तर राज्यों में उगाई जाती है।

भारत में इलायची की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इसे एक नगदी फसल के तौर पर भी उगाया जाता है। इसकी खेती के जरिए देश के किसान बंपर कमाई कर रहे हैं। इलायची की मांग देश के अलावा विदेश में भी है। इलायची का इस्तेमाल भोजन,कन्फेक्शनरी,पेय पदार्थों को बनाने के दौरान किया जाता है। इसके अलावा इसका उपयोग मिठाई में खुशबू के लिए भी किया जाता है।

 

Silver outlook: ₹5000 सस्ती हुई चांदी, क्या कीमतों में आने वाली है और बड़ी गिरावट, जानें क्या कहते है बाजार जानकार

Silver outlook: ₹5000 सस्ती हुई चांदी, क्या कीमतों में आने वाली है और बड़ी गिरावट, जानें क्या कहते है बाजार जानकार

Silver Outlook: घरेलू और इंटरनेशनल दोनों ही बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। घरेलू बाजार में सोना जहां 4 महीनें के निचले स्तरों पर पहुंचा है। वहीं चांदी $56 के नीचे फिसली है। शुक्रवार को फ्यूचर ट्रेड में चांदी की कीमतें 1,258 रुपये गिरकर 2,14,755 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर, सितंबर डिलीवरी वाले चांदी के कॉन्ट्रैक्ट 1,258 रुपये या 0.58 प्रतिशत गिरकर 2,14,755 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए, जिसमें 1,563 लॉट का कारोबार हुआ।

वहीं COMEX पर चांदी की कीमतें 0.63% गिरकर $55.83 प्रति ट्रॉय औंस पर कारोबार कर रही हैं। चांदी एक इंडस्ट्रियल मेटल है और ग्लोबल टेक शेयरों में आई गिरावट का इस पर असर देखा जा रहा है। भारत में चांदी की कीमत में आज 2.3% की बड़ी गिरावट आई है और यह 2,15,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है। कल चांदी की कीमत प्रति किलो 2.20 लाख रुपये थी। यानी कि कल के मुकाबले आज चांदी में 5000 रुपये की गिरावट आई है।

मजबूत डॉलर कर रहा परेशान

इस बीच, शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स बढ़कर 100.78 हो गया, जिससे विदेशी करेंसी में खरीदारों के लिए बुलियन महंगा हो गया। कच्चे तेल की कीमतें $85 प्रति बैरल के करीब ट्रेड करती रहीं।

यूएस- ईरान तनाव और क्रूड बढ़ा रही चिंता

सोने और चांदी के लिए सबसे बड़ी चुनौती US-ईरान तनाव है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और महंगाई का डर फिर से बढ़ गया है, जिससे आने वाले समय में US फेडरल रिजर्व द्वारा रेट बढ़ाने का डर बढ़ गया है।

US फेडरल रिजर्व के चेयर वार्श ने 14 जुलाई और 15 जुलाई को US हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी और सीनेट बैंकिंग कमेटी के सामने अपनी पहली गवाही में दोहराया कि कीमतों में स्थिरता सेंट्रल बैंक का मुख्य मकसद है। उन्होंने जून की उम्मीद से कम रीडिंग को सिर्फ़ एक डेटा पॉइंट बताकर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 63 महीनों से महंगाई फेडरल रिजर्व के 2 फीसदी के टारगेट से ऊपर रही है।

फेड गवर्नर वॉलर ने बढ़े हुए कोर CPI का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा था कि सेंट्रल बैंक को रेट बढ़ाने की ज़रूरत है क्योंकि महंगाई अभी भी ज़्यादा है। वहीं न्यूयॉर्क फेड के प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स ने बुधवार को कहा कि महंगाई अभी भी ज़्यादा है, लेकिन उनका मानना ​​है कि यह अपने पीक पर पहुच गई है और 2028 तक बैंक के टारगेट को पूरा कर लेगी। उन्होंने आगे कहा कि अभी के रेट सही जगह पर हैं।

क्या आगे कीमतों में दिखेगा दबाव

Kedia Advisory के डायरेक्टर अजय केडिया ने कहा कि आनेवाले 10-12 दिन सोने -चांदी की कीमतों के लिए काफी अहम होंगे। क्योंकि बाजार उम्मीद लगा रहा है कि सितंबर होने वाली फेड मीटिंग में ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। चांदी  में टेक्निकली $50 प्रति औंस का सपोर्ट दिख रहा है। मेरा मानना है कि $53- 54 प्रति औंस एक सेफ जोन है। जिसके चलते एग्रेसिव होकर बिकवाली की राय नहीं होगी। हमारी सलाह है कि अगस्त में चांदी में एक्यूमुलेशन के लिए थोड़ा इंतजार करना चाहिए।हालांकि कच्चा तेल, जियोपॉलिटिकल टेंशन और महंगाई की चिंता चांदी के लिए थोड़ी क्रिटिकल हो सकती है।

इंडसइंड सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे महंगाई का दबाव और ब्याज दरों की चिंताएं सबसे ऊपर हैं, इसलिए सोना गिर रहा है।”

त्रिवेदी ने बताया, “US ने इस हफ़्ते ईरान पर कई हमले किए, जबकि ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि US देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना सकता है। ईरान ने पड़ोसी देशों में US के ठिकानों पर हमले करके जवाब दिया, जिससे तनाव और बढ़ने और इलाके से एनर्जी सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की आशंका बढ़ गई।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन को उम्मीद है कि आज सोने और चांदी की कीमतें ऊपर-नीचे रहेंगी। उनका कहना है कि आज के MCX पर सोने को $3,955 और $3,910 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $4,034 और $4,080 प्रति ट्रॉय औंस पर है, और चांदी को $55.50 और $54.40 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $57.50 और $58.80 प्रति ट्रॉय औंस पर है।

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Iran-US War Update: फिर बंद होने के कगार पर होर्मुज! ईरान ने जॉर्डन में की मिसाइलों की बौछार, अमेरिका का चाबहार पोर्ट पर अटैक

Iran-US War Update: ब्रिटिश सेना ने शुक्रवार (17 जुलाई) को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर ओमान के सबसे पास वाले समुद्री रूट्स से गुजर रहे एक टैंकर पर हमला किया गया। ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला शुक्रवार तड़के हुआ, जिसमें एक टैंकर से टकराया। UKMTO  ने बताया कि हमले में टैंकर के बाईं हिस्से को मामूली क्षति पहुंची। उसने कहा, “चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। सभी का पता लगा लिया गया है। पर्यावरण को किसी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं है। पोत अपने अगले गंतव्य की ओर बढ़ रहा है।”

ईरान ओमान के निकट इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले टैंकरों पर हमले करता रहा है। हालांकि, इस घटना के संबंध में ईरान की ओर से तत्काल किसी हमले की पुष्टि नहीं की गई। इस बीच जॉर्डन की सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई तीन मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया।

जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा के अनुसार, सेना ने यह जानकारी दी। हमले में किसी के हताहत होने की अभी सूचना नहीं है। जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक और सैन्य विमान तैनात हैं। अमेरिका द्वारा ईरान पर हवाई हमलों का अभियान तेज किए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई के तहत ईरान कई बार जॉर्डन को निशाना बना चुका है।

होर्मुज में ट्रैफिक कम हुआ

अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ी लड़ाई ने होर्मुज से होने वाले ट्रैफिक को काफी हद तक रोक दिया है। होर्मुज तेल और गैस के लिए दुनिया का सबसे अहम शिपिंग रूट है। इसके बंद होने से दुनिया भर में एनर्जी की कीमतें बढ़ गई हैं। रिपोर्ट के शुक्रवार सुबह 0513 GMT के डेटा के मुताबिक, फ्यूल ऑयल ले जा रहे ‘मीरान’ (एक सैंक्शन वाला प्रोडक्ट टैंकर) और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस ले जा रहे छोटे जहाज ‘नोरिता’ ने गुरुवार को ईरानी रूट से जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को पार किया।

लेकिन ओमान की खाड़ी में रुक गए। वहां US की नाकेबंदी है। LSEG के डेटा से पता चला कि इराकी फ्यूल ऑयल से लदा बंकरिंग टैंकर ‘एरोलिया’ शुक्रवार को खाड़ी से बाहर निकलने के कुछ ही घंटों बाद वापस खाड़ी की ओर मुड़ गया।

अमेरिका का चाबहार पोर्ट पर अटैक

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को एक टावर की तस्वीर शेयर की, जो ईरान पर लगातार हमलों के बाद गिरता हुआ दिख रहा था। न्यूज  एजेंसी AP के अनुसार, यह तस्वीर चाबहार पोर्ट के टावर की है। हालांकि हेगसेथ ने खुद इस टावर या तस्वीर को किसी खास जगह से नहीं जोड़ा। चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हवाई हमले बार-बार होते रहे हैं।

ईरान के सरकारी मीडिया ने इस जगह पर हमलों के तीसरे दौर की बात तो मानी। लेकिन तुरंत यह नहीं बताया कि टावर गिर गया है। हालांकि, ईरान ने कहा कि यह टावर पोर्ट पर आने-जाने वाले कमर्शियल ट्रैफिक पर नजर रखने का काम करता था।

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ईरान का पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड भी देश भर के पोर्ट्स पर काम करता है। इस बीच, तेहरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने खाड़ी इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर नए सिरे से हमले किए हैं। यह जवाबी कार्रवाई तब हुई जब अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। हमलों के इस नए दौर से तनाव और बढ़ गया है। पिछले महीने हुए सीजफायर के बाद अब दोनों तरफ से रोजाना हमले हो रहे हैं।

Gold Rates Today: इस हफ्ते गोल्ड 3 फीसदी फिसला, क्रूड में उछाल ने बढ़ाया दबाव

Gold Rates Today: गोल्ड में 17 जुलाई को रिकवरी दिखी। हालांकि, इस हफ्ते गोल्ड में बड़ी गिरावट दिख रही है। 16 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड का प्राइस 4000 डॉलर से नीचे चला गया था। शुक्रवार को स्पॉट गोल्ड 0.8 फीसदी चढ़कर 4,002.39 डॉलर प्रति औंस था। यूएस फ्यूचर्स भी (अगस्त डिलीवरी) 0.4 फीसदी चढ़कर 4,006.10 डॉलर प्रति औंस था। इधर, भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स 0.13 फीसदी यानी 180 रुपये चढ़कर 1,40,528 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था।

1 जून के बाद यह गोल्ड के लिए सबसे खराब हफ्ता

गोल्ड के लिए यह हफ्ता खराब दिख रहा है। सोना इस हफ्ते अब तक 3 फीसदी गिर चुका है। 1 जून के बाद एक हफ्ते में सोने की कीमतों में यह सबसे बड़ी गिरावट है। गोल्ड की कीमतों पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई का असर पड़ा है। इस लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में फिर से उछाल आया है। इससे अमेरिका में फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट बढ़ाने की संभावना बढ़ी है।

कीमतें 4000 डॉलर से नीचे जाने पर दिखी खरीदारी

केसीएम ट्रेड में चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वाटरर ने कहा, “गोल्ड की कीमतें 4,000 डॉलर से नीचे फिसलने के बाद इसमें खरीदारी दिखी है। इससे कीमतों में रिकवरी है। हालांकि, मध्यपूर्व में अभी तनाव बना हुआ है। इनफ्लेशन और यील्ड की चिंता से गोल्ड की कीमतें ऊपर नहीं जा पा रही हैं।” बीते कुछ हफ्तों में सोने पर लगातार दबाव दिखा है।

जुलाई के इनफ्लेशन डेटा पर दिखेगा महंगे क्रूड का असर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका में जुलाई के इनफ्लेशन के डेटा में महंगे क्रूड का असर दिख सकती है। इनफ्लेशन में उछाल आने पर अमेरिकी केंद्रीय बैक सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श पहले ही आक्रामक मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दे चुके हैं। फेड की कोशिश महंगाई को काबू में करने की होगी।

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गोल्ड ऑल-टाइम हाई से 30 फीसदी फिसल चुका है

इस साल जनवरी के आखिर में सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद कीमतों में तेज गिरावट आई। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद गोल्ड पर दबाव और बढ़ गया। गोल्ड अपने पीक से 30 फीसदी गिर चुका है। 2025 गोल्ड के लिए बहुत अच्छा साल था। पिछले साल गोल्ड में 70 फीसदी तेजी दिखी थी। इससे गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी थी।

अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर एयरस्ट्राइक की:भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट पर अटैक, मेरिटाइम कंट्रोल टावर को बनाया निशाना

अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि फाइटर जेट, ड्रोन और युद्धपोतों से ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया। इसी दौरान भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट पर भी मिसाइल हमला हुआ। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के मुताबिक, पोर्ट के मेरिटाइम कंट्रोल टावर को निशाना बनाया गया। पिछले एक हफ्ते में इस टावर पर यह तीसरा हमला है। CENTCOM ने कहा कि हमलों में तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स और समुद्री सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान बोला- अमेरिकी सैनिकों का कत्लेआम होगा: ईरानी सांसद बेहनाम सईदी ने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान पर जमीनी हमला किया, तो अमेरिकी सैनिकों का कत्लेआम कर दिया जाएगा। 2. बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर खतरा बढ़ा: ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों से कहा है कि अगर अमेरिका ईरान के बिजली ढांचे पर हमला करता है तो वे बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने के लिए तैयार रहें। 3. होर्मुज स्ट्रेट से सिर्फ 9 जहाज गुजरे: समुद्री डेटा कंपनी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को सिर्फ 9 जहाजों ने होर्मुज पार किया। मंगलवार को यह संख्या 13 थी। 4. होर्मुज में भारतीय नाविकों की तैनाती नहीं होगी: भारत सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती फिलहाल रोकने के निर्देश दिए हैं। 5. कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमला: ईरान ने कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…