9 जुलाई को होगा Nissan Tekton का ग्लोबल डेब्यू, Creta-Seltos को देगी कड़ी टक्कर

Nissan 9 जुलाई को अपनी बिल्कुल नई SUV Tekton ग्लोबल लेवल पर पेश कर सकती है, जिससे इसकी वापसी भारत के तेजी से बढ़ते मिड-साइज SUV सेगमेंट में होगी। वहीं, ग्लोबल लॉन्च से पहले जापानी कार कंपनी ने Nissan Tekton के कुछ ऑफिशियल टीजर जारी किए हैं। इसके अलावा कई स्पाई शॉट्स भी सामने आए हैं, जिनसे SUV के डिजाइन और फीचर्स से जुड़ी कुछ जानकारियां सामने आई हैं।

उम्मीद है कि Nissan Tekton के प्लेटफॉर्म और मैकेनिकल पार्ट्स Renault Duster जैसे ही होंगे। इसके अलावा, यह SUV भारतीय बाजार में Hyundai Creta, Kia Seltos, Tata Sierra, Maruti Suzuki Grand Vitara, Toyota Urban Cruiser Hyryder और Maruti Suzuki Victoris से मुकाबला करेगी।

हालांकि भारत में निसान टेक्टॉन की लॉन्च की तारीख का अभी ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन उम्मीद है कि ग्लोबल डेब्यू के कुछ महीनों के अंदर ही यह SUV देश में आ जाएगी।

Nissan Patrol से प्रेरित डिजाइन

Nissan Tekton का डिजाइन कंपनी की खास SUV, Nissan Patrol से काफी मिलता-जुलता है, इसलिए इसे अक्सर ‘Baby Patrol’ कहा जाता है। वहीं, SUV के ऑफिशियल टीजर से इसके बोल्ड फ्रंट लुक का पता चलता है, जिसमें Nissan की सिग्नेचर ग्रिल, C-शेप के LED हेडलैंप और ऊंचा व मजबूत स्टांस देखने को मिलता है।

हाल ही में आई स्पाई तस्वीरों से SUV के पिछले हिस्से के डिजाइन का भी पता चला है। नई तस्वीर में कनेक्टेड LED टेललैंप दिख रहे हैं, जो काफी हद तक Renault Duster जैसे हैं, हालांकि इनकी लाइटिंग स्टाइल में थोड़ा बदलाव किया गया है। अपनी Renault सिस्टर कार की तरह, इस SUV के टेलगेट पर बड़े अक्षरों में ‘TEKTON’ लिखा है, जबकि पिछले बंपर का डिजाइन ज्यादा साफ-सुथरा और सिंपल है।

कुल मिलाकर, Duster के साथ अपना प्लेटफॉर्म शेयर करने के बावजूद, इस SUV में Nissan का खास स्टाइल बरकरार रहने की उम्मीद है।

अनुमानित फीचर्स

Nissan ने अभी तक पूरी इक्विपमेंट लिस्ट का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है कि टेक्टॉन में कई तरह के फीचर्स का पैकेज मिलेगा।

अनुमान के मुताबिक, Tekton में बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, पूरी तरह डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी, वायरलेस फोन चार्जिंग, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, कई ड्राइव मोड्स और पैनोरमिक सनरूफ जैसे फीचर्स मिल सकते हैं।

सेफ्टी के मामले में भी यह SUV काफी मजबूत हो सकती है। इसमें 6 एयरबैग, 360-डिग्री कैमरा और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है।

इंजन विकल्प (अनुमानित)

उम्मीद है कि Nissan Tekton का पावरट्रेन लाइन-अप Renault Duster जैसा ही होगा।

इसके एंट्री-लेवल वेरिएंट में 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिल सकता है, जो 100 PS की पावर और 160 Nm का टॉर्क देगा। इसे छह-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जाएगा।

वहीं, इसके टॉप वेरिएंट्स में 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है, जो 163 PS की पावर और 280 Nm का टॉर्क देगा। इस इंजन के साथ छह-स्पीड मैनुअल और छह-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, दोनों विकल्प मिलने की संभावना है। दोनों पेट्रोल इंजन E20 फ्यूल के अनुकूल हैं।

इसके अलावा, इस SUV में Renault का Strong Hybrid E-Tech 160 पावरट्रेन भी मिलने की उम्मीद है। इसमें 1.8-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ 1.4 kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जो कुल मिलाकर 160 PS की पावर और 172 Nm का टॉर्क देता है। साथ ही, यह शहर में गाड़ी चलाते समय काफी हद तक सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर चलने की सुविधा भी देता है।

प्रोडक्शन, अनुमानित कीमत और भारत में लॉन्च

Nissan Tekton को चेन्नई में Renault-Nissan Alliance प्लांट में बनाया जाएगा, जो घरेलू और एक्सपोर्ट दोनों मार्केट के लिए गाड़ियां बनाता है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी आधिकारिक कीमत का ऐलान नहीं किया है, लेकिन भारत में Nissan Tekton की कीमत 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच होने की उम्मीद है। वहीं इसकी लॉन्च कीमत, या भारत में Tekton की कीमत, इसके मार्केट में आने के समय के आस-पास कन्फर्म की जाएगी।

9 जुलाई को होने वाली अनवीलिंग (पहली झलक) से इसके स्पेसिफिकेशन्स और इंटरनेशनल लॉन्च प्लान के बारे में और जानकारी मिलेगी। हालांकि Nissan ने अभी तक भारत में Nissan Tekton की लॉन्च डेट कन्फर्म नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि ग्लोबल डेब्यू के बाद यह SUV देश के मिड-साइज SUV सेगमेंट में Nissan की लंबे समय बाद वापसी को दर्शाएगी।

कॉम्पिटिटिव कीमत, कई पावरट्रेन ऑप्शन और बेहतरीन फीचर्स के साथ, Tekton के हाल के वर्षों में Nissan India के सबसे अहम नए लॉन्च में से एक बनने की उम्मीद है।

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Mercedes-Benz India flags fuel adulteration concerns amid E20 rollout

Mercedes

Mercedes-Benz India says suspected fuel adulteration is adding to customer concerns around E20 petrol, with some fuel quality issues being mistaken for problems caused by ethanol blending. The luxury carmaker said it has seen a rise in customer queries around E20 fuel. “We’ve seen a lot of anxiety, with a lot of customers asking us and our dealerships,” Mercedes-Benz India managing director and CEO Santosh Iyer said.

  1. Mercedes-Benz says customer queries around E20 fuel have increased
  2. Dealer network equipped with FAQs to address customer concerns
  3. Latest S-Class hybrid already compatible with E25 fuel

Mercedes-Benz clarifies concerns around E20 fuel

Speaking during the company’s half-yearly sales call, Iyer said the company has equipped its dealer network with FAQs to help address customer concerns around E20 fuel. 

He added that Mercedes-Benz’s latest models are already compatible with higher ethanol blends and said the company is not concerned about E20 compliance. “We were one of the first to get materially compliant E20 cars, as well as emission-compliant E20 cars. The new S-Class hybrid is already an E25-compliant car,” he said.

Mercedes urges stricter checks on fuel quality

Iyer said some cases of poor-quality fuel are being mistaken for issues related to E20 petrol, making it difficult to distinguish fuel adulteration from genuine ethanol-related concerns. “We have seen increased fuel adulteration happening under the garb of E20, which is also causing concern because we have some customers who may not have filled the right quality of fuel, and then explaining it to them may be challenging,” he said.

He said stronger enforcement at fuel stations would help distinguish genuine fuel-quality issues from concerns related to E20, reducing confusion among customers. “So this is something for the enforcement agencies and regulators to check because under this E20, even we can see a bit of proliferation of fuel adulteration, which is causing anxiety and concern among customers,” he said.

E25 Petrol: सरकार E25 पेट्रोल लॉन्च करने से पहले सतर्क, इंजन और माइलेज पर असर की हो रही जांच

E25 Petrol: E25 पेट्रोल यानी 75% पेट्रोल और 25% एथेनॉल के मिश्रण को लागू करने की दिशा में सरकार धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। हालांकि, अंतिम फैसला लेने से पहले सरकार ऑटो कंपनियों, ऑयल कंपनियों और दूसरे संबंधित पक्षों से सलाह ले रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती।

पहले E20 का असर समझना चाहती है सरकार

सरकार फिलहाल यह जांच रही है कि E20 पेट्रोल का गाड़ियों के इंजन, दूसरे पुर्जों और माइलेज पर क्या असर पड़ा है। इन सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही E25 को मंजूरी देने पर फैसला लिया जाएगा।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि सरकार इस दिशा में ‘सोच-समझकर’ आगे बढ़ना चाहती है। इंडस्ट्री से भी इसी तरह की राय मिली है।

ऑयल कंपनियां तैयार, मंजूरी का इंतजार

सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनियां E25 पेट्रोल की सप्लाई के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर चुकी हैं। अब उन्हें सिर्फ सरकार की मंजूरी का इंतजार है।

एक सरकारी रिफाइनरी के अधिकारी ने बताया कि मंजूरी मिलते ही E25 की सप्लाई शुरू की जा सकती है। हालांकि, सरकार की अनुमति के बिना इसे बाजार में नहीं उतारा जाएगा।

E20 का लक्ष्य समय से पहले पूरा

भारत ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) प्रोग्राम के तहत पूरे देश में E20 पेट्रोल उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय समय से 5 साल पहले हासिल कर लिया है। पहले यह लक्ष्य 2030 तक पूरा होना था।

सरकार ने पहले ही शुरू कर दी तैयारी

सरकार ने E20 से आगे बढ़ने की तैयारी भी शुरू कर दी है। मई में E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल के लिए नए भारतीय मानक (Indian Standards) जारी किए गए थे।

इसके बाद जून में सरकार ने इन नए एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल्स पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में छूट भी दे दी। माना जा रहा है कि ये कदम भविष्य में E25 लागू करने की तैयारी का हिस्सा हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक E25 की लॉन्चिंग की कोई तारीख घोषित नहीं की है।

E20 को लेकर क्यों उठे सवाल?

हाल के दिनों में E20 पेट्रोल को लेकर बहस तेज हुई है। पिछले हफ्ते एक अदालत की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कथित तौर पर E20 को ‘एक्सपेरिमेंट’ बताया था। उनका कहना था कि इसका पूरा असर अगले एक साल में साफ हो पाएगा।

वहीं, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने E20 को लेकर फैल रही अफवाहों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि E20 से इंजन खराब होने या कीड़े लगने जैसी बातें वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। लोगों को अफवाहों के बजाय वैज्ञानिक प्रमाणों पर भरोसा करना चाहिए।

E25 के लिए गाड़ियों में बदलाव पड़ सकता है

इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि E25 जैसे ज्यादा एथेनॉल वाले ईंधन के लिए ऑटो कंपनियों को इंजन की ट्यूनिंग, फ्यूल सिस्टम और दूसरे पुर्जों में बदलाव करने पड़ सकते हैं।

Grain Ethanol Manufacturers Association के अध्यक्ष सीके जैन के मुताबिक, E20 पेट्रोल से आमतौर पर 3% से 7% तक माइलेज कम हो सकता है। हालांकि, आधुनिक इंजन बेहतर दहन तकनीक और इंजन मैनेजमेंट सिस्टम की मदद से इस असर को काफी हद तक कम कर देते हैं।

उन्होंने कहा कि एथेनॉल का ऑक्टेन नंबर ज्यादा होता है। इससे ईंधन बेहतर तरीके से जलता है। कार्बन मोनोऑक्साइड और कुछ अन्य प्रदूषक गैसों का उत्सर्जन भी कम होता है।

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E20 could damage rubber parts in fuel-systems of E10 vehicles: ARAI

E20 damage to rubber components

Amidst ongoing backlash and discontent surrounding E20 fuel, a resurfaced 2021 study conducted by ARAI highlights the impact of E20 on metals and non-metals used in fuel-system components. The study noted that while metals and metal coatings had no issue with E20, some plastic and rubber components did experience some deterioration over a prolonged period of time. 

Citing the research study, a NITI Aayog report published in June 2026 stated, “Material compatibility tests revealed that the metals and metal coatings had no issue with E20. Elastomers (NBR/PVC blend and Epichlorohydrin) had inferior performance with E20 compared to neat gasoline. Plastic PA66 had a drop in tensile strength after use with E20. In the vehicle level studies, fuel economy decreased up to 6 percent (depending on the vehicle type) on an average basis.”

For the uninitiated, materials such as NBR/PVC blend, Epichlorohydrin and PA66 are used in fuel-system components such as gaskets, seals, O-rings, pipes and hoses. 

The NITI Aayog report also noted, “The test vehicles passed startability and drivability tests at hot and cold conditions with E0 and E20 test fuels. In all the cases, there was no severe malfunction or stall observed at any stage of vehicle operation. No abnormal wear of engine components or deposits or deterioration of engine oils were observed after the on-road mileage accumulation trials.” 

E25 Petrol: 20% एथेनॉल वाले पेट्रोल के बाद अब 25% ब्लेंडिंग पर आई ये जानकारी, कार और बाइक चलाने वालों के लिए बड़ी खबर!

E25 Petrol News: देश में 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर चल रही तीखी बहस के बीच अब 25 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग यानी E25 पेट्रोल को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक E20 फ्यूल के तेजी से हुए रोलआउट के बाद उपजी चिंताओं को देखते हुए सरकार अब 25 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की प्रस्तावित प्रक्रिया की रफ्तार को स्लो कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार E25 पेट्रोल (जिसमें 75 प्रतिशत पेट्रोल और 25 प्रतिशत एथेनॉल होगा) की शुरुआत को कैलिब्रेटेड और ग्रेडेड तरीके से करने के पक्ष में है। इसके मुताबिक सरकार अब चाहती है कि ऑटो मेकर्स और पूरे फ्यूल कोसिस्टम को तैयारी के लिए थोड़ा और अधिक समय दिया जाना चाहिए।

सरकार की दो हालिया फैसलों से बढ़ी थीं उम्मीदें

हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक E25 पेट्रोल के लिए किसी भी औपचारिक समयसीमा की घोषणा नहीं की गई है। लेकिन हाल ही में लिए गए दो नीतिगत फैसलों ने उम्मीदें बढ़ा दी थीं कि सरकार अब E20 से आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार ने 22 से 30 प्रतिशत एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी से छूट दी थी। इसके अलावा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने भी इस तरह के उच्च एथेनॉल मिश्रणों के लिए अपने स्पेसिफिकेशंस को लिस्टेड कर दिया था।

पिछले हफ्ते हुई उच्च स्तरीय बैठक, माइलेज और इंजन डैमेज पर हुई चर्चा

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले हफ्ते सरकार के वरिष्ठ स्तर पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में वाहन मालिकों द्वारा माइलेज, परफॉर्मेंस और गाड़ी के पार्ट्स को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर उठाई गई चिंताओं को वैज्ञानिक तरीके से हल करने की आवश्यकता पर चर्चा की गई। अधिकारियों का कहना है कि हालांकि कुछ शिकायतों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया माना गया लेकिन उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को गाड़ी मालिकों की इन चिंताओं पर जवाब देने की जरूरत है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि, ‘सरकार यह विचार कर है कि E20 से आगे बढ़ने के बदलाव को थोड़ा समय देना होगा। ऑटोमेकर्स से भी हमें यही संकेत मिले हैं। अब आइडिया ये है कि मौजूदा वाहनों के लिए कैलिब्रेटेड और ग्रेडेड तरीके से ही E25 की ओर बढ़ा जाए।’

5 साल पहले हासिल हुआ लक्ष्य तो पुरानी गाड़ियों के मालिकों ने जताई चिंता

सरकार ने मूल रूप से साल 2030 तक देश भर में E20 पेट्रोल उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी लेकिन इस लक्ष्य को पांच साल पहले ही आगे बढ़ा दिया गया। वर्तमान में देश भर में बिकने वाला मानक पेट्रोल मिश्रण E20 ही है। ऐसे कई दावे किए जा रहे हैं कि इस तेजी से हुए बदलाव की वजह से उन पुराने कार और दोपहिया वाहनों (बाइक-स्कूटर) के मालिकों की शिकायतें बढ़ गई हैं जिन्हें विशेष रूप से E10 पेट्रोल के लिए डिजाइन किया गया था। वाहन चालकों ने माइलेज घटने की रिपोर्ट की है और फ्यूल-सिस्टम के पार्ट्स के टिकाऊपन पर भी चिंता जताई है।

कार और बाइक पर कैसे असर डालता है ज्यादा एथेनॉल?

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एथेनॉल और पेट्रोल के मिश्रण से कुछ असर जरूर पड़ता है। इसके मुताबिक पेट्रोल की तुलना में एथेनॉल का कैलोरीफिक मान कम होता है। इससे गाड़ी का माइलेज कम हो सकता है। इसका असर गाड़ी की लाइफ, इंजन की डिजाइन और उसके सर्टिफिकेशन के आधार पर अलग-अलग होता है। एथेनॉल हाइग्रोस्कोपिक होता है। इसका मतलब है कि यह नमी को सोखता है। ऐसे में जो पार्ट्स उच्च मिश्रण वाले पेट्रोल के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं, उनमें जंग लगने का खतरा काफी बढ़ सकता है।

ऑटोमेकर्स को करना होगा और काम, भविष्य के मॉडल्स पर चल रहा काम

अगर सरकार E25 की तरफ कदम बढ़ाती है तो वाहन निर्माताओं को इंजन कैलिब्रेशन, फ्यूल-सिस्टम ड्यूरेबिलिटी, मटेरियल कम्पैटिबिलिटी और जंग प्रतिरोधकता पर एक्सट्रा काम करना होगा। इसके अलावा सुरक्षा, एमिशन और रोडवर्थिनेस को कवर करने वाली नियामक प्रमाणन प्रक्रिया यानी होमोलोगेशन से भी वाहनों और उनके पार्ट्स को गुजरना होगा। कई ऑटोमेकर्स ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्होंने उच्च एथेनॉल मिश्रण पर बेहतर प्रदर्शन के लिए हाई कम्प्रेशन रेशियो वाले इंजन विकसित करना शुरू कर दिया है। ये बदलाव काफी हद तक भविष्य में आने वाले नए मॉडल्स पर लागू होंगे, न कि पहले से सड़क पर चल रहे पुराने वाहनों पर।

आपको बता दें कि सरकार ने पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने और परिवहन ईंधन के कार्बन कंटेंट को घटाने के लिए एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दिया है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट रखा है कि उच्च मिश्रण वाले ईंधन को पूरी टेस्टिंग और सभी स्टेकहोल्डर्स) के साथ परामर्श के बाद ही पेश किया जाएगा।

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Govt attempts to quell heightened E20 backlash with industry support

fuel filling in car

India’s mandatory rollout of E20 petrol has come under renewed scrutiny after a series of public complaints, political criticism and viral social media posts incited fresh debate over the ethanol blending programme. Meanwhile, manufacturers such as Toyota, Maruti Suzuki and Hero Motocorp have publicly defended the E20 policy.

The controversy heightened early last week after reports emerged of Attorney General for India, R Venkataramani, describing the country’s ethanol blending programme as an “experiment” during a court hearing, saying its results would only be known next year. Though the government later denied that the remark referred to the E20 policy and Venkataramani clarified that he was speaking about ethanol supply volumes rather than the fuel itself, the comments have intensified an already growing backlash.

Auto manufacturers express support for India’s ethanol blending programme

No E20-related issues recorded in non-compliant vehicles so far, claim manufacturers 

At a government briefing held on July 4, several automotive manufacturers and industry representatives mounted a coordinated defence of the ethanol blending programme. Maruti Suzuki’s Senior Executive Officer for Corporate Affairs, Rahul Bharti, acknowledged the key concern of E20’s impact on E10-compliant and older vehicles.

“India mandated E20 from 2023 for material compliance, and before that it was E10. Obviously, after 2023 both the cars and the fuel are mandated for E20,” he said. For perspective, E20 compliance was mandated as part of Bharat Stage 6 Phase 2 regulations, which went into effect from April 2023 onwards.

However, Bharti claimed that Maruti Suzuki had tested older E10-compatible vehicles on E20 and found no significant concerns related to wear, corrosion, or component durability. “As a manufacturer we have tested E10 cars, which were prevalent before 2023, on E20 fuel for all parameters, and we have not found anything of concern,” stated Bharti.

Hero MotoCorp Chief Business Officer Ashutosh Verma concurred with Bharti’s statement, confirming that analysis of crores of service records had not found a higher incidence of vehicle damage in vehicles running on E20 compared with earlier fuel blends. Vikram Gulati, Country Head and Executive Vice President of Toyota Kirloskar Motor, added that the auto industry features highly stringent regulations, and that vehicles and fuels are put through extensive testing, certification, and homologation before reaching customers.

Gulati also said that ethanol is a cleaner, high-performance fuel that helps cut vehicle emissions and reduces India’s dependence on crude oil imports. Former Engineers India chairman and managing director Vartika Shukla echoed Gulati, stating that the transition to E20 was carried out via a phased, scientifically driven process involving auto manufacturers and testing agencies. She noted that ethanol blending had increased from around 1.5 percent in 2013-14 to 20 percent by December 2025, achieving the government’s target five years ahead of schedule.

Petroleum minister Hardeep Singh Puri remarked at a separate briefing on July 2: “They use it [ethanol] in racing cars also, the acceleration increases. Mileage, yes, ​it may drop a little.” Puri’s comments are not germane to public concerns at all, as race cars use ethanol solely for performance, and the mileage drop is the central pain point for the overwhelming majority of vehicle owners. Race car engines are also designed to take full advantage of ethanol and are frequently rebuilt, with the latter residing completely outside the realm of reason for the average motorist.

Toyota attributes Innova Hycross issue to fuel contamination

The Hycross in question belonged to Manoj Kashyap, a Bihar-based content creator

Motorists across India have emerged in droves online to voice concerns over reduced fuel efficiency, vehicle performance, and the long-term complications of using E20 petrol. A recent video posted by Bihar-based content creator Manish Kashyap gained immense traction on social media, showing his Toyota Innova Hycross hybrid at a service centre after it reportedly developed engine vibration and knocking issues at around 12,000km.

Kashyap blamed the issue on E20 petrol, criticised Union Road Transport Minister Nitin Gadkari (a major proponent of the ethanol-blending programme), and argued that consumers should have the option of purchasing unblended petrol. Responding to Kashyap’s viral claims, Toyota said it conducted an investigation on the damaged Innova Hycross and found no link between the car’s fault and E20 petrol, and that the culprit was actually contaminated fuel.

Toyota Innova Hycross hybrid. Image used for representation only.

“Based on our detailed technical assessment of the vehicle, the issue was due to fuel contamination,” Toyota noted in its statement. The Japanese carmaker said its technicians drained and cleaned the fuel tank and lines before refilling the vehicle with standard E20 petrol. Following the procedure, the Innova Hycross was found to be operating normally and was returned to Kashyap.

“The incident is not related to E20 fuel usage and was solely caused by non-standard and contaminated fuel,” Toyota added, advising customers to refuel only at authorised and reputed fuel stations. Contaminated fuel is a legitimate issue across the country and is compounded further by the introduction of E20, as fuel-related damage in vehicles becomes more difficult to pin down – ethanol is hygroscopic in nature, which means it can draw moisture from air and rot plastic and rubber components in the fuel system, especially in non-compliant vehicles.

Opposition voices disapproval of E20 policy implementation

Hundreds showed up to an anti-E20 protest in Delhi

Despite the industry’s defence, criticism surrounding the ethanol blending policy continues to grow in the political arena. Opposition leader Priyank Kharge argued that the rollout lacked adequate consultation and that the government could not dismiss consumer concerns while its own assessment remained pending. Political analyst Tehseen Poonawalla staged a protest against the mandatory E20 rollout at Jantar Mantar in New Delhi on July 5, which was attended by hundreds of aggrieved motorists.

The government, meanwhile, has continued to back E20, saying the fuel reduces carbon emissions, cuts crude oil imports, saves foreign exchange and supports farmers by increasing demand for ethanol feedstocks. In fact, the government has signaled an impending increase in baseline ethanol blending beyond E20, with standards notified for E22, E25, E27, and E30. ARAI has also been tasked with carrying out a study on the impact of E25 on existing E20- and E10-compliant vehicles.

Isobutanol-diesel blending under serious consideration

Diesel isn’t safe either, as plans to move forward with isobutanol blending in diesel this year are under consideration – isobutanol is an ethanol-derived compound, but is more energy-dense, less corrosive, and has a lower tendency to absorb water (hygroscopicity). This is despite the fact that none of the diesel cars currently sold in India are compliant with isobutanol-blended fuel.

भारत को मिलने जा रही पहली हाइड्रोजन ट्रेन कैसी है? जानें इसकी खासियत समेत सबकुछ

India First Hydrogen Train: भारत के रेलवे इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जहां देश अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन के साथ हरित परिवहन की दिशा में एक नया कदम बढ़ाएगा। इस अत्याधुनिक ट्रेन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने 17 जुलाई करेंगे, जिसकी तैयारियां तेजी से शुरू हो चुकी हैं। यह ट्रेन जींद–सोनीपत रेल ट्रैक पर संचालित होगी, जिसे पर्यावरण के लिए बहुत अनुकुल माना जा रहा है। इसके साथ ही, अमृत भारत योजना के तहत बने जींद स्टेशन का भी उद्घाटन संभव है।

क्या है खासियत?

हाइड्रोजन से चलने वाली इस ट्रेन की खासियत यह है कि इससे प्रदूषण नहीं होता, और यह ट्रेन सिर्फ पानी और गर्मी छोड़ेगी। इसके अलावा, इस ट्रेन में कुल 10 कोच और 1200-किलोवाट का इंजन है। जानकारी के अनुसार, शुरुआत में यह ट्रेन 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।

किस-किस देश में चल रही यह ट्रेन?

भारत इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा। अभी सिर्फ जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका के पास यह टेक्नोलॉजी है।

रविवार को हुई समीक्षा बैठक

रविवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में देर शाम हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा ने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उपायुक्त डॉ. विशाली शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप कुमार, सभी एसडीएम, नगर निगम और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से जुड़ी विभागवार जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई और समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए।

यह पूरे जिले के लिए गौरव का विषय” 

डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा ने अधिकारियों से कहा कि, “17 जुलाई को प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है। सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाएं और तैयारियों में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दें। प्रत्येक अधिकारी यह सोचकर कार्य करे कि उसका विभाग इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी सर्वोत्तम भूमिका निभाए।

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E20 Petrol : भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल ठुकराया? वायरल दावों पर केंद्र सरकार ने जारी किया फैक्ट चेक

E20 Petrol : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल खरीदने से इनकार कर दिया है। मंत्रालय ने साफ किया कि भारत की तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने का कोई प्रस्ताव दिया ही नहीं था। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल भूटान को E20 पेट्रोल भेजने की कोई योजना भी नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में लोगों से अपील की कि इस तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल पेट्रोलियम मंत्रालय तथा तेल विपणन कंपनियों की आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।

कांग्रेस ने लगाया था ये आरोप

यह सफाई ऐसे समय में आई है, जब एक दिन पहले कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि भूटान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका ने भारत का E20 ईंधन लेने से इनकार कर दिया है। वहीं, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने भी E20 ईंधन को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। मंत्रालय ने कहा कि E20 पेट्रोल को बाजार में लाने से पहले देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में इसकी प्रयोगशाला, वाहनों और वास्तविक परिस्थितियों में व्यापक जांच की गई थी। इन सभी परीक्षणों में यह ईंधन भरोसेमंद और बेहतर प्रदर्शन करने वाला पाया गया।

इंजन और वारंटी को लेकर भी आया  ये जवाब

सरकार ने साफ किया है कि वाहन बनाने वाली कंपनियां अपने मॉडल तय एथेनॉल मिश्रण मानकों के अनुसार तैयार कर रही हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) के मुताबिक, अगर वाहन में स्वीकृत E20 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जाता है, तो सिर्फ इसी वजह से गाड़ी की कंपनी की वारंटी खत्म नहीं होती। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन वैज्ञानिक आधार पर तैयार किया गया है और दुनिया के कई देशों में इसका सफलतापूर्वक इस्तेमाल हो रहा है। भारत भी अपने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम के तहत इसी मानक को अपना रहा है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि E20 एक तय क्वालिटी वाला मानक ईंधन है, इसे पेट्रोल में मिलावट नहीं माना जा सकता।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने बताया कि ARAI, इंडियन ऑयल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP) द्वारा किए गए विस्तृत परीक्षणों में पुराने वाहनों पर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन की मजबूती या प्रदर्शन पर कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई। मंत्रालय ने यह भी कहा कि 1 अप्रैल 2025 से पूरे देश में E20 पेट्रोल लागू होने के बाद से लाखों वाहन इस ईंधन पर चल रहे हैं। अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि E20 पेट्रोल की वजह से किसी वाहन का इंजन खराब हुआ हो।

इंजन खराब होने से लेकर वारंटी खत्म होने तक… E20 Petrol पर सरकार ने इन बड़े दावों की बताई सच्चाई

सोशल मीडिया पर इन दिनों E20 Petrol को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। E20 पेट्रोल को लेकर पानी, इंजन डैमेज, माइलेज और वारंटी से जुड़े कई दावे भी किए जा रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से फैल रहा है कि इसका इस्तेमाल करने पर वाहन का बीमा क्लेम या कंपनी की वारंटी खत्म हो सकती है। इस दावे के वायरल होने के बाद केंद्र सरकार ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट की और लोगों से ऐसी भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करने की अपील की।

सरकार ने इन बड़े दावों की बताई सच्चाई

सरकार ने साफ किया है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। संबंधित बीमा कंपनियों और वाहन निर्माता कंपनियों ने भी स्पष्ट किया है कि E20 ईंधन के उपयोग से न तो वाहन का बीमा प्रभावित होता है और न ही कंपनी की वारंटी पर कोई असर पड़ता है। सरकार की ओर से साझा की गई जानकारी में कहा गया कि बीमा कंपनियों और वाहन निर्माता कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि E20 फ्यूल का इस्तेमाल करने से भारत में किसी भी वाहन के बीमा या कंपनी की वारंटी पर कोई असर नहीं पड़ता। इसलिए इस तरह की अफवाहों पर भरोसा करने की जरूरत नहीं है।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन ने स्पष्ट किया है कि जिन गाड़ियों को E20 ईंधन के लिए तैयार किया गया है और जो तय मानकों को पूरा करती हैं, उनकी कंपनी वारंटी पहले की तरह जारी रहेगी। यानी E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से वारंटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इससे पहले भी सरकार ने E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही कई गलत जानकारियों पर विस्तार से जवाब दिया था। सरकार ने एक विस्तृत जानकारी जारी कर इंजन की सुरक्षा, ईंधन की खपत, वाहन की वारंटी, माइलेज और पर्यावरण पर पड़ने वाले असर जैसे मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि E20 कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाया जाता है। मंत्रालय के अनुसार, यह योजना वैज्ञानिक अध्ययनों, तय सुरक्षा मानकों और कई देशों के अनुभव को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। मंत्रालय ने बताया कि इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल दुनिया के कई देशों में लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा है। अमेरिका, ब्राज़ील, कनाडा, थाईलैंड, जापान और कई यूरोपीय देशों में भी यह ईंधन पहले से उपयोग में है। मंत्रालय के अनुसार, E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहन के प्रदर्शन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता और माइलेज में भी केवल मामूली बदलाव देखने को मिलता है।

सरकार का मानना है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम देश की तेल आयात पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। फिलहाल भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से कच्चा तेल खरीदता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव और वैश्विक परिस्थितियों का सीधा असर देश पर पड़ता है। ऐसे में इथेनॉल के बढ़ते इस्तेमाल से ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और आयात का बोझ कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Khamenei Funeral News: ‘मुझे लगा था लोग उनसे नफरत करते हैं…’; खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ देख ट्रंप के उड़े होश

Khamenei Funeral News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि ईरान के लोग खामेनेई को पसंद नहीं करते। लेकिन अंतिम यात्रा में लाखों लोगों की मौजूदगी देखकर वे चौंक गए। एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें ईरान के अंदर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया की उम्मीद थी। एक्सियोस (Axios) से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह तेहरान में अंतिम संस्कार की रस्मों पर बारीकी से नजर रखे हुए थे।

अंतिम संस्कार के वीडियो के बारे में पूछे जाने पर न्यूज वेबसाइट Axios से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “मैं हैरान था। मुझे लगा था कि लोग उससे नफरत करते हैं।” यह टिप्पणी तब आई जब खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों के लिए तेहरान में लाखों लोग जमा हुए। खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मारे गए थे। अंतिम संस्कार का कार्यक्रम पूरे सप्ताह चलेगा। अंत में मशहद में उन्हें दफनाया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह भी संभव है कि लोगों के आंसू नकली हों।

‘हम चाहें तो सभी नेताओं को निशाना बना सकते थे’

ट्रंप ने दावा किया कि खामेनेई के अंतिम संस्कार में ईरान के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। अमेरिका चाहे तो उन्हें निशाना बना सकता था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया क्योंकि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत जारी रखना चाहता है। उनके मुताबिक, “वे सभी एक जगह मौजूद हैं। एक ही वार में हम सबको खत्म कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि फिर बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा।”

‘ईरान समझौता करना चाहता है’

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए उत्सुक है। उनके अनुसार, दोनों देशों ने अंतिम संस्कार की अवधि तक बातचीत और सैन्य कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोकने पर सहमति बनाई है। उन्होंने कहा, “वे समझौता करने के लिए बेताब हैं। हमने अंतिम संस्कार के लिए उन्हें एक सप्ताह का समय दिया क्योंकि हम ऐसा करना उचित समझते हैं।”

तेहरान में उमड़ा जनसैलाब

4 जुलाई से शुरू हुए अंतिम संस्कार में तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धांजलि देने आए लोगों ने खामेनेई की तस्वीरें हाथों में ली थी। इस दौरान अमेरिका तथा इजरायल के खिलाफ नारे लगाए। उनके ताबूत को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा गया।

9 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार

अंतिम संस्कार की रस्में ईरान के कई शहरों में जारी रहेंगी। इसके बाद 9 जुलाई को खामेनेई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। भारत में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हकीम इलाही के अनुसार, सुरक्षा कारणों और संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए मोजतबा खामेनेई के अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना कम है।

खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत से कौन गया?

केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में शुक्रवार को हिस्सा लिया। दोनों ने भारत सरकार एवं देश की जनता की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पिछले तीन दशक से ईरान का नेतृत्व कर रहे खामेनेई की 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के पहले दिन मृत्यु हो गई थी।

विदेश राज्य मंत्री मार्गेरिटा ने X पर प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय के हैंडल को टैग करते हुए पोस्ट किया, “माननीय बिहार के राज्यपाल और मैंने तेहरान में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारत सरकार और देश की जनता की ओर से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।”

उन्होंने समारोह की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। बिहार लोकभवन ने X पर एक पोस्ट में कहा कि राज्यपाल ने पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की। बिहार के लोकभवन ने राज्यपाल हसनैन के हैंडल को टैग करते हुए कहा, “विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा के साथ आज तेहरान में अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हालिया संघर्ष में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की।”

लोकभवन ने समारोह की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी X पर एक पोस्ट जारी करके हसनैन और मार्गेरिटा के श्रद्धांजलि अर्पित करने का वीडियो शेयर किया। यह श्रद्धांजलि उस सभागार में दी गई, जहां खामेनेई के लिए शोक समारोह आयोजित किया गया था।

विपक्षी नेता भी पहुंचे तेहरान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती और भारत से गए सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई धर्मगुरुओं ने भी दिवंगत ईरानी नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से उनकी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में पूछा गया कि खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया, क्योंकि इसमें कई लोग शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा, “जहां तक भारत सरकार का सवाल है, हमने इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। हमारी ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा आज तेहरान में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।”

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विदेश मंत्रालय ने दो जुलाई को जारी अपने बयान में कहा था, “इस कार्यक्रम में भारत का उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संबंधों तथा लोगों के बीच संपर्क के महत्व को रेखांकित करता है, जो राजनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।” खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम पांच, छह और सात जुलाई को तेहरान और कोम में आयोजित किए जाएंगे। जबकि उन्हें नौ जुलाई को मशहद शहर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।