लॉटरी टिकट और लियोनेल मेसी के साथ एक फोटोशूट ने कैसे बदल दी लामिन यमाल की तकदीर?

“जिस बच्चे को कभी खुद लियोनेल मेसी ने अपने हाथों से नहलाया था, आज वही बच्चा मैदान पर मेसी के साम्राज्य को चुनौती देने के लिए तैयार है। यह कहानी सिर्फ फुटबॉल की नहीं है,यह कहानी है गरीबी की मार, माता-पिता के आंसुओं, वफादारी के एक अनोखे वादे और उस किस्मत की… जिसने 5 महीने के एक नवजात को दुनिया का अगला सुपरस्टार चुन लिया था।”

फुटबॉल की दुनिया में जब कोई खिलाड़ी मैदान पर उतरता है, तो वह सिर्फ अपनी टीम के लिए नहीं, बल्कि अपने अतीत, अपने संघर्षों और अपने माता-पिता के आंसुओं के बदले के लिए दौड़ रहा होता है। स्पेन के 19 वर्षीय सनसनी लामिन यमाल (Lamine Yamal) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। आज दुनिया उनके पैरों का जादू देख रही है, लेकिन इस जादू के पीछे छुपा है एक बेहद भावुक कर देने वाला अतीत।

माता-पिता का संघर्ष और नाम के पीछे का 'रहस्य'

यमाल का जन्म एक बेहद गरीब परिवार में हुआ था। उनके पिता मुनीर नसराउई मोरक्को के रहने वाले हैं और मां शीला एबाना इक्वेटोरियल गिनी की हैं। दोनों बचपन में ही गरीबी के कारण स्पेन के कैटालोनिया में आकर बस गए थे।

यमाल का पूरा नाम ‘लामिन यमाल नसराउई एबाना’ है। दिलचस्प बात यह है कि खेल की दुनिया में वह जिस 'यमाल' नाम का उपयोग करते हैं, वह उनका सरनेम (उपनाम) नहीं, बल्कि उनके नाम का ही हिस्सा है।

नाम के पीछे की भावुक कहानी: स्पैनिश मीडिया के अनुसार, जब यमाल के पिता पाई-पाई के लिए मोहताज थे, तब उनके दो दोस्तों ने उनकी आर्थिक मदद की थी। पिता ने उस तंगी के दिनों में आभार व्यक्त करने के लिए वादा किया था कि वे अपने बेटे का नाम उन दोस्तों के नाम पर रखेंगे।

  • अरबी भाषा में ‘लामिन’ का अर्थ होता है- ‘ईमानदार या भरोसेमंद’।
  • ‘यमाल’ (जमाल) का अर्थ होता है- ‘सुंदरता या लालित्य’।

अपनी जड़ों को नहीं भूले: क्या है '3-0-4' का राज?

यमाल का बचपन बार्सिलोना के एक ऐसे इलाके में बीता जिसे प्रवासियों का गढ़ और 'वर्किंग क्लास' (कामकाजी वर्ग) का इलाका माना जाता है—रोकाफोंडा। यहाँ कदम-कदम पर अभाव थे, लेकिन सपने बड़े थे।

“आज जब यमाल मैदान पर गोल करते हैं, तो अपनी उंगलियों से ‘3-0-4’ का इशारा करते हैं। यह कोई स्टाइलिश पोज़ नहीं है, बल्कि रोकाफोंडा इलाके का पोस्टकोड (08304) है। यमाल दुनिया को बताना चाहते हैं कि वे चाहे जितने बड़े स्टार बन जाएं, अपनी झुग्गी-झोपड़ी और अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलेंगे।”

यमाल अपने माता-पिता के बलिदानों को याद करते हुए भावुक हो जाते हैं। वे कहते हैं, “बेहद कम संसाधनों के बावजूद मेरे माता-पिता ने जिस तरह मुझे फुटबॉल खेलने में मदद की, उसका कर्ज मैं जीवन में कभी नहीं चुका पाऊंगा।”

जब 5 महीने के यमाल से टकराई किस्मत: मेसी के साथ वो जादुई मुलाकात

फुटबॉल इतिहास में कुछ संयोग ऐसे होते हैं जिन पर यकीन करना मुश्किल होता है। एक तरफ सर्वकालिक महानतम फुटबॉलर लियोनेल मेसी हैं और दूसरी तरफ बार्सिलोना के राइट विंग पर उनके उत्तराधिकारी के रूप में उभर रहे लामिन यमाल। आगामी बड़े मुकाबले में जब दोनों टीमें आमने-सामने होंगी, तो इतिहास रचेगा। लेकिन इनका रिश्ता आज का नहीं, बल्कि दो दशक पुराना है।

साल 2007 में, जब मेसी महज 20 साल के थे और बार्सिलोना की टीम में अपनी जगह बना रहे थे, तब लामिन यमाल सिर्फ 5 महीने के एक मासूम बच्चे थे।

  • कैसे हुई मुलाकात? यमाल के माता-पिता ने कैटलन अखबार ‘स्पोर्ट’ और अंतर्राष्ट्रीय संस्था ‘यूनिसेफ’ द्वारा आयोजित एक लॉटरी (रैफल) जीती थी। इनाम यह था कि विजेता के बच्चे का फोटोशूट बार्सिलोना के किसी सीनियर खिलाड़ी के साथ होगा।
  • किस्मत का खेल: भाग्यवश, उस दिन लामिन यमाल के परिवार की जोड़ी लियोनेल मेसी के साथ बनी। यह फोटोशूट कैंप नोउ स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में हुआ।

फोटोग्राफर का खुलासा: शर्मीले मेसी और खुशमिजाज यमाल

उस ऐतिहासिक तस्वीर को खींचने वाले फोटोग्राफर जोन मोनफोर्ट बताते हैं कि मेसी स्वभाव से बेहद शर्मीले और अंतर्मुखी थे। जब उनके सामने अचानक एक छोटा बच्चा लाया गया, तो वह काफी असहज हो गए थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि बच्चे को कैसे संभालें। लेकिन यमाल एक खुशमिजाज बच्चा था और जल्द ही मेसी ने भी उसे गोद में ले लिया।

खुद फोटोग्राफर को भी 2024 तक यह नहीं पता था कि वह बच्चा लामिन यमाल था! इस राज से पर्दा तब उठा जब यमाल के पिता ने इंस्टाग्राम पर उस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा—

“दो दिग्गजों की शुरुआत” (The beginning of two legends).

आज लामिन यमाल का इतनी कम उम्र में विश्व स्तर पर चमकना और मेसी का इस उम्र में भी शीर्ष पर बने रहना, फुटबॉल के दो अलग-अलग युगों का मिलन है। यमाल की यह कहानी साबित करती है कि अगर आपके पास प्रतिभा है और माता-पिता का आशीर्वाद, तो किस्मत भी आपके सामने घुटने टेक देती है। रोकाफोंडा की गलियों से निकलकर ग्लोबल आइकॉन बनने का यमाल का यह सफर आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

Bhadli Navami 2026 Date: कब है भड़ली नवमी और क्यों मनाई जाती है? इस दिन बिना अच्छा मुहूर्त देखे कर सकते हैं कोई भी शुभ कार्य

Bhadli Navami 2026 Date: भड़ली नवमी को भड़रिया नवमी या कंदर्प नवमी भी कहते हैं। यह आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। हिंदू धर्म में इस दिन का बहुत बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस दिन को अक्षय तृतीया और देवउठनी एकादशी के समान ही ‘अबूझ मुहूर्त’ माना गया है। इसका मतलब यह है कि इस पूरे दिन ग्रह और नक्षत्र की स्थिति इतनी अनुकूल होती है कि किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए पंचांग या ज्योतिषी से अलग से मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती।

कब मनाई जाएगी भड़ली नवमी 2026?

वैदिक पंचांग के अनुसार तिथियों का समय कुछ इस प्रकार रहेगा:

नवमी तिथि प्रारंभ : 22 जुलाई 2026 को सुबह 05:16 बजे से

नवमी तिथि समाप्त : 23 जुलाई 2026 को सुबह 07:03 बजे तक

उदयातिथि के नियमों के अनुसार नवमी तिथि का सूर्योदय 22 जुलाई को हो रहा है, इसलिए मुख्य रूप से भड़ली नवमी का त्योहार और पूजा इसी दिन संपन्न की जाएगी।

भड़ली नवमी 2026 धार्मिक महत्तव

भड़ली नवमी के ठीक दो दिन बाद ‘देवशयनी एकादशी’ आती है, जिससे चातुर्मास की शुरुआत होती है। मान्यता है कि देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस अवधि में विवाह, मुंडन, जनेऊ या गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते क्योंकि इस दौरान उनका प्रत्यक्ष आशीर्वाद नहीं मिल पाता। इसलिए, भड़ली नवमी को विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए सीजन का आखिरी दिन मानकर धूमधाम से मनाया जाता है। इसके अलावा, इसके बाद भगवान विष्णु अगले चार महीनों के लिए विश्राम अवस्था में चले जाते हैं, इसलिए श्रद्धालु इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। लोग व्रत रखते हैं, मंदिरों में जाते हैं और आने वाले चार महीनों के लिए भगवान का संरक्षण व आशीर्वाद मांगते हैं। यह दिन आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का अंतिम दिन भी होता है। इस वजह से तांत्रिक और आध्यात्मिक साधना करने वाले लोगों के लिए मां दुर्गा (शक्ति) की पूजा करने और हवन अनुष्ठान संपन्न करने के लिहाज से यह बेहद पवित्र तिथि मानी जाती है।

इस दिन से करना माना जाता है शुभ

  • गुप्त नवरात्रि का अंतिम दिन होने के कारण इस दिन कन्या पूजन करना और गरीबों को दान देना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
  • यदि किसी के विवाह में रुकावटें आ रही हों, तो भड़ली नवमी के अबूझ मुहूर्त का लाभ उठाकर विवाह संपन्न कराया जाता है।
  • नया वाहन खरीदना, सोने-चांदी की खरीदारी करना या नए घर में प्रवेश करने के लिए भी लोग इस दिन को चुनते हैं।

Devshayani Ekadashi 2026: 3 बड़े योगों में किया जाएगा देवशयनी एकादशी का व्रत, जानें सही तारीख, मुहूर्त और पारण का समय

Budh Mangal Dashank Yog 2026: बुध और मंगल ने बनाया दशांक योग, जानें किन राशियों के पैसों और करियर में लाएगा धांसु बदलाव

Budh Mangal Dashank Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की एक-दूसरे के साथ युति के साथ ही दूरी भी काफी मायने रखती है। ग्रहों की एक-दूसरे से खास दूरी पर भी कुछ दुर्लभ और पावरफुल योगों का निर्माण होता है। ऐसा ही एक योग इस समय बुध और मंगल ग्रह की स्थिति ने बनाया है। इस योग का नाम दशांक योग है। इसे ज्योतिष के सबसे पावरफुल योगों में से एक माना जाता है। इस समय ग्रहों के राजकुमार बुध और सेनापति मंगल एक-दूसरे से 36 डिग्री के कोण पर स्थित होकर दशांक योग का निर्माण कर रहे हैं।

वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धिमत्ता, वाणी, व्यापार, संचार, गणित और लेखन का कारक माना जाता है। वहीं, मंगल ऊर्जा, साहस, पराक्रम, नेतृत्व क्षमता, भूमि से जुड़े कार्यों और त्वरित निर्णय लेने की शक्ति का प्रतीक है। जब ये दोनों ग्रह किसी खास कोणीय स्थिति में आते हैं, तो व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और कार्य करने की शैली में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलता है। इस योग के प्रभाव से 6 राशियों के पैसों की स्थिति और करियर में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

दशांक योग क्या है?

जब दो ग्रह लगभग 36 डिग्री की दूरी पर होते हैं, तब दशांक योग बनता है। यह योग 16 जुलाई 2026 की रात 8:27 बजे बुध और मंगल के बीच 36 डिग्री का कोण बनने पर निर्मित हुआ है। यह संबंध रचनात्मकता, तेज दिमाग, नवाचार और अचानक मिलने वाले अवसरों का संकेत देता है। इस योग का प्रभाव लगभग तीन दिनों तक, यानी 19 जुलाई 2026 तक प्रमुख रूप से बना रहेगा। इस दौरान बुध अपनी ही राशि मिथुन में वक्री अवस्था में रहेंगे, जबकि मंगल वृषभ राशि में गोचर कर रहे होंगे।

6 राशियों के जातक पाएंगे बड़े अवसर

वृषभ राशि : मंगल आपकी राशि में होने से आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी। बुध धन से जुड़े मामलों को मजबूत करेंगे, जिससे व्यापार में लाभ, नए क्लाइंट और आर्थिक अवसर मिल सकते हैं। रुके हुए कामों में भी प्रगति के संकेत हैं। हनुमान चालीसा का पाठ करें और गुड़ का दान करें।

मिथुन राशि : बुध के अपनी ही राशि में होने से यह योग आपके लिए विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए कार्य पूरे होंगे। मीडिया, लेखन, आईटी, बैंकिंग और संचार से जुड़े लोगों को नए मौके मिल सकते हैं। भगवान गणेश की पूजा करें और ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का जाप करें।

सिंह राशि : यह योग आय और लाभ के अवसर बढ़ाएगा। पुराने अटके हुए पैसे मिल सकते हैं और प्रभावशाली लोगों से संपर्क मजबूत होगा। व्यापार में नए प्रोजेक्ट मिलने की संभावना है। सूर्य को जल अर्पित करें और तांबे का दान करें।

कन्या राशि : कन्या राशि वालों के लिए करियर में उन्नति के संकेत हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारी, प्रमोशन या बेहतर अवसर मिल सकते हैं। आपकी योजनाओं की सराहना होगी। हरी मूंग का दान करें और गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

मकर राशि : यह योग प्रतियोगी परीक्षाओं, इंटरव्यू और कानूनी मामलों में सफलता दिला सकता है। शत्रुओं पर विजय और कार्यक्षेत्र में प्रशंसा मिलने के योग हैं। हनुमान जी की पूजा करें और मसूर दाल का दान करें।

कुंभ राशि : पंचम भाव सक्रिय होने से विद्यार्थियों और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को लाभ होगा। एकाग्रता बढ़ेगी और प्रेम संबंधों में भी सुधार आएगा। भगवान विष्णु की पूजा करें और जरूरतमंद छात्रों को पुस्तकें दान करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Labh Drishti Yog: शनि-मंगल इस दिन बनाने जा रहे हैं लाभ-दृष्टि योग, 4 राशियों के जातकों को कराएंगे बंपर कमाई

रामलला के दरबार में महाप्रायश्चित, चढ़ावा चोरी के पाप से मुक्ति के लिए 10 दिवसीय क्षमा-याचना अनुष्ठान

ayodhya ram mandir trust meeting

Ram Mandir Ayodhya Atonement Ritual: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामधन (दान और चढ़ावा) गबन का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस महापाप का पूर्ण रूप से खुलासा होना अभी बाकी है। चोरी कितनी बड़ी है, क्या-क्या गायब हुआ है और इस घिनौने कृत्य में कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं इन तमाम कड़ियों को जोड़ने में जांच एजेंसियां जुटी हुई हैं। इसी बीच, इस कृत्य से आहत राममंदिर ट्रस्ट ने प्रभु श्रीराम से क्षमा मांगने और मंदिर परिसर की पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक 10 दिवसीय महाअनुष्ठान की शुरुआत की है।

​70 वैदिक आचार्यों ने संभाला जिम्मा

​रामलला के दरबार में शुरू हुए इस 10 दिवसीय अनुष्ठान को अत्यंत गुप्त और पवित्र तरीके से संपन्न कराया जा रहा है। इसके लिए देश के 70 शीर्ष वैदिक आचार्यों को आमंत्रित किया गया है। ये आचार्य राम मंदिर के मुख्य गर्भगृह से लेकर परकोटे (परिसर की बाहरी सीमा) तक विभिन्न स्थानों पर बैठकर विशेष मंत्रोच्चार, जप और आहुतियां दे रहे हैं। एक वैदिक आचार्य के मुताबिक प्रभु के धन पर डाका डालने वालों को कानून सजा देगा, लेकिन मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए यह प्रायश्चित पूजन अनिवार्य था।

​बड़े खुलासे की उम्मीद

​एक तरफ जहां मंदिर परिसर में मंत्रों के उच्चारण से माहौल को शुद्ध किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक और जांच स्तर पर भी कार्रवाई तेज है। सूत्रों के मुताबिक, यह गबन एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, राम भक्तों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर रामलला के खजाने पर नजर डालने वाले वो 'अपराधी' कौन हैं।

Popular TVF Shows 2026: ‘ग्राम चिकित्सालय 2’ से लेकर ‘एस्पिरेंट्स 3’ तक, बैक-टू-बैक सुपरहिट शोज देकर TVF बना साल 2026 का कंटेंट पावरहाउस

Popular TVF Shows 2026: द वायरल फीवर (TVF) ने खुद को भारत के सबसे पसंदीदा कंटेंट स्टूडियोज में से एक के रूप में स्थापित किया है, जो लगातार अलग-अलग जॉनर में बेहतरीन कहानियां पेश करता आ रहा है। सालों से इसने देश के कुछ सबसे पसंदीदा और क्रिटिक्स द्वारा सराहे गए शोज़ बनाए हैं, जिनमें दिल को छू लेने वाले ‘स्लाइस-ऑफ-लाइफ’ ड्रामा से लेकर रोंगटे खड़े कर देने वाले थ्रिलर और जमीन से जुड़ी ऐसी सच्ची कहानियां शामिल हैं जो सीधे दर्शकों के दिलों को छूती हैं।

लगातार शानदार काम करने के इसी ट्रैक रिकॉर्ड ने टीवीएफ (TVF) को कंटेंट की दुनिया का एक पावरहाउस बना दिया है। साल 2026 का पहला आधा हिस्सा (first half) भी इसका अपवाद नहीं रहा है। सिर्फ छह महीनों में इस स्टूडियो ने एक के बाद एक कई सफल शोज़ दिए हैं, जिनमें फैंस के पसंदीदा शोज़ के नए सीज़न की वापसी के साथ-साथ कुछ नए ओरिजिनल शोज़ भी शामिल हैं, जिन्हें दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का खूब प्यार मिला। आइए डालते हैं एक नज़र साल 2026 के पहले छह महीनों में आए टीवीएफ (TVF) के कुछ सबसे बड़े हिट्स पर।

गुल्लक सीज़न 5

पिछले चार सीज़न्स की भारी सफलता के बाद, टीवीएफ (TVF) ने दर्शकों के पसंदीदा फैमिली शो ‘गुल्लक’ के पांचवें सीज़न के साथ वापसी करने का फैसला किया। यह सीज़न एक बार फिर मिश्रा परिवार को साथ लेकर आता है, जिसमें अनत वी. जोशी की ‘अन्नू मिश्रा’ के रूप में एंट्री हुई है, जिसने दर्शकों को अपने इस फेवरेट परिवार से एक बार फिर प्यार करने पर मजबूर कर दिया। भारत की सबसे लंबे समय तक चलने वाली और सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली ओरिजिनल वेब सीरीज़ में से एक, गुल्लक आज भी आईएमडीबी (IMDb) की दुनिया भर के टॉप 250 टीवी शोज़ की लिस्ट में बनी हुई है, जो इसकी कभी न खत्म होने वाली पॉपुलैरिटी और हर दिल अजीज होने का पक्का सबूत है।

एस्पिरेंट्स सीज़न 3

‘एस्पिरेंट्स’ सीज़न 3 ने इस बेहद पसंदीदा फ्रेंचाइजी की कामयाबी के सिलसिले को आगे बढ़ाया और दर्शकों के साथ-साथ क्रिटिक्स से भी खूब वाहवाही बटोरी। दिल को छू लेने वाली कहानी और बेहतरीन एक्टिंग के शानदार तालमेल के साथ, इस सीरीज़ में नवीन कस्तूरिया, सनी हिंदुजा, शिवांकित सिंह परिहार, अभिलाष थपलियाल और नमिता दुबे ने एक बार फिर अपनी कमाल की परफॉर्मेंस से दर्शकों के दिलों को छुआ। एस्पिरेंट्स फ्रेंचाइजी भी आईएमडीबी (IMDb) की दुनिया भर के टॉप 250 टीवी शोज़ की लिस्ट में शामिल है। इस फ्रेंचाइजी ने ‘एसके सर की क्लास’ और ‘संदीप भैया’ जैसे बेहद कामयाब स्पिन-ऑफ्स को भी जन्म दिया है, जिसने इसके कहानी के दायरे को और बड़ा बना दिया है।

द पिरामिड स्कीम

टीवीएफ (TVF) ने साल 2026 के अपने लाइनअप में एक और कामयाब ओरिजिनल शो जोड़ा है, जिसका नाम है ‘द पिरामिड स्कीम’। इसे आशीष आर. शुक्ला और श्रेयांश पांडे ने डायरेक्ट किया है। परमवीर सिंह चीमा, रणवीर शौरी, शेखर सुमन, अंजन श्रीवास्तव, अल्फिया जाफ़री और आशीष राघव स्टारर इस कॉमेडी-ड्रामा की इसकी दिलचस्प कहानी, तीखे मज़ाक और शानदार एक्टिंग के लिए खूब तारीफ की गई है, जिसने इसे टीवीएफ की लिस्ट में एक बेहद खास शो बना दिया है। यह सीरीज़ नए-नए जॉनर और कहानी कहने के अलग तरीकों के साथ टीवीएफ के लगातार हो रहे प्रयोगों को दिखाती है, वो भी अपनी जड़ों से जुड़े और किरदारों पर आधारित कहानियों के साथ।

ग्राम चिकित्सालय सीज़न 2

टीवीएफ ने अपने बेहद पसंदीदा ग्रामीण कॉमेडी-ड्रामा ‘ग्राम चिकित्सालय’ के दूसरे सीज़न (Season 2) के साथ वापसी की है, जिसमें भटकंडी गांव का सफर आगे बढ़ता है। इस सीरीज़ में अमोल पराशर एक बार फिर डॉ. प्रभात सिन्हा के रोल में नजर आ रहे हैं। उनके साथ उनके प्यारे सपोर्टिंग किरदार भी नई चुनौतियों का सामना करते हुए दिख रहे हैं। यह सीज़न भी हंसी-मजाक, जज्बात और रोजमर्रा के पलों से भरा एक दिल को छू लेने वाला और मजेदार चैप्टर पेश करता है। पहले सीज़न को मिले शानदार रिस्पॉन्स को आगे बढ़ाते हुए, इस शो ने जमीन से जुड़ी और गाँव की कहानियों को पेश करने की टीवीएफ की लिस्ट को और मजबूत किया है, जिसे शहरों से लेकर गांवों तक के दर्शकों ने खूब पसंद किया है।

फैमिली किराना स्टोर

टीवीएफ ने अपने ओरिजिनल शोज़ का दायरा बढ़ाते हुए ‘फैमिली किराना स्टोर’ पेश किया है। यह एक दिल को छू लेने वाली कॉमेडी है जो गजानंद (श्रीकांत वर्मा) और उनके मिडिल-क्लास परिवार की कहानी दिखाती है, जो पड़ोस की एक किराने की दुकान चलाने के उतार-चढ़ाव से जूझते हैं। गरिमा विक्रांत सिंह और हेमंत मिश्रा के अभिनय से सजी यह सीरीज़ हंसी, पुरानी यादों (नॉस्टैल्जिया) और रोज़मर्रा के पारिवारिक पलों को बहुत ही खूबसूरती से मिलाती है। यह शो साधारण भारतीय परिवारों की खुशियां मनाने और रोज़मर्रा की जिंदगी से असाधारण कहानियाँ तलाशने की टीवीएफ की परंपरा को जारी रखता है।

स्पेस जेन: चंद्रयान

टीवीएफ (TVF) ने ‘स्पेस जेन: चंद्रयान’ के साथ स्पेस ड्रामा जॉनर में कदम रखा। यह एक प्रेरणादायक सीरीज़ है जो इसरो (ISRO) के वैज्ञानिकों के सफर को दिखाती है, जो तमाम मुश्किलों से लड़कर एक ऐतिहासिक मिशन को कामयाब बनाते हैं। नकुल मेहता, श्रिया सरन, प्रकाश बेलावाड़ी, गोपाल दत्त और दानिश सैत के अभिनय से सजी इस सीरीज़ को इसके इमोशनल ड्रामा और कलाकारों की बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए खूब सराहा गया। यह शो देश की एक बड़ी और ऐतिहासिक कहानी को दिखाने के टीवीएफ के बढ़ते हौसले को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने अपनी पहचान बन चुके इमोशनल टच को बरकरार रखा है।

हेलो बच्चों

टीवीएफ के ‘हेलो बच्चों’ ने मशहूर शिक्षक अलख पांडे के प्रेरणादायक सफर को पर्दे पर उतारा, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे उन्होंने ऑनलाइन लर्निंग के जरिए हर बच्चे तक बेहतरीन शिक्षा पहुंचाने का मिशन पूरा किया। विनीत कुमार सिंह, विक्रम कोचर, गिरिजा ओक, अनुमेहा जैन और पंकज कश्यप के शानदार अभिनय से सजी इस सीरीज़ को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। अपनी दिल छू लेने वाली कहानी, इमोशनल गहराई और सच्ची परफॉर्मेंस की वजह से यह साल 2026 में टीवीएफ के सबसे पसंदीदा ओरिजिनल शोज़ में से एक बन गया। इस सीरीज़ ने शिक्षा की ताकत और उससे आने वाले बदलाव का जश्न मनाया, जो टीवीएफ के कई ओरिजिनल्स की एक बड़ी ताकत रहा है।

सपने वर्सेस एवरीवन

पहले सीज़न को मिले बेमिसाल रिस्पॉन्स के बाद, ‘सपने वर्सेस एवरीवन’ अपने दमदार और रोमांचक दूसरे चैप्टर के साथ वापस लौटा और इसे हर तरफ से खूब तारीफें मिलीं। अंबरीश वर्मा द्वारा लिखित, निर्देशित और बनाई गई इस सीरीज़ में खुद अंबरीश वर्मा, परमवीर सिंह चीमा, विजयांत कोहली और अभिषेक चौहान मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह सीज़न जिमी और प्रशांत के मुश्किल सफर को भावनाओं और बेहतरीन लिखावट के साथ आगे बढ़ाता है। इस सीरीज़ ने टीवीएफ के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले ड्रामा शोज़ में अपनी जगह और मजबूत कर ली है। आईएमडीबी (IMDb) पर 9.2 की रेटिंग के साथ यह किसी भी भारतीय सीरीज़ के लिए सबसे बड़ी रेटिंग है। महत्वाकांक्षा और खुद को साबित करने की जंग को बहुत ही बारीकी से दिखाने के लिए इस शो की हर तरफ तारीफ हुई है।

बेहद पसंदीदा पुराने शोज़ की वापसी और फैमिली ड्रामा, ग्रामीण कॉमेडी, इंस्पायरिंग कहानियों, थ्रिलर और सोशल ड्रामा जैसे बड़े और नए ओरिजिनल्स के साथ, साल 2026 के पहले छह महीनों में टीवीएफ ने अपनी ऐसी रेंज दिखाई है जिसका फिल्म इंडस्ट्री में कोई मुकाबला नहीं है। सिर्फ छह महीने में अलग-अलग जॉनर और प्लेटफॉर्म्स पर इतने सारे सफल शोज़ देकर टीवीएफ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे भारत के सबसे लगातार और असरदार कंटेंट क्रिएटर्स में से एक हैं।

कल का मौसम 18 जुलाई: IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के आसमान पर 5 एक्टिव मौसमी सिस्टम (एक लो प्रेशर एरिया, एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, दो अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ) सक्रिय हैं। ये देश के मौसम को पूरी तरह से नियंत्रित कर रहे हैं। इनके चलते देश के 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार 18 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा:-

सिक्किम और उप-हिमालयी बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 18 जुलाई को देश के पूर्वोत्तर और हिमालयी इलाकों में बारिश सबसे घातक रूप ले सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की गंभीर आशंका जताई गई है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने नीचे दिए गए 5 राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

उत्तराखंड: देवभूमि में पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के बीच 18 जुलाई को कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़: मध्य भारत के इस राज्य में मानसून की सक्रियता के चलते कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

अरुणाचल प्रदेश: यहां के पर्वतीय और तलहटी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

यूपी, बिहार और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

18 जुलाई को देश के कुल 11 राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है:-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी): पूर्वी यूपी के इलाकों में मानसून सक्रिय रहेगा और यहां भारी बारिश होने की संभावना है।

बिहार और झारखंड: इन दोनों पड़ोसी राज्यों में बादल जमकर बरसेंगे और कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

ओडिशा: यहां भी मानसून की सक्रियता के चलते अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

केरल और माहे: दक्षिण भारत के केरल और माहे क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है।

कर्नाटक: कर्नाटक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

थंडरस्क्वाल और आंधी-तूफान की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और बिजली कड़कने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है। तेलंगाना के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। बिहार, विदर्भ, गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

कपकतर

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में कल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ इलाकों में कल काफी तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में उमस का कहर जारी रहेगा

एक तरफ जहां देश का एक बड़ा हिस्सा बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति से जूझेगा, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

ये भी पढे़ं- Viral News: राजस्थान का यह मंदिर क्यों कहलाता है कारोबारियों का ‘बिजनेस पार्टनर’? हर महीने चढ़ते हैं 30-40 करोड़ रुपये दान

Badrinath temple donation case: बद्रीनाथ दान घोटाला मामले में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार, CCTV फुटेज में जेब में कैश रखते दिखने का दावा

Badrinath temple donation case: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दान में कथित गड़बड़ी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी ने करीब चार घंटे तक पूछताछ करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, अब उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन की जांच के बीच हुई है।

जांच एजेंसियां मंदिर प्रशासन से जुड़े कई लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। राजेंद्र चौहान इस मामले के प्रमुख संदिग्धों में शामिल हैं। जांच के दौरान जुटाए गए CCTV फुटेज के आधार पर एसआईटी ने चौहान से पूछताछ की। जांचकर्ताओं का दावा है कि 22 जून, 25 जून और 29 जून की रिकॉर्डिंग में चौहान कथित तौर पर कैश के बंडल उठाकर अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी फुटेज के आधार पर उनसे विस्तृत पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

CCTV फुटेज से खुलासा

पुलिस ने बताया कि 25 जून और 29 जून के सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान कुछ और लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं। इन फुटेज के आधार पर एसआईटी ने अतिरिक्त संदिग्धों की पहचान की है और जल्द ही उनसे भी पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के कथित दुरुपयोग से जुड़े इस मामले की जांच अभी जारी है।

एसआईटी सभी उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है ताकि पूरे मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके। फिलहाल, जांच एजेंसी ने किसी अन्य आरोपी के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की है, लेकिन नए साक्ष्यों के सामने आने के बाद आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

SIT ने सौंपी रिपोर्ट

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की पड़ताल के लिए श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से गठित जांच दल ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। बीकेटीसी के मुख्य कार्य अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चार-सदस्यीय दल ने 18 पन्नों की अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

मंदिर समिति के सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में चढ़ावे की चोरी को रोकने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं। इनमें गणना के दौरान ड्रेस कोड लागू करना, मंदिर परिसर तथा गणना केंद्र के अछूते स्थानों को चिन्हित कर वहां नये सीसीटीवी कैमरे लगाना, निगरानी व्यवस्था को बेहतर एवं जवाबदेह बनाना और श्रद्धालुओं को गणना कार्य से जोड़ने की निश्चित प्रक्रिया तय करना शामिल है।

दो जुलाई को हेराफेरी का हुआ खुलासा

दो जुलाई को सोशल मीडिया पर मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने इस समिति का गठन किया था, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अध्यक्ष कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के तौर पर तैनात प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस में नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसकी जांच में साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें गिरफतार कर लिया गया।

मंदिर के चढ़ावे के रिकॉर्ड वाले रजिस्टर में ओवरराइटिंग पाए जाने के बाद इस काम में लगे खजांची संदेश मेहता को भी वहां से हटाकर अन्यत्र तबादला किया जा चुका है। इस बीच, मामले की पड़ताल कर रहा पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) बीकेटीसी के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के साथ ही अन्य लोगों के भी इसमें शामिल होने की आशंका का बारीकी से पता लगा रहा है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि चमोली के पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह की अध्यक्षता में गठित एसआईटी सीसीटीवी कैमरों में दर्ज नौटियाल की पूर्व की संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है। इसके अलावा, आरोपी के साथ ही इस मामले में अन्य लोगों के शामिल होने के पहलू की भी जांच की जा रही है, जिसके लिए पुराने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने सीसीटीवी कैमरों के पूर्व में डिलीट हो चुके रिकॉर्ड को रिकवर करने की दिशा में भी प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद लेने का प्रयास किया जा रहा है। उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल के कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की जांच भी जारी है।

ये भी पढ़ें- Viral News: राजस्थान का यह मंदिर क्यों कहलाता है कारोबारियों का ‘बिजनेस पार्टनर’? हर महीने चढ़ते हैं 30-40 करोड़ रुपये दान

Viral News: राजस्थान का यह मंदिर क्यों कहलाता है कारोबारियों का ‘बिजनेस पार्टनर’? हर महीने चढ़ते हैं 30-40 करोड़ रुपये दान

Viral News: एक ओर अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि में कथित अनियमितताओं का मामला सुर्खियों में है। वहीं राजस्थान के मेवाड़ इलाके में स्थित मशहूर श्री सांवलिया सेठ मंदिर अपनी पारदर्शी दान व्यवस्था और सख्त लेखा-जोखा सिस्टम को लेकर चर्चा में है। मेवाड़ क्षेत्र में स्थित भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित इस प्रसिद्ध मंदिर को देशभर के कारोबारी अपना ‘बिजनेस पार्टनर’ मानते हैं। वे अपने कारोबार के मुनाफे का एक हिस्सा यहां अर्पित करते हैं। 13 जुलाई को जब मंदिर की दान पेटियां खोली गईं तो पहले ही दिन 10.11 करोड़ रुपये की नकदी गिनी गई। दान की गिनती की प्रक्रिया छह दिनों तक चलनी है।

हर महीने 30 से 40 करोड़ रुपये का चढ़ावा

मंदिर प्रशासन के अनुसार, श्री सांवलिया सेठ मंदिर में हर महीने औसतन 30 से 40 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है। इतनी बड़ी राशि के सुरक्षित प्रबंधन के लिए मंदिर में मजबूत सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू है। दान पेटियां, दान कक्ष और प्रशासनिक कार्यालय 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहते हैं। दान वाले रूम में श्रद्धालु जैसे ही दान करते हैं। फिर उन्हें तुरंत आधिकारिक रसीद जारी की जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है।

साल में 11 बार खुलती हैं दान पेटियां

मंदिर की सबसे खास व्यवस्था यह है कि दान पेटियां साल में 11 बार खोली जाती हैं। दान पेटियां खोलने से लेकर कैश की गिनती तक पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होती है। गिनती के दौरान प्रतिदिन की राशि मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की जाती है। वहीं, कैश गिनने वाले कर्मचारियों की मंदिर में एंट्री और एग्जिट के समय सघन जांच की जाती है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

दान की राशि से होते हैं विकास कार्य

मंदिर बोर्ड के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव के अनुसार, श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए हर रुपये का विस्तृत हिसाब रखा जाता है। उन्होंने बताया कि मंदिर में आने वाला चढ़ावा केवल मंदिर के खजाने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक कल्याण और विकास कार्यों में भी खर्च किया जाता है। फिलहाल मंदिर प्रशासन करीब 100 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इनमें मंदिर परिसर का विस्तार और सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं तथा आसपास के 16 गांवों में विकास कार्य शामिल हैं।

पांच बैंकों में हैं मंदिर के अकाउंट

मंदिर प्रशासन के अनुसार, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मंदिर के मंडफिया स्थित पांच बैंकों में खाते संचालित हैं। सत्संग भवन में दान की गिनती पूरी होने के बाद इन बैंकों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर राशि का सत्यापन करते हैं, मंदिर बोर्ड को रसीद सौंपते हैं और पूरी रकम संबंधित बैंक खातों में जमा कर दी जाती है।

मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के विश्वास और प्रशासन की जवाबदेही का प्रतीक है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि दान की गई प्रत्येक राशि का सही रिकॉर्ड रखा जाए और उसका उचित उपयोग हो। मंदिर के अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था भक्तों की आस्था और प्रशासन की जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता, दोनों को दिखाती है। इससे यह पक्का होता है कि हर दान का सही तरीके से रिकॉर्ड और मैनेजमेंट किया जाए।

ये भी पढ़ें- Ram Mandir Chanda Chori Update: राम मंदिर दान घोटाले में बड़ा खुलासा! वॉशरूम में मिले ₹40,000 कैश से खुली करोड़ों की चोरी की परतें

अब वैष्णो देवी जाना हुआ और आसान! सिर्फ 6 घंटे में दिल्ली से कटरा पहुंच जाएंगे भक्त, जानिए पूरी डिटेल्स

Delhi-Amritsar-Katra Expressway: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (17 जुलाई) को दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद राजधानी दिल्ली से माता वैष्णो देवी (कटरा) तक सड़क यात्रा का समय करीब 14 घंटे से घटकर सिर्फ 6 घंटे रह जाएगा। जबकि दिल्ली से अमृतसर की यात्रा 8 घंटे से घटकर लगभग 4 घंटे में पूरी हो सकेगी। यह एक्सप्रेसवे 667 किलोमीटर लंबे दिल्ली-अमृतसर-कटरा कॉरिडोर का हिस्सा है। इसे लगभग 38,905 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, पीएम मोदी हरियाणा के जींद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 157.92 किलोमीटर लंबे चार-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (पैकेज 1 से 5) का लोकार्पण करेंगे। इस हिस्से का निर्माण लगभग 9,680 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इसके बाद प्रधानमंत्री पंजाब के जालंधर में 30.9 किलोमीटर लंबे पैकेज-6 का भी उद्घाटन करेंगे।

तेज यात्रा के साथ हाईवे पर घटेगा दबाव

पूरे कॉरिडोर के चालू होने के बाद दिल्ली से कटरा की यात्रा लगभग 6 घंटे और दिल्ली से अमृतसर की यात्रा करीब 4 घंटे में पूरी हो सकेगी। इससे मौजूदा एनएच-44 (जीटी रोड) पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

इस एक्सप्रेसवे से माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। परियोजना से पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, प्रमुख इंटरचेंज के आसपास व्यावसायिक और रियल एस्टेट विकास को भी नई गति मिलेगी। साथ ही इससे उत्तर भारत में भी आर्थिक गतिविधियां और तेज होंगी।

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन लॉन्च

पीएम मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की कैटेगरी में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें हैं। यह रेलवे क्षेत्र में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की दूरी यह ट्रेन दो घंटे में तय करेगी। इस दौरान यह 12 स्टेशनों पर रुकेगी।

प्रधानमंत्री ने जींद रेलवे स्टेशन से ट्रेन को रवाना करते समय हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस ट्रेन में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी सवार थे। यह ट्रेन पूरी तरह भारत में डिजाइन, विकसित और एकीकृत की गई है। इसका निर्माण स्वदेशी तकनीक से किया गया है, जो उन्नत रेलवे इंजीनियरिंग के क्षेत्र में देश की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।

ये भी पढ़ें- Ram Mandir Chanda Chori Update: राम मंदिर दान घोटाले में बड़ा खुलासा! वॉशरूम में मिले ₹40,000 कैश से खुली करोड़ों की चोरी की परतें

आसमानी नीले और सफेद रंग की आकर्षक डिजाइन वाली यह ट्रेन ‘हाइड्रोजन फ्यूल सेल’ टेक्नोलॉजी से चलती है। इस तकनीक में हाइड्रोजन को बिजली में परिवर्तित किया जाता है। इससे ट्रेन को चलाने के लिए आवश्यक ऊर्जा प्राप्त होती है। भारत की इस हाइड्रोजन ट्रेन में 10 डिब्बे हैं, जिससे यह अब तक विकसित सबसे लंबी हाइड्रोजन चालित यात्री ट्रेनों में शामिल हो गई है।

Ram Mandir Chanda Chori Update: राम मंदिर दान घोटाले में बड़ा खुलासा! वॉशरूम में मिले ₹40,000 कैश से खुली करोड़ों की चोरी की परतें

Ram Mandir Chanda Chori Update: अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित हेराफेरी का मामला उस समय सामने आया, जब मंदिर परिसर के एक शौचालय में 40 हजार रुपये कैश छिपे मिले। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI)’ की रिपोर्ट के अनुसार, एक सुरक्षा गार्ड की सतर्कता से हुई इस बरामदगी ने ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा किया, जो पिछले कई महीनों से दान की रकम में कथित तौर पर सेंध लगा रहा था।

शौचालय में कैश मिलने के बाद मंदिर प्रशासन ने दान गिनने वाले रूम की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि दान की गिनती में लगे कुछ कर्मचारी नोटों को अपने कपड़ों और शरीर में छिपा रहे थे। इसके बाद पूरे दान प्रबंधन तंत्र की जांच शुरू की गई।

ऐसे की जाती थी दान की रकम की चोरी

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी दान की गिनती के दौरान कैश निकालकर पहले उसे मंदिर परिसर के शौचालयों में छिपा देते थे। बाद में सुरक्षा कर्मियों और अन्य कर्मचारियों की नजर से बचते हुए उस रकम को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बाहर ले जाया जाता था। पुलिस का मानना है कि इसी तरीके से लंबे समय तक चोरी को अंजाम दिया जाता रहा।

SIT जांच में बड़ा खुलासा

शुरुआती जांच में मंदिर ट्रस्ट ने लगभग 80 लाख रुपये की बरामदगी दर्ज की। मामला तूल पकड़ने के बाद जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंप दी गई। अब तक दान की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण और कथित तौर पर चोरी के पैसों से खरीदी गई एक गाड़ी भी बरामद की है। इसके अलावा आरोपियों और उनके परिजनों से जुड़े करीब 50 बैंक खातों की जांच कर धन के लेन-देन का पता लगाया जा रहा है।

कई महीनों से चल रही थी कथित हेराफेरी

जांच अधिकारियों का मानना है कि दान की रकम में यह कथित चोरी कई महीनों से जारी थी। हालांकि, मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आने वाले दान और रिकॉर्ड की सीमाओं के कारण यह तय कर पाना मुश्किल है कि कुल कितनी राशि का गबन हुआ। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अहम खुलासा तब हुआ जब एक सिक्योरिटी गार्ड को मंदिर परिसर के अंदर एक वॉशरूम में छिपे हुए ₹40,000 मिले। इस खोज से तुरंत शक पैदा हुआ, जिसके बाद मंदिर प्रशासन ने डोनेशन गिनने वाली जगह के CCTV फुटेज की जांच की। उन्हें जो मिला, वह छिपे हुए कैश के एक बंडल से कहीं ज़्यादा गंभीर मामला था।

दान व्यवस्था में मिलीं खामियां, ट्रस्ट ने बदली पूरी सिस्टम

SIT की जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपियों में से एक के पास दान पेटियों की चाबियों तक अनधिकृत पहुंच थी। इससे मंदिर की आंतरिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या अन्य कर्मचारी या अधिकारी इस कथित गड़बड़ी से अनजान थे या उन्होंने इसे नजरअंदाज किया।

मामले के सामने आने के बाद ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ ने दान संग्रह और गिनती की पूरी व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। अब दान की गिनती के दौरान सुरक्षा बढ़ा दी गई है, सीसीटीवी निगरानी को मजबूत किया गया है, सख्त मॉनिटरिंग प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं और नकदी प्रबंधन प्रणाली में बदलाव कर मानवीय हस्तक्षेप को कम करने की कोशिश की गई है। इन सुधारों का उद्देश्य लाखों श्रद्धालुओं का भरोसा दोबारा कायम करना है।

ये भी पढ़ें- अमेरिकी चुनाव में चीन की बड़ी सेंधमारी! 22 करोड़ US वोटर्स का डेटा चुराया, डोनाल्ड ट्रंप का सनसनीखेज दावा