Gift Nifty Indicator: बुल्स या बीयर्स, आज कौन होगा बाजार पर हावी, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के फ्लैट या मामूली गिरावट के साथ खुलने की उम्मीद है। ग्लोबल मार्केट से अच्छे संकेत मिलने के बावजूद GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 7:45 बजे GIFT निफ्टी 15 अंक या 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,444 पर ट्रेड कर रहा था, जो सेंसेक्स और निफ्टी 50 के लिए सुस्त शुरुआत का संकेत है।

अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहने से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि फेडरल रिजर्व अगले महीने ब्याज दरें नहीं बढ़ाएगा, जिससे एशियाई बाजारों में तेजी आई और वॉल स्ट्रीट भी बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, सीजफायर बातचीत के रुकने और ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी बनाए रखने की अमेरिकी धमकियों के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई है।

गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय बाजार काफी हद तक फ्लैट बंद हुए, क्योंकि निचले स्तरों पर खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स को अपने इंट्राडे निचले स्तरों से उबरने में मदद मिली। सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 78,079.96 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ।

ब्याज दरों को लेकर चिंता कम होने से एशियाई बाजारों में तेजी

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी आई क्योंकि अमेरिकी महंगाई में नरमी के और सबूतों ने इस उम्मीद को मजबूत किया कि फेडरल रिजर्व अपनी सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.5 प्रतिशत बढ़ा, जिससे इंडेक्स लगातार चौथे सप्ताह बढ़त की ओर अग्रसर है, जो मई के बाद से इसकी सबसे लंबी बढ़त की अवधि है।

पिछले महीने की भारी बिकवाली के बाद निवेशकों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रेड पर फिर से दांव लगाने से टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई। दक्षिण कोरिया के टेक-हैवी कोस्पी में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि जापान के टॉपिक्स में 0.9 प्रतिशत की तेजी आई। रात भर की रैली के बाद अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स सुस्त रहे; S&P 500 फ्यूचर्स में बहुत कम बदलाव हुआ, जबकि हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई।

वॉल स्ट्रीट में तेजी, S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद

गुरुवार को अमेरिकी शेयरों में तेजी आई क्योंकि प्रोड्यूसर-प्राइस इन्फ्लेशन (उत्पादक-मूल्य मुद्रास्फीति) के आंकड़े कम रहने से कीमतों के दबाव में कमी के सबूत मिले और इस उम्मीद को बल मिला कि फेडरल रिजर्व अगले महीने उधार लेने की लागत (ब्याज दरें) नहीं बढ़ाएगा। प्रोड्यूसर-प्राइस डेटा बुधवार के अपेक्षाकृत कम कंज्यूमर इन्फ्लेशन (उपभोक्ता मुद्रास्फीति) आंकड़ों के बाद आया, जिससे सितंबर में फेड द्वारा दरों को अपरिवर्तित रखने की संभावना मजबूत हुई। S&P 500 में 0.65% की बढ़त हुई और यह 7,798.99 के रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट में 0.81% और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.13% की बढ़ोतरी हुई। इस तेजी में टेक्नोलॉजी शेयरों की अहम भूमिका रही, खासकर मेमोरी-चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई।

क्रूड में तेजी

शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त हुई। ऐसा तब हुआ जब अमेरिका ने ईरान पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) को अनिश्चित काल तक जारी रखने की धमकी दी, जिससे मध्य पूर्व से सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.1% बढ़कर $87.16 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत $81.29 पर लगभग स्थिर रही।

गुरुवार को ग्लोबल डिमांड आउटलुक कमजोर रहने के कारण दोनों बेंचमार्क में 2% से ज्यादा की गिरावट आई थी, जिसके बाद यह मामूली बढ़त देखने को मिली। इस गिरावट के बावजूद, ब्रेंट और WTI दोनों ही साप्ताहिक आधार पर लगभग 4% की बढ़त की राह पर बने रहे।

इंडेक्स पर क्या होनी चाहिए रणनीति

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि बैंक निफ्टी के निकट भविष्य में एक दायरे (रेंज) में रहने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स 57,500–57,400 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक इसका व्यापक स्ट्रक्चर काफी हद तक स्थिर रहेगा। 57,800–58,000 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है। 58,000 के स्तर से ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 58,300–58,500 के स्तर की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की ओर, 57,500 तत्काल सपोर्ट बना हुआ है, जिसके बाद 57,200–57,000 का ज़ोन आता है। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए 57,400 से ऊपर बने रहना महत्वपूर्ण होगा, जबकि 57,200 से नीचे निर्णायक रूप से टूटने पर नई प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और निकट-अवधि का टेक्निकल सेटअप कमज़ोर हो सकता है। कुल मिलाकर, निकट-अवधि का आउटलुक सतर्क और एक दायरे में रहने वाला है, जिसमें 58,000 मुख्य अपसाइड ट्रिगर के रूप में और 57,400–57,200 महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन के रूप में काम कर रहे हैं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Crash: मजबूत एशियाई संकेतों के बावजूद Sensex लाल, 4 वजहों से आया Nifty आया 24300 के करीब

Share Market Crash: विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली और लगातार दूसरे महीने आरबीआई के टारगेट रेंज से अधिक महंगाई की रफ्तार ने आज मार्केट पर तेज दबाव बनाया। वैश्विक मार्केट से मिले-जुले रुझानों के बीच सेंसेक्स 250 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24300 के करीब आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर भी रुझान मिला-जुला है। निफ्टी मिडकैप 100 पर फिलहाल बिकवाली का दबाव है लेकिन निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:45 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 159.82 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 77,806.53 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 90.25 प्वाइंट्स यानी 0.37% की फिसलन के साथ 24,345.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 256.72 प्वाइंट्स टूटकर 77,709.63 और निफ्टी 119.65 प्वाइंट्स गिरकर 24,316.30 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

महंगाई की तेज रफ्तार

जुलाई में महंगाई 19 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। लगातार चौथे महीने इसमें इजाफा हुआ है और लगातार दूसरे महीने यह आरबीआई के 2-4% के टारगेट रेंज से ऊपर रहा। जुलाई में रिटेल महंगाई दर मासिक आधार पर 4.38% से बढ़कर 4.45% पर रही है। खाने-पीने की चीजों ने महंगाई बढ़ाई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 12 अगस्त को विदेशी निवेशकों ने इक्विटी मार्केट में खरीदारी से अधिक बिकवाली की जिसका दबाव आज मार्केट में दिख रहा है। विदेशी निवेशकों ने ₹1002.50 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।

बैंकिंग स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव

मार्केट को आज बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा है। सरकारी और प्राइवेट, दोनों सेक्टर्स के बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी मेटल और निफ्टी फार्मा में भी आधे फीसदी की गिरावट है। निफ्टी ऑटो फिलहाल ग्रीन है लेकिन इसमें बढ़त आधे फीसदी से कम ही है।

Sensex की वीकली एक्सपायरी

सेंसेक्स के इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की आज वीकली एक्सपायरी है तो इसका मार्केट पर दबाव दिख रहा है।

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Retail Inflation : लगातार चौथे महीने महंगाई बढ़ी, रिटेल इंफ्लेशन जुलाई में 4.45% हुई; RBI के लिए बढ़ेगी मुश्किल

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Crash: 370 प्वाइंट्स टूटा Sensex, सरकारी बैंकों की चमक नहीं थाम पाई गिरावट, 24400 के नीचे आया Nifty

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने पर मार्केट में कोहराम मच गया। सेंसेक्सन 370 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24350 के करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव दिख रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप लाल है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:30 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 314.12 प्वाइंट्स यानी 0.40% की गिरावट के साथ 77,840.13 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 96.75 प्वाइंट्स यानी 0.40% की फिसलन के साथ 24,374.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 370.21 प्वाइंट्स टूटकर 77,784.04 और निफ्टी 114.20 प्वाइंट्स गिरकर 24,357.50 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव

होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थिति सामान्य होने को लेकर अनिश्चितता ने मार्केट पर दबाव बनाया है। एक तरफ ट्रंप दावा कर रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है लेकिन ईरान का इससे इनकार है। इसके अलावा एक-दूसरे की मुआवजे की मांग ने दोनों देशों के बीच सुलह का रास्ता और मुश्किल कर दिया है। यमन के हूती विद्रोहियों के कमर्शियल जहाज पर हमले ने तनाव बढ़ा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में चार क्रू सदस्यों की जान चली गई और इसे अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद समुद्री जहाजों पर हूती हमले में पहली बड़ी जानलेवा घटना बताई जा रही है।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर गहराने पर कच्चे तेल में और उबाल आया जिसकी आंच स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई।। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रू़ड उछलकर प्रति बैरल $90 के करीब पहुंच चुका है।

आईटी-एफएमसीजी सेक्टर का दबाव

दिग्गज सरकारी बैंकों के शेयरों में आज खरीदारी का अच्छा रुझान दिख रहा और इसका निफ्टी इंडेक्ल 2% से अधिक ऊपर चढ़ा है। हालांकि मेटल को छोड़ इसे बाकी अहम सेक्टर्स से अच्छा सपोर्ट नहीं मिल पा रहा। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर अधिक दबाव डाल रहे हैं जिनके निफ्टी इंडेक्स में करीब 1-1% की गिरावट है। निफ्टी मेटल में करीब 1% की बढ़त है तो निफ्टी रियल्टी आधे फीसदी से अधिक कमजोर है और निफ्टी प्राइवेट बैंक भी लाल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market: क्रूड की तेजी क्या बिगाड़ेगी बाजार का खेल, गिफ्ट निफ्टी से लेकर जानें संकेत दे रहे है ग्लोबल बाजार

GIFT Nifty Indicator: भारतीय बाजारों के लिए आज भी सुस्त संकेत मिल रहे है। गिफ्ट निफ्टी फ्लैट कामकाज कर रहा है।  FIIs की कैश में हल्की खरीदारी हुई, लेकिन वायदा में बिकवाली रही।  नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी थोड़े बढ़े है।  हालांकि निवेशक US महंगाई के अहम आंकड़ों से पहले सतर्क हैं। मिले-जुले एशियाई बाज़ार, वॉल स्ट्रीट में रात भर की गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी से बढ़त सीमित रह सकती है।

सुबह 7:50 बजे GIFT Nifty 40 अंक या 0.16 फीसदी बढ़कर 24,555.5 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 मंगलवार के 24,471.70 के क्लोजिंग स्तर से ऊपर खुल सकता है। घरेलू बाज़ार पिछले सत्र में गिरावट के बाद रिकवरी की कोशिश करेगा। मंगलवार को कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच Sensex 388.19 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 78,154.25 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 112.10 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 24,471.70 पर आ गया।

US महंगाई के आंकड़ों पर सबकी नजर

ग्लोबल निवेशक जुलाई के लिए US कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (महंगाई) रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं, जो बुधवार को आएगी। इससे फेडरल रिज़र्व के अगले ब्याज दर कदम के बारे में नए संकेत मिल सकते हैं। इस अनिश्चितता के कारण बुधवार को एशियाई कारोबार में US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

एशियाई बाज़ार मिले-जुले, टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त

US महंगाई के आंकड़ों से पहले भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के बीच एशियाई बाज़ारों में सतर्कता के साथ कारोबार हुआ, हालांकि टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त से कुछ सहारा मिला। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी कोस्पी (Kospi) मज़बूत कॉर्पोरेट नतीजों की बदौलत 2.8 प्रतिशत उछला।

अन्य जगहों पर, जापान का Topix 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत गिर गया। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.5 प्रतिशत गिरा, हांगकांग का Hang Seng 0.8 प्रतिशत गिरा और शंघाई कंपोजिट में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। मिडिल ईस्ट में तनाव की चिंताओं के बीच

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई क्योंकि निवेशकों को उस समझौते की उम्मीद कम हो गई जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो सकता था और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल सकता था। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के नए नियुक्त सेक्रेटरी ने कहा कि जब तक अमेरिका अपना व्यवहार नहीं बदलता और युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की शर्तें नहीं मानता, तब तक यह जलडमरूमध्य बंद रहेगा। इससे समझौते की उम्मीदें और कम हो गई।

S&P 500 में 0.32 प्रतिशत, नैस्डैक कम्पोजिट में 0.6 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई।

ब्रेंट क्रूड $90 के करीब पहुंचा

भारतीय शेयरों के लिए कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। बुधवार को कीमतों में हालिया तेजी जारी रही, क्योंकि अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीदें कम हो रही हैं और दो जहाजों पर हमलों के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताएं हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.81 प्रतिशत बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.85 प्रतिशत बढ़कर $83.91 पर पहुंच गया।

मंगलवार को दोनों बेंचमार्क $1 से अधिक बढ़कर 31 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम क्लोजिंग स्तर पर बंद हुए थे। सोमवार को इनमें लगभग 5 प्रतिशत की तेजी आई थी, जिसके बाद यह बढ़त जारी रही।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Sensex पर दबाव, Nifty आया 24500 के करीब, चार बातों से झटका तो तीन सपोर्ट पर ऊपर आने की कोशिश

Share Market News: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में आज बिकवाली का दबाव दिख रहा है। शुरुआती कारोबार में ग्रीन जोन में खुलने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी 50 लाल हो गए। डे-हाई से सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24500 के काफी करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर मिला-जुला रुझान है। निफ्टी मिडकैप स्मॉलकैप 100 में फिलहाल हल्की गिरावट है तो निफ्टी मिडकैप 100 में बढ़त दिख रही है।

घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:07 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 61.28 प्वाइंट्स यानी 0.08% की गिरावट के साथ 78,437.89 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 24.60 प्वाइंट्स यानी 0.10% की फिसलन के साथ 24,546.05 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 177.81 प्वाइंट्स उछलकर 78,676.98 तक जाने के बाद 378.06 प्वाइंट्स टूटकर 78,298.92 और निफ्टी भी 50.30 प्वाइंट्स चढ़कर 24,620.95 तक पहुंचने के बाद 109.85 प्वाइंट्स फिसलकर 24,511.10 तक आ गया।

Share Market Fall: इस कारण दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका के सामने कई बड़ी मांगें रख दीं। इनमें अरबों डॉलर का अमेरिकी भुगतान, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना शामिल है। इससे मार्केट पर दबाव बढ़ा है।

कच्चे तेल में उबाल: ईरान की नई शर्तों ने कच्चे तेल में उबाल लाया तो मार्केट को झटका लगा। फिलहाल ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक उछलकर प्रति बैरल $84 के पार पहुंच गया।

India VIX में उछाल: मार्केट की घबराहट मापने वाले इंडिया विक्स की उछाल ने मार्केट पर दबाव बनाया है। फिलहाल यह 4.64% की गिरावट के साथ 12.72 पर है। इसके अधिक होने से अगले 30 दिनों में मार्केट में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका होती है तो कम होने से इसके कम होने के आसार दिखते हैं।

सरकारी बैंक और एफएमसीजी स्टॉक्स डाल रहे दबाव: मार्केट को सरकारी बैंक और एफएमसीजी सेक्टर के शेयर नीचे लाने की कोशिश कर रहे हैं। इनके निफ्टी इंडेक्स में करीब आधे फीसदी की गिरावट है।

Share Market Rise: इन बातों से मिल रहा सपोर्ट

IT-Auto खींच रहे ऊपर: मार्केट को आईटी और ऑटो सेक्टर ऊपर खींचने का पूरा जोर लगा रहे हैं। इनके निफ्टी इंडेक्स में फिलहाल करीब आधे फीसदी की बढ़त है।

अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने के आसार फीके: जुलाई की उम्मीद से कमजोर जॉब रिपोर्ट के बाद सितंबर में ब्याज बढ़ने की आशंका कम होने से अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी आई। इससे भारतीय मार्केट को भी सपोर्ट मिला।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी: शुक्रवार 7 अगस्त को विदेशी निवेशकों ने बिकवाली से अधिक खरीदारी की जिससे मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है। लगातार दो दिनों की नेट बिकवाली के बाद शुक्रवार को FIIs (फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) ने ₹480.24 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

ईरान युद्ध से निकलने की राह खोज रहे डोनाल्ड ट्रंप? होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तेहरान की नई शर्तों ने बढ़ाई अमेरिका की टेंशन

‘ईरानी जमीन पर कदम रखा तो हाथ काट देंगे…’, अमेरिका को तेहरान की खुली चेतावनी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GIFT Nifty indicator: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन किस ओर घूमेगा बाजार का पहिया, आखिर गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत, जानें

GIFT Nifty indicator: सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के स्थिर या थोड़ी बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT Nifty से सीमित बढ़त के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि मजबूत एशियाई बाजार और शुक्रवार को Wall Street में आई तेज़ी से बाज़ार का मूड बेहतर हुआ है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने को लेकर बनी अनिश्चितता निवेशकों को सतर्क रख सकती है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT Nifty 18.5 अंक या 0.08 फीसदी बढ़कर 24,660 पर ट्रेड कर रहा था। इससे शुक्रवार को 24,570.65 पर बंद हुए Nifty 50 के लिए काफी हद तक सपाट या सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिलते हैं। पिछले सत्र में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए थे, क्योंकि ऑटो और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी शेयरों में मजबूत बढ़त के मुकाबले फाइनेंशियल शेयरों में कमजोरी हावी रही। Sensex 455.59 अंक या 0.58 प्रतिशत गिरकर 78,499.17 पर आ गया, जबकि Nifty 65.35 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 24,570.65 पर बंद हुआ।

एशियाई बाज़ार चढ़े

सोमवार को एशियाई इक्विटी में बढ़त देखी गई। शुक्रवार को Wall Street में आई तेज़ी से संकेत लेते हुए ये बाज़ार ऊपर चढ़े। कमज़ोर अमेरिकी रोज़गार डेटा के कारण फेडरल रिज़र्व द्वारा सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो गई थीं। जापान का Nikkei 225 0.6 प्रतिशत चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स 0.5 प्रतिशत बढ़ा। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे व्यापक इंडेक्स 0.3 प्रतिशत बढ़ा।

पिछले हफ़्ते की मज़बूत बढ़त के बाद अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में सुस्ती रही।  S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत गिरे और Nasdaq फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

शुक्रवार को अमेरिकी इक्विटी में बढ़त हुई, जब डेटा से पता चला कि अर्थव्यवस्था में उम्मीद के विपरीत नौकरियों में कमी आई है। इससे निवेशकों ने निकट भविष्य में उधार लेने की लागत बढ़ने की उम्मीदें कम कर दीं। S&P 500 0.62 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ, जबकि Nasdaq Composite 1.30 प्रतिशत और Dow Jones Industrial Average 0.28 प्रतिशत चढ़ा। इस हफ़्ते नैस्डैक में 5.19% की तेज़ी आई, S&P 500 में 3.58% की बढ़त हुई और डॉव 2.96% ऊपर चढ़ा। इसकी वजह कंपनियों की अच्छी कमाई और ब्याज दरों को लेकर कम होती चिंताएं थीं। अब निवेशक फ़ेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा के बारे में और संकेत पाने के लिए इस हफ़्ते आने वाले US महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखेंगे।

होर्मुज़ को लेकर अनिश्चितता के बीच तेल की कीमतों में सुधार

सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त हुई क्योंकि इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) कितनी जल्दी पूरी तरह से फिर से खुल पाएगा। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 1.09% बढ़कर $84.46 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.78% बढ़कर $78.79 हो गया।

ईरान ने रविवार को कहा कि होर्मुज से होकर नए शिपिंग रूट तय करने के लिए ओमान के साथ समझौता अंतिम चरण में है, लेकिन उसने यह भी कहा कि जलमार्ग के फिर से खुलने से पहले अमेरिका को कुछ अन्य शर्तों को पूरा करना होगा।

इंडेक्स पर क्या बनाए रणनीति

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान-ओमान समझौते की दिशा में हुई प्रगति से बाज़ार की धारणा (sentiment) को मदद मिली है, हालांकि बातचीत अभी भी शर्तों पर आधारित है। जब तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हो जाता, तब तक मध्य पूर्व को लेकर बनी अनिश्चितता बड़े जोखिम लेने की क्षमता को सीमित कर सकती है। पोनमुडी ने आगे कहा कि WTI क्रूड का $78-79 प्रति बैरल के आसपास बने रहना यह बताता है कि बाज़ार अभी भी कुछ जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम (भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम) को ध्यान में रख रहे हैं।

पोनमुडी ने कहा कि निफ़्टी का टेक्निकल स्ट्रक्चर सकारात्मक बना हुआ है। 24,600-24,700 का ज़ोन मुख्य रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है। इसके ऊपर लगातार बने रहने से तेज़ी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 24,800-25,000 के स्तर तक पहुंचने का रास्ता साफ हो सकता है। नीचे की तरफ, 24,500 तुरंत सपोर्ट का काम कर रहा है, और उसके बाद 24,400-24,300 का ज़ोन सपोर्ट के तौर पर है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Stock Market Live Update:  ग्लोबल मार्केट में बढ़त के बाद, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के हल्की बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार के मूड पर असर डाल सकती हैं। गिफ्ट निफ्टी के संकेत भी बताते हैं कि आज भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स – निफ्टी 50 और सेंसेक्स – की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हो सकती है।

गिफ्ट निफ्टी 24,678 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से लगभग 37 पॉइंट ऊपर (प्रीमियम पर) था।

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के कारण गिरावट देखी गई, क्योंकि अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कोई ठोस जियोपॉलिटिकल समाधान न निकलने से बाजार का मूड कमजोर बना रहा।

सेंसेक्स 455.59 पॉइंट या 0.58% गिरकर 78,499.17 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 65.35 पॉइंट या 0.27% गिरकर 24,570.65 पर बंद हुआ।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में उछाल और वेस्ट एशिया को लेकर बढ़ा कंफ्यूजन क्या बाजार पर दिखाएगा असर, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के सुस्त शुरुआत करने की संभावना है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, Wall Street में रात भर हुई गिरावट और US के अहम जॉब्स डेटा से पहले एशियाई बाजारों में सावधानी के माहौल के बीच GIFT Nifty आज सुबह गिरा। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर फिर से बनी अनिश्चितता के कारण जियोपॉलिटिकल जोखिम बने हुए हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी से कुछ सहारा मिल सकता है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT Nifty 24,647 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले सेशन की क्लोजिंग से 101 अंक या 0.41 फीसदी नीचे था। हालांकि, यह गुरुवार को Nifty 50 की 24,636 की क्लोजिंग से थोड़ा ऊपर बना रहा, जिससे घरेलू बेंचमार्क के लिए फ्लैट से नेगेटिव शुरुआत का संकेत मिलता है।

गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 373.76 अंक या 0.48 फीसदी बढ़कर 78,954.76 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 11.35 अंक या 0.05 फीसदी बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ। PSU बैंकों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, जबकि मेटल, मीडिया और रियल्टी शेयरों में कमजोरी ने बढ़त को सीमित कर दिया।

US जॉब्स डेटा से पहले एशियाई बाजार सर्तक

शुक्रवार को एशियाई शेयरों में सावधानी के साथ कारोबार हुआ क्योंकि निवेशक US के रोजगार डेटा का इंतजार कर रहे थे, जो अगले महीने फेडरल रिजर्व के ब्याज दर के फैसले पर उम्मीदों को प्रभावित कर सकता है। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स फ्लैट रहा और इसमें साप्ताहिक आधार पर 0.4 फीसदी की गिरावट की ओर बढ़ रहा था। जापान का Nikkei 225 0.9 फीसदी गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का Kospi 0.5 फीसदी नीचे आया। हालांकि, चीन के CSI 300 में 0.2 फीसदी की बढ़त हुई।

US इक्विटी फ्यूचर्स भी सुस्त रहे। Nasdaq फ्यूचर्स फ्लैट रहे और S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 फीसदी नीचे रहे। गुरुवार को US शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए क्योंकि निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली की, साथ ही वे कॉर्पोरेट नतीजों और US-ईरान संघर्ष को खत्म करने की कोशिशों से जुड़े घटनाक्रमों का आकलन कर रहे थे। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.85 फीसदी गिरा, S&P 500 में 0.18 फीसदी की गिरावट आई और नैस्डैक कम्पोजिट 0.06 फीसदी नीचे आया।

यह गिरावट हफ्ते की मजबूत शुरुआत के बाद आई है, जिसमें डाऊ और S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। इसकी वजह मजबूत अर्निंग्स सीज़न और मिडिल ईस्ट में चल रहे टकराव के संभावित डिप्लोमैटिक समाधान को लेकर उम्मीद थी।

क्रूड में उछाल

शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई क्योंकि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से शिपिंग को लेकर अनिश्चितता फिर से सामने आ गई। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.2 प्रतिशत बढ़कर $83.48 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.1 प्रतिशत बढ़कर $78.84 हो गया। यह बढ़ोतरी गुरुवार को $3 प्रति बैरल से ज़्यादा की बढ़त के बाद हुई।

नई चिंताएं तब सामने आईं जब ईरान ने ओमान के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में दुश्मन माने जाने वाले जहाज़ों पर पाबंदियां लगाने और प्रस्तावित नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाज़ों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखा।

निफ्टी-बैंक निफ्टी के लिए क्या है अहम लेवल

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि मिडिल ईस्ट में संभावित डिप्लोमैटिक सफलता को लेकर उम्मीदें किसी औपचारिक समझौते के न होने से कमज़ोर पड़ गई हैं, जिससे बाज़ार जियोपॉलिटिकल खबरों के प्रति संवेदनशील हो गए हैं। उन्होंने एशियाई इक्विटी में कमज़ोरी की ओर भी इशारा किया, जिसमें जापान और दक्षिण कोरिया ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी, जो ग्लोबल निवेशकों के बीच लगातार सावधानी का संकेत है।

पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी का व्यापक टेक्निकल स्ट्रक्चर सकारात्मक बना हुआ है। 24,700 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है, और अगर यह स्तर लगातार टूटता है तो 24,800-25,000 की ओर मोमेंटम मज़बूत हो सकता है। नीचे की तरफ, 24,600 तत्काल सपोर्ट है, उसके बाद 24,500 है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Stock Market Live Update: क्रूड में उछाल और वेस्ट एशिया को लेकर कंफ्यूजन से बाजार के सेंटिमेंट कमजोर हुआ। गिफ्ट निफ्टी 100 प्वाइंट नीचे। GIFT निफ्टी, जो निफ्टी 50 के परफॉर्मेंस का शुरुआती इंडिकेटर है, 24,653 पर ट्रेड कर रहा था। गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 373.76 अंक या 0.48% बढ़कर 78,954.76 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 भी 11.35 अंक या 0.05% बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ।

एनर्जी मार्केट पर भी नज़रें टिकी रहीं क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सामान्य शिपिंग बहाल करने की कोशिशों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। ब्रेंट क्रूड 1.4% बढ़कर $83.65 प्रति बैरल हो गया; इस अहम जलमार्ग पर कोई स्थायी व्यवस्था न होने से मध्य पूर्व से सप्लाई को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क में इस साल 37% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

पिछले सेशन में क्रूड की ऊंची कीमतों का असर वॉल स्ट्रीट पर भी दिखा था। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 460 अंक या 0.9% से ज़्यादा गिरा, जिससे लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया। S&P 500 में 0.2% और नैस्डैक कंपोजिट में 0.1% की गिरावट आई

Gift Nifty Indicator: ग्लोबल बाजारों में गिरावट के बीच क्या हरे निशान में खुलेंगे भारतीय बाजार, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator:  कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, US-ईरान शांति समझौते की दिशा में प्रगति की उम्मीदें और घरेलू कंपनियों की अच्छी कमाई का माहौल भारतीय इक्विटी को सहारा दे सकता है। हालांकि एशियाई टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी का असर क्षेत्रीय बाजारों पर पड़ रहा है। यहीं कारण है कि 6 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। ग्लोबल संकेतों के मिले-जुले होने के बावजूद GIFT निफ्टी पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है।

सुबह लगभग 7:45 बजे GIFT निफ्टी 58.5 अंक या 0.24 फीसदी बढ़कर 24,693 पर ट्रेड कर रहा था, जो संकेत देता है कि निफ्टी 50 बुधवार के 24,624.65 के क्लोजिंग लेवल से ऊपर खुल सकता है। यह पॉजिटिव संकेत भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के बुधवार के सेशन में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी की घोषणा के बाद मजबूती के साथ बंद होने के बाद आया है। सेंसेक्स 152.05 अंक या 0.19 फीसदी बढ़कर 78,581.00 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 9.75 अंक या 0.04 फीसदी बढ़कर 24,624.65 पर पहुंचा और क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद 24,600 के स्तर से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।

एशियाई बाजारों में गिरावट

बुधवार की जोरदार तेजी के बाद एशियाई इक्विटी में सुस्ती देखी गई, जिसमें वॉल स्ट्रीट में रात भर की कमजोरी के बाद टेक्नोलॉजी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.69 प्रतिशत की गिरावट आई। जापान का निक्केई 225 1.57 प्रतिशत गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.64 फीसदी नीचे आया क्योंकि बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियों पर दबाव था। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 2.44 फीसदी की गिरावट आई, जबकि SK हाइनिक्स लगभग 7 फीसदी लुढ़क गया।

US बाजार रात भर मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, जिसमें डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। ईरान के साथ संभावित शांति समझौते की दिशा में प्रगति को लेकर उम्मीद टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी पर भारी पड़ी। डाउ में 0.49 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 में 0.17 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में 0.83 प्रतिशत की गिरावट आई, क्योंकि तिमाही नतीजों के बाद स्पेसएक्स और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेस के शेयरों में कमजोरी देखी गई।

तेल की कीमतों में नरमी

कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि निवेशक यह आकलन कर रहे थे कि क्या ईरान-ओमान बातचीत में हुई प्रगति से अंततः अमेरिका-ईरान के बीच व्यापक शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने का रास्ता साफ हो सकता है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.18 प्रतिशत गिरकर 79.31 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.35 प्रतिशत गिरकर 74.96 डॉलर पर आ गया।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पॉलिसी फैसले के बाद, अब निवेशकों का ध्यान अप्रैल-जून तिमाही के जारी अर्निंग्स सीजन (कंपनियों के नतीजों के दौर) पर लौटने की उम्मीद है। कंपनियों के नतीजे और मैनेजमेंट की कमेंट्री स्टॉक-स्पेसिफिक हलचल के मुख्य कारण बने रहेंगे, जबकि मध्य पूर्व से जुड़ी वैश्विक घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव व्यापक बाजार धारणा को प्रभावित करते रहेंगे।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को लगातार छह सत्रों से जारी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर (शुद्ध विक्रेता) बन गए, तथा 943 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,883 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया, जिससे विदेशी बिकवाली के असर को कम करने में मदद मिली।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।