Totapuri Mango Price Crash: तोतापरी आम के दामों में भारी गिरावट की टेंशन! अब इसके लिए हाई लेवल कमेटी का ऐलान

आंध्र प्रदेश में तोतापरी आम की कीमतों में आई भारी गिरावट और इसके कारण किसानों के बीच पैदा हुए संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने इस समस्या के अध्ययन के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में आंध्र प्रदेश का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान किसानों ने उनके सामने पिछले कुछ महीनों में तोतापरी आम की कीमतों में आई भारी गिरावट का मुद्दा उठाया था। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक किसानों ने बताया कि मुख्य रूप से प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए उगाए जाने वाले इस आम के दाम गिरने से उनकी इनकम पर बहुत बुरा असर पड़ा है। किसानों की इसी चिंता को देखते हुए कृषि मंत्री ने कमेटी गठन करने का आदेश जारी किया।

वैल्यू चेन की पूरी समीक्षा करेगी वैज्ञानिकों की कमेटी

कृषि मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक वैज्ञानिकों और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों को मिलाकर बनाई गई यह कमेटी तोतापरी आम की पूरी वैल्यू चेन की विस्तृत समीक्षा करेगी। इस समीक्षा के दायरे में नीचे दिए गए विषय शामिल होंगे-

तोतापरी आम की खेती

  • प्रोसेसिंग
  • मार्केटिंग
  • घरेलू व्यापार
  • निर्यात

इसके साथ ही यह पैनल किसानों की कमाई में सुधार करने और इस पूरे सेक्टर को एक टिकाऊ व मजबूत स्थिति में लाने के लिए जरूरी उपायों के सुझाव भी देगा।

डॉ टी दामोदरन संभालेंगे कमेटी की कमान

लखनऊ स्थित ICAR-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान से जारी आदेश के मुताबिक इस उच्च स्तरीय समिति की कमान डॉ टी दामोदरन (निदेशक, ICAR-CISH) को सौंपी गई है। वही इसके अध्यक्ष होंगे। कमेटी में इनके अलावा डॉ. एम शंकरण, प्रमुख, फल फसल प्रभाग, ICAR-IIHR, बेंगलुरु, डॉ. एच एस सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, ICAR-CISH, डॉ. डी श्रीनिवास रेड्डी, प्रोफेसर, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर (अनंतराजुपेटा), डॉ. वाईएसआर हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी, आंध्र प्रदेश के बागवानी निदेशक या उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि शामिल होंगे।

10 दिनों के भीतर ग्राउंड जीरो पर जाएगी कमेटी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमेटी को निर्देश दिया है कि वे अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापरी उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करें। ग्राउंड लेवल की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए कमेटी को किसानों, प्रोसेसर्स, निर्यातकों, राज्य के बागवानी अधिकारियों और किसान उत्पादक संगठनों के साथ सीधा परामर्श करने के लिए कहा गया है।

सरकार को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट

अपने फील्ड स्टडी और सभी पक्षों के साथ किए गए विचार-विमर्श के आधार पर यह कमेटी कृषि मंत्रालय को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट में कीमतों को स्थिर करने, वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने, प्रोसेसिंग व एक्सपोर्ट क्षमता को मजबूत करने के लिए अहम सिफारिशें शामिल होंगी। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मिलकर की जाने वाली संयुक्त कार्रवाई के लिए FPOs, प्रोसेसर्स और निर्यातकों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने का रोडमैप भी सुझाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने साफ तौर पर कहा है कि तोतापरी उत्पादकों की आय और उनकी आजीविका की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कमेटी की रिपोर्ट और निष्कर्षों के आधार पर किसानों की मदद करने, वैल्यू एडिशन को बढ़ाने और इस सेक्टर में निर्यात व निवेश के अवसरों का विस्तार करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश में इस समय तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की सरकार है। टीडीपी केंद्र और राज्य दोनों ही जगहों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक बेहद महत्वपूर्ण सहयोगी पार्टी है।

Alpha Movie: ‘ऐल्फा’ में आलिया भट्ट-शरवरी वाघ के बिकनी सीन को यूजर्स ने बताया निरमा ऐड, बोले- धुरंधर बनने चले थे…

Alpha Movie: बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट और शरवरी की स्पाई-एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘ऐल्फा’ आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से मिले-जुले से लेकर नेगेटिव रिव्यूज मिले हैं। फिल्म के कई सीन ऑनलाइन लीक हो गए हैं, जिनमें से एक में आलिया और शरवरी का बिकिनी सीन भी शामिल है। हालांकि, इंटरनेट पर इसे लेकर कोई खास उत्साह नहीं दिख रहा है।

‘ऐल्फा’ फिल्म का एक सीन X पर सामने आया है, जिसमें आलिया और शरवरी बिकिनी पहने हुए पानी से बाहर निकलती हुई दिख रही हैं। इस सीन में दोनों एक्ट्रेस बिकिनी में अपनी कर्वी बॉडी दिखाती नजर आ रही हैं। हालांकि, इस सीन ने कई दर्शकों को निराश किया है। लोगों ने YRF की इस बात के लिए आलोचना की है कि एक्शन थ्रिलर फिल्म होने के बावजूद, वे फीमेल एक्ट्रेस के लिए बिकिनी वाले सीन जरूर रखते हैं। कई यूजर्स ने इस सीन की तुलना निर्मा (Nirma) के विज्ञापन से भी की है।

एक ट्वीट में लिखा था, “उन्होंने YRF की ‘Alpha’ फिल्म में निरमा का ऐड क्यों डाल दिया?” एक और ट्वीट में कहा गया, “YRF वही कर रहा है जो वह हमेशा करता है – जासूसी फिल्म में बिकिनी सीन ज़बरदस्ती डालना।” एक और यूज़र ने कमेंट किया, “क्या जासूसी फिल्म ऐसी दिखनी चाहिए? यह तो बिकिनी पहनकर हनीमून मना रहे लेस्बियन कपल की फ़िल्म जैसी लग रही है। YRF को बिकिनी का इतना जुनून क्यों है…?”

एक और व्यक्ति ने लिखा, “मुझे पता था!! YRF जासूसी फ़िल्म बनाए और उसमें बिकिनी सीन न हो? नामुमकिन। उन्होंने इस बार दर्शकों को बेवकूफ़ बनाने के लिए टीजर और ट्रेलर में इसे नहीं दिखाया।” एक और ट्वीट में लिखा था, “बड़ा घोटाला, बिकिनी में भारतीय महिला एजेंट?????? मिस्टर चोपड़ा, आप ऐसा कैसे कर सकते हैं? आपको भारतीय RAW एजेंटों को बिकिनी क्वीन की तरह दिखाने का अधिकार किसने दिया?”

यह पहली बार नहीं है जब YRF स्पाई यूनिवर्स को अपनी महिला जासूसों की स्टाइलिंग को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा है। ‘वॉर 2’ में कियारा आडवाणी के बिकिनी सीन पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ दर्शकों ने जासूस को इतने ग्लैमरस अवतार में दिखाए जाने पर सवाल उठाए। इससे पहले, ‘पठान’ फिल्म के गाने ‘बेशर्म रंग’ में दीपिका पादुकोण की ऑरेंज बिकिनी को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। कॉस्ट्यूम के रंग को लेकर फिल्म के बहिष्कार की मांग उठी थी और राजनीतिक विरोध भी हुआ था।

शिव रवैल की डायरेक्ट की हुई ‘ऐल्फा’, YRF स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फिल्म है। इस फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी मुख्य भूमिकाओं में हैं, साथ ही अनिल कपूर और बॉबी देओल भी हैं। यह फ़िल्म एक ऐसी ट्रेंड मर्डरर की कहानी है जिसे सुपर-सोल्जर सीरम दिया गया है, और उसे अपने ही मेंटर के खिलाफ लड़ना पड़ता है। यश राज फिल्म्स के बैनर तले आदित्य चोपड़ा द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘अल्फा’ की कहानी उदय चोपड़ा ने लिखी है, और इसका स्क्रीनप्ले सौमिल शुक्ला, श्रीधर राघवन और इशिता मोइत्रा ने तैयार किया है। यह YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला-प्रधान स्पाई एक्शन फिल्म है, इससे पहले इस यूनिवर्स की फिल्मों में ऋतिक रोशन, सलमान खान और शाहरुख खान जैसे पुरुषमेल सुपरस्टार्स मुख्य भूमिकाओं में रहे हैं।

क्या दूसरे T-20i मैच में होगा वैभव बनाम आर्चर का मुकाबला?

पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत जीत से महरूम रह गया। लेकिन इस मैच में भारत और इंग्लैंड को कई सबक मिल गए। भारत को यह सबक मिल गया कि शीर्ष क्रम आउट ऑफ फॉर्म है। वहीं इंग्लैंड को यह समझ आ गया कि तेज गेंदबाजी में धार कम है। ऐसे में अब सबकी निगाहें वैभव सूर्यवंशी बनाम जोफ्रा आर्चर के मुकाबले पर टिकी है लेकिन शायद शनिवार को भी क्रिकेट प्रेमी को निराशा हाथ लग सकती है।

गौरतलब है कि इंडियन प्रीमियर लीग में वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर दोनों ही राजस्थान रॉयल्स की टीम से खेलते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों में शामिल जोफ्रा आर्चर को भारत के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच से आराम दिया गया है। उनको शायद दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भी मौका नहीं मिलेगा और अंतिम तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में ही वह इंग्लैंड का हिस्सा बनेंगे। उनको कार्यभार प्रबंधन के तहत बैंच पर बैठाया गया है।हालांकि पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड की गेंदबाजी अपेक्षाअनुसार नहीं रही थी तो उनको दूसरे मैच में मौका मिल सकता है।

पूरी सीरीज से पहले सबसे बड़ी चर्चा 15 वर्षीय विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्करने साफ कहा है कि अगर भारत को इंग्लैंड को चौंकाना है तो वैभव को टी20 में मौका देना चाहिए।गावस्कर का मानना है कि युवा खिलाड़ी को सिर्फ इसलिए बाहर नहीं बैठाया जाना चाहिए क्योंकि वह नया है। उनके मुताबिक वैभव को ओपनिंग या नंबर-3 पर उतारकर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर शुरुआत से दबाव बनाया जा सकता है।

हालांकि की ओर से सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने संकेत दिए हैं कि वैभव को अपनी बारी का इंतजार करना होगा। ऐसे में प्लेइंग इलेवन को लेकर सबसे बड़ा सस्पेंस इसी युवा बल्लेबाज पर टिका हुआ है।लेकिन संजू सैमसन की लगातार 3 विफलता के कारण टीम प्रबंधन अपनी सोच बदलने पर मजबूर हो सकता है।

भारत की टी20 विश्व कप में खिताबी जीत के सूत्रधार रहे सैमसन को कम से कम एक साल तक मौका दिया जा सकता था लेकिन अब जबकि भारतीय क्रिकेट को सूर्यवंशी के रूप में एक असाधारण प्रतिभाशाली क्रिकेटर मिल गया है।ऐसे में सैमसन के लिये गलती की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है और टी20 विश्व कप का शानदार प्रदर्शन भी टीम में उनकी जगह की गारंटी नहीं हो सकता।अभिषेक शर्मा ने पिछले तीन मैचों में से दो में 49 और 59 रन बना लिये हैं जिससे सारा दबाव अब सैमसन पर है।

बारिश के कारण रद्द हुए पहले मैच में सैमसन ने सात गेंद में एक रन बनाया था और एक बार भी नहीं लगा कि वह आक्रामक खेलने के मूड में हैं । सीम लेती पिचों पर तकनीक के मामले में उनकी कमजोरी सामने आती है।राजस्थान के टोंक के रहने वाले आयरलैंड के गुमनाम से तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने उनकी कमजोरी का फायदा उठाकर उनका विकेट लिया।टीम प्रबंधन 15 वर्ष के सूर्यवंशी को लेकर कोई हड़बड़ी नहीं करना चाहता लेकिन अगले कुछ मैचों में उन्हें नहीं उतारा गया तो इस फैसले पर सवाल उठने तय हैं।

धरती के वो अनछुए कोने खामोश वादियां गूंजते राज, जहां नहीं पड़े इंसानी कदम आज तक!

दुनिया में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जिन्हें देखकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल हो जाता है। कहीं झील के बीच तैरते हुए द्वीप हैं, तो कहीं ऐसी नदी जिसका पानी हमेशा उबलता रहता है। कुछ जगहें विज्ञान के लिए भी आज तक रहस्य बनी हुई हैं। आइए जानते हैं दुनिया की ऐसी 5 अद्भुत जगहों के बारे में, जिन्हें अपनी जिंदगी में एक बार जरूर देखना चाहिए:

1. लोकटक झील, भारत – दुनिया की तैरती झील का अनोखा नज़ारा

लोकटक झील: भारत के मणिपुर में एक तैरता हुआ स्वर्ग

मणिपुर में लोकटक झील भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत इसके ‘फुमदी’ हैं। फुमदी मिट्टी, घास, पेड़-पौधों और जैविक पदार्थों से बने तैरते हुए छोटे-छोटे द्वीप होते हैं, जो पानी की सतह पर लगातार अपनी जगह बदलते रहते हैं। यही कारण है कि यह झील दुनिया की सबसे अनोखी झीलों में गिनी जाती है। यहां केइबुल लामजाओ नेशनल पार्क दुनिया का इकलौता तैरता हुआ नातिरोनल पार्क है, जहां दुर्लभ संगाई हिरण पाया जाता है। झील में बोटिंग, फोटोग्राफी, बर्ड वॉचिंग और सूर्योदय-सूर्यास्त का नजारा टूरिस्ट को मंत्रमुग्ध कर देता है। यहां ठहरने के लिए होमस्टे, कॉटेज और होटल उपलब्ध हैं, जिनका खर्च लगभग ₹1,500 से ₹5,000 प्रति रात होता है, जबकि खाने का खर्च ₹400 से ₹1,000 प्रतिदिन तक आता है।

2. डोर टू हेल, तुर्कमेनिस्तान – 50 साल से जलता रहस्यमयी गड्ढा

The 'Gates of Hell' could soon be extinguished in Turkmenistan due to its ecological damage | World News | Sky News

तुर्कमेनिस्तान के कराकुम रेगिस्तान में स्थित डोर टू हेल दुनिया के सबसे रहस्यमय टूरिस्ट डेस्टिनेशन में से एक है। यह एक विशाल गैस क्रेटर है, जिसमें 1971 से लगातार आग जल रही है। माना जाता है कि नेचुरल गैस की खुदाई के दौरान जमीन धंस गई थी और गैस के रिसाव को रोकने के लिए उसमें आग लगा दी गई, लेकिन वह आज तक नहीं बुझी। रात के समय यह गड्ढा चमकते हुए आग के समुद्र जैसा दिखाई देता है। इसका व्यास लगभग 70 मीटर और गहराई करीब 30 मीटर है। यहां होटल बहुत कम हैं, इसलिए ज्यादातर टूरिस्ट रेगिस्तान में कैंपिंग का एक्सपीरियंस लेते हैं। कैंप और टूर पैकेज का खर्च लगभग ₹8,000 से ₹20,000 तक हो सकता है, जबकि खाने का खर्च ₹1,000 से ₹2,500 प्रतिदिन रहता है।

3. सलार दे उयुनी, बोलिविया – दुनिया का सबसे बड़ा नटुरेल आईना

HD wallpaper: Salar de Uyuni, Bolivia, white clouds, nature, 1920x1080 | WallpaperFlare

बोलिविया का सलार दे उयुनी दुनिया का सबसे बड़ा नमक का मैदान है, जो लगभग 10,500 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। बारिश के मौसम में इसकी सतह पर पानी की एक पतली परत जम जाती है, जिससे पूरी जमीन एक विशाल आईने की तरह आसमान का लुक दिखाने लगती है। ऐसा लगता है जैसे लोग बादलों के ऊपर चल रहे हों। यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे फोटोजेनिक जगहों में गिना जाता है। यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का व्यू बेहद शानदार होता है। टूरिस्ट जीप सफारी, फोटोग्राफी और नमक से बने होटलों में ठहरने का एक्सपीरियंस लेते हैं। यहां रहने का खर्च लगभग ₹3,000 से ₹10,000 प्रति रात और खाने का खर्च ₹800 से ₹2,000 प्रतिदिन हो सकता है।

4. रेसट्रैक प्लाया, अमेरिका – अपने आप चलने वाले पत्थरों का रहस्य

mystery of moving stone in California death valley | वो घाटी जहां अपने आप चलते हैं पत्थर

अमेरिका के डेथ वैली नेशनल पार्क में स्थित रेसट्रैक प्लाया एक सूखी झील का मैदान है, जो अपने चलने वाले पत्थरों के लिए पूरी दुनिया में पॉपुलर है। यहां बड़े-बड़े पत्थर बिना किसी इंसान या जानवर की मदद के अपनी जगह बदलते हुए दिखाई देते हैं और पीछे लंबी लकीरें छोड़ जाते हैं। कई वर्षों तक यह एक रहस्य बना रहा, लेकिन बारिश, बर्फ की पतली परत और तेज हवा मिलकर इन पत्थरों को धीरे-धीरे खिसकाती हैं। यहां का सुनसान और विशाल रेगिस्तानी इलाका एडवेंचर पसंद लोगों को खूब अट्रैक्ट करता है। यहां ठहरने के लिए डेथ वैली के आसपास होटल अवेलेबल हैं, जिनका खर्च लगभग ₹8,000 से ₹20,000 प्रति रात होता है, जबकि खाने का खर्च ₹1,500 से ₹3,000 प्रतिदिन तक हो सकता है।

5. शनाय-टिम्पिशका, पेरू – उबलती नदी का रहस्य

दुनिया की एकमात्र उबलती नदी, शनाय-टिम्पिश्का नदी, जिसे "अमेज़न की उबलती नदी" भी कहा जाता है, पेरू में स्थित है। इसका पानी 45°C (113°F) से लेकर लगभग ...

पेरू के अमेजन वर्षावन में स्थित शनाय-टिम्पिशका को दुनिया की सबसे रहस्यमयी नदियों में गिना जाता है। यह नदी कई स्थानों पर इतनी गर्म हो जाती है कि इसका टेम्परेचर 80 से 100 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। माना जाता है कि इसमें गिरने वाला कोई भी छोटा जीव कुछ ही मिनटों में मर सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि धरती के अंदर Geothermal एनर्जी के कारण यह पानी इतना गर्म रहता है। यहां जाने के लिए गाइड के साथ यात्रा करना सबसे सुरक्षित माना जाता है। आसपास इको-लॉज और जंगल रिसॉर्ट उपलब्ध हैं, जिनका खर्च लगभग ₹4,000 से ₹12,000 प्रति रात होता है, जबकि खाने का खर्च ₹800 से ₹2,000 प्रतिदिन तक हो सकता है।

इन पांचों जगहों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये नेचर के ऐसे अजूबे हैं, जिन्हें देखकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल हो जाता है। अगर आप भी टिपिकल टूरिस्ट डेस्टिनेशन से हटकर कुछ अनोखा और यादगार एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो ये डेस्टिनेशन आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर होने चाहिए।

Gold Price Today: चीन क्यों धड़ाधड़ खरीदने लगा सोना जबकि भारत में गोल्ड पर्चेज की रफ्तार पर लगा ब्रेक! अंदर की खबर ये है

भारत में सोने की डिमांड में कमी आने का सीजन शुरू हो चुका है। कीमतें 3 महीने के निचले स्तर से रिकवर हुई हैं, जिससे महंगे दाम पर खरीदी से बचा जा रहा है। हालांकि खरीद एकदम ठंडी भी नहीं है। रॉयटर्स के मुताबिक, ज्वेलर्स खरीदी कर रहे हैं लेकिन अस्थिर कीमतों को लेकर सावधान भी हैं। निकट अवधि में कोई बड़ा त्योहार भी नहीं है और न ही शादी का सीजन। लिहाजा गोल्ड की कम डिमांड वाला दौर शुरू हो गया है। वहीं दूसरी ओर चीन में डिमांड बढ़ी है।

हाल ही में मंगलवार को देश में सोने की कीमत 1,40,450 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर गई थी, जो 27 मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर था। लेकिन अब रिबाउंड देखने को मिला है। MCX पर 3 जुलाई को सोने का वायदा भाव 148069 रुपये प्रति 10 ग्राम के हाई तक गया। रॉयटर्स के मुताबिक, जून महीने में सोने की कीमत लगभग 8.4 प्रतिशत कमजोर हुई। मार्च महीने के बाद पहली बार किसी महीने में सोने में गिरावट देखी गई।

अंतरराष्ट्रीय कीमतें

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव की बात करें तो यह पिछले 5 हफ्तों में पहली बार बढ़त की ओर बढ़ रहा है। हाजिर सोने की कीमत 4,184.75 डॉलर प्रति औंस है। वहीं अगस्त में डिलीवरी वाला US गोल्ड फ्यूचर्स 4,197.20 डॉलर प्रति औंस पर है। अमेरिका में नौकरियों का डेटा उम्मीद से कमजोर रहने से फेडरल रिजर्व द्वारा निकट अवधि में बेंचमार्क ब्याज दरें बढ़ाए जाने को लेकर चिंता कम हुई है। इससे सोने की कीमत को बल मिला। अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स का कहना है कि जून में नॉन-फार्म पेरोल में 57,000 नौकरियां बढ़ीं।

सरकार जल्द नई गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम का कर सकती है ऐलान, जानिए क्या है पूरा प्लान

चीन में 2 डॉलर प्रति डिस्काउंट पर ट्रेडिंग

चीन में इस हफ्ते सोना अंतरराष्ट्रीय कीमत के मुकाबले कभी समान भाव पर तो कभी 2 डॉलर प्रति औंस तक सस्ते में बिक रहा था। पिछले हफ्ते यह 3 से 7 डॉलर प्रति औंस तक डिस्काउंट पर बिक रहा था। डिस्काउंट कम होना इस बात का संकेत है कि खरीदार पहले की तुलना में थोड़ा ज्यादा सक्रिय हुए हैं, इसलिए विक्रेताओं को ज्यादा छूट देने की जरूरत नहीं पड़ी।

Monsoon Skincare: मॉनसून में ग्लोइंग स्किन चाहिए? आज ही ट्राई करें ये वायरल फेस मास्क

बारिश का मौसम जहां एक तरफ गर्मी से राहत और ठंडी हवाओं का एहसास कराता है, वहीं दूसरी तरफ यह त्वचा के लिए कई तरह की परेशानियां भी लेकर आता है। इस दौरान हवा में नमी (humidity) का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिससे स्किन पर ऑयल का उत्पादन ज्यादा होने लगता है। अतिरिक्त तेल और गंदगी मिलकर स्किन के पोर्स को बंद कर देते हैं, जिसके कारण पिंपल्स, एक्ने, रैशेज और एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। कई लोगों को इस मौसम में त्वचा पर खुजली और जलन की शिकायत भी होने लगती है, जिससे स्किन डल और अनइवन दिखने लगती है।

यही वजह है कि मॉनसून में सामान्य स्किन केयर रूटीन को और भी ज्यादा ध्यान से फॉलो करना जरूरी हो जाता है। सही देखभाल और हल्के प्राकृतिक उपाय अपनाकर इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है और त्वचा को हेल्दी रखा जा सकता है।

देसी नुस्खा जो सालों से है फेमस

स्किन केयर प्रोडक्ट्स के बीच आज भी एक पुराना घरेलू उपाय काफी लोकप्रिय है हल्दी और चंदन का फेस पैक। भारतीय घरों में इसे पीढ़ियों से इस्तेमाल किया जा रहा है क्योंकि यह त्वचा को शांत और साफ रखने में मदद कर सकता है।

हल्दी क्यों फायदेमंद मानी जाती है?

हल्दी में करक्यूमिन नाम का तत्व होता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यह स्किन पर:

  • पिंपल्स की सूजन कम कर सकता है
  • लालपन (redness) को शांत कर सकता है
  • त्वचा को बाहरी नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है
  • स्किन टोन को थोड़ा बेहतर दिखा सकता है

चंदन के फायदे क्या हैं?

चंदन को उसकी ठंडक देने वाली प्रकृति और खुशबू के लिए जाना जाता है। यह:

  • त्वचा की जलन को शांत कर सकता है
  • एक्स्ट्रा ऑयल कम करने में मदद कर सकता है
  • स्किन को फ्रेश और रिलैक्स महसूस कराता है
  • गर्म और नमी वाले मौसम में राहत देता है

घर पर ऐसे बनाएं फेस पैक

इस फेस पैक को बनाना बेहद आसान है:

सामग्री:

  • 1 चम्मच चंदन पाउडर
  • हल्दी की एक चुटकी
  • गुलाब जल (पेस्ट बनाने के लिए)

कैसे लगाएं:

सभी चीजों को मिलाकर स्मूद पेस्ट बनाएं, चेहरे पर लगाएं, सूखने के बाद धो लें और हल्का मॉइश्चराइजर लगाएं।

कितनी बार इस्तेमाल करें?

इस फेस पैक का इस्तेमाल हफ्ते में 1 बार करना पर्याप्त माना जाता है। साथ ही नियमित सफाई और मॉइश्चराइजिंग भी जरूरी है।

हर किसी के लिए नहीं है यह नुस्खा

हालांकि यह प्राकृतिक उपाय है, लेकिन हर स्किन पर सूट नहीं करता। अगर स्किन सेंसिटिव है तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें। जलन, लालपन या खुजली होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें।

क्या यह सच में एक्ने ठीक कर सकता है?

हल्दी और चंदन स्किन को शांत जरूर कर सकते हैं, लेकिन गंभीर एक्ने के लिए वैज्ञानिक रूप से यह पूरा इलाज नहीं माना जाता। लगातार या गंभीर पिंपल्स होने पर डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सही होता है।

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Nagabandham-The Secret Treasure Review: मंदिरों के रहस्य, रायल सीन्स और रोंगटे खड़े कर देने वाली मैथोलॉजिकल एक्शन फिल्म है ‘नागबंधम’

फिल्म- ‘नागबंधम – द सीक्रेट ट्रेजर’

कलाकार- विराट कर्णा, नभा नतेश, महेश मांजरेकर, जगपति बाबू, मुरली शर्मा, रामचंद्र राजू, अनसूया भारद्वाज, सरन्या पोनवन्नन, ऋषभ साहनी, दक्षा नागरकर

निर्देशक- अभिषेक नामा

रेटिंग- 3/5

Nagabandham-The Secret Treasure Review: भारतीय सिनेमा में जब भी पौराणिक रहस्य, प्राचीन मंदिरों की अनकही कहानियां और बड़े स्तर पर रचे गए रोमांच की बात होती है, दर्शकों की उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। ‘नागबंधम – द सीक्रेट ट्रेजर’ ऐसी ही एक फिल्म है जो दर्शकों को एक ऐसे संसार में लेकर जाती है जहां रहस्य, इतिहास, सनातन परंपराएं और छिपी हुई शक्तियां एक साथ जीवंत होती नजर आती हैं।

यह फिल्म सिर्फ खजाने की तलाश की कहानी नहीं है, बल्कि सनातन परंपराओं से जुड़े उन रहस्यों की यात्रा है, जिनके बारे में अक्सर केवल कथाएं सुनने को मिलती हैं।यह कहानियां अब तक फिल्मों में नजर नहीं आती थी।

फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी रहस्य के साथ शुरू होती है और धीरे-धीरे अपने बड़े कैनवास को दर्शकों के सामने खोलती है। एक तरफ अतीत में छिपे ऐसे रहस्य हैं, जो वर्षों से दुनिया से दूर हैं, तो दूसरी ओर वर्तमान में कुछ ऐसे लोग हैं जिनकी जिंदगी इन रहस्यों से अनजाने में जुड़ जाती है। रुद्र की जिंदगी अचानक एक दर्दनाक मोड़ लेती है, जहां परिवार पर हुए हमले के बाद उसके सामने ऐसे सवाल खड़े हो जाते हैं, जिनके जवाब सामान्य दुनिया में नहीं बल्कि सदियों पुराने इतिहास में छिपे हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, नागबंधम, ब्रह्मकमल और प्राचीन मंदिरों के रहस्य धीरे-धीरे खुलते जाते हैं। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह सिर्फ एक खजाने की खोज तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसे धार्मिक मान्यताओं, इतिहास और रहस्यमयी घटनाओं से जोड़कर एक बड़े अनुभव में बदल देती है।

निर्देशन

निर्देशक अभिषेक नामा ने फिल्म को केवल कहानी के स्तर पर नहीं बल्कि विजुअल स्केल पर भी बड़ा बनाने का प्रयास किया है। फिल्म के कई दृश्य ऐसे हैं जो थिएटर के बड़े पर्दे पर प्रभाव छोड़ते हैं। खास तौर से विशाल मंदिर, राजसी महलों जैसे सेट्स, गुफाओं की रहस्यमयी दुनिया और ऐतिहासिक वातावरण फिल्म को एक अलग पहचान देते हैं। सेट डिज़ाइन और आर्ट डायरेक्शन उल्लेखनीय है फिल्म की सिनेमैटोग्राफी इसकी बड़ी ताकत बनकर सामने आती है। कैमरा कई दृश्यों को भव्यता के साथ प्रस्तुत करता है। एक्शन दृश्यों को बड़े स्तर पर डिजाइन किया गया है और कई सीक्वेंस दर्शकों को चौंकाने की क्षमता रखते हैं। खासकर युद्ध और संघर्ष वाले दृश्य काफी प्रभावी बन पड़े हैं।

परफॉर्मेंस

रुद्र के किरदार में विराट कर्णा पूरी फिल्म का मजबूत केंद्र दिखाई देते हैं। एक्शन दृश्यों में उनका आत्मविश्वास और भावनात्मक दृश्यों में उनकी संवेदनशीलता दोनों प्रभाव छोड़ती हैं। विशेष रूप से उनके नागा रूप वाले दृश्य आकर्षक लगते हैं। पार्वती के रूप में नभा नतेश अपने किरदार में सहज दिखाई देती हैं और स्क्रीन पर अच्छा प्रभाव छोड़ती हैं। जगपति बाबू अपने अनुभव के साथ किरदार में गंभीरता लेकर आते हैं और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस हमेशा की तरह मजबूत है। महेश मांजरेकर अपने सीमित दृश्यों में भी प्रभाव पैदा करने में सफल रहते हैं। मुरली शर्मा एक बार फिर अपने संतुलित और स्वाभाविक अभिनय से किरदार को मजबूती देते हैं। रामचंद्र राजू अपने नकारात्मक किरदार में प्रभावी दिखाई देते हैं और कहानी में खतरे का एहसास बनाए रखते हैं।

ऋषभ साहनी फिल्म में एक सरप्राइज पैकेज साबित होते हैं। उनकी बॉडी लैंग्वेज, आक्रामकता और स्क्रीन प्रेजेंस विरोधी किरदार को दमदार बनाती है। अनसूया भारद्वाज, सरन्या पोनवन्नन और दक्षा नागरकर भी अपने-अपने हिस्से में अच्छा योगदान देती हैं।

‘नागबंधम – द सीक्रेट ट्रेजर’ सिर्फ एक एडवेंचर फिल्म नहीं बल्कि रहस्य, इतिहास, सनातन परंपराओं और बड़े पैमाने पर प्रस्तुत किए गए सीन संसार का मिक्चर है। फिल्म की भव्यता, विशाल सेट्स, रहस्य से भरी कहानी, हैरतअंगेज एक्शन और कलाकारों का प्रभावी अभिनय इसे एक अलग अनुभव बनाते हैं। यदि आपको प्राचीन मंदिरों के रहस्य, छिपे खजानों की कहानियां और बड़े कैनवास पर बनी विजुअली शानदार फिल्में पसंद हैं, तो ‘नागबंधम’ थिएटर में देखनी चाहिए।

Gold-Silver ETFs : गोल्ड और सिल्वर ETF 3% तक भागे, US में ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद ने भरा जोश

Gold-Silver ETFs : शुक्रवार को भारत में गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में 2-3 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। यह बढ़त ग्लोबल मार्केट में प्रोसियस मेटल्स की कीमतों में आई तेजी के कारण हुई। अमेरिकी लेबर मार्केट के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे हैं। इससे यह उम्मीद मजबूत हुई कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर नरम रुख अपना सकता है।

आज दोपहर के कारोबार में निप्पॉन इंडिया ETF गोल्ड BeES 2.4 प्रतिशत बढ़कर 120.51 रुपये पर पहुंच गया,जबकि ICICI प्रूडेंशियल गोल्ड ETF 2.4 प्रतिशत बढ़कर 124.90 रुपये पर कारोबार करता दिखा। SBI गोल्ड ETF 2.3 प्रतिशत बढ़कर 124.25 रुपये और टाटा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड 2.3 प्रतिशत बढ़कर 14.14 रुपये पर पहुंच गया।

इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की कीमतों में तेज उछाल आने के कारण सिल्वर ETF ने गोल्ड ETF के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। निप्पॉन इंडिया सिल्वर BeES 2.6 प्रतिशत बढ़कर 221.95 रुपये पर,टाटा सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड 2.6 प्रतिशत बढ़कर 22.55 रुपये पर,SBI सिल्वर ETF 2.5 प्रतिशत बढ़कर 227.28 रुपये पर और ICICI प्रूडेंशियल सिल्वर ETF 2.4 प्रतिशत बढ़कर 231.28 रुपये पर पहुंच गया।

 स्पॉट गोल्ड 1% बढ़कर $4,165.29 प्रति औंस पर पहुंचा

ग्लोबल मार्केट में बुलियन की कीमतों में आई तेजी के बाद भारतीय बाजार में यह रैली देखने को मिली है। आज स्पॉट गोल्ड 1% बढ़कर $4,165.29 प्रति औंस पर पहुंच गया,जबकि इससे पहले सेशन में यह 23 जून के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। अगस्त डिलीवरी वाला US गोल्ड फ्यूचर्स 1.3% बढ़कर $4,178.50 पर पहुंच गया है। गोल्ड-सिल्वर अपनी पहली साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहे हैं। इस हफ्ते इनमें लगभग 1.8% की बढ़ोतरी हुई है। US नॉन-फार्म पेरोल्स और प्राइवेट पेरोल्स के आंकड़े उम्मीद से कमज़ोर रहे,जिससे लगातार बनी महंगाई और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की आशंका को लेकर चिंताएं कम हुईं है, इसका फायदा सोने-चांदी को मिल रहा है।

चांदी की कीमतों में भी तेजी जारी

चांदी की कीमतों में भी तेजी जारी है। इसका हाजिर भाव 2.1 प्रतिशत बढ़कर $62.28 प्रति औंस हो गया है। दूसरी कीमती धातुओं की बात करें तो प्लेटिनम की कीमत 2.4 प्रतिशत बढ़कर $1,655.15 पर आ गई है। जबकि पैलेडियम 0.9 प्रतिशत बढ़कर $1,278.89 पर पहुंच गया है। ये तीनों धातुएं एक हफ्तो से ज्यादा समय के अपने उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रही है।

शेयर बाजार का भी मूड सुधरा

गोल्ड-सिल्वर ETF में बढ़त के साथ ही आज शेयर बाजार का मूड भी अच्छा बना हुआ था। 3 बजे के आसपास सेंसेक्स 287.65 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 77,789.77 पर और निफ्टी 101.95 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 24,277.65 पर दिख रहा था। लगभग 2016 शेयरों में बढ़त दिख रही थी। 1828 शेयरों में गिरावट आई थी और 178 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 3.34 प्रतिशत की गिरावट आई। यह बाजार में उतार-चढ़ाव की उम्मीदों में कमी का संकेत है। इससे तेजड़ियों को राहत मिल सकती है।

 

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में सोने और चांदी को लगे पंख, इन तीन वजहों से आई तेजी

Waterways Leisure Tourism में और 10% तेजी की लहर, लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट

मुंबई स्थित क्रूज ऑपरेटर वॉटरवेज लीश़र टूरिज्म के शेयर में 3 जुलाई को लगातार दूसरे दिन तेजी है। शेयर बीएसई पर 10 प्रतिशत चढ़ा और लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट लगा। कीमत 807.45 रुपये हो गई है। कंपनी 1 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट हुई थी। दिन के आखिर में शेयर BSE पर 667.35 रुपये पर बंद हुआ था। उसके बाद 2 जुलाई को भी यह 10 प्रतिशत चढ़ा और अपर सर्किट लगा। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 5800 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

वॉटरवेज लीश़र टूरिज्म का 585 करोड़ रुपये का IPO 1.53 गुना भरा था। यह कंपनी कॉर्डेलिया क्रूज ब्रांड के तहत कारोबार करती है। देश में पहली बार किसी क्रूज ऑपरेटर का शेयर लिस्ट हुआ है। कॉर्डेलिया क्रूज भारत की प्रीमियम क्रूज लाइन है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 89.35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Waterways Leisure Tourism की वित्तीय स्थिति

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 52.14 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। इससे पहले के वित्त वर्ष में कंपनी को 168.19 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वित्त वर्ष 2026 में इनकम 586.99 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2025 में 597.68 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 101.90 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Waterways Leisure Tourism के IPO में 72 लाख नए शेयर जारी हुए थे। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 72 प्रतिशत, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.23 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 4.40 गुना भरा।

क्या खरीदने लायक है शेयर?

स्वास्तिका इनवेस्टस्मार्ट में वेल्थ हेड शिवानी न्याति का कहना है, “आईपीओ अलॉटमेंट के तहत जिन निवेशकों को शेयर मिले हैं, वे लंबे समय के नजरिए से उन्हें अपने पास रख सकते हैं। नए निवेशकों को बेहतर कमाई की संभावना और एंट्री के लिए ज्यादा आकर्षक लेवल का इंतजार करना चाहिए। इस स्टॉक पर राय न्यूट्रल है, और क्लोजिंग के आधार पर स्टॉप-लॉस ₹640 है।”

Maatrubhumi: सलमान खान की ‘मातृभूमि’ पर मंडराया खतरा, टाइटल बदलने के बावजूद सेंसर बोर्ड ने रिलीज पर लगाई रोक

Maatrubhumi: सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (CBFC) ने सलमान खान की फ़िल्म ‘मातृभूमि’ (जिसका पहले नाम ‘बैटल ऑफ़ गलवान’ था) के लिए क्लीयरेंस सर्टिफ़िकेट को अगले आदेश तक रोक दिया है। भारतीय सेना और चीनी सैनिकों के बीच 2020 में हुई गलवान घाटी की झड़प पर आधारित यह फ़िल्म पहले ईद से ठीक पहले 17 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली थी। हालांकि, रिलीज़ की तारीख़ को आगे बढ़ा दिया गया था और इसके अगस्त में रिलीज़ होने की उम्मीद थी।

NDTV के अनुसार, फ़िल्म अगस्त की तारीख़ पर रिलीज नहीं हो पाएगी। ‘मातृभूमि’ का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है और इसे सलमान खान फ़िल्म्स बैनर के तहत सलमा खान ने प्रोड्यूस किया है। इसमें चित्रांगदा सिंह भी हैं। फिल्म रिलीज होने से पहले ही चीन में कुछ वर्गों ने इसकी आलोचना की है।

टीजर ऑनलाइन प्रसारित होने के बाद, चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर कई उपयोगकर्ताओं ने फिल्म पर गलवान घाटी संघर्ष से संबंधित घटनाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाया। जनवरी में, विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत में फिल्म निर्माण से संबंधित मामलों का निपटारा “संबंधित अधिकारियों” द्वारा किया जाता है, और विदेश मंत्रालय की इस या इसी तरह की परियोजनाओं में “कोई भूमिका नहीं” है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से उन खबरों पर टिप्पणी करने को कहा गया, जिनमें दावा किया गया था कि मंत्रालय ने छह साल पहले गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प पर आधारित फिल्म पर “आपत्ति जताई” है। उन्होंने कहा, “हमें पता है कि इस तरह की फिल्म बनाने की योजना है। जैसा कि आप जानते हैं, भारत में फिल्म निर्माण से जुड़े मामलों को संबंधित अधिकारी देखते हैं। और जहां तक ​​हमारी बात है, विदेश मंत्रालय की ऐसी फिल्मों या प्रोजेक्ट्स में कोई भूमिका नहीं होती है।”

सूत्रों ने बताया, “हाल ही में फिल्म का टाइटल ‘बैटल ऑफ गलवान’ से बदलकर ‘मातृभूमि’ कर दिया गया है। उसी के अनुसार बदलाव किए जा रहे हैं। संभावना है कि फिल्म की रिलीज में और देरी हो सकती है। इसे अगस्त में स्वतंत्रता दिवस के आसपास रिलीज किए जाने की उम्मीद है।”

फिल्म के निर्माताओं ने सलमान खान के 60वें जन्मदिन के मौके पर 27 दिसंबर, 2025 को फिल्म का टीज़र जारी किया था। इस फ़िल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफ़िसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने बॉर्डर पर डिसइंगेजमेंट एग्रीमेंट लागू करते समय हुई झड़प के दौरान भारतीय सैनिकों का नेतृत्व किया था।

‘मातृभूमि’ में अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया भी अहम भूमिकाओं में नज़र आएंगे। इस फ़िल्म का संगीत हिमेश रेशमिया ने दिया है। सलमान खान को आख़िरी बार ए.आर. मुरुगाडोस की फ़िल्म ‘सिकंदर’ में देखा गया था, जिसमें रश्मिका मंदाना भी हैं।