आज 1 अगस्त भारी बारिश की चेतवानी: IMD ने 21+ राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली-राजस्थान से गुजरात तक मौसम का रौद्र रूप

India Weather Today: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मानसून रौद्र रूप दिखाने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने बुलेटिन में गुजरात, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और बिहार समेत देश के 21 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आंधी-तूफान की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह वेदर सिस्टम विदर्भ, दक्षिण मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इस मौसमी हलचल के प्रभाव से शनिवार को देश के मैदानी, तटीय और पहाड़ी इलाकों में तूफानी बारिश देखने को मिलेगी।

गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश; जलभराव और ट्रैफिक ठप होने की आशंका

गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 1 अगस्त को मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। आईएमडी ने इस पूरे इलाके में बेहद भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट दिया है। गुजरात के कुछ हिस्सों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। इस मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में बाढ़, गंभीर जलभराव और स्थानीय स्तर पर पानी भरने का खतरा है, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

मुंबई और कोंकण-गोवा में बहुत भारी वर्षा; महाराष्ट्र के घाट इलाकों में अलर्ट

महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। मुंबई समेत कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। घाट क्षेत्रों सहित मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मराठवाड़ा के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उत्तर भारत में मौसम का हाल: पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश, दिल्ली में छाएंगे बादल

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी मानसून की तेज रफ्तार देखने को मिलेगी। पूर्वी राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के एक या दो दौर हो सकते हैं। दिल्ली में तापमान 24 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि दोपहर के समय दक्षिण-पूर्वी हवाएं 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिम राजस्थान में पृथक स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर भारत: मूसलाधार बारिश और 50 किमी/घंटे की आंधी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण भारत: इन इलाकों में टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 70 किमी/घंटे की गति से चलेंगे झोंके

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ-साथ तूफानी हवाओं का भयंकर प्रकोप देखने को मिल सकता है। तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो झोंकों के साथ 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकियों ने की फायरिंग, एक की मौत, एक घायल

PoJK में कार्रवाई पर भारत का पाकिस्तान पर हमला, New York Times की रिपोर्ट पर क्यों जताई आपत्ति

india mea

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कथित कड़ी कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की कार्रवाई की जांच करने और उसे जवाबदेह ठहराने की अपील की है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 'निर्दय बल' का इस्तेमाल किया गया।

ALSO READ: Weather Update : क्या कहता है कल का मौसम, किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कहां आंधी-ओलों से बढ़ेगी परेशानी

PoJK में 40 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा

 

जायसवाल के मुताबिक, PoJK में बढ़ती महंगाई, प्रशासनिक उपेक्षा, राजनीतिक भेदभाव और अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचारों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं। उन्होंने कहा कि 27 जुलाई से स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान हुई सुरक्षा कार्रवाई में 40 से अधिक नागरिकों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व Joint Awami Action Committee (JAAC) कर रही है।

 

भारत ने कहा कि PoJK के लोगों ने इन मौतों की स्वतंत्र जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की कार्रवाई पर नजर रखनी चाहिए और कथित अत्याचारों के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए।

ALSO READ: Bajaj Pulsar का नया मॉडल जल्द होगा लॉन्च, 12 अगस्त को होगा बड़ा खुलासा, जानें क्या होगा खास

भारत ने 'मुजाहिदीन' को लेकर पाकिस्तान पर साधा निशाना

जायसवाल ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक के कथित बयान का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिष्ठान ने जिन 'मुजाहिदीन' को भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित, हथियारबंद और वित्त पोषित किया, वही अब पाकिस्तान के खिलाफ हथियार उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह बयान पाकिस्तान की नीतियों और उसके द्वारा लंबे समय से अपनाए गए आतंकवाद से जुड़े दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भारत ने यह भी आरोप लगाया कि PoJK के लोगों के प्रति पाकिस्तान के प्रतिष्ठान में 'पूर्ण उदासीनता' दिखाई दे रही है। जायसवाल ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की कथित टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें प्रदर्शनकारियों को 'दुश्मन' बताया गया था।

 

'पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा'

 

जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत ने एक बार फिर अपनी स्थिति स्पष्ट की। रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति स्पष्ट है कि ये क्षेत्र पहले भी भारत का हिस्सा थे, आज भी भारत का हिस्सा हैं और आगे भी भारत का हिस्सा बने रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और संबंधित पक्षों से इस क्षेत्र के लिए भारत के अनुसार सही नाम और शब्दावली का इस्तेमाल करने की अपील की।

ALSO READ: August 1 Rule Changes : 1 अगस्त से बदल सकते हैं LPG Cylinder, Tatkal Booking और Credit Card के नियम, जानें किन बातों का पड़ेगा असर

New York Times की रिपोर्ट पर भी भारत ने जताई आपत्ति

यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने The New York Times की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लिए 'Pakistani Kashmir' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अखबार की हेडलाइन को 'भ्रामक और गलत' बताते हुए कहा था कि 'Pakistani Kashmir' नाम का कोई क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह Pakistan-occupied Kashmir है। भारत ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के संबंध में इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली देश की संप्रभुता और उसके आधिकारिक रुख के अनुरूप होनी चाहिए।

Weather Update : क्या कहता है कल का मौसम, किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कहां आंधी-ओलों से बढ़ेगी परेशानी

water update

Weather Forecast Tomorrow : देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 1 अगस्त को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

 

मध्यप्रदेश में 1 अगस्त 2026 के लिए मानसूनी गतिविधियों के चलते भारी बारिश, तेज हवाओं के चलने और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के 14 जिलों में अचानक बाढ़ आने का खतरा भी जताया गया है और पूरे सूबे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों, मछुआरों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।

ALSO READ: Bajaj Pulsar का नया मॉडल जल्द होगा लॉन्च, 12 अगस्त को होगा बड़ा खुलासा, जानें क्या होगा खास

इन 19 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

 

1 अगस्त को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम और अरुणाचल प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान छिटपुट से लेकर काफी व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

ALSO READ: PM Kisan 24th Installment : 24वीं किस्त से पहले किसानों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, मोदी सरकार का बड़ा तोहफा

पहाड़ी राज्यों में बढ़ सकती है मुश्किल

 

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रह सकता है।

 

ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और वहां जाने वाले पर्यटकों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

ALSO READ: अंकित शर्मा हत्याकांड में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा

पूर्वोत्तर में बाढ़ का खतरा

 

असम और अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। निचले क्षोभमंडल स्तर पर मध्य असम के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जो मौसम की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है।

गुजरात से केरल तक भी मौसम सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार तट से दूर बना एक निम्न दबाव क्षेत्र दक्षिणी गुजरात से उत्तरी केरल तक फैले मौसम तंत्र को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

कल 1 अगस्त मौसम की चेतावनी: बिहार से राजस्थान तक इन 20+ राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट, इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल

India Weather Update: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बेहद खराब और खतरनाक रहने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने वेदर बुलेटिन में बिहार, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर से लेकर दक्षिण भारत तक 20 से अधिक राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 17 किमी प्रति घंटे की स्पीड से आगे बढ़ चुका है। अगले 24 घंटों के दौरान यह पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए कमजोर होकर एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इसके असर से 1 अगस्त को देश भर में भीषण तूफानी बारिश देखने को मिलेगी।

WhatsApp Image 2026-07-31 at 5.52.12 PM

गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम प्रणाली के पश्चिम की ओर बढ़ने की वजह से गुजरात राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 1 अगस्त को पूरे गुजरात राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। प्रशासन और आम जनता को जलभराव और तटीय इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन 6 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

गुजरात के अलावा देश के 6 दूसरे राज्यों में शनिवार को अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी के मुताबिक पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी राजस्थान में कई इलाकों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल और माहे में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, दिल्ली से राजस्थान तक: इन राज्यों में होगी भारी बारिश

इसके अलावा भी शनिवार को देश के दूसरे बड़े हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पश्चिम राजस्थान, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और लक्षद्वीप में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग के मुताबिक 1 अगस्त को हवाओं का रुख बेहद आक्रामक रहेगा और कई राज्यों में तूफानी आंधी के साथ बारिश होगी। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी और तूफानी हवाओं यानी थंडरस्क्वॉल का सामना करना पड़ेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल, झारखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तराखंड में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तटीय व मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

यह भी पढ़ें: वीकली मौसम अपडेट: 20+ राज्यों में जोरदार बारिश का अलर्ट, गुजरात-महाराष्ट्र में खतरा ज्यादा, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा वेदर

वीकली मौसम अपडेट: 20+ राज्यों में जोरदार बारिश का अलर्ट, गुजरात-महाराष्ट्र में खतरा ज्यादा, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश भर में मानसून के एक्टिव होने से भारी बारिश का दौर देखने को मिला है। आने वाला पूरा सप्ताह भी एक बार फिर जोरगार बारिश का गवाह बनने जा रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने विस्तृत वीकली मौसम बुलेटिन में देश के 20 से अधिक राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बने डिप्रेशन के असर से गुजरात राज्य और मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 6 से 7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत समेत देश के बड़े हिस्से में छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर पर मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहेगा।

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट

पश्चिम भारत के राज्यों के लिए मौसम विभाग ने सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। डिप्रेशन के असर से गुजरात रीजन में 31 जुलाई को अलग अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश और 1 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं सौराष्ट्र और कच्छ में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। गुजरात में 2 अगस्त को भी भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।

मध्य महाराष्ट्र में 31 जुलाई को अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश और 2 व 3 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। कोंकण और गोवा में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 31 जुलाई और 2-3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा में भी 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-एनसीआर से यूपी, पंजाब और राजस्थान तक उत्तर भारत का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 6 से 7 दिनों के दौरान बारिश का दौर जारी रहेगा। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 31 जुलाई से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और इस दौरान भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 3 से 6 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 3 से 5 अगस्त तक अलग अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 से 6 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और इस पूरे अंतराल में भारी बारिश का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 31 जुलाई से 6 अगस्त तक जबकि जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 31 जुलाई से 4 अगस्त के दौरान भारी बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा से लेकर 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान में पूर्वी राजस्थान में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 31 जुलाई व 2 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है जबकि पश्चिम राजस्थान में 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बारिश का दौर

मध्य भारत में विदर्भ और मध्य प्रदेश पर बने डिप्रेशन का असर दिख रहा है। पश्चिम मध्य प्रदेश में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा (आंधी में 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 31 जुलाई तथा 3 से 6 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है, जिसमें छत्तीसगढ़ में 3 से 6 अगस्त तक भारी बारिश होगी। विदर्भ में 31 जुलाई, 1 अगस्त और 6 अगस्त को बारिश का जोर रहेगा, जबकि 1 से 4 अगस्त के बीच आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: बिहार, बंगाल, ओडिशा और असम का पूर्वानुमान

पूर्व भारत में बिहार में 1 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और 1 से 6 अगस्त तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है जबकि गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 से 6 अगस्त और ओडिशा में 2 से 6 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह और झारखंड में 31 जुलाई से 6 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 1 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 31 जुलाई से 6 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 2 अगस्त को भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 1 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 31 जुलाई और 1 अगस्त को 50-60 किमी/घंटा (आंधी में 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से थंडरस्क्वॉल चलने की संभावना है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में 40 से 60 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।

यह भी पढे़ं: आज भारी बारिश की चेतावनी: दिल्ली से गुजरात-महाराष्ट्र तक IMD ने जारी किया अलर्ट, इन 9 राज्यों में मौसम दिखाएगा रौद्र रूप

SEOC Sachet Portal : आपदा के समय गुजरात की मजबूत सुरक्षा ढाल बना स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर

State Emergency Operations Center served as robust security shield for Gujarat during disaster

State Emergency Operation Center : आपदा कभी पूर्व सूचना देकर नहीं आती, लेकिन गुजरात सरकार ने आधुनिक तकनीक, रियल-टाइम समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के आधार पर ऐसा मजबूत आपदा प्रबंधन ढांचा विकसित किया है, जो संकट के समय लाखों नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) राज्य के प्रमुख कमांड एंड कंट्रोल हब के रूप में 24 घंटे कार्यरत रहकर भूकंप, चक्रवात, बाढ़ सहित प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान पूरे प्रशासनिक तंत्र का समन्वय करता है।

 

कच्छ भूकंप के बाद विकसित हुआ आधुनिक ढांचा

वर्ष 2001 के कच्छ भूकंप से मिले अनुभवों के आधार पर गुजरात सरकार ने विश्वस्तरीय आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित की है। आज SEOC राज्य के आपदा प्रबंधन का केंद्रबिंदु बन चुका है, जहां से राज्यभर के सभी जिला एवं तहसील स्तर के कंट्रोल रूम के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जाता है।

ALSO READ: IMD Weather Update: 17 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, क्या है बाढ़ प्रभावित गुजरात-असम का हाल?

पूरे राज्य में त्रि-स्तरीय नेटवर्क

गुजरात का आपदा प्रबंधन केवल एक कंट्रोल रूम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में सुव्यवस्थित नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है। इसमें गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अलावा सभी 33 जिलों में डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (DEOC), 248 तहसील इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (TEOC) तथा पांच क्षेत्रीय इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर (ERC) कार्यरत हैं। ये सभी केंद्र गुजरात स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (GSWAN) की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से जुड़े हुए हैं।

 

'सचेत' पोर्टल से करोड़ों लोगों को समय पर चेतावनी

राज्य सरकार ने SEOC Sachet Portal और मास एसएमएस प्रणाली के माध्यम से अब तक प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को 2864 करोड़ से अधिक अलर्ट संदेश भेजे हैं। इसके अलावा 6 करोड़ से अधिक मोबाइल एप उपयोगकर्ताओं और 5.3 लाख से अधिक वेब एक्सेस के जरिए नागरिकों को आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

ALSO READ: गुजरात में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम, प्री-स्कूल सर्टिफिकेट के बिना भी बच्चे को कक्षा-1 में मिलेगा प्रवेश

आपदा के दौरान यदि सामान्य संचार व्यवस्था बाधित हो जाए, तब भी सैटेलाइट फोन, GSWAN हॉटलाइन, लैंडलाइन, ई-मेल, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, पुलिस वायरलेस तथा हैम रेडियो जैसी वैकल्पिक संचार व्यवस्थाएं लगातार सक्रिय रहती हैं।

 

विशेषज्ञ संस्थानों के साथ रियल-टाइम समन्वय

SEOC भारतीय मौसम विभाग (IMD), इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR), ISRO, INCOIS, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज सहित विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों के साथ रियल-टाइम समन्वय बनाए रखता है। इससे भूकंप, चक्रवात, बाढ़, सुनामी, सूखा, हीटवेव, महामारी तथा औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेना संभव हो पाता है।

 

NDRF और SDRF की टीमें हमेशा तैयार

राज्य में जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए NDRF की 17 टीमें और SDRF की 32 टीमें तैनात रहती हैं। इसके अलावा आवश्यकता होने पर भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के साथ भी सीधा समन्वय किया जाता है।

ALSO READ: गुजरात में बनेगा देश का नया शिप बिल्डिंग हब: राज्य सरकार ने लॉन्च की नई 'शिप बिल्डिंग एंड रिपेयर पॉलिसी'

24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन

आपदा के समय नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्तर पर 1070 तथा जिला स्तर पर 1077 हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे संचालित किए जाते हैं।

 

गुजरात की प्रमुख उपलब्धियां

गुजरात देश का पहला राज्य है, जिसने वर्ष 2003 में अलग डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू कर गुजरात स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (GSDMA) की स्थापना की। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए GSDMA को संयुक्त राष्ट्र का प्रतिष्ठित सासाकावा अवॉर्ड भी प्राप्त हो चुका है।

 

'जीरो कैजुअल्टी' नीति की सफलता

हाल के वर्षों में आए बिपरजॉय और ताउते जैसे भीषण चक्रवातों के दौरान गुजरात सरकार ने समय रहते लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर जनहानि को न्यूनतम रखने में सफलता हासिल की। इसके अलावा समुद्री तटों पर आधुनिक साइक्लोन शेल्टर, अर्ली वार्निंग सिस्टम तथा 'आपदा मित्र' योजना के तहत हजारों स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देकर सामुदायिक आपदा प्रबंधन को भी मजबूत बनाया गया है।

ALSO READ: वलसाड बाढ़ में रक्षक बनी गुजरात पुलिस, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने वीडियो शेयर कर की तारीफ

गुजरात की सुरक्षा ढाल

आधुनिक तकनीक, त्वरित संचार व्यवस्था, विभिन्न एजेंसियों के बीच रियल-टाइम समन्वय और प्रशिक्षित राहत एवं बचाव दलों के कारण गुजरात का स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) आज देश के लिए आपदा प्रबंधन का एक उत्कृष्ट मॉडल बन चुका है। राज्य सरकार की 'जीरो कैजुअल्टी' नीति को सफल बनाने में SEOC महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आपदा के समय लाखों नागरिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रहा है।

भिवंडी में बड़ा हादसा: चार मंजिला इमारत ढही, 6 की मौत; मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका

bhivandi building collapsed

महाराष्ट्र के पावरलूम शहर भिवंडी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आ रही है। भिवंडी के बालाजी नगर (नारपोली) इलाके के भंडारी कंपाउंड में स्थित एक चार मंजिला पुरानी कोहिनूर इमारत गुरुवार रात करीब 11:30 बजे अचानक भरभराकर ढह गई। इस भीषण हादसे में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 से 8 लोगों के अभी भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है। ALSO READ: Top News 31 July: ITR भरने की आखिरी तारीख आज, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, भिवंडी हादसा समेत 5 बड़ी खबरें

 

पहले ही दी गई थी चेतावनी, चल रहा था मरम्मत का काम

 

स्थानीय प्रशासन और महानगर पालिका (BNCMC) के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह चार मंजिला कोहिनूर इमारत बेहद जर्जर हो चुकी थी और इसे पहले ही 'सी' श्रेणी में रखा गया था। पालिक द्वारा इमारत को खाली करने के सख्त आदेश दिए जा चुके थे, जिसके चलते ज्यादातर परिवार पहले ही इसे छोड़कर जा चुके थे।

 

हालांकि, हादसे के वक्त इमारत के भीतर कुछ लोग और एक परिवार अंदर रहकर मरम्मत का काम करवा रहा था। रात के वक्त अचानक इमारत का 'बी' विंग ढह गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।

 

युद्धस्तर पर राहत और बचाव जारी

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग (Fire Brigade) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।

 

बचाव कार्य: एनडीआरएफ की टीम ने अब तक कड़ी मशक्कत के बाद एक महिला को सुरक्षित मलबे से बाहर निकाल लिया है, जिसे तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया है।

 

आश्रय स्थल: बीएनसीएमसी के मेयर नारायण चौधरी ने बताया कि सुरक्षित बचाए गए अन्य लोगों को फिलहाल पास के गायत्री मंदिर-गीता हॉल में ठहराया गया है। मलबे में फंसे बाकी लोगों को बाहर निकालने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है।

 

प्रशासनिक बयान और अपील

 

भिवंडी पश्चिम के विधायक महेश चौगुले ने मौके का जायजा लेते हुए बताया कि पालिक की पूरी टीम राहत कार्य में जुटी हुई है और मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन ने घटनास्थल के आसपास कड़ा सुरक्षा घेरा बना दिया है और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा न डालें।

Top News 31 July: ITR भरने की आखिरी तारीख आज, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, भिवंडी हादसा समेत 5 बड़ी खबरें

top news 31 july, ITR, weather update and bhiwandi building collapse

Top News 31 July : आज इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख है। मौसम विभाग ने 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भिवंडी में 4 मंजिला इमारत गिरी। संसद में एंटी पेपर लिक बिल पास होने के बाद पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर जारी किया वीडियो मैसेज। प्रियंका गांधी की  IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि को लेकर की गई टिप्पणी पर बवाल। 31 जुलाई की बड़ी खबरें : 

 

ITR भरने की आज आखिरी तारीख

आईटीआर भरने की आज आखिरी तारीख है। अगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो जल्द कर लें। समय पर आईटीआर भरने से आपका टैक्स रिकॉर्ड सही रहता है, ज्यादा कटा हुआ टैक्स वापस (रिफंड) मिल सकता है और बाद में जुर्माने जैसी परेशानी से बचा जा सकता है। ALSO READ: ITR Filing 2026 Deadline: 31 जुलाई से पहले ऐसे भरें आयकर रिटर्न, पेनल्टी से बचें

 

IMD का 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं। देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ALSO READ: IMD का बड़ा अलर्ट: 17 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, क्या है बाढ़ प्रभावित गुजरात-असम का हाल?

 

भिवंडी में 4 मंजिला इमारत गिरी

महाराष्‍ट्र के भिवंडी में देर रात एक निर्माणाधिन 4 मंजिला इमारत का एक हिस्सा गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। NDRF समेत कई टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी।

 

एंटी पेपर लीक बिल पास होने पर क्या बोले पीएम मोदी?

संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर अपने संदेश में कहा कि सरकार देश की परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी। उन्होंने दोहराया कि पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। परीक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए आने वाले समय में कई और कदम उठाए जाएंगे। ALSO READ: Anti Paper Leak Bill 2026 : पेपर लीक विरोधी बिल पास होने पर इंस्टाग्राम पर PM मोदी का संदेश, पेपर लीक गैंग पर होगी सख्त कार्रवाई

 

प्रियंका गांधी की ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ टिप्पणी पर बवाल

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि को लेकर की गई कथित ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ टिप्पणी पर 200 से अधिक शिक्षाविदों ने कड़ी आपत्ति जताई है। 214 शिक्षाविदों के हस्ताक्षर वाले एक खुले पत्र में प्रियंका गांधी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद के प्रति अनुचित बताया गया है। ALSO READ: Priyanka Gandhi Remark : प्रियंका गांधी की 'गौमूत्र एक्सपर्ट' टिप्पणी पर 214 शिक्षाविदों का खुला पत्र, IIT मद्रास निदेशक के समर्थन में उठी आवाज

LIVE: महाराष्‍ट्र के भिवंडी में 4 मंजिला इमारत गिरी, 3 शव बरामद

bhivandi building collapsed

Latest News Today Live Updates in Hindi : महाराष्‍ट्र के भिवंडी में देर रात गिरी चार मंजिला इमारत गिरने से हड़कंप मच गया। मलबे से 3 शव बरामद किए गए हैं। बचाव कार्य जारी है। पल पल की जानकारी…

उत्तरप्रदेश के वाराणसी में भारी बारिश के बाद गंगा नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। घाटों की सीढ़ियां और छोटे मंदिर जलमग्न हो गए हैं।महाराष्‍ट्र के भिवंडी में देर रात एक निर्माणाधिन 4 मंजिला इमारत गिरी। इस दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी।

IMD का बड़ा अलर्ट: 17 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, क्या है बाढ़ प्रभावित गुजरात-असम का हाल?

weather update 31 july

देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण के कई राज्यों तक बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर लगातार जारी है। जुलाई महीने के आखिरी दिन यानी आज 31 जुलाई 2026 को मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं। देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

असम और गुजरात बाढ़ से बेहाल

गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में वर्षा जन्य हादसों में अब तक 78 लोगों की जान जा चुकी है।

 

पहाड़ी राज्यों में बरस आफत या राहत?

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड सरकार ने आज बारिश की वजह से भूस्खलन की आशंका को देखते हुए चारधाम यात्रा स्थगित कर दी है। उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

दिल्ली NCR में कैसा रहेगा मौसम

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद) में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। IMD के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, आज दिनभर आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में तो कुछ गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन नमी बढ़ने के कारण उमस से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।
 

उत्तर प्रदेश और बिहार में मानसून सक्रिय

 

उत्तर प्रदेश के पूर्वी और तटीय जिलों में मानसून एक बार फिर मेहरबान हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, बिहार के भी कई जिलों में बादलों का डेरा है और कुछ स्थानों पर वज्रपात (आसानी बिजली गिरने) की चेतावनी भी जारी की गई है। किसानों के लिए यह बारिश धान की फसल के लिहाज से बेहद फायदेमंद साबित हो रही है।

 

मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्य प्रदेेश और राजस्थान में भारी की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।