राम मंदिर को कल मिल सकता है पहला CEO! 5500 लोगों ने किया था आवेदन, सेलेक्शन कमेटी ने 3 नाम किए शॉर्टलिस्ट

Ayodhya Ram Temple CEO Update: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अयोध्या स्थित राम मंदिर के प्रशासनिक प्रबंधन को लेकर एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राम मंदिर को बुधवार को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल सकता है। चयन समिति ने मंगलवार को इस पद के लिए तीन शीर्ष उम्मीदवारों के नामों का एक पैनल तैयार कर सिफारिश दी है। राम मंदिर के पहले सीईओ की दौड़ में रिटायर ब्यूरोक्रेट सबसे आगे बताए जा रहे हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक राम मंदिर के नए सीईओ का चयन बुधवार को मणिरामदास छावनी स्थित राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के आवास पर आयोजित होने वाली बैठक में किया जाएगा।

3 सदस्यीय सर्च कमेटी ने छांटे नाम, 5,500 आवेदनों की हुई स्क्रीनिंग

तीन सदस्यीय सर्च कमेटी अयोध्या पहुंच चुकी है और उम्मीद है कि वह बैठक से पहले ट्रस्ट को अपनी अंतिम शॉर्टलिस्ट सौंप देगी। इस समिति में रिटायर जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और उद्योगपति सुरेश हावरे शामिल हैं। बुधवार को दोपहर 2 बजे से प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में सीईओ की नियुक्ति पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।

मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि इतने बड़े और विश्व प्रसिद्ध मंदिर का श्रेष्ठ प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए हम एक उत्कृष्ट सीईओ की तलाश में थे। इसके लिए हमने जस्टिस (प्रमोद) कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावरे से मार्गदर्शन मांगा था। इस तीन सदस्यीय चयन समिति ने सुबह से शाम तक अथक परिश्रम करते हुए साक्षात्कार लिए।

गोविंद देव गिरि ने बताया कि देश भर से लगभग 5500 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें आईएएस और आईपीएस अधिकारी, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और एनजीओ से जुड़े प्रोफेशनल शामिल थे। चयन समिति ने चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत पहले 3500, फिर 1500 और अंत में 300 उम्मीदवारों को छांटा। प्रारंभिक स्क्रीनिंग के बाद 16 उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिए गए। इसके बाद 3 अंतिम शॉर्टलिस्ट किए गए नामों का पैनल तैयार किया गया।

दान के पैसों की चोरी के आरोपों के बाद लिया गया फैसला

राम मंदिर में चंदे के प्रबंधन और दान की चोरी से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद ट्रस्ट की वित्तीय देखरेख पर सवाल खड़े हुए थे। ट्रस्ट ने खुद माना था कि दान की चोरी से उसकी छवि को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद 6 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के दैनिक कामकाज और दैनिक संचालन की देखरेख के लिए एक पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त करने का निर्णय लिया था।

सेक्रेटरी और अन्य पदों का भी हो सकता है आधिकारिक ऐलान

बुधवार को होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में सीईओ के अलावा दो सदस्यों और जनरल सेक्रेटरी (महासचिव) के पदों के लिए भी नामों की घोषणा की जा सकती है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर ट्रस्ट की बैठक में ट्रस्ट के सचिव के पद पर भी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। जगदीश आफले मंदिर ट्रस्ट के पहले सचिव होंगे। जब गोविंद देव गिरि से पूछा गया कि क्या बुधवार को नए सीईओ के नाम की घोषणा होगी तो उन्होंने कहा कि यह तय करना ट्रस्ट पर निर्भर है। मुझे उम्मीद है कि ऐसा होगा, लेकिन ट्रस्टी बोर्ड तय करेगा कि इसे अभी करना है या नहीं।

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रामलला से धोखा! चेन्नई की महिला ने 4 करोड़ का दिया था चेक, खाते में सिर्फ 3 रुपए

रामलला से धोखा! चेन्नई की महिला ने 4 करोड़ का दिया था चेक, खाते में सिर्फ 3 रुपए

Ayodhya Ram Mandir fraud: तमिलनाडु के चेन्नई की एक महिला श्रद्धालु ने हाल ही में अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 4 करोड़ रुपए का चेक सौंपा था। महिला की इच्छा थी कि इस राशि का उपयोग विशेष रूप से मंदिर परिसर में तैनात कर्मचारियों की सुविधाओं पर ही किया जाए। इसके लिए उन्होंने ट्रस्ट से एक लिखित आश्वासन की भी मांग की थी। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया गया था। इसके अलावा महिला ने राम मंदिर के लिए 10 हजार रुपए का अलग से भी दान दिया था।

​खाते में राशि न होने से चेक बाउंस

जब ट्रस्ट ने 4 करोड़ रुपए का यह चेक बैंक में जमा कराया, तो बैंक जांच में महिला के खाते में केवल 3 रुपए ही जमा पाए गए। पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। अब नियमानुसार बैंक महिला को नोटिस भेजकर इतनी बड़ी रकम का फर्जी/अनादरित चेक जारी करने पर जवाब तलब करेगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी संभव है।

 

​क्या है पूरा मामला?

  • चेन्नई की महिला श्रद्धालु ने राम मंदिर कर्मियों के लिए 4 करोड़ रुपए का चेक दिया था। 
  • ​क्लियरिंग के दौरान उसके खाते में महज 3 रुपए की राशि पाई गई।
  • महिला ने राशि को केवल कर्मचारी कल्याण में खर्च करने का लिखित आश्वासन मांगा था।
  • बैंक नोटिस की तैयारी में है, वहीं ट्रस्ट भी बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहा है।

​इससे पहले भी बाउंस हुए हैं चेक

2020 के निधि समर्पण अभियान के दौरान भी लगभग 100 करोड़ रुपए के चेक बाउंस हुए थे, जिनमें से अधिकांश की बाद में रिकवरी कर ली गई थी। गौरतलब है कि रामलला मंदिर को हर महीने नकद, चेक और ऑनलाइन माध्यमों से करीब 3 से 4 करोड़ रुपये का दान प्राप्त होता है, जिसमें से लगभग 1 से 1.5 करोड़ रुपए सिर्फ चेक के जरिए आते हैं। 4 करोड़ रुपए के इस चेक बाउंस मामले के बाद अब ट्रस्ट और बैंक प्रशासन बड़ी रकम वाले चेक स्वीकार करने और उनकी क्लियरिंग प्रक्रिया में विशेष सतर्कता बरतने की तैयारी कर रहे हैं।

राम की बडी बहन माता शांता की राखी अयोध्या से राष्ट्रपति, पीएम और सीएम को भेजी

राम की बडी बहन माता शांता की राखी अयोध्या से राष्ट्रपति, पीएम और सीएम को भेजी

Ayodhya Rakhi Mata Shanta: अयोध्या में भगवान श्रीराम की बड़ी बहन माता शांता की ओर से श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित देश के कई विशिष्ट दिग्गजों को विशेष राखियां भेजी गई हैं। इन राखियों को केले के तने, रेशमी धागे और भागलपुर की कला का उपयोग करके तैयार किया गया है।                                

राखी की मुख्य विशेषताएं

  • विशिष्ट जनों को प्रेषित : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथसिंह, यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ को यह रक्षा सूत्र भेजा गया है।
  • वैदिक मंत्रोच्चार: साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने इन सभी राखियों को वैदिक मंत्रों के साथ अभिमंत्रित किया है।
  • खास सामग्री : इस बार की राखियां मुख्य रूप से केले के तने के धागे, रेशम, मखाने और भागलपुरी पेंटिंग की कला का उपयोग करके बनाई गई हैं, जिन्हें मधुबनी की अंजलि सिंह के सहयोग से तैयार किया गया है।
  • भगवान राम को अर्पण : देश के प्रमुख नेताओं और गणमान्य लोगों तक रक्षा सूत्र पहुंचाने के बाद, माता शांता की ओर से भेजी गई यह पावन राखी अयोध्या में भगवान श्रीरामलला को भी अर्पित की गईं। 

क्या है धार्मिक मान्यता?

पौराणिक कथाओं के अनुसार माता शांता राजा दशरथ की पुत्री और भगवान श्रीराम की बड़ी बहन थीं, जिनका विवाह श्रृंगी ऋषि के साथ हुआ था। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का निर्वाह करते हुए हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर माता शांता के धाम/आश्रम की तरफ से यह रक्षा सूत्र भेजने की परंपरा निभाई जाती है। 

 

श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान के अध्यक्ष सुभाष सिंह ने बताया कि साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इन विशेष राखियों को अभिमंत्रित किया है। प्राचीन परंपरा और भ्रातृ-स्नेह को जीवंत रखने के लिए संस्थान हर वर्ष यह रक्षा सूत्र भेजता है।

CM योगी पहुंचे अयोध्या, महंत रामचंद्र दास परमहंस को 23वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, विपक्ष पर साधा निशाना

CM योगी पहुंचे अयोध्या, महंत रामचंद्र दास परमहंस को 23वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, विपक्ष पर साधा निशाना

CM Yogi Ayodhya visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार (14 अगस्त) को अयोध्या दौरे पर पहुंचे। रामकथा पार्क हेलीपैड पर उतरने के बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन कर रामलला का आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात वे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर न्यास के प्रथम अध्यक्ष महंत रामचंद्र दास परमहंस जी महाराज की 23वीं पुण्यतिथि के अवसर पर दिगंबर अखाड़ा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए।

16 लाख गायों का संरक्षण

श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित संतों ने राम मंदिर परिसर में महंत परमहंस रामचंद्र दास जी की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। सीएम योगी ने संत रविदास मंदिर पहुंचकर महंत बनवारीपति दिवाकर जी महाराज को नमन किया और पूज्य संतों-महंतों से आत्मीय मुलाकात की। गौमाता के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि गाय सनातन धर्म और भारत की अनमोल धरोहर है। उन्होंने गौ तस्करी और गोहत्या पर पूर्ण विराम लगाने की अपील की तथा बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 16 लाख गायों का संरक्षण किया जा रहा है।

​चढ़ावा चोरी मामले पर विपक्ष पर प्रहार

राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी (SIT) जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई जारी है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।​

राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान को नमन

सीएम ने परमहंस जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन राम मंदिर के निर्माण और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित रहा। संभल और देश के विभाजन का उल्लेख करते हुए योगी जी ने राष्ट्र को एकजुट रहने का संदेश दिया और कहा— 'हम बंटे थे, इसलिए कटे थे।'

 

योगी ने कहा कि अयोध्या के बदलते स्वरूप की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या अपने प्राचीन गौरव के अनुरूप विकसित होकर पुनः त्रेता युग की अलौकिक छवि पेश कर रही है।

रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन

समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हनुमानगढ़ी पहुंचे। यहां उन्होंने बजरंगबली के दर्शन-पूजन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद हनुमानगढ़ी स्थित इमली बाग में पहुंचकर स्वर्गीय महंत संत रामदास को श्रद्धांजलि अर्पित की। हनुमानगढ़ी से मुख्यमंत्री सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने रामलला का दर्शन-पूजन किया।

सावन मास में अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब, अब तक 35 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे

सावन मास में अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब, अब तक 35 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे

Shravan month Ayodhya Ramlala Darshan: श्रावण मास में श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या धाम में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। देश के विभिन्न राज्यों एवं जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर श्री रामलला के दर्शन-पूजन के साथ ही प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं तथा भगवान शिव के मंदिरों में जलाभिषेक कर रहे हैं। श्रावण मास के दौरान अब तक 35 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर दर्शन-पूजन कर चुके हैं।

 

इस वर्ष श्री रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 10 प्रतिशत से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री रामलला के दर्शन किए हैं। प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को भी एक लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंच रहे हैं।

 

श्रावण मास के प्रथम सोमवार को लगभग 3 लाख श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर दर्शन-पूजन किया, जबकि द्वितीय सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर लगभग 6 लाख तक पहुंच गई। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

भीड़ प्रबंधन एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस

जिला प्रशासन द्वारा प्रमुख मंदिरों, घाटों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के साथ ही आवश्यकता के अनुसार रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। भीड़ के दबाव वाले क्षेत्रों में अधिकारियों एवं पुलिस बल की तैनाती कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए उच्च अधिकारी स्वयं रात्रि में भी मेला क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का अवलोकन कर रहे है।

 

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता, शौचालय, प्रकाश एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। घाटों एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ रखा गया है।

नोटों की गिनती के लिए नई व्यवस्था

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर मे विगत दिनों हुए चढ़ावा व दान चोरी की घटना ने सभी को हिला कर रख दिया हालांकि जांच अभी चल रही है। दोषी पाए गए आरोपियों को रिमांड पर लिया जा चुका है। इस बीच, SBI प्रबंधन राम मंदिर में नोटों की गिनती के लिए अपनी व्यवस्था मे बड़ा परिवर्तन करते हुए सेना के सेवानिवृत 10 कर्मियों का चुनाव किया है साथ ही इनका एक प्रभारी भी नियुक्त किया गया है।

 

वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर में सिक्योरिटी सर्विस की सेवा समाप्ति के लिए सरकूलर जारी कर दिया गया है। जानकारी दे दें कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ने दान व चढ़ावे चोरी की घटना के बाद SBI प्रबंधन ने सेक्युरिटी सेवा की समाप्ति के लिए एक सरकूलर भी जारी कर दिया है क्योंकि जेल मे बंद आठ आरोपियों मे से छह आरोपी इसी सिक्योरिटी एजेंसी के ही हैं। 

चढ़ावा चोरी के बाद बदली राम मंदिर की पूरी व्यवस्था, कैश गिनती, सुरक्षा व पास के लिए सख्त दिशानिर्देश

ayodhya ram mandir trust meeting

Ayodhya Ram Mandir security: ​अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर हमेशा ही विश्व में सुर्खियों में रहा है—चाहे वह राम मंदिर आंदोलन हो, भव्य मंदिर का निर्माण हो, या फिर सम्पूर्ण विश्व को साक्षी बनाने वाला राम लला का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव। ​हाल ही में राम लला के चरणों में अर्पित चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, चढ़ावा व गिनती की निगरानी, संपूर्ण सुरक्षा और VIP/VVIP दर्शन पास से जुड़े नियमों को पूरी तरह बदल दिया है और बेहद सख्त दिशानिर्देश लागू किए हैं।

​चढ़ावा और गिनती की 360-डिग्री निगरानी

​पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया को अब हाई-टेक निगरानी के दायरे में लाया गया है। दानपात्र खोलने से लेकर चढ़ावा गिनने तक की हर पल की रिकॉर्डिंग 360-डिग्री कैमरों और पेशेवर वीडियोग्राफरों (SLR और 360 डिग्री कैमरों से लैस) द्वारा की जाएगी। दानपात्र से जुड़ी पुरानी टीम को बदल दिया गया है। निगरानी के लिए 8 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें ​2 बैंक कर्मी (भारतीय स्टेट बैंक), ​2 ट्रस्ट प्रतिनिधि, ​2 SIS सुरक्षा कर्मी, ​2 पेशेवर वीडियोग्राफर शामिल हैं। 

​चरणबद्ध तरीके से खाली होंगे दानपात्र

परिसर में स्थित लगभग 40 दानपात्रों को अब एक साथ खाली करने के बजाय अलग-अलग दिनों में खाली किया जाएगा। सीलबंद बक्सों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों द्वारा विधिवत सील व हैंडल किया जाएगा। कोष प्रबंधन समिति के सदस्य जगदीश आफले ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के बीच किसी भी प्रकार का कोई गतिरोध नहीं है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर में बड़ा बदलाव, ऑनलाइन दान करते ही तुरंत मिलेगी डिजिटल रसीद

​दर्शन पास के लिए नई व्यवस्था

​पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र एवं गोपाल राव की ID बंद होने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रस्ट ने अपने तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की ID को दर्शन पास जारी करने के लिए अधिकृत किया है। ​वर्तमान में अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की देखरेख में श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के प्रबंध किए जा रहे हैं।

​प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव

मंदिर के इतिहास में पहली बार सचिव पद पर जगदीश आफले को नियुक्त किया गया है (जिसकी आधिकारिक घोषणा 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में होगी)। आफले को SBI में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Signatory) भी बनाया गया है। दूसरी ओर, ​मंदिर के आधिकारिक प्रवक्ता के लिए चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ​CEO पद के लिए 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी स्क्रीनिंग और लिस्टिंग सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली कमेटी कर रही है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में 5 बड़े फैसले, संतों को बड़ी जिम्मेदारी

​त्रि-स्तरीय (Three-Layer) अत्याधुनिक सुरक्षा चक्र

​श्रीराम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। CRPF (केंद्रीय सुरक्षा बल), PAC (प्रांतीय सशस्त्र बल) और SSF (विशेष सुरक्षा बल) के सैकड़ों जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही AI-आधारित अत्याधुनिक CCTV कैमरे और स्मार्ट निगरानी प्रणाली लागू की गई है। परिसर की सुरक्षा के लिए 4 किलोमीटर लंबी परिधि दीवार (Boundary Wall) और उच्च क्षमता वाले वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।

संसद में आर-पार, सपा सांसदों का दानपेटी प्रदर्शन, प्रियंका बोलीं मैंने कुछ गलत नहीं कहा

Parliament

लोकसभा में बुधवार सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की, जिसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। राज्यसभा में 20 मिनट कार्यवाही चली। 12 बजे से सदन दोबारा शुरू होगा। संसद के बाहर समाजवादी पार्टी के सांसदों ने दानपेटी लेकर प्रदर्शन किया और राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर भाजपा पर हमला बोला।

प्रदर्शन में शामिल सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा- जो सरकार दानपेटी की रक्षा नहीं कर सकी, वह युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित नहीं रख सकती। वहीं संसद परिसर में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर दिए अपने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा- मैंने सिर्फ सच कहा है और अगर सच बोलने की सजा मिलेगी तो सच बोलूंगी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- राहुल गांधी सदन में अपमानजनक और गाली-गलौज वाली भाषा इस्तेमाल करते हैं। यह लोकतंत्र और देश, दोनों के लिए ठीक नहीं है।


राज्यसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस बीच एनएसए अजीत डोभाल संसद भवन पहुंचे हैं

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'परीक्षा पर चर्चा हो रही है और प्रधानमंत्री या गृह मंत्री सदन में नहीं हैं। ये किस प्रकार की चर्चा है जिसमें प्रधानमंत्री गायब हैं और गृह मंत्री अनुपस्थित हैं? इसलिए विरोधी दलों ने प्रश्नकाल में ये मांग उठाई। केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री शिक्षा को लेकर जवाब नहीं देना चाहते, जो अन्याय हुआ, उसके खिलाफ आज विरोध दलों ने प्रश्नकाल में आवाज उठाई'

कांग्रेस बोली, ये कैसी चर्चा है : कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, “परीक्षा पर चर्चा हो रही है और प्रधानमंत्री या गृह मंत्री सदन में नहीं हैं। ये किस प्रकार की चर्चा है, जिसमें प्रधानमंत्री गायब हैं और गृह मंत्री अनुपस्थित हैं? इसलिए विरोधी दलों ने प्रश्नकाल में ये मांग उठाई। हमारी मूल मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री जवाब दें, लेकिन वे तो उपस्थित ही नहीं हैं तो जवाब कहां से देंगे? मुझे लगता है कि केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री शिक्षा को लेकर जवाब नहीं देना चाहते। जो अन्याय हुआ, उसके खिलाफ आज विरोध दलों ने प्रश्नकाल में आवाज उठाई।

राज्यसभा 12 बजे तक के लिए स्थगित : राज्यसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस बीच एनएसए अजीत डोभाल संसद भवन पहुंचे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्य सभा में आइशी घोष की गिरफ्तारी के मामले पर कहा कि शर्मनाक है। जो लोग गए थे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

Ayodhya Ram Temple: धार्मिक मामलों की देखरेख के लिए 9 सदस्यीय समिति गठित, प्रवक्ता की भी होगी नियुक्ति

Ayodhya Ram Temple: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के धार्मिक कामकाज की देखरेख के लिए संतों और ट्रस्ट के प्रतिनिधियों वाली नौ सदस्यों सदस्यीय समिति का गठन किया है। News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला बुधवार को ट्रस्ट की दो घंटे चली बैठक में लिया गया, जो मंदिर के धार्मिक और प्रशासनिक ढांचे को बड़े पैमाने पर फिर से व्यवस्थित करेंगे।

नई बनी कमेटी के प्रमुख ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि होंगे। इसके अलावा, इसमें अयोध्या के पांच प्रमुख संत शामिल हैं: मणिराम दास छावनी के महंत कमल नयन दास, राम कथा कुंज के स्वामी रामानंद दास, रामवल्लभ कुंज के स्वामी राजकुमार दास, हनुमत निवास मंदिर के स्वामी मिथिलेश नंदिनी शरण और निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास। बाकी चार सदस्य ट्रस्ट से जुड़े प्रतिनिधि होंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, यह 9 सदस्यीय समिति मंदिर में धार्मिक मामलों की देखरेख करेगी, जिसमें अनुष्ठान, त्योहार, पूजा व्यवस्था और अयोध्या के संतों के साथ समन्वय शामिल है।

बैठक में एक और अहम फैसला लेते हुए ट्रस्ट ने मीडिया और जनता के साथ औपचारिक संचार चैनल स्थापित करने के लिए एक आधिकारिक प्रवक्ता की नियुक्ति को मंजूरी दी है। बता दें कि यह कदम राम मंदिर प्रबंधन पर बढ़ते सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के बीच उठाया गया है।

हालांकि, ट्रस्ट ने कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों को स्थगित कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तीन रिक्त न्यासी पदों को भरने पर सहमति नहीं बन पाई, जबकि स्थायी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति एक महीने के लिए टाल दी गई।

CEO पद के लिए मिले हजारों आवेदन

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रस्ट को CEO के पद के लिए हजारों आवेदन मिले हैं, जिनमें रिटायर्ड सरकारी अधिकारी और सीनियर प्रोफेशनल भी शामिल हैं। ऐसे में ट्रस्ट अंतिम फैसला लेने से पहले सिलेक्शन प्रोसेस जारी रहेगा।

फिलहाल, अंतरिम महासचिव (Interim General Secretary) के तौर पर काम कर रहे कृष्ण मोहन अपने पद पर बने रहेंगे।

यह बदलाव ऐसे समय में किया जा रहा है, जब राम मंदिर निर्माण के चरण से निकलकर पूरी तरह से संचालन (ऑपरेशन) के दौर में प्रवेश कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रस्ट मंदिर में आने वाले बढ़ते श्रद्धालुओं और तेजी से बढ़ते मंदिर परिसर को बेहतर तरीके से संभालने के लिए अपनी धार्मिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की तैयारी कर रहा है।

नई कमिटी से धार्मिक नेताओं की भूमिका होगी तय

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संतों की नई बनी कमिटी से मंदिर के कामकाज में अयोध्या के धार्मिक नेताओं की भूमिका तय होने की उम्मीद है, जबकि प्रस्तावित CEO से संस्थान के मैनेजमेंट में ज्यादा प्रोफेशनल देखरेख आने की उम्मीद है।

ये बदलाव ऐसे समय में हो रहे हैं, जब राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोप लगे हैं और फंड व रिकॉर्ड के प्रबंधन में ज्यादा पारदर्शिता की मांग उठ रही है।

बता दें कि ट्रस्ट की अगली बैठक 2 सितंबर को होनी है, जिसमें CEO और ट्रस्टी के तीन खाली पदों समेत रुकी हुई नियुक्तियों पर समीक्षा होने की उम्मीद है।

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अयोध्या में कार से 3.5 क्विंटल चांदी और भारी मात्रा में सोना जब्त!

Ayodhya GST raid: ​उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जीएसटी (GST) विभाग को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर चेकिंग के दौरान एक कार से भारी मात्रा में सोना और चांदी बरामद किया गया है। कार में सवार लोग इस करोड़ों के माल से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज़ (कागजात) पेश नहीं कर पाए, जिसके बाद विभाग ने पूरे माल को जब्त कर लिया है।

​रौनाही टोल प्लाजा पर बिछाया जाल

​मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई गुरुवार दोपहर को अंजाम दी गई। दरअसल, जीएसटी विभाग को मुखबिर से खबर मिली थी कि अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते कार से भारी मात्रा में चांदी ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही जीएसटी की टीम एक्टिव हुई और स्थानीय पुलिस को साथ लेकर रौनाही टोल प्लाजा पर नाकाबंदी कर दी।

 

संदिग्ध कार को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई, तो अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं। कार के अंदर करीब साढ़े तीन क्विंटल (350 किलो) चांदी, चांदी के आभूषण और सोने के जेवर भरे हुए थे। ​जीएसटी विभाग के आला अधिकारियों के मुताबिक, कार में मौजूद लोगों से जब इस सोने-चांदी के बिल या वैध कागजात मांगे गए, तो वे कुछ भी दिखाने में नाकाम रहे।

​जीएसटी अधिकारी के मुताबिक फिलहाल पूरे माल को सीज कर दिया गया है। संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर तय समय में वैध दस्तावेज पेश करने को कहा गया है। अगर वे समय पर सही कागज नहीं दिखा पाते हैं, तो नियमानुसार भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ​इस भारी खजाने को सुरक्षित रूप से सरकारी कोषागार (Treasury) में रखने की तैयारी की जा रही है।

​अयोध्या में गरमाया माहौल

​भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही अयोध्या लगातार पूरे देश में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। हाल ही में हुए कुछ विवादों के बीच, इतनी बड़ी मात्रा में बिना इनवॉइस (बिल) के सोना-चांदी पकड़े जाने से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जीएसटी विभाग इस बात की गहनता से जांच कर रहा है कि यह माल कहां से लाया जा रहा था और इसे कहां खपाने की तैयारी थी।

रामलला के दरबार में महाप्रायश्चित, चढ़ावा चोरी के पाप से मुक्ति के लिए 10 दिवसीय क्षमा-याचना अनुष्ठान

ayodhya ram mandir trust meeting

Ram Mandir Ayodhya Atonement Ritual: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामधन (दान और चढ़ावा) गबन का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस महापाप का पूर्ण रूप से खुलासा होना अभी बाकी है। चोरी कितनी बड़ी है, क्या-क्या गायब हुआ है और इस घिनौने कृत्य में कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं इन तमाम कड़ियों को जोड़ने में जांच एजेंसियां जुटी हुई हैं। इसी बीच, इस कृत्य से आहत राममंदिर ट्रस्ट ने प्रभु श्रीराम से क्षमा मांगने और मंदिर परिसर की पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक 10 दिवसीय महाअनुष्ठान की शुरुआत की है।

​70 वैदिक आचार्यों ने संभाला जिम्मा

​रामलला के दरबार में शुरू हुए इस 10 दिवसीय अनुष्ठान को अत्यंत गुप्त और पवित्र तरीके से संपन्न कराया जा रहा है। इसके लिए देश के 70 शीर्ष वैदिक आचार्यों को आमंत्रित किया गया है। ये आचार्य राम मंदिर के मुख्य गर्भगृह से लेकर परकोटे (परिसर की बाहरी सीमा) तक विभिन्न स्थानों पर बैठकर विशेष मंत्रोच्चार, जप और आहुतियां दे रहे हैं। एक वैदिक आचार्य के मुताबिक प्रभु के धन पर डाका डालने वालों को कानून सजा देगा, लेकिन मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए यह प्रायश्चित पूजन अनिवार्य था।

​बड़े खुलासे की उम्मीद

​एक तरफ जहां मंदिर परिसर में मंत्रों के उच्चारण से माहौल को शुद्ध किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक और जांच स्तर पर भी कार्रवाई तेज है। सूत्रों के मुताबिक, यह गबन एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, राम भक्तों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर रामलला के खजाने पर नजर डालने वाले वो 'अपराधी' कौन हैं।