RBI ने बैंकों को बल्क डिपॉजिट्स पर डिफरेंशियल इंटरेस्ट रेट ऑफर करने की इजाजत दी, जानिए क्या है इसका मतलब

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को बल्क डिपॉजिट पर अलग-अलग इंटरेस्ट रेट ऑफर करने की इजाजत दे दी है। यह लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (एलसीआर) फ्रेमवर्क के तहत बैंक के स्पेशिफिक रन-ऑफ रेट्स पर आधारित होगा।

RBI ने इस बारे में 30 जुलाई को एक नोटिफिकेशन इश्यू किया है। इसमें कहा गया है कि यह नियम घरेलू डिपॉजिट यानी रुपये में होने वाले डिपॉजिट के साथ ही NRI डिपॉजिट पर लागू होगा। हालांकि, बल्क डिपॉजिट्स से दूसरे नियम पहले की तरह होंगे।

केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा है कि बैंक को अपनी सभी शाखाओं में एक समान इंटरेस्ट रेट्स ऑफर करने होंगे। बैक को ग्राहकों के साथ किसी तरह का भेदभाव करने की इजाजत नहीं होगी। आरबीआई के नियम के मुताबिक, हर बैंक को रोजाना सुबह 10 बजे तक बल्क डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट ब्रांच में डिस्प्ले करने होंगे।

एचडीएफसी बैंक के हाल में एक ग्राहक को बल्क डिपॉजिट पर ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर करने से विवाद खड़ा हो गया था। देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने महाराष्ट्र स्टेट रोड एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) को ‘मार्केटिंग स्पेंड्स’ के तहत कथित रूप से 45 करोड़ रुपये का पेमेंट किया था। उसने बल्क डिपॉजिट हासिल करने के लिए ऐसा किया था।

HDFC Bank ने MSRDC को बल्क डिपॉजिट पर 6.01 इंटरेस्ट रेट ऑफर किया था। यह रेगुलर सेविंग्स डिपॉजिट पर मिलने वाले 3.5 फीसदी इंटरेस्ट रेट से काफी ज्यादा था। मामले की जांच के बाद एचडीएफसी बैंक ने अपने कुछ टॉप अधिकारियों को वार्निंग लेटर इश्यू किए। उन पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

आरबीआई के नियम में बदलाव करने के बाद बैंकों के लिए बल्क डिपॉजिट पर ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर करने का रास्ता खुल गया है। इससे बैंकों को डिपॉजिट अट्रैक्ट करने में आसानी होगी। आरबीआई के नियम के मुताबिक, अलग-अलग कैटेगरी के बैंकों के लिए बल्क डिपॉजिट की परिभाषा अलग है।

शिड्यूल्ड कमर्शियल बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक के लिए 3 करोड़ और इससे ज्यादा के डिपॉजिट बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में आते हैं। रीजनल रूरल बैंक और को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए 1 करोड़ और इससे ज्यादा अमाउंट के डिपॉजिट बल्क श्रेणी में आते हैं।

बैंक में जमा किए गए रुपये को लेकर RBI ने दिया बड़ा फैसला, 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगा ये नया नियम

RBI New Rules on Bank Deposit Rates: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के सभी कमर्शियल बैंकों के लिए जमा पर मिलने वाले ब्याज से जुड़ा एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। रिजर्व बैंक ने बैंकों से साफ कह दिया है कि वे अपनी सभी शाखाओं में एक ही दिन जमा की जाने वाली समान राशि पर ग्राहकों को एक जैसी ही ब्याज दरें प्रदान करें। किसी भी ब्रांच में ब्याज दरों को लेकर भेदभाव या अंतर करने की इजाजत नहीं होगी।

आरबीआई का यह नया आदेश ‘भारतीय रिजर्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक- जमाओं पर ब्याज दर) दूसरा संशोधन निर्देश, 2026’ के तहत जारी किया गया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा।

एक दिन, एक रकम तो ब्याज भी होगा बिल्कुल एकसमान

केंद्रीय बैंक के संशोधित दिशानिर्देशों के मुताबिक, बैंकों को अपने जमा पर वही ब्याज देना होगा जो उनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर पहले से तय और घोषित है। अगर कोई ग्राहक देश की किसी भी शहर या ब्रांच में एक ही दिन समान रकम जमा करता है, तो बैंक उसे अलग-अलग ब्याज दर नहीं दे सकते।

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि एक ही दिन स्वीकार किए गए समान अमाउंट के डिपॉजिट पर अलग-अलग दरें देना पूरी तरह से अस्वीकार्य और नियमों के खिलाफ होगा।

रोज सुबह 10:10 बजे तक अपडेट करनी होंगी थोक जमा दरें

पारदर्शिता को और बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक ने बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरों को सार्वजनिक करने का समय भी तय कर दिया है:

समय सीमा: सभी बैंकों को हर कारोबारी दिन सुबह 10:00 बजे तक अपनी वेबसाइट पर थोक जमा की नई ब्याज दरें पब्लिश करनी होंगी।

10 मिनट की छूट: आरबीआई ने इसमें अधिकतम 10 मिनट की रियायत दी है, यानी बैंकों को हर हाल में सुबह 10:10 बजे तक अपनी ब्याज दरें वेबसाइट पर अपडेट कर देनी होंगी।

LCR फ्रेमवर्क के तहत सीमित छूट की शर्त

आरबीआई ने बैंकों को लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) ढांचे के तहत थोक जमा पर ब्याज दरों में मामूली या सीमित अंतर रखने की छूट दी है। लेकिन यह छूट तभी मान्य होगी जब इसका आधार कोई ठोस और वैध वित्तीय मानक होगा, न कि बैंक की मनमर्जी।

1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे नए नियम

आरबीआई के अनुसार, यह नया ड्राफ्ट जून में जारी किए गए ड्राफ्ट गाइडलाइंस पर बैंकिंग स्टेकहोल्डर्स और आम जनता से मिली प्रतिक्रियाओं का गहराई से अध्ययन करने के बाद तैयार किया गया है। 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले इस नियम से बैंक ग्राहकों को अपनी जमा राशि पर पारदर्शी और सही रिटर्न मिलेगा।

Plastic Currency: ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोटों को केंद्र सरकार से मिली मंजूरी, जल्द मार्केट में होगी एंट्री

₹10 and ₹20 Polymer Banknotes Trial: केंद्र सरकार ने 27 जुलाई 2026 को संसद में जानकारी दी कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। वित्त मंत्रालय ने संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बताया कि आरबीआई का उद्देश्य कागज के नोटों के मुकाबले ज्यादा टिकाऊ पॉलीमर नोटों की उपयोगिता और जीवनकाल को परखना है।

100-100 करोड़ पीस पॉलीमर नोटों का होगा परीक्षण

वित्त मंत्रालय के अनुसार, आरबीआई ने अपने केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश के बाद ₹10 और ₹20 के 1-1 अरब पीस पॉलीमर नोट जारी कर ट्रायल करने का प्रस्ताव रखा था।अगर यह फील्ड ट्रायल सफल रहता है, तो इसके बाद इन दोनों मूल्यवर्गों में पॉलीमर बैंक नोटों का नियमित रूप से जारी किया जाना शुरू कर दिया जाएगा। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि पॉलीमर नोटों की शुरुआत अभी शुरुआती चरण में है।

क्यों पड़े पॉलीमर नोटों की जरूरत?

कागज के नोटों की तुलना में पॉलीमर नोटों के कई फायदे होते हैं। अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार, पॉलीमर यानी प्लास्टिक से बने नोट कागज वाले नोटों की तुलना में काफी लंबे समय तक चलते हैं। ये नोट पानी से खराब नहीं होते, आसानी से फटते नहीं हैं और पसीने या गंदगी से जल्दी मैले नहीं होते। ₹10 और ₹20 जैसे छोटे नोटों का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है, इसलिए कागज के नोट जल्दी खराब हो जाते हैं।

क्या बंद हो जाएंगे पुराने कागज वाले नोट?

सरकार ने इस बात पर पूरी स्थिति साफ कर दी है। आरबीआई इन नए पॉलीमर नोटों को मौजूदा कागज के नोटों के साथ ही सर्कुलेशन में लाएगा। कागज की करेंसी को पूरी तरह बंद करने या उसे पॉलीमर नोटों से बदलने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।

डिजिटल पेमेंट पर क्या पड़ेगा असर?

यह पूछे जाने पर कि क्या प्लास्टिक नोट आने से यूपीआई और डिजिटल भुगतानों पर असर पड़ेगा, वित्त मंत्रालय ने कहा, इसका कोई प्रभाव पड़ेगा या नहीं, इसका सही आकलन पॉलीमर नोटों के नियमित रूप से जारी होने के बाद ही किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि कागजी/पॉलीमर बैंक नोट और डिजिटल पेमेंट सिस्टम एक-दूसरे के पूरक हैं और जनता की सुविधा के लिए दोनों विकल्प मौजूद रहेंगे।

Bank Holiday Tomorrow: कल 22 जुलाई को इस राज्य में बंद रहेंगे बैंक! चेक करें अपने शहर का स्टेटस

Bank Holiday List 22 July 2026: अगर आप बुधवार यानी 22 जुलाई को अपने किसी जरूरी वित्तीय काम के लिए बैंक शाखा जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। घर से निकलने से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी की गई बैंक छुट्टियों की सूची जरूर चेक कर लें, ताकि आपको किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

आरबीआई की आधिकारिक हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, 22 जुलाई को देश के एक खास शहर में बैंकों का अवकाश रहेगा। आइए जानते हैं कि कल कहां-कहां बैंक बंद रहेंगे और किन सेवाओं का आप बिना रुकावट लाभ उठा सकेंगे।

 22 जुलाई को कहां बंद रहेंगे बैंक?

कल यानी 22 जुलाई को अगरतला (त्रिपुरा) में सभी सरकारी और निजी बैंक बंद रहेंगे।

छुट्टी का कारण: अगरतला में यह अवकाश प्रसिद्ध ‘खर्ची पूजा’ (Kharchi Puja) के अवसर पर दिया गया है।

बाकी देश का हाल: अगरतला को छोड़कर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और लखनऊ समेत देश के अन्य सभी राज्यों और शहरों में बैंक शाखाएं सामान्य दिनों की तरह खुली रहेंगी।

क्या है खर्ची पूजा?

‘खर्ची पूजा’ त्रिपुरा का एक ऐतिहासिक और बेहद पवित्र हिंदू त्योहार है। यह वार्षिक उत्सव पुराने अगरतला स्थित ‘चतुर्दशा देवता मंदिर’ में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है, जो लगातार सात दिनों तक चलता है।

22 जुलाई के बाद अगली बैंक छुट्टी कब है?

22 जुलाई के बाद इस हफ्ते देश भर में 25 जुलाई (शनिवार) को बैंक बंद रहेंगे। 25 जुलाई को महीने का चौथा शनिवार है। आरबीआई के नियमों के अनुसार, महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को पूरे देश में बैंक बंद रहते हैं।

बैंक बंद रहने पर चालू रहेंगी ये सेवाएं

बैंक शाखाओं के बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। डिजिटल युग में आप घर बैठे अपने वित्तीय काम निपटा सकते हैं। यूपीआई सेवाएं, नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग चालू रहेंगी। एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीनें कैश निकालने या जमा करने के लिए चालू रहेगी।

इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन रह सकता है दमदार

भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में शानदार रह सकता है। स्ट्रॉन्ग ग्रोथ, लगातार अच्छा कैपिटल एक्सपेंडिचर और क्रेडिट एक्सपैंशन इसकी वजह होगी। हालांकि, इनफ्लेशन बढ़ने से इंटरेस्ट रेट में इजाफा हो सकता है। एललामा की रिपोर्ट में यह कहा गया है।

चुनौतियों की बीच इकोनॉमिक ग्रोथ 7.8 फीसदी

इस रिपोर्ट में इनफ्लेशन बढ़ने की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने ऑयल की दोगुनी कीमतों को बर्दाश्त किया है। महंगे ऑयल के बावजूद 7.8 फीसदी ग्रोथ बनाए रखी है। भारतीय इकोनॉमी ज्यादातर दूसरी बड़ी इकोनॉमीज के मुकाबले मजबूत है। 7.8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ के साथ ही मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 59.3 है।

निफ्टी की वैल्यूएशन 10 साल के एवरेज के मुकाबले कम

इनफ्लेशन को चिंता की वजह बताते हुए इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इनफ्लेशन बढ़ने के 9-15 महीनों के दौरान मार्केट में तेजी दिखी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि निफ्टी अपने 10 साल के एवरेज 18.6 के पी/ई के मुकाबले 17.7 पी/ई पर आ गया है। इस हिसाब से महंगे बाजारों के मुकाबले भारतीय बाजार सस्ता है।

घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मिला सहारा

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस साल भारतीय शेयर बाजारों में अब तक 29 अरब डॉलर की बिकवाली की है। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 45.5 अरब डॉलर का निवेश किया है। इस रिपोर्ट में एनर्जी, मेटल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, डिफेंस, फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोबाइल्स के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई है।

बाजार के लिए ये हैं कुछ बड़े रिस्क

रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल की कीमतों में तेज उछाल, आरबीआई के उम्मीद से पहले इंटरेस्ट रेट में वृद्धि और जल्द डिसइनफ्लेशन जैसे रिस्क बने हुए हैं। ऐसे में रियल एस्टेट और साइक्लिकल्स में ओवरवेट बने रहना ठीक होगा। जुलाई में विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख भारत को लेकर बदला है। उन्होंने भारत में बिकवाली से ज्यादा खरीदारी की है।

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17 जुलाई को प्रमुख सूचकाकों में जोरदार तेजी

अमेरिका-ईरान के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने और क्रूड में उछाल के बावजूद भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट नहीं दिखी है। 17 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी दिखी। निफ्टी 1.09 फीसदी यानी 261.55 फीसदी चढ़कर 24,334 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.25 फीसदी यानी 964 अंक के उछाल के साथ 78,151 पर क्लोज हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Axis Bank ने राजीव मंत्री को नया सीएफओ नियुक्त किया, 28 सितंबर को संभालेंगे नई जिम्मेदारी

एक्सिस बैंक ने राजीव मंत्री को नया चीफ फाइनेंशियल अफसर (सीएफओ) नियुक्त किया है। बैंक ने 18 जुलाई को रेगुलेटरी फाइलिंग में यह बताया। मंत्री 28 सितंबर को नई जिम्मेदारी संभालेंगे। पिछले महीने पुनीत शर्मा ने बैंक के सीएफओ पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपनी प्रोफेशनल जर्नी का नया चरण शुरू करने के लिए इस्तीफा दिया है।

मंत्री अभी बंधन बैंक में सीएफओ हैं

मंत्री अभी Bandhan Bank में एक्जिक्यूटिव प्रेसिडेंट एवं सीएफओ हैं। उन्होंने करियर में नए मौके के इस्तेमाल में दिलचस्पी बताते हुए जून में इस्तीफा दे दिया था। बंधन बैंक में नोटिस पीरियड की पॉलिसी के मुताबिक, बैंक में उनका अंतिम वर्किंग डे 25 सितंबर होगा। तीन दिन बाद वह एक्सिस बैंक में नई जिम्मेदारी संभाल लेंगे।

नियुक्ति के प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी

एक्सिस बैंक के बोर्ड ने 18 जुलाई को बोर्ड की हुई बैठक में मंत्री की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। बैंक ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया है कि नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी और ऑडिट कमेटी की सिफारिश पर बोर्ड ने नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी। एक्सिस बैंक देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में शामिल है।

फाइनेंस में तीन दशकों का अनुभव

मंत्री को फाइनेंस के फील्ड में करीब तीन दशकों का अनुभव है। 49 साल के मंत्री बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री (BFSI) में कई सीनियर पदों पर रह चुके हैं। बंधन बैंक में आने से पहले वह सिटीबैंक,स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और Mashreq में थे। वह भारत के अलावा सिंगापुर और यूएई में रह चुके हैं।

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मंत्री ने विदेश से एमबीए की पढ़ाई की है

एक्सिस बैंक के नए सीएफओ एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने INSEAD से ग्लोबल एग्जिक्यूटिव एमबीए की डिग्री ली है। उन्हें फाइनेंस, स्ट्रेटेजी, रेगुलेटरी एंगेजमेंट, कैपिटल मैनेजमेंट, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन का अनुभव है। एक्सिस बैंक ने कहा है कि मंत्री आरबीआई की तरफ से तय योग्यता की शर्तें पूरी करते हैं।

HDFC Bank ने अब तक नहीं किया है सीईओ पद पर शशिधर जगदीशन की पुनर्नियुक्ति का ऐलान

एचडीएफसी बैंक ने अब तक मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ पद पर शशिधर जगदीशन की पुनर्नियुक्ति का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, 18 जुलाई को बोर्ड की मीटिंग में जून तमाही के बैंक के नतीजों को मंजूरी मिल गई। लेकिन, एमडी एवं सीईओ पद पर जगदीशन की तीसरी बार नियुक्ति का ऐलान नहीं हुआ।

जगदीशन का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा

HDFC Bank ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है, “शनिवार, 18 जुलाई, 2026 को बोर्ड की मीटिंग 11 बजे शुरू हुई। बोर्ड ने 2 बजे रिजल्ट्स एप्रूव कर दिया। उसके बाद दूसरे मसलों पर विचार के लिए बोर्ड की मीटिंग जारी रही।” शशिधर जगदीशन का कार्यकाल इस साल सितंबर में खत्म हो रहा है।

आरबीआई की मंजूरी से पहले जरूरी है नियुक्ति

मनीकंट्रोल ने पहले खबर दी थी कि बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन और रिम्यूनरेशन कमेटी (GNRC) के बगैर किसी खास विरोध के जगदीशन की तीसरी बार नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे देने की उम्मीद है। आरबीआई के नियमों के तहत, बैंक का आरबीआई की मंजूरी से पहले नियुक्ति के प्रस्ताव को एप्रूव करना जरूरी है।

बैंक ने कुछ हफ्ते पहले चेयरमैन पद की राजीव कुमार की नियुक्ति

सूत्रों के मुताबिक, GNRC के जगदीशन को फिर तीन साल के लिए नियुक्त करने की सिफारिश कर देने की उम्मीद है। कुछ हफ्ते पहले एचडीएफसी बैंक ने राजीव कुमार को पार्ट-टाइम नॉन-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया था। वह अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री की जगह लेंगे।

बैंक में गवर्नेंस के मसले को लेकर उठे थे सवाल

पिछले कुछ महीनों में एचडीएफसी बैंक में गवर्नेंस के मसलों को लेकर सवाल उठे हैं। बैंक के पूर्व पार्ट-टाइम चैयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद यह मसला सुर्खियों में आया था। हालांकि, हाल में एक लीगल रिव्यू में बैंक में गवर्नेंस को लेकर किसी तरह की समस्या नहीं पायी गई।

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एचडीएफसी  बैंक ने 18 जुलाई को किया नतीजों का ऐलान

एचडीएफसी बैंक ने 18 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान बैंक का स्टैंडएलोन नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 5 फीसदी बढ़कर 19,060 करोड़ रुपये रहा। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.26 फीसदी रहा। एचडीएफसी बैंक के शेयर पर तिमाही नतीजों का असर 20 जुलाई को दिखेगा। 17 जुलाई को बैंक का शेयर 1.55 फीसदी चढ़कर 820.80 रुपये पर बंद हुआ।

कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ अशोक वासवानी ने बताई एग्जिट की वजह, जानिए क्या कहा

कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ अशोक वासवानी ने अपने एग्जिट की वजह बताई है। उन्होंने बताया कि क्यों तीन साल से ज्यादा समय तक बैंक की कमान संभालने के बाद उन्होंने एग्जिट का फैसला लिया। सीएनबीसी-टीवी18 की ऋतु सिंह के साथ बातचीत में उन्होंने कई अहम बातें बताईं।

एग्जिट का इसके अच्छा वक्त नहीं हो सकता था

वासवानी ने कहा, “व्यक्तिगत स्तर पर अपनी पारी पर विराम लगाने का इससे अच्छा वक्त नहीं हो सकता था। बीते साढ़े तीन साल काफी मुश्किल रहे।” उनका इशारा टेक्नोलॉजी इंबार्गो से था, जिससे बैंक को गुजरना पड़ा। पूरी मैनेजमेंट टीम नए सिरे से बनानी पड़ी। बैंक के पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड और माइक्रो-फाइनेंस बुक्स को ठीक करने पड़ा।

कोटक बैंक अब आगे के सफर के लिए पूरी तरह तैयार

उन्होंने बताया कि लायबिलिटी के मामले में बैंक पर काफी दबाव था। अब पूरे ग्रुप में एक समान स्ट्रेटेजी है। यह अपनी पारी को विराम देने का सही वक्त था, क्योंकि बैंक अब आगे के सफर के लिए पूरी तरह से तैयार है। कोटक महिंद्रा बैंक देश के बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक है। यह अपनी सब्सिडियरी कंपनियों के जरिए एएमसी, इंश्योरेंस, सिक्योरिटीज सहित कई सेगमेंट में मौजूदा है।

व्यक्तिगत कारणों से किया पद छोड़ने का फैसला

अपने बारे में व्यक्तिगत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “मैं नाना बन गया। मेरी बेटी सैन फ्रांसिस्को में है। मेरी बेटी अपने पास मुझे बुला रही थी, इससे यह और भी जरूरी हो गया।” उन्होंने कहा कि पद छोड़ने का फैसला उन्होंने अपने व्यक्तिगत कारणों से किया था। उन्होंन बताया कि कोटक महिंद्रा बैंक तय समयसीमा के अंदर उनके उत्तराधिकारी के नाम आरबीआई को सौंप देगा।

फॉरेन डिपॉजिट से बैंक की डिपॉजिट बुक मजबूत होगी

कोटक महिंद्रा बैंक के कारोबारी प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा कि जहां तक अंतरराष्ट्रीय बिजनेस की बात है तो बैंक गिफ्ट सिटी से एफसीएनआरबी बिजनेस करेगा। हालांकि, यह अभी काफी शुरुआती अवस्था में है। फॉरेन डिपॉजिट से बैंक को अपनी डिपॉजिट बुक मजबूत करने और स्टैबिलिटी हासिल करने में मदद मिलेगी।

इस साल करीब 12 फीसदी गिरा है कोटक बैंक का शेयर 

उन्होंने कहा कि बैंक का मार्जिन पिछले लगातार तीन सालों से फ्लैट है। साल दर साल आधार पर क्रेडिट कॉस्ट में काफी कमी आई है। हालांकि, तिमाही दर तिमाही आधार पर यह बढ़ा है। उन्होंने इसकी वजह बढ़ते स्लिपेज को बताया। कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 17 जुलाई को 3.59 फीसदी चढ़कर 390.70 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 11.92 फीसदी गिरा है।

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर! सैलरी, DA और पेंशन में बदलाव का पूरा रोडमैप जारी, देखें पूरी लिस्ट

8th Pay Commission ToR Full List Out: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें पे कमीशन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (ToR) से यह साफ हो गया है कि नए वेतन आयोग के दायरे में क्या-क्या चीजें शामिल होंगी और कर्मचारियों की सैलरी, डीए (DA), पेंशन तथा अन्य भत्तों में किस तरह के बदलाव होने जा रहे हैं।

इस 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा फायदा देश के 1 करोड़ से अधिक लोगों को मिलेगा। इसमें लगभग 50 लाख सक्रिय केंद्रीय कर्मचारी और करीब 65 लाख पेंशनभोगी शामिल हैं। आइए जानते हैं कि 8th CPC की इस पूरी लिस्ट में आपके लिए क्या खास है।

8th Pay Commission का गठन और समय सीमा

8वां वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय होगा। इसमें एक अध्यक्ष, एक पार्ट-टाइम सदस्य और एक सदस्य-सचिव शामिल होंगे। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर आयोग बीच में अंतरिम रिपोर्ट भी सौंप सकता है।

सैलरी, DA और भत्तों में क्या-क्या बदलेगा?

8th CPC के टर्म्स ऑफ रेफरेंस के मुताबिक, आयोग इन प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक बदलावों की जांच करेगा और अपनी सिफारिशें देगा:

पे-मैट्रिक्स और सैलरी स्ट्रक्चर: कर्मचारियों के मूल वेतन और पे-मैट्रिक्स को तर्कसंगत बनाया जाएगा ताकि सरकारी सेवाओं में बेहतरीन टैलेंट को आकर्षित किया जा सके।

भत्ते: इसमें मुख्य रूप से महंगाई भत्ता (DA), पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की समीक्षा और संशोधन शामिल है।

अन्य सुविधाएं और लाभ: कर्मचारियों के सालाना इंक्रीमेंट, प्रमोशन पॉलिसी और समकालीन कामकाजी जरूरतों के आधार पर मिलने वाली अन्य नकद या गैर-नकद सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी।

भत्तों का युक्तिकरण: वर्तमान में मिल रहे तमाम तरह के छोटे-बड़े भत्तों की संख्या की समीक्षा होगी ताकि उनकी जटिलता को कम किया जा सके।

परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव और बोनस पर नया फोकस

नए वेतन आयोग में काम के कल्चर को अधिक कुशल और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया गया है:

कार्य संस्कृति में सुधार: एक ऐसा इमोल्यूमेंट स्ट्रक्चर तैयार करना जिससे सरकारी कामकाज में दक्षता, जवाबदेही और जिम्मेदारी को बढ़ावा मिले।

उत्पादकता आधारित बोनस: मौजूदा बोनस योजनाओं की समीक्षा की जाएगी ताकि इसे परफॉर्मेंस से जोड़ा जा सके।

इंसेंटिव स्कीम: बेहतर और उत्कृष्ट काम करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत करने के लिए वित्तीय और प्रदर्शन-आधारित मापदंडों के साथ एक नई इंसेंटिव योजना की सिफारिश की जाएगी।

पेंशनर्स और NPS/UPS के लिए क्या है खास?

वेतन आयोग पेंशनभोगियों के हितों और उनकी वित्तीय सुरक्षा की भी पूरी समीक्षा करेगा:

NPS और UPS के तहत ग्रेच्युटी: राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली और एकीकृत पेंशन योजना के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के लिए डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी की समीक्षा कर नई सिफारिशें दी जाएंगी।

ओल्ड पेंशन धारक: जो कर्मचारी NPS या UPS के दायरे में नहीं हैं, उनकी ग्रेच्युटी और मासिक पेंशन की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, बिना अंशदान वाली गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की बिना फंड वाली लागत का भी आकलन किया जाएगा।

सिफारिशें तय करते समय किन बातों का रखा जाएगा ध्यान?

8th Pay Commission केवल एकतरफा सिफारिशें नहीं देगा, बल्कि उसे देश की आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखना होगा:

देश की आर्थिक स्थिति और राजकोषीय विवेक: सरकार के खजाने पर बहुत ज्यादा वित्तीय बोझ न पड़े, इसका ध्यान रखा जाएगा।

कल्याणकारी योजनाएं: यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वेतन बढ़ाने के बाद भी देश के विकास कार्यों और जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट बचा रहे।

राज्यों पर असर: केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को आमतौर पर राज्य सरकारें भी कुछ संशोधनों के साथ लागू करती हैं। इसलिए राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।

प्राइवेट सेक्टर से तुलना: पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (CPSUs) और प्राइवेट सेक्टर में कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी, वर्किंग कंडीशन और बेनिफिट्स की तुलना भी की जाएगी।

कौन-से कर्मचारी होंगे इसके पात्र?

8th CPC की सिफारिशें केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, एजेंसियों और निम्नलिखित श्रेणियों के कर्मचारियों पर लागू होंगी:

  • केंद्रीय कर्मचारी (इंडस्ट्रियल और नॉन-इंडस्ट्रियल दोनों)
  • अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी
  • सशस्त्र रक्षा बल के कर्मी
  • केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी
  • भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी
  • संसद के अधिनियमों के तहत स्थापित नियामक निकायों के सदस्य (आरबीआई को छोड़कर)
  • सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी और कर्मचारी
  • केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा वहन किए जाने वाले खर्च वाले हाईकोर्ट के कर्मचारी
  • केंद्र शासित प्रदेशों की अधीनस्थ अदालतों के न्यायिक अधिकारी

Bank Holiday Alert: क्या 17 जुलाई को देश भर में बंद रहेंगे बैंक? घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI की हॉलिडे लिस्ट

Bank Holiday Today on 17 July 2026: अगर आप कल यानी 17 जुलाई को बैंक ब्रांच जाकर पैसे जमा करने, चेक क्लियर कराने या लोन से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, 17 जुलाई को देश के एक खास राज्य में बैंकों की छुट्टी घोषित की गई है।

ऐसे में ग्राहकों को किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए यह जान लेना जरूरी है कि उनके शहर या राज्य में बैंक खुले हैं या बंद। आइए जानते हैं कि कल कहां बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से काम होगा।

17 जुलाई को किस राज्य में बंद रहेंगे बैंक और क्यों?

आरबीआई (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आज 17 जुलाई को मेघालय राज्य में बैंकों के लिए अवकाश घोषित किया गया है.

छुट्टी का कारण: मेघालय में स्वतंत्रता सेनानी ‘यू तिरोत सिंग’ की पुण्यतिथि मनाई जाती है।

कौन-से बैंक रहेंगे बंद: मेघालय में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), एचडीएफसी (HDFC), आईसीआईसीआई (ICICI) और एक्सिस बैंक सहित सभी सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की शाखाएं आज बंद रहेंगी।

कौन थे यू तिरोत सिंग?

यू तिरोत सिंग 19वीं सदी की शुरुआत में मेघालय की खासी पहाड़ियों (Khasi Hills) के एक आदिवासी राजा और देश के वीर स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया था।

क्या आपके शहर में खुले हैं बैंक?

अगर आप मेघालय को छोड़ दें, तो देश के अन्य सभी राज्यों और प्रमुख शहरों जैसे- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ आदि में आज बैंक पूरी तरह से खुले हैं और वहां सामान्य दिनों की तरह कामकाज हो रहा है। इसलिए बाकी राज्यों के ग्राहकों को परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

आज यानी 16 जुलाई, गुरुवार को ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर जैसे राज्यों में रथ यात्रा और हरेला त्योहार के चलते बैंकों में छुट्टी थी, लेकिन आज वहां भी बैंक खुल चुके हैं।

ब्रांच बंद होने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही मेघालय में आज बैंक शाखाएं बंद हैं, लेकिन ग्राहकों की सहूलियत के लिए सभी वैकल्पिक और डिजिटल बैंकिंग चैनल 24 घंटे काम कर रहे हैं। इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग ऐप्स के जरिए फंड ट्रांसफर हमेशा की तरह चालू रहेगा। आप UPI और ATM का इस्तेमाल कर सकते हैं। चेक क्लीयरेंस, डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाना, नया खाता खोलना या लॉकर से जुड़े काम जो सिर्फ ब्रांच जाकर होते हैं, वे अगले कार्यदिवस पर ही संभव हो पाएंगे।