विश्वकप ही नहीं गोल्डन बॉल और ग्लब्स समेत कई अवार्ड मिले स्पेन को

Rodri

स्पेन के गोलकीपर रो़ड्री ने फीफा विश्वकप 2026 में सारे मैचों में एक दीवार का काम किया। स्पेन की पूरी टीम ने ग्रुप स्टेज से लेकर फाइनल तक सिर्फ एक गोल ही खाया। यह गोल बेल्जियम के खिलाफ आया। इसका काफी कुछ श्रेय स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन को जाता है।

स्पेन ने रविवार को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर अपना दूसरा पुरुष विश्व कप खिताब जीतकर व्यक्तिगत पुरस्कारों की हैट्रिक अपने नाम की।स्पेन फुटबॉल टीम के कप्तान और मिडफील्डर रोड्रिगो हर्नाडेज कैस्केन्टे (रोड्री) ने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में गोल्डन बॉल का पुरस्कार जीता, उनाई सिमोन ने गोलकीपर के रूप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए गोल्डन ग्लव जीता, और पाउ कुबार्सी ने अपने साथी 19 वर्षीय टीम के साथी लामिन यामल को हराकर सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी का पुरस्कार अपने नाम किया।

स्पेन के गोलकीपर उनाई साइमन ने ना केवल इस विश्वकप बल्कि पिछले विश्वकप में भी कई मैचों तक स्पेन को गोल खाने से रोका था।साइमन ने दो विश्वकपों को मिलाकर प्रतिद्वंदी टीम को 519 मिनट तक गोल करने से रोका है। उन्होंने 36 साल पुराने इटनी के वाल्टर जेंगा के 517 मिनट तक गोल बचाने के रिकॉर्ड को पार किया।

पुरस्कार के बाद रोडी ने कहा, “यह टीम अविश्वसनीय है। हम दो बार विश्व चैंपियन बने हैं। यह एक कठिन उपलब्धि है, जिसे हासिल करना सबसे मुश्किल है। और हमने अर्जेंटीना जैसी टीम के खिलाफ यह खिताब जीता।”उन्होंने कहा, “मुझे गर्व है और मैं चाहता हूं कि आने वाली पीढ़ियां देखें कि यह संभव है। एक खिलाड़ी जो आसमान छूता है और फिर नीचे में गिर जाता है, वह फिर से उठने में भी सक्षम होता है। यह विपरीत परिस्थितियों पर विजय पाने का एक उदाहरण है, और आपको विश्वास रखना होगा। सच कहूं तो, यह अविश्वसनीय है।”

मैनचेस्टर सिटी के इस मिडफील्डर ने टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं किया, लेकिन उनके पास देने और गेंद पर नियंत्रण रखने की क्षमता स्पेन की खेल शैली का अहम हिस्सा है। वे विश्व कप, यूईएफए चैंपियंस लीग और बैलोन डी’ओर जीतने वाले सिर्फ 11वें खिलाड़ी बने।

Market Correction vs SIP: मार्केट क्रैश का इंतजार पड़ सकता है भारी! जानें क्यों एक्सपर्ट्स दे रहे हैं हर महीने SIP की सलाह

Market Crash Timing vs SIP Strategy: हर निवेशक के मन में कभी न कभी यह विचार जरूर आता है कि ‘जब मार्केट गिरेगा, तब पैसा लगाऊंगा’। सुनने में यह रणनीति बहुत समझदारी भरी लगती है कम कीमत पर खरीदो और बंपर मुनाफा कमाओ। लेकिन शेयर बाजार की सबसे बड़ी हकीकत यह है कि बाजार कभी ढिंढोरा पीटकर नहीं गिरता और न ही बढ़ता है।

भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। ऐसे में निवेशकों के बीच एक पुरानी बहस फिर से छिड़ गई है क्या हर महीने SIP के जरिए निवेश करनी चाहिए, या फिर कैश बचाकर रखना चाहिए और बाजार में बड़ी गिरावट आने पर ही एकमुश्त पैसा लगाना चाहिए? आइए इसे समझते हैं।

बीते वक्त को देखना आसान है, बॉटम पकड़ना नामुमकिन

हर कोई चाहता है कि वह बाजार के बिल्कुल निचले स्तर यानी बॉटम पर शेयर या म्यूचुअल फंड खरीदे। लेकिन दिक्कत यह है कि जब बाजार गिर रहा होता है, तब कोई नहीं बता सकता कि बॉटम कहां है। बाजार कभी सीधी लकीर में नहीं चलता। अगर मार्केट 10% गिर चुका है, तो वहां से वह 10% और गिर सकता है या वहीं से रिकवरी शुरू कर सकता है।

‘परफेक्ट एंट्री पॉइंट’ के चक्कर में निवेशक अक्सर इस उम्मीद में बैठे रह जाते हैं कि कीमतें थोड़ी और गिरेंगी। नतीजा यह होता है कि जब तक बाजार में भरोसा लौटता है, तब तक मार्केट बहुत ऊपर निकल चुका होता है और निवेश का सही मौका हाथ से निकल जाता है।

एसआईपी क्यों है सबसे बेस्ट?

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह यह है कि यह बाजार को टाइम करने की टेंशन को पूरी तरह खत्म कर देता है। बाजार का सेंटिमेंट कैसा भी हो चाहे वह तेजी पर हो या मंदी पर आपकी तय रकम हर महीने खुद-ब-खुद निवेश हो जाती है।

ITR Filing 2026: क्या आपको पता हैं लीव ट्रैवल अलाउंस के ये नियम? टैक्स छूट का दावा करने से पहले ध्यान रखें ये बातें

जब बाजार गिरता है, तो आपकी SIP को ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। जब बाजार चढ़ता है, तो कम यूनिट्स मिलती हैं। इससे आपकी खरीद की लागत खुद ही एवरेज हो जाती है। निवेशकों को रोज-रोज यह नहीं सोचना पड़ता कि आज निवेश करने का सही दिन है या नहीं।

कैश होल्ड करना गलत नहीं, पर यह रणनीति का हिस्सा हो

इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हाथ में नकदी रखना हमेशा एक गलत फैसला होता है। अनुभवी और मझे हुए निवेशक हमेशा अपने पोर्टफोलियो में कुछ कैश रिजर्व रखते हैं। यह कैश किसी आगामी जरूरी खर्च या बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए होता है। कैश रखना आपकी वित्तीय रणनीति का एक हिस्सा होना चाहिए, न कि बाजार की हर छोटी-बड़ी भविष्यवाणी करने का कोई जुआ।

रिकवरी मिस करना पड़ सकता है बहुत महंगा

बाजार में सुधार आने या क्रैश होने का इंतजार करने का सबसे बड़ा रिस्क यह है कि बाजार हमेशा उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से रिकवर करता है। इतिहास गवाह है कि शेयर बाजार में सबसे बड़ी और सबसे तेज बढ़त अक्सर एक बहुत तेज गिरावट के तुरंत बाद आती है।

जो निवेशक पूरी स्पष्टता के इंतजार में बैठे रहते हैं, वे इस शुरुआती और सबसे कमाऊ उछाल को मिस कर देते हैं। इसलिए वित्तीय सलाहकार हमेशा सलाह देते हैं कि जब तक आपके पास कोई बहुत ठोस योजना न हो, केवल सुधार के भरोसे कैश लेकर न बैठें।

बैलेंस्ड अप्रोच ही दिलाएगी सफलता

लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन के लिए आपको SIP या कैश में से किसी एक को चुनने की जरूरत नहीं है, बल्कि दोनों का तालमेल बिठाना चाहिए:

लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन के लिए आपको SIP या कैश में से किसी एक को चुनने की जरूरत नहीं है, बल्कि दोनों का तालमेल बिठाना चाहिए:

कुल मिलाकर आपको बता दें कि बाजार को प्रेडिक्ट करना जितना आसान दिखता है, असल में उतना होता नहीं है। एक आम और लंबी अवधि के निवेशक के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह नहीं है कि वह बाजार में कब एंट्री लेता है बल्कि असली चुनौती यह है कि वह हर परिस्थिति में बाजार में टिका रहता है और अपनी इन्वेस्टमेंट जर्नी को बिना रुके जारी रखता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Production-spec Hyundai Boulder off-roader design patented in India

Production-spec Hyundai Boulder off-roader design India patent

Hyundai has filed a patent in India for what looks to be a production-spec version of the Boulder off-road SUV concept. The Boulder concept was unveiled a few months ago at the 2026 New York International Auto Show, debuting Hyundai’s first body-on-frame architecture for a pickup truck that will hit the US market by 2030.

If this patent filing is anything to go by, the production-spec Hyundai Boulder may make it to India in SUV form. Notably, Hyundai confirmed during its 2025 Investors Day that it will add an off-road-focused SUV to its India line-up before FY2030, lending further credence to the notion that the production-spec Boulder could arrive here.

Production-spec Hyundai Boulder patent: What does it show?

The SUV pictured in the patent looks very similar to the Boulder concept, right down to the boxy and rugged proportions, chunky off-road tyres, muscular cladding, massive squared-off fenders, and L-shaped C-pillars. However, there are some substantial differences, particularly up front.

The large dual-headlamp clusters of the Boulder concept have been eschewed in favour of two smaller square lights flanked by vertical LED strips in the patented design. There’s no slotted grille cover like in the concept either, with the patent image showing a cleaner, more closed-off grille design. Lower down, the bumper also looks quite different in the patent, with a more defined skid plate that sports lots of small rectangular slats.

Moving to the side, the rounded wheel-arch cladding of the Boulder concept is squared-off in the patent image, and the wheel designs are different too. Instead of the concept’s roof-mounted light bar, the patented Boulder design features a large roof rack, which is fastened via cables attached to the front fenders. The windows are much less rounded too, and the small glasses above them have been done away with.

The rear design is not shown in the patent, but the Boulder concept’s posterior prominently gets a large bootlid-mounted spare wheel and dual tail-lamp clusters.

Hyundai Boulder concept interior details

The patent does not show any interior details either, but the Boulder concept’s dashboard sports a wild-looking design with four rotary knobs in the centre to adjust 4WD and off-road modes – there’s an inclinometer between them. Above the rotary knobs sits a row of four rectangular screens, and there’s also a heads-up display that spans the width of the dashboard.

Large storage cubbies can be observed in the dash itself, illuminated by orange ambient lighting. In front of the driver, there’s a three-spoke flat-bottomed steering wheel with a floating design for the central hub and some more rotary knobs. Lower down, the linkages for the gear lever are exposed, further lending the cabin a rugged and functional aesthetic.

₹23 के नीचे आया Yes Bank, धमाकेदार रिजल्ट के बावजूद 4% टूटा शेयर, ये है वजह

Yes Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज लेंडर येस बैंक के लिए पिछले वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही धमाकेदार रही। बैंक का मुनाफा 33% से अधिक बढ़ गया लेकिन प्रोविजंस में दोगुने से अधिक बढ़ोतरी पर शेयरों ने ऐसा दबाव बनाया कि यह करीब 4% टूट गया। बिकवाली का दबाव इतना तेज रहा कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया और अब भी यह काफी दबाव में है। फिलहाल बीएसई पर यह 2.75% की गिरावट के साथ ₹22.98 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 3.85% टूटकर ₹22.72 तक आ गया था। आगे की बात करें तो रिजल्ट के बाद ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने इसक रेटिंग को सेल से अपग्रेड कर रिड्यूस कर दिया है और टारगेट प्राइस ₹17 से बढ़ाकर ₹22 किया है यानी कि इसके शेयर अभी टारगेट प्राइस से ऊपर हैं।

Yes Bank Q1 Results: खास बातें

येस बैंक के लिए वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। स्टैंडएलोन लेवल पर इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.7% बढ़कर ₹1,070.99 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक की ब्याज से शुद्ध कमाई यानी NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) ₹2,371.47 करोड़ से 17.5% बढ़कर ₹2,786.46 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का नेट इंटेरेस्ट मार्जिन (NIM) भी डिपॉजिट्स की कम लागत और पीएसएल शॉर्टफाल डिपॉजिट्स में गिरावट के दम पर 2.5% से सुधरकर 2.7% पर पहुंच गया।

बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी सालाना आधार पर 25.5% बढ़कर ₹1704 करोड़ तो नॉन-इंटेरेस्ट इनकम 2.6% उछलकर ₹1,798 करोड़ पर पर पहुंच गया। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.6% से 1.3% पर आ गया तो नेट एनपीए रेश्यो भी 0.3% से 0.2% पर आ गया। हालांकि प्रोविजंस तिमाही आधार पर ₹187.55 करोड़ से 110.33% उछलकर ₹394.48 करोड़ पर पहुंच गया।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

येस बैंक के शेयरों ने इस साल कुछ ही महीने में निवेशकों को रॉकेट की स्पीड से रिटर्न दिया था। 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹17.19 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से तीन महीने में यह 49.91% उछलकर 18 जून 2026 को ₹25.77 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

Yes Bank Q1 Results: यस बैंक का मुनाफा 33% उछला, निफ्टी बैंक में वापसी के बाद चमके नतीजे! जानें हर एक डिटेल

Wadia Realty को झटका, ठाणे में नीलाम हो रही 95 एकड़ जमीन, ये है मामला

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फुटबॉल फाइनल में हुई झड़प, अर्जेंटीना के खिलाड़ी नहीं पचा पाए हार (Video)

FIFA World Cup में स्पेन ने मजबूत रक्षापंक्ति का ऐसा मकड़जाल रचा कि अर्जेंटीना के खिलाड़ी लगातार आक्रमण करने के बाद भी गोलमुख को भेद नहीं पाए। मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ी हार पचा नहीं पाए और स्पेन के खिलाड़ियों से धक्का मुक्की करने लग गए। इस घटना की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है। साथ ही झड़प के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।

मेस्सी का उनके आखिरी विश्व कप में लगातार दूसरा खिताब जीतने का सपना भी टूट गया। टोरेस स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतरे और 106वें मिनट में यह गोल दागकर स्पेन को 1-0 से जीत दिलाई। उन्होंने बॉक्स के भीतर हवा में आई गेंद पर अपने बायें पैर से कब्जा करके शॉट लगाया और अर्जेंटीना के गोलकीपर उसे बचा नहीं सके।

निर्धारित समय तक गोलरहित बराबरी के बाद मैच अतिरिक्त समय में खिंचा था।स्कोर से भले ही लगे कि यह मैच कांटे का था लेकिन असलियत यह है कि पूरे मैच में स्पेन का दबदबा था। अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में मानो अर्जेंटीना की टीम जागी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
 
स्पेन ने गोल पर 20 शॉट लगाये जबकि अर्जेंटीना ने पहला संजीदा प्रयास अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में दिखाया। स्पेन ने मैच की पहली दस कार्नर किक में से नौ हासिल की। अर्जेंटीना के लिये उसके गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और विश्व कप फाइनल में रिकॉर्ड 12 शॉट बचाये।

मेस्सी ने आखिरी सीटी बजने से चार मिनट पहले कॉर्नर किक ली और गेंद रिजर्व खिलाड़ी जियुलियानो सिमोन की ओर गई जिन्होंने इसे हवा में उछाला और वह क्रॉसबार के ऊपर से निकल गई। अर्जेंटीना के प्रशंसको को उम्मीद थी कि अंत के लम्हों में टीम वैसा ही प्रदर्शन करेगी जैसा टूर्नामेंट के अन्य मैचों में करती आई है। लेकिन आज नियति में वैसा नहीं लिखा था।

Hyundai Bayon-based SUV to offer petrol and CNG engine options

Hyundai Bayon rear quarter static

Hyundai has been testing the upcoming Bayon-based SUV, and now, our sources indicate that the model will launch with a naturally aspirated petrol engine, with a CNG-powered version to arrive soon after. Unlike its mid-size sibling, the Bayon-based SUV will likely not offer a diesel engine or a hybrid powertrain, which will be offered with the next-gen Creta due next year. 

Hyundai Bayon-based SUV powertrain details

The Bayon-based SUV is likely to utilise the same 1.5-litre naturally aspirated petrol engine with manual and CVT gearbox options from the current Creta. Soon after, Hyundai will follow up with a CNG kit paired with this engine. CNG-powered versions will arrive with an underbody-mounted tank, whilst retaining a spare wheel. This would make it the first Hyundai model over 4 metres to have CNG power. As of now, the carmaker offers CNG only on sub-4-metre models such as the Exter, Grand i10 Nios and Aura. Currently, only the Victoris offers a CNG version with an underbody kit, but it skips on a spare wheel. 

Hyundai’s strategy in the mid-size SUV segment is to offer two models, with the Bayon-based model occupying the lower rung and with more economical powertrain options, while the new Creta would sit above and come with a wider powertrain choice, including the new hybrid. 

Hyundai Bayon-based SUV: What do we know so far?

Internally codenamed Bc4i, the Bayon-based SUV will be one of two new Hyundai nameplates in FY27. The model has been spied testing abroad and on our roads, with a crossover-esque design, LED lighting and dual-tone alloy wheels. It will measure around 4.18 metres in length. Hyundai is expected to equip the Bayon-based SUV with a long list of features, alongside ADAS. With the CNG powertrain, the Bayon-based SUV will debut by September 2026.

With inputs from Sergius Barretto

ATMA July Result 2026: जुलाई सत्र का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर देखें उम्मीदवार, अगस्त सत्र के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

ATMA July Result 2026: एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैनेजमेंट स्कूल्स (AIMS) ने एटीएमए जुलाई परीक्षा का रिजल्ट 2026 जारी कर दिया है। यह परीक्षा 12 जुलाई, 2026 को आयोजित की गई थी। इस सत्र की परीक्षा में शामिल उम्मीदवार एटीएमए की आधिकारिक वेबसाइट atmaaims.com पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। रिजल्ट का लिंक एक्टिवेट होने के बाद परीक्षार्थी अपने पीआईडी नंबर और पासवर्ड का इस्तेमाल करके लॉग इन कर सकते हैं और स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

एटीएमए परीक्षा साल में कई बार आयोजित की जाती है। इसके जरिए छात्र भारत भर के अलग-अलग मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट द्वारा ऑफर किए जाने वाले एमबीए, पीजीडीएम, एमएमएस और दूसरे मैनेजमेंट कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। कोई भी छात्र जितनी बार चाहे उतनी बार परीक्षा दे सकता है और सबसे अच्छा स्कोर ही प्रवेश के लिए माना जाएगा।

एटीएमए जुलाई रिजल्ट 2026: एक नजर

खास जानकारी डिटेल

एग्जाम का नाम : एटीएमए जुलाई 2026

कंडक्टिंग बॉडी : एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन मैनेजमेंट स्कूल्स (AIMS)

एग्जाम की तारीख : 12 जुलाई, 2026

एग्जाम मोड : ऑनलाइन

एग्जाम लेवल : नेशनल लेवल

रिजल्ट रिलीज की तारीख : 18 जुलाई, 2026

लॉगिन डिटेल्स : पीआईडी संख्या, पासवर्ड

एग्जाम फ्रीक्वेंसी : साल में कई बार होता है

ऑफिशियल वेबसाइट : atmaaims.com

एटीएमए जुलाई रिजल्ट 2026 डाउनलोड करने के स्टेप्स?

परीक्षार्थी एटीएमए जुलाई सत्र का रिजल्ट डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं।

  • एटीएमए की ऑफिशियल वेबसाइट atmaaims.com पर जाएं।
  • ऑफिशियल पोर्टल पर एटीएमए जुलाई रिजल्ट लिंक ढूंढें और उस पर क्लिक करें।
  • अपनी लॉगिन डिटेल्स जैसे PID नंबर और पासवर्ड सही से डालें।
  • नीचे दिए गए सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  • एटीएमए जुलाई रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर दिखेगा।
  • अपने एटीएमए स्कोरकार्ड पर दी गई डिटेल्स चेक और वेरिफाई करें।
  • आगे इस्तेमाल के लिए डाउनलोड करें और प्रिंटआउट ले लें।

एटीएमए जुलाई स्कोरकार्ड 2026 पर दी गई डिटेल्स

कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने एटीएमए स्कोरकार्ड पर छपी सारी जानकारी चेक कर लें। कोई भी गड़बड़ी होने पर उन्हें इसे ठीक करवाने के लिए परीक्षा अथॉरिटी से संपर्क करना चाहिए।

  • कैंडिडेट का नाम
  • रोल नंबर
  • एग्जाम का नाम
  • एग्जाम की तारीख
  • एप्लिकेशन नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर
  • सेक्शन वाइज मार्क्स
  • ओवरऑल परसेंटाइल हासिल किया।

एटीएमए रिजल्ट के बाद क्या?

रिजल्ट आने के बाद, कैंडिडेट्स सबसे पहले अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करें। इसके बाद वे अपने शॉर्टलिस्ट किए गए कॉलेजों के लिए आवेदन करें ताकि वे संस्थान के एडमिशन क्राइटेरिया के आधार पर ग्रुप डिस्कशन, पर्सनल इंटरव्यू या रिटन एबिलिटी टेस्ट जैसे अगले राउंड में हिस्सा ले सकें और एडमिशन कन्फर्म हो सके।

अगस्त सत्र के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू

एआईएमएस ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट (atmaaims.com) पर एटीएमए अगस्त 2026 साइकिल के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू कर दिया है। एमबीए, पीजीडीएम, एमएमएस और एमसीए कोर्स के लिए नेशनल लेवल कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) 9 अगस्त, 2026 (दोपहर 2:00 बजे – शाम 5:00 बजे) को 200+ एआईसीटीई स्वीकृत संस्थान में होगा।

आवेदन शुल्क 2 अगस्त, 2026 (रात 11:59 बजे) तक ऑनलाइन देना होगा। इसके बाद 3 अगस्त, 2026 (शाम 5:00 बजे) तक रजिस्ट्रेशन जमा करना होगा। नियमित आवेदन शुल्क ₹2,000 होगा, लेकिन महिला कैंडिडेट को 25% डिस्काउंट (₹1,500) और नॉर्थ ईस्टर्न रीजन के कैंडिडेट को 50% डिस्काउंट (₹1,000) दिया जाएगा। एडमिट कार्ड 5 अगस्त, 2026 से डाउनलोड किया जा सकता है, और रिजल्ट 12 अगस्त को आएगा।

Olympiad 2026: फिजिक्स के बाद इंटरनेशनल बायोलॉजी और केमिस्ट्री ओलंपियाड में भारतीय छात्रों का जलवा, देश के लिए लगा दी मेडलों की झड़ी

ITR Filing 2026: क्या आपको पता हैं लीव ट्रैवल अलाउंस के ये नियम? टैक्स छूट का दावा करने से पहले ध्यान रखें ये बातें

Leave Travel Allowance Income Tax Rules: 31 जुलाई की इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग की डेडलाइन नजदीक आ रही है। ऐसे में कई नौकरीपेशा टैक्सपेयर्स अपने फॉर्म 16 में दिख रहे टैक्स डिडक्शन और एग्जेंप्शन की समीक्षा कर रहे होंगे। इसी में से एक महत्वपूर्ण टैक्स बेनिफिट है लीव ट्रैवल अलाउंस यानी LTA, जो कर्मचारियों को छुट्टी के दौरान की गई यात्रा के खर्चों पर टैक्स राहत का दावा करने की अनुमति देता है।

लेकिन ध्यान रहे, इनकम टैक्स एक्ट के तहत एलटीए पर टैक्स छूट पाने के लिए कुछ बेहद सख्त शर्तें लागू होती हैं। बहुत से लोग सोचते हैं कि वे पूरी छुट्टियों के खर्च पर टैक्स बचा सकते हैं, जबकि हकीकत ऐसी नहीं है। आइए समझते हैं LTA से जुड़े नियम, पात्रता और इसके तहत मिलने वाली छूट का पूरा गणित।

1. क्या होता है लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA)?

लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA), जिसे कुछ जगहों पर लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) भी कहा जाता है, नियोक्ताओं द्वारा अपने कर्मचारियों को छुट्टी के दौरान होने वाले यात्रा खर्चों को पूरा करने के लिए दिया जाने वाला एक अलाउंस है।

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 10(5) और इनकम टैक्स रूल्स के नियम 2B के तहत, अगर कोई कर्मचारी सरकार द्वारा निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करता है, तो इस भत्ते पर टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है।

LTA पर टैक्स छूट का लाभ केवल उन्हीं टैक्सपेयर्स को मिलता है जो पुरानी टैक्स व्यवस्था का विकल्प चुनते हैं। अगर आपने नई टैक्स व्यवस्था चुनी है, तो आप LTA पर किसी भी तरह की टैक्स छूट के हकदार नहीं होंगे।

2. कौन कर सकता है LTA का दावा?

LTA पर टैक्स छूट पाने के लिए कुछ बेसिक योग्यताओं का होना जरूरी है। यह छूट केवल उन्हीं वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है जिनके सैलरी पैकेज या सीटीसी स्ट्रक्चर में स्पष्ट रूप से LTA का कंपोनेंट शामिल होता है। अगर आपकी सैलरी में यह हिस्सा नहीं है, तो आप इसका क्लेम नहीं कर सकते। इसके अलावा, यह टैक्स छूट तभी मान्य होती है जब कर्मचारी वास्तव में छुट्टी पर हो और उस अवधि के दौरान उसने यात्रा की हो।

3. कौन से खर्चे टैक्स छूट के दायरे में आते हैं और कौन से नहीं?

LTA क्लेम करते समय खर्चों के वर्गीकरण को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि टैक्स विभाग केवल यात्रा के मुख्य साधन पर ही छूट देता है:

कौन से खर्चे टैक्स छूट के दायरे में आते हैं और कौन से नहीं?

4. 4 साल के ब्लॉक में कितनी बार मिलता है फायदा?

इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, आप हर वक्त या साल LTA का दावा नहीं कर सकते। सरकार द्वारा अधिसूचित चार कैलेंडर वर्षों के एक ब्लॉक में केवल दो यात्राओं के लिए ही LTA छूट का दावा किया जा सकता है। अगर कोई कर्मचारी किसी ब्लॉक के दौरान केवल एक ही यात्रा का दावा कर पाता है, तो बची हुई एक छूट को अगले ब्लॉक में ‘कैरी फॉरवर्ड’ बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए शर्त यह है कि अगले ब्लॉक के पहले ही कैलेंडर वर्ष में उस पेंडिंग यात्रा का लाभ उठाना होगा।

5. ITR दाखिल करते समय ध्यान रखने योग्य बातें और जरूरी दस्तावेज

अगर आप LTA का लाभ उठाना चाहते हैं, तो कागजी कार्रवाई में कोई ढिलाई न बरतें:

  1. दस्तावेज संभाल कर रखें: यात्रा के टिकट, बोर्डिंग पास और अन्य सहायक दस्तावेजों को सबूत के तौर पर सुरक्षित रखना चाहिए।
  2. फॉर्म 16 से मिलान: आमतौर पर अगर आपने अपने एंप्लॉयर को समय पर दस्तावेज जमा कर दिए हैं, तो वे इसे वेरिफाई करके आपके फॉर्म 16 में रिफ्लेक्ट कर देते हैं। ITR फाइल करने से पहले फॉर्म 16 में इस छूट की जांच जरूर कर लें।
  3. टैक्स स्क्रूटनी के लिए रहें तैयार: अगर आप सीधे ITR फाइल करते समय LTA का दावा कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके पास सभी पुख्ता सबूत हों, क्योंकि टैक्स स्क्रूटनी या वेरिफिकेशन के दौरान असेसिंग ऑफिसर (AO) आपसे ये टिकट मांग सकता है।

FIFA World Cup Final में जबरन स्टेज पर खड़े रहे डोनाल्ड ट्रंप, हूटिंग का VIDEO हुआ वायरल

FIFA World Cup 2026 का फाइनल Spain की ऐतिहासिक जीत के साथ खत्म हुआ, लेकिन मैच के बाद Trophy Ceremony में जो हुआ, उसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। Spain ने Extra Time में Argentina को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, लेकिन विजेता टीम के जश्न के बीच US President Donald Trump की मौजूदगी सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन गई। स्टेडियम में उनके लिए हूटिंग हुई और ट्रॉफी सौंपने के बाद उनका मंच पर रुकना सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

 

New York New Jersey Stadium में खेले गए रोमांचक फाइनल में दोनों टीमें 90 मिनट तक गोल नहीं कर सकीं। मुकाबले का इकलौता गोल Ferran Torres ने Extra Time के 106वें मिनट में दागा, जिसने Spain को 1-0 की यादगार जीत दिलाई।

 

Argentina के लिए मैच और मुश्किल तब हो गया जब Enzo Fernandez को दूसरे येलो कार्ड के बाद मैदान छोड़ना पड़ा। अंतिम क्षणों में तनाव इतना बढ़ गया कि खिलाड़ियों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली। इसके साथ ही Lionel Messi का लगातार दूसरा World Cup जीतने का सपना भी टूट गया।

Donald Trump की एंट्री पर स्टेडियम में गूंजी हूटिंग

 

फाइनल देखने पहुंचे Donald Trump ने FIFA President Gianni Infantino के साथ मिलकर खिलाड़ियों को मेडल और विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपी। जैसे ही Trump मैदान पर पहुंचे, स्टेडियम के कई हिस्सों से तेज हूटिंग और सीटी की आवाजें सुनाई दीं।

 

हालांकि समारोह आगे बढ़ता रहा और Trump ने Spain के कप्तान Rodri को World Cup Trophy सौंपी। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वही पूरी रात की सबसे चर्चित घटना बन गया।

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Trophy देने के बाद स्टेज पर ही खड़े रहे Trump

 

ट्रॉफी सौंपने के बाद जहां Gianni Infantino मंच से हट गए, वहीं Donald Trump विजेता खिलाड़ियों के बीच ही खड़े रहे। Spain के खिलाड़ी Trophy Lift की तैयारी कर रहे थे, लेकिन Trump कुछ देर तक वहीं मुस्कुराते हुए खिलाड़ियों से हाथ मिलाते और तालियां बजाते नजर आए।

 

बताया जाता है कि इसके बाद Gianni Infantino दोबारा उनके पास पहुंचे और उन्हें धीरे से मंच से हटने का इशारा किया। कुछ क्षण बाद Trump मंच के किनारे चले गए, जिसके बाद Rodri ने अपने साथियों के साथ World Cup Trophy उठाई और Spain का ऐतिहासिक जश्न शुरू हुआ।


सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

 

पूरी Trophy Ceremony के वीडियो कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। एक वीडियो में Trump की एंट्री के दौरान हुई हूटिंग चर्चा का विषय बनी, जबकि दूसरे वीडियो में उनके Trophy Lift के दौरान मंच पर खड़े रहने को लेकर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।

 

कई यूजर्स ने इसे पिछले साल हुए FIFA Club World Cup से भी जोड़कर देखा, जब Chelsea की जीत के बाद भी Donald Trump खिलाड़ियों के साथ मंच पर कुछ देर तक मौजूद रहे थे। इस बार हालांकि Trophy Lift से पहले उन्हें मंच से हटते हुए देखा गया।

 

पहले भी विवादों में रह चुके हैं Donald Trump

 

World Cup 2026 के दौरान Donald Trump पहले भी सुर्खियों में आ चुके हैं। उन्होंने एक बयान में दावा किया था कि उन्होंने Gianni Infantino से बात कर USA के खिलाड़ी Folarin Balogun का Red Card हटाने की मांग की थी। इस बयान के बाद भी काफी विवाद हुआ था।

 

अब World Cup Final की Trophy Ceremony ने Donald Trump को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया। Spain की ऐतिहासिक जीत के साथ-साथ Trophy Presentation का यह पल भी लंबे समय तक फुटबॉल प्रशंसकों के बीच याद किया जाएगा।