CBSE Class 10 Second Board Result 2026: 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट कभी भी हो सकता है जारी, परिणाम में देरी पर उठ रहे हैं सवाल

CBSE Class 10 Second Board Result 2026: सीबीएसई बोर्ड से 10वीं कक्षा की दूसरी बोर्ड परीक्षा दे चुके तकरीबन 6.5 लाख छात्र अपने रिजल्ट का बेसब्री से रास्ता देख रहे हैं। लेकिन 21 मई के बाद से अब लगभग एक महीने का समय बीत जाने के बावजूद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तरफ से 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट पर कोई अपडेट नहीं है। मीडिया में आ रही है कई खबरों में कहा जा रहा है कि सीबीएसई 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा रिजल्ट 2026 जून के आखिर तक आ सकते हैं।

यह इंतजार छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा का एक बड़ा मुद्दा बन गया है। खासकर इसलिए क्योंकि यह सीबीएसई के नए दो-बोर्ड-एग्जाम सिस्टम का पहला साल है। रिजल्ट जारी होने के बाद, छात्र बोर्ड के आधिकारिक रिजल्ट पोर्टल के जरिए अपना रिजल्ट देख सकेंगे।

दूसरा परीक्षा साइकिल 15 मई से 21 मई, 2026 तक हुआ था। सीबीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, तकरीबन 6.5 लाख छात्र इस एग्जाम में शामिल हुए थे। ये परीक्षा बोर्ड के संशाधित मूल्यांकन व्यवस्था के तहत शुरू की गई थी, जो 10वीं कक्षा के छात्रों को अपने स्कोर सुधारने या उन विषयों को पास करने का एक और मौका देता है जिनमें वे साल की शुरुआत में हुए मेन बोर्ड एग्जाम के दौरान क्वालिफाई नहीं कर पाए थे।

नए फॉर्मेट के तहत, फरवरी बोर्ड एग्जाम अनिवार्य रहेगा, जबकि दूसरा एग्जाम वैकल्पिक है। दूसरे फेज में छात्र ज्यादा से ज्यादा तीन विषयों की परीक्षा दे सकते हैं। सीबीएसई उन्हें दोनों एग्जाम में मिले बेहतर स्कोर को बनाए रखने की इजाजत देता है। खबर है कि 5 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स ने इम्प्रूवमेंट कैटेगरी में रजिस्टर किया, जबकि हजारों दूसरे कंपार्टमेंट एग्जाम में शामिल हुए। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपडेट के लिए सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट देखते रहें। रिजल्ट जारी होने के बाद अस्थायी मार्कशीट भी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

सीबीएसई 10वीं कक्षा सेकंड बोर्ड रिजल्ट 2026 कैसे चेक करें

  • ऑफिशियल सीबीएसई रिजल्ट वेबसाइट पर जाएं।
  • सीबीएसई 10वीं सेकंड बोर्ड रिजल्ट 2026 लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रोल नंबर और दूसरे ज़रूरी क्रेडेंशियल डालें।
  • डिटेल्स सबमिट करें।
  • आगे के लिए रिजल्ट देखें और डाउनलोड करें।

रिजल्ट कहां चेक करें

स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट इन तरीकों से देख पाएंगे:

  • cbseresults.nic.in
  • results.cbse.nic.in
  • cbse.gov.in
  • DigiLocker
  • UMANG App

उम्मीद है कि ऑफिशियल वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक होने पर सीबीएसई छात्रों को अपने स्कोरकार्ड आसानी से देखने में मदद करने के लिए दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी रिजल्ट उपलब्ध कराएगा।

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Jio Platforms का आएगा मेगा आईपीओ, कंपनी आज सेबी के पास डीआरएचपी फाइल करेगी

रिलायंस इंडस्ट्रीज चेयरमैन एवं एमडी मुकेश अंबानी ने 19 जून को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने आरआईएल की 49वी एजीएम में कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स (DRHP) को मंजूरी दे दी है। इसे आज यानी 19 जून को सेबी के पास फाइल कर दिया जाएगा।

आकाश, ईशा और अनंत जियो प्रोसेस को आगे बढ़ा रहे

अंबानी ने 19 जून को RIL के एजीएम को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने शेयर्ड ग्रोथ यानी साझा विकास के धीरूभाई अंबानी की विरासत को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा, “आकाश, ईशा और अनंत जियो के आईपीओ के प्रोसेस को आगे बढ़ा रहे हैं। इससे भविष्य में अगली पीढी की वैल्यू क्रिएशन के मौके बनेंगे।”

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जियो ने वॉयसेज को ग्राहकों के लिए फ्री किया

अंबानी ने कहा कि 10 साल पहले जियो ने भारत में डिजिटल असमानता खत्म करने के मकसद के साथ शुरुआत की थी। तब वॉयसेज बहुत महंगे थे। डेटा के लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ती थी और स्पीड और क्वाविलीट काफी खराब थी। जियो ने वॉयस को फ्री कर दिया। हाई स्पीड डेटा को सस्ता बना दिया।

जियो प्लेटफॉर्म्स अगली पीढ़ी के मिशन की तैयारी में

आरआईएल के चेयरमैन ने कहा कि जियो ने जियो ने हर भारतीय के लिए डिजिटल लाइफ को मुमकिन बनाया है। अब कंपनी अगली पीढी के बड़े मिशन की तैयारी कर रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का काफी समय से इंतजार हो रहा था। 19 जून को यह इंतजार खत्म हो गया।

जियो प्लेटफॉर्म्स देश का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ देश के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा। इस मेगा आईपीओ को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिल सकता है। रायटर्स ने इस साल जनवरी में कहा था कि यह आईपीओ 4 अरब डॉलर का हो सकता है। इसका मतलब है कि यह 36,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का होगा। इस तरह यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।

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अमेरिका में करोड़ों की कंपनी चलाने वाली हिमाक्षी की दादी को उनके काम से ज्यादा शादी की चिंता! गजब का वीडियो शेयर किया

न्यूयॉर्क में रहने वाली एक सीनियर बिज़नेस एग्जीक्यूटिव का परिवार से जुड़ा एक ऐसा अनुभव सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे शादी, सफलता और महिलाओं से जुड़ी पीढ़ियों की उम्मीदों पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है।

‘प्रिया ग्रोन डायमंड्स’ की प्रेसिडेंट हेमाक्षी मोटका ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने बताया कि भारत में उनकी दादी हाल ही में एक कम्युनिटी इवेंट से निराश होकर लौटीं। इस इवेंट में शहर की सिर्फ़ शादीशुदा बेटियों को ही कंबल बांटे गए थे। चूंकि मोटका की शादी नहीं हुई है, इसलिए उनकी दादी उनके लिए कंबल नहीं ले पाईं।

अब वायरल हो रहे वीडियो में घटना के बारे में बताते हुए मोटका ने कहा- “मेरी दादी इसलिए दुखी हैं क्योंकि वह एक कार्यक्रम में गई थीं, जहां शहर की सभी शादीशुदा बेटियों को कंबल दिए जा रहे थे, और उन्हें कंबल नहीं मिल पाया क्योंकि मेरी शादी नहीं हुई है।”

इंटरनेट को यकीन नहीं हो रहा था कि उनकी दादी की निराशा की वजह यही थी, लेकिन अलग-अलग पीढ़ियां चीज़ों को अलग-अलग नज़रिए से देखती हैं। उन्होंने कहा, “तो मैं यहां न्यूयॉर्क शहर में सचमुच एक मल्टी-मिलियन डॉलर की कंपनी चला रही हूं। मैंने मैराथन भी दौड़ी है – 42 किलोमीटर की। फिर भी, एक कंबल के सामने मेरी ये सारी उपलब्धियां फीकी पड़ गईं।”

हालांकि कई दर्शकों को इस स्थिति की विडंबना पर हंसी आई, लेकिन मोटका ने कहा कि इस घटना ने उन्हें इस बारे में गहराई से सोचने पर मजबूर किया कि कैसे अक्सर महिलाओं को अपनी खुशी और आज़ादी के बजाय दूसरों की मंज़ूरी और पारंपरिक पड़ावों को ज़्यादा अहमियत देने के लिए तैयार किया जाता है।

वीडियो के साथ लिखे कैप्शन में उन्होंने कहा- “और भले ही मुझे हंसी आई, लेकिन इसने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया। महिलाओं के तौर पर, हमें अक्सर उन पलों का जश्न मनाना सिखाया जाता है जब हमें चुना जाता है। जैसे प्रपोज़ल, शादी या मंज़ूरी मिलना। लेकिन आपका असली दम खुद को चुनने में है। यह करियर बनाने, जोखिम उठाने, खुद पैसे कमाने और ऐसी ज़िंदगी बनाने का आत्मविश्वास है जिस पर आपको गर्व हो। क्योंकि पद और दूसरों की राय बदल सकती है। खुद के साथ आपका रिश्ता हमेशा बना रहता है। कंबल अच्छा होता है, लेकिन आत्मविश्वास हर जगह आपके साथ रहता है। अपने आत्मविश्वास को अपनाएं।”

उनकी बातों ने सोशल मीडिया यूज़र्स का दिल जीत लिया। कई लोगों ने शादी को लेकर परिवार की उम्मीदों और समाज के दबाव से जुड़े अपने अनुभव भी शेयर किए। कुछ यूज़र्स ने उन्हें इस परंपरा को पूरी तरह से चुनौती देने के लिए प्रोत्साहित किया। एक व्यक्ति ने सुझाव दिया- “एक ऐसा कार्यक्रम आयोजित करें, जिसमें आप अविवाहित बेटियों को कंबल बांटें – कुछ अलग करके दिखाएं।”

वहीं, कुछ लोगों ने दादी के नज़रिए का बचाव करते हुए कहा कि बड़ी उम्र की और युवा महिलाओं की सोच और संस्कृति में बहुत अंतर होता है। एक कमेंट करने वाले ने लिखा, “मैं आपकी दादी को दोष नहीं देता, क्योंकि वे बिल्कुल अलग दौर और पीढ़ी से ताल्लुक रखती हैं… लेकिन मैं आपकी तारीफ़ करता हूं कि आप वही कर रही हैं जो आप चाहती हैं और अपने तरीके से कर रही हैं।”

एक और यूज़र ने कहा कि ऐसी सोच अक्सर निजी फ़ैसले के बजाय सामाजिक माहौल की वजह से बनती है। “आपकी दादी को उनके आस-पास के माहौल ने ऐसा सोचने के लिए तैयार किया था। इसमें उनकी कोई ग़लती नहीं है। अफ़सोस की बात है कि कई महिलाओं को पता ही नहीं होता या उन्हें ज़िंदगी में आगे बढ़ने के मौके नहीं मिलते।”

हालांकि, कुछ प्रतिक्रियाएं मज़ाकिया भी थीं। एक यूज़र ने मज़ाक में कहा- “यह दादी का आपको अगले इवेंट से पहले शादी करने के लिए प्रेरित करने का तरीका है, ताकि उन्हें मुफ़्त में ‘कंबल’ (DHAABLO) मिल सके।”

Monsoon: इन 5 कारणों से महाराष्ट्र में फंसा मानसून, खरीफ फसलों पर पड़ सकता है असर

Monsoon: दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण महाराष्ट्र में रुके रहने के कारण देश में 4 जून से 18 जून के बीच बारिश में 41 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस दौरान देश में सामान्य 72.2mm बारिश के मुकाबले केवल 42.6mm बारिश हुई है। IMD के क्षेत्रवार आंकड़ों के मुताबिक, मध्य भारत में 67%, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 42%, दक्षिणी प्रायद्वीप में 22%  और उत्तर-पश्चिम भारत में 6% बारिश की कमी दर्ज की गई है।

मौसम विभाग ने गुरुवार को बताया कि “बड़े पैमाने पर अनुकूल मौसमी परिस्थितियों की कमी” ही मुख्य वजह है, जिसके कारण पिछले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में आगे नहीं बढ़ पाया है।

मानसून के उत्तर की ओर बढ़ने में देरी के पीछे कुल 5 प्रमुख कारण हैं:

पहला कारण यह है कि वर्तमान मानसून प्रवाह को अरब सागर से मजबूत “सर्ज” यानी तेज और स्थिर हवाओं का सपोर्ट नहीं मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, “आम तौर पर ऐसी तेज हवाएं ही नमी को बढ़ाने और बड़े पैमाने पर बारिश कराने के लिए जिम्मेदार होती हैं, जिससे मानसून आगे बढ़ता है।”

दूसरा कारण यह है कि अरब सागर में मानसून से जुड़ी निचले स्तर की दक्षिण-पश्चिमी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। इसके चलते महाराष्ट्र के तटीय और अंदरूनी इलाकों तक नमी (moisture) का प्रवाह कम हो गया है।

तीसरा कारण पश्चिमी हिंद महासागर और अरब सागर में क्रॉस-इक्वेटोरियल फ्लो का कमजोर होना है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए मुख्य नमी स्रोत माना जाता है। आईएमडी के अनुसार, इस प्रवाह के कमजोर होने से मानसून की गतिविधि भी प्रभावित हुई है।

चौथा कारण यह है कि अभी अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत मौसमीय सिस्टम नहीं है, जैसे निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area), चक्रवाती परिसंचरण या पश्चिमी तट के साथ सक्रिय ऑफशोर ट्रफ। ये सिस्टम सामान्यतः मानसून को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, लेकिन फिलहाल इनकी कमी है।

आखिरी वजह मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) का कमजोर दौर है। यह हवा, बादलों और दबाव का एक चलता-फिरता सिस्टम है जो भूमध्य रेखा के चारों ओर घूमते हुए बारिश लाता है। जब यह सक्रिय होता है, तो दक्षिण भारत में अधिक बादल बनते हैं, जो मानसून हवाओं के साथ उत्तर की ओर बढ़कर ज्यादा बारिश कराते हैं। लेकिन अभी यह कमजोर स्थिति में है।

IMD के अनुसार, इसी वजह से अगले 4-5 दिनों तक महाराष्ट्र के अधिकतर हिस्सों में बारिश सीमित और केवल छिटपुट रहने की संभावना है।

अल नीनो से खरीफ फसलों पर पड़ेगा असर

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तर दिशा में धीमी गति और हाल ही में उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में उत्पन्न हुई अल नीनो की स्थिति, जिसके कारण भारत में कम बारिश हुई है, खरीफ फसलों के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है, क्योंकि इन फसलों के फलने-फूलने के लिए समय पर बारिश जरूरी है।

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को दिया निर्देश

इसी को देखते हुए मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिया कि ऐसे जिलों की पहचान की जाए जहां कम या असमान बारिश की संभावना है। साथ ही राज्यों के साथ मिलकर फसल-वार आपातकालीन (contingency) योजनाएं तैयार करने को कहा गया है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जल संरक्षण, नमी प्रबंधन, अंतर-फसल खेती और वैकल्पिक फसल पैटर्न पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

चौहान ने निर्देश दिया कि हर जोखिम वाले जिले के लिए एक अलग और व्यावहारिक रणनीति बनाई जानी चाहिए ताकि खरीफ के मौसम में किसानों को कोई परेशानी न हो।

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RIL AGM 2026: फाइनल डिविडेंड पर मोहर और Jio-Reliance Retail के IPO पर अपडेट का इंतजार होने वाला है खत्म

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 49वीं सालाना आम बैठक आज, 19 जून को हो रही है। शेयरहोल्डर्स समेत पूरे बाजार की इस पर नजर है। मीटिंग खत्म होने के बाद ऐलानों का बेसब्री से इंतजार है। इस मीटिंग में कंपनी की ओर से घोषित फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी भी ली जाने वाली है। ऐलानों की घोषणा शुक्रवार दोपहर 2 बजे से होने वाली है।

RIL वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इसके लिए 5 जून रिकॉर्ड डेट थी। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में रहे होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद डिविडेंड का पेमेंट 7 दिनों के अंदर शेयरहोल्डर्स को कर दिया जाएगा। वित्त वर्ष 2025 के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 5.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Jio और Reliance Retail के IPO को लेकर ऐलान पर खास नजर

इस साल की AGM में सबसे ज्यादा ध्यान Reliance Jio के IPO की टाइमलाइन पर अपडेट पर होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने पहले ही 2026 की पहली छमाही तक लिस्टिंग का संकेत दिया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन्वेस्टर्स एक पक्का रोडमैप देखना चाहेंगे, क्योंकि IPO पर स्पष्टता Reliance की वैल्यूएशन के लिए एक बड़ा री-रेटिंग ट्रिगर हो सकती है।

इसी तरह Reliance Retail IPO पर भी अपडेट का इंतजार है। रिटेल बिजेनेस, कंपनी की ग्रोथ का एक अहम इंजन बनकर उभरा है। लिस्टिंग की योजनाओं पर कोई भी टिप्पणी एक बड़ा बूस्ट साबित हो सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Reliance AGM 2026 Live Updates: मुकेश अंबानी ने RIL AGM को किया संबोधित, सभी की निगाहें Jio IPO, AI प्लान्स पर

Reliance AGM 2026 live: रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) जल्द ही होने वाली है, जिसमें इन्वेस्टर कंपनी के कुछ खास ग्रोथ बिज़नेस के अपडेट्स पर करीब से नज़र रखेंगे।उम्मीद है कि इसका फोकस Jio IPO, नए एनर्जी सेगमेंट में प्रोग्रेस और कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एम्बिशन पर रहेगा।

मार्केट रिलायंस की AI स्ट्रैटेजी पर भी करीब से नज़र रखेगा। कंपनी डेटा सेंटर इन्वेस्टमेंट और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के ज़रिए अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फुटप्रिंट को बढ़ा रही है, जिसमें हाल ही में मेटा के साथ जामनगर में घोषित 168 MW का AI-इनेबल्ड डेटा सेंटर प्रोजेक्ट भी शामिल है।

एक और जिस एरिया पर करीब से नज़र रखी जाएगी, वह है रिलायंस का नया एनर्जी बिज़नेस। इन्वेस्टर कंपनी के सोलर मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइज़र प्रोडक्शन के प्लान्स के साथ-साथ उसके कच्छ एनर्जी कॉम्प्लेक्स में डेवलपमेंट्स पर अपडेट्स मांगेंगे।

FY26 में देखे गए मार्जिन प्रेशर के बीच ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और ऑयल एंड गैस बिज़नेस पर मैनेजमेंट कमेंट्री भी फोकस में रहेगी। इसके अलावा, मार्केट डिविडेंड, टेलीकॉम टैरिफ और ग्रुप की बैलेंस शीट पर किसी भी कमेंट पर नज़र रखेगा क्योंकि रिलायंस अपने कंज्यूमर और टेक्नोलॉजी-लेड बिजनेस को बढ़ाना जारी रखे हुए है।

आखिर में, इन्वेस्टर संभावित रिलायंस रिटेल IPO पर सिग्नल देखेंगे। रिटेल ब्रांच कंपनी के लिए एक बड़े ग्रोथ इंजन के तौर पर उभरी है, और लिस्टिंग प्लान या लॉन्ग-टर्म ग्रोथ टारगेट पर किसी भी कमेंट पर स्ट्रीट की करीबी नज़र रहेगी।

Ram Mandir: राम मंदिर चंदा चोरी में मामले में सामने आए ये दो नाम, SIT जांच में अबतक हुआ ये खुलासा

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र से नकदी और अन्य वस्तुओं के गायब होने के आरोप लगे हैं। इस मामले पर योगी सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। हीं इस मामले में जांच कर रही एसआईटी की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। राम मंदिर के ट्रस्ट पदाधिकारी अनिल मिश्रा, महासचिव चंपत राय और उनके ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव तथा गोपाल राव से पूछताछ की गई।

जांच में सामने आए ये नाम

वहीं अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, एसआईटी की पूछताछ में टिन्नू यादव ने गिनती प्रक्रिया में अनिल मिश्रा और गोपाल राव का नाम लिया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि दान में मिले बहुमूल्य आभूषणों के प्रबंधन और रिकॉर्ड में भी अनियमितताएं हो सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि दान और चढ़ावे से जुड़े काम में तय नियमों का सही तरीके से पालन हुआ था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं निगरानी व्यवस्था में कोई कमी तो नहीं रही। जांचकर्ता इस काम में लगे कर्मचारियों की पृष्ठभूमि, उनकी जिम्मेदारियों और नियुक्ति से जुड़ी जानकारी भी जुटा रहे हैं।

SIT की टीम कर रही हैं जांच

मंदिर के चढ़ावे में कथित वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप सामने आने के बाद यह जांच शुरू की गई थी। मंदिर के पूर्व लेखाकार महिपाल सिंह ने चढ़ावे के पैसे के प्रबंधन में अनियमितताओं की जांच की मांग की थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। जांच के शुरुआती दौर में एसआईटी ने राम मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान दान पेटियों, चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया और नकदी रखने की व्यवस्था की जांच की गई। सूत्रों का कहना है कि टीम को शुरुआती जांच में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां और साक्ष्य मिले हैं, जिनकी अब विस्तार से पड़ताल की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक किसी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं की है और न ही मिले साक्ष्यों के बारे में सार्वजनिक रूप से कोई जानकारी दी है।

बता दें कि, राम मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ियों की जांच करने के लिए SIT गठित की गई है। इसमें लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS), किरन एस. (IPS, आईजी रेंज) और नीलरतन (विशेष सचिव, वित्त) को शामिल किया गया है।

International Yoga Day : 3 लाख करोड़ रुपए की हुई वेलनेस इंडस्ट्री, जानिए योग से जुड़े किन शेयरों से हो सकती है कमाई

International Yoga Day : योग अब सिर्फ सेहत का मंत्र नहीं,बल्कि 3 लाख करोड़ की वेलनेस इंडस्ट्री बन चुका है। लोग अब बीमारी के इलाज से ज्यादा प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि आयुर्वेद,हेल्थ फूड्स और न्यूट्रास्यूटिकल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। आखिर कितनी बड़ी है ये इंडस्ट्री और कहां हैं कमाई मौके, आइए जानते हैं।

वेलनेस इंडस्ट्री की हेल्दी हेल्थ पर नजर डाले तो योग और वेलनेस इंडस्ट्री 3 लाख करोड़ रुपए की हो गई है। अगले 5-10 साल तक इसमें 15-20% सालाना ग्रोथ की उम्मीद है। आयुर्वेद और नेचुरल हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स के सेक्टर में कई लिस्टेड कंपनियां काम कर रही है। इनमें डाबर इंडिया (Dabur India), पतंजलि फूड्स (Patanjali Foods), इमामी( Emami), जीना सीखो लाइफ केयर (Jeena Sikho Lifecare) और केआरएम आयुर्वेद (KRM Ayurveda) जैसी कंपनियां शामिल हैं।

न्यूट्रिशन और वेलनेस प्रोडक्ट्स की लिस्टेड कंपनियों के बात करें तो इनमें जायडस वेलनेस (Zydus Wellness), टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Tata Consumer Products), मैरिको (Marico), नेस्ले इंडिया (Nestle India), आईटीसी (ITC)और हिंदुस्तान यूनीलीवर (Hindustan Unilever) के नाम शुमार हैं।

प्रिवेंटिव हेल्थकेयर

प्रिवेंटिव हेल्थकेयर का लिस्टेड कंपनियों पर नजर डालें तो इसमें पीएंडजी हेल्थकेयर (P&G Health), सनोफी कंज्यूमर हेल्थकेयर (Sanofi Consumer Healthcare), अमृतांजन हेल्थ केयर ( Amrutanjan Health Care) और हेक्सागॉन न्युट्रिशन (Hexagon Nutrition) के नाम शामिल हैं।

योगा डे से योगा डे: पिछले 1 साल के रिटर्न

पिछले योगा डे से इस योगा डे तक जिन कंपनियों की सेहत अच्छी रही उनमें केआरएम आयुर्वेदा ने 40 फीसदी, जीना सीखो ने 28 फीसदी, जाइडस वेलनेस ने 27 फीसदी, मैरिको ने 21 फीसदी, नेस्ले इंडिया ने 19 फीसदी, टाटा कंज्यूमर ने 5 फीसदी और पीएंडजी हेल्थ ने 5 फीसदी रिटर्न दिया है।

योगा डे से योगा डे: खराब रही सेहत

योगा डे से योगा डे तक जिन कंपनियों की सेहत खराब रही है उनमें पतंजलि फूड्स में 23 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, इमामी का शेयर इस अवधि में 30 फीसदी टूटा है। आईटीसी में भी 28 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। जबकि, अमृतांजन हेल्थ 22 फीसदी और डाबर 9 फीसदी टूटा है।

 

Accenture Q3 Results: एक्सेंचर के कमजोर नतीजों ने तोड़ी आईटी शेयरों की कमर, अब इस सेक्टर में क्या हो निवेश रणनीति?

इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक में बड़ी गिरावट से Nifty IT Index 5 फीसदी क्रैश, निवेशकों को क्या करना चाहिए?

आईटी शेयरों में 19 जून को बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह रेवेन्यू ग्रोथ को लेकर एक्सेंचर का नया अनुमान है। उसने पूरे साल के लिए रेवेन्यू ग्रोथ के अपने अनुमान को घटा दिया है। इससे आईटी सर्विसेज की डिमांड कमजोर रहने का संकेत मिलता है। इसका असर 19 जून को आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिखा। टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई।

आईटी शेयरों पर बीते कुछ महीनों में बड़ा दबाव दिखा है। इसका असर म्यूचुअल फंडों की आईटी फोकस वाली स्कीमों पर भी पड़ा है। बीते एक साल में इन स्कीमों का रिटर्न निगेटिव रहा है। हालांकि, लंबी अवधि में प्रदर्शन अभी पॉजिटिव बना हुआ है। फ्रैंकलिन इंडिया टेक्नोलॉजी फंड का 3 सालों में सालाना रिटर्न 12.62 फीसदी रहा है।

एसबीआई टेक्नोलॉजी अपॉर्चुनिटीज फंड ने 5 सालों में सालाना 9.67 फीसदी रिटर्न दिया है। अगर आईटी फोकस वाले म्यूचुअल फंड्स की कैटेगरी की बात की जाए तो बीते तीन सालों में इनका औसत रिटर्न करीब 5.4 फीसदी रहा है। इनमें क्वांट टेक फंड, मोतीलाल ओसवला डिजिटल इंडिया फंड, इनवेस्को इंडिया टेक्नोलॉजी फंड और एडलावाइज टेक्नोलॉजी फंड के अच्छे प्रदर्शन का हाथ है।

हालांकि, बीते छह महीनों में एवरेज रिटर्न करीब 15.4 फीसदी निगेटिव रहा है। इसकी वजह बीते महीनों में टेक्नोलॉजी शेयरों में आई बड़ी गिरावट है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि मीडियम और लॉन्ग टर्म के लिहाज से आईटी म्यूचुअल फंडों में निवेश का बड़ा मौका दिख रहा है।

वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में डायरेक्टर (रिसर्च) क्रांति बाथिनी ने कहा का कि म्यूचुअल फंड की कोई स्कीम कितनी अट्रैक्टिव है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इनवेस्टर कितना रिस्क ले सकता है और वह कितने समय के लिए निवेश करना चाहता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आईटी-फोकस वाले म्यूचुअल फंड्स को कंट्रेरियन अपॉर्चुनिटीज माना जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आईटी शेयरों की वैल्यूएशंस हिस्टोरिकल एवरेज के करीब आ गई हैं। इससे ये मध्यम और लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से अट्रैक्टिव हो गए है। उन्होंने कहा, “हालांकि, साइक्लिकल नेचर को देखते हुए निवेश एकमुश्त की जगह धीरे-धीरे सिस्टमैटिक ऐलोकेशन के जरिए होना चाहिए।”

इक्विरियल सिक्योरिटीज में डायरेक्टर (रिसर्च एनालिस्ट) संदीप शाह ने कहा कि आईटी शेयरों में बड़े करेक्शन के बावजूद ऐसे शेयरों में निवेश किया जा सकता है, जिनकी ग्रोथ विजिबिलिटी अच्छी है। लार्जकैप आईटी शेयरों में इंफोसिस और टेक महिंद्रा का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। मिडकैप शेयरों में Mphasis, eClerx और KPIT Technologies के शेयर अपेक्षाकृत बेहतर दिखते हैं।

Kala Hiran: ‘काला हिरन’ के निर्माता का बड़ा खुलासा, सलमान खान के फैन ने दी जान से मारने की धमकी, बोला- ‘3 दिन में कर देगा मर्डर’

Kala Hiran: ‘काला हिरण’ फ़िल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने 18 जून को आरोप लगाया था कि फ़िल्म रिलीज़ होने से पहले उन्हें पाकिस्तान से धमकियां मिल रही हैं। अब उन्होंने दावा किया है कि पुलिस को पहली धमकी की जानकारी देने के कुछ ही घंटों बाद, 24 घंटे के अंदर उन्हें जान से मारने की दूसरी धमकी मिली है।

जोधपुर पुलिस को दी गई एक नई शिकायत के बारे में प्रोड्यूसर ने X पर जानकारी दी। उन्होंने शिकायत पत्र की एक तस्वीर शेयर की और दावा किया कि एक अनजान कॉलर ने उन्हें तीन दिन के अंदर जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने कैप्शन में लिखा: “24 घंटे में दूसरी बार मुझे जान से मारने की धमकी मिली है। जैसे ही पहला मामला दर्ज हुआ, दूसरी धमकी आ गई। मैं @Igp_Jodhpur @CP_Jodhpur @RajPoliceHelp @PoliceRajasthan @RajPoliceHelp @RajGovOfficial @HMOIndia से गुज़ारिश करता हूं कि वे तुरंत मामला दर्ज करें और धमकी देने वाले व्यक्ति को गिरफ़्तार करवाएं।”

पत्र में लिखा है- “मुझे आज पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद ब्रह्मादग बुगती द्वार भी धमकी दी गई थी, जिसकी सूचना मैंने आपके थाने में दर्ज कराई है। “एक बार पुन- मुझे मेरे मोबाइल नंबर 9811999801 पर रात 11:06 बजे पर 9735279983 से धमकी भरा कॉल आया है। धमकी देने वाले की आवाज को सुरक्षित (रिकॉर्ड) कर लिया गया है।

धमकी देने वाला बता रहा है कि वाह फिल्म अभिनेता सलमान खान का फैन है और वाह मुझे अगले तीन दिन के अंदर हत्या कर देगा। मेरे मोबाइल नंबर 9811999801 पर रात 11:06 बजे 9735279983 नंबर से धमकी भरा फोन आया। फोन करने वाले की आवाज सुरक्षित रूप से रिकॉर्ड कर ली गई है। फोन करने वाले ने खुद को फिल्म अभिनेता सलमान खान का प्रशंसक बताया और अगले तीन दिनों के भीतर मेरी हत्या करने की धमकी दी।

उन्होंने कहा कि ज्ञाताव्य है कि प्रकरण संख्या 32 उम्मीद विरासत में रुका हुआ हूं तथा आज भी तीन घंटे के अंतराल में मुझे याह हत्या की दूसरी धमकी मिली है। उन्होंने पुलिस से इन धमकियों को जारी करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करने और उनकी शिकायत पर मामला दर्ज करने का अनुरोध किया।

कृपया धमकी देने वाले को गिरफ्तार करना तथा मेरा मुकदमा दर्ज करने का कष्ट करना। मुझे आशा है कि यह धमकी देने वाला आतंकवादी भी हो सकता है और आतंकवादी शहजाद ब्रह्मदाग बुगती का गुर्गा भी हो सकता है। चुनकी मुझे मात्र तीन दिन का समय दिया गया है, इसलिए प्रार्थना है कि मुक़दमा दर्ज करते हुए शीघरा इसकी गिरफ़्तारी करने का कष्ट करें।

18 जून को, जानी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबा नोट लिखा, जिसमें उन्होंने बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान का समर्थन करने वाले एक “पाकिस्तानी आतंकवादी” द्वारा दी गई धमकी का विवरण साझा किया। उन्होंने लिखा, “मुझे देर रात शहजाद भट्टी, जो खुद को पाकिस्तानी आतंकवादी घोषित कर चुका है, के फोन और संदेश आ रहे हैं, जिसमें सलमान खान का समर्थन करते हुए ड्रोन और ग्रेनेड हमले में मेरी जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मैंने गृह मंत्रालय, राजस्थान पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों को सूचित कर दिया है।”

उन्होंने कहा, “सलमान खान दो मोर्चों पर लड़ रहे हैं; एक तरफ, दिल्ली हाई कोर्ट में उनके खिलाफ ‘काला हिरण’ मामले की सुनवाई हो रही है, और दूसरी तरफ, उन्होंने अपनी टूलकिट के ज़रिए हज़ारों धमकियां दिलवाई हैं।”

“काला हिरण” फ़िल्म बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान से जुड़े काले हिरण के शिकार के मामले पर आधारित है। यह फ़िल्म असल ज़िंदगी की घटनाओं से प्रेरित है, इसलिए प्रोड्यूसर ने आरोप लगाया है कि सुपरस्टार की ओर से फ़िल्म रिलीज़ न करने का भारी दबाव डाला जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं ‘डी कंपनी’ के नाम से मिली धमकी से नहीं डरा, तो अब उन्होंने घोषित आतंकवादी शहज़ाद भट्टी से मुझे कॉल और मैसेज करवाया है… आपके स्टारडम और ‘बीइंग ह्यूमन’ (इंसानियत) के झूठे नारे पर शर्म आती है। लेकिन मैं डरता नहीं हूँ। अगर मेरी हत्या भी हो जाती है, तो मेरी मौत के बाद मेरी टीम ‘काला हिरण’ रिलीज़ करेगी ताकि दुनिया बिश्नोई समुदाय के संघर्ष की गाथा और बलिदान का इतिहास देख सके।”