दुनिया के मशहूर शेफ गॉर्डन रामसे को भाया झारखंड की ‘लाल चींटी की चटनी’ का स्वाद, यहां के 5 और अनोखे ट्राइबल व्यंजन को जानिए

टेलीविजन के बड़े-बड़े फूड शोज अक्सर आलीशान होटलों, फैंसी डाइनिंग रूम और मशहूर शेफ द्वारा विदेशी स्वादों की तलाश के इर्द-गिर्द घूमते रहे हैं। लेकिन आज झारखंड के जंगलों से निकली एक साधारण सी आदिवासी चटनी पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोर रही है। असल में ये मामला झारखंड पर्यटन विभाग के एक इंस्टाग्राम रील से वायरल हुआ। इस रील के बाद इस अनोखे आदिवासी भोजन को लेकर वैश्विक स्तर पर उत्सुकता बढ़ा दी है। इस रील में दुनिया के सबसे मशहूर सेलिब्रिटी शेफ गॉर्डन रामसे को झारखंड की इस तीखी और खास ‘लाल चींटी की चटनी’ का स्वाद चखते और उसकी तारीफ करते हुए देखा जा सकता है।

गॉर्डन रामसे ने बताया स्वादिष्ट और यादगार

इसी महीने की शुरुआत में झारखंड पर्यटन ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक रील साझा की थी। पर्यटन विभाग ने इस डिश की खासियत को बयां करते हुए लिखा कि लाल बुनकर चींटियों से बनी और पीढ़ियों से आदिवासी समुदायों द्वारा पसंद की जाने वाली यह तीखी-चटपटी चटनी कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है। असल में गॉर्डन का ये कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं है। झारखंड, ओडिशा और पड़ोसी वन क्षेत्रों के आदिवासी समुदायों के लिए लाल चींटी की चटनी कोई नई या हैरान करने वाली चीज नहीं है बल्कि यह उनकी दैनिक जीवनशैली, पारिवारिक परंपराओं और स्वदेशी ज्ञान का एक अहम हिस्सा है। स्थानीय स्तर पर इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है। यह चटनी अपने तीखे, खट्टे और हल्के साइट्रस (नींबू जैसे) स्वाद के लिए काफी मशहूर है। फूड इतिहासकारों के मुताबिक इस चटनी का तीखा और तीक्ष्ण स्वाद प्राकृतिक रूप से चींटियों में मौजूद फॉर्मिक एसिड के कारण आता है।

मशहूर शेफ गॉर्डन रामसे ने खुद इस अनूठी रेसिपी की सराहना की है और इसके स्वाद को स्वादिष्ट और यादगार बताया है। उनके इस जुड़ाव ने उस रेसिपी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद की है।

झारखंड के 5 और अनोखे ट्राइबल व्यंजन

लाल चींटी की चटनी के अलावा झारखंड के जंगलों और पारंपरिक रसोइयों में कई ऐसे अनोखे आदिवासी व्यंजन मौजूद हैं, जो स्वाद के शौकीनों को जरूर आजमाने चाहिए:

1. धुस्का

यह झारखंड का सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक स्नैक (नाश्ता) है। धुस्का को भीगे हुए चावल और दालों को पीसकर बनाए गए बैटर (घोल) से तैयार किया जाता है और फिर इसे सुनहरा होने तक डीप-फ्राई किया जाता है। बाहर से क्रिस्पी और अंदर से बेहद सॉफ्ट होने वाले इस व्यंजन को आमतौर पर तीखे आलू की सब्जी या चटनी के साथ परोसा जाता है। झारखंड के किसी भी स्थानीय बाजार से गुजरते समय इसकी खुशबू को नजरअंदाज करना नामुमकिन है। मशहूर शेफ सारांश गोइला ने भी एक बार इंस्टाग्राम पर इस डिश को साझा किया था।

2. रुगड़ा करी

इसे अक्सर झारखंड का फॉरेस्ट मशरूम खजाना कहा जाता है। रुगड़ा मुख्य रूप से मानसून के मौसम में उगने वाले जंगली खाद्य मशरूम हैं। इन्हें स्थानीय मसालों और सरसों के तेल के साथ पकाया जाता है। कई फूड लवर्स इसे राज्य के सबसे कीमती और दुर्लभ आदिवासी व्यंजनों में से एक मानते हैं।

3. हांडिया मुर्गा

हांडिया, चावल से तैयार होने वाला एक पारंपरिक फर्मेंटेड ड्रिंक है, जो लंबे समय से आदिवासी उत्सवों के केंद्र में रहा है। इसकी एक बेहद लोकप्रिय रेसिपी है’हांडिया मुर्गा’। इसमें चिकन को इस फर्मेंटेड राइस ब्रू (हांडिया) के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है। इससे चिकन में एक अनोखा स्मोकी और हल्का खट्टा स्वाद आ जाता है, जिसे स्थानीय लोग त्योहारों और सामुदायिक दावतों का मुख्य हिस्सा मानते हैं।

4. चिलका रोटी

बनाने में बेहद साधारण लेकिन स्वाद में लाजवाब, चिलका रोटी को चावल के आटे और चने के आटे (बेसन) का उपयोग करके तैयार किया जाता है। पारंपरिक रूप से इसे त्योहारों और पारिवारिक समारोहों के दौरान बनाया जाता है। इसे आमतौर पर मटन करी, चने की चटनी या मौसमी सब्जियों के साथ परोसा जाता है।

5. बैम्बू शूट करी

झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों में ताजे बांस के कोपलों का बड़े पैमाने पर सेवन किया जाता है। इन बांस के कोपलों को पहले उबाला जाता है, फिर मसालेदार बनाकर करी के रूप में पकाया जाता है। कई बार इसे अन्य सब्जियों और मीट के साथ मिलाकर भी तैयार किया जाता है। जंगलों की जड़ों से जुड़े इस व्यंजन का स्वाद हल्का मीठा और सोंधा होता है।

यह भी पढ़ें: Delhi Weather Today: दिल्ली में मौसम ने बदला रुख, आज बारिश, आंधी-तूफान और गरज-चमक का अलर्ट, 60 kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

सोविनियर के नाम पर एक चीज लेनी हो तो हर स्टेट से ये लाएं, पूरा इंडिया घूमे बिना इंडिया लाएं!

अगर आप हर राज्य से सिर्फ एक खास सोविनियर लेना चाहते हैं, तो यह आइडिया आपको बिना पूरा भारत घूमे “पूरा इंडिया साथ ले जाने” जैसा एक्सपीरियंस देगा। हर राज्य की अपनी अलग पहचान होती है, जो उसकी कला और संस्कृति में दिखती है, यहां हम कुछ ऐसे खास सोविनियर के बारे में बता रहे हैं जो हर राज्य की यादगार और अनोखी पहचान माने जाते हैं:

राजस्थान

39,300+ Blue Pottery Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock | Jaipur blue pottery, Blue pottery rajasthan

राजस्थान से आप सबसे खास ब्लू पॉटरी या मिनिएचर पेंटिंग ले सकते हैं, जो आपको जयपुर के जोहरी बाजार और बापू बाजार में आसानी से मिल जाएगी, इसकी कीमत लगभग ₹200 से ₹1500 तक होती है और यह राजस्थान की कला और शाही संस्कृति को दर्शाती है।

उत्तर प्रदेश

Amazon.com: craftslook Marble Taj Mahal Showpiece 6 Inch | Handcrafted White Marble Taj Mahal Replica for Home Decor | Miniature Agra Monument Model | Tabletop Decorative Sculpture | Gift Souvenir India : Home & Kitchen

उत्तर प्रदेश से आप ताजमहल की मिनिएचर मार्बल क्राफ्ट या पीतल की मूर्तियां ले सकते हैं, जो आगरा और लखनऊ के बाजारों में मिलती हैं, इनकी कीमत ₹150 से ₹2000 तक होती है और यह मुगल कला का प्रतीक मानी जाती है।

गुजरात

Bandhani / Dupattas / Multiple Colors - Etsy

गुजरात से आप कच्छ की कढ़ाई (Kutchi Embroidery) या बांधनी दुपट्टा खरीद सकते हैं, जो अहमदाबाद और कच्छ के लोकल बाजारों में मिल जाता है, इसकी कीमत ₹200 से ₹2000 तक होती है और यह रंग-बिरंगी गुजराती संस्कृति को दिखाता है।

महाराष्ट्र

Warli Painting in Maharashtra | Incredible India

महाराष्ट्र से आप कोल्हापुरी चप्पल या वारली पेंटिंग ले सकते हैं, जो मुंबई और पुणे के लोकल बाजारों में आसानी से मिल जाती है, इसकी कीमत ₹300 से ₹2500 तक होती है और यह महाराष्ट्र की ट्रेडिशनल पहचान है।

कर्नाटक

Sandalwood Arjun Rath /sandalwood art work of lord krishna / Arjun Rath / #shorts #krishna #craft

कर्नाटक से आप मैसूर सिल्क साड़ी या चंदन की लकड़ी की नक्काशी खरीद सकते हैं, जो मैसूर और बेंगलुरु में मिलती है, इसकी कीमत ₹500 से ₹5000 तक होती है और यह दक्षिण भारत की शाही पहचान है।

केरल

Houseboat 3D Models – Free & Premium Downloads | CGTrader

केरल से आप हाउसबोट मॉडल या आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स ले सकते हैं, जो कोच्चि और अल्लेप्पी के बाजारों में मिलते हैं, इनकी कीमत ₹200 से ₹2000 तक होती है और यह केरल की नेचुरल लाइफस्टाइल को दिखाता है।

तमिलनाडु

Bronze Statues Photos, Download The BEST Free Bronze Statues Stock Photos & HD Images

तमिलनाडु से आप तंजौर पेंटिंग या ब्रॉन्ज़ मूर्ति खरीद सकते हैं, जो चेन्नई और मदुरै में मिलती है, इसकी कीमत ₹300 से ₹3000 तक होती है और यह दक्षिण भारत की धार्मिक कला को दर्शाती है।

पश्चिम बंगाल

Terracotta – CreateYourTaste

पश्चिम बंगाल से आप कांथा स्टिच साड़ी या टेराकोटा आर्ट ले सकते हैं, जो कोलकाता के न्यू मार्केट और हस्तकला केंद्रों में मिलती है, इसकी कीमत ₹200 से ₹2500 तक होती है और यह बंगाल की कला और संस्कृति को दिखाता है।

पंजाब

120+ Jutti Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

पंजाब से आप फुलकारी दुपट्टा या पारंपरिक जूती खरीद सकते हैं, जो अमृतसर और लुधियाना के बाजारों में मिलती है, इसकी कीमत ₹200 से ₹2000 तक होती है और यह पंजाबी संस्कृति की रंगीन पहचान है।

हिमाचल प्रदेश

Shawls at best price in Ludhiana by Krishna Textiles | ID: 13846859973

हिमाचल प्रदेश से आप ऊनी शॉल या किन्नौरी कैप ले सकते हैं, जो शिमला और मनाली के लोकल बाजारों में मिलती है, इसकी कीमत ₹300 से ₹3000 तक होती है और यह पहाड़ी जीवन का प्रतीक है।

गोवा

Ocean-themed clay earrings | DIY project | Søstrene Grene

गोवा से आप सी शेल क्राफ्ट या बीच थीम की हैंडक्राफ्ट चीजें ले सकते हैं, जो अंजुना और मापुसा मार्केट में मिलती हैं, इनकी कीमत ₹150 से ₹1500 तक होती है और यह गोवा की बीच लाइफ को दर्शाती हैं।

राजस्थान

Beautiful leather bags - Review of Mahi Art Gallery, Jodhpur, India - Tripadvisor

राजस्थान से आप लेदर हैंडीक्राफ्ट बैग्स या जूतियां भी ले सकते हैं, जो जयपुर बाजार में आसानी से मिलती हैं और ₹300 से ₹2500 तक में मिल जाती हैं, यह राजस्थान की शाही हस्तकला को दर्शाती हैं।

उत्तराखंड

6 Indian towns known globally for their handicrafts | Times of India Travel

उत्तराखंड से आप रुद्राक्ष माला या लकड़ी की हस्तकला ले सकते हैं, जो ऋषिकेश और हरिद्वार में मिलती है, इसकी कीमत ₹100 से ₹2000 तक होती है और यह आध्यात्मिकता और नेचर दोनों का प्रतीक है।

अगर आप हर राज्य से एक-एक सोविनियर ले लें, तो आप बिना पूरा भारत घूमे भी भारत की कला, संस्कृति और पहचान अपने घर में सजा सकते हैं। यह न सिर्फ यादें बनाता है बल्कि हर जगह की कहानी भी अपने साथ ले आता है। तो अब जब भी आप इन राज्यों की विजिट पर जाएं, तो वहां की ये खास चीज़ें अपने साथ ज़रूर लेकर आएं।

Guru Pushya Yoga: गुरु ने किया पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, सेहत, पैसा और करियर को लेकर सावधान रहें ये 3 राशियां

Guru Pushya Yoga: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का अहम स्थान है। बृहस्पति को संतान, संपन्नता और सम्मान का कारक माना जाता है। इनकी शुभ स्थिति का विचार सभी मांगलिक कार्यों के लिए किया जाता है। यह ग्रह इस समय कर्क राशि में गोचर कर रहा है, जिसके स्वामी चंद्रमा हैं। कर्क राशि में गुरु का गोचर 12 सालों के बाद हुआ है और इस राशि में गुरु उच्च के होते हैं, यानी वह काफी शक्तिशाली होते हैं। वहीं, पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि हैं। शनि को ज्योतिष शास्त्र में न्यायप्रिय ग्रह और कर्मों के आधार पर फल देने वाला ग्रह माना जाता है।

गुरु के पुष्य नक्षत्र में प्रवेश को ज्योतिष शास्त्र में बहुत अहम माना जाता है, क्योंकि इसे नक्षत्रों का राजा माना जाता है। देवगुरु बृहस्पति ने आज, 18 जून को पुष्य नक्षत्र में प्रवेश किया है और 18 अगस्त तक यहीं रहेंगे। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार बृहस्पति का यह गोचर तीन राशियों के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा है। इन राशियों को इस अवधि में पैसा, करियर और सेहत के मामले में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

इन 3 राशियों के लिए अच्छा नहीं गोचर

सिंह राशि : गुरु आपकी राशि से 12वें घर में जा रहे हैं। इसके प्रभाव से आपके खर्चों में अचानक उछाल आ सकता है। हालांकि, यह पैसा किसी अच्छे या धार्मिक काम में लग सकता है, फिर भी अपना बजट बनाकर चलना ठीक रहेगा। कहीं भी बड़ा निवेश करने से पहले दो बार सोचें।

कुंभ राशि : गुरु का गोचर आपके छठे भाव में हो रहा है। इस दौरान आपको अपनी सेहत को सबसे ऊपर रखें। आपको पेट की दिक्कतें या वजन बढ़ने की समस्या परेशान कर सकती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में तो जीत मिलेगी, लेकिन पीठ पीछे दुश्मनों से सावधान रहें। फिलहाल किसी को बड़ा उधार देने की गलती न करें।

तुला राशि : आपके 10वें घर में गुरु का आना ऑफिस में आपकी जिम्मेदारियां और वर्कलोड दोनों बढ़ा देगा, जिससे थोड़ा मेंटल स्ट्रेस हो सकता है। बॉस या सीनियर्स से बात करते समय अपने ईगो को साइड में रखें, नहीं तो बेवजह की बहसबाजी में फंस सकते हैं।

गोचर के अशुभ असर से बचने के लिए उपाय

गुरु के पुष्य नक्षत्र में गोचर के अशुभ प्रभावों को कम करने और नकारात्मकता को दूर करने के लिए नियमित रूप से “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप करें। गुरुवार के दिन केले के वृक्ष में जल अर्पित करना भी अच्छा रहेगा। माथे पर प्रतिदिन केसर का तिलक लगाएं। गुरुवार के दिन मंदिर में पीली वस्तुओं का करें दान।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Budh Shukra Yuti: जून में इस तारीख को कर्क राशि में होगा बुध का गोचर और शुक्र के साथ बनेगी युति, जिनें किन राशियों को होगा खुब फायदा

RIL AGM 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM आज, जानिए किन ऐलानों पर रहेगी बाजार की नजर

Reliance Industries AGM 2026 : रिलायंस इंडस्ट्रीज की आज होने वाली 49वीं AGM पर पूरे बाजार की नजर है। बाजार की नजर टेलीकॉम यूनिट की लिस्टिंग और नई एनर्जी कंपनी की प्रोग्रेस के बारे में नई जानकारियों पर लगीम रहेंगी। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में कंपनी की योजनाओं से जुड़े किसी भी अपडेट पर भी नजर रहेगी। बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM आज शुक्रवार,19 जून को 2 बजे दोपहर को होगी।

कंपनी को पिछले प्रदर्शन पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2024 में कंपनी की आय 10,00,122 करोड़ रुपए रही थी। वहीं,वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की आय 10,71,174 करोड़ रुपए रही थी। जबकि, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय 11,75,919 करोड़ रुपए पर रही है।

वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का एबिटडा 178,290 करोड़ रुपए रहा था। वहीं,वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का एबिटडा 183,422 करोड़ रुपए रहा था। जबकि, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का एबिटडा 207,911 करोड़ रुपए पर रहा था।

वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का मुनाफा 79,020 करोड़ रुपए रहा था। वहीं,वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का मुनाफा 81,309 करोड़ रुपए पर आ गया। जबकि, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का मुनाफा 95,754 करोड़ रुपए पर रहा।

एजीएम में कहां रहेगी नजर?

जियो प्लेटफॉर्म्स

आज होने वाली एजीएम में बाजार की नजर जियो प्लेटफॉर्म्स का बारे में होने वाले ऐलानों पर रहेगी। सबसे बड़ा इकलौता ट्रिगर है। कंपनी मैनेजमेंट ने 2026 की पहली छमाही में इसकी लिस्टिंग का संकेत दिया था। बाजार को लिस्टिंग की पक्की टाइमलाइन का इंतजार है।

न्यू एनर्जी बिजनेस

इसके अलावा बाजार की नजर न्यू एनर्जी बिजनेस से जुड़े ऐलानों पर रहेगी। पिछले कुछ सालों में न्यू एनर्जी में भारी निवेश किया गया है। जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स में बड़ा इन्वेस्टमेंट हुआ है। यहां अब कमर्शियल कामकाज शुरू होने के करीब है। मार्केट को कमीशनिंग शेड्यूल का इंतजार है।

रिलायंस रिटेल पर नजर

पिछली AGM में अगले 5 साल में रिलायंस रिटेल का साइज दो गुना करने का लक्ष्य रखा गया था। पिछले 1 साल में ग्लोबल और मैक्रो स्तर पर कई चुनौतियां रहीं हैं। अब रिटेल सेगमेंट के फ्यूचर आउटलुक पर नजर रहेगी।

AI/डेटा सेंटर

निवेशकों की रिलायंस की AI स्ट्रैटेजी पर नजर रहेगी। AI,डाटा सेंटर में कंपनी का बड़ा फोकस है। 10 जून 2026 को जामनगर में 168 मेगावाट के AI डेटा सेंटर के लिए मेटा से करार भी हुआ है। इस बात पर नजर होगी कि क्या मेटा डील के बाद दूसरे बड़े ग्लोबल प्लेयर भी जुड़ेंगे?

पारंपरिक बिजनेस 

O2C और पेट्रोकेमिकल बिजनेस आउटलुक पर भी बाजार की नजर रहेगी। हालांकि, इस एजीएम में कंपनी का प्राइमरी फोकस जियो,रिटेल और न्यू एनर्जी सेगमेंट पर शिफ्ट होने की उम्मीद है।

 

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

Nirjala Ekadashi 2026: साल की सबसे बड़ी एकादशी पर रहेगा भद्रा का साया, इस साल निर्जला एकादशी का व्रत और पूजा 4 शुभ योगों में होगी

Nirjala Ekadashi 2026: हिंदी कैलेंडर के सभी महीनों के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। श्री हरि के भक्त इस दिन विधि-विधान और पूरी श्रद्धा के साथ व्रत करते हैं। पूरे साल में 24 एकादशी व्रत आते हैं, लेकिन इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास लगने की वजह से पद्मिनी और परमा एकादशी का व्रत करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ था। इसलिए इस साल 26 एकादशी व्रत बन रहे हैं।

पूरे साल आने वाली सभी एकादशी तिथियों में निर्जला एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस एकादशी पर व्रती बिना जल ग्रहण किए उपवास रखते हैं। इसी कारण इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि जो लोग पूरे साल एकादशियों का व्रत नहीं कर पाते हैं, वो अगर पूरी श्रद्धा के साथ निर्जला एकादशी का व्रत करें तो उन्हें सभी 24 एकादशियों के समान पुण्य प्राप्त होता है। पंचांग के अनुसार, इस साल निर्जला एकादशी के दिन भद्रा भी लग रही है।

निर्जला एकादशी 2026 की तिथि

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जून 2026 को रात 8 बजकर 9 मिनट से आरंभ होगी और 25 जून 2026 को रात 9 बजकर 14 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। उदया तिथि के आधार पर निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026 को रखा जाएगा।

निर्जला एकादशी पर बन रहे चार शुभ योग

इस बार निर्जला एकादशी कई विशेष शुभ योगों के साथ मनाई जाएगी। वैदिक गणना के अनुसार 25 जून को शिव योग, रवि योग और सिद्ध योग का निर्माण होगा। इसके अलावा, यह व्रत गुरुवार को पड़ रही है, जो भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। एकादशी व्रत और गुरुवार का दिन विष्णु आराधना के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे में यह दुर्लभ मेल व्रत के महत्व को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

रवि योग- सुबह 5 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर शाम 4 बजकर 29 मिनट तक

शिव योग- सुबह 10 बजकर 22 मिनट से लेकर पूरे दिन रहेगा

सिद्ध योग- सुबह 10 बजकर 53 मिनट से पूरे दिन रहेगा

निर्जला एकादशी पर भद्रा का साया

निर्जला एकादशी के दिन भद्रा का प्रभाव भी रहेगा। पंचांग के अनुसार, भद्रा सुबह 7 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगी। हालांकि, इस दिन भद्रा पाताल लोक में रहेगी। इसलिए व्रत, पूजन और भगवान विष्णु की आराधना में किसी प्रकार की बाधा नहीं मानी जाएगी।

निर्जला एकादशी के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04 बजकर 05 मिनट से सुबह 04 बजकर 45 मिनट तक

अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक

रवि योग : सुबह 05 बजकर 25 मिनट से शाम 04 बजकर 29 मिनट तक

Jyeshtha Purnima 2026: कब किया जाएगा ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत, जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Rashifal Today: आज के दिन सोच-समझकर लें कोई भी फैसला, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन कुछ मुलांक को आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने का संकेत दे रहा है। आज अधिकांश मूलांक वालों को अपने बजट, बचत और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। अनावश्यक खर्चों से बचना और लंबी अवधि की आर्थिक सुरक्षा पर फोकस करना लाभदायक साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन करने की जरूरत है। भविष्य के लिए स्पष्ट वित्तीय लक्ष्य बनाएं और उसी दिशा में काम करें। बिना सोचे-समझे खर्च करने से बचें और अपने बजट का पालन करें। यह आदत आगे चलकर मजबूत आर्थिक स्थिति बनाने में मदद करेगी।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन वित्तीय योजनाओं को मजबूत करने के लिए अच्छा है। अपने खर्चों और बचत की समीक्षा करें। किसी भी आकर्षक ऑफर या जल्द लाभ देने वाले प्रस्ताव के पीछे भागने से बचें। धैर्य और समझदारी से लिया गया फैसला आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक अवसर मिल सकते हैं। बजट को व्यवस्थित रखें और निवेश या बचत से जुड़े नए विकल्पों पर नजर बनाए रखें। हालांकि किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी जरूर लें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। भावनाओं में आकर खर्च करने के बजाय जरूरत के अनुसार निर्णय लें। अपने बजट को व्यवस्थित रखें ताकि अचानक आने वाले खर्चों को आसानी से संभाला जा सके।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक प्रबंधन के लिए अच्छा दिन है। अपने खर्चों की सूची बनाएं और गैर-जरूरी खर्चों को कम करने की कोशिश करें। साथ ही आय बढ़ाने के नए अवसरों पर भी नजर रखें। सही योजना आपको भविष्य में बेहतर आर्थिक लाभ दिला सकती है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आपको पैसों के मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अपनी आय, खर्च और बचत का पूरा हिसाब देखें। छोटी-छोटी बचत भी भविष्य में बड़ा लाभ दे सकती है। आर्थिक अनुशासन बनाए रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन वित्तीय स्थिरता पर ध्यान देने का है। लग्जरी चीजों पर खर्च करने से बचें और अपनी बचत योजनाओं की समीक्षा करें। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर निवेश और खर्च की रणनीति बनाना बेहतर रहेगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज लंबी अवधि की आर्थिक योजना बनाने के लिए अच्छा समय है। निवेश, बचत और बजट से जुड़े फैसलों पर दोबारा विचार करें। जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचें और अपने भविष्य के लक्ष्यों को प्राथमिकता दें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए आर्थिक अवसर सामने आ सकते हैं, लेकिन किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन करें और जरूरत पड़ने पर अनुभवी लोगों की सलाह लें। समझदारी से उठाया गया कदम भविष्य में लाभ दिला सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Stock in Focus: एक साल में 53% का रिटर्न, अब प्रमोटर ने ब्लॉक डील में बेचे 4 लाख शेयर

Stock in Focus: इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनी Shaily Engineering Plastics की प्रमोटर वनीता नागदा ने 18 जून को ब्लॉक डील के जरिए कंपनी के 4 लाख शेयर बेच दिए।

एक्सचेंज पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह सौदा औसतन ₹2,635.05 प्रति शेयर के भाव पर हुआ। इस हिसाब से डील की कुल वैल्यू करीब ₹105.4 करोड़ रही। फिलहाल यह जानकारी सामने नहीं आई है कि इन शेयरों को किस निवेशक ने खरीदा है।

हाल के महीनों में चर्चा में रही कंपनी

Shaily Engineering Plastics पिछले कुछ महीनों से लगातार निवेशकों की नजर में बनी हुई है। इसकी वजह कंपनी को मिले बड़े ऑर्डर और मजबूत वित्तीय नतीजे हैं।

इस साल कंपनी को एक बड़ी घरेलू फार्मा कंपनी से करीब ₹423 करोड़ का मैन्युफैक्चरिंग और कमर्शियल सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट मिला था। इस समझौते के तहत कंपनी अगले चार साल तक पेन इंजेक्टर की सप्लाई करेगी। यह ऑर्डर कंपनी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे आने वाले वर्षों में कारोबार को सहारा मिल सकता है।

मार्च तिमाही में बढ़ा मुनाफा

मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने मजबूत नतीजे दर्ज किए। Q4 FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 10.3% बढ़ा। वहीं, नेट प्रॉफिट में 40.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो कारोबार की बेहतर लाभप्रदता को दिखाती है।

हालांकि, तिमाही आधार पर तस्वीर थोड़ी अलग रही। पिछली तिमाही की तुलना में रेवेन्यू में 4% की गिरावट आई। इसके बावजूद नेट प्रॉफिट 7.4% बढ़ने में सफल रहा। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) ₹8.88 रही।

Shaily Engineering के शेयरों का हाल

Shaily Engineering Plastics का शेयर 18 जून को 5.49% की गिरावट के साथ ₹2,725 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 14.87% चढ़ा है। वहीं, एक साल में इसने करीब 53% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 12.54 हजार करोड़ रुपये है।

Shaily Engineering इंजीनियरिंग प्लास्टिक प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी है। यह फार्मा, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर गुड्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए प्लास्टिक कंपोनेंट्स और डिवाइस तैयार करती है। कंपनी पेन इंजेक्टर, ड्रग डिलीवरी डिवाइस और अन्य हाई-प्रिसिजन प्लास्टिक प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग भी करती है।

टाटा मोटर्स ने सरकार से मिलाया हाथ, पुराने ट्रक-बस बदलने पर मिलेगी खास छूट; शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

टाटा मोटर्स ने सरकार से मिलाया हाथ, पुराने ट्रक-बस बदलने पर मिलेगी खास छूट; शेयरों पर रहेगी नजर

Tata Motors share price: टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल (Tata Motors CV) ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के साथ समझौता किया है। इसके तहत कंपनी दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रक और बसों को हटाकर नए और कम प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों से बदलने की सरकारी योजना में हिस्सा लेगी।

नए ट्रक और बस खरीदने पर मिलेगी 8% तक छूट

इस योजना के तहत टाटा मोटर्स पात्र ग्राहकों को नए ट्रक और बस खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक की छूट देगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) पर भी छूट मिलेगी। हालांकि, EV पर मिलने वाली छूट उसी कैटेगरी के डीजल या पेट्रोल व्हीकल पर लागू छूट तक सीमित रहेगी।

सरकार भी देगी अतिरिक्त फायदे

योजना में शामिल लोगों को केंद्र सरकार की ओर से कई फायदे मिलेंगे। सरकार 5% ब्याज सब्सिडी देगी। इसके अलावा पांच साल तक हर महीने फ्यूल वाउचर भी दिए जाएंगे।

योजना में शामिल राज्य सरकारें मोटर व्हीकल टैक्स में 10 साल तक 100% तक की छूट दे सकती हैं। इसके अलावा पात्र लोगों को व्हीकल रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं देनी होगी।

इस योजना को लागू करने के लिए Ashok Leyland और Switch Mobility ने भी सरकार के साथ समझौता किया है। ट्रक और बस बाजार में इन दोनों कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 50% है।

क्या है 5,041 करोड़ रुपये की योजना?

केंद्र सरकार ने इसी महीने 5,041 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी थी। इसका मकसद दिल्ली-एनसीआर में चल रहे 2 लाख से ज्यादा पुराने ट्रक और बसों को हटाना है। उनकी जगह BS-VI या इलेक्ट्रिक व्हीकल्स लाए जाएंगे।

योजना के दायरे में 1.9 लाख से ज्यादा ट्रक और करीब 16,000 बसें आएंगी। ये ऐसे व्हीकल्स हैं जो BS-IV या उससे पुराने इमिशन नॉर्म्स पर चलते हैं।

प्रदूषण कम करने पर फोकस

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में होने वाले कुल पार्टिकुलेट प्रदूषण का करीब 40% हिस्सा ट्रांसपोर्ट सेक्टर से आता है। इसमें डीजल और पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया, कार, बस और ट्रक शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि BS-I से BS-IV मानकों वाले पुराने व्हीकल्स, BS-VI व्हीकल्स की तुलना में 67% ज्यादा कार्बन मोनोऑक्साइड और 97% ज्यादा पार्टिकुलेट मैटर छोड़ते हैं। यही वजह है कि पुराने ट्रक और बसों को हटाने पर जोर दिया जा रहा है।

कौन करेगा योजना लागू?

इस योजना को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) और दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान की राज्य सरकारें मिलकर लागू करेंगी।

Tata Motors CV का शेयर गुरुवार को 1.06% बढ़कर ₹ 407 पर बंद हुआ।

Stocks to Watch: शुक्रवार 19 जून को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

US-ईरान शांति समझौते से क्या भारत में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? जानिए अब आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे संघर्ष के बाद शांति समझौते की घोषणा हुई है। इसके बाद भारत में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या अब पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे?

दरअसल, युद्ध के दौरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मूज पर संकट गहरा गया था। इस वजह से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में तेज उछाल आया और दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की चिंता पैदा हो गई थी।

अब शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की संभावना के बाद तेल बाजारों में राहत देखने को मिल रही है।

भारत के लिए क्यों अहम था यह युद्ध?

भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में जब युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ी, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें चढ़ गईं।

दुनिया के लगभग 20% तेल व्यापार का रास्ता इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। अगर यह लंबे समय तक बाधित रहता, तो भारत में पेट्रोल-डीजल, एलपीजी, हवाई किराए और माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती थी। इससे महंगाई और सरकार का आयात बिल भी बढ़ता।

शांति समझौते के बाद क्या बदला?

अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते में होर्मुज को फिर से पूरी तरह खोलने और ईरानी तेल निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में राहत देने की बात शामिल है।

इस खबर के बाद बाजार को उम्मीद है कि वैश्विक आपूर्ति बढ़ेगी और तेल की कमी का खतरा कम होगा। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर लगभग 77-78 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई है, जो पिछले तीन महीनों का निचला स्तर माना जा रहा है।

भारत को क्या फायदा होगा?

  1. आयात बिल घटेगा: सस्ता कच्चा तेल खरीदने से भारत का विदेशी मुद्रा खर्च कम होगा और सरकार पर वित्तीय दबाव घटेगा।
  2. महंगाई पर लगाम: तेल सस्ता होने से परिवहन लागत कम रहने की संभावना बढ़ती है, जिससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दबाव घट सकता है।
  3. ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी: होर्मुज मार्ग सामान्य होने से भारत को पश्चिम एशिया से तेल की नियमित आपूर्ति मिलती रहेगी और आपूर्ति बाधित होने का खतरा कम होगा।

क्या पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत घट जाएंगे?

फिलहाल इसका जवाब “नहीं” है।

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सिर्फ कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करतीं। इनमें रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च, केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, एक्साइज ड्यूटी और रुपये-डॉलर की विनिमय दर भी शामिल होती है।

आमतौर पर तेल कंपनियां कुछ दिनों या हफ्तों तक यह देखती हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में गिरावट स्थायी है या नहीं। उसके बाद ही कीमतों में बदलाव पर फैसला लिया जाता है।

अभी भी क्यों बनी हुई है अनिश्चितता?

विशेषज्ञों का कहना है कि यह फिलहाल एक अंतरिम समझौता है, जिसके तहत दोनों देशों के पास स्थायी समझौते के लिए 60 दिनों का समय है।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों में स्थायी राहत जैसे कई बड़े मुद्दे अभी भी सुलझने बाकी हैं। यदि बातचीत विफल होती है या तनाव फिर बढ़ता है, तो तेल की कीमतें दोबारा चढ़ सकती हैं।

इसके अलावा ईरान ने संकेत दिया है कि भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों से शुल्क वसूला जा सकता है, जिससे तेल परिवहन की लागत प्रभावित हो सकती है।

आम लोगों के लिए क्या मतलब है?

फिलहाल यह खबर भारत के लिए राहत देने वाली है। तेल की कीमतों में गिरावट से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का खतरा कम हुआ है और महंगाई पर भी दबाव घट सकता है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि अगले ही दिन पेट्रोल पंपों पर कीमतें कम हो जाएंगी। लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लंबे समय तक सस्ता बना रहता है, तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना जरूर बढ़ जाएगी।

E20 पेट्रोल से गाड़ी के फ्यूल टैंक पर चींटियां आती हैं? वायरल वीडियो पर BPCL ने बताई सच्चाई